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न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर पाकिस्तान के पीएम अब्बासी की तलाशी, जांच के बाद बेल्ट कसते दिखे

 

यहां जॉन एफ केनेडी एयरपोर्ट पर सिक्युरिटी जांच के नाम पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी की तलाशी ली गई। पाकिस्तान मीडिया ने यह दावा किया। इसे एक रुटीन प्रॉसेस बताया जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान मीडिया में इसे लेकर नाराजगी जाहिर की जा रही है।

क्या निजी दौरे की वजह से हुई चेकिंग?

– बताया जा रहा है कि पिछले दिनों अब्बासी अपनी बीमार बहन को देखने अमेरिका गए थे। यह उनका निजी दौरा था। हालांकि, इस दौरान वह अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस से भी मिले।

– पाकिस्तान मीडिया का कहना है कि यह निजी दौरा था तब भी प्रधानमंत्री के पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट है। ऐसे में उनकी जांच करना गलत है। पाकिस्तान के टीवी चैनल्स पर इस जांच का एक वीडियो भी जारी किया गया।

कुछ ने अब्बासी की तारीफ की, कुछ ने आलोचना

– जियो न्यूज के मुताबिक, अब्बासी ने सभी यात्रियों के लिए लागू स्टैंडर्ड सिक्युरिटी प्रोटोकॉल का पालन किया। जैसा कि वे अपनी सादगी के लिए ही जाने जाते हैं।
– कुछ मीडिया रिपोर्टों में अब्बासी की आलोचना की गई है, क्योंकि उन्होंने राष्ट्रप्रमुख होने के लिहाज से एक शर्मिंदगी-भरी प्रक्रिया का पालन किया, जबकि उनके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट था।

पाबंदियों को लेकर पाक-अमेरिका में चल रही तनातनी

– पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की चेकिंग से पहले अमेरिका ने 7 पाकिस्तानी कंपनियों को परमाणु व्यापार के शक में बैन कर दिया था।

– कहा जा रहा है कि अमेरिका पाकिस्तानी सरकार पर वीजा बैन समेत कई और प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है।

– बता दें कि आतंकवाद पर नरमी के चलते अमेरिका पाकिस्तान से खफा है। ट्रम्प प्रशासन ने उसे दी जाने वाली करीब 25.5 करोड़ डॉलर की सहायता राशि रोक दी है।

कलाम की तलाशी पर अमेरिका ने मांगी थी माफी

– 2011 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर तलाशी ली गई थी। हालांकि, भारत की आपत्ति के बाद अमेरिका ने माफी मांगी थी।

जॉर्ज फर्नांडीज की कपड़े उतारकर ली गई थी तलाशी

– पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का वाशिंगटन के डल्लास अतंर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सन् 2002 और 2003 में स्ट्रिप सर्च किया गया था। जिस पर उन्होंने वहां के डिप्टी सेक्रेटरी स्ट्रोब टैलबॉट से गुस्से में शिकायत की थी।

शाहरुख समेत कई भारतीय लिए जा चुके हिरासत में

– अगस्त 2016 में शाहरुख खान को अमेरिका के लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। इसकी जानकारी खुद शाहरुख ने ट्वीटर पर दी।

– एक्टर इरफान खान को 2008 में लॉस एंजिल्स और 2009 में न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था।

– 2009 में ही नील नितिन मुकेश को न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।

– 2010 में भारत के तत्कालीन एविएशन मिनिस्टर प्रफुल्ल पटेल से शिकागो के एयरपोर्ट पर पूछताछ की गई।

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लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के चलते बुधवार को भी नहीं हुआ कोई काम

तेलंगाना में आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के और कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक के भारी हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। 12 बजे दोबारा जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य हंगामा करने लगे जिस कारण बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन में व्यवस्था नहीं होने की वजह से अविश्वास प्रस्ताव आज भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

बता दें कि ऐसी ही स्थिति राज्यसभा में भी देखने को मिली। यहां अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के हंगामे की वजह से बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। बजट सत्र के दूसरे चरण में पिछले दो सप्ताह की कार्यवाही हंगामे के कारण बाधित रहने के बाद तीसरे सप्ताह में भी कोई कामकाज नहीं हो पा रहा है और बुधवार को लगातार 13वें दिन भी प्रश्नकाल हंगामे की भेंट लोकसभा चढ़ गया। लोकसभा की कार्यवाही सुबह जैसे ही आरंभ हुई तो अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गये।

