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Box Office Report: आलिया की राज़ी ने चार दिन में इतना पैसा कमाया

राज़ी ने बॉक्स ऑफ़िस पर चौथे दिन भी कमाल का प्रदर्शन किया है। हरिंदर सिक्का ने उस दौरान हुई एक सच्ची घटना को किताब के पन्नों में कैद किया था। सहमत का वो किरदार आलिया भट्ट ने निभाया और फिल्म में विक्की कौशल, रजित कपूर, सोनी राजदान, अमृता खानविलकर, शिशिर शर्मा और जयदीप अहलावत ने काम किया है। करीब दो घंटे 18 मिनट की इस फिल्म को प्रचार के खर्च के साथ 30 करोड़ रूपये में बनाया गया और देश में 1200 व वर्ल्ड वाइड 450 स्क्रीन्स में रिलीज़ किया गया।

पाकिस्तानी हरकतों की जासूसी कर भारत को ख़ुफ़िया जानकारी देने की बहादुरी करने वाली सहमत का रोल निभा कर आलिया भट्ट इन दिनों देश-दुनिया में अपने नाम की तालियां बजवा रही हैं और यही कारण हैं कि उनकी फिल्म राज़ी ने सोमवार को भी कलेक्शन का कमाल दिखाया है। मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी फिल्म राज़ी ने घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर रिलीज़ के चौथे दिन छह करोड़ 30 लाख रूपये का कलेक्शन किया है। राज़ी ने सात करोड़ 53 लाख से ओपनिंग ली थी यानि हफ़्ते के पहले सामान्य दिन पर सिर्फ साढ़े 16 प्रतिशत की गिरावट आई है जो बेहतरीन मानी जा रही है। सबसे बड़ी बात कि फिल्म को देश के सभी इलाकों में सराहा गया है और तगड़ी माउथ पब्लिसिटी भी मिल रही है। राज़ी को चार दिनों में अब 39 करोड़ 24 लाख रूपये का कलेक्शन हासिल हो चुका है।

राज़ी के पास अब ये पूरा हफ़्ता है, शुक्रवार के पहले तक जब वो अपना कलेक्शन और बेहतर साबित कर सकती है। शुक्रवार को हॉलीवुड की फिल्म डेडपूल रिलीज़ हो रही है और माना जा रहा है कि एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर की तरह इस फिल्म को भी जबरदस्त सफलता मिल सकती है। राज़ी का 75 करोड़ लाइफ़ टाइम कलेक्शन होने का अनुमान लगाया गया है। फिल्म राज़ी पहले ही इस साल की पांचवी सबसे अधिक वीकेंड कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। राज़ी, साल 2008 में आई हरिंदर सिक्का की किताब ‘कॉलिंग सहमत’ की कहानी पर आधारित है। राज़ी कहानी है साल 1971 की जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर था। तभी आये एक ‘सीक्रेट कोड’ ने भारतीय सेना के हौसलों को बुलंद कर दिया था। कश्मीर की कॉलेज जाने वाली एक लड़की सहमत ने ऐसा कर दिखाया था। पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करने निकली वो लड़की अपनी देशभक्ति के लिए जासूस बन जाती है। पाकिस्तान के आर्मी जनरल के लड़के से शादी कर लेती है और उसका मिशन होता है कि वो हर रोज़ भारतीय ख़ुफ़िया तंत्र को पाकिस्तान गतिविधियों की जानकारी पहुंचाये।

 

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मूडीज और क्रिसिल की तारीफ से बुलंद हुए एनएचएआइ के इरादे

अंतरराष्ट्रीय एजेंसी मूडीज की ओर से रेटिंग में बढ़ोतरी और घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की तारीफ से उत्साहित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने राजमार्ग निर्माण के लक्ष्यों में भारी बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। एनएचएआइ ने वर्ष 2017-18 के लिए 6500 किलोमीटर राजमार्गो के अनुबंध देने का लक्ष्य तय किया था।

लेकिन नई स्थितियों में इस लक्ष्य को बढ़ाकर 10,500 किलोमीटर किए जाने की संभावना है। 4500 किलोमीटर सड़कों के टेंडर दिए जा चुके हैं। जबकि बाकी 6000 किलोमीटर के टेंडर दिसंबर तक दिए जाने की उम्मीद है। मार्च, 2018 तक इनमें और बढ़ोतरी हो सकती है।

दरअसल, रेटिंग एजेंसियों के सकारात्मक रुख का फायदा एनएचएआइ को अंतरराष्ट्रीय बाजार से सस्ती दरों पर ज्यादा कर्ज उठाने के रूप में मिलेगा जिससे वह पहले के मुकाबले ज्यादा परियोजनाओं के अनुबंध देने के साथ-साथ राजमार्ग निर्माण के नए आंकड़े छूने की स्थिति में होगा।

इससे पहले 2015-16 में एनएचएआइ ने 3533 किलोमीटर राजमार्गो के अनुबंध दिए थे। जबकि 2016-17 में लक्षित अनुबंधों का आंकड़ा 5600 किलोमीटर का था। हालांकि अनुबंधों के मुकाबले एनएचएआइ की सड़क निर्माण की रफ्तार काफी कम रही है।

इसके बावजूद अटकी परियोजनाओं की अड़चनें दूर किए जाने तथा हाइब्रिड एन्युटी जैसे आकर्षक नए मॉडल प्रस्तुत किए जाने के परिणामस्वरूप सड़क निर्माण की गति में आश्चर्यजनक इजाफा हुआ है।

गौरतलब है कि मूडीज ने भारत की रेटिंग के साथ ही देश में राजमार्गो का निर्माण करने वाली सरकारी संस्था एनएचएआइ की रेटिंग भी बीएए3 से बढ़ाकर बीएए2 कर दी है। इसी तरह भारतीय रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने भी अपनी रिपोर्ट में यह कहते हुए एनएचएआइ की तारीफ की है कि उसके अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप राजमार्ग निर्माण की रफ्तार बढ़कर 23 किलोमीटर रोजाना हो गई है और वह दिन दूर नहीं, जब देश में रोजाना 40 किलोमीटर राजमार्गो का निर्माण होने लगेगा। इस हौसला आफजाई से एनएचएआइ के इरादों को पर लग गए हैं।

मूडीज ने एनटीपीसी व एनएचपीसी के साथ ही एनएचएआइ की रेटिंग बढ़ाते हुए कहा है, ‘इससे देश में इन प्रतिष्ठानों की रणनीतिक महत्ता के अलावा सरकार के साथ इनके परिचालन एवं वित्तीय संबंधों का पता चलता है।’ इससे पहले मूडीज ने बीते नौ अक्टूबर को ही एनएचएआइ को बीएए3 रेटिंग प्रदान की थी। इस तरह उसने एक महीने के भीतर ही रेटिंग को बढ़ाकर बीएए2 करके सबको चौंका दिया है।

क्रिसिल रिपोर्ट में भी एनएचएआइ द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों की यह कहते हुए तारीफ की गई है कि 2015 में केवल 12 किलोमीटर राजमार्गो का निर्माण हो रहा था। परंतु 2017 में 23 किलोमीटर राजमार्ग बनने लगे हैं। आने वाले दिनों में एनएचएआइ द्वारा दिए जाने वाले नए अनुबंधों के परिणामस्वरूप ‘भारतमाला’ प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन को गति मिलने की आशा है। डेट तथा इक्विटी लगाने वाले निवेशक अब भारतीय सड़क क्षेत्र में ज्यादा रुचि लेने लगे हैं।