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10000 रुपए लगाकर गोटा पट्टी से शुरू किया बिजनेस। अब है सालाना 30 करोड़ का टर्नओवर!

आज का दौर डेडिकेटेड ई कॉमर्स का है जहां फर्स्ट क्राई ने अमिताभ जी के साथ मिलकर सफलता का इतिहास रचा है। इसी कड़ी में अगला नाम है indianbeautifulart.com का जिसको प्राइवेट बैंक कर्मचारी नितिन कपूर और ई बे कर्मचारी अमित गुप्ता ने 2009 में 10000 रुपए द्वारा बिजनेस की शुरुआत की।

Nitin Kapoor
Nitin Kapoor

कंपनी की शुरुआत लेस और गोटापट्टी की बिक्री से हुई जिसको इन्होंने अमेरिका, यू के और अन्य देशों तक अपने ब्रांड के माध्यम से पहुंचाया।

कंपनी को 2010 में 40 लाख रुपए की एंजेल फंडिंग मिली जिससे अन्य आर्ट्स में भी कारोबार करना शुरू किया।

2015 में इन्होंने जस्ट इन टाइम इन्वेंट्री सिस्टम से कार्य प्रारंभ किया। जहां डिमांड बेस्ड प्रोडक्शन के द्वारा अपने कस्टमर्स की जरूरतों को पूरा किया गया।

आज इंडियन ब्यूटीफुल आर्ट गारमेंट्स के साथ साथ होम फर्निशिंग, प्रिंटिंग, ज्वेलरी, हेल्थ एंड ब्यूटी, बेड एंड बाथ, ऑटोमोबाइल एसेसरीज, पेट एसेसरीज … इत्यादि क्षेत्रों में भी बिजनेस करती है जो 1000 उत्पादकों से उत्पाद लेती है। कंपनी हर माह 31000 ऑर्डर पूरे करती है जो कि मुख्यतः यूएस, यूके, जर्मनी, साउथ ईस्ट एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका से आते हैं। कंपनी का रिकॉर्ड सालाना टर्नओवर 30 करोड़ का रहा।

इसी तरह आप भी प्रेरणा लेकर अपने बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाकर AdTO Startup Destination की सर्विसेज द्वारा नई बुलंदियों पर पहुंच सकते हैं।

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सरकार ने चीनी पर खत्म की एक्सपोर्ट ड्यूटी, इंडस्ट्री को मिली राहत

सरकार ने डॉमेस्टिक मार्केट में चीनी की गिरती कीमतों को थामने के लिए उस पर 20 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी हटा दी है। सरकार के इस फैसले से शुगर इंडस्ट्री को खासी राहत मिली है, जो इस समय मुश्किल दौर से गुजर रही है। इस संबंध में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार ने कहा कि ड्यूटी खत्म होने से सरकार को मौजूदा एक्सपोर्ट वॉल्यूम पर सालाना 75 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।

 

इंडस्ट्री ने की थी डिमांड
इंडस्ट्री ने डॉमेस्टिक सप्लाई को थामने और इस सीजन रिकॉर्ड आउटपुट को देखते हुए कीमतों को सही लेवल पर बनाए रखने में मदद करने के लिए ड्यूटी हटाने की मांग की थी। चीनी पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को हटाने की मांग को लेकर खाद्य मंत्रालय ने दो बार अपनी सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजी थी। चीनी मिलों के ऑर्गनाइजेशन ने भी  सरकार से एक्सपोर्ट ड्यूटी हटाने का अनुरोध किया था।
केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कुछ दिन पहले कहा था कि रिकॉर्ड प्रोडक्शन को देखते हुए उन्होंने फरवरी में चीनी का निर्यात शुल्क घटाने की अपनी सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजी है।

 

इस साल चीनी के रिकॉर्ड प्रोडक्शन की उम्मीद
चीनी मिलों के संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के मुताबिक देश में इस साल चीनी का उत्पादन 2.95 करोड़ टन होने की उम्मीद है, जो गत साल से 92 लाख टन ज्यादा है। चीनी के तीन प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में क्रमश: 93.8 लाख टन, 84.3 लाख टन और 35.1 लाख टन चीनी का प्रोडक्शन हुआ है। पिछले शुगर सीजन 2016-17 (अक्टूबर-सितंबर) में देश में 2.03 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

 

किसानों का बकाया हुआ 20 हजार करोड़ रु
इस्मा ने कहा कि चीनी का स्टॉक बढ़ने से घरेलू बाजार में इसकी कीमत घटकर काफी कम हो गई है जिससे मिलों का घाटा लगातार बढ़ रहा है। इस्मा के मुताबिक, जनवरी तक गन्ने की बकाया राशि बढ़कर 14,000 करोड़ रुपए थी जो इस महीने के अंत तक बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है।