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इस साल 7 नए स्टार्टअप्स बन चुके हैं यूनिकॉर्न कम्पनी। पिछले साल हुए थे 10 स्टार्टअप्स इस लिस्ट में शामिल।

पिछले 2 माह में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में बेहद सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है जहां 3 नई कम्पनियों की मार्केट वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई और इनको मिलाकर 2019 में अब तक कुल 7 कम्पनियों को यूनिकॉर्न स्टार्टअप का तमगा मिल चुका है। जेरोधा, देल्हिवरी, डेली हंट और पेटीएम मनी के साथ साथ 3 कम्पनियों ने पूरे इकोसिस्टम को हतप्रभ कर दिया है।

Startup ecosystem adto

पिछले साल भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और विश्व में बिज़नेस एस्टेब्लिशमेंट में प्रथम स्थान हासिल कर 10 नए स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न स्टार्टअप में शामिल किया गया था। इससे पहले यह रिकॉर्ड वर्ष 2014 में 4 नए यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स का था।

Indian startup ecosystem adto

अभी तक 2019 में यूनिकॉर्न लिस्ट में शामिल हुए स्टार्टअप्स में कुछ तो बेहद अनापेक्षित रहे जो अन्य स्टार्टअप्स से आगे निकल गए। सिएटल और पुणे स्थित इकेर्टिस 2009 में शुरू हुई ऐसी ही कम्पनी है जो बिज़नेस सॉल्यूशन सॉफ्टवेयर प्रोवाइड कराती है। अमेरिका की ग्रेक्राफ्ट और प्रेमजी इन्वेस्ट कम्पनियों से मिली 115 मिलियन डॉलर की सीरीज E फंडिंग में इसकी वैल्युएशन 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई।

अन्य सरप्राइज यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स में पुणे स्थित 2008 में बनी ध्रुवा एक क्लाउड डेटा प्रोटेक्शन और इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्रदान करती है। ध्रुवा को वाइकिंग ग्लोबल इन्वेस्टर्स से मिली 130 मिलियन डॉलर की फंडिंग के समय इसकी वैल्युएशन 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई और यह यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की लिस्ट में शामिल हो गई।

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मार्च 2019 में रजिस्टर्ड हुई कम्पनी ओला इलेक्ट्रिक को सीड इन्वेस्टमेंट में रतन टाटा, टाइगर ग्लोबल और मैट्रिक्स पार्टनर से 56 मिलियन डॉलर अर्थात 400 करोड़ रुपए मिले थे और कम्पनी अभी रोलआउट स्टेज में है। कम्पनी को हाल ही में सॉफ्टबैंक से मिली 250 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग में कम्पनी का मार्केट मूल्य 1 बिलियन डॉलर लगाई गई।

इन तीनों स्टार्टअप्स के अलावा 30 से ज्यादा सुनिकोर्न्स स्टार्टअप्स भी यूनिकॉर्न की लिस्ट में आने के लिए तैयार है जिनके बारे में हम आपको अपडेट करते रहेंगें।

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पहली छमाही में भारतीय स्टार्टअप्स को मिला निवेश पहुंचा 3.9 बिलियन डॉलर। नई बुलंदियां छू रहा हमारा स्टार्टअप इकोसिस्टम

भारतीय स्टार्टअप बूम आज अपनी सही राह पर चल रहा है। पूरे इकोसिस्टम पर वालमार्ट फ्लिपकार्ट डील का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

Startup growth

कुल 292 डील्स मिलाकर पहली छमाही में भारतीय स्टार्टअप्स को 3.9 बिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ। वहीं 2018 में पहली छमाही में 2.7 बिलियन डॉलर का निवेश भारतीय स्टार्टअप्स को मिला था।

Indian startups funding report

पहले पांच माह में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की डील्स की संख्या पिछले दो सालों की छमाही से काफी ज्यादा रही। 2016 में भारतीय स्टार्टअप्स में कुल निवेश 4.2 बिलियन डॉलर था जो कि 2017 में 4.3 बिलियन डॉलर रहा। 2018 में यह 38.3 बिलियन डॉलर के जादुई आंकड़े पर पहुंची और पहली बार एशियन स्टार्टअप्स को मिलने वाली फंडिंग अमेरिकन स्टार्टअप्स से ज्यादा हो गई।

यह सकारात्मक पहलू भारत सरकार भी जानती है। इसलिए स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के तहत नए नए चैलेंज की घोषणा की जाती है जिसे जीतने वाले को पुरुस्कार और कंपनी को मार्गदर्शन भी मिलता है तथा फंडिंग भी।

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New FDI rules for Ecommerce Marketplace: महत्वपूर्ण जानकारी और इसके प्रभाव। जानें क्यों हुआ अमेज़न को 45 अरब डॉलर का नुकसान!

The FDI changes in ecommerce policy came into effect from February 1.

According to the new guidelines, ecommerce marketplaces will not be allowed to sell products in which they own a stake.

Some of the other major changes include:

  • Ecommerce companies are allowed to do transactions with sellers only on a B2B basis
  • Ecommerce marketplaces will not exercise ownership or control over the inventory
  • Cash back provided by group companies of marketplace entity to buyers shall be fair
  • Etailers are not allowed to mandate any seller to sell any product exclusively on its platform
  • Bar sellers who drive more than 25% of the etailers overall sales from a single marketplace as entities

Following the implementation of the new rules, Amazon & Flipkart together lost $50 Bn in market capitalisation this week.

Amazon & Flipkart together lost $50 Bn in market capitalisation this week.

Amazon’s shares fell by 5.38% to $1,626.23, losing $45.22 Bn, Walmart’s share price fell by 2.06% to $93.86 on the New York Stock Exchange, losing $5.7 Bn in market capitalisation.

Amazon India has also removed all the product listings from its preferred sellers such as Cloudtail and Appario Retail in India to comply with the rulings.

removed all the product listings from its preferred sellers such as Cloudtail and Appario Retail in India to comply with the rulings.

During Amazon’s earnings call, Amazon’s CFO Brian Olsavsky had said that the company was uncertain about the impact that these new rules would have on the ecommerce sector and is currently analysing the situation to comply with the new rules.