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लगभग हर क्षेत्र से आ चूके हैं होली के नतीजों की ताज़ा तस्वीरें!?

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अपने बॉयफ्रेंड से शादी पर बोलीं इलियाना डिक्रूज

डिक्रूज एक बार फिर अजय देवगन के साथ अपनी अगली फिल्म ‘रेड’ में दिखाई देंगी। इससे पहले वह अजय के ही साथ फिल्म ‘बादशाहो’ में नजर आई थीं। हाल में इलियाना ने अपनी एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बॉयफ्रेंड ऐंड्र्यू नीबोन को ‘पति’ बताकर सभी को चौंका दिया था। अब उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी खामोशी तोड़ी है।

हाल में उनकी फिल्म ‘रेड’ के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर उनके को-स्टार अजय देवगन ने भी इस मुद्दे पर सवाल पूछ ही लिया। जब अजय ने यह पूछा कि क्या इलियाना शादीशुदा हैं या नहीं तो उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया क्योंकि अब बड़े स्तर पर यह बात कही जा रही है। हालांकि इस बारे में उन्होंने और ज्यादा बात नहीं कि लेकिन यह जरूर स्वीकार किया कि वह अपनी पर्सनल और प्रफेशनल लाइफ में काफी खुश हैं और अपनी निजी जिंदगी पर ज्यादा बात नहीं करना चाहतीं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इलियाना ने कहा, ‘मुझे नहीं पता इस पर मुझे क्या कॉमेंट करना चाहिए। प्रफेशनली मैं काफी अच्छा कर रही हूं साथ ही मेरी पर्सनल लाइफ भी अच्छी चल रही है। लेकिन शुक्रिया, इससे ज्यादा मैं इस पर बात नहीं करना चाहती। मैंने अपनी पर्सनल लाइफ को काफी प्राइवेट रखा है और मैं इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहती। हालांकि दुनिया को इस बारे में काफी कुछ जानना बाकी है।’

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मालदीव में इमरजेंसी का एलान, SC जज समेत कई गिरफ्तार, भारत ने जारी की चेतावनी

मालदीव का राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट से टकराव की राह पर चलते हुए राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की सरकार ने 15 दिनों के लिए इमरजेंसी लागू कर दी है। राजनेताओं की धरपकड़ तेज हो गई है। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के जज अली हमीद के अलावा पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयुम को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं राष्ट्रपति यामीन के सौतेले भाई और 30 साल तक देश के राष्ट्रपति रहे ममून अब्दुल गयूम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। वह विपक्षी नेताओं का साथ दे रहे हैं। मालदीव की स्थिति को देखते हुए भारत ने अपने यात्रियों को चेतावनी जारी की है और कहा है कि जरूरी ना हो तो वहां की यात्रा पर ना जाएं। दूसरी तरफ मालदीव की सेना ने संसद पर कब्जा कर लिया है।

संसद के पूर्व स्पीकर अब्दुल्ला शाहीद ने ट्वीट कर पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी है। उन्होंने लिखा है कि पूर्व राष्ट्रपति और उनके दामाद को मालदीव की स्पेशल ऑपरेशन पुलिस ने गिरफ्तार कर दिया है।

इससे पहले सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मद नशीद समेत राजनीतिक बंदियों की रिहाई का सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानने से इन्कार कर दिया। उसने कहा कि वह इन सभी के खिलाफ फिर से मुकदमा चलाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि इमरजेंसी लागू होने पर संसद को दो दिन में इसकी जानकारी देनी होती है। लेकिन, इसे सरकार पहले ही अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर चुकी है। इस बीच, भारत सरकार ने मालदीव की राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए अपने नागरिकों से कहा है कि अगर बहुत ज्यादा जरूरी न हो, तो वहां नहीं जाएं।

राष्ट्रपति यामीन के कार्यकाल में दूसरी बार इमरजेंसी लगाई गई है। इससे पहले नवंबर 2015 में उन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए इमरजेंसी लगा दी थी। इस बीच, मालदीव के विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति यामीन पर दबाव बनाने के लिए भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार लगाई है। देश में इमरजेंसी लगाने का एलान कानूनी मामलों की मंत्री अजिमा शकूर ने सोमवार को किया।

उन्होंने इस सिलसिले में सरकार का फैसला टेलीविजन पर पढ़ा। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक बंदियों की रिहाई के आदेश पालन नहीं करेगी। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ मामले को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया था और उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। साथ ही 12 सांसदों की सदस्यता बहाल कर दी थी। राष्ट्रपति यामीन की पार्टी छोड़ने के बाद इनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।

इस बीच मालदीव के स्वास्थ्य मंत्री हुसैन रशीद ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश न मानने के सरकार के फैसले के विरोध में सोमवार को इस्तीफा दे दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से इस्तीफा देने वाले वह पहले मंत्री हैं।

उधर, मालदीव के विपक्षी नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से राजनीतिक नेताओं को रिहा करने और लोकतंत्र बहाल करने के लिए राष्ट्रपति यामीन पर दबाव डालने को कहा है। उन्होंने कहा कि हमने भारत, श्रीलंका, अमेरिका, ब्रिटेन समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पत्र लिखकर यह आग्रह किया है।

गौरतलब है कि भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया और संयुक्त राष्ट्र ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था। इस बीच मालदीव के न्यायिक प्रशासन विभाग ने इस खबर का खंडन किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश को लागू कराने के लिए भारत सरकार से सहायता मांगी है।

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अमेरिका की टिप पर विफल हुआ रूस में आतंकी हमला, पुतिन ने जताया आभार

सेंट पीटर्सबर्ग शहर पर आतंकी हमले को नाकाम करने में मिली अमेरिकी मदद पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फोन कर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आभार जताया है। बीते सप्ताह रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में बड़े हमले की आतंकी संगठन आईएस ने साजिश रची थी।

इसकी भनक अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को लग गई। उसने हमले से ठीक पहले इस बारे में रूसी खुफिया एजेंसी को सूचित कर दिया और इसके बाद हमले को निष्फल कर दिया गया।

सीआईए की सूचना पर सक्रिय हुई फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) ने छापेमारी करके आईएस से ताल्लुक रखने वाले सात आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी शहर के भीड़ वाले इलाकों में आत्मघाती हमले की तैयारी कर रहे थे।

एफएसबी ने पूरे आतंकी तंत्र को ध्वस्त कर लिया है और रूसियों को जान-माल के नुकसान से बचा लिया है। पुतिन के आभार जताने के जवाब में ट्रंप ने कहा, अमेरिकी खुफिया एजेंसी तमाम निर्दोष रूसी लोगों की जान बचाने में सहयोग देकर खुशी महसूस कर रही है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह से खुफिया जानकारी साझा करके दुनिया से आतंकवाद को नष्ट किया जा सकता है। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि इस तरह का सहयोग अन्य देशों के लिए भी उदाहरण पेश करेगा जिससे भविष्य में होने वाली वारदातों को रोका जा सकेगा। पुतिन ने सीआईए निदेशक माइक पोंपियो को भी फोन कर उन्हें और उनके संगठन को धन्यवाद दिया।