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वाराणसी फ्लाइओवर हादसे में 18 की मौत, 4 अधिकारी सस्पेंड, योगी ने किया दौरा

वाराणसी में मंगलवार शाम को बड़ा हादसा हुआ । कैंट रेलवे स्टेशन के समीप एईएन कॉलोनी के सामने निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर की दो बीम मंगलवार की शाम साढ़े पांच बजे सड़क पर गिर पड़ीं।

बीम के नीचे एक महानगर सेवा की बस सहित एक दर्जन वाहन दब गए। रात नौ बजे तक 18 लोगों के मरने की खबर है। 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बीम के नीचे दबे वाहनोें को गैस कटर से काट कर सेना और एनडीआरएफ के जवानों ने 16 शव और छह घायलों को बाहर निकाल लिया है।

घायलों का बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर सहित शहर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हादसे की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शहर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी देर रात पहुंचे। अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की।

इधर बीच,  हादसे के बाद यहां पहुंचे डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने सेतु निगम के चार अभियंताओं को निलंबित कर दिया है। चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और केआर सुदन व अवर अभियंता लालचंद पर यह कार्रवाई की गई है। वाईके गुप्ता की अध्यक्षता में तकनीकी टीम का गठन किया गया है। यह 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।

कैंट-लहरतारा मार्ग पर एईएन कॉलोनी के सामने शाम साढ़े पांच बजे के लगभग निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान सड़क की दाईं लेन पर पिलर के ऊपर रखी 50-50 फीट लंबी दो बीम तेज धमाके और धूल के गुबार के साथ सड़क पर गिर पड़ीं।

तेज धमाका सुनकर वसुंधरा और एईएन कॉलोनी के लोग अपने घरों से बाहर निकल कर भागे। राहगीरों में भी भगदड़ मच गई। हादसे के लगभग आधा घंटे बाद पुलिस पहुंची और तकरीबन डेढ़ घंटे बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ।

जिन बीम के नीचे वाहन दबे थे, उसे हटाने के लिए एक-एक कर नौ क्रेन आईं लेकिन उठा नहीं सकीं। सभी नौ क्रेन की मदद से बीम को हल्का सा उठाया गया तो दो ऑटो, दो बोलेरो, एक कार और एक अप्पे को बाहर निकाल कर महानगर बस को खींचा गया।

इस दौरान देरी से राहत और बचाव कार्य शुरू होने के कारण भीड़ में मौजूद लोगों ने पुलिस-प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों से नोकझोंक हुई। हादसे के बाद इंग्लिशिया लाइन और लहरतारा चौराहे के बीच वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

ये दुर्घटना वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास जीटी रोड पर कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज के सामने घटित हुई है। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। पूरे शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

अस्पतालों को अलर्ट मोड पर

हादसे में घायलों की अधिक संख्या को देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। कबीरचौरा अस्पताल में डॉक्टरों और कंपाउंडरों की इमरजेंसी टीम तैनात किया गया है। इसके अलावा अस्पतालों में इमरजेंसी के मद्देनजर अतिरिक्ति ओटी की व्यवस्था की गई है। हादसे के कारण उधर जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के कैंट एरिया में हुए दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मदद के लिए दो मंत्रियों को रवाना किया है। घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व मंत्री नीलकंठ तिवारी को मदद के लिए भेजा है।

वाराणसी में एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर के गिरने से हुए दर्दनाक हादसे पर पीएम मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द ही ठीक हो जाएं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों से बात की और मदद करने के निर्देश दिए हैं।

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अमेरिका के प्रतिबंध पर करारा जवाब देगा रूस, दूसरे शीत युद्ध का हो सकता है आगाज

रूस ने अमेरिका के लगाए नए प्रतिबंधों पर हाथ पर हाथ रख बैठने की जगह मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है। दरअसल, पूर्व जासूस सरगेई स्क्रीपाल को जहर देने के बाद से दोनों के बीच राजनयिक संकट पैदा हो गया। इसके बाद अमेरिका ने रूस के सात सबसे प्रभावशाली कुलीनों, 12 कंपनियों, 17 वरिष्ठ अधिकारियों और हथियार निर्यातक सरकारी कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया है।

2016 में राष्ट्रपति चुनाव, साइबर युद्ध और यूक्रेन व सीरिया में दखल के लिए अमेरिका ने रूस को सजा देने के लिए कानून बनाया था। इसी आधार पर शुक्रवार को प्रतिबंध लगाया गया।

इसपर सख्त रुख अपनाते हुए रूस ने कहा, हम रूस के खिलाफ लिए गए हर कदम का करारा जवाब देंगे। रूस के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘अमेरिका पहले भी 50 चरणों में प्रतिबंध लगाकर भी कुछ हासिल नहीं कर पाया। इसलिए वह वीजा जारी न करने और रूसी औद्योगिक कंपनियों की संपत्ति जब्त करने की धमकी दे रहा है। शायद वह भूल गया है कि निजी संपत्ति जब्त करना चोरी है। प्रतिबंध लगाने से अमेरिका खुद ही बाजार अर्थव्यवस्था और स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा का दुश्मन बन रहा है।’

