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आपके रोमांच को और बढ़ाएंगी भारत की ये रहस्यमय गुफाएं

आइए, जानते हैं भारत की रहस्यमय गुफाओं के बारे में,

बोरा गुफाएं

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विलियम किंग जॉर्ज ने 1807 में आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले में अराकू वैली के पास अनंतगिरी की पहाडि़यों में खोजी थी। यहां कार्स्टिक चूना पत्थर से बनी हुई सबसे गहरी गुफा है। इसकी गहराई 80 मीटर है। ये भारत की सबसे गहरी गुफाओं में से एक है।

भीमबेटका रॉक शेल्‍टर

मध्‍य प्रदेश के रायसेन जिले में रतापानी वाइल्‍ड लाइफ सैंक्चुअरी के अंदर भीमबेटका गुफाएं हैं। ये गुफाएं पाषाण काल की बनी हुई हैं। गुफा की दीवारों पर इंसान और जानवरों की पेंटिंग उकेरी गई हैं। मानव सभ्‍यता की ये सबसे पुराने चिह्नों में से एक हैं। 2003 में इसे वर्ल्‍ड हैरिटेज साइट घोषित कर दिया गया था। ये गुफा लगभग 30 हजार साल पुरानी है। यहां पांच सौ से ज्‍यादा प्राकृतिक गुफाएं बनी हुई हैं। भीमबेटका में युद्ध की पेंटिंग दीवारों पर बनाई गई है। 1958 में इस पेंटिंग की खोज की गई थी।

अमरनाथ गुफा

अमरनाथ गुफा भारतीय आस्‍था का केंद्र है। यहां बर्फ से भगवान के शिवलिंग का निर्माण होता है। हजारों की संख्‍या में भक्‍त यहां आते हैं। ये भारत के सबसे पूज्‍यनीय तीर्थ स्‍थलों में से एक है। जम्‍मू कश्‍मीर में बनी यह गुफा हिमालय की पहाडि़यों से घिरी हुई है। ये गुफा ज्‍यादातर बर्फ से ढकी रहती है।

अंडावल्‍ली गुफा

यह गुफा प्रचीन काल का सबसे बेहतरीन नमूना है। इसे विश्‍वकर्मा स्‍थापथीस कहा जाता है। आंध्र प्रदेश में यह गुफा विजयवाड़ा से सिर्फ 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इन गुफाएं चौथी-पांचवी शताब्‍दी की प्रतीत होती हैं। यह गुफाएं पत्‍थरों से निर्मित हैं। यह एक जैन गुफा थी। यह उदयगिरि और खांडगिरि के आर्कीटेक्‍चर का नमूना है। इसमें से प्रमुख गुफा गुप्‍त काल के आर्कीटेक्‍चर का नमूना है।

वैष्‍णो देवी

जम्‍मू कश्‍मीर में स्थित वैष्‍णो देवी मंदिर भारत की सबसे प्रचीन गुफाओं में से एक है। ये प्रमुख हिन्‍दू मंदिरों और शक्ति के 52 पीठों में से एक है। यह त्रिकूट पहाडि़यों पर स्थित है। यहां हर साल लाखों की संख्‍या में भक्‍त आते हैं।

उदयगिरि और खांडगिरि गुफा

उड़ीसा में बनी उदयगिरि और खांडगिरि गुफा प्रकृति और मानव निर्मित गुफा का अद्भुत नमूना है। इस आर्कियोलॉजिकल और हिस्‍टॉरिकल गुफा का अपना ही धार्मिक महत्‍व है। यह गुफा भुवनेश्‍वर के पास स्थित है। यहां की ज्‍यादातर गुफाएं जैन मॉंक का घर रहीं हैं। उदयगिरि का अर्थ होता है सूर्योदय गुफा। यहां 18 खांडगिरि गुफाएं भी है। जिनका अर्थ होता है टूटी हुई पहाडि़यां। जैन गुफाएं भारत में प्राचीन काल से हैं।

एलीफेंटा गुफाएं

महाराष्‍ट्र के एलीफेंटा आईसलैंड पर बनी ये गुफाएं मानव निर्मित गुफाओं का नेटवर्क है। इसे सिटी ऑफ केव्‍स भी कहा जाता है। ये मुंबई में हार्बॉर पर स्थित हैं। ये आइसलैंड दो गुफाओं का घर है। यहां दो ग्रुपो में पहली पांच हिन्‍दू गुफाएं है और छोटे ग्रुप में दो बुद्धिस्‍ट गुफाएं हैं। पहाड़ों को काट कर इन गुफाओं का निर्माण किया गया है।

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धूल की चादर में लिपटा उत्‍तर भारत। जानें क्या है वजह और कैसे सुरक्षित रहें अगले 48 घंटों में!