वहीं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की किया लेकिन हंगामा थमता नहीं देख उन्होंने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगा रहे थे। टीआरएस के सदस्यों ने ‘एक राष्ट्र, एक नीति’ की मांग वाली तख्तियां ले रखी थीं। बजट सत्र के दूसरे चरण में पांच मार्च को आरंभ होने के बाद से लोकसभा की कार्यवाही पीएनबी धोखाधड़ी मामले, आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग और तेलंगाना में आरक्षण के मुद्दे समेत कई विषयों पर लगभग रोजाना बाधित हो रही है।

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DGCA ने इंडिगो की 8 और गो एयर की 3 विमानों की उड़ान पर लगाई रोक, IndiGo की 47 उड़ानें रद्द

डीजीसीए ने खास सीरीज के प्रैट एण्ड व्हिटनी इंजन वाले 11 A-320 नियो विमानों की उड़ानों पर सोमवार को तत्‍काल प्रभाव से रोक लगा दी. इन इंजनों में उड़ान के दौरान फेल होने की कुछ घटनाएं सामने आईं हैं. इन 11 विमानों में से आठ का संचालन इंडिगो और तीन का संचालन गो-एयर करती है. वहीं, डीजीसीए के इस फैसले के चलते इंडिगो ने मंगलवार को अपनी 47 उड़ानें रद्द कर दीं. इससे यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बड़े शहरों की रद्द की गई उड़ानें
इंडिगो ने अपनी 47 डोमेस्टिक उड़ानें रद्द करने की जानकारी एयरलाइन की वेबसाइट पर अपलोड की है. जिन शहरों के लिए ये उड़ानें रद्द की गई हैं, उनमें दिल्‍ली, मुंबई, चेन्‍नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, श्रीनगर, भुवनेश्‍वर, अमृतसर और गुवाहाटी प्रमुख हैं. इन शहरों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को इस फैसले से समस्‍या हो रही है.

घटना के बाद लिया फैसला
डीजीसीए ने इंडिगो के A-320 नियो विमान के उड़ान के दौरान आसमान में ही इंजन फेल हो जाने की घटना के कुछ घंटों बाद ही यह फैसला लिया. इस विमान को इंजन फेल होने के कारण अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आपातस्थिति में उतारना पड़ा था. इंडिगो के इस विमान का इंजन सोमवार को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद फेल हो गया था. विमान में 186 लोग सवार थे. यह विमान अहमदाबाद से लखनऊ जा रहा था. इसे सुबह करीब 5:30 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतारा गया था. डीजीसीए ने इस घटना को गंभीरता से लिया. विमान संचालन में सुरक्षा का हवाला देते हुए डीजीसीए ने कहा कि ईएसएन 450 से अधिक क्षमता वाले प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजन वाले A320 नियो विमानों की उड़ान पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं- डीजीसीए
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दोनों एयरलांइस इंडिगो और गो एयर से कहा है कि वे प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं. डीजीसीए के मुताबिक, ये इंजन उनके पास स्टॉक में अतिरिक्त संख्या में उपलब्ध हैं. नियामक ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर सभी संबंद्ध पक्षों के साथ संपर्क में रहेगा. जब यूरोपीय नियामक ईएएसए और प्रैट एण्ड व्हिटनी इस मुद्दे का समाधान करेंगे वह भी स्थिति की समीक्षा करेगा.

इंडिगो के 7% विमान नहीं भर रहे उड़ान
मौजूदा समय में इंडिगो का मार्केट शेयर करीब 40% है. यह एयरलांइस 155 A320 विमानों को संचालित कर रही है. इनमें 45 A320 नियो विमान हैं, लेकिन इनमें से अब 7% विमान अब उड़ान नहीं भर रहे. वहीं गो एयर के पास 32 A320 विमान हैं. साथ ही कंपनी का मार्केट शेयर 9.6% है. डीजीसीए के गो एयर के इनमें से तीन विमानों की उड़ानों पर रोक लगाई गई है.

