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ISIS चीफ बगदादी ने राहुल गांधी को शुक्रिया कहा। चाहता है राहुल से सहयोग। जानिए पूरा मामला!

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जर्मनी के हैम्बर्ग में अपने भाषण के दौरान इराक में बेरोजगारी को खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के गठन की वजह बतलाया। उन्होंने इराक का उदाहरण देते हुए भारत सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ‘भारत सरकार की मौजूदा नीति में विकास की प्रक्रिया से आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों को बाहर रखा जा रहा है, जिसके खतरनाक परिणाम होंगे।’ हैम्बर्ग में 23 देशों के प्रतिनिधियों के सामने कई विषयों पर अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने आगे कहा कि ’21वीं सदी में लोगों को बाहर रखना काफी खतरनाक है। अगर आप 21वीं सदी में लोगों को कोई विजन नहीं देते तो कोई और देगा और विकास प्रक्रिया से बड़ी संख्या में लोगों को बाहर रखना असली खतरा है।’

बुधवार को अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने यहां जीएसटी, नोटबंदी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की थी। लेकिन अब सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के बयान को लेकर मजाक उड़ाया जा रहा है। कई तरह के फनी मीम्स भी इसे लेकर शेयर किये जा रहे हैं। एक यूजर ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ‘आईएस चीफ अबु बकर अल बगदादी ने राहुल गांधी को धन्यवाद देते हुए उनसे कहा है कि वो सभी आईएसआईएस सदस्यों को अमेठी में रोजगार उपलब्ध कराएं।’

बहरहाल आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष के इस भाषण के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में जिस प्रकार से आतंकवाद को सही ठहराने का प्रयास किया और आईएसआईएस के बारे में जो जस्टिफिकेशन दिया है उससे भयावह और चिंताजनक कुछ नहीं हो सकता है।

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बेहद रोमांचक रहा लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव। देखें राहुल के सवालों पर प्रधानमंत्री मोदी के जवाब!

आइए देखते हैं एक विश्लेषण जो दर्शाता है राहुल जी ले हर तीर को जो उन्होंने भाजपा पर छोड़े तथा मोदी जी के जवाब जिन्होंने संसद में हंगामा मचा दिया,

(सौजन्य: Zee News)

हालांकि परिणाम वही हुआ जो सबको मालूम था, भाजपा समर्थकों की संख्या घटने की जगह बढ़ गयी और शिव सेना के समर्थन के साथ ही एन डी ए सरकार को 325 सांसदों का साथ मिला।

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ब्रिटिश जज ने आपरेशन ब्लू स्टार में ब्रिटिश भूमिका की जाँच के लिए फाइल सार्वजनिक करने को कहा

न्यायाधीश मुरी शांक्स की अध्यक्षता में मार्च में लंदन में फ‌र्स्ट टीयर ट्रिब्यूनल (सूचना का अधिकार) में तीन दिनों तक सुनवाई चली थी। उन्होंने एक दिन पहले सोमवार को कहा कि अवधि से संबंधित अधिकांश फाइलें सार्वजनिक की जानी चाहिए।

न्यायाधीश ने ब्रिटिश सरकार की इस दलील को ठुकरा दिया कि डाउनिंग स्ट्रीट कागजात को अवर्गीकृत करने से भारत के साथ कूटनीतिक रिश्ता क्षतिग्रस्त हो जाएगा।

न्यायाधीश ने हालांकि ब्रिटेन की संयुक्त खुफिया समिति से ‘इंडिया पोलिटिकल’ के रूप में चिह्नित फाइल पर दलील स्वीकार नहीं की। इस फाइल में ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों एमआइ5, एमआइ6 और जीसीएचक्यू (गवर्नमेंट कम्युनिकेशन हेडक्वार्टर) से संबंधित सूचनाएं हो सकती हैं।

न्यायाधीश ने कहा कि इसलिए कैबिनेट कार्यालय तकनीकी रूप से उस व्यवस्था पर कायम रह सकता है जिसके तहत ऐसी सामग्री को सूचना की आजादी अपील से छूट मिली हुई है।

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सोशल मीडिया पर छाए कांग्रेस नेताओं के ‘छोले-भटूरे’, लोगों ने ली जमकर चुटकी

देशभर में दलितों पर कथित अत्याचारों के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर अनशन कर रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस नेताओं के एक तस्वीर ने पार्टी के अनशन की पोल खोल कर रख दी। भाजपा नेता हरीश खुराना द्वारा जारी तस्वीर में अजय माकन, हारुन युसुफ, अरविंदर सिंह लवली अनशन से ठीक पहले छोले-भटूरे का आनंद लेते दिखाई दिए। देखते ही देखते यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिसके बाद कांग्रेस की खूब किरकिरी हुई। यूजर्स राहुल गांधी के जमकर मजे ले रहे हैं। ट्विटर पर भी #RahulOnAFarce काफी ट्रेंड कर रहा है। लोगों ने कुछ इस तरह ली कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी की चुटकी

Pradeep Mahaur@Pradeep_Mahaur

Rahul is not only hipocrite but a plaster saint febricated by
A new drama of fasting for few hours is exposed where he himself is reaching late for the event.

