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कौन हैं इस साल के भारतीय यूनिकॉर्न हंटर्स। मिलिए सभी शीर्ष इंवेस्टर्स से!

इंवेस्टर्स किसी कंपनी में अपना निवेश एक नीति के तहत करते हैं। हर इंवेस्टर की अपनी एक विशेष नीति और कुछ मानक होते हैं जिनसे वो आवेदक कंपनी को परखता है।

Indian unicorn

जब किसी स्टार्टअप की मार्किट वेल्युएशन 1 अरब डॉलर या 7000 करोड़ रुपए हो जाती है तब वह यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहलाता है। ऐसे ही स्टार्टअप को पहचान कर उसके प्रारंभिक काल मे निवेश करने वाले इंवेस्टर यूनिकॉर्न हंटर कहलाते हैं। इस साल भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने पिछले सभी रेकॉर्ड तोड़ कर विश्व भर को आचम्भित कर दिया। अभी बीती छमाही की बात करें तो सेकोइया इंडिया सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट करने वाली प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट कंपनी रही वहीं एस्सेल पार्टनर्स, ब्लूम वेंचर्स के साथ साथ कुछ और कम्पनियों ने भी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई। आइए जानते हैं इन कम्पनियों के बारे में!

सेकोइया कैपिटल इंडिया

सेकोइया कैपिटल इंडिया देश की अग्रणी इंवेस्टर कंपनी है जो कि सीड, अर्ली, ग्रोथ और लेट स्टेज कंपनियों को फंड्स प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में भारत और साउथ ईस्ट एशिया की 200 से ज्यादा कंपनियां हैं जिनमे जिलिंगो, बीरा, म्यु सिग्मा, फ्रेशवर्क्स, ध्रुवा, पाइन लैब्स, फ्रीचार्ज और जस्ट डायल जैसी यूनिकॉर्न कम्पनियां हैं। इस साल इस कंपनी ने डाउटनट, खाताबूक, अजानी स्पोर्ट्स, बुलबुल, फ्लाईनोट, हिप्पो वीडियो, स्किलमैटिक्स और इंटरव्यूबिट अकैडमी जैसे स्टार्टअप्स को फंड्स प्रदान किए हैं।

एस्सेल पार्टनर्स

Accel partners logo

2008 में एरस्मिक वेंचर फण्ड के अधिग्रहण के साथ एस्सेल पार्टनर्स का भारत मे पदार्पण हुआ और तब से यह 100 से ज्यादा कंपनियों को फंड्स प्रदान कर चुकी है। इस कंपनी की डाउनलिस्ट में बुकमाईशो, ब्लैकबक, ब्लूस्टोन, फ्लिपकार्ट, फ्रेशडेस्क, पोर्शिया, पावर2एसएमई, स्विगी और अर्बनक्लैप जैसे यूनिकॉर्न कंपनियां शामिल हैं।

ब्लूम वेंचर एडवाइजर्स

Blume venture advisors

ब्लूम वेंचर्स अर्ली स्टेज, सीड और प्राइवेट इक्विटी फंडिंग प्रदान करने के साथ साथ एक्टिव मेंटरिंग और सपोर्ट भी प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में कैशीफाई, डुंजो, प्रिंटो, यूनोकोइन, हेल्दीफाईमी, बीहाइव वर्कस्पेस जैसी बड़ी कंपनियां हैं। इस साल के बड़े इन्वेस्टमेंट्स में मुंबई की हेल्थअश्योर को सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर का फंड्स प्रदान किया गया, वहीं बैंगलोर की कंपनी आगारा लैब्स को प्री सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर प्रदान किए गए।

इन बड़ी फर्म्स के अतिरिक्त बहुत सी कम्पनियां स्टार्टअप्स को भिन्न स्टेज के फंड्स प्रदान करती हैं जिनसे वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करके आप अप्लाई कर सकते हैं।

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मिलिए सबसे ज्यादा एंजेल इन्वेस्टमेंट करने वाले भारतीयों से। जानें कैसे पाएं इन्वेस्टमेंट!

आपके बिज़नेस के लिए फंड्स बहुत ही अहम हिस्सा है। बात तब और आसान हो जाती है जब हम जानते हों कि फंड्स पाने के लिए किसको अप्प्रोच करना है। आज हम आपको उन भारतीयों से मिलवाएंगे जो सबसे ज्यादा फंडिंग करने के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। सभी डेटा को क्रंचबेस के सहयोग से तैयार किया गया है!

