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पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने पत्नी सुनंदा पुष्कर हत्याकांड पर दी सफाई। जाने पूरा मामला!

थरूर ने अपनी सफाई में एक पत्र जारी किया है। इसमें उन्‍होंने कहा, ‘मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं, वो ऊटपटांग और आधारहीन हैं। मेरे खिलाफ द्वेषपूर्ण और बदला लेने के उद्देश्‍य से अभियान चलाया जा रहा है।’ दरअसल, सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में आरोपी बनाए गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान शशि थरूर को 7 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है। यहां पर बता दें कि दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में सुनंदा पुष्कर के पति शशि थरूर को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोपी माना है।

वहीं, सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर भी सुनवाई हुई। स्वामी ने कहा कि अपराध हुआ था, उस समय सबूत मिटाए गए थे। एक साल बाद एफआईआर दर्ज की गई, दिल्ली पुलिस ने सही तरीके से जांच नहीं की। इस पर कोर्ट ने कहा कि स्वामी की याचिका पर हम अलग से गौर करेंगे। इस पर पुलिस को अगली सुनवाई में जवाब देना है।

यहां पर बता दें कि पिछले महीने 14 मई को बहुचर्चित सुनंदा पुष्कर मौत मामले में सवा चार साल बाद विशेष जांच दल (एसआइटी) ने पटियाला हाउस कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इस चार्जशीट में सुनंदा के पति व पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की भूमिका को संदिग्ध माना था। तकरीबन 4 साल बाद दिल्ली पुलिस ने सुनंदा पुष्कर मामले में कोर्ट में 3000 पेज की चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में आईपीसी की धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने और वैवाहिक जीवन में प्रताड़ित करने के की बात कही गई है।

प्रताड़ना से तंग आकर सुनंदा ने की थी खुदकशी

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा की 17 जनवरी 2014 को चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा होटल लीला पैलेस के सुइट नंबर 345 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

मौत को पहले आत्महत्या बताया गया था, लेकिन एक साल बाद विसरा रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की जांच के लिए एसआइटी बनाई गई। लेकिन, सवा चार साल बाद भी न तो केस सुलझ सका और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई।

एम्स के मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के शव का पोस्टमार्टम किया था। 29 सितंबर 2014 को मेडिकल बोर्ड ने दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि सुनंदा की मौत जहर से हुई है। बोर्ड ने कहा था कि कई ऐसे रसायन हैं जो पेट में जाने या खून में मिलने के बाद जहर बन जाते हैं। लिहाजा, बाद में उनके वास्तविक रूप के बारे में पता लगाना बहुत मुश्किल होता है।

इस रिपोर्ट के बाद 1 जनवरी, 2015 को सरोजनी नगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इसके बाद सुनंदा के विसरा को जांच के लिए फोरेंसिक ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ), अमेरिका की लैब में भेज दिया गया था। लेकिन, वहां की लैब में भी जहर के बारे में पता नहीं लग सका। उस वक्त दवाओं के ओवरडोज को मौत की वजह बताया गया था।

केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्‍‌नी सुनंदा पुष्कर का शव दिल्ली के होटल लीला से बरामद किया गया था। सुनंदा का शव कमरे के बिस्तर पर मिला था। सुनंदा और शशि थरूर की शादी 2010 में ही हुई थी। यह सुनंदा की तीसरी और शशि थरूर की दूसरी शादी थी।

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रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट हैक, होम पेज पर दिखाई दे रहा चीनी अक्षर

शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट को किसी ने हैक कर लिया है। वेबसाइट के होम पेज पर चीनी अक्षर दिखाई दे रहा है। वेबसाइट को खोलने करने पर मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (अंग्रेजी में) और हिंदी में रक्षा मंत्रालय लिखा दिख रहा है। इस घटना के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया, उचित कदम उठाए जा रहे हैं। वेबसाइट को जल्द ही चालू किया जाएगा। आने वाले समय में हर संभावित कदम उठाए जाएंगे ताकि इस तरह की चीजों को होने से रोका जाए।