धूलभरी हवा से राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित रहे। धूलभरी हवाएं चलने का कारण पश्चिमी विक्षोभ माना जा रहा है। ऐसे में लोगों को जहां सांस लेने में दिक्कत हो रही है, वहीं हवाई परिचालन प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ही हालात रहे तो उत्तर भारत के लिए आने वाले 48 घंटे मुश्किलों भरे हो सकते हैं।

40 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही है धूल बढ़ते तापमान से परेशान उत्तर भारत के लोगों की मुश्किल तब और बढ़ गई, जब हवाएं चलने से वातावरण में धूल की मात्रा और बढ़ गई। स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत का कहना है कि राजस्थान और ब्लूचिस्तान की ओर से चल रही गर्म हवाओं के साथ धूल करीब 40 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से दिल्ली की ओर आ रही है। चूंकि मौसम में नमी नहीं है, इस कारण धूल की इस चादर का असर कई दिन तक बना रहेगा। दिल्ली में कई गुना बढ़ा प्रदूषण का स्तर धूलभरी हवाओं ने दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया है।

पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 बुधवार को दिल्ली में तीन गुना से भी अधिक 200 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। इसी तरह पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है, जबकि बुधवार को यह 981 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। घर व दफ्तर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने की सलाह मौसम विशेषज्ञों ने ऐसे हालात में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घर के भीतर ही रहने की सलाह दी है। घर व दफ्तर की खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने को कहा है। साथ ही कचरा न जलाने की सलाह दी है। इस दौरान निर्माण कार्य भी बंद रखने की भी बात कही है।

बठिंडा-जम्मू फ्लाइट रद
आसमान में धूल के कारण बठिंडा-जम्मू फ्लाइट रद आसमान में धूल होने के कारण बुधवार को बठिंडा से जम्मू और जम्मू से बठिंडा की फ्लाइट को रद कर दिया गया। जम्मू से सुबह 9:10 की फ्लाइट को बठिंडा 10:20 बजे पहुंचना था, लेकिन आसमान में धूल के कारण जम्मू से फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकी।

यूपी में आंधी के बाद बरसे बदरा
उत्तर प्रदेश में आंधी के बाद बरसे बदरा, 10 की मौत भीषण तपन के बीच मौसम के प्रतिदिन अलग-अलग तेवर बेहाल कर रहे हैं। पश्चिमी उप्र के अधिकांश जिलों में बुधवार को आसमान में धुंध छायी रही। गर्म हवाएं और उमस ने झुलसाया तो कहीं आंधी-पानी ने तबाही मचाई। खासकर पूर्व और मध्य उप्र में। इस दौरान 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। पेड़, बिजली खंभे उखड़े, जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।

हरियाणा में दो दिन और मुसीबत
हरियाणा में दो दिन और रहेगी मुसीबत हरियाणा के आसमान में भी बुधवार को धूल का गुबार छाया रहा। इससे दृश्यता कम हो गई। ऐसे हालात हो दिन और रह सकते हैं। धूल की वजह से सांस के मरीजों की तकलीफ भी बढ़ गई। वहीं, गर्मी के कारण हांसी में दो लोगों की मौत हो गई।

कोलकाता में मिली राहत 
कोलकाता में बारिश से मिली राहत कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के विभिन्ना जिलों में मानसून की हुई बारिश से तापमान सामान्य रहा। हालांकि, कोलकाता व आसपोड़स के जिलों में दोपहर तक तेज धूप थी। बाद में बादल छा जाने से मौसम अच्छा हो गया।

छत्‍तीसगढ़ में उमस 
छत्तीसगढ़ में उमस ने लोगों को किया परेशान छत्तीसगढ़ में बुधवार को दिन में उमस ने लोगों को परेशान किया। पूर्वानुमान है कि आने वाले 24 से 36 घंटों के बीच दक्षिण छत्तीसगढ़ से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में आठ जून को मानसून पहुंच चुका है, लेकिन बारिश अपेक्षाकृत कम में हो रही है।

जम्‍मू-कश्‍मीर में पारा सामान्‍य से ऊपर
जम्मू-कश्मीर में सामान्य से ऊपर है पारा जम्मू-कश्मीर में तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। जम्मू में बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले मई में तापामान 43.5 डिग्री रह चुका है। कश्मीर में भी तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है।