1. नवल रविकांत:

Naval Ravikant Angel

नवल रविकांत सैन फ्रांसिस्को में रहने वाले विश्व के जाने माने एंजेल इन्वेस्टर हैं जो कि हिटफोर्ज के मालिक हैं और 1999 से इन्वेस्टमेंट का कार्य कर रहे हैं। कुल 121 इन्वेस्टमेंट्स के साथ भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में पहले स्थान पर हैं।

2. सेमिल शाह:

Semil Shah Angel

सेमिल शाह मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया में रहने वाले प्रीमियम एंजेल इन्वेस्टर्स हैं जो कि हैस्टेक के मालिक हैं। ये लाइटस्पीड वेंचर्स के पार्टनर हैं और 74 इन्वेस्टमेंट्स के साथ भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में दूसरे स्थान पर हैं।

3. राजन आनंदन:

Rajan Anandan Angel

राजन दिल्ली में रहने वाले गूगल इंडिया और साउथईस्ट एशिया के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और फ़िलहाल सिलिकॉन वैली की सिक्वेइया कैपिटल में पार्टनर हैं। यह अनअकैडमी, इंस्टामोजो और मोबाइलवाला सहित कुल 57 इन्वेस्टमेंट्स करके भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में तीसरे स्थान पर हैं।

4. शरद शर्मा:

Sharad sharma Angel

शरद शर्मा दिल्ली में रहने वाले याहू इंडिया के पूर्व CEO और ब्रांड सिग्मा के CEO हैं। ये iSPIRT के कोफॉउंडर हैं तथा वायव्य लैब्स, दूर्वा सॉफ्टवेयर और मोबाइलवाला समेत 25 इंवेस्टमेंट्स के साथ चौथे सबसे सफल भारतीय एंजेल इंवेस्टर हैं।

5. अनुपम मित्तल:

Anupam Mittal Angel

अनुपम मुंबई में रहने वाले प्यूपल ग्रुप के मालिक हैं जिन्होंने मकान और शादी डॉट कॉम की सफलता से इतिहास रचा है। इन्होंने ओला, मौज मोबाइल और फैब होटल्स समेत 20 इन्वेस्टमेंट्स की हैं और भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में 5वें स्थान पर हैं।

उपरोक्त एंजेल इन्वेस्टर्स के अलावा भी बहुत सारे भारतीय उद्यमी हैं जो अपनी पूंजी एंजेल इन्वेस्ट के जरिए आपकी कम्पनी में पार्टनर बनके आपकी सफलता की कहानी में भागीदार बन सकते हैं।

ये इसलिए भी एंजेल इन्वेस्टमेंट में भागीदार बनते हैं क्योंकि इसमें हाई रेट ऑफ इंटरेस्ट मिलता है जो कि बाद के वेंचर कैपिटल में प्राप्त इंटरेस्ट से बहुत ज्यादा होता है।

Roi angel investment against venture capital

दिल्ली के स्नैपडील फेम कुणाल बहल और इनोवेट कोवर्किंग के फाउंडर डॉक्टर रितेश मलिक प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स हैं।

मुंबई की बात करें तो यहां के क्युकी.कॉम के समीर बंगरा, टॉपर.कॉम के जीशान हयात, IIT मुंबई की साइन के CEO अजीत खुराना प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स हैं।

बैंगलोर इस समय इस देश की स्टार्टअप राजधानी हैं। यहां से शुरू हुई कम्पनियों ने इतिहास रच देश को गौरवान्वित किया है। यहां के क्रिस गोपालकृष्णन इंफोसिस के कोफॉउंडर हैं और पदम् भूषण सम्मानित हैं। इनके अलावा फ्लिपकार्ट के सचिन और बिन्नी बंसल, ट्यूटर विस्टा के गणेश कृष्णन तथा रेजरफ्लो के पल्लव नधानी यहां के एंजेल इंवेर्टर्स में प्रमुख हैं।

आप इनको लिंक्डइन या ईमेल द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं और इनसे इन्वेस्टमेंट के बारे में जरूरी पहल कर सकते हैं।

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पहली छमाही में भारतीय स्टार्टअप्स को मिला निवेश पहुंचा 3.9 बिलियन डॉलर। नई बुलंदियां छू रहा हमारा स्टार्टअप इकोसिस्टम

भारतीय स्टार्टअप बूम आज अपनी सही राह पर चल रहा है। पूरे इकोसिस्टम पर वालमार्ट फ्लिपकार्ट डील का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

Startup growth

कुल 292 डील्स मिलाकर पहली छमाही में भारतीय स्टार्टअप्स को 3.9 बिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ। वहीं 2018 में पहली छमाही में 2.7 बिलियन डॉलर का निवेश भारतीय स्टार्टअप्स को मिला था।