अधिकारियों ने बताया कि वेबसाइट पर चीनी अक्षर नजर आये जो इस बात का संकेत है कि चीनी हैकर उसमें शामिल हो सकते हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ” मामले पर हमारी पैनी नजर है। राष्ट्रीय सूचना केंद्र उसे बहाल करने का प्रयास कर रहा है।यह  केंद्र वेबसाइट का रखरखाव करता है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चीनी हैकर इस वेबसाइट को बिगाड़ने में शामिल हो सकते हैं।
 

Nirmala Sitharaman(Twitter)

@nsitharaman

 Action is initiated after the hacking of MoD website ( http://mod.nic.in  ). The website shall be restored shortly. Needless to say, every possible step required to prevent any such eventuality in the future will be taken. @DefenceMinIndia @PIB_India @PIBHindi

बता दें कि खबर लिखे जाने तक साइट नहीं खुल रही है। भारतीय रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट https://mod.gov.in है। शुक्रवार शाम करीब 4.30 बजे रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट हैक होने की खबर सामने आई। चीनी कैरक्टर दिखने से तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो सका है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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नया बैंकिंग घोटाला 1394 करोड़ का एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का, CBI ने दर्ज किया केस

बैंक से जुड़े धोखाधड़ी और अरबों रुपए के घोटाले खत्म होने का नाम नहीं ले रहे. एक के बाद एक बैंक से जुड़े घोटाले सामने आ रहे हैं. एक नए घोटाले में सीबीआई ने टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ 1,395 करोड़ के घोटाले के लिए केस दर्ज किया है.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की ओर से गुरुग्राम स्थित टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (हैदराबाद) के खिलाफ मिली शिकायत के बाद इस कंपनी और इसके प्रोमोटर्स तथा निदेशक टोटेमपुड़ी सालालिथ और टोटेमपुड़ी कविता पर केस दर्ज कर लिया है. कंपनी पर आरोप है कि उसने 8 बैंकों के साथ धोखाधड़ी करते हुए 1,395 करोड़ रुपए का घोटाला किया.

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की इंडस्ट्रियल फाइनेंस शाखा ने सीबीआई को भेजे अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि इस कंपनी ने बैंक के साथ 303.84 करोड़ की धोखाधड़ी की.

केस के अनुसार, कंसोर्टियम के जरिए यूबीआई की अगुवाई में 8 बैंकों से कर्ज लिया गया. इस तरह सभी बैंकों की कंसोर्टियम राशि 1394.43 करोड़ हो गई. टोटेम इंफ्रा रोड प्रोजेक्ट, वॉटर वर्क्स और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के कारोबार से संबंधित है. टोटेम इंफ्रा ने देश की जानीमानी कंपनियां जैसे एलएंडटी, आरआईटीईएस और इरकॉन इंटरनैशनल के लिए सबकॉन्ट्रैक्ट पर भी काम किया है.

एक सीबीआई अधिकारी ने कहा, ‘ऋण यूबीआई समेत 8 बैंकों से लिया गया. कंपनी पर सभी बैंकों का कुल 1,394.43 करोड़ रुपए बकाया है. ऋण और ब्याज भुगतान डिफॉल्ट होने के बाद इस खाते को 30 जून 2012 को गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) की श्रेणी में डाल दिया गया था.’ यह कंपनी सड़क निर्माण, जल कार्य और इमारत निर्माण से जुड़ी हुई है.

कर्ज देने वाले बैंक का दावा है कि कंपनी ने उससे कर्ज लेने के बाद फंड डायवर्ट किया है. वहीं अपना घाटा दिखाने के लिए कंपनी ने अपने खर्च और सैलरी के मद को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया है. बैंक के मुताबिक कर्ज में डिफॉल्ट करने के बाद से कंपनी के प्रमोटर्स फरार हैं और बैंक के पास उनके नए ठिकाने की कोई जानकारी नहीं मौजूद है.

इससे पहले, बुधवार को भी सीबीआई ने चेन्नई की ज्वैलर कंपनी कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 14 बैंकों से कुल 824.15 करोड़ रुपए ऋण धोखाधड़ी में मामला दर्ज किया था. इस राशि को भी एनपीए में डाल दिया गया है.

कंपनी के प्रमोटर और डायरेक्टर से पूछताछ की जा रही है. कंपनी द्वारा कर्ज की अदायगी न करने पर इनको दिए लोन को एनपीए में डाल दिया गया था.

पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद देश में वित्तीय फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आ चुके हैं. राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के अलावा कई जगहों पर विभिन्न कंपनियों द्वारा बैंकों को चूना लगाने का मामला सामने आ चुका है और जांच एजेंसियों पड़ताल में जुटी हैं.

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Facebook डेटा लीक : JDU के सवाल पर केसी त्यागी की सफाई, कंपनी से कोई लेना-देना नहीं

कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा कई देशों में चुनाव के दौरान फेसबुक के जरिए डाटा चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. आरोप है कि इस कंपनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के लिए माहौल बनाने के लिए फेसबुक के 5 करोड़ लोगों के डाटा चुराए थे. अब इस मामले की लपटें भारत में भी पहुंच चुकी हैं और देश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है.

भारत से जुड़े हैं तार
कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी से एक भारतीय कंपनी एससीएल इंडिया जुड़ी हुई है. इस कंपनी के मालिक जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी हैं. इस तरह जनता दल (यू) समेत कई राजनीति दलों के इस मामले में शामिल होने के आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. बताया जा रहा है कि भारत होने वाले चुनावों में भी इस कंपनी की मदद से लोगों के डाटा का इस्तेमाल किया जा रहा है.

केसी त्यागी ने दी सफाई
जेडीयू ने इस मामले में केसी त्यागी से सफाई मांगी है. केसी त्यागी ने उनके बेटे की कंपनी और कैंब्रिज एनालिटिका के बीच केवल कारोबारी रिश्ते हैं. दोनों कंपनियों के बीच किसी तरह का आर्थिक व्यवहार नहीं है. और पूरा मामला एक खुली किताब की तरह है. उन्होंने कहा कि 2010 में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में कंपनी कंपनी ने किसी तरह का कोई सहयोग नहीं दिया था.

There was only a work relation between my son Amrish’s company and #CambridgeAnalytics , there is no financial transaction or shareholding, everything is open to probe. JDU also has no links with this,neither did they promote us in 2010 polls: KC Tyagi,JDU

JDU has no relation with #CambridgeAnalytics , neither has its CEO ever met Nitish ji nor me. In any case JDU is a Socialist outfit and we stay away from such things, except for maybe Prashant Kishore ji helping us during last assembly polls: KC Tyagi,JDU

Twitter पर छबि देखें

केसी त्यागी ने साफ कहा कि कंपनी से उनके बेटे का कारोबारी संबंध तो है, लेकिन जेडीयू का पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यहां तक कहा कि कैंब्रिज कंपनी के सीईओ या अन्य अधिकारी ने उनसे या नीतीश कुमार से कभी कोई मुलाकात भी नहीं की है.

आरोप-प्रत्यारोप
डाटा चोरी मामले में बीजेपी और कांग्रेस एकदूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है. उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी इस मामले को बीच में लाकर मोसुल में हुए 39 भारतीयों की हत्या के मामले को दबाने की कोशिश कर रही है.

RJD ने भी किया पलवटवार
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस मामले में बीजेपी को घसीटते हुए कहा कि चूंकि भाजपा की लोकप्रियता फेसबुक पर कम हो रही है, वे फेसबुक के मालिक को चुनौती दे रहे हैं कि उन्हें बुलाया जा सकता है. सरकार को हमें यह बताना चाहिए कि अगर उनके पास शक्तियां हैं तो वे नीरव मोदी, ललित मोदी और विजय माल्या को क्यों नहीं बुला सकती?

तेजस्वी ने कहा कि इस कंपनी के ग्राहकों की सूची में बीजेपी का नाम शामिल है और कंपनी को जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी के बेटे द्वारा चलाया जा रहा है. और केसी त्यागी कह रहे हैं कि उन्हें कुछ नहीं पता, यह भला कैसे संभव हैं?

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राजस्थान की ‘बंजर धरती’ उगलेगी सोना, अब तक करीब साढ़े ग्यारह करोड़ टन सोने के भंडार का पता चला

राजस्थान में एक सोने के भंडार का पता चला है, जिसके बाद चारों तरफ इसकी चर्चा हो रही है. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के अनुसार, राजस्थान के बांसवाडा, उदयपुर जिले में 11.48 करोड़ टन के सोने के भंडार का पता लगाया जा चुका है.