पहले भी हुई घटनाएं
12 मार्च को इंडिगो के अहमदाबाद से लखनऊ जा रही उड़ान को आपातस्थिति में उतारने की घटना से पहले भी ऐसे इंजनों वाले विमानों के साथ ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं. पांच मार्च को इंडिगो के A320 नियो विमान ने मुंबई से शाम को 6:40 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ समय बाद 7:10 पर वापस एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग की थी. उस विमान का एक सिर्फ एक ही इंजन काम कर रहा था. 24 फरवरी को गो एयर के A320 विमान के साथ भी लेह में घटना हुई थी. उसका इंजन उड़ान के दौरान ही फेल हो गया था.

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केरल की विधानसभा में ग्रेनेड लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, मच गया हंगामा

केरल विधानसभा में बुधवार को चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला. विधानसभा के अंदर एक विधायक ग्रेनेड शेल लेकर पहुंच गए. इतना ही नहीं विधायक ने विधानसभा स्पीकर को ग्रेनेड भी दिखाया.

दरअसल, बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक थिरुवंचूर राधाकृष्णन इस्तेमाल किया हुआ ग्रेनेड शेल लेकर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने ग्रेनेड हाथ में लेकर विधानसभा स्पीकर को दिखाया और उन्हें बताया कि इस ग्रेनेड का इस्तेमाल पिछले हफ्ते यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए किया गया था.

कांग्रेस विधायक ने विधानसभा स्पीकर को ये भी बताया कि पुलिस ने जो ग्रेनेड कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ इस्तेमाल किया, उसकी समयावधि खत्म हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे ग्रेनेड इस्तेमाल कर रही है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं.

सदन में हंगामा

कांग्रेस विधायक के इस कदम पर विधानसभा में हंगामा मच गया. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस घटना पर ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि ऐसा होना बड़ा सुरक्षा खतरा है. हंगामे के बाद कांग्रेस विधायक ने ग्रेनेड विधानसभा अधिकारियों को सौंप दिया.

हंगामे के बीच विधानसभा स्पीकर ने सत्ताधारी विधायकों को मामले की जांच का आश्वासन दिया और कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर थिरुवंचूर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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श्रीदेवी जैसा ही हसीन था श्रीदेवी का फ़िल्मी सफर: वो ‘लम्हे’ वो ‘चांदनी’ और अब ये ‘जुदाई’ का ‘सदमा’

 

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“जब मैं हवा-हवाई गाना शूट कर रहा था तो मुझे समझ नहीं आता था कि मैं श्रीदेवी का क्लोज़ अप लूँ या फिर दूर से शूट करूँ.”

श्रीदेवी के साथ फ़िल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में काम करते वक़्त अपनी उलझन निर्देशक शेखर कपूर ने बरसों पहले कुछ यूँ बयां की थी.

“उनके चेहरे के भाव, उनकी आँखें इतनी मोहक थीं कि लगता था कि इन्हीं को दिखाता रहूँ जो क्लोज़ अप में ही मुमकिन था, लेकिन इसमें उनका डांस छूट जाता था. उनका डांस ऐसा ग़ज़ब था कि लगता था, दूर से कैमरे में हर एक अदा कैद कर लूँ.”

अलग अलग फ़िल्मों में कुछ ऐसा था श्रीदेवी का करिश्मा..

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‘सदमा’ की वो श्रीदेवी

‘सदमा’ की वो 20 साल की लड़की जो पुरानी ज़िंदगी भूल चुकी है और वो सात साल की मासूमियत लिए एक छोटी बच्ची की तरह कमल हसन के साथ उसके घर पर रहने लगती है.

रेलवे स्टेशन का वो सीन जहाँ याददाश्त वापस आने के बाद ट्रेन में बैठी श्रीदेवी कमल हसन को भिखारी समझ बेरुख़ी से आगे बढ़ जाती है और कमल हसन बच्चों-सी हरकतें करते हुए श्रीदेवी को पुराने दिन याद दिलाने की कोशिश और करतब करते हैं- शायद हिंदी फ़िल्मों के बेहतरीन दृश्यों में होगा.

एक ऐसी अदाकारा जो मोम की तरह किसी भी रोल में बख़ूबी ढल जाया करती थीं- 11 साल की उम्र में उन्होंने तेलुगू फ़िल्म में एक ऐसी बच्ची का रोल किया था जो देख नहीं सकती थी.

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या सफ़ेद लिबास में ढली ‘चांदनी’ जो अपने मंगेतर के ठुकराए जाने से दुखी तो हैं पर किसी और के साथ दोबारा ज़िंदगी शुरू करने से हिचकिचाती नहीं भले ही वो कोशिश नाकाम रही.