Indian startups funding report

पहले पांच माह में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की डील्स की संख्या पिछले दो सालों की छमाही से काफी ज्यादा रही। 2016 में भारतीय स्टार्टअप्स में कुल निवेश 4.2 बिलियन डॉलर था जो कि 2017 में 4.3 बिलियन डॉलर रहा। 2018 में यह 38.3 बिलियन डॉलर के जादुई आंकड़े पर पहुंची और पहली बार एशियन स्टार्टअप्स को मिलने वाली फंडिंग अमेरिकन स्टार्टअप्स से ज्यादा हो गई।

यह सकारात्मक पहलू भारत सरकार भी जानती है। इसलिए स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के तहत नए नए चैलेंज की घोषणा की जाती है जिसे जीतने वाले को पुरुस्कार और कंपनी को मार्गदर्शन भी मिलता है तथा फंडिंग भी।

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फेसबुक ने किया भारत में अपना पहला निवेश। मीशो ने हासिल की सीरीज C फंडिंग

करीब एक साल पहले 250 मिलियन डॉलर का बाजार मूल्य साबित करने वाली मीशो ने मेनलो पार्क, केलिफोर्निया स्थित फेसबुक से 13 जून को अघोषित मूल्य की फंडिंग हासिल की है।

Meesho got funding from facebook

मीशो एप्प एक सोशल प्लेटफार्म है जो कि छोटे विक्रेताओं को व्हाट्सएप्प, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए कस्टमर्स से व्यापार करने का माध्यम प्रदान करती है। यह विक्रेताओं को कोरियर तथा पेमेंट की भी सहूलियत देती है।

Facebook mark zuckerberg

भले ही फेसबुक ने अभी तक इन्वेस्ट की गई राशि को गोपनीय रखा है परन्तु टेकक्रंच के जानकार सूत्रों से पता चला है कि यह मूल्य भी साधारण बाजार मूल्य से ज्यादा मानकर दिया गया है तथा इसके बदले में बेहद कम प्रतिशत की साझेदारी ली है।

Meesho app logo

मीशो को 2015 में आई आई टी दिल्ली के 2012 बैच के सहपाठी विदित आत्रे और संजय बर्नवाल ने मिलकर बनाया था।

Meesho founders funding round

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स्टार्टअप बिज़नेस के लिए फंडिंग पाने के सभी उपाय

किसी भी बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है। आज के दौर के स्टार्टअप युग में बहुत ऐसी संस्थाएं है, जो कि बेहतर आईडिए को रूप देने में मदद करती हैं। यदि आप के पास एक आइडिया है जो कि आपके आसपास के समाज को प्रभावित करने और किसी समस्या को सुलझाने का कार्य करता है, तो आपको यह लेख जरूर पड़ना चाहिए!

Adto startup funding

अनेकों बिज़नेस पूंजी के अभाव में या तो आईडिया स्टेज तक ही सिमट के रह जाते हैं या कुछ चरण बाद पूंजी न मिलने से बंद हो जाते हैं। आप अपने स्टार्टअप बिज़नेस के लिए मुख्यतः 3 तरीकों से फंडिंग का प्रबंध कर सकते हैं।

1. सरकारी या गैर सरकारी अनुदान(ग्रांट)-

यदि आपका बिज़नेस उन विशेष क्षेत्रों में से है जिन पर अनुदान मिलता है, तो आप भी अनुदान पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। परंतु यह अनुदान मात्र बिज़नेस को लांच और थोड़े संचालन मात्र का ही फंड्स प्रदान कर पाते हैं।

2. बिज़नेस लोन- बैंकों या वित्तीय संस्थाओं से आप बिज़नेस लोन पा सकते हैं जो कि ब्याज सहित तय समय सीमा के भीतर वापिस करना पड़ता है भले ही आपका बिज़नेस चले या न चले।

Adto startup funding

3. इक्विटी फंडिंग- फंडिंग के इस तरीके में आपको इन्वेस्ट करने वाले से पूंजी मिल जाती है और बदले में इन्वेस्टर को आपकी कंपनी के इक्विटी शेयर का कुछ हिस्सा मिलता है। इस दशा में कंपनी को लाभ यह होता है की आपकी कंपनी में इन्वेस्ट करने वाला उसका भागीदार बन जाता है और कंपनी के हित के लिए कार्य करता है। इक्विटी फंडिंग में इन्वेस्टर नफा और नुकसान दोनों में भागीदार होता है। आइए जानते हैं इक्विटी फंडिंग के मुख्य चरण जिनसे स्टार्टअप बिज़नेस को गुजर कर शेयर मॉर्केट तक का सफ़र तय करना होता है!