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक एन कुटुम्बा राव ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राजस्थान में सोने की खोज में नई संभावनाएं सामने आई हैं, उदयपुर और बांसवाडा जिले के भूकिया डगोचा में सेाने के भंडार मिले हैं.

उन्होंने बताया कि राजस्थान में 35.65 करोड़ टन के सीसा जस्ता के संसाधन राजपुरा दरीबा खनिज पट्टी में मिले हैं.  इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के सलामपुरा एवं इसके आस-पास के इलाके में भी सीसा जस्ता के भंडार मिले हैं.

राव के अनुसार राजस्थान में वर्ष 2010 से अब तक 8.11 करोड़ टन ताम्बे के भंडार का पता लगाया जा चुका है. जिसमें तांबे का औसत स्तर 0.38 प्रतिशत है. उन्होंने बताया कि राजस्थान के सिरोही जिले के देवा का बेड़ा, सालियों का बेड़ा और बाड़मेर जिले के सिवाना इलाकों में अन्य खनिज की खोज की जा रही है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उर्वरक खनिज पोटाश व ग्लुकोनाइट की खोज के लिए नागौर, गंगापुर (करोली) सवाई माधोपुर में उत्खनन का काम चल रहा है, इन जिलों में पोटाश एवं ग्लुकोनाइट के भंडार मिलने से भारत की उर्वरक खनिज की आयात पर निर्भरता कम होगी.

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चारा घोटाला: चाइबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू को पांच साल की सजा, 10 लाख रुपये जुर्माना

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद को सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये का गबन करने के मामले में पांच साल सजा सुनाई है. इसके साथ ही लालू यादव पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. लालू यादव के अलावा बिहार के ही पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को भी कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है.

इन्हें भी कोर्ट ने सुनाई सजा

इसके अलावा कोर्ट ने ध्रुव भगत को तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा दी. अदालत ने विद्यासागर निषाद को तीन साल और जगदीश शर्मा को पांच साल कैद की सजा सुनायी. अदालत ने तीन पूर्व आईएएस फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद, सजल चक्रवर्ती को चार-चार साल की कैद और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. जुर्माना नहीं देने पर उन्हें तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. अदालत ने छह लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया.

अदालत ने सभी राजनीतिक कैदियों और अधिकारियों को तीन से पांच साल की कैद, महिला आरोपियों को तीन साल की कैद और चारा आपूर्तिकर्ताओं को तीन से पांच साल कैद की सजा सुनायी. कोर्ट ने तीन साल की सजा पाने वाले आरोपियों को जमानत के लिए जमानत पत्र भरने के निर्देश दिये. इससे पूर्व देवघर कोषागार मामले में सीबीआई अदालत ने जगन्नाथ मिश्र को बरी कर दिया था.

तेजस्वी यादव ने दिया ये बयान

इस बीच बिहार के पूर्व उपमुख्यमत्री तेजस्वी यादव और आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद यादव ने कहा कि लालू यादव को फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

फिलहाल बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं लालू यादव

ये मामला चारा घोटाले के तीसरे केस चाईबासा कोषागार मामले से जुड़ा है. इससे पहले छह जनवरी को रांची में ही सीबीआई के विषेष न्यायाधीष षिवपाल सिंह की अदालत ने लालू यादव को देवघर कोषागार से जुड़े चारा घोटाले के एक मामले में साढ़े तीन वर्ष के सश्रम कारावास और दस लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी थी. इस मामले में अब तक जमानत न मिल पाने से लालू यादव बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं.

इससे पहले चाईबासा कोषागार से ही गबन के एक दूसरे मामले में लालू यादव को साल 2013 में पांच साल कैद की सजा सुनायी जा चुकी है. जिस मामले में वह सुप्रीम कोर्ट से जमानत पाकर रिहा हो चुके हैं.