दूसरे शीत युद्ध का हो सकता है आगाज
अमेरिका ने अल्यूमीनियम कारोबारी ओलेग डेरीपास्का और सरकारी उर्जा कंपनी गजप्रौम के निदेशक एलेक्सी मिलर पर प्रतिबंध लगाया है। ओलेग पर रूसी सरकार के लिए काम करने का आरोप है। ये दोनों राष्ट्रपति पुतिन के करीबी माने जाते हैं। अमेरिका के इस कदम से एक बार फिर शीत युद्ध हो सकता है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि किसी तरह का दबाव हमें अपने मकसद से नहीं भटका सकता है।
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CM केजरीवाल को मानहानि मामले में लगा जोर का झटका

हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने से बृहस्पतिवार को इंकार कर दिया। हालांकि दूसरी ओर कोर्ट ने दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई के लिये 11 जुलाई की तारीख तय की है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने याचिका दायर निचली अदालत में चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर रोक लगाते हुये उसे खारिज करने की मांग की थी। मानहानि की यह शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने 2012 में दायर की थी।

जस्टिस एके पाठक ने अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर दिया। उस फैसले के मुताबिक सांसद व विधायकों के मामलों की सुनवाई एक साल के भीतर पूरी होनी चाहिये।

याचिका पर जिरह करते हुये वरिष्ठ सुधीर नंदराजोग ने कहा कि मानहानि की यह शिकायत दायर करने का पवन खेड़ा को कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उनकी मानहानि नहीं हुई है। इसलिये इस मामले को खारिज किया जाना चाहिये।

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पूर्व राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने शिकायत दायर कर कहा था कि एक टीवी शो के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अक्तूबर 2012 में बिजली की बढ़ी दरों पर बोलते हुये ऐसी बातें कही जिससे तत्कालीन मुख्यमंत्री की बदनामी हुई थी।

पटियाला हाउस अदालत ने इस शिकायत पर अरविंद केजरीवाल को 31 जनवरी 2013 को बतौर आरोपी समन जारी किया गया था। इस शिकायत पर अदालत ने 28 अक्तूबर 2013 को आरोप तय किये थे।

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चीन की हर चाल का जवाब देने के लिए भारत भी कर चुका है पूरी तैयारी

चीन एक बार फिर से भारत से लगती सीमा पर तनाव बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसको देखते हुए भारत ने सीमाओं पर अपने जवानों की संख्‍या बढ़ा दी है। दरअसल यह कवायद चीन की उस नापाक चाल के बाद की जा रही है जिसके तहत वह भारत की सीमा से सटे तिब्बती इलाके में तेजी से ढांचों का निर्माण करने में लगा है। इसके अलावा एक दिन पहले ही चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के किबिथू में लोहित घाटी के दूसरी और चीन की तरफ से टावर खड़ा करने और सैन्‍य गतिविधियों के लिए पक्‍का निर्माण करने की बात सामने आई है। लिहाजा यह जरूरी हो गया है कि भारत भी इन इलाकों में सड़कों का नेटवर्क बढ़ाए, जिससे सेना की शीघ्रता के साथ आवाजाही हो सके।

सीमा के नजदीक एक्‍सप्रेस वे

चीन की नापाक चाल को सफल होने से रोकने के लिए भारत भी अपनी तैयारी कर रहा है, लेकिन भारत की तैयारियों से पहले हम आपको बता दें कि चीन भारत से लगती सीमाओं पर क्‍या कुछ अब तक कर चुका है। सितंबर 2017 में तिब्‍बत से नेपाल को जोड़ने वाला हाईवे खोलने के बाद चीन ने अरुणाचल प्रदेश के करीब एक और एक्‍सप्रेसवे खोला जो तिब्‍बत की राजधानी ल्‍हासा और निंगची को जोड़ता है। यह एक्‍सप्रेसवे 5.8 अरब डॉलर की लागत से तैयार हुआ है और इसकी लंबाई करीब 409 किमी है। निंगची अरुणाचल प्रदेश की सीमा के नजदीक है। इस एक्‍सप्रेस वे के जरिए ल्हासा और निंगची के बीच की दूरी महज पांच घंटों में पूरी की जा सकती है। पहले इसमें करीब आठ घंटे का समय लगता था। यह एक्‍सप्रेस वे इस तरह से बनाया गया है कि समय आने पर सैन्‍य साजोसामान तेजी से सीमा तक ले जाया जा सके।