Adto startup funding stages

1. सेल्फ फंडिंग या बूटस्ट्रैपिंग या सीड इन्वेस्टमेंट– आईडिया स्टेज से बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए आपको फंड्स का प्रबंध स्वतः करना पड़ता है। चाहे आप अपनी जमा पूंजी लगाएं या अपने परिवार या मित्रों से पूंजी का अनुरोध करें। बाहरी पूंजी के बदले में आप अपने बिज़नेस का 5% से 10% तक हिस्सा पूंजी देने वाले को प्रदान कर सकते हैं जो कि आपके आपसी संबंधों पर भी निर्भर करता है। बिज़नेस आईडिए के लिए अपनी कमर कसना या फीते बांधना इस चरण का मुख्य उद्देश्य है जिससे कि आप तेजी से आगे के चरण पार करते जाएं। इस चरण को सीड इन्वेस्टमेंट भी कहते हैं जो कि आपके बिज़नेस आईडिया का बीज स्टार्टअप मार्केट में उगाने का कार्य करता है। यह सीड इन्वेस्टमेंट के लिए बहुत सी संस्थाएं भी कार्यरत हैं परंतु वे आपसे 20% या अधिक की भागीदारी की अपेक्षा रखती हैं जो कि बिज़नेस के आने वाले चरणों के लिए हितकारी नहीं होगा।

2. एंजेल इन्वेस्टमेंट- इस चरण को आसानी से समझा जा सकता है, जैसे कोई फरिश्ता आपके सपनों को सच करने में आपके साथ हो और जो कि आप से ज्यादा परिपक्व तथा अनुभवी हो, साथ ही आपके आईडिया में रूचि रखता हो, आपका भागीदार बन सकता है। इस चरण को एंजेल नाम इसीलिए दिया गया है क्योंकि इस बड़े स्टार्टअप मार्केट में यह एंजेल आपको बिज़नेस की बारीकियों से परिचित कराएगा और एक अच्छी पूंजी आपके बिजनेस में लगाएगा। यह एंजेल आपके स्टार्टअप को आगे ले जाने में आपका पूरा सहयोग देगा और बदले में इक्विटी शेयर में 15% से 25% तक हिस्सेदारी की आशा करेगा। यह आपका निर्णय है कि आपको कितनी पूंजी की आवश्यकता है और आप कितनी हिस्सेदारी तक देने की इच्छा रखते हैं। एंजेल इन्वेस्टर या तो किसी कंपनी के डायरेक्टर होते हैं या खुद एक समूह होते हैं। आपकी कंपनी में इन्वेस्ट करके यह डायरेक्टर बन कर कंपनी के हितों के लिए कार्य करते हैं। इस प्रक्रिया में 50,000 डॉलर से 1 मिलियन डॉलर तक का इन्वेस्टमेंट आप हासिल कर सकते हैं जो की आपके बिज़नेस आईडिया और उसकी मार्केट संभावनाओं पर निर्भर करता है। एंजेल इन्वेस्टमेंट पाने के लिए आप एंजेल इन्वेस्टर्स को या एंजेल नेटवर्क्स को सर्च कर सकते हैं और उनको अपना बिज़नेस मॉडल प्रदर्शित कर सकते हैं।

3. वेंचर कैपिटल सीरीज A- इस चरण तक आपकी कंपनी ने प्रोडक्ट डेवलपमेंट और सेलिंग का काम शुरू कर दिया है। अब आपको इस बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए और इसका स्तर बढ़ाने के लिए अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है। इसके लिए वेंचर कैपिटल कंपनियों को अपना आवेदन और बिज़नेस मॉडल प्रदर्शित कर सकते हैं। यह कंपनियां 1 मिलियन डॉलर से 10 मिलियन डॉलर तक का निवेश इस चरण में करती हैं और 15% से 30% तक हिस्सेदारी की आशा रखती हैं।

Adto startup funding timeline stages

4. वेंचर कैपिटल सीरीज B- फंडिंग के इस चरण तक आपकी कम्पनी एक बड़े स्तर की कंपनी बन चुकी है और इसका मूल्यांकन एंजेल राउंड से 50 गुना से ज्यादा तथा सीरीज A राउंड से 5 से 10 गुना तक हो जाता है। इस फंडिंग राउंड में आप VC कम्पनियों को अपना आगे का बिज़नेस मॉडल प्रदर्शित करते हैं तथा इस चरण में 10 मिलियन डॉलर से 100 मिलियन डॉलर तक का निवेश 5% से 15% इक्विटी शेयर के बदले में हासिल कर सकते हैं। इसके लिए सीरीज A वाली कंपनी भी दोबारा निवेश कर सकती है या अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच सकती है।