डोरंडा कोषागार से फर्जी निकासी का मामला

इसके अलावा लालू यादव के खिलाफ रांची में डोरंडा कोषागार से 184 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी से जुड़ा और दुमका कोषागार से तीन करोड़ 97 लाख रुपये निकासी का मामला चल रहा है जिनकी सुनवाई अंतिम दौर में है. वहीं दुमका कोषागार से जुड़े मामले में भी गवाहियां लगभग पूरी हो गयी हैं और इस मामले में भी फरवरी में फैसले आने की उम्मीद की जा रही है.

केवल डोरंडा कोषागार से फर्जीवाड़ा कर 184 करोड़ रुपये गबन करने के मामले में चूंकि सौ से अधिक लोगों की गवाही होनी है लिहाजा वहां अभी भी गवाहियां जारी हैं. इसमें कुछ समय लग सकता है. दुमका कोषागार का मामला भी सीबीआई के विषेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में ही चल रहा है जिसने छह जनवरी को लालू यादव और 15 अन्य अभियुक्तों को देवघर मामले में सजा सुनायी थी.

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खोजी गई दुनिया की सबसे लंबी सुरंग, अब सामने आएंगे प्राचीन दुनिया के कई राज!

दुनिया अपने अंदर तमाम रहस्य समेटे हुए है। हमने कई लंबी सुरंगों के बारे में पढ़ा है जिनमें कई प्राकृतिक तो कई मानव निर्मित हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई सुरंग सैकड़ों किलोमीटर लंबी हो सकती है? गोताखोरों के एक समूह ने पूर्वी मेक्सिको में दुनिया की सबसे लंबी जलमग्न सुरंग खोज निकाली है जिसकी लंबाई 347 किलोमीटर है। इस खोज के बाद मेक्सिको के आसपास के क्षेत्रों में विकसित हुई प्राचीन माया सभ्यता के बारे में और जानकारी प्राप्त हो सकती है।

दक्षिण-पूर्वी मेक्सिको में स्थित युकाटन प्रायद्वीप में पानी के नीचे स्थित सुरंग ढूंढने के लिए ग्रैन एक्युफेरो माया (GAM) अभियान चलाया जा रहा था। इस सुरंग को सैक एकटन नाम दिया गया है। शुरुआत में इस सुरंग की लंबाई 263 किलोमीटर मापी गई थी। तुलुम स्थित जलमग्न सुरंगों की श्रृंखला डॉस ओजोस से जोड़ने पर इसकी लंबाई करीब 347 किमी हो गई। यह सुरंग लगभग 12 हजार साल पुरानी है। सबसे बड़ी बात तो यह कि इस सुरंग में  कब्र भी मिली हैं, जिनमें मानव अस्थियां संग्रहित हैं।

GAM के निदेशक गुलेरमो डी एंडा ने कहा, ‘यह बड़ी खोज है। स्पेन के कब्जे में आने से पहले माया सभ्यता कैसी थी, इस बारे में यह सुरंग कई राज खोल सकती है। इसके अतिरिक्त उस काल में बसाई गई बस्तियों और तीर्थस्थलों की जानकारी भी मिल सकती है।’ ऐसा माना जा रहा है कि उस काल में बसाई गई बस्तियों और तीर्थस्थल यहां हुआ करते होंगे। कुछ पुरातत्ववादियों का मानना है कि माया सभ्यता का प्राचीन मंदिर सुरंग से जुड़ा हुआ था। मालूम हो कि माया सभ्यता के सबसे अधिक अवशेष युकाटन प्रायद्वीप में ही पाए गए हैं।

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‘पद्मावती’ विवाद: नाहरगढ़ क़िले की दीवार पर लटके मिले शव से सदमे में बॉलीवुड

पद्मावती को लेकर चल रहा विवाद अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, क्योंकि कथित तौर पर अब ये जानलेवा हो गया है। राजस्थान के जयपुर के पास स्थित नाहरगढ़ क़िले की दीवार पर एक लाश लटकी हुई मिली है, जिसे पद्मावती विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

