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धूल की चादर में लिपटा उत्‍तर भारत। जानें क्या है वजह और कैसे सुरक्षित रहें अगले 48 घंटों में!

धूलभरी हवा से राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित रहे। धूलभरी हवाएं चलने का कारण पश्चिमी विक्षोभ माना जा रहा है। ऐसे में लोगों को जहां सांस लेने में दिक्कत हो रही है, वहीं हवाई परिचालन प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ही हालात रहे तो उत्तर भारत के लिए आने वाले 48 घंटे मुश्किलों भरे हो सकते हैं।

40 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही है धूल बढ़ते तापमान से परेशान उत्तर भारत के लोगों की मुश्किल तब और बढ़ गई, जब हवाएं चलने से वातावरण में धूल की मात्रा और बढ़ गई। स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत का कहना है कि राजस्थान और ब्लूचिस्तान की ओर से चल रही गर्म हवाओं के साथ धूल करीब 40 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से दिल्ली की ओर आ रही है। चूंकि मौसम में नमी नहीं है, इस कारण धूल की इस चादर का असर कई दिन तक बना रहेगा। दिल्ली में कई गुना बढ़ा प्रदूषण का स्तर धूलभरी हवाओं ने दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया है।

पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 बुधवार को दिल्ली में तीन गुना से भी अधिक 200 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है, जबकि बुधवार को यह 981 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। घर व दफ्तर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने की सलाह मौसम विशेषज्ञों ने ऐसे हालात में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घर के भीतर ही रहने की सलाह दी है। घर व दफ्तर की खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने को कहा है। साथ ही कचरा न जलाने की सलाह दी है। इस दौरान निर्माण कार्य भी बंद रखने की भी बात कही है।

बठिंडा-जम्मू फ्लाइट रद
आसमान में धूल के कारण बठिंडा-जम्मू फ्लाइट रद आसमान में धूल होने के कारण बुधवार को बठिंडा से जम्मू और जम्मू से बठिंडा की फ्लाइट को रद कर दिया गया। जम्मू से सुबह 9:10 की फ्लाइट को बठिंडा 10:20 बजे पहुंचना था, लेकिन आसमान में धूल के कारण जम्मू से फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी।

यूपी में आंधी के बाद बरसे बदरा
उत्तर प्रदेश में आंधी के बाद बरसे बदरा, 10 की मौत भीषण तपन के बीच मौसम के प्रतिदिन अलग-अलग तेवर बेहाल कर रहे हैं। पश्चिमी उप्र के अधिकांश जिलों में बुधवार को आसमान में धुंध छायी रही। गर्म हवाएं और उमस ने झुलसाया तो कहीं आंधी-पानी ने तबाही मचाई। खासकर पूर्व और मध्य उप्र में। इस दौरान 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। पेड़, बिजली खंभे उखड़े, जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।

हरियाणा में दो दिन और मुसीबत
हरियाणा में दो दिन और रहेगी मुसीबत हरियाणा के आसमान में भी बुधवार को धूल का गुबार छाया रहा। इससे दृश्यता कम हो गई। ऐसे हालात हो दिन और रह सकते हैं। धूल की वजह से सांस के मरीजों की तकलीफ भी बढ़ गई। वहीं, गर्मी के कारण हांसी में दो लोगों की मौत हो गई।

कोलकाता में मिली राहत 
कोलकाता में बारिश से मिली राहत कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के विभिन्ना जिलों में मानसून की हुई बारिश से तापमान सामान्य रहा। हालांकि, कोलकाता व आसपोड़स के जिलों में दोपहर तक तेज धूप थी। बाद में बादल छा जाने से मौसम अच्छा हो गया।

छत्‍तीसगढ़ में उमस 
छत्तीसगढ़ में उमस ने लोगों को किया परेशान छत्तीसगढ़ में बुधवार को दिन में उमस ने लोगों को परेशान किया। पूर्वानुमान है कि आने वाले 24 से 36 घंटों के बीच दक्षिण छत्तीसगढ़ से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में आठ जून को मानसून पहुंच चुका है, लेकिन बारिश अपेक्षाकृत कम में हो रही है।

जम्‍मू-कश्‍मीर में पारा सामान्‍य से ऊपर
जम्मू-कश्मीर में सामान्य से ऊपर है पारा जम्मू-कश्मीर में तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। जम्मू में बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले मई में तापामान 43.5 डिग्री रह चुका है। कश्मीर में भी तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है।

हिमाचल में धूप से बढ़ा तापमान
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन दिन से धूप खिलने के कारण तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 43.4 डिर्ग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला में सामान्य से अधिक गर्मी दर्ज की जा रही है।

उत्तराखंड के पहाड़ों में बारिश, मैदान में तपिश
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में जहां बुधवार को बारिश से लोगों को चढ़ते पारे से राहत मिली है, वहीं मैदानी जिलों में गर्मी व उमस ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन चढ़ते पारे से राहत मिलने के आसार कम ही हैं।

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2 दिन में 65% फीसद उछल गया आरकॉम का शेयर, कर्ज घटाने की खबर का असर

मंगलवार को अनिल अंबानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रिलायंस कम्युनिकेशन पर बढ़ते कर्ज को घटाने के लिए शेयरधारकों  के सामने अपनी स्ट्रैटजी रखी। अनिल अंबानी ने कहा कि उनकी कंपनी जियो के साथ 4G स्पेक्ट्रम शेयरिंग करार करेगी। वहीं कंपनी के ऊपर लदे भारी भरकम कर्ज के संबंध में उन्होंने कहा, “हमारे पास कंपनी का कर्ज करने की पूरी रणनीति तैयार है और हमने इसे 45,000 करोड़ से घटाकर 6,000 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है।” इस खबर के बाद रिलायंस कम्युनिकेशन के शेयर में जबरदस्त  उछाल देखने को मिला। दो  दिन  में  कंपनी का शेयर करीब 65 फीसद उछल गया।

बीएसई पर 1.30 बजे आरकॉम का प्रदर्शन
दिन के करीब 1.30 बजे बीएसई पर रिलायंस कम्युनिकेशन्स के शेयर्स 32.63 फीसद के उचाल के साथ 28.29 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। इसका दिन का उच्चतम 28.58 का स्तर और निम्नतम 23.46 का स्तर रहा है। वहीं इसका 52 हफ्तों का उच्चतम 41 रुपये का स्तर और निम्नतम 9.60 रुपये रहा है।

छह सत्रों में 125 फीसद उछला आरकॉम-
कंपनी की ओर से 39000 करोड़ रुपये के डेट रेजोल्यूशन प्लान की घोषणा के बाद बीते छह सत्रों में कंपनी के शेयर्स में 125 फीसद तक का उछाल देखने को मिला है। बुधवार सुबह 11 बजे आरकॉम 20.39 फीसद की बढ़त के साथ 25.68 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान शेयर 22 फीसद के उछाल के साथ 25.92 रुपये जो कि पांच महीने का उच्चतम स्तर है, पर पहुंच गया था। यह लेवल आखिरी 28 जुलाई को देखा गया था। वहीं, 18 दिसंबर से अबतक शेयर्स में 125.36 फीसद की तेजी दर्ज की गई है।

मंगलवार को 34 फीसद तक उछला आरकॉम
मंगलवार को बीएसई पर रिलायंस कम्युनिकेशन्स 34 फीसद के उछाल के साथ 21 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसका दिन का उच्चतम 22.49 और निम्नतम 16.50 का स्तर रहा था।

जियो के साथ करार करेगी छोटे अंबानी की कंपनी: अनिल अंबानी ने यहां पर जानकारी दी है कि वो जियो के साथ 4G स्पेक्ट्रम शेयरिंग करार करेंगे। उन्होंने कहा कि अंडर सी केबल कारोबार के लिए उनकी कंपनी जियो के साथ समझौता करेगी। उन्होंने कहा कि एसएसटीएल (SSTL) के जरिए कंपनी को 4जी और 5जी का लाइसेंस मिला है।

भारी भरकम कर्ज पर बोले अनिल अंबानी: अनिल अंबानी ने कहा कि साल 2018 तक कंपनी का कर्ज घटकर 25,000 करोड़ रुपए तक आ जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपने कर्ज को 45,000 करोड़ से घटाकर 6,000 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। अंबानी ने यहां पर यह भी कहा कि बीते कुछ महीने कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी के सामने एनसीएलटी से जुड़ी कई दिक्कतें सामने आई हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बैंको का कर्ज इक्विटी में भी नहीं बदला जाएगा, उन्हें पूरा पैसा वापस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंकों को एडीएजी को दिए कर्जे राइट ऑफ नहीं करने होंगे। उन्होंने बताया कि कुछ हफ्तों में लेनदारों के मामले सुलझा लिए जाएंगे।

कंपनी के कारोबार बिक्री पर बोले अंबानी: उन्होंने कहा कि कंपनी स्पेक्ट्रम, फाइबर और पॉवर कारोबार बिक्री की तैयारी कर चुकी है। कंपनी की ऐसेट सेल की रणनीति का खुलासा करते हुए अनिल अंबानी ने कहा कि आरकॉम में हिस्सा बेचने के लिए 9 ऑफर्स मिले हैं। कर्ज कम करने के लिए ऐसेट बिक्री की योजना बनाई गई है। अंबानी ने कहा कि ऐसेट बिक्री की पिछली प्रक्रिया 49 दिनों में पूरी कर ली गई थी।

घोषणा के तुरंत बाद दोपहर तीन बजे अनिल अंबानी की कंपनियों का हाल:

रिलायंस पावर: रिलायंस पावर बीएसई पर 3.85 फीसद की बढ़त के साथ 43.15 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 43.20 और निम्नतम 41.55 का स्तर रहा है। वहीं, इसका 52 हफ्तों का उच्चतम 50.80 और निम्नतम 34.65 का स्तर रहा।

रिलायंस कैपिटल लिमिटेड: बीएसई पर रिलायंस कैपिटल 6.69 फीसद की बढ़त के साथ 517.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम स्तर 519 का और निम्नतम 481.45 का स्तर रहा है। वहीं इसका 52 हफ्तों का उच्चतम 877.80 का और निम्नतम 397 का स्तर रहा।

रिलायंस कम्युनिकेशन्स: बीएसई पर रिलायंस कम्युनिकेशन्स 34.76 फीसद के उछाल के साथ 21.98 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 22.49 और निम्नतम 16.50 का स्तर रहा है। वहीं 52 हफ्तों का उच्चतम 41 का स्तर और निम्नतम 9.60 का स्तर रहा है।

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बिटकॉइन ने छुआ 10 हजार डॉलर का रिकॉर्ड हाई, जानिए इससे जुड़ी कुछ अहम बातें

मंगलवार को वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन में तेज उछाल देखने को मिला है। उसके बाद एक बिटकॉइन की कीमत 10,000 डॉलर क पार हो गई है। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत 6,50,000 रुपये है। बीते एक वर्ष के दौरान इसमें 900 फीसद से ज्यादा का इजाफा दर्ज किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक तरह की पोंजी स्कीम है जिसमें निवेशकों के साथ धोखा हो सकता है।

क्या है बिटकॉइन:
बिटकॉइन एक वर्चुअल करेंसी (क्रिप्टो करेंसी) जैसी है जिसे एक ऑनलाइन एक्सचेंज के माध्यम से कोई भी खरीद सकता है। इसकी खरीद-फरोख्त से फायदा लेने के अलावा भुगतान के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल भारत में एक बिटकॉइन की कीमत करीब 65 हजार रुपये है।

इससे जुड़ी कुछ खास बातें-

  • पूरे विश्व में कुल 1.5 करोड़ बिटकॉइन चलन में होने का अनुमान
  • इस गुप्त करेंसी पर सरकारी नियंत्रण नहीं होता। इसे छिपाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इसे दुनिया में कहीं भी सीधा खरीदा या बेचा जा सकता है।
  • इन्हें रखने के लिए बिटकॉइन वॉलेट उपलब्ध होते हैं।
  • इन्हें आधिकारिक मुद्रा से भी बदला जाता है। इसे न तो जब्त किया जा सकता है और न ही नष्ट।
  • यह किसी देश की आधिकारिक मुद्रा नहीं है। ऐसे में इस पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगता है।
  • बिटकॉइन में ट्रेड करने के लिए कई एक्सचेंज हैं जिनमें जेबपे, यूनोकॉइन और कॉइनसिक्योर एक्सचेंज शामिल है।
  • अधिकांश एक्सचेंज के पास एंड्रॉयड और आईफोल एप्स हैं, जिनके जरिए बैंक एकाउंट से लिंकिंग के बाद क्विक ट्रांस्फर कर सकते हैं।
  • इसके केवाइसी अनिवार्य है। निवेशक के लिए पैन औप अन्य डिटेल्स के साथ आईडी प्रमाणित कराना जरूरी है।
  • बिटकॉइन बेचने पर पैसा तुरंत एकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है। कई एजेंट्स भी होते हैं जो कैश के लिए क्रिप्टो कंरसी की बिक्री करते हैं।

शुरुआत हुई 2009 में:
2008 में पहली बार बिटकॉइन के संबंध में एक लेख प्रकाशित हुआ। इस्तेमाल के लिए यह 2009 में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में उपलब्ध हुई। इसे अज्ञात कंप्यूटर प्रोग्रामर या इनके समूह ने सातोशी नाकामोटो के नाम से बनाया।

बिटकॉइन के अलावा और कौन सी हैं क्रिप्टो करंसी-
बिटकॉइन के अलावा इथेरम, रिप्पल, लाइटकॉइन, एनईएम, डैश, इथेरम क्लासिक, आईओटीए, मोनेरो और स्टैटस भी क्रिप्टो करंसी हैं।

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7वां वेतन आयोग: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के डेपुटेशन अलाउंस में हुआ दो गुना का इजाफा

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। करीब 48 लाख कर्मचारियों का डेपुटेशन अलाउंस (प्रतिनियुक्ति भत्ता) बढ़ने वाला है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह भत्ता मौजूदा 2,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 4,500 रुपये हो गया है। गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है।

मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, “एक ही स्थान पर प्रतिनियुक्ति होने पर भत्ता मूल वेतन का पांच फीसद होगा जो अधिकतम 4,500 रुपए मासिक तक हो सकता है।” बीते शुक्रवार को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश में यह भी कहा गया कि अगर प्रतिनियुक्ति दूसरे शहर में की जाती है तो भत्ता मूल वेतन का 10 फीसद तथा अधिकतम 9,000 रुपए मासिक होगा। इससे पहले दूसरे शहरों में प्रतिनियुक्ति भत्ते की सीमा 4,000 रुपए थी। इसमें आगे कहा गया कि इसके अनुसार महंगाई भत्ता 50 फीसद बढ़ने पर इस भत्ते की सीमा को 25 फीसद बढ़ाया जाएगा।

बीते हफ्ते केंद्रीय कर्मचारियों जिन्होंने अपनी न्यूनतम सैलरी के मद में जीत हासिल कर ली थी उन्हें उस मीडिया रिपोर्ट के बाद निराश होना पड़ा जिसमें वित्त मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया था कि फिलहाल उनके पास ऐसी कोई योजना नहीं है। आपको बता दें कि 7वें वेतन आयोग ने 2.57 के एक फिटन फैक्टर की सिफारिश की थी, जिसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति महीने किया जाना था।

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मूडीज और क्रिसिल की तारीफ से बुलंद हुए एनएचएआइ के इरादे

अंतरराष्ट्रीय एजेंसी मूडीज की ओर से रेटिंग में बढ़ोतरी और घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की तारीफ से उत्साहित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने राजमार्ग निर्माण के लक्ष्यों में भारी बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। एनएचएआइ ने वर्ष 2017-18 के लिए 6500 किलोमीटर राजमार्गो के अनुबंध देने का लक्ष्य तय किया था।

लेकिन नई स्थितियों में इस लक्ष्य को बढ़ाकर 10,500 किलोमीटर किए जाने की संभावना है। 4500 किलोमीटर सड़कों के टेंडर दिए जा चुके हैं। जबकि बाकी 6000 किलोमीटर के टेंडर दिसंबर तक दिए जाने की उम्मीद है। मार्च, 2018 तक इनमें और बढ़ोतरी हो सकती है।

दरअसल, रेटिंग एजेंसियों के सकारात्मक रुख का फायदा एनएचएआइ को अंतरराष्ट्रीय बाजार से सस्ती दरों पर ज्यादा कर्ज उठाने के रूप में मिलेगा जिससे वह पहले के मुकाबले ज्यादा परियोजनाओं के अनुबंध देने के साथ-साथ राजमार्ग निर्माण के नए आंकड़े छूने की स्थिति में होगा।

इससे पहले 2015-16 में एनएचएआइ ने 3533 किलोमीटर राजमार्गो के अनुबंध दिए थे। जबकि 2016-17 में लक्षित अनुबंधों का आंकड़ा 5600 किलोमीटर का था। हालांकि अनुबंधों के मुकाबले एनएचएआइ की सड़क निर्माण की रफ्तार काफी कम रही है।

इसके बावजूद अटकी परियोजनाओं की अड़चनें दूर किए जाने तथा हाइब्रिड एन्युटी जैसे आकर्षक नए मॉडल प्रस्तुत किए जाने के परिणामस्वरूप सड़क निर्माण की गति में आश्चर्यजनक इजाफा हुआ है।

गौरतलब है कि मूडीज ने भारत की रेटिंग के साथ ही देश में राजमार्गो का निर्माण करने वाली सरकारी संस्था एनएचएआइ की रेटिंग भी बीएए3 से बढ़ाकर बीएए2 कर दी है। इसी तरह भारतीय रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने भी अपनी रिपोर्ट में यह कहते हुए एनएचएआइ की तारीफ की है कि उसके अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप राजमार्ग निर्माण की रफ्तार बढ़कर 23 किलोमीटर रोजाना हो गई है और वह दिन दूर नहीं, जब देश में रोजाना 40 किलोमीटर राजमार्गो का निर्माण होने लगेगा। इस हौसला आफजाई से एनएचएआइ के इरादों को पर लग गए हैं।

मूडीज ने एनटीपीसी व एनएचपीसी के साथ ही एनएचएआइ की रेटिंग बढ़ाते हुए कहा है, ‘इससे देश में इन प्रतिष्ठानों की रणनीतिक महत्ता के अलावा सरकार के साथ इनके परिचालन एवं वित्तीय संबंधों का पता चलता है।’ इससे पहले मूडीज ने बीते नौ अक्टूबर को ही एनएचएआइ को बीएए3 रेटिंग प्रदान की थी। इस तरह उसने एक महीने के भीतर ही रेटिंग को बढ़ाकर बीएए2 करके सबको चौंका दिया है।

क्रिसिल रिपोर्ट में भी एनएचएआइ द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों की यह कहते हुए तारीफ की गई है कि 2015 में केवल 12 किलोमीटर राजमार्गो का निर्माण हो रहा था। परंतु 2017 में 23 किलोमीटर राजमार्ग बनने लगे हैं। आने वाले दिनों में एनएचएआइ द्वारा दिए जाने वाले नए अनुबंधों के परिणामस्वरूप ‘भारतमाला’ प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन को गति मिलने की आशा है। डेट तथा इक्विटी लगाने वाले निवेशक अब भारतीय सड़क क्षेत्र में ज्यादा रुचि लेने लगे हैं।