कुछ कंपनियां VC सीरीज C, D … इत्यादि राउंड की फंडिंग के लिए आवेदन करती हैं तथा अधिकतर कंपनियां VC सीरीज B राउंड के बाद ही आईपीओ लॉन्च कर देती हैं।

5. IPO Launch- Securities and Exchange Bureau of India, सेबी ने ग्रोथ स्टेज बिज़नेस के लिए Institutional Trading Platform, ITP के तहत कुछ नियम बनाए थे जिन्हें मोदी सरकार ने नीतियों में परिवर्तन करके स्टार्टअप्स के लिए Innovators Growth Platform, IGP नाम से नया मॉडल पेश किया जिससे कि स्टार्टअप्स के लिए अपनी कंपनी का Initial Public Offerings, IPO लांच कर शेयर मार्केट में प्रवेश करना आसान हो गया है। मोदी सरकार ने स्टार्टअप्स की मूल भावना को पहचाना और बड़ी बड़ी VC और Private Equity, PE कम्पनियों के पास न जाकर सीधे शेयर मार्केट में कदम रखने को आसान बना दिया। आइए जानते हैं क्या बदलाव हुए हैं IPO लांच की नीति में,

New IGP rules for IPO Launch Stock Market
Image Credit: Yourstory

आसान शब्दों में कहें तो यदि आपकी कंपनी टेक्नोलॉजी, आई पी, डेटा एनालिटिक्स, बायोटेक या नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र से है और आपने 25% या ज्यादा की हिस्सेदारी इन्वेस्टर्स को 2 साल या अधिक समय से दी हुई है तो आप अपनी कंपनी का 25% इक्विटी स्टॉक IGP के तहत शेयर मार्केट में बेचने के लिए आवेदन कर सकते हैं जिसे 6 माह के लिए प्री-इश्यू स्टेज में 2 लाख की प्रारंभिक लॉट लिमिट और 50 आवेदकों की प्रारंभिक सीमा के साथ लॉक किया जाएगा तथा सफलता पूर्वक संचालन होने पर स्टॉक एक्सचेंज में सब लोगों के लिए खोला जाएगा।

आधुनिक भारत की अर्थव्यवस्था में जो सकारात्मकता आई है वो यकीनन्द स्टार्टअप युग का ही योगदान है। फ्लिपकार्ट, पेटीएम जैसी कम्पनियों ने जो इतिहास रचा उसे और अलग अलग क्षेत्रों की कंपनियां आगे बढ़ा रही हैं। जिन कम्पनियों का बाजार मूल्यांकन 1 अरब डॉलर(1 बिलियन डॉलर) से ज्यादा हो जाता है वे स्टार्टअप मार्केट में यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स के नाम से जानी जाती हैं। आइए जानते हैं कौन कौन से कम्पनियां शामिल हैं इस स्टार्टअप यूनिकॉर्न क्लब में,

Indian Startup Unicorn Club Adto

यदि यह लेख पढ़कर आप प्रभावित हुए तो इससे औरों को भी जरूर प्रेरणा मिलेगी। आप अपने साथियों को फेसबुक, ट्विटर, इंस्टा या व्हाट्सएप्प के माध्यम से यह शेयर कर सकते हैं और अपने बिज़नेस के साथ-साथ इस देश को आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।

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जरूर आजमाएं खुश रहने के चार बहुमूल्य नुस्खे

मानव जीवन ईश्वर की एक अनुपम देन है। यह सौभाग्य से मिला एक अनुपम रत्न है। यदि हम किसी भी बात पे किसी से भी नाराज या क्रोध दिखाते हैं, तो सबसे पहले यह आपकी आतंरिक शक्ति को क्षीण करेगा। कोई भी आपको हानि नहीं पहुंचा सकता जब तक की आप हानि को आमंत्रित न करें।

समझना कठिन जरूर है लेकिन अगर यह बात आप जीवन में आत्मसात कर लें तो समस्त समस्याएं खुद ही समाप्त हो जाएंगी।

खुश रहना इस मानव जीवन का परम उद्देश्य है और यह जीवन आनंद प्राप्ति के लक्ष्य के साथ मिला है और प्रतिफल में आनंद देने वाले के प्रति कृतज्ञता भाव देना उस आनंद को और बढ़ा देता है। यह बात उस मूल सत्य की ही तरह है जैसे मृत्यु।

आज हम आपको आसान से चार तरीके बता रहे हैं जिससे आप हर दिन आनंद का लुत्फ़ उठा सकते हैं!