शव के पास एक पत्थर पर एक जगह लिखा मिला, पद्मावती का विरोध जबकि दूसरी जगह लिखा था हम पुतले नहीं जलाते, लटकाते हैं। पुलिस मामले की जांच सुसाइड और मर्डर के एंगल से कर रही है। इस ख़बर से बॉलीवुड भी सकते में है। आलिया भट्ट ने ट्विटर पर ख़बर को लेकर शोक जताते हुए कहा है कि ऐसा ही होता है, जब हिंसक धमकियों पर बिना किसी सज़ा के खुले तौर पर छोड़ दिया जाता है। क्या हो रहा है। आलिया भट्ट के अलावा जावेद अख्तर ने भी इस पर व्यंग्यात्मक तरीके से कहा है कि मुझे अब भी पूरी उम्मीद है कि किसी के सिर पर पांच करोड़ का ईनाम और किसी की नाक पर दस करोड़ का ईनाम घोषित करना, अब भी एंटी नेशनल एक्टिविटी घोषित नहीं की जाएगी।

वहीं बता दें कि कोलकाता की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने एक कार्यक्रम में खुले तौर पर पद्मावती और संजय लीला भंसाली को समर्थन किया है और कहा है कि अगर भंसाली अपनी फ़िल्म पश्चिम बंगाल में रिलीज़ करना चाहेंगे तो हम उन्हें पूरी सिक्योरिटी देंगे। भले ही बाकी राज्यों के मुख्यमंत्री इस फ़िल्म को बैन करें, लेकिन हम इसका वेलकम करेंगे।

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हनीप्रीत के नाम करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, बरामद संदिग्ध बैग से मिले दस्तावेज

राम रहीम के जेल जाने के बाद हुई हिंसा के बाद इस केस की जांच कर रही हरियाणा पुलिस को गुरुसर मोडिया से बरामद एक भूरे रंगे के बड़े सूटकेस से कागजों का जखीरा बरामद हुआ है. इनमें पिछले कुछ महीनों पहले के लेनदेन की जानकारी भी है, जो करोड़ों में है. इस बैग से दर्जनों जमीन और मकानों की रजिस्ट्रियां भी मिली हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ज्यादार संपत्तियां हनीप्रीत के नाम से खरीदी गई हैं. इनमें मुंबई, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब सहित कई राज्यों में स्थित संपत्ति की जानकारी है. अनुमानत: बैग से 100 से अधिक संपत्तियों की जानकारी मिली हैं, जिनकी कीमत कई सौ करोड़ रुपये है. पुलिस फिलहाल इनका आकलन करने में जुटी है.

पुलिस को इस बैग से दर्जनों डेबिट कार्ड भी बरामद हुए हैं, जो अलग-अलग बैंकों के हैं. इनमें से कुछ डेबिट कार्ड हनीप्रीत के खातों के हैं. हनीप्रीत राम रहीम के बाद डेरा में नंबर दो की हैसियत रखती थी. डेरा का वित्तीय प्रबंधन उसी के पास था. बताया जा रहा है कि डेरा का ज्यादातर लेन-देन उसी के जरिए किया जाता था.

बताते चलें कि पुलिस को 8 सितंबर को डेरा से जब्त किए गए सामान के बोरे में से दो लैपटॉप मिले हैं. इनको जांच के लिए हरियाणा की फोरेंसिक प्रयोगशाला मधुबन भेजा दिया गया है. डेरा से बरामद इन दोनों लैपटॉप की ज्यादातर फाइलें डिलीट कर दी गई हैं. आईटी एक्सपर्ट की टीम इन फाइलों को रिकवर करने की कोशिश में जुटी है.

सूत्रों के मुताबिक, रिकवरी की प्रारंभिक प्रक्रिया के दौरान जो फाइल मिली हैं, उनमें ज्यादातर राम रहीम की कंपनियों से संबंधित हैं. अभी तक कुल 7 कंपनियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं. इनमें से एक कंपनी रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी हुई है. इस कंपनी का मुख्यालय दिल्ली में दिखाया गया है. डेरा का काफी पैसा रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी कंपनियों में लगा था.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक ऐसी ही कंपनी पंजाब के जीरकपुर में भी स्थित है. इस कंपनी के मालिक पर आरोप है कि उसने 25 अगस्त के दिन राम रहीम को अपनी गाड़ियों का काफिला मुहैया कराया था. हनीप्रीत ने जिस लैपटॉप में पंचकूला हिंसा से जुड़े हुए गाइड मैप और लोगों की सूची स्टोर की थी, वह अभी भी बरामद नहीं हुआ है.