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व्हाट्सएप पर आवेदन कर पाएं लाखों कमाने का मौका

कंपनी ने फेक न्यूज का पता लगाने के लिए बड़ा कदम उठाने का एलान किया है। व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने बताया कि हम अपने यूजर्स की सुरक्षा के प्रति बेहद गंभीर हैं। ऐसे में हम इस नए प्रोजेक्ट के जरिए भारत के बड़े शैक्षिक जानकारों को साथ जोड़ने के लिए तैयार हैं। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आखिर कैसे गलत जानकारी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए फैलाया जाता है। इस रिसर्च की मदद से हम लोगों को फेक न्यूज को पहचानने और गलत जानकारी को रोकने की कोशिश करेंगे, जिससे वो फेक न्यूज को आगे बढ़ने से रोकें।

अकेले प्रौद्योगिकी को मॉब लिंचिंग जैसे क्रूर कृत्यों के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। हालांकि, निश्चित रूप से इसके जरिये भारत में नकली खबरों को फैलाना आसान हो गया है।

इन लोगों को मिलेगी प्राथमिकता

कंपनी ने कहा कि भारत, ब्राजील, इंडोनेशिया, मेक्सिको और इसी तरह उन देशों में किए गए शोध को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां व्हाट्सएप संचार का एक प्रमुख माध्यम है। पीएचडी धाकर शोधकर्ताओं के आवेदन को व्हाट्सएप स्वीकार करेगा। हालांकि, कुछ असाधारण मामलों में यह बिना पीएचडी वाले व्यक्तियों के आवेदनों की समीक्षा भी करेगा, जो सामाजिक विज्ञान या तकनीकी अनुसंधान में उच्च स्तर की उपलब्धि रखते होंगे।

12 अगस्त तक करें आवेदन

आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त 2018 है। व्हाट्सएप पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को 14 सितंबर 2018 तक ईमेल द्वारा उनके आवेदन की स्थिति पर सूचना देगा। अधिक जानकारी के लिए, आवेदक व्हाट्सएप ब्लॉग पर जा सकते हैं। इसके बाद दो वर्कशॉप की जाएंगी, जिसमें चयनित लोगों को बताया जाएगा कि व्हाट्सएप काम कैसे करता है और उसका फोकस एरिया क्या है।

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यूपी पीसीएस 2018 के लिए ऑनलाइन आवेदन छह से, एसडीएम के 119 पद, जानें क्या एग्जाम पैटर्न में क्या हुए बदलाव

इस बदलाव से अब पीसीएस की मुख्य परीक्षा का महत्व बढ़ जाएगा। साथ ही साक्षात्कार की आड़ में अभ्यर्थियों को अधिक नंबर देकर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाए जाने की शिकायतों को पर भी विराम लगेगा।

इसके अलावा अब दो की बजाय वैकल्पिक विषय एक ही होगा। सामान्य अध्ययन के दो की जगह अब चार पेपर होंगे। प्रदेश में भाजपा की सरकार ने इस अहम निर्णय पर पहले ही अपनी मुहर लगा दी है, ताकि पीसीएस परीक्षा में पारदर्शिता रहे। गौरतलब है कि अभी तक पीसीएस परीक्षा में लिखित परीक्षा 1500 नंबर और की होती थी और साक्षात्कार 200 नंबर के होते थे।

बदलाव के बाद लिखित परीक्षा तो 1500 अंकों की ही रहेगी लेकिन, साक्षात्कार में 100 नंबर घटा दिए जाने से चयन प्रक्रिया कुल 1600 नंबरों में पूरी की जाएगी। इस बार कई बदलाव के साथ यूपीएससी ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यूपीएससी से होने वाली आइएएस परीक्षा की तर्ज पर पीसीएस 2018 में भी दो अलग-अलग क्षेत्रों की प्रारंभिक परीक्षाएं एक साथ कराने की योजना तैयार की है। सचिव जगदीश ने बताया कि इसके तहत प्रारंभिक परीक्षा में पीसीएस के साथ सहायक वन संरक्षक का पेपर भी होगा। यानी प्रश्न पत्र एक ही आएगा जबकि मुख्य परीक्षा अलग-अलग होगी।

19 अगस्त को प्रारंभिक परीक्षा पर असमंजस बरकरार

यूपीपीएससी ने दूसरी छमाही के कैलेंडर में पीसीएस 2018 की प्रारंभिक कराने की तारीख 19 अगस्त घोषित कर रखी है। पहले यह तारीख 24 जून तय थी। अब आवेदन लेने का सिलसिला अगस्त माह के पहले सप्ताह तक चलेगा, ऐसे में परीक्षा तारीख पर असमंजस बना है। हालांकि सचिव का कहना है कि इम्तिहान तय तारीख पर कराने की तैयारी है।

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फेक न्यूज पर लगाम कसने के लिए केंद्र ने जारी किए सख्त दिशानिर्देश

फेक न्‍यूज पर लगाम कसने के लिए केंद्र की ओर से पत्रकारों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं जिसके तहत ऐसी खबरों के प्रकाशन पर उनको सस्‍पेंड किया जा सकता है या उनकी प्रेस मान्‍यता रद कर दी जाएगी।

सोमवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि प्रिंट व टेलीविजन मीडिया के लिए दो रेगुलेटरी संस्‍थाएं- प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और न्‍यूज ब्रॉडकास्‍टर्स एसोसिएशन (NBA), यह निश्‍चित करेगी कि खबर फेक है या नहीं। दोनों को यह जांच 15 दिन में पूरी करनी होगी। एक बार शिकायत दर्ज कर लिए जाने के बाद आरोपी पत्रकार की मान्यता जांच के दौरान भी निलंबित रहेगी।

दोनों एजेंसियों द्वारा फेक न्‍यूज की पुष्‍टि किए जाने के बाद पहली गलती पर छह माह के लिए मान्‍यता रद की जाएगी, दूसरी बार में एक साल के लिए मान्‍यता रद हो जाएगी लेकिन तीसरी बार में स्‍थायी रूप से पत्रकार की मान्‍यता खत्‍म कर दी जाएगी।

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लिखे हुए 500 और 2000 हजार के नोटों को लेने से मना नहीं कर सकते बैंक: आरबीआई

कोई भी बैंक 500 और 2000 रुपये के उन नोटों को लेने से इनकार नहीं कर सकता है जिनपर कुछ लिखा हुआ है। हालां​कि व्यक्ति ऐसे नोटों को बदलवा नहीं सकता है, यह नोट सिर्फ जमाकर्ता के व्यक्तिगत खाते में जमा किये जा सकते हैं। आरबीआई के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में रिजर्व बैंक ऑफ ​इंडिया आर्थिक साक्षरता के तहत मेला आने वाले लोगों को जागरूक कर रहा है। यहां नए नोटों के फीचर समेत लोगों को उनके अधिकारों के प्रति साक्षर किया जा रहा है। साथ में, डिजिटल माध्यम से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रगति मैदान के हॉल संख्या 18 में लगे आरबीआई के स्टॉल में लोग अपने सवाल लेकर भी पहुंच रहे हैं। कोई यहां 500 और 2000 रुपये के ऐसे नोटों की वैधता जानना चाह रहा है जिनपर कुछ लिखा हुआ है। तो कोई बैंक के खिलाफ शिकायत करने के तरीके के बारे में जानकारी मांग रहा है। किसी को 10 रुपये के ​सिक्कों की स्थिति​ के बारे में जानकारी चाहिए।

आरबीआई के अधिकारियों ने ‘‘भाषा’’ को बताया कि केंद्रीय बैंक पहले भी इस संबंध में भ्रम दूर कर चुका है। मेला के दौरान लोग हमसे 500 और 2000 रुपये के नए नोटों पर कुछ लिखा होने की स्थिति में उनकी वैधता पर सवाल कर रहे हैं। हम यहस्पष्ट करना चाहते हैं कि नोट पर कुछ लिखा होने या रंग लग जाने की स्थित में भी वह वैध हैं। बैंक उन्हें लेने से इनकार नहीं कर सकते हैं।

साथ ही उन्होंने कहा, हालांकि, ग्राहक ऐसे नोटों को बैंक से बदलवा नहीं सकते हैं, लेकिन ऐसे नोट वह अपने व्यक्तिगत खातों में जमा करवा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आरबीआई स्वच्छ नोटों की नीति का अनुसरण करता है। नए नोटो को लेकर अभी रिफंड नीति नहीं आई है इसलिए जिन नोटों पर कुछ लिखा है उन्हें बदलवाया नहीं जा सकता है पर खाते में जमा किया जा सकता है। आरबीआई ने ऐसे नोटों का लीगल टेंडर वापस नहीं लिया है।

अ​धिकारियों ने कहा कि इसके अलावा हम मेला देखने आने वाले लोगों को नए नोटों के फीचर के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं ताकि वह जाली नोटों की पहचान कर सकें।

उन्होंने कहा ​कि इसके लिए हमने पैमफ्लैट्स प्रकाशित कराए हैं। इनपर नोटों के बारे में ​विस्तृत जानकारी मुद्रित है जिनका अध्ययन करके लोग नोट की सही तरीके से पहचान कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि 500, 2000 और 200 रुपये के नोटों पर 17 फीचर हैं जबकि 50 रुपये के नए नोट पर 14 फीचर हैं।

उन्होंने कहा कि लोग हमारे पास शिकायतें ले कर आ रहे हैं कि दुकानदार 10 रुपये के सिक्के नहीं ले रहे हैं। हमने ऐसी शिकायतें लेकर आ रहे लोगों को स्पष्ट कर दिया है कि 10 रुपये के सभी सिक्के मान्य है। हमने संबंध में अधिसूचना को मेले में लगाया हुआ है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा हम मेले में डिजिटल लेन देन के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

अधिकारी ने कहा कि नेट बैंकिंग का इस्तेमाल सिर्फ स्मार्ट फोन वाले ही नहीं बल्कि फीचर फोन रखने वाले भी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि फीचर फोन को इस्तेमाल करने वाले लोग अपने फोन से *99# डायल करके इंटरनेट के बिना भी दो खातों के बीच लेन देन कर सकते हैं। इसके ​लिए उपयोगकर्ता को इसी नम्बर पर डायल करके अपना पंजीकरण कराना होगा।