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Geeta@GeetaYahoo

RaGa~~ Mummy,Karti bhaiya wanted to order from Swiggy in jail
What should I order from them after I break my fast??
Sonia~~So much food after a 3 hour “Fast” ??.Baap re!!

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Modi Bharosa@ModiBharosa

After Proper Lunch

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Hanumaan Bhakt@pss1987

I would love to know which leader says he will embark on a fast and does not reach the venue till 12:45!
True to his style, @RahulGandhi Ji obviously woke up late.

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Know The Nation@knowthenation

When Batman found out about @RahulGandhi‘s ‘fast’..

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Know The Nation@knowthenation

And the cycle repeats !
Suggestion: Please eat gluten free bhature, even when you are fasting on Chole Bhature

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RUPESH Singh

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@rupeshsingh10

Rahul Gandhi is seriously thinking about a Lunch Break during his Five Hour long Fast.

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kUndaN pAthaK

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@kundanpathakk

जी की इच्छा थी कि
1 दिन कोई देश का
प्रथम नागरिक(राष्ट्रपति)बने ने उनकी इच्छा पूरी की
बदले मे दलित गाली दे रहे है

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और को राष्ट्रपति बनाये जाने से नाराज़ आज की नौटंकी कर
उनका उड़ा रहे
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Pooja Goswami@PoojaGoswami_01

ये कौनसा तरह का उपवास है भाई…

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11 AM से 4PM
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पप्पू नाश्ता करके आया है और रात मे खाना भी खाएगा.. वाह रे जनेऊधारी हिंदू इनको उपवास का मतलब तक नहीं पता.. @RahulGandhi तुमको ऐसे idea’s देता कौन है..??
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Argumentative Indian@Public_RTI

Sounds more like Part Harmony among Opposition

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Vikash Singh@VikashKrSinghh

.@RahulGandhi before going to Rajghat

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Saurabh Jha@saurabhjha12

Sir ji carrying good packets for 4 pm “fast” breaking of

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IndiaFirst-OnlyNaMo@Ashok24886689

Pappu is a curse for India like their fore fathers

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Dhans Thapa@Kshatriya_Thapa

Bas neta hone ha bhjram faia sakta hai @RahulGandhi , lekin uska dharm kabhi nahi nibha sakta

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Vinit malviya@vinit_bjp

अनशन से पहले ज्यादा खाना ठीक नहीं @RahulGandhi

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भारत बंद की सफलता का श्रेय लेने उतरी कांग्रेस, बोले “सबसे पहले उठाई आवाज”

दलित उत्पीड़न कानून पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ लड़ाई का श्रेय कांग्रेस खुद लेने की कोशिश में जुट गई है। कांग्रेस ने भारत बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए दावा किया कि सबसे पहले उसी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा था।

राजनीतिक मोर्चाबंदी करते हुए कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लेकर बंद के दौरान हुई हिंसा के लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

कांग्रेस की ओर से मोर्चा संभालने आए राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद के पास अधिकार है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रद कर दे। 20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट पर जो फैसला दिया था उसे संसद में रद किया जा सकता था। सरकार कदम बढ़ाती को सभी दल साथ होते, लेकिन चुप्पी छाई रही। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तत्काल बाद सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल कर देती तो सोमवार को बंद के दौरान हिंसा नहीं होती।

अब तक कांग्रेस पुनर्विचार याचिका की बात कहती रही थी। अब सरकार ने पुनर्विचार याचिका पेश कर दी है तो कांग्रेस ने संसद के जरिये इसे रद करने का दबाव बढ़ाया है। मल्लिकार्जुन खड़गे के अनुसार, सिर्फ पुनर्विचार याचिका से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है क्योंकि इसकी सुनवाई समान बेंच में होती है। इसके लिए सरकार को क्यूरेटिव याचिका दाखिल करनी चाहिए या फिर संसद बजट सत्र के बचे हुए चार दिनों में विधेयक लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निरस्त करना चाहिए।

इसके साथ ही कांग्रेस ने देश में दलित उत्पीड़न कानून लागू करने और उसे और मजबूत करने का श्रेय भी लेने की कोशिश की। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि दलित उत्पीड़न कानून राजीव गांधी के कार्यकाल में लाया गया था और 2014 में संप्रग सरकार ने संशोधन का अध्यादेश लाकर इसे और कड़ा कर दिया था। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस कानून के दुरुपयोग के सवाल को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि दुरुपयोग तो किसी भी कानून हो सकता है, लेकिन इसका उपाय उस कानून को खत्म करना नहीं होता। उनके अनुसार दलित उत्पीड़न कानून के दुरुपयोग के मामले 2-3 फीसद से अधिक नहीं हैं।