1. बेहतरीन हो दिन की शुरुआत

सूर्योदय से पहले उठने पर हमें अलग ही अनुभव होता है। आसमान में सूर्योदय का नजारा देखने मात्र से आपमें नई ऊर्जा का संचार होता है। इसके अतिरिक्त,

सूर्योदय से पहले उठने के कई फायदे है

Advantage of Waking Up Early :-

  1. मैडिटेशन, योग और व्यायाम के लिए अच्छा समय मिल जाता है|
  2. रचनात्मकता (Creativity) बढती है|
  3. एक सकारात्मक एंव अच्छी शुरुआत होती है
  4. दिन के लिए लक्ष्य बनाना|
  5. आयुर्वेद (ayurveda) के अनुसार सूर्योदय से पहले बहने वाली वायु अमृत के समान होती है जिससे हमारे शरीर में एक नई उर्जा का संचार होता है|
  6. प्रकृति के अद्भुत नज़ारे का अनुभव
  7. पूरे दिन के कार्यों के लिए मानसिक रूप से तैयार होना|

2. ध्यान, योग तथा व्यायाम

Meditation, Yoga & Exercise

ध्यान व योग हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है। यह शारीरिक रोगों के साथ साथ मानसिक विकारों को भी दूर रखता है। नियमित योग आचरण से आतंरिक शक्तियां जाग्रत होती हैं तथा व्यायाम से हमारा शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है।

3. वर्तमान में जिएं

Live in Present

रिसर्च के अनुसार 70% से 90% लोग अपना ज्यादातर समय भूत, भविष्य और व्यर्थ की बातों को सोचने में व्यतीत करते हैं। अगर हम वर्तमान में अपनी सारी ऊर्जा और सोच को इस्तेमाल करें तो निश्चित ही जल्दी ही अपना कार्य पूर्ण करने में सक्षम हो जाएंगे।

अतः गाँठ बाँध ले कि यदि हमें सफल होना है तो उन बातों के बारे में सोचना छोड़ दें जिन पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है।

4. जो पसंद हो वो करें

Do whatever you like

आप अपनी पसंद के अनुसार कुछ कार्य चुनें जिसको करने से आप खुद ख़ुशी का अनुभव करें। वह कार्य संगीत सुनना, गेम खेलना, फ़िल्म या नाटक देखना अथवा चाहे जो भी कार्य हो उसको अपने हर दिन का कुछ हिस्सा जरूर दें, भले ही 2 घंटे का समय दें या 30 मिनट का पर वो समय आपके मन की सहमति से होना चाहिए। इसको काम समझ के कदापि न करें तथा इसमें ज्यादा समय देकर भी इसका मजा किरकिरा न करें। इससे आपका समय प्रबंधन भी बना रहेगा और ख़ुशी भी।

रोजाना की दिनचर्या छोड़कर आप अपना कार्यक्षेत्र भी वही चुनें जिसमे आपकी रूचि हो। इससे आपको अपना व्यवसाय या अपनी नौकरी में भी मजा आएगा और आप दिन दूनी रात चौगुनी तरक़्क़ी करेंगे।

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पेमेंट सिस्टम को और आसान बनाने के लिए मोदी जी ने लांच किया One Nation One Card जानें इसके इस्तेमाल के तरीके और खूबियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात दौरे के पहले दिन अहमदाबाद में देशवासियों को One Nation One Card की सौगात दी। अब आपको अलग अलग ATM या Cash लेकर नहीं चलना पड़ेगा।

यह कार्ड भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम ‘स्वीकार’ के साथ इजात किया है। देश के सभी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को इस कार्ड से जोड़ा जा चुका है और अपने पहले के रुपे कार्ड को इस कार्ड से जोड़ने पर यह कार्ड क्रेडिट कार्ड जैसे काम कर सकेगा।

कैसे करें इस्तेमाल

– एक आम डेबिट और क्रेडिट कार्ड के साथ रुपे वन नेशन वन कार्ड एक कॉन्टेक्टलेस कार्ड है जो मेट्रो रेल स्मार्ट कार्ड की तरह होगा।

– अगर आप भी इसे पाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने बैंक से संपर्क करना होगा।

– रुपे नव नेशन वन कार्ड, नेशनल कॉमन मोबेलिटी कार्ड के सपोर्ट के साथ देश के 25 बैंकों में उपलब्ध होगा जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक भी शामिल हैं।

