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पुतिन के प्रेजेंटेशन में फ़्लोरिडा परमाणु हमले के निशाने पर क्यों?

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने गुरुवार को परमाणु हथियारों के नए ज़खीरे को दुनिया के सामने लाते हुए एक प्रेज़ेंटेशन दिखाया. इस दौरान एक वीडियो ग्राफ़िक्स में अमरीका के फ़्लोरिडा पर मिसाइलों की बारिश होती दिखाई गई.

लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि रूस परमाणु युद्ध की स्थिति में सनशाइन स्टेट फ़्लोरिडा को लक्ष्य क्यों बनाना चाहेगा?

फ़्लोरिडा में वॉल्ट डिज़नी वर्ल्ड और एवरग्लेड्स नेशनल पार्क जैसे पर्यटक स्थल हैं. इसके साथ ही यहां राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट जैसे हाई प्रोफाइल टारगेट भी हैं.

रूस में 18 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव होने हैंइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
Image captionरूस में 18 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं

ऐसा क्या है फ़्लोरिडा में?

अमरीकी रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि पेंटागन को पुतिन की इन बातों से आश्चर्य नहीं हुआ.

रूसी ख़तरे को महत्वहीन करार देते हुए पेंटागन प्रवक्ता डैना व्हाइट ने कहा, “अमरीकी लोग आश्वस्त रहें, हम पूरी तरह तैयार हैं.”

पुतिन के इस वीडियो एनिमेशन में कई परमाणु हथियारों को फ़्लोरिडा की ओर जाते दिखाया गया है.

राष्ट्रपति ट्रंप के फ़्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो रिसॉर्ट में कई परमाणु बंकर हैं, जहां राष्ट्रपति बनने के बाद वो कई वीकेंड गुज़ार चुके हैं.

परमाणु हथियारइमेज कॉपीरइटREUTERS

1927 में निर्मित मार-ए-लागो में इन बंकरों में से तीन कोरियाई युद्ध के दौरान स्थापित किए गए थे.

कुछ मील की दूरी पर वेस्ट पाम बीच में ट्रंप के गोल्फ़ कोर्स में (अमरीकी मैगज़ीन स्कवायर के अनुसार दूसरे होल के नीचे) एक और बम शेल्टर है.

दूसरा बंकर राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी के लिए बनाया गया था जो मार-ए-लागो से बहुत दूर नहीं है.

पीनट आइलैंड पर स्थित इस बंकर से महज 10 मिनट की दूरी पर पाम बीच हाउस है, जहां केनेडी अकसर ठहरा करते थे.

पुतिन का प्रज़ेंटेशनइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

जानकार क्या मानते हैं?

विशेषज्ञ कहते हैं कि ये बंकर चाहे जितने भी शानदार तरीके से बनाए गए हों, सीधे हमले की स्थिति में कोई भी बंकर सुरक्षित नहीं बच सकेगा.

एक और लक्ष्य अमरीकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) हो सकता है, जिसका मुख्यालय टैंपा के मैक्डिल एयरबेस में है.

सेंटकॉम पर मध्य-पूर्व, मध्य एशिया और उत्तर अफ्रीका के कुछ हिस्सों में ऑपरेशन के ज़िम्मेदारी है.

लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि परमाणु युद्ध की स्थिति में मुख्य लक्ष्य फ़्लोरिडा नहीं होगा.

मैथ्यू क्रोएनिग अपनी किताब द लॉजिक ऑफ़ अमरीकन न्यूक्लियर स्ट्रैटजी में लिखते हैं कि रूस की प्राथमिकता अमरीका के मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता को कमज़ोर करने की होगी.

वो लिखते हैं, “बहुत संभव है कि मॉस्को मोंटाने के मालस्टॉर्म एयरफ़ोर्स बेस, नॉर्थ डकोटा में मिनोट एयरफोर्स बेस, ओमाहा, नेब्रास्का और ऑफ़ट जैसे एयर फोर्स बेस को लक्ष्य बनाना चाहेगा.”

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सिर्फ़ एक संदेश

क्रोएगिन लिखते हैं, “रूस सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दो अमरीकी पन्डुब्बियों के ठिकानों, वॉशिंगटन के बांगोर और जॉर्जिया के किंग्स बे के साथ ही देश भर में फैले 70 अन्य अमरीकी सैन्य अड्डों को मिटाना चाहेगा.”

वो आगे लिखते हैं, “और साथ ही वो यहां की औद्योगिक क्षमता को नष्ट करने और बड़े पैमाने पर नुक़सान पहुंचाने के लिए सबसे अधिक आबादी वाले अमरीकी शहरों पर दो-दो मिसाइलें दागेगा.”

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटजिक स्टडीज के मार्क फिट्ज़पैट्रिक ने बीबीसी से कहा, “फ़्लोरिडा पर हमले के वीडियो से युद्ध नीति का कोई संबंध नहीं है. यह एक संदेश है, जिसके संकेत मात्र के रूप में यह वीडियो है.”

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अमेरिका: पूर्व छात्र ने गुस्से में स्कूल में की अंधाधुंध गोलीबारी, 17 की मौत; 14 घायल

अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित हाईस्कूल में एक पूर्व छात्र ने अचानक फायरिंग कर दी। इस हमले में 17 लोगों के मारे जाने की खबर है और 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। भारतीय समयानुसार घटना  देर रात हुई। स्थानीय पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के कर्मी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

यह घटना पार्कलैंड के मार्जरी स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल में हुई। यह शहर मियामी से 80 किलोमीटर उत्तर की ओर है। गोलीबारी के दौरान छात्र बुरी तरह डर गए थे और चीखने लगे थे। उन्होंने अपने दोस्तो और परिवार के लोगों को बचाने के लिए संदेश भेजे।

आरोपी छात्र की पहचान 19 साल के निकोल्स क्रूज के रुप में की गई है। क्रूज इसी स्कूल में पढ़ता था। कुछ दिन पहले ही उसकी गलत आदतों और गलत व्यवहार के कारण उसे स्कूल से निकाल दिया गया था जिसके बाद से वह गुस्सा में था। आरोपी छात्र के पास स्कूल से संबंधित सभी जानकारी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पहले स्कूल का फायर अलार्म बजाया। फायर अलार्म बजते ही स्कूल में अफरा तफरी मच गई जिसके बाद आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी छात्र ने इस वारदात में AR-15 असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया।

ब्रोवर्ड काउंटी स्कूल के सुपरिटेंडेंट रॉबर्ट रुन्सी ने कहा कि घटनास्थल पर स्थिति भयावह है। उन्होंने कहा कि स्कूल के पास संभावित हमलावर की कोई जानकारी नहीं थी। बंदूकधारी हमलावर ने चुपचाप पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया। हमले में घायल 14 लोगों को इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अमेरीकी टीवी चैनलों के अनुसार स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के परिवार के लोग बड़ी संख्या में पुलिस परिसर के बाहर जमा हो गए हैं और अपने बच्चों की सुरक्षा में जुटे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्वीट कर अपनी संवेदनाएं जतायीं। उन्होंने कहा, ‘मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं फ्लोरिडा में हुई गोलीबारी में पीड़ितों के साथ हैं।’