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New FDI rules for Ecommerce Marketplace: महत्वपूर्ण जानकारी और इसके प्रभाव। जानें क्यों हुआ अमेज़न को 45 अरब डॉलर का नुकसान!

The FDI changes in ecommerce policy came into effect from February 1.

According to the new guidelines, ecommerce marketplaces will not be allowed to sell products in which they own a stake.

Some of the other major changes include:

  • Ecommerce companies are allowed to do transactions with sellers only on a B2B basis
  • Ecommerce marketplaces will not exercise ownership or control over the inventory
  • Cash back provided by group companies of marketplace entity to buyers shall be fair
  • Etailers are not allowed to mandate any seller to sell any product exclusively on its platform
  • Bar sellers who drive more than 25% of the etailers overall sales from a single marketplace as entities

Following the implementation of the new rules, Amazon & Flipkart together lost $50 Bn in market capitalisation this week.

Amazon & Flipkart together lost $50 Bn in market capitalisation this week.

Amazon’s shares fell by 5.38% to $1,626.23, losing $45.22 Bn, Walmart’s share price fell by 2.06% to $93.86 on the New York Stock Exchange, losing $5.7 Bn in market capitalisation.

Amazon India has also removed all the product listings from its preferred sellers such as Cloudtail and Appario Retail in India to comply with the rulings.

removed all the product listings from its preferred sellers such as Cloudtail and Appario Retail in India to comply with the rulings.

During Amazon’s earnings call, Amazon’s CFO Brian Olsavsky had said that the company was uncertain about the impact that these new rules would have on the ecommerce sector and is currently analysing the situation to comply with the new rules.

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अच्छी खबर करिश्माई खेती की: डेढ़ लाख लगाकर इस किसान ने 70 दिन में कमाए 21 लाख रुपये

गुजरात के बनासकांठा जिले में एक सातवीं पास किसान सुर्खियों में छाया हुआ है. दरअसल, उसने फसल उगाने की ऐसी तरकीब अपनाई कि महज 70 दिन में 21 लाख रुपये का मुनाफा कमा लिया.

इस किसान का नाम है खेताजी सोलंकी. उसने अपने सात बीघा के खेत में आलू की जगह खरबूजे की फसल बोने का फैसला किया, लेकिन इसमें उन्होंने आधुनिक तकनीकों की मदद ली.

खेताजी सोलंकी ने बेहतर बीज, टपक सिंचाई और सोलर वॉटर पंप का इस्तेमाल किया. उनके खेत में 140 टन खरबूजा पैदा हुए. उन्होंने 1.21 लाख रुपये खर्च किए थे. पैदावार इतनी अच्छी थी कि उन्हें उसे बेचने के लिए कहीं जाना भी नहीं पड़ा बल्कि दूसरे राज्यों से व्यापारी उनके पास आकर खरबूजा खरीदकर ले गए. उन्हें इसके काफी अच्छे पैसे मिले. फरवरी में लगाई फसल अप्रैल में तैयार हो गई और 70 दिन में उन्होंने 21 लाख रुपये कमा लिए.

 

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Kawasaki की दमदार बाइक भारत में लॉन्च, कीमत 15.3 लाख

जापान की मोटरसाइकल निर्माता कंपनी Kawasaki ने भारत में अपनी नई Z900RS रेट्रो नेकिड बाइक को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस बाइक की कीमत 15.3 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी है. इस बाइक को Z900 की तुलना में इंजन और टेक्नोलॉजी के लिहाज से अपग्रेड किया गया है.

Z900RS में लिक्विड-कूल्ड, फोर सिलिंडर, इन लाइन 948cc डिस्प्लेमेंट इंजन दिया गया है जो 8500 rpm पर 111hp का मैक्जिमम पावर और 6500 rpm पर 98.5Nm का पिक टॉर्क पैदा करेगा. ट्रांसमिशन के लिए इंजन को 6 स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है.

इसके फ्रंट में 41mm इंवर्टेड फोर्क्स और रियर में गैस चार्ज्ड मोनो-शॉक दिया गया है. सेफ्टी के लिहाज से Z900RS बाइक के लिए फ्रंट व्हील में 300mm डिस्क डिस्क और (एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) ABS के साथ रियर में 250mm डिस्क दिया गया है.

