Posted on

रूस के साथ दो लाख करोड़ के लड़ाकू विमान समझौते से अलग हो सकता है भारत। जानें क्या है कारण

मालूम हो कि सैन्य संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के मकसद से भारत और रूस के बीच 2007 में लड़ाकू विमानों को संयुक्त रूप से तैयार करने का अंतर-सरकारी करार हुआ था।

लेकिन लागत साझा करने, इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक और तैयार किए जाने वाले विमानों की संख्या के मसले पर गंभीर मतभेदों के कारण पिछले 11 साल से यह परियोजना अटकी हुई है। परियोजना पर बातचीत में शामिल एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, ‘हमने परियोजना की लागत समेत तमाम मसलों पर अपनी राय रख दी है। लेकिन रूसी पक्ष की ओर से अब तक कोई प्रतिबद्धता व्यक्त नहीं की गई है।’

बता दें कि भारत ने लड़ाकू विमान के प्रारंभिक डिजायन के लिए दिसंबर, 2010 में 29.5 करोड़ डॉलर देने पर सहमति व्यक्त की थी। बाद में दोनों पक्षों ने अंतिम डिजाइन और पहले चरण में विमान के उत्पादन के लिए छह-छह अरब डॉलर का योगदान देने पर सहमति जताई, लेकिन इस पर कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका।

कहां फंसा है पेंच

भारत चाहता है कि विमान में इस्तेमाल होने वाली तकनीक पर दोनों देशों का समान अधिकार हो, लेकिन रूस विमान में इस्तेमाल की जाने वाली सभी अहम तकनीकों को भारत के साथ साझा करने के लिए तैयार नहीं है। वार्ता के दौरान भारत ने जोर देकर कहा कि उसे सभी जरूरी कोड और अहम तकनीक उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि वह अपनी जरूरतों के हिसाब से विमान को अपग्रेड कर सके। फरवरी, 2016 में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर की सहमति से परियोजना पर वार्ता फिर शुरू हुई थी। दोनों देश गतिरोध वाले मसलों का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत परियोजना की बेहद ऊंची लागत की वजह से इसके फलदायी होने के प्रति आशान्वित नहीं है।

एचएएल कर रही पैरवी, वायुसेना की रुचि नहीं

दिलचस्प बात यह है कि सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) इस परियोजना की जोरदार पैरवी कर रही है। उसका मानना है कि इस परियोजना के जरिये भारत को अपने एरोस्पेस सेक्टर को बढ़ावा देने का सुनहरा मौका मिलेगा क्योंकि किसी अन्य देश ने भारत को आज तक ऐसी अहम तकनीक का प्रस्ताव नहीं दिया है। वहीं, दूसरी ओर ऊंची लागत की वजह से भारतीय वायुसेना ने इस परियोजना में दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

Posted on

धूल की चादर में लिपटा उत्‍तर भारत। जानें क्या है वजह और कैसे सुरक्षित रहें अगले 48 घंटों में!

धूलभरी हवा से राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित रहे। धूलभरी हवाएं चलने का कारण पश्चिमी विक्षोभ माना जा रहा है। ऐसे में लोगों को जहां सांस लेने में दिक्कत हो रही है, वहीं हवाई परिचालन प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ही हालात रहे तो उत्तर भारत के लिए आने वाले 48 घंटे मुश्किलों भरे हो सकते हैं।

40 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही है धूल बढ़ते तापमान से परेशान उत्तर भारत के लोगों की मुश्किल तब और बढ़ गई, जब हवाएं चलने से वातावरण में धूल की मात्रा और बढ़ गई। स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत का कहना है कि राजस्थान और ब्लूचिस्तान की ओर से चल रही गर्म हवाओं के साथ धूल करीब 40 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से दिल्ली की ओर आ रही है। चूंकि मौसम में नमी नहीं है, इस कारण धूल की इस चादर का असर कई दिन तक बना रहेगा। दिल्ली में कई गुना बढ़ा प्रदूषण का स्तर धूलभरी हवाओं ने दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया है।

पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 बुधवार को दिल्ली में तीन गुना से भी अधिक 200 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है, जबकि बुधवार को यह 981 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। घर व दफ्तर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने की सलाह मौसम विशेषज्ञों ने ऐसे हालात में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घर के भीतर ही रहने की सलाह दी है। घर व दफ्तर की खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने को कहा है। साथ ही कचरा न जलाने की सलाह दी है। इस दौरान निर्माण कार्य भी बंद रखने की भी बात कही है।

बठिंडा-जम्मू फ्लाइट रद
आसमान में धूल के कारण बठिंडा-जम्मू फ्लाइट रद आसमान में धूल होने के कारण बुधवार को बठिंडा से जम्मू और जम्मू से बठिंडा की फ्लाइट को रद कर दिया गया। जम्मू से सुबह 9:10 की फ्लाइट को बठिंडा 10:20 बजे पहुंचना था, लेकिन आसमान में धूल के कारण जम्मू से फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी।

यूपी में आंधी के बाद बरसे बदरा
उत्तर प्रदेश में आंधी के बाद बरसे बदरा, 10 की मौत भीषण तपन के बीच मौसम के प्रतिदिन अलग-अलग तेवर बेहाल कर रहे हैं। पश्चिमी उप्र के अधिकांश जिलों में बुधवार को आसमान में धुंध छायी रही। गर्म हवाएं और उमस ने झुलसाया तो कहीं आंधी-पानी ने तबाही मचाई। खासकर पूर्व और मध्य उप्र में। इस दौरान 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। पेड़, बिजली खंभे उखड़े, जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।