हिमाचल में धूप से बढ़ा तापमान
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन दिन से धूप खिलने के कारण तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 43.4 डिर्ग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला में सामान्य से अधिक गर्मी दर्ज की जा रही है।

उत्तराखंड के पहाड़ों में बारिश, मैदान में तपिश
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में जहां बुधवार को बारिश से लोगों को चढ़ते पारे से राहत मिली है, वहीं मैदानी जिलों में गर्मी व उमस ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन चढ़ते पारे से राहत मिलने के आसार कम ही हैं।

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हाफिज सईद का राजनीतिक दल आतंकी संगठन घोषित; यूएस की कार्रवाई का स्वागत- भारत

अमेरिका ने मंगलवार को मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया। यह मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का राजनीतिक संगठन है। ये कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब पाकिस्तान में एमएमएल को एक राजनैतिक दल के रूप में मान्यता देने की कवायद चल रही थी। वहीं, भारत ने अमेरिका की कार्रवाई का स्वागत किया है।

एमएमएल के 7 मेंबर भी आतंकी घोषित
– द यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने एक संशोधन प्रस्ताव पेश किया। जिसके तहत लश्कर-ए-तैयबा के साथ ही एमएमएल और तहरीक-ए-आजादी-ए-कश्मीर (टीएजेके) को आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल किया गया।
– इनके अलावा एमएमएल के 7 सदस्यों को लश्कर के लिए काम करने की वजह से आतंकी घोषित किया गया है।

पाकिस्तान ने नहीं की प्रभावी कार्रवाई

– भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा, “भारत यूएस की कार्रवाई का स्वागत करता है। मिल्ली मुस्लिम लीग लश्कर-ए-तैयबा का ही दूसरा नाम है। यह लीग आतंकी संगठन के लिए काम कर रही थी। अमेरिका की कार्रवाई भारत के दावे को पुख्ता करती है कि पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।”

हाफिज जारी कर चुका अपना घोषणापत्र
– हाफिज ने 23 मार्च को एमएमएल का घोषणा पत्र जारी कर दिया था। मिल्ली मुस्लिम लीग को एक राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता देने के लिए इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भी रास्ता साफ कर दिया था।

17 साल पहले लश्कर घोषित किया गया था आतंकी संगठन
– लश्कर-ए-तैयबा का गठन 1980 के दशक में हुआ था। वह 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है। इन हमलों में 166 लोगों की मौत हो गई थी।
– अमेरिका ने लश्कर को 26 दिसंबर 2001 में विदेशी और वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किया था। इसके मुखिया हाफिज सईद को भी वैश्विक आतंकी घोषित किया गया था।

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अब से आपके वाहन में पड़ेगा नए किस्म का पेट्रोल-डीजल, जानें क्यों है खास

राजधानी और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने की चुनौती से निपटने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने एक अप्रैल से राजधानी में यूरो-6 मानक के  डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति शुरू कर देंगी। कंपनियां इसके लिये कोई अतिरिक्त कीमत नहीं वसूलेंगी।

दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर होगा जहां यूरो-4  मानक ईंधन का प्रयोग बंद कर सीधे यूरो-6  मानक ईंधन को इस्तेमाल में लाया जायेगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित अन्य शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा मुंबई, चेन्नई,  बेंगलुरू, हैदराबाद और पुणे समेत 13 प्रमुख शहरों में यूरो-6 मानक ईंधन की आपूर्ति अगले साल एक जनवरी से शुरू होगी। देश के बाकी हिस्सों में यह अप्रैल 2020 से शुरू होगा।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी)  के निदेशक (रिफाइनरी) बी. वी. रामगोपाल ने कहा कि सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियां आईओसी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड  कल से दिल्ली के अपने सभी 391 पेट्रोल पंपों पर यूरो-छह उत्सर्जन मानक वाले ईंधन की आपूर्ति शुरू कर देंगी।

उन्होंने कहा कि भले ही कंपनियों ने स्वच्छ ईंधन उत्पादन के लिए भारी निवेश किया है, उपभोक्ताओं के ऊपर अभी कुछ समय तक इसका बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, आश्वस्त रहिये, खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की कोई योजना नहीं है।  अभी उपभोक्ताओं से तत्काल लागत वसूलने की कोई योजना नहीं है।