डिजाइन की बात करें तो इस मोटरसाइकल 17 लीटर टियरड्रॉप शेप वाले फ्यूल टैंक के साथ राउंड LED लैम्प दिया गया है. इसके अलावा रैडियल माउंडेट ब्रेक कैलिपर्स और स्लिप असिस्ट कल्च भी दिए गए हैं. Z900RS में Z1 से मिलता जुलता फ्लैट सीट भी दिया गया है.

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मुरैना: खेत में बैठ कर शराब पी रहा था युवक, नशे में सांप को काटा, सांप की मौत

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद हैरतअंगेज खबर सामने आई है. सबलगढ़ तहसील के पचेर गाँव में शराब के नशे में धुत एक युवक ने एक सांप को दबोच लिया और उसे काट लिया, जिससे सांप की मौत हो गई. हाल ही में एक ऐसा मामला यूपी से भी सामने आया था.

शराबी युवक भी बाद में बेहोश होकर गिर पड़ा. जिला अस्पताल में भर्ती युवक को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है.

जिला अस्पताल के चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ राघवेंद्र यादव ने बताया कि युवक कल्याण जालिम सिंह कुशवाह अपने खेत पर शराब पी रहा था. तभी वहां एक जहरीला सांप निकला. सांप को देखते ही वह बौखला गया और उसने झपट्टा मार सांप को दबोच लिया और उसे काट लिया. सांप ने कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया.

डॉ यादव ने बताया कि सांप का जहर जैविक प्रोटीन होता है. बॉडी में इंजेक्ट होने और खून में मिलने के बाद ही इसका असर होता है. युवक को ज़हर का असर नहीं हुआ. वह अधिक शराब पीने और घबराहट की वजह से बेहोश हो गया था. होश में आने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया.

यूपी के हरदोई में भी हुआ था ऐसा मामला

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में किसान सोनेलाल (40) अपने जानवरों के लिए खेत से चारा लेने गए थे. चारा बीनते समय झाड़ियों में छुपे सांप ने सोनेलाल को काट लिया. सांप के काटने के बाद सोनेलाल ने बिना डरे उसे पकड़ लिया और सांप के फन को दांत से काटकर खा गया, और गांव लेकर आ गया.

गांव के लोगों ने उसे समझाया मगर उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ. जब गुस्सा शांत हुआ तो उसने सांप को फेंक दिया. किसान के इस काम को देखकर लोग हैरत में पड़ गए. परिजनों ने सीएचसी में उसे भर्ती कराया जहां उसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी. अब उसकी हालत ठीक है लेकिन चिकित्सक भी इस घटना को लेकर हैरान है.

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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आज ही के दिन वनडे में दोहरा शतक जड़ सचिन तेंदुलकर ने रच दिया था इतिहास

भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शनिवार को टी-20 सीरीज का फाइनला मुकाबला खेलना है। 24 फरवरी को होने वाले इस मैच को जीतने के लिए दोनों टीमों के कप्तान पूरा जोर लगाएंगे। अगर इतिहास की बात करें तो 24 परवरी भारतीय टीम के लिए लकी साबित रहा है। 8 साल पहले आज ही के दिन भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में दोहरा शतक जड़ एक नया रिकॉर्ड अपने नाम किया था। साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत दौरे पर तीन वनडे मैच खेलने आई थी। सीरीज का पहले मैच बेहद रोमांचक रहा और भारतीय टीम वो मैच एक रन से जीतने में कामयाब रही। वहीं दूसरे मैच में सचिन तेंदुलकर की नाबाद 200 रनों की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 153 रनों से हरा दिया। ग्‍वालियर में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की तरफ से वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ओपनिंग करने आए। सहवाग के 9 रन पर आउट होने के बाद सचिन ने दिनेश कार्तिक के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 150 से ऊपर रनों की साझेदारी की। इस दौरान सचिन बेहतरीन लय में नजर आ रहे थे और हर तरफ शॉट्स खेलने में कामयाब हो रहे थे।

cricket world records, Sachin Tendulkar, Chris Gayle, Virender Sehwag, Rohit Sharma, double hundred, highest individual score in ODIs, highest individual score in T20s, Highest team total in T20s, Fastest T20 Hundred, Chris Gayle 175, Chris Gayle fastest century, Jansatta Sports gallary, jansatta sports news gallary2010 में ग्वालियर कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में डबल सेंचुरी बनाई थी।