या फिर अपनी उम्र से दोगुने व्यक्ति से प्रेम करने का साहस करने वाली ‘लम्हे’ की पूजा. या फिर एक ही फ़िल्म में नरम और लड़क मिज़ाज वाली दो बहनों का रोल ‘चालबाज़’ की मंजू और अंजू .

या फ़िल्म ‘मॉम’ में अपनी बेटी के गैंगरेप का बदला लेने निकली माँ का वो रूप जिसमें वो पूछती हैं कि अगर ग़लत और बहुत ग़लत में से चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे?

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पूरी ज़िंदगी फ़िल्मों के नाम

ये पिछले ही साल की बात है कि श्रीदेवी ने फ़िल्मों में 50 साल पूरे किए और 54 साल की उम्र में उन्होंने जीवन को अलविदा कह दिया है.

जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उन्होंने लगभग पूरी ज़िंदगी फ़िल्मों में लगा दी.

51 साल पहले चार साल की एक छोटी-सी बच्ची तमिल सिनेमा की स्क्रीन पर नज़र आई थी. दरअसल पर्दे पर उन्होंने एक छोटे लड़के का रोल किया था. नाम था श्रीदेवी.

तमिल-तेलुगू में चाइल्ड आर्टिस्ट का काम करते करते हुए वो हिंदी सिनेमा तक आ पहुँची जब लोगों ने 1975 में उन्हें ‘जूली’ में बाल कलाकार के तौर पर देखा.

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और यही श्रीदेवी हिंदी सिनेमा की पहली सुपरस्टार कहलाईं हालांकि उन्होंने बतौर लीड एक्टर सबसे पहले रजनीकांत के साथ 1976 में तमिल फ़िल्म में काम किया था जिसमें कमल हासन की ख़ास भूमिका थी.

1978 में जब भारतीराजा की हिंदी फ़िल्म ‘सोलवां सावन’ में श्रीदेवी पर्दे पर आईं तो शायद ही किसी की नज़र फ़िल्म पर पड़ी.

श्रीदेवी का वज़न उस समय था कोई 75 किलो और लोग उन्हें ‘थंडर थाइज़’ कहते थे. फिर 1983 में ‘हिम्मतवाला’ रिलीज़ हुई.

बड़ी-बड़ी आँखों वाली श्रीदेवी ने धीमे-धीमे अपने काम और अभिनय से सबका मुँह बंद करा दिया. उस ज़माने में लोग उन्हें ‘लेडी अमिताभ’ भी कहते थे.

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शुरुआती जीवन

उनके परिवार की बात करें तो पिता के. अयप्पन एक वकील थे और घर में बहन श्रीलता और भाई सतीश किसी ज़माने में उनके पिता ने कांग्रेस के टिकट पर शिवकासी से चुनाव भी लड़ा था और श्रीदेवी ने अपने पिता के लिए चुनाव अभियान में हिस्सा भी लिया था.

श्रीदेवी की माँ ने शुरुआती दौर में उनके करियर में अहम रोल निभाया.

कम्प्लीट एक्टर को बयां करते हुए जिन लोगों का नाम ज़हन में आता है- उसमें श्रीदेवी ज़रूर से एक हैं. कॉमेडी, एक्शन, डांस, ड्रामा -हर विधा में वो माहिर थीं.

‘मिस्टर इंडिया’ के एक सीन में जहाँ वो चार्ली चैपलिन जैसे गेट अप में एक होटल में जाती हैं, उस सीन में अपनी कॉमिक टाइमिंग के ज़रिए उन्होंने सबको चारों खाने चित्त कर दिया था.

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अव्वल डांसर

डांस के मामले में भी वो अव्वल थीं, फिर वो ‘हवा हवाई हो’, ‘मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियाँ हों’ या ‘नैनों में सपना’ हो या फ़िल्म ‘नगीना’ का वो क्लाइमेक्स डांस जिसमें वो नागिन बनी थीं.

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कैसे फ़िल्म ‘नगीना’ में क्लाइमेक्स गाना और डांस शूट होना था और सेट एक ही दिन के लिए उपलब्ध था.

सुबह उन्होंने डांस शूट करना शुरू किया और साथ ही सेट को तोड़ने का काम शुरू हो गया.