सीमा के नजदीक एयरपोर्ट

इसके अलावा पिछले वर्ष ही चीन ने अरुणाचल प्रदेश से लगती सीमा के नजदीक तिब्‍बत का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी खोला है। भारतीय सीमा के नजदीक स्थित यह एयरपोर्ट टर्मिनल 10300 वर्ग मीटर में फैला हुआ है। 2020 तक यह सालाना 750000 यात्रियों और 3 हजार टन माल संभालने लायक हो जाएगा। नया टर्मिनल तिब्बत में खुला छठा टर्मिनल है जो न्यिंगची मेनलिंग एयरपोर्ट पर स्थित है। चीन के इन कदमों ने भारत की चिंता को बढ़ा दिया है।

क्यूटीएस-11 सिस्टम से लैस चीन की वेस्टर्न थियेटर कमान

इन सभी के अलावा चीन ने इसी वर्ष फरवरी में भारत से लगती सीमा पर वेस्टर्न थियेटर कमान को क्यूटीएस-11 सिस्टम से लैस किया है। यह सब अमेरिकी फौज की तैयारियों की तर्ज पर किया गया है। आपको बता दें कि वेस्टर्न थियेटर कमान भारत से लगती 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा की जिम्मेदारी संभालती है। क्यूटीएस-11 दरअसल, अमेरिकी सैनिकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली प्रणाली की तरह है। इसके अलावा यह सभी तरह के फायरआर्म्‍स पर काबू पाने में सक्षम है। इसके अलावा यह एक पूरी तरह से डिजिटलीकृत समेकित व्यक्तिगत सैनिक लड़ाकू प्रणाली भी है। राइफल और 20 मिलीमीटर ग्रेनेड लांचर वाली यह प्रणाली लक्ष्य के अंदर के सैन्यकर्मियों को नष्ट करने में सक्षम है।

चीन ने सीमा पर तैनात किए हैं फाइटर जेट

भारतीय सीमा से सटे इलाकों में अपने सेना के जमावड़े के साथ-साथ चीन ने इसी वर्ष तिब्‍बत से लगती भारतीय सीमा के निकट स्थित अपने वायुसेना के ठिकानों पर फाइटर जेट्स की संख्या 47 से बढ़ाकर 51 कर दी है। ल्हासा-गोंगका में चीन ने आठ फाइटर जेट्स तैनात किए हैं। इसके अलावा एयर मिसाइल सिस्टम्स समेत 22 एमआई-17 हेलिकॉप्टर्स सहित कई अन्य हथियार भी तैनात हैं। होपिंग-रिकाजे में चीनी वायु सेना के 18 एयरक्राफ्ट्स तैनात हैं। इसके अलावा 11 एमआई-17 अनमैन्ड एरियल वीकल्स भी शामिल हैं। यही नहीं चीन ने तिब्बत में भारत से लगती सीमा में जमीन से हवा पर मार करने वाली मिसाइलों को भी तैनात कर दिया है।

चीन को देखते हुए भारत की तैयारी

चीन की इस रणनीति ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। लिहाजा भारत ने चीन सीमा पर सेना की तैनाती बढ़ा दी है। बीजिंग की हर चाल पर पैनी नजर रखने के लिए सामरिक रूप से महत्वूपर्ण अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों दिबांग, दाउ देलाई और लोहित घाटी में सैनिकों की संख्या बढ़ाने के साथ ही गश्त भी तेज कर दी गई है। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, भारत ने तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में चीन की हर चाल पर पैनी नजर रखने के लिए अपने निगरानी तंत्र को भी बेहद चाकचौबंद कर लिया है। इन क्षेत्रों की टोह लेने के लिए नियमित रूप से हेलीकॉप्टरों से भी गश्त की जा रही है। भारत दिबांग, दाउ देलाई और लोहित घाटी जैसे दुर्गम इलाकों में अपना ध्यान केंद्रित किए हुए है। इन इलाकों में 17 हजार फीट ऊंची बर्फीली पहाड़ियां और नदियां हैं। इन क्षेत्रों से लगती सीमाओं पर चीन के बढ़ते सैन्य दबाव की काट के तौर पर भारत ने यह रणनीति अपनाई है।

अहम सामरिक इलाकों पर भी ध्यान

चीन के तिब्बती क्षेत्र से लगते अरुणाचल के गांव किबिथू में तैनात सेना के एक अधिकारी का कहना है, ‘डोकलाम के बाद हमने सीमा पर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। हम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। भारत, चीन और म्यांमार के ट्राई जंक्शन समेत अहम सामरिक इलाकों में सेना की तैनाती बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि सेना अब अपनी लंबी दूरी की गश्त (लांग रेंज पेट्रोल्स) को बढ़ा रही है। इसमें छोटी-छोटी टुकड़ियां 15 से 30 दिनों के लिए गश्त पर भेजी जाती है।