इस मैच में सचिन ने 147 गेंदों में नाबाद 200 रन बनाए और वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले क्रिकेटर बने। सचिन ने अपनी पारी के दौरान 25 चौके और 3 छक्के भी लगाए। सचिन की यह पारी आज भी फैंस के जहन में तरोताजा है। इस मैच में सचिन के अलावा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी 35 गेंदों में 68 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, इस दौरान उन्होंने 7 चौके और 4 छक्के लगाए।

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रूस ने उत्‍तर कोरिया के मुद्दे पर बातचीत के लिए अमेरिका को भेजा बुलावा

उत्‍तर कोरिया के मुद्दे को सुलझाने के लिए रूस अब अमेरिका से सीधे बातचीत करना चाहता है। रूस के उप-विदेश मंत्री इगोर मोर्गुलोव ने शनिवार को उत्तर कोरिया के मुद्दे पर संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के बीच प्रत्यक्ष वार्ता करने का प्रस्‍ताव रखा है।

टीएएसएस समाचार एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका की चेतावनी को लगातार अनदेखा करते हुए परमाणु और मिसाइल परीक्षण करने वाले उत्तर कोरिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। उत्‍तर कोरिया के खिलाफ ट्रंप प्रशासन ने कई प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिका द्वारा लगाए गए इन प्रतिबंधों की घोषणा के बाद रूस के उप-विदेश मंत्री ने ये टिप्‍पणी की है।

खबर के मुताबिक इगोर मोर्गुलोव ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि कोरियाई प्रायद्वीप पर वर्तमान स्थिति का को बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। इसलिए हम मुद्दे पर सक्रिय रूस-अमेरिकी वार्ता की मांग करते हैं।’ उन्‍होंने बताया कि मॉस्को ने उत्तर कोरिया नीति के यूएस विशेष प्रतिनिधि जोसेफ यून को वार्ता के लिए निमंत्रण भेजा है। वार्ता की तारीख के लिए अभी चर्चा चल रही है। रूसी राजनयिक ने भी वाशिंगटन और प्योंगयांग के बीच वार्ता की बात फिर से दोहराई।

गौरतलब है कि अमेरिका ने शुक्रवार को उत्तर कोरिया की शिपिंग इंडस्ट्री और ट्रेडिंग कंपनियों पर कई प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, ताकि किम जोंग-उन अपने घातक हथियारों के निर्माण पर विराम लगाए। बताया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से उत्तर कोरिया के खिलाफ उठाया गया यह अब का सबसे बड़ा कदम है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने जिन 28 जलपोत और नौपरिवहन से जुड़ी जिन 27 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है, वे उत्तर कोरिया, चीन और सिंगापुर में पंजीकृत हैं। लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है कि ट्रंप प्रशासन की इस कार्रवाई से अमेरिका और उत्‍तर कोरिया के बीच तनाव बढ़ सकता है।

दरअसल, उत्‍तर कोरिया लगातार अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है जिससे पूरे विश्‍व पर खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका उत्‍तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग-उन का रोकने की हर संभव कोशिश कर रहा है। लेकिन उत्‍तर कोरिया लगातार अमेरिका को परमाणु हमले की धमकी दे रहा है। शायद रूस और अमेरिका के बीच होने वाली वार्ता में उत्‍तर कोरिया के मुद्दे का कोई हल निकले।

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परमाणु क्षमता से लैस ‘धनुष’ मिसाइल का सफल परीक्षण, सेना को मिलेगी जबरदस्त ताकत

भारत ने गुरूवार को परमाणु क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइल ‘धनुष’ का सफल परीक्षण किया है। ओडिशा तट के पास नौसेना के एक पोत से इस मिसाइल को प्रक्षेपित किया गया। इससे पहले इसी महीने भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेशी ‘अग्नि-1’ बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जो अग्नि-1 का 18वां संस्करण था। इस मिसाइल की क्षमता 350 किलोमीटर है।

सूत्रों के अनुसार धनुष मिसाइल बिल्कुल सटीक तरीके से अपना निशाना भेदने में सफल है यह धरती और समुद्र दोनों जगहों से 500 किलो तक की वजनी क्षमता के साथ मार करने में सक्षम है। यह मिसाइल हल्के मुखास्त्रों के साथ 500 किलोमीटर तक मार कर सकती है।