हरियाणा में दो दिन और मुसीबत
हरियाणा में दो दिन और रहेगी मुसीबत हरियाणा के आसमान में भी बुधवार को धूल का गुबार छाया रहा। इससे दृश्यता कम हो गई। ऐसे हालात हो दिन और रह सकते हैं। धूल की वजह से सांस के मरीजों की तकलीफ भी बढ़ गई। वहीं, गर्मी के कारण हांसी में दो लोगों की मौत हो गई।

कोलकाता में मिली राहत 
कोलकाता में बारिश से मिली राहत कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के विभिन्ना जिलों में मानसून की हुई बारिश से तापमान सामान्य रहा। हालांकि, कोलकाता व आसपोड़स के जिलों में दोपहर तक तेज धूप थी। बाद में बादल छा जाने से मौसम अच्छा हो गया।

छत्‍तीसगढ़ में उमस 
छत्तीसगढ़ में उमस ने लोगों को किया परेशान छत्तीसगढ़ में बुधवार को दिन में उमस ने लोगों को परेशान किया। पूर्वानुमान है कि आने वाले 24 से 36 घंटों के बीच दक्षिण छत्तीसगढ़ से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में आठ जून को मानसून पहुंच चुका है, लेकिन बारिश अपेक्षाकृत कम में हो रही है।

जम्‍मू-कश्‍मीर में पारा सामान्‍य से ऊपर
जम्मू-कश्मीर में सामान्य से ऊपर है पारा जम्मू-कश्मीर में तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। जम्मू में बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले मई में तापामान 43.5 डिग्री रह चुका है। कश्मीर में भी तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है।

हिमाचल में धूप से बढ़ा तापमान
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन दिन से धूप खिलने के कारण तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 43.4 डिर्ग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला में सामान्य से अधिक गर्मी दर्ज की जा रही है।

उत्तराखंड के पहाड़ों में बारिश, मैदान में तपिश
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में जहां बुधवार को बारिश से लोगों को चढ़ते पारे से राहत मिली है, वहीं मैदानी जिलों में गर्मी व उमस ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन चढ़ते पारे से राहत मिलने के आसार कम ही हैं।

Posted on

किम जोंग उन से वार्ता के लिए प्योंगयोंग नहीं जाएंगे डोनाल्ड ट्रंप, अब यहां होगी वार्ता

किम जोंग उन से वार्ता के लिए अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप अब प्‍योंगयोंग नहीं जाएंगे। लेकिन इसका अर्थ ये नहीं है कि यह वार्ता रद कर दी गई है, दरअसल, अब ये दोनों नेता उसी जगह पर मिलेंगे जहां पिछले दिनों दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे ने किम जोंग उन से मुलाकात की थी। इसका सुझाव खुद ट्रंप की तरफ से आया था जिसको किम ने हरी झंडी दे दी है।

आपको बता दें कि किम और मून के बीच 27 अप्रैल को पुनमुंजोम गांव में बैठक हुई थी। यह उत्तर और दक्षिण कोरिया की सीमा पर स्थित है। यहां 1953 के कोरियाई युद्ध के बाद से ही युद्ध विराम लागू है। इसका एक हिस्‍सा उत्‍तर तो दूसरा हिस्‍सा दक्षिण कोरिया में पड़ता है। आपके लिए यह जानना भी बेहद दिलचस्‍प है कि यह सीमा रेखा दुनिया की सबसे खतरनाक सीमाओं में गिनी जाती है। यही वजह है कि उत्तर और दक्षिण कोरिया की सीमा एक बार फिर से चर्चा का विषय बनने के साथ-साथ ऐतिहासिक वार्ता का भी गवाह बनने वाली है।

पीस हाउस में बैठक का सुझाव

आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने ही किम जोंग उन के साथ पीस हाउस में बैठक करने का सुझाव दिया है। पीस हाउस उत्तर और दक्षिण कोरिया की सीमा पर स्थित है। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर कोरिया के साथ शिखर बैठक के लिए कई देशों पर विचार किया जा रहा है। लेकिन किसी तीसरे देश की अपेक्षा पीस हाउस/फ्रीडम हाउस ज्यादा महत्वपूर्ण और स्थायी जगह है। तीन से चार हफ्ते में ट्रंप और किम की मुलाकात होने की संभावना है। गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक इंटरव्यू में कहा था कि किम के साथ शिखर वार्ता के लिए पांच जगहों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि वह कई बार यह भी कह चुके हैं कि बातचीत नहीं भी हो सकती है।

दोनों के बीच वार्ता के अहम बिंदु

किम जोंग उन और डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच होने वाली वार्ता का सबसे अहम बिंदु कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियार मुक्‍त बनाना है। हालांकि इसको लेकर किम के तेवर में अब काफी नरमी आ चुकी है। पिछले दिनों मून से हुई मुलाकात में किम ने कहा था कि अगर अमेरिका कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से खत्म करने का वादा करे और उत्तर कोरिया पर हमला नहीं करने का वचन दे, तो उनका देश परमाणु हथियारों को त्यागने को तैयार है। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो उन्‍हें एक बार फिर विचार करना पड़ेगा।