टी 72 से लेकर सुखोई तक तैनात

भारत ने पूर्वी लद्दाख और सिक्किम में टी-72 टैंकों की तैनाती की है, जबकि अरुणाचल में ब्रह्मोस और होवित्जर मिसाइलों की तैनाती करके चीन के सामने शक्ति प्रदर्शन किया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर में सुखोई-30 एमकेआई स्क्वेड्रन्स को भी उतारा गया है। अकेले अरुणाचल प्रदेश की रक्षा के लिए चार इंफेंटरी माउंटेन डिविजन लगाई गई हैं जिसमें 3 कॉर्प्स (दीमापुर) और 4 कॉर्प्स (तेजपुर) की हैं और दो कॉर्प्स को रिजर्व में रखा गया है। हर डिवीजन में करीब 1200 जवान तैनात हैं। तवांग जिसपर कि चीन दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता रहा है वहां भी सैनिकों की संख्या ज्यादा है जो किसी भी तरह की नापाक हरकत को विफल कर सकती हैं।

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दिल्ली में बुधवार से चलेगी पिंक मेट्रो, जानिए ख़ास बातें

नॉर्थ दिल्ली को सीधे साउथ दिल्ली से जोड़ने वाली दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन बुधवार से शुरू हो जाएगी। इससे नॉर्थ दिल्ली से साउथ दिल्ली महज 35 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। मेट्रो फेज-3 में मजलिस पार्क से शिव विहार के बीच 59 किमी लंबी पिंक लाइन बन रही है। इसका एक हिस्सा बुधवार से पब्लिक के लिए खुलने जा रहा है। अभी साउथ कैंपस से मजलिस पार्क के बीच मेट्रो चलेगी। बुधवार शाम 6 बजे से आम लोग इस रूट पर सफर कर सकेंगे। इस लाइन पर मेट्रो ने कई अनूठे कीर्तिमान भी स्थापित किए हैं। यहां कारीगरी के इतने सारे नमूने एक साथ देखने को मिलेंगे कि आप देखते रह जाएंगे। पिंक लाइन पर कुल 19 ट्रेनें दौड़ेंगी जिनकी फ्रिक्वेंसी 2 मिनट 28 सेकंड से लेकर 5 मिनट 12 सेकंड होगी। आइए नजर डालते हैं दिल्ली मेट्रो की इस नई लाइन की खासियतों पर;

12 स्टेशनों पर चलेगी मेट्रो
एलिवेटेड स्टेशन: 8 (साउथ कैंपस, दिल्ली कैंट, मायापुरी, राजौरी गार्डन, ईएसआई हॉस्पिटल, पंजाबी बाग वेस्ट, शकूरपुर, मजलिस पार्क)
अंडरग्राउंड स्टेशन : 4 (नारायणा विहार, नेताजी सुभाष प्लेस, शालीमार बाग, आजादपुर)
इंटरचेंज स्टेशन: 4 आजादपुर (यलो लाइन), नेताजी सुभाष प्लेस (रेड लाइन), राजौरी गार्डन (ब्लू लाइन), धौला कुआं (एयरपोर्ट लाइन)

सचमुच का ‘जबरा फैन’
आजादपुर स्टेशन के कोनकोर्स लेवल पर मेट्रो ने खास तरह के 5 पंखे लगाए हैं। ये पंखे साइज में इतने बड़े हैं कि आपने शायद ही पहले कभी इतने बड़े पंखे नहीं देखे होंगे। इनका आकार 5 डायमीटर जितना बड़ा है। ये एचवीएलएस (हाई वॉल्यूम लो स्पीड) फैन चलेंगे स्लो स्पीड में, लेकिन इनसे हवा खूब आएगी। स्टेशन के अनपेड एरिया में एयर कंडिशनिंग सिस्टम के बजाय डीएमआरसी ने पहली बार इस तरह के विशालकाय पंखे लगाए हैं। सामान सिंगापुर से मंगाकर उन्हें यहीं असेंबल किया गया है।

(पिंक लाइन के सबसे ऊंचे पॉइंट से ऐसी दिखती है दिल्ली)

7 मंजिला ऊंचाई पर मेट्रो
धौला कुआं पर मेट्रो 23.6 मीटर की ऊंचाई से गुजरेगी, जो किसी 7 मंजिला इमारत के बराबर है। नीचे से एयरपोर्ट मेट्रो और उसके नीचे एनएच-8 से गुजरती गाड़ियां दिखेंगी। दूसरी तरफ हरा-भरा रिज एरिया सरदार पटेल मार्ग नजर आएंगे। डीएमआरसी ने ट्रैफिक या एयरपोर्ट मेट्रो को डिस्टर्ब किए बिना पिंक लाइन का रास्ता निकाला है। कुछ ही दूर नारायणा के पास मेट्रो का सबसे गहरा पॉइंट भी है। यहां बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के ऑफिस के नीचे मेट्रो 26 मीटर की गहराई पर गुजरेगी।

