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10000 रुपए लगाकर गोटा पट्टी से शुरू किया बिजनेस। अब है सालाना 30 करोड़ का टर्नओवर!

आज का दौर डेडिकेटेड ई कॉमर्स का है जहां फर्स्ट क्राई ने अमिताभ जी के साथ मिलकर सफलता का इतिहास रचा है। इसी कड़ी में अगला नाम है indianbeautifulart.com का जिसको प्राइवेट बैंक कर्मचारी नितिन कपूर और ई बे कर्मचारी अमित गुप्ता ने 2009 में 10000 रुपए द्वारा बिजनेस की शुरुआत की।

Nitin Kapoor
Nitin Kapoor

कंपनी की शुरुआत लेस और गोटापट्टी की बिक्री से हुई जिसको इन्होंने अमेरिका, यू के और अन्य देशों तक अपने ब्रांड के माध्यम से पहुंचाया।

कंपनी को 2010 में 40 लाख रुपए की एंजेल फंडिंग मिली जिससे अन्य आर्ट्स में भी कारोबार करना शुरू किया।

2015 में इन्होंने जस्ट इन टाइम इन्वेंट्री सिस्टम से कार्य प्रारंभ किया। जहां डिमांड बेस्ड प्रोडक्शन के द्वारा अपने कस्टमर्स की जरूरतों को पूरा किया गया।

आज इंडियन ब्यूटीफुल आर्ट गारमेंट्स के साथ साथ होम फर्निशिंग, प्रिंटिंग, ज्वेलरी, हेल्थ एंड ब्यूटी, बेड एंड बाथ, ऑटोमोबाइल एसेसरीज, पेट एसेसरीज … इत्यादि क्षेत्रों में भी बिजनेस करती है जो 1000 उत्पादकों से उत्पाद लेती है। कंपनी हर माह 31000 ऑर्डर पूरे करती है जो कि मुख्यतः यूएस, यूके, जर्मनी, साउथ ईस्ट एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका से आते हैं। कंपनी का रिकॉर्ड सालाना टर्नओवर 30 करोड़ का रहा।

इसी तरह आप भी प्रेरणा लेकर अपने बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाकर AdTO Startup Destination की सर्विसेज द्वारा नई बुलंदियों पर पहुंच सकते हैं।

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मिल्क शेक स्टार्टअप ने हासिल किया 2 साल में 40 करोड़ का रेवेन्यू। जानें कैसे!

2 साल पहले कोरामंगलम में पहला फ्रोजेन बोटल स्टोर खोलने वाले प्रांशुल यादव और अरुण सुवर्णा ने अपनी कड़ी मेहनत और बेमिसाल बिज़नेस प्लानिंग से अब 100 आउटलेट्स खोलने का कारनामा कर लिया है।

Frozen bottle cofounders

प्रांशुल ने इससे पहले क्रीम स्टोन के कई स्टोर्स बैंगलोर में खोले थे जिससे उनका इस क्षेत्र में अनुभव और बढ़ गया। दोनों ने मिलके 36 लाख रुपए से इस बिज़नेस को बूटस्ट्रैप किया और सफलता की नई मिसाल कायम की।

Frozen bottle outlet

2017 में अपने पहले साल में बैंगलोर में 10 स्टोर्स खोलना इनकी एक बड़ी कामयाबी रही। इस साल के अंत मे फ्रोज़न बोटल ने 18 लाख रुपए में 8% सेल्स प्रति माह रॉयल्टी फीस के साथ अपनी फ्रेंचाइजी देनी शुरू करी जिससे अब मौजूदा समय मे इनके 40 कंपनी आउटलेट्स मिलाकर कुल 100 से ज्यादा स्टोर्स चल रहे हैं।