– वन नेशन वन कार्ड को पेटीएम पेमेंट बैंक द्वारा भी जारी किया जा सकेगा।

कहाँ करें इस्तेमाल

– रुपे का वन नेशन वन कार्ड शॉपिंग के लिए भी उपयोग किया जा सकेगा।

– इसके अलावा किसी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इसके माध्यम से पेमेंट किया जा सकेगा फिर वो बस हो या मेट्रो ट्रेन

– इसके अलावा वन नेशन वन कार्ड आपको पार्किंग और टोल टैक्स देने तक में काम आएगा।

– यूजर विदेश यात्रा के दौरान इस कार्ड की मदद से एटीएम पर 5 प्रतिशत कैशबैक और मर्चेंट आउटलेट्स पर 10 प्रतिशत कैशबैक का भी लाभ ले सकेंगे।

– इस नई पहल को ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन गेट ‘ स्वागत’ ने डेवलप किया है जहां एक ओपन लूप ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम ‘ स्वीकार’ का इस्तेमाल किया गया है।

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खाली समय का करें उपयोग, YouTube देखकर ऐसे कमाएं पैसे

अगर आपको यूट्यूब वीडियो देखना पसंद है तो आप इस शौक के जरिए पैसा भी कमा सकते हैं। आपका यह शौक औसतन आपको 20 से 30 हजार तक की कमाई करवा देगा। ध्यान रहे ऑनलाइन साइट्स सेकंडों के हिसाब से पेमेंट करती हैं। ऐसे में आप जितने ज्यादा वीडियोज देखेंगे, उतना ही ज्यादा आपको फायदा होगा। इसलिए आप अपने दिन के कुछ खाली घंटे निकालकर ये काम करें। जानिए कौन सी साइट देती हैं वीडियो देखने का पैसा।

पेड2यूट्यूब (paid2youtube): जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस साइट पर आपको सबसे पहले खुद को रजिस्टर्ड करवाना होगा। यहां पर 30 सेकंड का यूट्यूब वीडियो देखने और उस पर कमेंट करने के पैसे मिलते हैं। यहां आप 200 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। आप यह काम एक साथ और कुछ-कुछ देर बाद समय निकालकर भी कर सकते हैं। आपके खाते में एक बार 670 रुपए की रकम जमा होने के सात दिन बाद पेपाल अकाउंट से आपको पेमेंट कर दी जाती है।

स्वैगबक्स (swagbucks): यहां भी आपको सबसे पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। यहां पर आप सर्वे के जरिए भी कमाई कर सकते हैं। आपकी ओर से किए गए हर क्लिक और वीडियो देखने पर स्वैगबक्स आपको एक एसबी से लेकर 30 एसबी तक प्वाइंट्स देता है। 500 एसबी प्वाइंट्स पर आपको 250 रुपए का फ्लिपकार्ट और एमेजन का गिफ्ट कार्ड दे दिया जाता है।

यू-क्यूब्ज (you-cubez): यहां पर भी आपको सबसे पहले साइन अप करना होगा। यानी अपना अकाउंट बनाना होगा। इस एजेंसी पर प्रति क्लिक आपको 0.005 सेंट का भुगतान किया जा सकता है। यानी आप इस साइट पर अगर एक दिन में 400 बार क्लिक करते हैं तो आप 134 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह एक एडवरटाइजिंग एजेंसी की साइट है।

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श्रीकृष्ण से लेकर इंद्र तक से जुड़ी है रक्षाबंधन की कहानी, जानें क्यों मनाते हैं राखी

मुख्य रूप से रक्षाबन्धन को हिन्दू आैर जैन त्योहार के तौर पर मान्यता प्राप्त है। ये प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। सावन में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी या सलूनो भी कहते हैं। रक्षाबन्धन में राखी अर्थात रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व होता है। ये सूत्र कच्चे सूत से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, सोने आैर चाँदी जैसी मंहगी धातु तक से र्निमित हो सकते हैं। हांलाकि राखी सामान्यतः बहनें ही भाई को बांधती हैं परन्तु कर्इ स्थानों पर बेटियों द्वारा पिता या परिवार के बड़े लोगों को, ब्राह्मणों, आैर गुरुओं को भी बांधने की परंपरा है। राखी बांधने के पीछे मूल भावना प्रेम आैर रक्षा का आश्वासन ही होता है। कन्याएं अपने भार्इ आैर पिता को राखी इसी भावना के तहत बांधती हैं। राखी से जुड़ी कथायें भी इसी का संदेश देती हैं। राखी कैसे शुरू हुर्इ इससे जुड़ी इसी तरह की कर्इ कथायें बतार्इ जाती हैं।