कॉरिडोर में आर्ट गैलरी
नेताजी सुभाष प्लेस स्टेशन के कोनकोर्स एरिया में इतनी खूबसूरत पेंटिंग लगाई गई हैं कि देखकर आपको ऐसा लगेगा कि आप किसी मेट्रो स्टेशन में नहीं, बल्कि किसी आर्ट गैलरी में खड़े हैं। यहां दर्जन भर से ज्यादा आर्ट वर्क इंस्टॉल किए गए हैं। कई नामचीन आर्टिस्टों की पेंटिंग्स को ग्लास पर उकेरने के बाद उन्हें यहां लगाया गया है। यह एक सेमी अंडरग्राउंड स्टेशन है, जिसके कोनकोर्स और ग्राउंड लेवल के बीच सिर्फ ढाई मीटर का गैप है।

पिंक लाइन मेट्रो से जुड़े अहम फैक्ट्स

मजलिस पार्क से साउथ कैंपस के बीच शुरू होगी लाइन

19 मेट्रो ट्रेनें चलेंगी इस पूरे सेक्शन पर, हर मेट्रो में होंगे 6 कोच

2.4 मीटर है घरों से मेट्रो लाइन की सबसे कम दूरी राजौरी गार्डन में

23.6 मीटर का बना है सबसे ऊंचा पॉइंट धौला कुआं के पास

26 मीटर है सबसे गहरा पॉइंट पूरे सेक्शन पर नारायणा के पास

एक ही स्टेशन पर 4 प्लैटफॉर्म
इंटरचेंज स्टेशनों पर ही दो से ज्यादा प्लेटफॉर्म देखने को मिलते हैं, लेकिन इस लाइन के 2 स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा न होने के बावजूद 4-4 प्लैटफार्म बनाए गए हैं। शकूरपुर और मजलिस पार्क पर इस तरह का स्ट्रक्चर है। भविष्य में जब यह 59 किमी लंबी लाइन पूरी खुल जाएगी, तो कभी किसी ट्रेन को बीच में रोकने या टर्मिनेट करने की जरूरत भी पड़ सकती है। इसे देखते हुए इन दोनों स्टेशनों पर 4-4 प्लैटफार्म बनाए गए हैं। आमतौर पर इंटरचेंज स्टेशनों पर लाइन चेंज करने के लिए कोनकोर्स लेवल या ग्राउंड पर जाना पड़ता है, मगर राजौरी गार्डन स्टेशन पर आपको प्लैटफॉर्म से एक लेवल और ऊपर जाना पड़ेगा और उसके बाद आप ब्लूलाइन पर पहुंचेंगे। ट्रैक के ऊपर 16.5 मीटर लंबा एक रैंप बनाया है। यहां से 134 मीटर लंबे ट्रैवलेटर से होते हुए ब्लूलाइन वाले राजौरी गार्डन स्टेशन में एंट्री करेंगे। स्टेशन के बगल में राजौरी गार्डन फ्लाइओवर है, ऐसे में मेट्रो ने पहली बार इस तरह का प्रयोग किया।

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ट्रूडो ने लगाया इमेज खराब करने का आरोप, भारत भड़का

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने अपने देश पहुंच कर भारत के खिलाफ बयान दिया है। ट्रूडो ने इस दावे को सपॉर्ट किया है कि हाल की भारत यात्रा के दौरान भारत के सरकारी अमले ने उनकी इमेज खराब करने की कोशिश की। भारत ने इस आरोप का जोरदार खंडन किया है।

ट्रूडो पिछले दिनों भारत आए थे और जसपाल अटवाल के कारण उनकी यात्रा विवादों में घिर गई थी। भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक अटवाल पर खालिस्तान की मुहिम से संबंध रखने का आरोप है। अटवाल प्रतिबंधित संगठन इंटरनैशनल सिख यूथ फेडरेशन का सदस्य है और इस संस्था को 2003 में बैन कर दिया गया। अटवाल पर 1986 में वैंकूवर आइलैंड पर भारतीय कैबिनेट मंत्री मलकीयत सिंह सिंधू की हत्या का प्रयास करने का आरोप है। इसके अलावा अटवाल को 1985 में एक ऑटोमोबाइल फ्रॉड केस में भी दोषी पाया गया था।

मुंबई में अटवाल की एक तस्वीर ट्रूडो की पत्नी सोफी और कनाडा के मंत्री अमरजीत सोढ़ी के साथ सामने आई, जिससे यह पता चला कि वह ट्रूडो के साथ भारत आया हुआ है। ट्रूडो के लिए राजधानी में कनाडाई उच्चायुक्त की ओर से आयोजित डिनर में भी अटवाल को न्योता दिया गया था। विवाद होने पर न्योता वापस ले लिया गया।

इस बारे में उठे सवालों पर ट्रूडो के दफ्तर में मीडिया के लिए एक बैकग्राउंड ब्रीफिंग का आयोजन कराया गया था। कनाडाई मीडिया के मुताबिक इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डेनियल ज्यां ने कहा था कि अटवाल की मौजूदगी के पीछे भारत के उन सरकारी तत्वों (सुरक्षा एजेंसियों) का हाथ था, जो यह नहीं चाहते कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस विदेशी सरकार के काफी करीब आएं जो उनकी नजर में भारत को एक नहीं देखना चाहती।

