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अब नहीं होगी हर काम में पैन कार्ड की जरूरत। आधार नंबर ही बन जाएगा पैन!

भारत सरकार के यूनियन बजट 2019 में इंकम टैक्स रूल में फेरबदल किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए इन नए रूल्स के बारे में बताया।

टैक्सदाताओं की सहूलियत के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड को विनिमय योग्य कर दिया जाएगा। इसका अर्थ जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वे इंकम टैक्स फाइल करते समय आधार कार्ड को पैन कार्ड की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही अन्य जगहों पर भी यह पैन कार्ड के विकल्प के रूप में कार्य करेगा।

अब पैन अप्लाई करते समय UIDAI से आधार का डेमोग्राफिक डेटा लिया जाएगा। अगर पैन कार्ड में आपका आधार लिंक है तब आप अपनी इच्छानुसार पैन कार्ड की जगह आधार का उपयोग कर सकते हैं।

इसके साथ ही बड़ी बैंकिंग ट्रांजेक्शन के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड डेटा से वेरिफाई करवाना अनिवार्य हो गया है।

सभी इंकम टैक्स फाईलिंग के लिए आधार से वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है।

रविशंकर प्रसाद ने संसद में महत्वपूर्ण आधार अमेंडमेंट बिल पेश किया जिसके अंतर्गत अब 18 वर्ष से कम उम्र के आधार नंबर होल्डर्स 18 वर्ष की आयु में आने पर अपना आधार कैंसिल करवा सकते हैं। इसके साथ ही इन्होंने आधार डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की।

क्या हुआ महंगा

सोने के आयात शुल्क में 2.5% बढ़ाने के साथ साथ पेट्रोल, डीजल और आयातित पुस्तकों पर 5% शुल्क बढ़ाया गया है। इसके अलावा ऑटो पार्ट्स में सिंथेटिक रबर, पी वी सी, टाइल्स, ऑप्टिकल फाइबर, चांदी, स्टेनलेस उत्पाद, मूल धातु के फिटिंग और फ्रेम्स, एयरकंडीशनर, लाउडस्पीकर, वीडियो रिकॉर्डर, CCTV कैमरे, तम्बाकू उत्पाद तथा हॉर्न पर भी शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई।

क्या हुआ सस्ता

इलेक्ट्रिक कारों पर GST को 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है तथा इसके लिए लोन पर ब्याज में 1.5 लाख तक कि इंकम टैक्स में छूट दी गई है। होम लोन भी सस्ते हुए जिसमे 45 लाख के होम लोन में 3 लाख की छूट भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त साबुन,शैम्पू, हेयरोइल, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट पौडर, पंखे, लैंप, ब्रीफकेस, यात्री बैग, सेनेटरी वीयर, बोतल, कंटेनर, रसों बर्तन, बिस्तर, गद्दे, चश्मों के फ्रेम, बांस फर्नीचर, पास्ता, मेयोनेज़, नमकीन, सूखा नारियल, सेनेटरी नैपकिन, धूपबत्ती, ऊन तथा ऊन के उत्पादों को और सस्ता करा गया है।

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अब बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के भी पा सकते हैं अपना आधार। UIDAI ने की नई शुरुआत!

अभी तक यदि आपका आधार कार्ड गुम हो जाए तथा आपके आधार में आपका रजिस्टर्ड नंबर अपडेट न हो, तो आधार को डाउनलोड कर पाना संभव नहीं था। इसके लिए पहले आपको आधार केंद्र पर जाकर अपना मोबाइल नंबर अपडेट करवाना पड़ता था जिसके अपडेशन के बाद आधार का प्रिंट निकाल पाना संभव हो पाता है।

UIDAI ने इस समस्या का निदान करते हुए एक आधार रीप्रिंट सर्विस शुरू की है जिसके माध्यम से कुछ शुल्क का भुगतान कर आप आधार के रीप्रिंट को अपने घर पर डाक के द्वारा मंगवा सकते हैं। इसके लिए UIDAI ने 5 दिन की समयसीमा रखी है।