इस मिसाइल की मारक क्षमता की निगरानी डीआरडीओ द्वारा की गई। आपको बता दें कि यह मिसाइल समुद्र और जमीन दोनों जगहों से अपने लक्ष्य को भेद सकती है और इसे पहले ही सशस्त्र बलों में शामिल किया जा चुका है। धनुष मिसाइल का पिछला परीक्षण 9 अप्रैल, 2015 को किया गया था।

अगर भारत की स्वदेशी मिसाइलों की बात करें तो उसके पास नाग मिसाइल है जिसका सफल परीक्षण 1990 में किया गया। इसी तरह भारत ने 1990 में आकाश मिसाइल का परीक्षण किया। जमीन से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल की तुलना अमेरिका के पेटियॉट मिसाइल से की जाती है। इसके अलावा भारत के पास ब्रह्मोस और अग्नि मिसाइल भी हैं।

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‘थप्‍पड़कांड’ की गूंज, एलजी से मिले केजरीवाल, बोले- बैठक में भाग नहीं ले रहे अधिकारी

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई मारपीट के मामले में लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल से मिलने सीएम अरविंद केजरीवाल राजनिवास पहुंचे। यहां दोनों की बैठक लगभग 10 मिनट तक चली। बैठक के बाद सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर बैठक के दौरान हुई बातों का ब्योरा दिया।

बैठक में हिस्सा नहीं ले रहे हैं अधिकारी 

सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि अधिकारी पिछले 3 दिनों से बैठकों में भाग नहीं ले रहे हैं। दिल्ली में शासन के काम में बाधा आ रही है। एलजी ने आश्वासन दिया है कि अधिकारियों को सामान्य रूप से काम शुरू करने के लिए वे सभी कदम उठाएंगे। मंत्रिपरिषद ने सभी सहयोग का आश्वासन दिया है। हम सभी को दिल्ली की भलाई के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

21 सीसीटीवी कैमरे सीज 

इससे पहले अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन की गवाही के बाद मुख्य सचिव से मारपीट के मामले में दिल्‍ली पुलिस मुख्‍यमंत्री के आवास पर पहुंची। दिल्‍ली पुलिस ने मुख्‍यमंत्री आवास में लगे 21 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को सीज कर दिया है। पुलिस सीसीटीवी के जरिए उन सबूतों को जुटा रही है कि आखिर इस मारपीट में और कौन-कौन विधायक शामिल थे। इसके अलावा मारपीट के समय मौजूद अरविंद केजरीवाल की भूमिका पर भी उसकी पैनी नजर है।

मारपीट वाले कमरे तक पहुंची पुलिस

मुख्‍यमंत्री आवास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ-साथ उस कमरे का भी निरीक्षण किया  जहां पर यह घटना घटित हुई थी। वीके जैन के बयान के बाद सीसीटीवी की फुटेज इस मामले की जांच के लिए सबसे अहम सबूत होंगे। दिल्‍ली पुलिस को शक है कि मुख्‍यमंत्री आवास से मीडिया में जो सीसीटीवी फुटेज लीक की गई है, उसमें टाइम के साथ कुछ छेड़छाड़ की गई है।

मुश्किल में दिल्‍ली सरकार 

वीके जैन के अहम बयान के बाद दिल्‍ली सरकार की मुश्किलें बढ़ गई है। मुख्य सचिव से मारपीट के समय मुख्यमंत्री आवास में मौजूद अन्य विधायकों और कर्मचारियों की भी गिरफ्तारी होना तय है। दिल्‍ली पुलिस घटना वाली रात मुख्यमंत्री आवास में मौजूद अन्य विधायकों व ‘आप’ नेताओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।

अरविंद केजरीवाल का फंसना तय

इस मामले में मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन ने सात लोगों के नाम लिए हैं। जैन ने कोर्ट में साफ कहा कि मुख्य सचिव के साथ ‘आप’ विधायकों ने मारपीट की शुरुआत की थी, लेकिन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने बचाने की कोई कोशिश नहीं की। दिल्‍ली पुलिस ने शुरू से ही मुख्‍यमंत्री के सलाहकार वीके जैन को ही पूछताछ के केंद्र में रखा। दिल्ली पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं यह घटना मुख्‍यमंत्री के इशारे पर तो नहीं की गई।