लागत के हिसाब से स्वच्छ ईंधन50  पैसे प्रति लीटर महंगाहोना चाहिये। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में यूरो-6  मानक के ईंधन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी तब लागत वसूलने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

रामगोपाल ने कहा कि दिल्ली की 9.6 लाख टन पेट्रोल तथा 12.65 लाख टन डीजल की सालाना खपत देखते हुए उत्तर प्रदेश स्थित मथुरा परिशोधन संयंत्र, हरियाणा की पानीपत रिफाइनरी, मध्य प्रदेश के बिना संयंत्र तथा पंजाब के बठिंडा  संयंत्र ने स्वच्छ ईंधन का उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अकेले पानीपत संयंत्र पर ही करीब 183  करोड़ रुपये खर्च किये गये।

उन्होंने कहा कि बाकी के संयंत्रों के उन्नयन का काम चल रहा है। वर्ष 2015 में निर्णय लिया गया था कि यूरो6  मानक के अनुकूल ईंधन की आपूर्ति पूरे देश में एक अप्रैल 2020 से शुरू की जायेगी  हालांकि, जहरीली धुंध की समस्या को देखते हुए दिल्ली में इसे पहले ही किया जा रहा है।

गोपाल ने कहा कि स्वच्छ यूरो6  मानक के ईंधन तथा पुराने इंजन के इस्तेमाल से पार्टिकुलेट उत्सर्जन में10 से 20  प्रतिशत की कमी आएगी। इसका पूरा लाभ उठाने के लिए यूरो6 मानक के इंजनों की भी जरूरत होगी।

उन्होंने कहा, यूरो6 मानक के ईंधन की आपूर्ति कल से शुरू हो जाने से वाहन निर्माता कंपनियों को यह भरोसा मिलेगा कि स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता कोई समस्या नहीं है।

दिल्ली में सुचारू आपूर्ति के लिए आईओसी मथुरा और पानीपत संयंत्रों से स्वच्छ ईंधन मंगाएगी। एचपीसीएल की बठिंडा स्थित संयुक्त संयंत्र तथा बीपीसीएलबीना  संयंत्र से ईंधन मंगाएगी।

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Congress poster spotted in Cambridge Analytica CEO Nix’s London office

Though the Congress has denied it has any links with Cambridge Analytica, the company accused of stealing Facebook data to influence elections, a documentary released last year by journalist and tech blogger Jamie Bartlett throws up an image the Congress may have hard time to explain.

The Persuasion Machine, the last of the two-part documentary series for the BBC, ‘Secrets of the SIlicon Valley’, shows Bartlett meeting Cambridge Analytica’s now-suspended CEO Alexander Nix in his London office. As Bartlett enters Nix’s room, he stands up and greets him. Right behind Nix, on the wall, is a poster showing the ‘hand’ symbol of the Congress party. Below the hand is written “Congress” in bold letters. The poster carries the slogan ‘Development for all’.

Bartlett’s documentary probes the role of technology in the election campaign of US President Donald Trump. Nix is one of the many people he interviews. Though Nix says nothing about the operations of Cambridge Analytica in India and talks about only the Trump campaign, the Congress poster on the wall behind him looks like proud showcasing of a big client.

In ‘The Persuasion Machine’, Bartlett narrates how Silicon Valley has opened a new frontier—controlling political expression and behaviour of the masses. “It was the biggest political earthquake of the century. But just how did Donald Trump defy the predictions of political pundits and pollsters?” begins Bartlett.

BJP Minister Smriti Irani shares this picture from her official Twitter handle and disclose this important news with mentioning economictimes article.

After Nix explains how the company created psychographic profiles of voters, Bartlett asks, “Where did all the information to predict voters’ personalities come from?” Nix says,”Very originally, we used a combination of telephone surveys and then we used a number of online platforms for gathering questions. As we started to gather more data, we started to look at other platforms such as Facebook, for instance.”

When Bartlett wonders if some people would find it a little bit creepy to predict a voter’s personality to persuade him, Nix says, “No, I can’t. Quite the opposite. I think that the move away from blanket advertising, the move towards ever more personalised communication is a very natural progression. I think it is only going to increase.”

Justifying the company using personal data people put in the public domain, Nix gives the example of a supermarket loyalty card where people get points and the company gathers the data on consumer behaviour. But Bartlett is puzzled. “I mean, we are talking about politics and we’re talking about shopping. Are they really the same thing?” he asks. Nix replies, “The technology is the same. In the next 10 years, the sheer volumes of data that are going to be available, that are going to be driving all sorts of things including marketing and communications, is going to be a paradigm shift from where we are now and it’s going to be a revolution, and that is the way the world is moving. And, you know, I think, whether you like it or not, it is an inevitable fact.”