Frozen bottle products

फ्रोज़न बोटल बैंगलोर, मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, पुणे, सूरत, मनिपाल, कोच्चि और कोयम्बटूर जैसे कुल 18 शहरों में स्टोर्स खोल चुकी है। कंपनी का प्लान 140 नए स्टोर्स खोलने का है जिसके लिए 5 करोड़ का निवेश यह अपनी कमाई में से ही कर रहे हैं। फ्रेंचाइजी मॉडल की कामयाबी से इस कंपनी को कभी एक्सटर्नल फंडिंग की भी जरूरत नही पड़ी और अपनी शर्तों पर खुद मेहनत करके कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंचना सभी के लिए एक बेहद प्रेरणा दायक उदाहरण है।

यदि आपके पास भी कोई बिज़नेस आईडिया है तो यह लेख जरूर पढ़ें Starting Up Funding

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कौन हैं इस साल के भारतीय यूनिकॉर्न हंटर्स। मिलिए सभी शीर्ष इंवेस्टर्स से!

इंवेस्टर्स किसी कंपनी में अपना निवेश एक नीति के तहत करते हैं। हर इंवेस्टर की अपनी एक विशेष नीति और कुछ मानक होते हैं जिनसे वो आवेदक कंपनी को परखता है।

Indian unicorn

जब किसी स्टार्टअप की मार्किट वेल्युएशन 1 अरब डॉलर या 7000 करोड़ रुपए हो जाती है तब वह यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहलाता है। ऐसे ही स्टार्टअप को पहचान कर उसके प्रारंभिक काल मे निवेश करने वाले इंवेस्टर यूनिकॉर्न हंटर कहलाते हैं। इस साल भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने पिछले सभी रेकॉर्ड तोड़ कर विश्व भर को आचम्भित कर दिया। अभी बीती छमाही की बात करें तो सेकोइया इंडिया सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट करने वाली प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट कंपनी रही वहीं एस्सेल पार्टनर्स, ब्लूम वेंचर्स के साथ साथ कुछ और कम्पनियों ने भी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई। आइए जानते हैं इन कम्पनियों के बारे में!

सेकोइया कैपिटल इंडिया

सेकोइया कैपिटल इंडिया देश की अग्रणी इंवेस्टर कंपनी है जो कि सीड, अर्ली, ग्रोथ और लेट स्टेज कंपनियों को फंड्स प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में भारत और साउथ ईस्ट एशिया की 200 से ज्यादा कंपनियां हैं जिनमे जिलिंगो, बीरा, म्यु सिग्मा, फ्रेशवर्क्स, ध्रुवा, पाइन लैब्स, फ्रीचार्ज और जस्ट डायल जैसी यूनिकॉर्न कम्पनियां हैं। इस साल इस कंपनी ने डाउटनट, खाताबूक, अजानी स्पोर्ट्स, बुलबुल, फ्लाईनोट, हिप्पो वीडियो, स्किलमैटिक्स और इंटरव्यूबिट अकैडमी जैसे स्टार्टअप्स को फंड्स प्रदान किए हैं।

एस्सेल पार्टनर्स

Accel partners logo

2008 में एरस्मिक वेंचर फण्ड के अधिग्रहण के साथ एस्सेल पार्टनर्स का भारत मे पदार्पण हुआ और तब से यह 100 से ज्यादा कंपनियों को फंड्स प्रदान कर चुकी है। इस कंपनी की डाउनलिस्ट में बुकमाईशो, ब्लैकबक, ब्लूस्टोन, फ्लिपकार्ट, फ्रेशडेस्क, पोर्शिया, पावर2एसएमई, स्विगी और अर्बनक्लैप जैसे यूनिकॉर्न कंपनियां शामिल हैं।