मुख्‍यमंत्री ने हस्‍तक्षेप क्‍यों नहीं किया

इस बड़े सवाल का जवाब पुलिस भी खोज रही है कि अगर यह घटना पूर्व नियोजित नहीं थी तो रात में मुख्‍यमंत्री आवास पर मुख्‍य सचिव को बुलाने के क्‍या निहितार्थ हैं। आखिर केजरीवाल के आवास पर इतनी देर रात आप विधायक के रुकने के क्‍या औचित्‍य था। इस मामले में मुख्‍यमंत्री ने हस्‍तक्षेप क्‍यों नहीं किया।

मुख्य सचिव की FIR में क्‍या है

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान और एक अन्य विधायक ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने उनके सरकारी आवास में उनसे मारपीट की थी। एफआईआर के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन ने मुख्य सचिव को सोमवार की रात पौने नौ बजे फोन पर कहा कि सरकार के तीन साल पूरा होने पर कुछ टीवी विज्ञापनों के प्रसारण में हो रही देरी पर बातचीत होगी। इसके लिए रात 12 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचना है। वहां सीएम व उप मुख्यमंत्री उनसे विचार-विमर्श करेंगे। जैन ने रात नौ बजे और फिर घंटे भर बाद भी फोन किया।

LG ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट

उधर, दिल्ली के मुख्य सचिव से मारपीट मामले पर एक रिपोर्ट उपराज्यपाल अनिल बैजल ने गृह मंत्रालय को सौंप दी है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल से एक रिपोर्ट मिली है। इस पर विचार चल रहा है। दिल्ली पुलिस इस मामले के आपराधिक पहलू को देख रही है, जबकि गृह मंत्रालय इस रिपोर्ट के प्रशासनिक मुद्दों को देख रहा है।

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इतने चतुर-चालाक हैं सलमान खान, गिफ्ट के पीछे की चाल भी पकड़ लेते हैं

सलमान खान, इस समय बॉलीवुड के सबसे कमाऊ स्टार हैं। उनकी कमाई सिर्फ फिल्मों और एड एंडोर्समेंट से ही नहीं होती बल्कि अपने एन जी ओ बीइंग ह्युमन के लिए बनाए गए ब्रांड्स से भी वो ख़ूब कमाते हैं और इस कारण दूसरे ब्रांड से बचने के लिए चौकन्ने भी रहते हैं।

ऐसा ही कुछ किया मुंबई में सलमान खान ने एक कार्यक्रम में। सलमान ने अपनी एक महिला प्रसंशक की जमकर खिंचाई की। दरअसल यह महिला एक मेंस वेयर की डिजायनर थी और वह सलमान खान से उनके डिजाइन किये हुए कपड़ें पहनने का अनुरोध कर रही थीं। सलमान खान उस महिला की चाल यह समझ गए कि अगर उन्होंने महिला के कपड़े पहने तो उनका प्रचार हो जायेगा। इस बात के चलते सलमान खान ने उसे पहनने से मना कर दिया। सलमान खान से जब एक फैन ने पूछा कि क्या वह उन्हें उनकी बनाई हुई ब्लेजर गिफ्ट के तौर पर पहनेंगे, इस पर सलमान खान ने कहा “देखिये यह एक ग्रेट आइडिया है। यह चतुराई है। कैमरा, सोशल सोशल मीडिया और आप लोगों की मौजूदगी में वह एक ब्लेजर लेकर आई हैं और चाहती है मैं पहनूं। यह बहुत ही कमाल की बात है। पर यह सब हमेशा काम नहीं करता। अगर मैंने उनकी कंपनी का जैकेट पहना तो मेरी कौन सी कंपनी का नुक्सान होगा। बिंग ह्यूमन का। तो अब यह कॉन्फ्लिक्ट ऑफ़ इंट्रेस्ट है। नहीं हो पहनूंगा।“ सलमान खान इस ईद के मौके पर ‘रेस 3’ लेकर आयेंगे। वो इन दिन दस का दम की शुरूआती शूटिंग कर रहे हैं और उसके बाद अली अब्बास ज़फर की फिल्म भारत का काम शुरू करेंगे। उन्हें दबंग 3 और किक 2 में भी काम करना है।

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क्या उत्तर और दक्षिण कोरिया की दुश्मनी ख़त्म हो गई है?