कई लिहाज से खास है बैठक

किम ने ट्रंप को संबोधित करते हुए ये भी कहा है कि हमारे बीच जब बातचीत शुरू हो जाएगी, तब अमेरिकी राष्‍ट्रपति जान जाएंगे कि मैं ऐसा शख्‍स नहीं हूं कि दक्षिण कोरिया या अमेरिका पर परमाणु हथियार से हमला करूंगा। उन्‍होंने इस बात की भी उम्‍मीद जताई है कि यदि दोनों देशों के बीच बैठकों का सिलसिला बढ़ा और आपसी विश्‍वास बहाली हो सकी यह काफी अच्‍छा होगा। हालांकि अभी इन दोनों नेताओं की बैठक का दिन और समय निश्चित नहीं हो पाया है। लेकिन इतना जरूर तय है कि इस बैठक में दक्षिण कोरिया भी मौजूद होगा। यह बैठक इस लिहाज से भी खास होगी क्‍योंकि पहली बार पद पर रहते हुए कोई अमे‍रिकी राष्‍ट्रपति उत्तर कोरिया के प्रमुख से बात करेगा।

छह देशों की बैठक पर लगी निगाह

इस बीच जानकारों की निगाह कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियार मुक्‍त बनाने के लिए छह देशों की बैठक पर भी लगी है, जो वर्षों से निलंबित हैं। जानकारों की दिलचस्‍पी इस बात को लेकर है कि इस बाबत छह देशों की वार्ता दोबारा शुरू होगी या नहीं। इन छह देशों में उत्तर और दक्षिण कोरिया, जापान, चीन, रूस और अमेरिका शामिल हैं। यॉनहॉप एजेंसी की मानें तो जानकार इस बात से इंकार नहीं कर रहे हैं कि कोरिया प्रायद्वीप को लेकर इन देशों की बैठकों का दौर दोबारा शुरू हो सकता है। जानकारों के मुताबिक इसको लेकर उत्तर कोरिया भी शायद पीछे न हटे और ऐसा करने पर अपनी सहमति व्‍यक्त करे। इस बारे में जापान की मीडिया ने यहां तक कहा है कि पिछले दिनों किम ने जो बीजिंग की यात्रा कर शी चिनफिंग के समक्ष अपनी बात रखी है उसके बाद इस सिक्‍स नेशन टॉक को लेकर सहमति बनी है।

उत्तर कोरिया खफा हो जाए

हालांकि जानकारों का एक मत यह भी है कि मुमकिन है कि जापान की मौजूदगी से उत्तर कोरिया खफा हो जाए। इसकी वजह ये है कि जापान काफी समय से अपने अगवा किए नागरिकों की वापसी की मांग उत्तर कोरिया से करता रहा है। वहीं इसको लेकर उत्तर कोरिया साफ इंकार कर रहा है। आपको बता दें कि छह देशों की यह वार्ता सबसे पहले 2003 में हुई थी। 2005 में वार्ता के बाद एक अहम समझौता भी हुआ था जिसमें उत्तर कोरिया को सुरक्षा की गारंटी तक दी गई थी। लेकिन वर्ष 2009 में उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु परिक्षण किए जाने के चलते इसको निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से इस मुद्दे को लेकर इन देशों के बीच कोई वार्ता नहीं हुई।

दोनों के बीच विवादित बोल

इसके अलावा यह बैठक इस लिहाज से भी खास है क्‍योंकि इससे पहले दोनों नेताओं के बीच बदजुबानी का लंबा सिलसिला चला है। एक ओर जहां ट्रंप ने किम को रॉकेट मैन कहा वहीं किम ने ट्रंप को बूढ़ा तक कह डाला था। आइए जानते हैं दोनों नेताओं ने कब-कब और क्‍या-क्‍या कहा।

– नवंबर 2017 में ट्रंप को उत्तर कोरियाई अधिकारियों ने ‘बूढ़ा पागल’ बताया था। इस पर ट्रंप ने ट्वीट कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी और लिखा था, ‘भला किम जोग-उन मुझे बूढ़ा बुला कर मेरा अपमान क्यों करेंगे, जब मैं उन्हें कभी नाटा और मोटा नहीं कहूंगा।’

– इसी तरह सितंबर 2017 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 72वें सत्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने किम जोंग उन को रॉकेट मैन कहा था और उनके देश को नेस्तनाबूद करने की धमकी दी थी।

– इसके जवाब में किम जोंग उन की तरफ से जिस तरह का बयान आया, अमेरिका और ट्रंप ने कल्पना भी नहीं की होगी। उत्तर कोरिया ने कहा था, ‘डरे हुए कुत्ते ज्यादा भौंकते हैं। ट्रंप आग से खेलने के शौकीन एक दुष्ट व्‍यक्ति हैं।’

– जनवरी के पहले हफ्ते में भी पूरी दुनिया इन दोनों नेताओं के अजीब-गरीब बयानों की गवाह बनी थीं। दरअसल, किम जोंग उन ने नए साल के मौके पर अपने संबोधन में अमेरिका को तबाह करने की धमकी दी थी और कहा था कि परमाणु बम का बटन हर वक्त उनकी टेबल पर होता है।

– इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा था, ‘कोई किम जोंग उन को बताए कि मेरे पास भी न्यूक्लियर बटन है, जो उसके बटन से बहुत बड़ा और ताकतवर है। मेरा बटन काम करता है।’

– 23 फरवरी 2018 को डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने का एलान किया है। उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर रोक लगाने के लिए दबाव बढ़ाने को अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह कदम उठाया है।