उपरोक्त अनुसार आधार की वेबसाइट पर ऑर्डर आधार रीप्रिंट विकल्प को चुनकर विकल्प में अपना 12 अंकों का आधार या वर्चुअल आई डी को लिखकर आप सिक्योरिटी कोड को यथानुसार अंकित करते हैं और “If you do not have registered mobile number” चेकबॉक्स पर क्लिक करते हैं। यहां से आगे आप ओटीपी की जगह शुल्क का भुगतान कर आधार को अपने घर के पते पर मंगवा सकते हैं।

आशा करते हैं आपको यह जानकारी पसंद आएगी और इससे आप यथासंभव लाभ उठा पाएंगे।

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खाली समय का करें उपयोग, YouTube देखकर ऐसे कमाएं पैसे

अगर आपको यूट्यूब वीडियो देखना पसंद है तो आप इस शौक के जरिए पैसा भी कमा सकते हैं। आपका यह शौक औसतन आपको 20 से 30 हजार तक की कमाई करवा देगा। ध्यान रहे ऑनलाइन साइट्स सेकंडों के हिसाब से पेमेंट करती हैं। ऐसे में आप जितने ज्यादा वीडियोज देखेंगे, उतना ही ज्यादा आपको फायदा होगा। इसलिए आप अपने दिन के कुछ खाली घंटे निकालकर ये काम करें। जानिए कौन सी साइट देती हैं वीडियो देखने का पैसा।

पेड2यूट्यूब (paid2youtube): जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस साइट पर आपको सबसे पहले खुद को रजिस्टर्ड करवाना होगा। यहां पर 30 सेकंड का यूट्यूब वीडियो देखने और उस पर कमेंट करने के पैसे मिलते हैं। यहां आप 200 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। आप यह काम एक साथ और कुछ-कुछ देर बाद समय निकालकर भी कर सकते हैं। आपके खाते में एक बार 670 रुपए की रकम जमा होने के सात दिन बाद पेपाल अकाउंट से आपको पेमेंट कर दी जाती है।

स्वैगबक्स (swagbucks): यहां भी आपको सबसे पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। यहां पर आप सर्वे के जरिए भी कमाई कर सकते हैं। आपकी ओर से किए गए हर क्लिक और वीडियो देखने पर स्वैगबक्स आपको एक एसबी से लेकर 30 एसबी तक प्वाइंट्स देता है। 500 एसबी प्वाइंट्स पर आपको 250 रुपए का फ्लिपकार्ट और एमेजन का गिफ्ट कार्ड दे दिया जाता है।

यू-क्यूब्ज (you-cubez): यहां पर भी आपको सबसे पहले साइन अप करना होगा। यानी अपना अकाउंट बनाना होगा। इस एजेंसी पर प्रति क्लिक आपको 0.005 सेंट का भुगतान किया जा सकता है। यानी आप इस साइट पर अगर एक दिन में 400 बार क्लिक करते हैं तो आप 134 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह एक एडवरटाइजिंग एजेंसी की साइट है।

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इटली के डॉक्टर ने किया सिर्फ 10 रुपये में हर स्टेज का कैंसर खत्म करने का दावा

इटली के एक डॉक्टर ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि कैंसर का इलाज आपके घर में ही मौजूद है। डॉक्टर टुलियो का कहना है कि कैंसर एक तरह का फंगल है और इसे बेकिंग सोडा की मदद से आसानी से खत्म किया जा सकता है। हमारे घर में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बेकिंग सोडा कैंसर को खत्म करने के लिए रामबाण है। महज 2 से 10 रुपए की कीमत पर मिलने वाले बेकिंग सोडा की मदद से इटली के डॉ टुलियो सिमोनसिनी सैकड़ों मरीजों का इलाज कर चुके हैं। उनका दावा है कि इस तरीके के उपायोग से वो अब तक सभी स्टेज के कैंसर मरीजों का इलाज कर चुके हैं और सभी लोगों पर यह दवा 100 फीसद प्रभावी है।