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भगत सिंह के केस से जुड़ी सभी फाइलें पाक में सार्वजनिक, दस्तावेजों से सामने आई एक अनोखी बात

शहीद भगत सिंह और उनके साथियों पर चल रहे मुकदमे और फांसी से जुड़ी सभी फाइलों को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने सार्वजनिक कर दिया है। इस केस से जुड़ी कुछ फाइलें हफ्ते की शुरआत में ही सार्वजनिक कर दी गई थीं। पंजाब सरकार ने भगत सिंह की फांसी के 87 साल गुजर जाने के बाद यह फैसला लिया था।

(वीडियो: पाक मीडिया रिपोर्ट)

भगत सिंह और उनके साथी सुखदेव व राजगुरु को ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स की हत्या में 23, मार्च, 1931 को लाहौर में फांसी दी गई थी। सार्वजनिक किए गए नए रिकार्ड में केस से जुड़ी खबरों की क्लिपिंग, सांडर्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सुखदेव व राजगुरु को फांसी देने का वारंट समेत ब्रिटिश पुलिस द्वारा सिंह और उनके साथियों के अड्डे पर छाप मारने में बरामद हुए पिस्टल व बुलेट की तस्वीरें समेत कई अन्य दस्तावेज शामिल हैं।

भगत सिंह द्वारा 27 अगस्त, 1930 को कोर्ट के फैसले की कॉपी मांगने के साथ सिंह की सजा के खिलाफ उनके पिता सरदार किशन सिंह की कोर्ट में दाखिल की गई याचिका को पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया था।

23 मार्च, 1931 को जेल निरीक्षक द्वारा बनाए गए मुत्यु प्रमाण पत्र को भी सार्वजनिक किया गया है। साथ ही जेल में किताबों और अखबार मुहैया कराने की मांग के लिए भगत सिंह के पत्र को भी आम नागरिकों के सामने प्रत्यक्ष किया गया है। कई दस्तावेज भगत सिंह के साथियों के ठिकानों पर ब्रिटिश पुलिस की छापेमारी से भी संबंधित हैं।

दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद भगत सिंह से जुड़ी एक अनोखी बात भी सामने आई है। सिंह अपने किसी भी पत्र में आपका आभारी या आज्ञाकारी लिखने की जगह आपका आदि, आदि लिखा करते थे। पंजाब के अभिलेख विभाग का कहना है कि अभी सिंह के केस से जुड़ी कुछ फाइलों को ही सार्वजनिक किया जा रहा है। बाकी दस्तावेज मंगलवार को सार्वजनिक किए जाएंगे।

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का एक और वीडियो वायरल। आरती की थाली में चढ़ावा चढ़ाने लगे Under The Thali स्टाइल में!?

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी जी को जब पूजा की थाली में चढ़ावा चढ़ाने की बात सूझी तो पहले तो उन्होंने थाली के नीचे रुपये रखने चाहे। देखें यह वायरल वीडियो ???

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Congress poster spotted in Cambridge Analytica CEO Nix’s London office

Though the Congress has denied it has any links with Cambridge Analytica, the company accused of stealing Facebook data to influence elections, a documentary released last year by journalist and tech blogger Jamie Bartlett throws up an image the Congress may have hard time to explain.

The Persuasion Machine, the last of the two-part documentary series for the BBC, ‘Secrets of the SIlicon Valley’, shows Bartlett meeting Cambridge Analytica’s now-suspended CEO Alexander Nix in his London office. As Bartlett enters Nix’s room, he stands up and greets him. Right behind Nix, on the wall, is a poster showing the ‘hand’ symbol of the Congress party. Below the hand is written “Congress” in bold letters. The poster carries the slogan ‘Development for all’.

Bartlett’s documentary probes the role of technology in the election campaign of US President Donald Trump. Nix is one of the many people he interviews. Though Nix says nothing about the operations of Cambridge Analytica in India and talks about only the Trump campaign, the Congress poster on the wall behind him looks like proud showcasing of a big client.

In ‘The Persuasion Machine’, Bartlett narrates how Silicon Valley has opened a new frontier—controlling political expression and behaviour of the masses. “It was the biggest political earthquake of the century. But just how did Donald Trump defy the predictions of political pundits and pollsters?” begins Bartlett.

BJP Minister Smriti Irani shares this picture from her official Twitter handle and disclose this important news with mentioning economictimes article.