ब्लूम वेंचर एडवाइजर्स

Blume venture advisors

ब्लूम वेंचर्स अर्ली स्टेज, सीड और प्राइवेट इक्विटी फंडिंग प्रदान करने के साथ साथ एक्टिव मेंटरिंग और सपोर्ट भी प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में कैशीफाई, डुंजो, प्रिंटो, यूनोकोइन, हेल्दीफाईमी, बीहाइव वर्कस्पेस जैसी बड़ी कंपनियां हैं। इस साल के बड़े इन्वेस्टमेंट्स में मुंबई की हेल्थअश्योर को सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर का फंड्स प्रदान किया गया, वहीं बैंगलोर की कंपनी आगारा लैब्स को प्री सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर प्रदान किए गए।

इन बड़ी फर्म्स के अतिरिक्त बहुत सी कम्पनियां स्टार्टअप्स को भिन्न स्टेज के फंड्स प्रदान करती हैं जिनसे वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करके आप अप्लाई कर सकते हैं।

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इस साल 7 नए स्टार्टअप्स बन चुके हैं यूनिकॉर्न कम्पनी। पिछले साल हुए थे 10 स्टार्टअप्स इस लिस्ट में शामिल।

पिछले 2 माह में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में बेहद सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है जहां 3 नई कम्पनियों की मार्केट वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई और इनको मिलाकर 2019 में अब तक कुल 7 कम्पनियों को यूनिकॉर्न स्टार्टअप का तमगा मिल चुका है। जेरोधा, देल्हिवरी, डेली हंट और पेटीएम मनी के साथ साथ 3 कम्पनियों ने पूरे इकोसिस्टम को हतप्रभ कर दिया है।

Startup ecosystem adto

पिछले साल भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और विश्व में बिज़नेस एस्टेब्लिशमेंट में प्रथम स्थान हासिल कर 10 नए स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न स्टार्टअप में शामिल किया गया था। इससे पहले यह रिकॉर्ड वर्ष 2014 में 4 नए यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स का था।

Indian startup ecosystem adto

अभी तक 2019 में यूनिकॉर्न लिस्ट में शामिल हुए स्टार्टअप्स में कुछ तो बेहद अनापेक्षित रहे जो अन्य स्टार्टअप्स से आगे निकल गए। सिएटल और पुणे स्थित इकेर्टिस 2009 में शुरू हुई ऐसी ही कम्पनी है जो बिज़नेस सॉल्यूशन सॉफ्टवेयर प्रोवाइड कराती है। अमेरिका की ग्रेक्राफ्ट और प्रेमजी इन्वेस्ट कम्पनियों से मिली 115 मिलियन डॉलर की सीरीज E फंडिंग में इसकी वैल्युएशन 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई।

अन्य सरप्राइज यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स में पुणे स्थित 2008 में बनी ध्रुवा एक क्लाउड डेटा प्रोटेक्शन और इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्रदान करती है। ध्रुवा को वाइकिंग ग्लोबल इन्वेस्टर्स से मिली 130 मिलियन डॉलर की फंडिंग के समय इसकी वैल्युएशन 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई और यह यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की लिस्ट में शामिल हो गई।

New startup funding adto

मार्च 2019 में रजिस्टर्ड हुई कम्पनी ओला इलेक्ट्रिक को सीड इन्वेस्टमेंट में रतन टाटा, टाइगर ग्लोबल और मैट्रिक्स पार्टनर से 56 मिलियन डॉलर अर्थात 400 करोड़ रुपए मिले थे और कम्पनी अभी रोलआउट स्टेज में है। कम्पनी को हाल ही में सॉफ्टबैंक से मिली 250 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग में कम्पनी का मार्केट मूल्य 1 बिलियन डॉलर लगाई गई।

इन तीनों स्टार्टअप्स के अलावा 30 से ज्यादा सुनिकोर्न्स स्टार्टअप्स भी यूनिकॉर्न की लिस्ट में आने के लिए तैयार है जिनके बारे में हम आपको अपडेट करते रहेंगें।

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मिलिए सबसे ज्यादा एंजेल इन्वेस्टमेंट करने वाले भारतीयों से। जानें कैसे पाएं इन्वेस्टमेंट!