डॉ. टुलियो कहते हैं कि यह थेरेपी बिल्कुल हानिकारक नहीं है। अधिक से अधिक कैंसर के मामलों की दर्दनाक वास्तविकता किसी न किसी तरह से ऑन्कोलॉजी की विफलताओं से जुड़ी हुई है। हमें यह साबित करना है कि आधुनिक ऑन्कोलॉजी कैंसर रोगियों के सभी सवालों के जवाब देने में असमर्थ है। यह हमारे समय की सबसे कठिन और घातक बीमारी है, जिसके असली इलाज खोजना हमारी नैतिक जिम्मेदारी और नैतिक प्रतिबद्धता है।

उनके मुताबिक, बेकिंग सोडा की मदद से हम जो इलाज कर रहे हैं उससे 10 दिन में किसी भी स्टेज के कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि फंगी हमेशा अपने साथ एक ट्यूमर लेकर आते हैं। यह विवो और इन विट्रो, दोनों तरह के अध्ययनों में साबित हुआ है। हालांकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि वे बीमारी के बाद विकसित होते हैं। मगर, डॉ. टुलियो का मानना है कि वे पहले से ही मौजूद होते हैं।

उनके अनुसार, फंगस कैंसर को पैदा करते हैं, प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं और इसके बाद पूरे शरीर पर हमला करते हैं। हर तरह का कैंसर कैंडिडा फंगस की वजह से ही होता है। इसकी कई अध्ययनों से पुष्टि भी हो चुकी है। समय के साथ-साथ हमारी कोशिकाएं कमजोर और थकी हुई हो जाती हैं और अज्ञात कोशिकाओं को उत्पादन शुरू कर देती हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर एक अल्सर है, जिसमें विकृत कोशिकाएं जमा होती हैं और कॉलोनीज बना लेती हैं।

डॉ. टुलियो ने कहा कि सामान्य एंटी फंगल दवाएं कैंसर के खिलाफ अप्रभावी होती हैं क्योंकि वे केवल कोशिकाओं की सतह पर ही काम करती हैं। मुख्य संक्रमण एक बैक्टीरिया से अधिक शक्तिशाली है। यही कारण है कि फंगल संक्रमण इतने लंबे समय तक शरीर में बना रहता है। डॉ. टूलिओ का दावा है कि उन्होंने उन चीजों की पहचान की है, जो फंगस की कॉलोनीज पर हमला कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि स्किन कैंसर के लिए बेकिंग सोडा और आयोडीन टिंचर सबसे अच्छा पदार्थ है। कई अध्ययनों में यह बात साबित हुई है कि कैंसर के खिलाफ बेकिंग सोडा ने इंट्रासेल्यूलर एक्शन किया है। उन्होंने कहा कि मैंने 20 से अधिक वर्षों से अपने मरीजों पर इलाज का उपयोग किया है। इन रोगियों में से कई ऐसे रोगी भी थे, जिन्हें डॉक्टरों ने कहा था कि उनकी बीमारी लाइलाज है, लेकिन वे पूरी तरह से ठीक हो गए। ट्यूमर को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका बेकिंग सोडा के संपर्क में आना है।

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बेहद आसानी से घर पर डोनट बनाएं

कितने लोगों के लिए : 4

सामग्री :

मैदा 1 कप, यीस्ट 1 चम्मच, चीनी 1/3 कप (पिसी हुई आटे में डालने के लिए), नमक 2 चुटकी, बेकिंग पाउडर आधा चम्मच, बटर 1 बड़ा चम्मच, तलने के लिए रिफाइंड ऑयल, आधा कप पिसी चीनी ऊपर से लगाने के लिए

विधि :

-यीस्ट को गुनगुने पानी में भिगा दें।

-मैदे को छान ले उसमे बटर, चीनी, नमक, बेकिंग पाउडर, और यीस्ट मिला के मुलायम आटा गूंध ले।

-फिर उस आटे की एक बड़ी सी मोटी रोटी बेल ले, और उसे डोनट कटर या फिर किसी ग्लास से -गोल काट ले बीच से भी काट के डोनट का शेप बना दे।

-इसी तरह से सारे डोनट तैयार कर ले।

-फिर उसे ढककर चार घंटे के लिए रख दे या फिर जब तक डोनट फूल के दोगने मोटे न हो जाये तब तक उसे रखे।