साल 2017 के जाते-जाते कोरियाई प्रायद्वीप में एक बड़ा बदलाव हुआ. परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी जिद पर अड़े उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कुछ नरमी दिखाते हुए अपने पड़ोसी देश से संबंध सुधारने के संकेत दिए.

फिर उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया की मेज़बानी में हो रहे शीतकालीन ओलंपिक में अपनी टीम भेजने के फ़ैसला किया और एक क़दम और आगे बढ़ते हुए एलान किया कि उद्घाटन समारोह के दौरान दोनों देशों की टीमें एक ही झंडे के तले मार्च करेंगी.

किम जोंग उन ने ओलंपिक उद्घाटन के लिए अपनी बहन को प्योंगचांग भेजा और लौटने के बाद उनकी बहन ने जो रिपोर्ट सौंपी वो किम जोंग उन को पसंद भी आई.

उद्घाटन समारोह में जब उत्तर और दक्षिण कोरिया की टीमें एक झंडे तले मार्च कर रही थीं तो दुनिया के लिए ये बड़ा संदेश था, इसलिए भी कि जिस झंडे के नीचे ये टीमें थी उसमें सफेद पृष्ठभूमि पर एकीकृत कोरिया को दिखाया गया था.

अपने बीते कल और साझा इतिहास को याद कर उत्तर कोरिया के शीर्ष अधिकारियों की आंखें भी भर आईं और जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन और किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग एक साथ बैठे तो दूरियां कम दिखीं.

कोरियाई प्रायद्वीप में शांति बनाए रखने के इच्छुक हैं दोनों देश

किम जोंग की बहन किम यो जोंग वहां संयुक्त महिला आइस हॉकी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद थीं तो उत्तर कोरिया की चीयरलीडर्स दुनियाभर से वहाँ पहुँचे दर्शकों का उत्साहवर्धन कर रही थीं.

लेकिन शीतकालीन ओलंपिक से रिश्तों में आई ये गर्माहट लंबे समय तक कायम रहेगी?

नई दोस्ती नहीं आ रही रास

यही लाख टके का सवाल है जिसका जवाब शायद दुनिया का हर शख़्स पाना चाहेगा.

उत्तर और दक्षिण कोरिया के खेल के बहाने ही सही एक-दूसरे के करीब आने की ख़बर दुनिया के हर कोने में चर्चा का विषय बनी.

लेकिन उत्तर और दक्षिण कोरिया की ये नई दोस्ती दक्षिण कोरिया में हर किसी को रास नहीं आ रही है.

किम यो जोंग
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ऐसे कई लोगों का मानना है कि मून सरकार ने अमरीका से अपना मुंह मोड़ लिया और उत्तर कोरिया की तरफ़ दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया है.

परंपरावादी इस कदर हतोत्साहित हैं कि उत्तर कोरिया का दक्षिणपंथी मीडिया अपने संपादकीयों में नियमित तौर पर हर चर्चा में उत्तर कोरिया के ज़िक्र पर आपत्ति जताता है.

एक चिंता ये भी है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने का वादा करने के बदले दक्षिण कोरिया और अमरीका के संयुक्त सैन्य अभ्यास को रोकने की मांग कर सकता है.

हक़ीक़त ये है कि उम्मीदें हर तरफ़ से हैं, साथ ही हर कोई ये भी चाहता है कि हालात और बुरे न हों. ये सही है कि एक खेल महोत्सव ने दोनों देशों को करीब लाने का मंच दिया, लेकिन इससे राजनीतिक गतिरोध एकदम दूर हो जाएगा, इसे लेकर संदेह है.

अविश्वास

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दशकों से चली आ रही बातचीत बेनतीजा रही है और बहुत अधिक उदासी या अविश्वास का मतलब प्रायद्वीप में तनाव, घबराहट और असहजता और वो भी स्थाई तौर पर.

65 साल पहले हुए कोरियाई युद्ध के बाद इन दोनों देशों के बीच रिश्ते अमूमन एक जैसे और स्थाई रहे हैं.

उत्तर कोरिया निश्चित तौर पर दुनिया का सबसे ख़तरनाक देश है और इसकी वजह है इसका परमाणु कार्यक्रम. किम जोंग उन के जखीरे में परमाणु हथियारों के होने से इसका ख़तरा दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है.

तो क्या उत्तर कोरिया के व्यवहार या नीति में बदलाव रातों-रात आ गया और वो दक्षिण कोरिया के साथ दोस्ती करने के लिए बेताब है?

उत्तर कोरिया पहले भी बातचीत की मेज़ पर बैठ चुका है और कई दौर की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकल सका था. उत्तर कोरियाई बेहद चालाक होते हैं और मोलतोल में भी माहिर होते हैं.

वो हर इंच के लिए लड़ते हैं और हर बुरी बात का देर तक शोक मनाते हैं.

उत्तर कोरिया के साथ मोलभाव इतना आसान नहीं है, हां इतना तय है कि जो उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले बात तक करने को तैयार नहीं था, वो कुछ कदम तो बढ़ा ही है.

उत्तर कोरिया में वामपंथी विचारधारा के लोगों को उम्मीद है कि उनकी सरकार भी इस मौके को बेकार नहीं जाने देगी.

लेकिन राष्ट्रपति मून इस राह पर कितना बढ़ पाएंगे, ये कहना अभी जल्दबाज़ी होगी. राष्ट्रपति मून 41 फ़ीसदी वोटों के साथ सत्ता में आए हैं और शायद खुद के दम पर बहुत दूर न चल पाएं.

महिला आइस हॉकी टीमइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

अमरीका की भूमिका

दूसरी तरफ़, उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच पनप रही ‘नई दोस्ती’ से ट्रंप प्रशासन असहज महसूस कर रहा है.

किम जोंग उन ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति को उत्तर कोरिया आने का निमंत्रण दिया है और हो सकता है कि आने वाले समय में राष्ट्रपति मून प्योंगयांग जाएं.

हालाँकि ये आमंत्रण औपचारिक तौर पर नहीं दिया गया है और मून ने कहा है कि वो चाहते हैं कि उत्तर कोरिया, अमरीका के साथ बातचीत के लिए तैयार हो.

अभी ये सिर्फ़ माहौल है और एक छोटी सी मुलाक़ात को रिश्तों में सुधार के रूप में पेश नहीं किया जा सकता, वो भी तब जब ये भी पता न हो कि उनके बीच किस मुद्दे पर चर्चा हुई.

दक्षिण कोरिया में चर्चा ये है कि राष्ट्रपति मून बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन परंपरावादियों को डर है इसे कहीं तुष्टीकरण के रूप में न देखा जाए.

दक्षिण और उत्तर कोरिया के नेताइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

दक्षिण कोरिया के इतिहासकार जॉन डेल्यूरी कहते हैं, “लोगों को लग रहा है कि मून जे इन को ठीक से श्रेय नहीं मिल रहा है. लोगों को लग रहा है उत्तर कोरिया मन बदल रहा है. अमरीका को समझना होगा कि दक्षिण कोरिया के हाथ बंधे हैं. समझना ज़रूरी है कि उत्तर कोरिया को दक्षिण कोरिया से डर नहीं लगता, बल्कि दक्षिण कोरिया को लगता है, क्योंकि परमाणु हथियार उसके पास नहीं हैं.”

उत्तर कोरिया के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत के दौर पूर्व में कामयाब नहीं रहे, लेकिन इस बार शायद उत्तर कोरिया अपने रुख़ में कुछ नरमी बरते- बिल्कुल ओलंपिक की भावना की तरह- आगे आए, बातचीत शुरू करे और उसे लेकर दुनियाभर में जो अविश्वास का माहौल बना है, उसे दूर करे.

लेकिन, ये भी तय है कि किम जोंग उन दक्षिण कोरिया और अमरीका को दूर-दूर करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि उत्तर कोरिया को ये पता है कि राष्ट्रपति ट्रंप को दक्षिण कोरिया में नापसंद करने वालों की कमी नहीं है.

इसलिए, शीतकालीन ओलंपिक के बाद उम्मीद तो बंधी है, लेकिन सच ये है कि इस पहल से बहुत ज़्यादा उम्मीदें न रखी जाएं.