– 30 जनवरी को अमेरिका में सीआईए के निदेशक माइक पोंपियो ने आशंका जताई थी कि उत्तर कोरिया के पास ऐसी परमाणु मिसाइल हैं, जिससे वह कुछ महीनों के भीतर अमेरिका पर हमला कर सकता है।

Posted on

न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर पाकिस्तान के पीएम अब्बासी की तलाशी, जांच के बाद बेल्ट कसते दिखे

 

यहां जॉन एफ केनेडी एयरपोर्ट पर सिक्युरिटी जांच के नाम पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी की तलाशी ली गई। पाकिस्तान मीडिया ने यह दावा किया। इसे एक रुटीन प्रॉसेस बताया जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान मीडिया में इसे लेकर नाराजगी जाहिर की जा रही है।

क्या निजी दौरे की वजह से हुई चेकिंग?

– बताया जा रहा है कि पिछले दिनों अब्बासी अपनी बीमार बहन को देखने अमेरिका गए थे। यह उनका निजी दौरा था। हालांकि, इस दौरान वह अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस से भी मिले।

– पाकिस्तान मीडिया का कहना है कि यह निजी दौरा था तब भी प्रधानमंत्री के पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट है। ऐसे में उनकी जांच करना गलत है। पाकिस्तान के टीवी चैनल्स पर इस जांच का एक वीडियो भी जारी किया गया।

कुछ ने अब्बासी की तारीफ की, कुछ ने आलोचना

– जियो न्यूज के मुताबिक, अब्बासी ने सभी यात्रियों के लिए लागू स्टैंडर्ड सिक्युरिटी प्रोटोकॉल का पालन किया। जैसा कि वे अपनी सादगी के लिए ही जाने जाते हैं।
– कुछ मीडिया रिपोर्टों में अब्बासी की आलोचना की गई है, क्योंकि उन्होंने राष्ट्रप्रमुख होने के लिहाज से एक शर्मिंदगी-भरी प्रक्रिया का पालन किया, जबकि उनके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट था।

पाबंदियों को लेकर पाक-अमेरिका में चल रही तनातनी

– पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की चेकिंग से पहले अमेरिका ने 7 पाकिस्तानी कंपनियों को परमाणु व्यापार के शक में बैन कर दिया था।

– कहा जा रहा है कि अमेरिका पाकिस्तानी सरकार पर वीजा बैन समेत कई और प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है।

– बता दें कि आतंकवाद पर नरमी के चलते अमेरिका पाकिस्तान से खफा है। ट्रम्प प्रशासन ने उसे दी जाने वाली करीब 25.5 करोड़ डॉलर की सहायता राशि रोक दी है।

कलाम की तलाशी पर अमेरिका ने मांगी थी माफी

– 2011 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर तलाशी ली गई थी। हालांकि, भारत की आपत्ति के बाद अमेरिका ने माफी मांगी थी।

जॉर्ज फर्नांडीज की कपड़े उतारकर ली गई थी तलाशी

– पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का वाशिंगटन के डल्लास अतंर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सन् 2002 और 2003 में स्ट्रिप सर्च किया गया था। जिस पर उन्होंने वहां के डिप्टी सेक्रेटरी स्ट्रोब टैलबॉट से गुस्से में शिकायत की थी।

शाहरुख समेत कई भारतीय लिए जा चुके हिरासत में

– अगस्त 2016 में शाहरुख खान को अमेरिका के लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। इसकी जानकारी खुद शाहरुख ने ट्वीटर पर दी।

– एक्टर इरफान खान को 2008 में लॉस एंजिल्स और 2009 में न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था।

– 2009 में ही नील नितिन मुकेश को न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।

– 2010 में भारत के तत्कालीन एविएशन मिनिस्टर प्रफुल्ल पटेल से शिकागो के एयरपोर्ट पर पूछताछ की गई।

Posted on

विराट का दीपिका पादुकोण संग काम करने से इनकार, आरसीबी को हुआ 11 करोड़ का नुकसान!

भारतीय क्रिकेट टीम और आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के कप्तान विराट कोहली क्रिकेट के मैदान पर अपने बेहतरीन प्रदर्शन के कारण देश का एक बड़ा ब्रांड बन चुके हैं। यही वजह है कि आजकल कोहली एडवर्टाइजिंग वर्ल्ड के चहेते बने हुए हैं और कई प्रोडक्ट के ब्रांड एंबेसडर हैं। इसी बीच खबर आयी है कि कोहली के कारण आरसीबी को 11 करोड़ की डील से हाथ धोना पड़ा है। सूत्रों के अनुसार, ट्रैवल इंडस्ट्री के एक ब्रांड ने आईपीएल में आरसीबी के साथ जुड़ने का फैसला किया था, लेकिन कोहली के एक एक्ट्रेस के साथ स्क्रीन शेयर से इंकार के बाद यह डील निरस्त हो गई है।

खबर के अनुसार, ट्रैवल एंड होटल इंडस्ट्री की कंपनी गोआईबीबो आगामी आईपीएल सीजन के लिए आरसीबी की टीम से जुड़ना चाहती थी। गोआईबीबो आरसीबी की को-स्पांसर बनना चाहती थी। गोआईबीबो चाहती थी कि कप्तान कोहली और टीम उनकी ब्रांड एंबेसडर दीपिका पादुकोण के साथ मिलकर कैंपेन करें। एक रिपोर्ट के अनुसार, विराट कोहली ने दीपिका पादुकोण के साथ काम करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद गोआईबीबो को इस डील से अपने हाथ पीछे खींचने पड़े। दरअसल गोआईबीबो अपनी ब्रांड एंबेसडर दीपिका पादुकोण के बिना कैंपेन नहीं करना चाहती थी।