For more than a week, the Congress and the Bharatiya Janata Party (BJP) have traded charges, accusing each other of having been clients of Cambridge Analytica. Christopher Wylie, the Cambridge Analytica whistleblowerat the heart of the Facebook privacy scandal, told British lawmakers yesterday that he “believes” Congress was the company’s client.

The Congress denies it has anything to do with Cambridge Analytica. However, Alexander Nix was not shy of displaying the Congress poster in his own office.

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D Story behind “Ladies First”

Long ago , a man & woman were madly in luv . Dey wanted 2 marry . Parents didn’t approve. They decided 2 suicide 2gether & planned 2 jump frm a mountain . D man couldn’t bare 2 c his sweetheart fall …

He convinced her dat he wil jump first , he jumpd ….

Dat lady never did …!!!

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जीएसटी काउंसिल की 26वीं बैठक आज, हो सकते हैं ये 4 बड़े फैसले

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की आज 26वीं बैठक होनी है। इस अहम बैठक में रिटर्न प्रक्रिया को और आसान किए जाने समेत कई बड़े फैसलों पर आम सहमति बनने की संभावना है। हम अपनी इस खबर में उन्हीं बड़े फैसलों के बारे में बताने जा रहे हैं जिस पर आज चर्चा हो सकती है।

GSTR-3B की डेडलाइन बढ़ सकती है: आज होने वाली अहम बैठक में पंजीकृत व्यवसायों के लिए रिटर्न फाइलिंग को और आसान किए जाने के लिए प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है। एक अधिकारी के मुताबिक, “नए रिटर्न फाइलिंग सिस्टम को अगर काउंसिल की ओर से सहमति मिलती है, तो इसके कार्यान्वित होने में लगभग 3 महीने का वक्त लग सकता है तब तक जीएसटीआर-3बी जारी रह सकता है।”जीएसटीआर 3बी फाइलिंग की डेडलाइन 31 मार्च 2018 है जिसे बढ़ाकर जून 2018 किया जा सकता है।

ई-वे बिल पर आ सकता है अहम फैसला: ई-वे बिल सरकार के मुख्य एजेंडे में शामिल है। ऐसा माना जा रहा है कि इस अहम बैठक में वैट और एक्साइज के तर्ज पर प्रोविजनल इनपुट टैक्स क्रेडिट देने के विकल्प देने पर विचार करने के साथ ही ई-वे बिल की व्यवस्था को 1 अप्रैल से लागू होने को मंजूरी दी जा सकती है।

रिटर्न फाइलिंग को और आसान करने पर बन सकती है सहमति: केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल जिसमें अन्य राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल हैं जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत कंपनियों के लिये सरल रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को अंतिम रूप दे सकती है। माना जा रहा है कि जीएसटी के तहत टैक्स रिटर्न भरने के लिए 3 की बजाय सिर्फ 1 ही फॉर्म भरने की व्यवस्था शुरू की जा सकती है।

ईएनए पर जीएसटी लगाने पर हो सकता है विचार: जीएसटी लागू होने के बाद परोक्ष कर संग्रह में अपेक्षानुरूप वृद्धि न होते देख सरकार अब खजाना भरने के लिए अतिरिक्त उपाय करने में जुट गयी है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्र शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) को जीएसटी के दायरे में लाने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शनिवार को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईएनए पर जीएसटी लगाने पर विचार किया जा सकता है। काउंसिल में अगर इस प्रस्ताव पर आम राय बनी तो ईएनए पर 18 फीसद की दर से जीएसटी लगाया जा सकता है।

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पुतिन के प्रेजेंटेशन में फ़्लोरिडा परमाणु हमले के निशाने पर क्यों?

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने गुरुवार को परमाणु हथियारों के नए ज़खीरे को दुनिया के सामने लाते हुए एक प्रेज़ेंटेशन दिखाया. इस दौरान एक वीडियो ग्राफ़िक्स में अमरीका के फ़्लोरिडा पर मिसाइलों की बारिश होती दिखाई गई.

लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि रूस परमाणु युद्ध की स्थिति में सनशाइन स्टेट फ़्लोरिडा को लक्ष्य क्यों बनाना चाहेगा?