खाली एक दीवार बची थी और उसी दायरे में श्रीदेवी को डांस करना था, लेकिन गाना देखने के बाद कभी इस बात का एहसास नहीं होता.

हालांकि अपनी आवाज़ के लिए शुरू में उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी थी.

जब श्रीदेवी ने शादी का फ़ैसला किया

निजी ज़िंदगी की बात करें तो 90 के दशक में उनके जीवन में उथल पुथल मची जब बोनी कपूर के साथ उनकी शादी हुई जो पहले से शादीशुदा थे.

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बतौर निर्देशक बोनी कपूर के साथ वे कई फ़िल्में कर चुकी थीं और 1997 में फ़िल्म ‘जुदाई’ के बाद उन्होंने लंबा ब्रेक लिया.

लेकिन 2012 में जब वो ‘इंग्लिश विंग्लिश’ में हिंदी फ़िल्मों में लौटीं तो ऐसा लगा ही नहीं कि वो कभी पर्दे से गई थीं.

“मर्द खाना बनाए तो कला है, औरत बनाए तो उसका फ़र्ज़ है”- फ़िल्म में जब वो ये डायलॉग बोलती हैं तो शशि के रोल में एक घरेलू महिला की दबी इच्छाओं, उसकी अनदेखी को बयां कर जाती हैं.

पिछले साल 2017 में आई ‘मॉम’ उनकी आख़िरी फ़िल्म रही. अपनी दोनों बेटियों के साथ श्रीदेवी का बड़ा लगाव था-किसी भी माँ की तरह.

सोशल मीडिया पर अकसर वो अपनी बेटियों के साथ अपनी तस्वीरें डाला करती थीं.

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उनकी बेटी जाह्नवी की पहली फ़िल्म ‘धड़क’ पाँच महीने बाद 20 जुलाई 2018 को रिलीज़ होने वाली है.

अक्सर जब भी श्रीदेवी के ट्विटर पेज पर जाओ तो उनकी बेटी की पहली फ़िल्म धड़क का पोस्टर सबसे ऊपर मिलता है जिसे उन्होंने पिन टू टॉप करके रखा था.

वो अक्सर कहा करती थीं कि ‘मदर इंडिया’ उनका ड्रीम रोल था. ‘मॉम’ उनके करियर की आख़िरी और 300वीं फ़िल्म थी.

मुझे पिछले साल का एक इंटरव्यू याद है जब पति बोनी कपूर ने बहुत नाज़ से कहा था, ‘श्रीदेवी ने एक्टिंग में 50 साल पूरे कर लिए हैं, उनकी 300वीं फ़िल्म आ रही है. आप जानती हैं और किसी ऐसे एक्टर को. ऐसे एक्टर और भी होंगे शायद.’

लेकिन ‘चांदनी’ की सी रोशनी बिखेरनी वाली, बड़ी बड़ी आँखों वाली श्रीदेवी एकदम जुदा थीं जिनकी फ़िल्में चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट छोड़ जाती हैं.

फ़िल्म ‘चालबाज़’ के एक सीन में रजनीकांत श्रीदेवी से तंग होकर उन्हें ताने मारते हैं- ये रोज़-रोज़ नाच गाना तेरे बस का नहीं है.

और श्रीदेवी चैलंज करते हुए कहती हैं- तुझे तो मैं ऑल इंडिया स्टार बनकर दिखाऊँगी….ज़िंदगी में उन्होंने ऐसा ही कर दिखाया.

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वो उन चंद अभिनेत्रियों में से थीं जिन्हें हिंदी, तमिल, तेलुगू फ़िल्मों के लिए फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला.

यहाँ तक कि केरल फ़िल्म इंडस्ट्री में भी उन्हें 1970 में बतौर बाल कलाकार सम्मानित किया गया था.