विराट कोहली की कप्तानी में इस बार फिर से आरसीबी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। आरसीबी हमेशा से ही आईपीएल की मजबूत टीम रही है, लेकिन वह कभी भी आईपीएल खिताब नहीं जीत सकी है। ऐसे में फैन्स को उम्मीद होगी कि आईपीएल के 11वें सीजन में आरसीबी बेहतर प्रदर्शन करेगी। टीम को देखते हुए यह उम्मीद बेमानी भी नहीं है। अब देखने वाली बात होगी कि आरसीबी की टीम इस बार मैदान पर कैसा प्रदर्शन करती है।

Posted on

लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के चलते बुधवार को भी नहीं हुआ कोई काम

तेलंगाना में आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के और कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक के भारी हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। 12 बजे दोबारा जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य हंगामा करने लगे जिस कारण बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन में व्यवस्था नहीं होने की वजह से अविश्वास प्रस्ताव आज भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

बता दें कि ऐसी ही स्थिति राज्यसभा में भी देखने को मिली। यहां अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के हंगामे की वजह से बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। बजट सत्र के दूसरे चरण में पिछले दो सप्ताह की कार्यवाही हंगामे के कारण बाधित रहने के बाद तीसरे सप्ताह में भी कोई कामकाज नहीं हो पा रहा है और बुधवार को लगातार 13वें दिन भी प्रश्नकाल हंगामे की भेंट लोकसभा चढ़ गया। लोकसभा की कार्यवाही सुबह जैसे ही आरंभ हुई तो अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गये।

वहीं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की किया लेकिन हंगामा थमता नहीं देख उन्होंने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगा रहे थे। टीआरएस के सदस्यों ने ‘एक राष्ट्र, एक नीति’ की मांग वाली तख्तियां ले रखी थीं। बजट सत्र के दूसरे चरण में पांच मार्च को आरंभ होने के बाद से लोकसभा की कार्यवाही पीएनबी धोखाधड़ी मामले, आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग और तेलंगाना में आरक्षण के मुद्दे समेत कई विषयों पर लगभग रोजाना बाधित हो रही है।

Posted on

DGCA ने इंडिगो की 8 और गो एयर की 3 विमानों की उड़ान पर लगाई रोक, IndiGo की 47 उड़ानें रद्द

डीजीसीए ने खास सीरीज के प्रैट एण्ड व्हिटनी इंजन वाले 11 A-320 नियो विमानों की उड़ानों पर सोमवार को तत्‍काल प्रभाव से रोक लगा दी. इन इंजनों में उड़ान के दौरान फेल होने की कुछ घटनाएं सामने आईं हैं. इन 11 विमानों में से आठ का संचालन इंडिगो और तीन का संचालन गो-एयर करती है. वहीं, डीजीसीए के इस फैसले के चलते इंडिगो ने मंगलवार को अपनी 47 उड़ानें रद्द कर दीं. इससे यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बड़े शहरों की रद्द की गई उड़ानें
इंडिगो ने अपनी 47 डोमेस्टिक उड़ानें रद्द करने की जानकारी एयरलाइन की वेबसाइट पर अपलोड की है. जिन शहरों के लिए ये उड़ानें रद्द की गई हैं, उनमें दिल्‍ली, मुंबई, चेन्‍नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, श्रीनगर, भुवनेश्‍वर, अमृतसर और गुवाहाटी प्रमुख हैं. इन शहरों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को इस फैसले से समस्‍या हो रही है.

घटना के बाद लिया फैसला
डीजीसीए ने इंडिगो के A-320 नियो विमान के उड़ान के दौरान आसमान में ही इंजन फेल हो जाने की घटना के कुछ घंटों बाद ही यह फैसला लिया. इस विमान को इंजन फेल होने के कारण अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आपातस्थिति में उतारना पड़ा था. इंडिगो के इस विमान का इंजन सोमवार को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद फेल हो गया था. विमान में 186 लोग सवार थे. यह विमान अहमदाबाद से लखनऊ जा रहा था. इसे सुबह करीब 5:30 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतारा गया था. डीजीसीए ने इस घटना को गंभीरता से लिया. विमान संचालन में सुरक्षा का हवाला देते हुए डीजीसीए ने कहा कि ईएसएन 450 से अधिक क्षमता वाले प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजन वाले A320 नियो विमानों की उड़ान पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं- डीजीसीए
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दोनों एयरलांइस इंडिगो और गो एयर से कहा है कि वे प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं. डीजीसीए के मुताबिक, ये इंजन उनके पास स्टॉक में अतिरिक्त संख्या में उपलब्ध हैं. नियामक ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर सभी संबंद्ध पक्षों के साथ संपर्क में रहेगा. जब यूरोपीय नियामक ईएएसए और प्रैट एण्ड व्हिटनी इस मुद्दे का समाधान करेंगे वह भी स्थिति की समीक्षा करेगा.

इंडिगो के 7% विमान नहीं भर रहे उड़ान
मौजूदा समय में इंडिगो का मार्केट शेयर करीब 40% है. यह एयरलांइस 155 A320 विमानों को संचालित कर रही है. इनमें 45 A320 नियो विमान हैं, लेकिन इनमें से अब 7% विमान अब उड़ान नहीं भर रहे. वहीं गो एयर के पास 32 A320 विमान हैं. साथ ही कंपनी का मार्केट शेयर 9.6% है. डीजीसीए के गो एयर के इनमें से तीन विमानों की उड़ानों पर रोक लगाई गई है.

पहले भी हुई घटनाएं
12 मार्च को इंडिगो के अहमदाबाद से लखनऊ जा रही उड़ान को आपातस्थिति में उतारने की घटना से पहले भी ऐसे इंजनों वाले विमानों के साथ ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं. पांच मार्च को इंडिगो के A320 नियो विमान ने मुंबई से शाम को 6:40 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ समय बाद 7:10 पर वापस एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग की थी. उस विमान का एक सिर्फ एक ही इंजन काम कर रहा था. 24 फरवरी को गो एयर के A320 विमान के साथ भी लेह में घटना हुई थी. उसका इंजन उड़ान के दौरान ही फेल हो गया था.

Posted on

केरल की विधानसभा में ग्रेनेड लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, मच गया हंगामा

केरल विधानसभा में बुधवार को चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला. विधानसभा के अंदर एक विधायक ग्रेनेड शेल लेकर पहुंच गए. इतना ही नहीं विधायक ने विधानसभा स्पीकर को ग्रेनेड भी दिखाया.

दरअसल, बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक थिरुवंचूर राधाकृष्णन इस्तेमाल किया हुआ ग्रेनेड शेल लेकर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने ग्रेनेड हाथ में लेकर विधानसभा स्पीकर को दिखाया और उन्हें बताया कि इस ग्रेनेड का इस्तेमाल पिछले हफ्ते यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए किया गया था.

कांग्रेस विधायक ने विधानसभा स्पीकर को ये भी बताया कि पुलिस ने जो ग्रेनेड कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ इस्तेमाल किया, उसकी समयावधि खत्म हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे ग्रेनेड इस्तेमाल कर रही है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं.

सदन में हंगामा

कांग्रेस विधायक के इस कदम पर विधानसभा में हंगामा मच गया. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस घटना पर ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि ऐसा होना बड़ा सुरक्षा खतरा है. हंगामे के बाद कांग्रेस विधायक ने ग्रेनेड विधानसभा अधिकारियों को सौंप दिया.

हंगामे के बीच विधानसभा स्पीकर ने सत्ताधारी विधायकों को मामले की जांच का आश्वासन दिया और कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर थिरुवंचूर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

Posted on

श्रीदेवी जैसा ही हसीन था श्रीदेवी का फ़िल्मी सफर: वो ‘लम्हे’ वो ‘चांदनी’ और अब ये ‘जुदाई’ का ‘सदमा’

 

श्री देवीइमेज कॉपीरइटMR. INDIA FILM POSTER

“जब मैं हवा-हवाई गाना शूट कर रहा था तो मुझे समझ नहीं आता था कि मैं श्रीदेवी का क्लोज़ अप लूँ या फिर दूर से शूट करूँ.”

श्रीदेवी के साथ फ़िल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में काम करते वक़्त अपनी उलझन निर्देशक शेखर कपूर ने बरसों पहले कुछ यूँ बयां की थी.

“उनके चेहरे के भाव, उनकी आँखें इतनी मोहक थीं कि लगता था कि इन्हीं को दिखाता रहूँ जो क्लोज़ अप में ही मुमकिन था, लेकिन इसमें उनका डांस छूट जाता था. उनका डांस ऐसा ग़ज़ब था कि लगता था, दूर से कैमरे में हर एक अदा कैद कर लूँ.”

अलग अलग फ़िल्मों में कुछ ऐसा था श्रीदेवी का करिश्मा..

श्री देवीइमेज कॉपीरइटSADMA MOVIE POSTER

‘सदमा’ की वो श्रीदेवी

‘सदमा’ की वो 20 साल की लड़की जो पुरानी ज़िंदगी भूल चुकी है और वो सात साल की मासूमियत लिए एक छोटी बच्ची की तरह कमल हसन के साथ उसके घर पर रहने लगती है.

रेलवे स्टेशन का वो सीन जहाँ याददाश्त वापस आने के बाद ट्रेन में बैठी श्रीदेवी कमल हसन को भिखारी समझ बेरुख़ी से आगे बढ़ जाती है और कमल हसन बच्चों-सी हरकतें करते हुए श्रीदेवी को पुराने दिन याद दिलाने की कोशिश और करतब करते हैं- शायद हिंदी फ़िल्मों के बेहतरीन दृश्यों में होगा.

एक ऐसी अदाकारा जो मोम की तरह किसी भी रोल में बख़ूबी ढल जाया करती थीं- 11 साल की उम्र में उन्होंने तेलुगू फ़िल्म में एक ऐसी बच्ची का रोल किया था जो देख नहीं सकती थी.

श्री देवीइमेज कॉपीरइटCHANDNI MOVIE POSTER/YASHRAJ FILMS

या सफ़ेद लिबास में ढली ‘चांदनी’ जो अपने मंगेतर के ठुकराए जाने से दुखी तो हैं पर किसी और के साथ दोबारा ज़िंदगी शुरू करने से हिचकिचाती नहीं भले ही वो कोशिश नाकाम रही.

या फिर अपनी उम्र से दोगुने व्यक्ति से प्रेम करने का साहस करने वाली ‘लम्हे’ की पूजा. या फिर एक ही फ़िल्म में नरम और लड़क मिज़ाज वाली दो बहनों का रोल ‘चालबाज़’ की मंजू और अंजू .

या फ़िल्म ‘मॉम’ में अपनी बेटी के गैंगरेप का बदला लेने निकली माँ का वो रूप जिसमें वो पूछती हैं कि अगर ग़लत और बहुत ग़लत में से चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे?

श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटLAMHE FILM POSTER/YASHRAJ FILMS

पूरी ज़िंदगी फ़िल्मों के नाम

ये पिछले ही साल की बात है कि श्रीदेवी ने फ़िल्मों में 50 साल पूरे किए और 54 साल की उम्र में उन्होंने जीवन को अलविदा कह दिया है.

जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उन्होंने लगभग पूरी ज़िंदगी फ़िल्मों में लगा दी.

51 साल पहले चार साल की एक छोटी-सी बच्ची तमिल सिनेमा की स्क्रीन पर नज़र आई थी. दरअसल पर्दे पर उन्होंने एक छोटे लड़के का रोल किया था. नाम था श्रीदेवी.

तमिल-तेलुगू में चाइल्ड आर्टिस्ट का काम करते करते हुए वो हिंदी सिनेमा तक आ पहुँची जब लोगों ने 1975 में उन्हें ‘जूली’ में बाल कलाकार के तौर पर देखा.

श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटSOLVA SAWAN MOVIE POSTER

और यही श्रीदेवी हिंदी सिनेमा की पहली सुपरस्टार कहलाईं हालांकि उन्होंने बतौर लीड एक्टर सबसे पहले रजनीकांत के साथ 1976 में तमिल फ़िल्म में काम किया था जिसमें कमल हासन की ख़ास भूमिका थी.

1978 में जब भारतीराजा की हिंदी फ़िल्म ‘सोलवां सावन’ में श्रीदेवी पर्दे पर आईं तो शायद ही किसी की नज़र फ़िल्म पर पड़ी.

श्रीदेवी का वज़न उस समय था कोई 75 किलो और लोग उन्हें ‘थंडर थाइज़’ कहते थे. फिर 1983 में ‘हिम्मतवाला’ रिलीज़ हुई.

बड़ी-बड़ी आँखों वाली श्रीदेवी ने धीमे-धीमे अपने काम और अभिनय से सबका मुँह बंद करा दिया. उस ज़माने में लोग उन्हें ‘लेडी अमिताभ’ भी कहते थे.

श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटNAGINA FILM POSTER

शुरुआती जीवन

उनके परिवार की बात करें तो पिता के. अयप्पन एक वकील थे और घर में बहन श्रीलता और भाई सतीश किसी ज़माने में उनके पिता ने कांग्रेस के टिकट पर शिवकासी से चुनाव भी लड़ा था और श्रीदेवी ने अपने पिता के लिए चुनाव अभियान में हिस्सा भी लिया था.

श्रीदेवी की माँ ने शुरुआती दौर में उनके करियर में अहम रोल निभाया.

कम्प्लीट एक्टर को बयां करते हुए जिन लोगों का नाम ज़हन में आता है- उसमें श्रीदेवी ज़रूर से एक हैं. कॉमेडी, एक्शन, डांस, ड्रामा -हर विधा में वो माहिर थीं.

‘मिस्टर इंडिया’ के एक सीन में जहाँ वो चार्ली चैपलिन जैसे गेट अप में एक होटल में जाती हैं, उस सीन में अपनी कॉमिक टाइमिंग के ज़रिए उन्होंने सबको चारों खाने चित्त कर दिया था.

श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटCHAALBAAZ MOVIE POSTER

अव्वल डांसर

डांस के मामले में भी वो अव्वल थीं, फिर वो ‘हवा हवाई हो’, ‘मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियाँ हों’ या ‘नैनों में सपना’ हो या फ़िल्म ‘नगीना’ का वो क्लाइमेक्स डांस जिसमें वो नागिन बनी थीं.

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कैसे फ़िल्म ‘नगीना’ में क्लाइमेक्स गाना और डांस शूट होना था और सेट एक ही दिन के लिए उपलब्ध था.

सुबह उन्होंने डांस शूट करना शुरू किया और साथ ही सेट को तोड़ने का काम शुरू हो गया.

खाली एक दीवार बची थी और उसी दायरे में श्रीदेवी को डांस करना था, लेकिन गाना देखने के बाद कभी इस बात का एहसास नहीं होता.

हालांकि अपनी आवाज़ के लिए शुरू में उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी थी.

जब श्रीदेवी ने शादी का फ़ैसला किया

निजी ज़िंदगी की बात करें तो 90 के दशक में उनके जीवन में उथल पुथल मची जब बोनी कपूर के साथ उनकी शादी हुई जो पहले से शादीशुदा थे.

श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटTWITTER @SRIDEVIBKAPOOR

बतौर निर्देशक बोनी कपूर के साथ वे कई फ़िल्में कर चुकी थीं और 1997 में फ़िल्म ‘जुदाई’ के बाद उन्होंने लंबा ब्रेक लिया.

लेकिन 2012 में जब वो ‘इंग्लिश विंग्लिश’ में हिंदी फ़िल्मों में लौटीं तो ऐसा लगा ही नहीं कि वो कभी पर्दे से गई थीं.

“मर्द खाना बनाए तो कला है, औरत बनाए तो उसका फ़र्ज़ है”- फ़िल्म में जब वो ये डायलॉग बोलती हैं तो शशि के रोल में एक घरेलू महिला की दबी इच्छाओं, उसकी अनदेखी को बयां कर जाती हैं.

पिछले साल 2017 में आई ‘मॉम’ उनकी आख़िरी फ़िल्म रही. अपनी दोनों बेटियों के साथ श्रीदेवी का बड़ा लगाव था-किसी भी माँ की तरह.

सोशल मीडिया पर अकसर वो अपनी बेटियों के साथ अपनी तस्वीरें डाला करती थीं.

श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटMOM MOVIE POSTER

उनकी बेटी जाह्नवी की पहली फ़िल्म ‘धड़क’ पाँच महीने बाद 20 जुलाई 2018 को रिलीज़ होने वाली है.

अक्सर जब भी श्रीदेवी के ट्विटर पेज पर जाओ तो उनकी बेटी की पहली फ़िल्म धड़क का पोस्टर सबसे ऊपर मिलता है जिसे उन्होंने पिन टू टॉप करके रखा था.

वो अक्सर कहा करती थीं कि ‘मदर इंडिया’ उनका ड्रीम रोल था. ‘मॉम’ उनके करियर की आख़िरी और 300वीं फ़िल्म थी.

मुझे पिछले साल का एक इंटरव्यू याद है जब पति बोनी कपूर ने बहुत नाज़ से कहा था, ‘श्रीदेवी ने एक्टिंग में 50 साल पूरे कर लिए हैं, उनकी 300वीं फ़िल्म आ रही है. आप जानती हैं और किसी ऐसे एक्टर को. ऐसे एक्टर और भी होंगे शायद.’

लेकिन ‘चांदनी’ की सी रोशनी बिखेरनी वाली, बड़ी बड़ी आँखों वाली श्रीदेवी एकदम जुदा थीं जिनकी फ़िल्में चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट छोड़ जाती हैं.

फ़िल्म ‘चालबाज़’ के एक सीन में रजनीकांत श्रीदेवी से तंग होकर उन्हें ताने मारते हैं- ये रोज़-रोज़ नाच गाना तेरे बस का नहीं है.

और श्रीदेवी चैलंज करते हुए कहती हैं- तुझे तो मैं ऑल इंडिया स्टार बनकर दिखाऊँगी….ज़िंदगी में उन्होंने ऐसा ही कर दिखाया.

श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटCHANDNI MOVIE/YASHRAJ FILMS

वो उन चंद अभिनेत्रियों में से थीं जिन्हें हिंदी, तमिल, तेलुगू फ़िल्मों के लिए फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला.

यहाँ तक कि केरल फ़िल्म इंडस्ट्री में भी उन्हें 1970 में बतौर बाल कलाकार सम्मानित किया गया था.

(हिंदी ही नहीं उन्होंने तेलुगू, तमिल, कन्नड और मलायलम फ़िल्मों में भी ख़ूब काम किया. )

Posted on

बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस श्रीदेवी का कार्डियक अरेस्‍ट से निधन, दुबई में शादी अटेंड करनी गई थीं

बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं रही। शनिवार (24 फरवरी) को हृदय-गति रुक जाने (कार्डियक अरेस्ट) की वजह से अचानक उनका निधन हो गया। अपने आखिरी पलों में 54 वर्षीय श्रीदेवी दुबई में थीं। मीडिया रिपोट्स के मुताबिक श्रीदेवी दुबई में एक शादी अटेंड करने गई थीं। बॉनी कपूर के छोटे भाई और अभिनेता संजय कपूर ने श्रीदेवी के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना रात 11 से 11.30 बजे के बीच की है।

संजय कपूर ने श्रीदेवी के निधन के बारे में इंडियनएक्सप्रेस ऑनलाइन को बताया कि वह खुद भी दुबई में ही थे और थोड़ी देर पहले भारत लौटे ही थे कि यह खबर आ गई। संजय दोबार दुबई जा रहे हैं। दरअसल, श्रीदेवी अपने पति बॉनी कपूर और छोटी बेटी खुशी के साथ मोहित मारवाह के शादी समारोह में शिरकत करने दुबई गई थीं। उनके निधन की खबर सुनकर लोग मुंबई में उनके घर के पास जमा हो रहे हैं। उनकी बड़ी बेटी जाह्नवी भारत में ही हैं। वह शूटिंग की वजह से परिवार के साथ दुबई नहीं गई थीं।

वहीं श्रीदेवी के निधन की खबर से बॉलीवुड में दुख का माहौल है। उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। बॉलीवुड के कई स्टार्स इस दुखद घटना पर ट्विट कर दुख जता रहे हैं। एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने ट्वीट कर लिखा है कि, ‘मेरे पास कोई शब्द नहीं है। श्रीदेवी को प्यार करनेवाले हर व्यक्ति के प्रति संवेदना। एक काला दिन। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।’ दूसरी ओर, प्रीति जिंटा ने लिखा, ‘यह सुनकर दुखी और स्तब्ध हूं कि मेरी ऑल टाइम फेवरिट श्रीदेवी नहीं रहीं। भगवान उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को ताकत दें।’

View image on Twitter