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भारत के ड्रोन ‘रुस्तम 2’ से खौफ में पाकिस्तान, मीडिया से बातचीत में कही ये बात

पाकिस्तान ने भारत द्वारा अत्याधुनिक ड्रोन प्रौद्योगिकी विकसित करने पर बुधवार (28 फरवरी) को चिंता जतायी और इसे ‘‘चिंताजनक’’ बताया. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल से साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में भारत के रुस्तम 2 को लेकर सवाल किया गया था, जिसे अमेरिकी प्रीडेटर ड्रोन की तर्ज पर निगरानी एवं टोह लेने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘भारत द्वारा ड्रोन प्रौद्योगिकी का विकास करना चिंताजनक है, जब इसे परंपरागत और गैर परंपरागत क्षेत्रों में उसके द्वारा निर्माण एवं सैन्य क्षमताओं के विस्तार के संदर्भ में देखा जाता है.’’

उन्होंने कहा कि ड्रोन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून एवं किसी जिम्मेदार देश के व्यवहार के अन्य स्थापित नियमों के अनुरूप होना चाहिए. उन्होंने इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) द्वारा पाकिस्तान के अभिनेताओं एवं कलाकारों पर प्रतिबंध बरकरार रखने के निर्णय की भी आलोचना की और इसे ‘‘भारत में व्याप्त अतिवाद और पाकिस्तान विरोधी पूर्वाग्रह का एक और उदाहरण’’ बताया

भारत में बढ़ती असहिष्णुता पर जताई चिंता
फैसल ने कहा कि कलाकारों को प्रतिबंधित करने के बाद कई अन्य फैसले आए जिसमें ‘‘पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को वीजा जारी नहीं करना, सिख धर्मावलंबियों एवं कटासराज जाने वाले श्रद्धालुओं को सम्मिलित होने की इजाजत नहीं देना तथा खेल मैचों को रद्द करना भारत में बढ़ती असहिष्णुता और व्याप्त पूर्वाग्रह को रेखांकित करते हैं.’’ इस सवाल पर कि क्या पाकिस्तान और भारत के विदेश सचिवों के अफगानिस्तान में ‘काबुल प्रोसेस’ से इतर मुलाकात करने की संभावना है, उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी किसी भी बैठक की परिकल्पना नहीं की गई है.’’ भारतीय मीडिया में आयी उस खबर के बारे में पूछे जाने पर कि आने वाले दिनों में भारत के विदेश सचिव पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, उन्होंने कहा, ‘‘मुझे ऐसी किसी यात्रा की जानकारी नहीं है.’’

भारत के संघर्षविराम उल्लंघनों का जवाब दे रहा है पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान द्वारा वृद्ध, मानसिक रूप से बीमार और महिला कैदियों के आदान प्रदान से जुड़े समझौते की योजना के बारे में पूछे गए एक सवाल पर फैसल ने कहा, ‘‘प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय गौर कर रहा है.’’ उन्होंने यह भी कहा कि नियंत्रण रेखा और कामकाजी सीमा पर भारत के ‘‘आक्रामक रुख’’ का न केवल पाकिस्तान बल्कि पूरे क्षेत्र पर प्रभाव पड़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान भारत के संघर्षविराम उल्लंघनों का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. यह खेदजनक है कि भारत ऐसे कृत्यों का सहारा लेता है जो पूरे क्षेत्र की शांति एवं स्थिरता के लिए हानिकारक हैं.’’ फैसल ने कहा कि भारत की पाकिस्तान के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाने की प्रवृत्ति है.

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ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान पर किया ड्रोन से हमला

पाकिस्तान की वित्तीय सहायता पर रोक के बाद अब अमेरिका ने पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ खुद ही कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिका ने बुधवार को पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर ड्रोन से हमले कर हक्कानी नेटवर्क के 2 कमांडरों सहित 2 आतंकियों को ढेर कर दिया है। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसकी जमीन पर ड्रोन हमले उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है।

यह इलाका अफगानिस्तान सीमा से जुड़ा है। पाकिस्तानी अखबार डान के मुताबिक, बुधवार को स्पीन थाल क्षेत्र में एक मकान पर ड्रोन से दो मिसाइल दागे गए। इस हमले में हक्कानी नेटवर्क का कमांडर अहसान उर्फ खवारी और उसके दो साथी मारे गए। अमेरिकी जासूसी विमान के जरिये अफगान शरणार्थियों के घर को निशाना बनाकर ये हमले किए गए।

17 जनवरी को भी किया था ड्रोन अटैक

ओरकजाई एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, हक्कानी नेटवर्क के ठिकानों पर हमले किए गए। इससे पहले 17 जनवरी को इस साल के पहले ड्रोन हमले में खुर्रम एजेंसी के बादशाह कोट इलाके में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। पिछले साल अगस्त में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई अफगान नीति के बाद खुर्रम एजेंसी में ड्रोन हमलों में तेजी आई है। इस नीति में पाकिस्तान पर आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह देने का आरोप भी लगाया गया है।  गौरतलब है कि 2016 में ऐसे हमले में तालिबान का शीर्ष आतंकी मुल्ला अख्तर मंसूर मार गया था।

ट्रंप ने कहा था झूठा और धोखेबाज देश है पाकिस्तान

नए साल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्वीट में साफ-साफ लिखा था, ‘अमेरिका मूर्खों की तरह पाकिस्तान को 15 सालों से सैन्य सहायता देता आ रहा है लेकिन इसके जवाब में उसे वापस धोखा और झूठ मिला है। 15 साल से अब तक अमेरिका ने पाकिस्तान को 33 बिलियन डॉलर की सहायता राशि प्रदान की है लेकिन हर बार हमें मूर्ख बनाया गया है। पाकिस्तान हमेशा से आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है।’

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने कहा, राष्ट्रपति ने बिल्कुल सही कहा। पाकिस्तान ने 15 वर्षो में आतंकवाद से लड़ने के नाम पर अमेरिका से 33 अरब डॉलर (दो लाख दस हजार करोड़ रुपये) लिये। लेकिन वास्तव में उसने आतंकियों को पाला-पोसा और पनाह दी। इन्हीं आतंकियों से अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों को लड़ना पड़ा। इससे पाकिस्तान का झूठा और धोखेबाज चरित्र सामने आया।