(हिंदी ही नहीं उन्होंने तेलुगू, तमिल, कन्नड और मलायलम फ़िल्मों में भी ख़ूब काम किया. )

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बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस श्रीदेवी का कार्डियक अरेस्‍ट से निधन, दुबई में शादी अटेंड करनी गई थीं

बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं रही। शनिवार (24 फरवरी) को हृदय-गति रुक जाने (कार्डियक अरेस्ट) की वजह से अचानक उनका निधन हो गया। अपने आखिरी पलों में 54 वर्षीय श्रीदेवी दुबई में थीं। मीडिया रिपोट्स के मुताबिक श्रीदेवी दुबई में एक शादी अटेंड करने गई थीं। बॉनी कपूर के छोटे भाई और अभिनेता संजय कपूर ने श्रीदेवी के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना रात 11 से 11.30 बजे के बीच की है।

संजय कपूर ने श्रीदेवी के निधन के बारे में इंडियनएक्सप्रेस ऑनलाइन को बताया कि वह खुद भी दुबई में ही थे और थोड़ी देर पहले भारत लौटे ही थे कि यह खबर आ गई। संजय दोबार दुबई जा रहे हैं। दरअसल, श्रीदेवी अपने पति बॉनी कपूर और छोटी बेटी खुशी के साथ मोहित मारवाह के शादी समारोह में शिरकत करने दुबई गई थीं। उनके निधन की खबर सुनकर लोग मुंबई में उनके घर के पास जमा हो रहे हैं। उनकी बड़ी बेटी जाह्नवी भारत में ही हैं। वह शूटिंग की वजह से परिवार के साथ दुबई नहीं गई थीं।

वहीं श्रीदेवी के निधन की खबर से बॉलीवुड में दुख का माहौल है। उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। बॉलीवुड के कई स्टार्स इस दुखद घटना पर ट्विट कर दुख जता रहे हैं। एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने ट्वीट कर लिखा है कि, ‘मेरे पास कोई शब्द नहीं है। श्रीदेवी को प्यार करनेवाले हर व्यक्ति के प्रति संवेदना। एक काला दिन। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।’ दूसरी ओर, प्रीति जिंटा ने लिखा, ‘यह सुनकर दुखी और स्तब्ध हूं कि मेरी ऑल टाइम फेवरिट श्रीदेवी नहीं रहीं। भगवान उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को ताकत दें।’

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यात्री ने ऐसी दुर्गंध फैलाई कि विमान की हुई इमरजेंसी लैंडिंग

दुबई से नीदरलैंड्स जा रही एक फ़्लाइट की ऑस्ट्रिया के विएना शहर में उस वक़्त इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी जब एक यात्री के लगातार दुर्गंध फैलाने पर सहयात्रियों ने ‘बग़ावत’ कर दी.

‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ ने इसे ‘फ़ार्ट अटैक’ का नाम दिया है. उनकी ख़बर के मुताबिक़ ये मामला सस्ती विमान सेवा कही जाने वाली ट्रांसेविया एयरलाइन का है.

विमान में चार यात्रियों के बीच हुई कहासुनी जब बात बिगड़ने के हद तक पहुंच गई तो चालक दल ने इमरजेंसी लैंडिंग का फ़ैसला किया.

झगड़े में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे.

विमानइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES/DAVID RAMOS

‘हमने कोई नियम नहीं तोड़ा’

‘यूके एक्सप्रेस’ ने ख़बर छापी है कि दोनों महिलाओं को अन्य सदस्यों की राय लेने के बाद ही उतारा गया.

ऑस्ट्रिया पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया लेकिन किसी भी क़ानून के तहत मामला नहीं बन पाने के कारण उन्हें रिहा कर दिया गया.

दो में से एक लड़की, 25 साल की नोरा लाचेब नीदरलैंड में लॉ की स्टूडेंट है.

उन्होंने कहा है कि विमान कंपनी के इस व्यवहार के ख़िलाफ़ वो कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगी.

“हमने कोई नियम नहीं तोड़ा था और न ही विमान के संचालन में कोई बाधा डाली थी.”

विमानइमेज कॉपीरइटTRANSAVIA AIRLINE

सोशल मीडिया पर भी इस ख़बर की ख़ूब चर्चा हो रही है.

‘यात्रियों को सिरदर्द और आँख में जलन’

जेएनयू की रिसर्चर अनीमा सोनकर ने इस ख़बर पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया, “ये तो अविश्वसनीय है. हम अपने यहां के हिन्दी अख़बारों में ऐसी ख़बरें पढ़ते थे. लेकिन इन्होंने तो…”

ब्रिटेन में रहने वाली गेस्टन कूपन ने ट्वीट किया है कि ये इस तरह की पहली घटना नहीं है. हाल ही में एक अमरीकी एयरलाइन में भी एक शख़्स ने ऐसा ही किया था.

वो इतनी भयंकर गैस पास कर रहे थे कि कई यात्रियों ने सिरदर्द और आँखों में जलन की शिक़ायत दर्ज कराई थी.