भगवान विष्णु आैर बलि की कथा

कहते हैं कि भगवान विष्णु के प्रभाव से जब राजा बलि को पताल लोक में जाना पड़ा इससे देवताओं की रक्षा हुई तभी से हिंदू धर्मावलंबी रक्षाबंधन मनाते हैं। दूसरी आेर उसी समय बलि ने विष्णु जी से अपने साथ रहने का आर्शिवाद प्राप्त कर लिया आैर उससे अपने पति को वापस लाने आैर अपने साथ रखने के लिए माता लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधीं आैर बदले में अपने पति को वापस प्राप्त किया। तबसे राखी की परंपरा की शुरूआत मानी जाती है, क्योंकि इस तरह लक्ष्मी जी के सौभाग्य की रक्षा हुर्इ। बलि से जुड़ा ये श्लोक भी इसी की पुष्टि करता है। येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥

अर्थात जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुझे बांधता हूं। हे रक्षे मतलब राखी! तुम अडिग रहना यानि तू अपने संकल्प से कभी भी विचलित न हो।

इंद्र से जुड़ी कथा

भविष्यपुराण के अनुसार देवराज इंद्र जब देव दानव युद्घ में दानवों से पराजित हो रहे थे तो उनकी पत्नी इन्द्राणी द्वारा निर्मित रक्षासूत्र को देवगुरु बृहस्पति ने इन्द्र के हाथों बांधते हुए उपरोक्त श्लोक पढ़ा था जिसके चलते ना सिर्फ इंद्र की रक्षा हुर्इ थी बल्कि उनकी जीत भी हुर्इ थी। इसे भी रक्षाबंधन की शुरूआत कहा जाता है।

कृष्ण आैर युधिष्ठिर की कथा

स्कन्ध पुराण, पद्मपुराण और श्रीमद्भागवत में वामनावतार नामक कथा में भी रक्षाबन्धन का प्रसंग है ये कहा जाता है। इसी प्रकार मान्यता है कि द्वापर युग में ही युधिष्ठिर ने वासुदेव नंदन श्रीकृष्ण को राखी बांधी थी। उसी दिन से श्रावण पूर्णिमा के दिन यह रक्षा सूत्र बांधने की प्रथा चली आ रही है। अपनी इन्हीं विशेषताआें के चलते धागा धन, शक्ति, हर्ष और विजय देने वाला माना जाता है।

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इसके लिए आपको फेसबुक और यू ट्यूब पर लगातार सक्रिय रहना होगा। आप जो भी वीडियो बनाएं उसे फेसबुक और यू ट्यूब पर शेयर करें। इससे आपके वीडियो को देखने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी और लोग आपके यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करेंगे। जब आपके सब्सक्राइबर की संख्या बढ़ जाएगी फिर आपके पास पैसे आने लगेंगे। इतना ही नहीं इसके अलावा जो कंपनियां अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करना चाहती हैं वह आपके वीडियो का सहारा ले सकती हैं। इससे भी आपकी कमाई बढ़ जाएगी।

फ्रीलांसिंग: अगर आप किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं लेकिन आपको मिलने वाली सैलरी आपके खर्चों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है तो यह भी पैसे कमाने का अच्छा जरिया है। यदि आपके भीतर हुनर है तो आप फ्रीलांसिंग का काम करके अच्छा पैसा कमा सकते हैं। बहुत सारी ऐसी वेबसाइट हैं जो फ्रीलांस का काम करने का मौका देती हैं। इनके टास्क अलग अलग कैटिगरी के हिसाब से लिस्ट होते हैं। आप जो काम बेहतर कर सकते हैं उनके लिए अप्लाई कर दें। फ्रीलांसिंग से प्रति असाइनमेंट 5 डॉलर से 100 डॉलर तक की कमाई की जा सकती है।

ऑनलाइन सर्वे: ऑनलाइन वर्ल्ड में यह कमाई के लिए एक नए तरीके का आसान काम है। इसमें बस आपको कंपनियों की तरफ से ऑनलाइन सर्वे आयोजित कराना होता है। दैनिक आधार पर जिन सर्वे को आप पढ़ते हैं वे बाजार अनुसंधान फर्मों और मेगा-कॉरपोरेशन द्वारा तैयार नहीं किए जाते हैं। दरअसल सर्वे वाले ऐसे व्यक्तियों की तलाश करते हैं जो अच्छे पैसे के बदले उत्पादों और सेवाओं पर सर्वे करने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं।