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20 साल तक त्रि‍पुरा के CM रहे माणिक सरकार के पास नहीं है अपना घर, अब यहां करेंगे पत्‍नी संग गुजर

एक ओर जहां केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की घोषणा के बाद बिप्लब देब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 20 साल तक त्रि‍पुरा के CM रहे माणिक सरकार अब इस पद से मुक्‍त हो चुके हैं। ऐसे में अब लोगों के मन में माणिक सरकार के रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं क‍ि आख‍िर अब यह कहां रहेंगे। देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री के रूप में जानें वाले माणिक के पास खुद का घर नहीं हैं। हालांक‍ि इस दौरान बिप्लब देब ने उनके रहने को लेकर एक बड़ा ऐलान क‍िया है।

छवि देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री के तौर पर बनी
जी हां माणिक सरकार ने त्रि‍पुरा में एक दो नहीं बल्‍क‍ि 20 साल तक एक मुख्‍यमंत्री के रूप में ज‍िम्‍मेदारी संभाली। इस दौरान वह राज्‍य की जनता के बीच काफी लोकप्रि‍य रहे। उनकी छवि देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री के तौर पर बनी है। उनके पास कुछ खास संपत्‍त‍ि भी नहीं है। उनकी पत्‍नी भी केंद्रीय कर्मचारी के रूप में सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।
माणिक सरकार ने कोई अलग से संपत्‍त‍ि नहीं बनाई
माणिक की पत्नी जमीन जायदाद की मालिक हैं लेक‍िन उनकी भी जमीन न‍िर्माण कार्य के दौरान व‍िवादों में घ‍िर गई है। वहीं मणि‍क सरकार ने अपना पैतृक घर अपनी बहन को देने के साथ ही अपने ल‍िए कोई अलग से संपत्‍त‍ि नहीं बनाई है। वह अपनी सैलरी से स‍िर्फ अपने खर्च भर की रकम रखते थे और बाकी पार्टी को दान कर कर देते थे।

पत्नी संग सीपीएम के दफ्तर में रहेंगे मण‍िक सरकार
मुख्‍यमंत्री के रूप में सरकार का रहन-सहन काफी साधारण रहा है। ऐसे में त्रिपुरा की कमान संभालने जा रहे बिप्लब देब का कहना है क‍ि सरकार को सरकारी आवास में रहने के साथ ही दूसरी सुविधाएं पाने का हक है। विपक्ष के नेता के रूप में उन्‍हें कैबिनेट स्तर की सुविधाएं म‍िलेंगी। इसल‍िए वह अब अपनी पत्‍नी के साथ सीपीएम के दफ्तर में रहेंगे।

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हरिद्वार सीट से लडूंगा आगामी लोस चुनाव : हरीश

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वह एनएच-74 घोटाले की जांच में हर तरह से सहयोग करने के लिए तैयार हैं। बशर्ते कि जांच हाईकोर्ट की निगरानी में करानी होगी। रावत ने आगामी आम चुनाव हरिद्वार लोकसभा सीट से लड़ने का दावा किया है। साथ ही दोहराया कि प्रदेश की पांचों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मंगलौर के मोहल्ला किला निवासी पूर्व राज्यमंत्री सैय्यद अली हैदर जैदी के आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां प्रेसवार्ता में हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस सरकार के कार्यो की जांच कराने के नाम पर अपने गलत कार्यों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की ओर से चलाई गई जनकल्याण योजनाओं को रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में केवल महापौर और चेयरमैन को पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ाया जाएगा। जबकि सभासद के चुनाव में स्थानीय विधायक और चेयरमैन अपने स्तर से मदद करके चुनाव को जीतने का काम करेंगे।

इस अवसर पर कौसर कैरानवी, रजि हेदर, विधायक काजी निजामुददीन, नगर पालिका चेयरमैन इस्लाम चौधरी, नईम, शराफत, परवेज नंबरदार, अशोक कुमार, रईस हैदर, काजिम रजा आदि मौजूद रहे।

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28 साल बाद सचिन तेंदुलकर ने किया खुलासा, डेब्यू मैच में क्यों रोने लगे थे

टीम इंडिया के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आज से ठीक 28 साल पहले कराची में पाकिस्तान के खिलाफ अपने इंटरनेशनल करियर का डेब्यू मैच खेला था। 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी पहली पारी को याद करते हुए तेंदुलकर ने खुलासा किया कि वो क्यों रोने लगे थे। याद हो कि तेंदुलकर ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया, तब उनकी उम्र महज 16 साल की थी।
मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर ने पहली पारी में 15 रन बनाए थे। 28 साल पहले की याद ताजा करते हुए तेंदुलकर ने एक फेसबुक लाइव किया। इसमें उन्होंने कहा कि जब वो जल्दी आउट हुए तो काफी निराश थे और बाथरूम में जाकर रोने लगे। सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘जब मैं अपनी पहली पारी खेलकर ड्रेसिंग रूम में पहुंचा तो मुझे लगा कि गलत जगह पर गलत समय आ गया। बहुत मुश्किल था। मैं बाथरूम में गया और रोने लगा। फिर वहां जो सीनियर प्लेयर्स मौजूद थे, उन्होंने मुझे समझाया और प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि मुझे क्या करना चाहिए। इससे मुझे अगले मैच में विश्वास मिला।’

तेंदुलकर ने इसके साथ ही कहा कि पाकिस्तान जाने से पहले उन्हें मेजबान टीम के गेंदबाजी आक्रमण की कोई जानकारी नहीं थी। उन्हें नहीं पता था कि वहां कैसे मैच खेलना था। उन्होंने कहा,  ‘चयन से पहले मैंने ईरानी ट्राफी में शतक बनाया। इसके बाद टीम इंडिया में मेरा सिलेक्शन हो गया। फिर मैं पाकिस्तान गया। वहां तगड़ा गेंदबाजी आक्रमण, वहां क्या होगा मुझे कुछ नहीं पता था। वहां कुछ ओवर खेला तो पता चला कि अटैक इस तरह का होगा। उस वक्त इमरान खान, वसीम अकरम, वकार यूनिस जैसे तगड़े गेंदबाज थे। उनकी बॉल को फेस करना कठिन काम था।’

भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘पहली पारी में मुश्किल से 15 रन बनाए थे। इसके बाद मैंने अपने करियर की दूसरी पारी में फिफ्टी लगाई। उस दौरान मुझे पता चला कि मैं यह कर सकता हूं। जब मैं दूसरी पारी खेलने गया, तो तय कर रखा था कि मुझे स्कोर बोर्ड को नहीं देखना है, मैं सिर्फ घड़ी देख रहा था। मैं सिर्फ वहां मैदान पर वक्त बिताना चाहता था। किसी भी कीमत पर मुझे वहां खड़ा रहना था। मुझे विश्वास हुआ कि मैं कर सकता हूं। 59 रन बनाए। यह मेरी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट था। उन लोगों के सामने खेलने के बाद आपको आनंद मिलेगा।’

अपनी याद ताजा करने के बाद सचिन ने युवाओं को ही एक पैगाम दिया है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वो कभी शॉर्ट कट्स पर विश्वास नहीं करें और हमेशा अपने सपने का पीछा करे। सचिन ने कहा, ‘आज की युवा पीढ़ी के लिए मेरा मैसेज है कि अपने सपने का पीछा करो। मैं जब दस साल का था, तो मैंने टीम इंडिया के लिए खेलने का सपना देखा था। हमेशा से चैलेंज रहेगा, करियर के अंतिम दिन तक चैलेंज था। देश का प्रतिनिधित्व करने से बड़ा कोई सम्मान नहीं। कैप पहना था तो वो बेस्ट फीलिंग थी। जब ट्रॉफी उठाई तो वह दूसरी बार फीलिंग। मुश्किल टारगेट सेट करें अपने लिए। जब वो आप पाएंगे तो पूरा देश आपको चीयर्स करेगी।’