न्यूयॉर्क में रहने वाली पत्रकार गैबरियाला पैएला ने ट्वीट किया है, “ऐसे मामलों में घिरे सभी सह यात्रियों के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है.”

न्यूज़ीलैंड की जैसिक विलियम्स ने फ़ेसबुक पर लिखा है, “मेरा एक सवाल है… एयरलाइंस वाले सभी यात्रियों को तकिया देते हैं. वो हर सीट पर होता है. लेकिन इसके बावजूद ये यात्री इतनी आवाज़ कर रहा था कि सभी को पता चल जाए, तो सलाम है इन्हें.”

‘ये कोई नई बात नहीं’

कई लोगों ने फ़ेसबुक और ट्विटर पर लिखा है कि ये नेचुरल है. इसका मज़ाक बनाना ठीक नहीं. हालांकि लोगों की शिकायत पर ग़ौर करते हुए क्रू मेंबर्स को कुछ और हल निकालना चाहिए था.

कनाडा में रहने वाली और पेशे से प्रोफ़ेसर जेनेट मैकडॉनल्ड ने भी फ़ेसबुक पर अपना तजुर्बा शेयर किया है.

उन्होंने लिखा, “वैंकूवर से टोरंटो की एक फ़्लाइट में मैं भी ये झेल चुकी हूं. मैंने मुंह पर मफ़लर लपेट रखा था. हवा तेज़ की हुई थी. और सभी की हालत ख़राब थी. कई लोग तिरछी नज़रों से एक दूसरे को देख रहे थे. लेकिन ऐसे में क्या कहा जा सकता है.”

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महिला टॉयलेट में घुसे राहुल गांधी, गुजराती न आना पड़ा भारी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पीएम नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में विधानसभा चुनाव को लेकर काफी मेहनत कर रहे हैं. राहुल कई सभाएं कर रहे हैं और उन सभाओं में जमकर पीएम मोदी पर तंज कस रहे हैं. हालांकि बुधवार को छोटा उदयपुर सभा के दौरान राहुल गांधी के साथ एक गजब घटना घटी. आने वाले दिनों में इस घटना को यादकर राहुल गांधी खुद हंसेंगे. इस घटना का कारण बना उनका गुजराती न आना.

राहुल गांधी छोटा उदयपुर में जनसभा कर रहे थे और संवाद कार्यक्रम के दरबार हॉल में युवाओं से बातचीत कर रहे थे. इसी बीच उन्हें टॉयलेट जाना पड़ा, हालांकि वह जेंट्स टॉयलेट की जगह लेडीज टॉयलेट में पहुंच गए. यह मामला बड़ा हास्यास्पद बन गया.

इस टॉयलेट में एक पेपर पर गुजराती भाषा में लेडीज टॉयलेट लिखा था. टॉयलेट के दरवाजे पर कोई तस्वीर नहीं थी. इसी वजह से राहुल गुजराती नहीं समझ पाए और महिला शौचालय में चले गए.

इसके बाद राहुल गांधी के एसपीजी ने लोगों को वहां से हटा दिया. हालांकि राहुल गांधी को महिला शौचालय से बाहर आते देखकर सभी लोगों की हंसी छूट पड़ी.

वहीं इससे पहले मध्य गुजरात के दाहोद जिले के लिमखेड़ा शहर में एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ‘मोदीजी को यह अहसास हुआ कि नोटबंदी से आम लोग और छोटे व्यापारी पूरी तरह बर्बाद नहीं हुए हैं. इसलिए उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लाने का फैसला किया.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी यहां के मुख्यमंत्री थे, तब भाजपा सरकार ने लोगों की मूलभूत जरूरतों जैसे स्वास्थ्य एवं शिक्षा की कीमत पर राज्य का ‘बहुमूल्य धन एवं संसाधन’ उद्योगपतियों पर खर्च कर दिया. उन्होंने कहा कि यही गुजरात मॉडल है. यही अच्छे दिन है…लेकिन सिर्फ मोदीजी और शाहजी के लिए….बाकी देश के लिए नहीं.

राहुल गांधी यहां चुनाव प्रचार अभियान के दूसरे चरण में तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने इससे पहले गुजरात के सौराष्ट्र में 25 से 27 सितंबर के बीच तीन दिन की यात्रा की थी.