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सट्टेबाजी पर पूछे गए ये 5 सवाल, जवाब देते ही फंस गए अरबाज खान

ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच 3 घंटे से ज्यादा वक्त तक अरबाज खान से पूछताछ की.

अरबाज खान को बुकी सोनू के सामने बिठाकर पूछताछ की गई. इसमें उनसे 5 सवाल दागे गए जिनका जवाब देकर अरबाज फंस गए. उनसे पूछा गया कि,

1. क्या आपने सोनू जालान के साथ सट्टा लगाया?

2. सोनू को कैसे जानते हैं आप?

3. क्या इस बारे में परिवार को पता था?

4. अब तक कितनी रकम का सट्टा लगाया है?

5. क्या जालान ने उन्हें फोन पर धमकी दी?

इन सवालों के जवाब में अरबाज ने बताया कि उन्होंने न सिर्फ आईपीएल मैचों पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैचों में भी सट्टा लगाया है. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि पिछले साल IPL मैचों में लगाए गए पैसों में उन्हें करीब 2.75 करोड़ रुपये का नुकसाना भी हुआ था. अरबाज ने बताया कि करीब 4-5 साल से वह इस धंधे में शामिल हैं.

तनाव में शुरू की सट्टेबाजी

अभिनेता अरबाज ने पूछताछ में खुलासा किया कि उनका परिवार हमेशा से सट्टा लगाने के लिए मना करता था. परिवार इस काम को गलत मानता था लेकिन वह शौक के लिए क्रिकेट मैचों में करोड़ों रुपये का खेल करते थे. उन्होंने यह भी बताया कि पारिवारिक तनाव की वजह से वह सट्टेबाजी के खेल में शामिल हुए क्योंकि उनके निजी जीवन में काफी उतार-चढ़ाव था और पत्नी मलाइका अरोड़ा से तलाक की एक वजह सट्टेबाजी भी बताई जा रही है क्योंकि मलाइका हमेशा से उन्हें इसके लिए मना करती थीं.

पुलिस की पूछताछ में अरबाज ने सोनू से लिंक की बात कबूल की है लेकिन उन्हें याद नहीं कि वह कब और कैसे सोनू से मिले थे. उन्होंने बताया कि सोनू से उन्हें किसने मिलवाया इस बारे में ठीक से याद नहीं है.

इससे पहले ठाणे पुलिस की एंटी एक्टॉर्सन सेल ने शुक्रवार को अरबाज को समन किया था. पुलिस अब अरबाज का बयान दर्ज कर सट्टेबाजी रैकेट से उनके लिंक के बारे में पड़ताल की है. पुलिस को इंटरनेशनल बुकी सोनू जालान के साथ अरबाज की तस्वीरें मिली थीं. पुलिस सोनू पर मकोका के तहत नया केस भी दर्ज करेगी. अरबाज की ओर से उनके भाई सलमान खान की लीगल टीम इस मामले में उनका पक्ष रखेगी. सुबह अरबाज सलमान के बॉडीगार्ड शेरा के साथ क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे थे.

कैसे आया अरबाज का नाम

पिछले महीने पुलिस ने डोबिंवली में सट्टेबाजी रैकिट का भंडाफोड़ करते हुए 4 सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया. शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सट्टेबाजी रैकिट चल रहा था. इतना ही नहीं, डॉन दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी से भी सट्टेबाजी रैकिट के लिंक मिलते दिख रहे हैं.

पूछताछ में रैकेट के पीछे सोनू जालान का नाम सामने आया था. इसके बाद सोनू जालान को गिरफ्तार कर जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बॉलीवुड के कई सेलिब्रिटी बेटिंग में अलग-अलग नामों से पैसा लगाते हैं. तब इस मामले में अरबाज खान को समन किया गया था. पुलिस को शक है कि इस खेल में बॉलीवुड की कई और हस्तियां भी शामिल हो सकती हैं.

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महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शुरू हुई मशरूम और कीड़ा-जड़ी की ऑनलाइन बिक्री। आज ही आर्डर करें!

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जिया खान केस में आरोप तय होने के बाद सलमान के इस ‘हीरो’ का फिल्मी भविष्य खतरे में

मुंबई के सत्र न्यायालय ने जिया खान आत्महत्या मामले में आरोपी अभिनेता सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ आरोप तय कर दिए हैं। और इस कारण हिंदी फिल्मों में बतौर हीरो लॉन्च हुए सूरज का फिल्मी करियर अब खतरे में नज़र आ रहा है।

मंगलवार को मुंबई की एक अदालत ने सूरज के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोप तय कर दिया और अब इस मामले में गवाहों की तफ़तीश 14 फरवरी से शुरू होगी। सूरज ने अदालत में ख़ुद को निर्दोष बताया है। अमिताभ बच्चन के साथ निशब्द सहित कई फिल्मों में काम कर चुकी जिया खान साल 2013 में तीन जून को अपने घर पर मृत पाई गई थीं। उन्होंने गले में फ़ांस लगा कर ख़ुदकुशी की थी लेकिन उनकी माँ ने अदालत में जिया के ख़ास दोस्त सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ केस दर्ज़ करते हुए आरोप लगाया कि जिया सूरज के साथ पिछले दो दिन से रह रही थी और उसी दिन अपने घर वापस आई थी जिसके बाद उसने ये कदम उठाया। उसने सूरज की वजह से मौत को गले लगाया है। उसी साल अक्टूबर में जिया खान ने मुंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सीबीआई जांच की मांग करते हुए दावा किया कि उनकी बेटी की ह्त्या की गई है।

अभी हाल ही में जिया ख़ान की मां राबिया ख़ान की याचिका पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने सूरज के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने के लिए निचली अदालत को निर्देश दिए थे। अपनी जांच के दौरान सीबीआई ने भी बताया कि सूरज ने पूछताछ में तथ्यों को छिपाया और मनगढ़ंत जानकारी दी। केस की जांच के दौरान सूरज ने ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाने से भी मना कर दिया था।

अब सवाल उठता है कि सूरज पंचोली के फिल्मी करियर का क्या होगा? आदित्य पंचोली और ज़रीना वहाब के बेटे सूरज ने साल 2015 में फिल्म हीरो से बॉलीवुड में एंट्री ली थी। ये सलमान खान प्रोडक्शन की फिल्म थी और इस फिल्म में उन्होंने सूरज के साथ सुनील शेट्टी की बेटी अतिया को भी लांच किया था। सूरज की अब तक वो पहली और आख़िरी फिल्म है क्योंकि उसके बाद से उनके नेक्स्ट प्रोजेक्ट को लेकर कई तरह की ख़बरें आई लेकिन कुछ फाइनल नहीं हुआ। अभी हाल ही में एक अवॉर्ड शो में आये सूरज ने बताया था कि उनकी अगली फिल्म की शूटिंग 20 से 25 दिनों में शुरू हो रही है। ये फिल्म भी प्रेम कहानी है। जिसमें अधिक एक्शन भी होगा। बताया जाता है कि ये फिल्म रेमो डिसूज़ा निर्देशित करने वाले हैं, जिसमें अजय देवगन भी होंगे लेकिन इस फिल्म का क्या हुआ कुछ पता नहीं क्योंकि रेमो इन दिनों सलमान खान की रेस 3 को डायरेक्ट कर रहे हैं।

पिछले साल जून में सूरज ने ट्विट कर बताया था कि वो प्रभुदेवा की फिल्म में काम करने जा रहे हैं, हालांकि उसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है क्योंकि प्रभुदेवा कुछ महीनों बाद सलमान खान के साथ दबंग 3 को डायरेक्ट करेंगे। ऐसे में माना जा सकता है कि इस केस के चलते सूरज के फिल्मी भविष्य पर अभी संकट के बादल हैं।

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बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर विजय आनंद को याद करें उनके 84वें जन्मदिवस के मौके पर

It is the 84th #BirthAnniversary of director Vijay Anand. Popularly known as Goldie Anand, his acclaimed movies included Teesri Manzil, Guide, Tere Mere Sapne and Jewel Thief. He was also known for the stylish picturisation of his songs – “O Haseena” -Teesri Manzil, “Kaaton Se Kheech” – Guide and “Honthon Mein Aisi Baat” – Jewel Thief.

विजय आनंद (२२ जनवरी १९३४ – २३ फ़रवरी २००४) अपनी फिल्मों के गानों के लिए जाने जाते थे, वह अपने गाने कुछ ऐसे फिल्माया करते थे की देखनेवाले पर जादू छोड़ जाए. गाइड तथा तीसरी मंजिल जैसी फिल्मों के गाने इसी बात का साबुत है.

विजय आनंद को मिले प्रमुख अवॉर्ड्स

  • फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: गाइड (1965)
  • फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ डायलॉग: गाइड (1965)
  • फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ संपादन: जॉनी मेरा नाम (1970)
  • फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले : जॉनी मेरा नाम(1970)
  • बी एफ जे ए अवार्ड सर्वश्रेष्ठ संपादक: जॉनी मेरा नाम(1970)
  • बी एफ जे ए अवार्ड सर्वश्रेष्ठ संपादक: डबल क्रॉस(1973)
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प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है मर्म विज्ञान: ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज

ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के परिसर निदेशक डॉ. सुनील जोशी ने कहा कि मर्म चिकित्सा वेदों पर आधारित प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है जो आयुर्वेद का ही एक अंग है।

वह सोमवार को नंदीपुरम नोरंगाबाद में आयोजित मर्म विज्ञान एवं मर्म चिकित्सा की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। पांच दिवसीय कार्यशाला में देश विदेश से आए चिकित्सक और जिज्ञासु भारत की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति की जानकारी और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार संजीवनी विद्या सूर्य चिकित्सा स्वचिकित्सा, पंचमहाभूत चिकित्सा विलुप्त हो गई है। उसी प्रकार वैदिक चिकित्सा की विद्या मर्म चिकित्सा भी विलुप्त के कगार पर है। 107 मर्म बिंदुओं पर आधारित मर्म चिकित्सा दुष्प्रभाव रहित तुरन्त असर दिखाने वाली चिकित्सा पद्धति है जो सुश्रुत संहिता में निहित है। कार्यशाला के समन्वयक कनाडा से आए ज्ञानप्रकाश ने कार्यशाला में शरीर के ऊपरी भाग के मर्म बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि तल हृदय, शप्रि मर्म, मणि बंध, कूपर मर्म, अणि, उर्वी, गुल्फ, इन्द्र बस्ती, जानु मर्म को उत्प्रेरित करने से शरीर की व्याधियों का शमन किया जाता है।

मर्म चिकित्सक मयंक जोशी ने स्व मर्म चिकित्सा की जानकारी दी। कहा कि मनुष्य के शरीर में उसकी व्याधियों का निदान समाहित है। 107 मर्म बिंदुओं को उत्प्रेरित कर शरीर में छिपी हुई ऊर्जा को जाग्रत किया जाता है।