आपके बिज़नेस के लिए फंड्स बहुत ही अहम हिस्सा है। बात तब और आसान हो जाती है जब हम जानते हों कि फंड्स पाने के लिए किसको अप्प्रोच करना है। आज हम आपको उन भारतीयों से मिलवाएंगे जो सबसे ज्यादा फंडिंग करने के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। सभी डेटा को क्रंचबेस के सहयोग से तैयार किया गया है!

1. नवल रविकांत:

Naval Ravikant Angel

नवल रविकांत सैन फ्रांसिस्को में रहने वाले विश्व के जाने माने एंजेल इन्वेस्टर हैं जो कि हिटफोर्ज के मालिक हैं और 1999 से इन्वेस्टमेंट का कार्य कर रहे हैं। कुल 121 इन्वेस्टमेंट्स के साथ भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में पहले स्थान पर हैं।

2. सेमिल शाह:

Semil Shah Angel

सेमिल शाह मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया में रहने वाले प्रीमियम एंजेल इन्वेस्टर्स हैं जो कि हैस्टेक के मालिक हैं। ये लाइटस्पीड वेंचर्स के पार्टनर हैं और 74 इन्वेस्टमेंट्स के साथ भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में दूसरे स्थान पर हैं।

3. राजन आनंदन:

Rajan Anandan Angel

राजन दिल्ली में रहने वाले गूगल इंडिया और साउथईस्ट एशिया के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और फ़िलहाल सिलिकॉन वैली की सिक्वेइया कैपिटल में पार्टनर हैं। यह अनअकैडमी, इंस्टामोजो और मोबाइलवाला सहित कुल 57 इन्वेस्टमेंट्स करके भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में तीसरे स्थान पर हैं।

4. शरद शर्मा:

Sharad sharma Angel

शरद शर्मा दिल्ली में रहने वाले याहू इंडिया के पूर्व CEO और ब्रांड सिग्मा के CEO हैं। ये iSPIRT के कोफॉउंडर हैं तथा वायव्य लैब्स, दूर्वा सॉफ्टवेयर और मोबाइलवाला समेत 25 इंवेस्टमेंट्स के साथ चौथे सबसे सफल भारतीय एंजेल इंवेस्टर हैं।

5. अनुपम मित्तल:

Anupam Mittal Angel

अनुपम मुंबई में रहने वाले प्यूपल ग्रुप के मालिक हैं जिन्होंने मकान और शादी डॉट कॉम की सफलता से इतिहास रचा है। इन्होंने ओला, मौज मोबाइल और फैब होटल्स समेत 20 इन्वेस्टमेंट्स की हैं और भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में 5वें स्थान पर हैं।

उपरोक्त एंजेल इन्वेस्टर्स के अलावा भी बहुत सारे भारतीय उद्यमी हैं जो अपनी पूंजी एंजेल इन्वेस्ट के जरिए आपकी कम्पनी में पार्टनर बनके आपकी सफलता की कहानी में भागीदार बन सकते हैं।

ये इसलिए भी एंजेल इन्वेस्टमेंट में भागीदार बनते हैं क्योंकि इसमें हाई रेट ऑफ इंटरेस्ट मिलता है जो कि बाद के वेंचर कैपिटल में प्राप्त इंटरेस्ट से बहुत ज्यादा होता है।

Roi angel investment against venture capital

दिल्ली के स्नैपडील फेम कुणाल बहल और इनोवेट कोवर्किंग के फाउंडर डॉक्टर रितेश मलिक प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स हैं।

मुंबई की बात करें तो यहां के क्युकी.कॉम के समीर बंगरा, टॉपर.कॉम के जीशान हयात, IIT मुंबई की साइन के CEO अजीत खुराना प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स हैं।

बैंगलोर इस समय इस देश की स्टार्टअप राजधानी हैं। यहां से शुरू हुई कम्पनियों ने इतिहास रच देश को गौरवान्वित किया है। यहां के क्रिस गोपालकृष्णन इंफोसिस के कोफॉउंडर हैं और पदम् भूषण सम्मानित हैं। इनके अलावा फ्लिपकार्ट के सचिन और बिन्नी बंसल, ट्यूटर विस्टा के गणेश कृष्णन तथा रेजरफ्लो के पल्लव नधानी यहां के एंजेल इंवेर्टर्स में प्रमुख हैं।

आप इनको लिंक्डइन या ईमेल द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं और इनसे इन्वेस्टमेंट के बारे में जरूरी पहल कर सकते हैं।

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अब नहीं होगी हर काम में पैन कार्ड की जरूरत। आधार नंबर ही बन जाएगा पैन!

भारत सरकार के यूनियन बजट 2019 में इंकम टैक्स रूल में फेरबदल किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए इन नए रूल्स के बारे में बताया।

टैक्सदाताओं की सहूलियत के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड को विनिमय योग्य कर दिया जाएगा। इसका अर्थ जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वे इंकम टैक्स फाइल करते समय आधार कार्ड को पैन कार्ड की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही अन्य जगहों पर भी यह पैन कार्ड के विकल्प के रूप में कार्य करेगा।

अब पैन अप्लाई करते समय UIDAI से आधार का डेमोग्राफिक डेटा लिया जाएगा। अगर पैन कार्ड में आपका आधार लिंक है तब आप अपनी इच्छानुसार पैन कार्ड की जगह आधार का उपयोग कर सकते हैं।

इसके साथ ही बड़ी बैंकिंग ट्रांजेक्शन के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड डेटा से वेरिफाई करवाना अनिवार्य हो गया है।

सभी इंकम टैक्स फाईलिंग के लिए आधार से वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है।

रविशंकर प्रसाद ने संसद में महत्वपूर्ण आधार अमेंडमेंट बिल पेश किया जिसके अंतर्गत अब 18 वर्ष से कम उम्र के आधार नंबर होल्डर्स 18 वर्ष की आयु में आने पर अपना आधार कैंसिल करवा सकते हैं। इसके साथ ही इन्होंने आधार डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की।

क्या हुआ महंगा

सोने के आयात शुल्क में 2.5% बढ़ाने के साथ साथ पेट्रोल, डीजल और आयातित पुस्तकों पर 5% शुल्क बढ़ाया गया है। इसके अलावा ऑटो पार्ट्स में सिंथेटिक रबर, पी वी सी, टाइल्स, ऑप्टिकल फाइबर, चांदी, स्टेनलेस उत्पाद, मूल धातु के फिटिंग और फ्रेम्स, एयरकंडीशनर, लाउडस्पीकर, वीडियो रिकॉर्डर, CCTV कैमरे, तम्बाकू उत्पाद तथा हॉर्न पर भी शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई।

क्या हुआ सस्ता

इलेक्ट्रिक कारों पर GST को 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है तथा इसके लिए लोन पर ब्याज में 1.5 लाख तक कि इंकम टैक्स में छूट दी गई है। होम लोन भी सस्ते हुए जिसमे 45 लाख के होम लोन में 3 लाख की छूट भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त साबुन,शैम्पू, हेयरोइल, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट पौडर, पंखे, लैंप, ब्रीफकेस, यात्री बैग, सेनेटरी वीयर, बोतल, कंटेनर, रसों बर्तन, बिस्तर, गद्दे, चश्मों के फ्रेम, बांस फर्नीचर, पास्ता, मेयोनेज़, नमकीन, सूखा नारियल, सेनेटरी नैपकिन, धूपबत्ती, ऊन तथा ऊन के उत्पादों को और सस्ता करा गया है।

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पहली छमाही में भारतीय स्टार्टअप्स को मिला निवेश पहुंचा 3.9 बिलियन डॉलर। नई बुलंदियां छू रहा हमारा स्टार्टअप इकोसिस्टम

भारतीय स्टार्टअप बूम आज अपनी सही राह पर चल रहा है। पूरे इकोसिस्टम पर वालमार्ट फ्लिपकार्ट डील का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

Startup growth

कुल 292 डील्स मिलाकर पहली छमाही में भारतीय स्टार्टअप्स को 3.9 बिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ। वहीं 2018 में पहली छमाही में 2.7 बिलियन डॉलर का निवेश भारतीय स्टार्टअप्स को मिला था।

Indian startups funding report

पहले पांच माह में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की डील्स की संख्या पिछले दो सालों की छमाही से काफी ज्यादा रही। 2016 में भारतीय स्टार्टअप्स में कुल निवेश 4.2 बिलियन डॉलर था जो कि 2017 में 4.3 बिलियन डॉलर रहा। 2018 में यह 38.3 बिलियन डॉलर के जादुई आंकड़े पर पहुंची और पहली बार एशियन स्टार्टअप्स को मिलने वाली फंडिंग अमेरिकन स्टार्टअप्स से ज्यादा हो गई।

यह सकारात्मक पहलू भारत सरकार भी जानती है। इसलिए स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के तहत नए नए चैलेंज की घोषणा की जाती है जिसे जीतने वाले को पुरुस्कार और कंपनी को मार्गदर्शन भी मिलता है तथा फंडिंग भी।

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प्रोफेसर सतीश प्लास्टिक से पेट्रोल बना कर कमा रहे हैं 2 से 3 लाख प्रतिमाह। जानें कैसे!

हैदराबाद के 45 वर्षीय प्रोफेसर सतीश ने डेड प्लास्टिक को डीपोलिमराईज़ेशन या पयरोलीसिस प्रक्रिया से पेट्रोल बनाने का सफल उद्योग शुरू किया है।

Fuel from plastic by pyrolysis

सतीश एक मेकैनिकल इंजीनियर हैं और 200 लीटर से अधिक पेट्रोल का उत्पादन प्रतिदिन कर रहे हैं।

Satish petrol from plastic

डेड प्लास्टिक वह प्लास्टिक होती है जो कि प्लास्टिक को 4 से 5 बार रिसायकल करने पर प्राप्त होती है। यह उपयोग नहीं की जा सकती तथा प्लास्टिक के सभी गुण खो चुकी होती है। यह प्लास्टिक अभी भी नष्ट नहीं होती और इसको बड़े बड़े डंपिंग ग्राउंड्स में इसको ढककर डाल दिया जाता है।

Dead plastic

प्रोफेसर सतीश की इस सफलता से पर्यावरण को बेहद ही सकारात्मक लाभ हो रहा है और इसको बड़े स्तर पर जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए। एक ओर जहां इस प्लांट में पानी का इस्तेमाल नहीं होता, साथ ही इसमें कोई चिमनी न होने से पर्यावरण को भी संरक्षित रखा जाता है।

वर्ष 2013 से सतीश ने इस विषय पर कार्य करना शुरू किया। अगस्त 2015 तक इन्होंने सफलता पाकर कारखाना लगाने का काम शुरू किया जिससे जनवरी 2016 तक काम करना शुरू कर दिया।

Satish machine petrol from plastic

प्रोफेसर सतीश की यह मशीन एक बार मे 300 लीटर डीज़ल, 100 लीटर हाई स्पीड डीज़ल और 50 लीटर पेट्रोल बनाती है।

Satish lab final products

प्रोफेसर सतीश की कंपनी हाइड्रोक्सी सिस्टम्स भारत सरकार की बायोफ्यूल पॉलिसी का फ़ायदा उठाकर सफलता पूर्वक कार्य कर रही है और हम सभी को इस पर्यावरण की रक्षा करने की प्रेरणा दे रही है।

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यूं ही नहीं भारत की टेस्ला कहलाती है एथर एनर्जी। मई में मिली है 51 मिलियन डॉलर की फंडिंग!

Tarun mehta and swapnil jain ather 450

एथर एनर्जी को CEO तरुण मेहता और CTO स्वप्निल जैन ने 2013 में हाई परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया। ये दोनों ही आई आई टी मद्रास से इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं। टेक्नोलॉजी डेवलोपमेन्ट बोर्ड अंडर डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आई आई टी मद्रास ने 2014 में इनसे प्रभावित होकर 65000 डॉलर की बूटस्ट्रेप फंडिंग दी। इसके बाद 2014 में ही इनको फ्लिपकार्ट के सचिन और बिन्नी बंसल से 1 मिलियन डॉलर की सीड इन्वेस्टमेंट मिली।

मई 2015 में टाइगर ग्लोबल ने एथर एनर्जी को 12 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग दी। 23 फरवरी 2016 को एथर एनर्जी ने अपना पहला स्मार्ट स्कूटर 75 किमी/घण्टा की तेजी से चलने वाला और टच स्क्रीन कंट्रोल डिस्प्ले वाला S340 टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस सर्ज, बैंगलोर में प्रदर्शित किया।

Ather S340 unveiled

इसके बाद ऑक्टोबर 2016 में हीरो मोटोकॉर्प ने एथर एनर्जी को 30 मिलियन डॉलर अर्थात 205 करोड़ रुपए की सीरीज B फंडिंग प्रदान की और बदले में कम्पनी के 32.31 % शेयर लिए।

2018 में बैंगलोर के व्हाइट फील्ड में मैनुफैक्चरिंग यूनिट लगाकर एथर 450 और S340 के 600 वेहिकल्स प्रति सप्ताह की दर से उत्पादन शुरू किया। इसके कुछ माह बाद हीरो मोटोकॉर्प ने कुछ और हिस्सेदारी लेने के लिए 19 मिलियन डॉलर की सीरीज C फंडिंग दी।

Electric smart scooter Ather 450 s340 view image

मई 2019 तक कम्पनी के बैंगलोर में 31 और चेन्नई में 7 फ़ास्ट चार्जिंग पॉइंट लगाए हैं जिनको कम्पनी द्वारा ऑटो ग्रिड का नाम दिया गया है जो कि बैटरी को 1 घण्टे में 90% चार्ज कर सकता है। इसी माह कम्पनी को 51 मिलियन डॉलर की सीरीज D फंडिंग मिली जिसमें सचिन बंसल ने 32 मिलियन डॉलर और हीरो मोटोकॉर्प ने 19 मिलियन डॉलर का निवेश किया।

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फेसबुक ने किया भारत में अपना पहला निवेश। मीशो ने हासिल की सीरीज C फंडिंग

करीब एक साल पहले 250 मिलियन डॉलर का बाजार मूल्य साबित करने वाली मीशो ने मेनलो पार्क, केलिफोर्निया स्थित फेसबुक से 13 जून को अघोषित मूल्य की फंडिंग हासिल की है।

Meesho got funding from facebook

मीशो एप्प एक सोशल प्लेटफार्म है जो कि छोटे विक्रेताओं को व्हाट्सएप्प, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए कस्टमर्स से व्यापार करने का माध्यम प्रदान करती है। यह विक्रेताओं को कोरियर तथा पेमेंट की भी सहूलियत देती है।

Facebook mark zuckerberg

भले ही फेसबुक ने अभी तक इन्वेस्ट की गई राशि को गोपनीय रखा है परन्तु टेकक्रंच के जानकार सूत्रों से पता चला है कि यह मूल्य भी साधारण बाजार मूल्य से ज्यादा मानकर दिया गया है तथा इसके बदले में बेहद कम प्रतिशत की साझेदारी ली है।

Meesho app logo

मीशो को 2015 में आई आई टी दिल्ली के 2012 बैच के सहपाठी विदित आत्रे और संजय बर्नवाल ने मिलकर बनाया था।

Meesho founders funding round