-एक कड़ाही में तेल गरम करे और डोनट को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तल ले।

फिर ऊपर से पिसी हुई चीनी चारों तरफ से लगा दे।

-आप चाहे तो चाकलेट और क्रीम भी डोनट पर लगा सकते हैं।

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एबी डिविलियर्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, इनके नाम दर्ज़ है ये विश्व रिकॉर्ड

डिविलियर्स ने द. अफ्रीका के लिए 114 टेस्ट 228 वनडे और 78 टी 20 मैच खेले हैं। 114 टेस्ट मैचों में 8765 रन बनाए हैं जिसमें 22 शतक और 46 अर्धशतक बनाए हैं। वे एक बेहतरीन बल्लेबाज के साथ ही एक शानदार विकेट कीपर भी रह चुके हैं।

एक वीडियो संदेश में कहा कि वे दक्षिण अफ्रीका और दुनियाभर में अपने फैंस के शुक्रगुजार हैं। एबी ने कहा अब समय आ गया है जब दूसरे युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाए। ईमानदारी से कहूं तो मैं अब थक गया हूं। ये एक मुश्किल निर्णय है और मैने ये फैसला काफी सोच समझकर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि  मैं अपने संन्यास का एलान बेहतरीन क्रिकेट खेलते हुए करना चाहता था। हालांकि वे घरेलू क्रिकेट के लिए उपलब्ध रहेंगे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज़ शतक लगाने का रिकॉर्ड भी ए बी डिविलियर्स के नाम ही है। ये कमाल उन्होंने 18 जनवरी 2015 को वेस्टइंडीज के खिलाफ महज 31 गेंदों में शतक लगाकर किया था। डीविलियर्स ने कोरी एंडरसन के 36 गेंदों में शतक के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर ये रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 16 छक्कों और 9 चौके की मदद से वनडे का यह कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस मैच में कुल 149 रन बनाए थे।

एबी डीविलियर्स के नाम 31 गेंदों में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड तो है ही इसके अलावा सबसे तेज 150 रनों का रिकॉर्ड भी डीविलियर्स के ही नाम पर है। साल 2015 विश्व कप में डीविलियर्स ने सिडनी के मैदान पर 64 गेंदों में 150 रन ठोककर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। उन्होंने इस दौरान नाबाद 66 गेंदों में 162 रन बनाए थे जिसमें 17 चौके और 8 छक्के शामिल थे।

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सलमान को मिली जमानत, घर ले जाने बॉडीगार्ड के साथ पहुंची बहन

काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान की जमानत की अर्जी कोर्ट ने स्वीकार कर ली। शनिवार को जोधपुर सेशन कोर्ट में वकीलों ने अपनी दलीलें रखीं, जिसके बाद 3 बजे कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर सलमान को जमानत दे दी। उनके परिजनों को पूरी उम्मीद थी कि सलमान आज जेल से बाहर आ जाएंगे। इसी वजह से उनकी बहन अलवीरा सेशन्स कोर्ट पहुंची थीं

 

शेरा ने किया गार्ड

– जोधपुर सेशन्स कोर्ट के बाहर सलमान खान के समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी। भीड़ से बचाने के लिए सलमान की बहन अलवीरा के साथ उनके बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद थे।

– शेरा लगातार अलवीरा को भीड़ से प्रॉटेक्ट करते रहे। उन्होंने मीडिया को भी उसके पास फटकने नहीं दिया।

आगे क्या होगा?

– विश्नोई समाज के वकील महीपाल विश्नोई ने बताया, “सलमान खान को 25-25 हजार के दो मुचलके भरने के ऑर्डर कोर्ट ने दिए हैं। वे अदालत की इजाजत के बिना देश नहीं छोड़ सकते हैं। उन्हें 7 मई को खुद अदालत के सामने पेश होना होगा।”

कोर्ट रूम में क्या हुआ?