फ़्लोरिडा में वॉल्ट डिज़नी वर्ल्ड और एवरग्लेड्स नेशनल पार्क जैसे पर्यटक स्थल हैं. इसके साथ ही यहां राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट जैसे हाई प्रोफाइल टारगेट भी हैं.

रूस में 18 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव होने हैंइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
Image captionरूस में 18 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं

ऐसा क्या है फ़्लोरिडा में?

अमरीकी रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि पेंटागन को पुतिन की इन बातों से आश्चर्य नहीं हुआ.

रूसी ख़तरे को महत्वहीन करार देते हुए पेंटागन प्रवक्ता डैना व्हाइट ने कहा, “अमरीकी लोग आश्वस्त रहें, हम पूरी तरह तैयार हैं.”

पुतिन के इस वीडियो एनिमेशन में कई परमाणु हथियारों को फ़्लोरिडा की ओर जाते दिखाया गया है.

राष्ट्रपति ट्रंप के फ़्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो रिसॉर्ट में कई परमाणु बंकर हैं, जहां राष्ट्रपति बनने के बाद वो कई वीकेंड गुज़ार चुके हैं.

परमाणु हथियारइमेज कॉपीरइटREUTERS

1927 में निर्मित मार-ए-लागो में इन बंकरों में से तीन कोरियाई युद्ध के दौरान स्थापित किए गए थे.

कुछ मील की दूरी पर वेस्ट पाम बीच में ट्रंप के गोल्फ़ कोर्स में (अमरीकी मैगज़ीन स्कवायर के अनुसार दूसरे होल के नीचे) एक और बम शेल्टर है.

दूसरा बंकर राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी के लिए बनाया गया था जो मार-ए-लागो से बहुत दूर नहीं है.

पीनट आइलैंड पर स्थित इस बंकर से महज 10 मिनट की दूरी पर पाम बीच हाउस है, जहां केनेडी अकसर ठहरा करते थे.

पुतिन का प्रज़ेंटेशनइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

जानकार क्या मानते हैं?

विशेषज्ञ कहते हैं कि ये बंकर चाहे जितने भी शानदार तरीके से बनाए गए हों, सीधे हमले की स्थिति में कोई भी बंकर सुरक्षित नहीं बच सकेगा.

एक और लक्ष्य अमरीकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) हो सकता है, जिसका मुख्यालय टैंपा के मैक्डिल एयरबेस में है.

सेंटकॉम पर मध्य-पूर्व, मध्य एशिया और उत्तर अफ्रीका के कुछ हिस्सों में ऑपरेशन के ज़िम्मेदारी है.

लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि परमाणु युद्ध की स्थिति में मुख्य लक्ष्य फ़्लोरिडा नहीं होगा.

मैथ्यू क्रोएनिग अपनी किताब द लॉजिक ऑफ़ अमरीकन न्यूक्लियर स्ट्रैटजी में लिखते हैं कि रूस की प्राथमिकता अमरीका के मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता को कमज़ोर करने की होगी.

वो लिखते हैं, “बहुत संभव है कि मॉस्को मोंटाने के मालस्टॉर्म एयरफ़ोर्स बेस, नॉर्थ डकोटा में मिनोट एयरफोर्स बेस, ओमाहा, नेब्रास्का और ऑफ़ट जैसे एयर फोर्स बेस को लक्ष्य बनाना चाहेगा.”

परमाणु हथियारइमेज कॉपीरइटREUTERS

सिर्फ़ एक संदेश

क्रोएगिन लिखते हैं, “रूस सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दो अमरीकी पन्डुब्बियों के ठिकानों, वॉशिंगटन के बांगोर और जॉर्जिया के किंग्स बे के साथ ही देश भर में फैले 70 अन्य अमरीकी सैन्य अड्डों को मिटाना चाहेगा.”

वो आगे लिखते हैं, “और साथ ही वो यहां की औद्योगिक क्षमता को नष्ट करने और बड़े पैमाने पर नुक़सान पहुंचाने के लिए सबसे अधिक आबादी वाले अमरीकी शहरों पर दो-दो मिसाइलें दागेगा.”

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटजिक स्टडीज के मार्क फिट्ज़पैट्रिक ने बीबीसी से कहा, “फ़्लोरिडा पर हमले के वीडियो से युद्ध नीति का कोई संबंध नहीं है. यह एक संदेश है, जिसके संकेत मात्र के रूप में यह वीडियो है.”