ट्रूडो के कनाडा वापस लौटने पर मंगलवार को वहां संसद में विपक्षी सांसदों ने अटवाल से कनेक्शन पर उन्हें घेर लिया। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या उनके दफ्तर ने यह कहा है कि भारत सरकार की ओर से साजिश रची गई। ट्रूडो ने सरकारी अधिकारी के बयान का समर्थन किया। उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि जब हमारे टॉप अधिकारियों में एक कनाडा के लोगों से कुछ कहता है तो वे जानते हैं कि यह सच है।

यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘कनाडा के उच्चायुक्त की ओर से जसपाल अटवाल को दिए गए दो न्योतों के बारे में हमने कनाडा की संसद में हाल की चर्चा को देखा। हम यह साफ-साफ कहना चाहते हैं कि चाहे वह कनाडा के उच्चायुक्त की ओर से मुंबई में आयोजित इवेंट में जसपाल अटवाल की मौजूदगी का मामला हो या नई दिल्ली में कनाडा उच्चायुक्त की ओर से आयोजित भोज में उसे न्योता दिए जाने का मामला हो, भारत सरकार और उसकी सुरक्षा एजेंसियों का जसपाल अटवाल की मौजूदगी से कोई संबंध नहीं है। इस तरह की बातें आधारहीन हैं और हमें मंजूर नहीं हैं।’

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सऊदी अरब: सभी आला सैन्य अधिकारी बर्ख़ास्त

सऊदी अरब ने देर रात एक शाही फ़रमान जारी कर देश के सभी आला सैन्य अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है. इनमें सेना के प्रमुख भी शामिल हैं.

जिन अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है उनमें वायुसेना और थल सेना के आला अधिकारी शामिल हैं.

इसके अलावा कई उप-मंत्रियों की भी नियुक्तियां की गई हैं. इन नए नामों में तमादुर बिंत यूसुफ़ अल-रमाह नाम की महिला उप-मंत्री भी शामिल हैं.

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमानइमेज कॉपीरइटEPA
Image captionसऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

सऊदी अरब में किसी महिला का उप-मंत्री बनना आम बात नहीं है.

ये फ़ैसला ऐसे वक्त आया है जब यमन में सऊदी नेतृत्व में गठबंधन सेना की विद्रोहियों के साथ लड़ाई के लगभग तीन साल पूरे होने वाले हैं.

यमन में लड़ाईइमेज कॉपीरइटFAYEZ NURELDINE/AFP/GETTY IMAGES

यमन में सऊदी हस्तक्षेप के कारण हूथी विद्रोही देश के दक्षिण की तरफ सीमित हो गए हैं, लेकिन अभी भी वो राजधानी सना और कई इलाकों में मज़बूती से डटे हुए हैं.

लगभग तीन सालों से लड़ रही सऊदी सेना का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ की शक्ल में पड़ा है. साथ ही हूथी विद्रोहियों ने देश की राजधानी रियाद पर मिसाइल दाग़ने की धमकी दी है.

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मुरैना: खेत में बैठ कर शराब पी रहा था युवक, नशे में सांप को काटा, सांप की मौत

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद हैरतअंगेज खबर सामने आई है. सबलगढ़ तहसील के पचेर गाँव में शराब के नशे में धुत एक युवक ने एक सांप को दबोच लिया और उसे काट लिया, जिससे सांप की मौत हो गई. हाल ही में एक ऐसा मामला यूपी से भी सामने आया था.

शराबी युवक भी बाद में बेहोश होकर गिर पड़ा. जिला अस्पताल में भर्ती युवक को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है.

जिला अस्पताल के चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ राघवेंद्र यादव ने बताया कि युवक कल्याण जालिम सिंह कुशवाह अपने खेत पर शराब पी रहा था. तभी वहां एक जहरीला सांप निकला. सांप को देखते ही वह बौखला गया और उसने झपट्टा मार सांप को दबोच लिया और उसे काट लिया. सांप ने कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया.

डॉ यादव ने बताया कि सांप का जहर जैविक प्रोटीन होता है. बॉडी में इंजेक्ट होने और खून में मिलने के बाद ही इसका असर होता है. युवक को ज़हर का असर नहीं हुआ. वह अधिक शराब पीने और घबराहट की वजह से बेहोश हो गया था. होश में आने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया.

यूपी के हरदोई में भी हुआ था ऐसा मामला

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में किसान सोनेलाल (40) अपने जानवरों के लिए खेत से चारा लेने गए थे. चारा बीनते समय झाड़ियों में छुपे सांप ने सोनेलाल को काट लिया. सांप के काटने के बाद सोनेलाल ने बिना डरे उसे पकड़ लिया और सांप के फन को दांत से काटकर खा गया, और गांव लेकर आ गया.

गांव के लोगों ने उसे समझाया मगर उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ. जब गुस्सा शांत हुआ तो उसने सांप को फेंक दिया. किसान के इस काम को देखकर लोग हैरत में पड़ गए. परिजनों ने सीएचसी में उसे भर्ती कराया जहां उसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी. अब उसकी हालत ठीक है लेकिन चिकित्सक भी इस घटना को लेकर हैरान है.

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मालदीव में ‘महाभारत’ और भारत का धर्मसंकट

मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन ने देश के भीतर बढ़ते राजनीतिक गतिरोध के बीच 15 दिनों के आपातकाल की घोषणा की है.

देश के सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिया था कि सभी राजनीतिक क़ैदियों को रिहा किया जाए, राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के इसा आदेश को मानने से इंकार कर दिया था.

जब से सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया, तभी से मालदीव के राष्ट्रपति एक तरह से झिड़का हुआ महसूस कर रहे थे.

वे काफी समय से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और सत्ता की ताकत पूरी तरह से अपनी तरफ़ करने की कोशिशें कर रहे थे.

उन्होंने अपने विपक्षियों को जेल में डाल दिया था और फिर धीरे-धीरे सत्ता का केंद्रीकरण होने लगा था, ऐसे में उन्हें लग रहा था कि अब ताकत पूरी तरह उनके हाथों में है.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि उन्हें अपने फ़ैसले बदलने पड़ेंगे!

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सेना की भूमिका अहम

आपातकाल की घोषणा करने के बाद ऐसा लगता है कि वे अपना आखिरी दांव खेल रहे हैं और इसके अलावा उनके पास कोई दूसरा चारा नहीं बचा था.

पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे तख्तापलट की तरह बताया है.

अबदुल्ला यमीन के पास दरअसल इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता बचा ही नहीं था.

अगर वे सत्ता दोबारा नशीद के हाथों में सौंप देते तो ज़ाहिर सी बात है कि उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही होती.

लेकिन अब ऐसा लगता है कि सेना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है.

इसके साथ ही विपक्षी नेता किस तरह एकजुट होते हैं और उनका समर्थन कर रहे अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर क्या कदम उठाते हैं, ये देखने वाली बात होगी.

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भारत की भूमिका

मालदीव के भीतर चल रही इस राजनीतिक उठापटक में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.

मौजूदा वक्त में नशीद और यमीन के बीच जब रस्साकशी चल रही थी तब भारत पीछे से अपनी भूमिका निभा रहा था.

कई लोगों ने इसकी आलोचना भी की थी कि जब लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई नशीद सरकार को हटाया गया था तो उस समय भारत को खुलकर उनका समर्थन करना चाहिए था और लोकतांत्रिक ताकतों के बचाव के लिए भारत और अधिक मुखर होकर सामने आना चाहिए था.

लेकिन ये समझना चाहिए कि भारत के अपने भी कई हित हैं, जैसे भारत कभी भी ये नहीं चाहेगा कि मालदीव पूरी तरह चीन की तरफ चला जाए.

लेकिन अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि भारत को अपना रुख स्पष्ट करना ही पड़ेगा हालांकि भारत के पास कई दूसरे रास्ते अभी मौजूद हैं.

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क्या चीन देगा यामीन का साथ?

आपातकाल लगाने के बाद अब अब्दुल्ला यामीन के पास कौन से रास्ते बाकी हैं. इस मसले मे अब ये देखना होगा कि बाहरी दबावों से वे किस तरह निपटते हैं.

यामीन ये भी सोच रहे होंगे कि उन्होंने चीन के साथ अपनी घनिष्टता बढ़ाई है तो चीन उनका पक्षधर बनेगा और जब पश्चिमी देशों और भारत की तरफ से उन पर दबाव बनाया जाएगा तब चीन उनका साथ देगा.

लेकिन शायद वो चीन की रणनीति को थोड़ा गलत समझ रहे हैं क्योंकि ऐसा कभी नहीं हुआ जब सभी वैश्विक ताकतों के ख़िलाफ़ चीन अलग से किसी का अकेले समर्थन करने आया हो, इसलिए फिलहाल तो यामीन के पास बहुत कम विकल्प नजर आते हैं.

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सीबीआइ की गिरफ्त में सीजीएसटी सेंट्रल एक्साइज के कमिश्नर सहित आठ अफसर

सीजीएसटी, सेंट्रल एक्साइज कानपुर में कमिश्नर के पद पर तैनात संसार चंद के साथ आठ लोगों को सीबीआइ ने अपनी गिरफ्त में लिया है। इनके ऊपर घूस लेने का गंभीर आरोप है।

कानपुर रिश्वत मांगने के आरोप में सीजीएसटी कमिश्नर संसार चंद्र समेत छह लोगों को सीबीआइ एंटी करप्शन टीम ने अपनी कस्टडी में लिया है। उन पर तमाम क्लाइंट से मासिक और त्रैमासिक घूस लेने का भी आरोप है। सीबीआइ ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि संसार चंद्र, उनके कुछ अधीक्षक, कुछ निजी लोग मिलकर संगठित रूप कंपनियों पर अवैध तरीके से दबाव बनाकर वसूली कर रहे हैं।
सीबीआइ ने अपनी रिपोर्ट में कानपुर में इंद्रधनुष अपार्टमेंट सर्वोदय नगर में अधीक्षक अजय श्रीवास्तव, इसी अपार्टमेंट वासी अधीक्षक अमन शाह, सर्वोदय नगर स्थित शिवा अपार्टमेंट में निवासी अधीक्षक राजीव सिंह चंदेल, स्वरूप निवासी अमित अवस्थी, दिल्ली में सी-58, असिमा अपार्टमेंट, सेक्टर 9, रोहिणी निवासी अमन जैन, दिल्ली में सी 25 फस्र्ट फ्लोर शिवाजी पार्क, पंजाबी बाग निवासी चंद्र प्रकाश के साथ ही दिल्ली की डिफेंस कालोनी में डी-235 निवासी संसार चंद्र की पत्नी अविनाश कौर को भी आरोपी बनाया है। आरोप में यह भी कहा गया है कि तमाम कंपनियों की तरफ से बड़े-बड़े इलेक्ट्रानिक व अन्य सामान दिल्ली स्थित संसार चंद्र के आवास पर दिए जाते थे। रिपोर्ट में अधीक्षकों पर संसार चंद्र के साथ मिलकर वसूली करने का भी आरोप लगाया गया है। इसमें फिलहाल एक डिटरजेंट कंपनी का नाम भी आया है, जिससे फरवरी से अप्रैल 2018 की त्रैमासिक के लिए 1.5 लाख रुपये लिए जाने के लिए दबाव डाला जा रहा था। कंपनी का निदेशक खराब आर्थिक स्थिति की वजह से यह धन नहीं दे पा रहे थे जिसकी वजह से उन पर लगातार दबाव डाला जा रहा है। इसके साथ ही इस्पात कंपनी, पान मसाला की बड़ी कंपनियों से भी संसार चंद्र के दिल्ली स्थित आवास पर लगातार सामान भेजे जाने की रिपोर्ट सीबीआइ ने की है।
संसार चंद्र कानपुर में गुजैनी स्थित कस्टम कालोनी में रहते हैं। उनको सीबीआइ की टीम ने फैजाबाद से हिरासत में लिया है। अन्य सभी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। जीएसटी कमिश्नर संसार चंद को घूस मांगने के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। संसारचन्द्र को फैजाबाद के पास से गिरफ्तार किया गया। इसकी आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। सीबीआई ने इस मामले में तीन सुपरिटेंडेंट और एक ऑफिस स्टाफ को भी गिरफ्तार किया है। जीएसटी कमिश्नर संसार चंद को डेढ़ लाख रुपया रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।1986 बैच के आइआरएस अधिकारी संसार चंद के साथ ही जीएसटी एंड सेंट्रल एक्साइज के सुपरीटेंडेंट अजय श्रीवास्तव, अमन शाह व राजीव चंदेल, इनके ऑफिस स्टॅाफ सौरभ पाण्डेय, एक प्रतिष्ठान के मनीष शर्मा तथा संसार चंद की पत्नी अविनाश कौर को सीबीआई ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
एफआईआर के मुताबिक संसार चंद अपने सुपरिटेंडेंट अजय श्रीवास्तव, अमान शाह और आरएस चंदेल से समय समय पर कई लोगों से आने वाले अवैध धन के बारे में अपडेट लिया करते थे। जांच एजेंसी ने तीन कंपनियों शिशु सॉप एंड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, सर पान मसाला और मैसर्स रिमझिम इस्पात लिमिटेड की पहचान की है, जिनसे जीएसटी अधिकारियों ने विभाग से जुड़े मामलों में अवैध वसूली की। सीबीआई ने इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 120(बी) और पीसी अधिनियम की धारा 7,11,12 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई की टीमों ने कानपुर में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की है।
अवैध रूप से उगाही करने का एक व्यवस्थित और संगठित गिरोह  
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से जुड़ा अभी तक का यह अलग मामला है, जिसमें उच्च अधिकारी की गिरफ्तारी भी की गई। जीएसटी अधिकारियों ने विभागीय कार्रवाई को रोकने के लिए कंपनियों से रिश्वत ली थी। रिश्वत का पैसा हवाला के जरिए व्यवस्थित रूप से मासिक या त्रैमासिक किश्त की तरह अधिकारियों को दिया गया था। 1986 बैच के एक आईआरएस अधिकारी संसार चंद वर्तमान में जीएसटी के आयुक्त हैं। आरोप है वह केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, कानपुर में अपने अधिकार क्षेत्र से संबंधित मामलों में अवैध रूप से उगाही करने वाले एक व्यवस्थित और संगठित गिरोह का नेतृत्व कर रहे थे।