After Nix explains how the company created psychographic profiles of voters, Bartlett asks, “Where did all the information to predict voters’ personalities come from?” Nix says,”Very originally, we used a combination of telephone surveys and then we used a number of online platforms for gathering questions. As we started to gather more data, we started to look at other platforms such as Facebook, for instance.”

When Bartlett wonders if some people would find it a little bit creepy to predict a voter’s personality to persuade him, Nix says, “No, I can’t. Quite the opposite. I think that the move away from blanket advertising, the move towards ever more personalised communication is a very natural progression. I think it is only going to increase.”

Justifying the company using personal data people put in the public domain, Nix gives the example of a supermarket loyalty card where people get points and the company gathers the data on consumer behaviour. But Bartlett is puzzled. “I mean, we are talking about politics and we’re talking about shopping. Are they really the same thing?” he asks. Nix replies, “The technology is the same. In the next 10 years, the sheer volumes of data that are going to be available, that are going to be driving all sorts of things including marketing and communications, is going to be a paradigm shift from where we are now and it’s going to be a revolution, and that is the way the world is moving. And, you know, I think, whether you like it or not, it is an inevitable fact.”

For more than a week, the Congress and the Bharatiya Janata Party (BJP) have traded charges, accusing each other of having been clients of Cambridge Analytica. Christopher Wylie, the Cambridge Analytica whistleblowerat the heart of the Facebook privacy scandal, told British lawmakers yesterday that he “believes” Congress was the company’s client.

The Congress denies it has anything to do with Cambridge Analytica. However, Alexander Nix was not shy of displaying the Congress poster in his own office.

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यूपी: कैराना लोकसभा उप चुनाव में विपक्षी एकता की होगी परीक्षा

उप चुनाव से परहेज करने वाली बसपा ने पहली बार फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा उप चुनाव में सपा का समर्थन किया था. बसपा पहली बार अब उप चुनाव लड़ने पर भी विचार कर रही है और वह सीट है यूपी की कैराना. हालांकि रालोद के चौधरी अजित सिंह भी इस सीट पर अपने बेटे जयंत सिंह के लिए  निगाह टिकाये हुए हैं. गौरतलब है कि बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद से यह लोकसभा सीट खाली है. हालांकि अभी तक इस सीट के उप चुनाव की घोषणा नही हुई है लेकिन विपक्ष इसकी तैयारी में जुट गया है. बहरहाल, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यूपी के कैराना लोकसभा उप चुनाव में भी दिखेगा विपक्ष का याराना. कैराना लोकसभा उप चुनाव में विपक्षी एकता की परीक्षा होगी.

क्यों है मायावती और अजित सिंह की नजर

बसपा सुप्रीमो मायावती की इस सीट पर नजर का जहां तक सवाल है, इसके पीछे दो मकसद है. पहला, 2019 लोकसभा चुनाव से पहले बसपा अपनी तैयारी को अच्छी तरह परख लेना चाहती है. दूसरा, बसपा यह भी परख लेना चाहती है कि सपा या रालोद अपना वोट बसपा के पक्ष में ट्रांसफर करा पाते हैं या नहीं. जहां तक बसपा का सवाल है तो अपना मास वोट ट्रांसफर कराने में इसका कोई जोड़ नही है जबकि सपा व रालोद अपने विधायकों तक का वोट ट्रांसफर नहीं करा पाते हैं. चौधरी अजित सिंह का जहां तक सवाल है तो पिता-पुत्र दोनों ही किसी भी सदन के सदस्य नही हैं. चौधरी अजित सिंह अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने के लिए कोई कोर कसर नही छोड़ना चाहते. इसके अलावा इस सीट के जरिये 2019 की स्थिति को भी मजबूत करना चाह रहे हैं.

अजित सिंह का उल्टा पड़ता दांव

राष्ट्रीय लोक दल के मुखिया अजित सिंह ने बसपा प्रमुख मायावती को खुश करने के लिए ही राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के लिए क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक सहेन्द्र रमाला को बाहर का रास्ता दिखा दिया है लेकिन उनका यह दांव भी उलटा पड़ता दिख रहा है. पार्टी से निकाले गए विधायक ने अजीत सिंह पर ही सीधा जुबानी हमला करते हुए अपने बेटे जयंत सिंह के लिए उन्हें बलि का बकरा बनाने का आरोप लगाया है. रमाला ने आरोप लगाया है कि राज्यसभा चुनाव में उन्होंने जो कुछ किया वह अजीत सिंह के कहने पर किया. विधायक का आरोप है कि अजित सिंह पहले उन्हें मोहरा बनाकर बीजेपी से सांठगांठ की कोशिश कर रहे थे और अब बसपा प्रमुख मायावती का समर्थन हासिल करने के लिए उन्हें एक बार फिर राजनीतिक मोहरा बनाया गया है.