– सलमान के वकील महेश बोड़ा ने कहा कि 20 साल से जारी इस केस में सलमान हमेशा जमानत पर रहे। उन्होंने हमेशा कोर्ट के आदेश का पालन किया और जब भी बुलाया गया वे हाजिर हुए। ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए।

– इस पर सरकारी वकील पोकरराम ने कहा कि गवाहों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ है कि सलमान ने गोली मारकर हिरण का शिकार किया। इसी आधार पर उन्हें ट्रायल कोर्ट ने दोषी करार दिया था। ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
– वहीं, विश्नोई समाज के वकील महिपाल विश्नोई ने कहा कि सलमान के खिलाफ आरोप साबित हो चुका है। ऐसे में उन्हें जमानत देने के बजाय जेल में रखने के मामले की सुनवाई जल्द करनी चाहिए। सबूतों के आधार पर उन्हें आगे भी दोषी ही माना जाएगा।

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ट्रूडो ने लगाया इमेज खराब करने का आरोप, भारत भड़का

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने अपने देश पहुंच कर भारत के खिलाफ बयान दिया है। ट्रूडो ने इस दावे को सपॉर्ट किया है कि हाल की भारत यात्रा के दौरान भारत के सरकारी अमले ने उनकी इमेज खराब करने की कोशिश की। भारत ने इस आरोप का जोरदार खंडन किया है।

ट्रूडो पिछले दिनों भारत आए थे और जसपाल अटवाल के कारण उनकी यात्रा विवादों में घिर गई थी। भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक अटवाल पर खालिस्तान की मुहिम से संबंध रखने का आरोप है। अटवाल प्रतिबंधित संगठन इंटरनैशनल सिख यूथ फेडरेशन का सदस्य है और इस संस्था को 2003 में बैन कर दिया गया। अटवाल पर 1986 में वैंकूवर आइलैंड पर भारतीय कैबिनेट मंत्री मलकीयत सिंह सिंधू की हत्या का प्रयास करने का आरोप है। इसके अलावा अटवाल को 1985 में एक ऑटोमोबाइल फ्रॉड केस में भी दोषी पाया गया था।

मुंबई में अटवाल की एक तस्वीर ट्रूडो की पत्नी सोफी और कनाडा के मंत्री अमरजीत सोढ़ी के साथ सामने आई, जिससे यह पता चला कि वह ट्रूडो के साथ भारत आया हुआ है। ट्रूडो के लिए राजधानी में कनाडाई उच्चायुक्त की ओर से आयोजित डिनर में भी अटवाल को न्योता दिया गया था। विवाद होने पर न्योता वापस ले लिया गया।

इस बारे में उठे सवालों पर ट्रूडो के दफ्तर में मीडिया के लिए एक बैकग्राउंड ब्रीफिंग का आयोजन कराया गया था। कनाडाई मीडिया के मुताबिक इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डेनियल ज्यां ने कहा था कि अटवाल की मौजूदगी के पीछे भारत के उन सरकारी तत्वों (सुरक्षा एजेंसियों) का हाथ था, जो यह नहीं चाहते कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस विदेशी सरकार के काफी करीब आएं जो उनकी नजर में भारत को एक नहीं देखना चाहती।

ट्रूडो के कनाडा वापस लौटने पर मंगलवार को वहां संसद में विपक्षी सांसदों ने अटवाल से कनेक्शन पर उन्हें घेर लिया। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या उनके दफ्तर ने यह कहा है कि भारत सरकार की ओर से साजिश रची गई। ट्रूडो ने सरकारी अधिकारी के बयान का समर्थन किया। उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि जब हमारे टॉप अधिकारियों में एक कनाडा के लोगों से कुछ कहता है तो वे जानते हैं कि यह सच है।

यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘कनाडा के उच्चायुक्त की ओर से जसपाल अटवाल को दिए गए दो न्योतों के बारे में हमने कनाडा की संसद में हाल की चर्चा को देखा। हम यह साफ-साफ कहना चाहते हैं कि चाहे वह कनाडा के उच्चायुक्त की ओर से मुंबई में आयोजित इवेंट में जसपाल अटवाल की मौजूदगी का मामला हो या नई दिल्ली में कनाडा उच्चायुक्त की ओर से आयोजित भोज में उसे न्योता दिए जाने का मामला हो, भारत सरकार और उसकी सुरक्षा एजेंसियों का जसपाल अटवाल की मौजूदगी से कोई संबंध नहीं है। इस तरह की बातें आधारहीन हैं और हमें मंजूर नहीं हैं।’

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मालदीव में ‘महाभारत’ और भारत का धर्मसंकट

मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन ने देश के भीतर बढ़ते राजनीतिक गतिरोध के बीच 15 दिनों के आपातकाल की घोषणा की है.

देश के सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिया था कि सभी राजनीतिक क़ैदियों को रिहा किया जाए, राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के इसा आदेश को मानने से इंकार कर दिया था.

जब से सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया, तभी से मालदीव के राष्ट्रपति एक तरह से झिड़का हुआ महसूस कर रहे थे.

वे काफी समय से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और सत्ता की ताकत पूरी तरह से अपनी तरफ़ करने की कोशिशें कर रहे थे.

उन्होंने अपने विपक्षियों को जेल में डाल दिया था और फिर धीरे-धीरे सत्ता का केंद्रीकरण होने लगा था, ऐसे में उन्हें लग रहा था कि अब ताकत पूरी तरह उनके हाथों में है.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि उन्हें अपने फ़ैसले बदलने पड़ेंगे!

मालदीवइमेज कॉपीरइटAFP

सेना की भूमिका अहम

आपातकाल की घोषणा करने के बाद ऐसा लगता है कि वे अपना आखिरी दांव खेल रहे हैं और इसके अलावा उनके पास कोई दूसरा चारा नहीं बचा था.

पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे तख्तापलट की तरह बताया है.

अबदुल्ला यमीन के पास दरअसल इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता बचा ही नहीं था.

अगर वे सत्ता दोबारा नशीद के हाथों में सौंप देते तो ज़ाहिर सी बात है कि उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही होती.

लेकिन अब ऐसा लगता है कि सेना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है.

इसके साथ ही विपक्षी नेता किस तरह एकजुट होते हैं और उनका समर्थन कर रहे अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर क्या कदम उठाते हैं, ये देखने वाली बात होगी.

भारत मालदीवइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

भारत की भूमिका

मालदीव के भीतर चल रही इस राजनीतिक उठापटक में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.

मौजूदा वक्त में नशीद और यमीन के बीच जब रस्साकशी चल रही थी तब भारत पीछे से अपनी भूमिका निभा रहा था.

कई लोगों ने इसकी आलोचना भी की थी कि जब लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई नशीद सरकार को हटाया गया था तो उस समय भारत को खुलकर उनका समर्थन करना चाहिए था और लोकतांत्रिक ताकतों के बचाव के लिए भारत और अधिक मुखर होकर सामने आना चाहिए था.

लेकिन ये समझना चाहिए कि भारत के अपने भी कई हित हैं, जैसे भारत कभी भी ये नहीं चाहेगा कि मालदीव पूरी तरह चीन की तरफ चला जाए.

लेकिन अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि भारत को अपना रुख स्पष्ट करना ही पड़ेगा हालांकि भारत के पास कई दूसरे रास्ते अभी मौजूद हैं.

चीन मालदीवइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

क्या चीन देगा यामीन का साथ?

आपातकाल लगाने के बाद अब अब्दुल्ला यामीन के पास कौन से रास्ते बाकी हैं. इस मसले मे अब ये देखना होगा कि बाहरी दबावों से वे किस तरह निपटते हैं.

यामीन ये भी सोच रहे होंगे कि उन्होंने चीन के साथ अपनी घनिष्टता बढ़ाई है तो चीन उनका पक्षधर बनेगा और जब पश्चिमी देशों और भारत की तरफ से उन पर दबाव बनाया जाएगा तब चीन उनका साथ देगा.

लेकिन शायद वो चीन की रणनीति को थोड़ा गलत समझ रहे हैं क्योंकि ऐसा कभी नहीं हुआ जब सभी वैश्विक ताकतों के ख़िलाफ़ चीन अलग से किसी का अकेले समर्थन करने आया हो, इसलिए फिलहाल तो यामीन के पास बहुत कम विकल्प नजर आते हैं.