Posted on Leave a comment

दुनिया के कई देशों को आधी कीमत पर पेट्रोल डीजल बेच रहा है भारत, जानिए कारण!

पंजाब के रोहित सभ्रवाल की आरटीआई से पता चला है कि मैंग्लोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमि. से 1 जनवरी 2018 से 30 जून 2018 के बीच पांच देशों – हांगकांग, मलेशिया, मॉरिशस, सिंगापुर और यूएई को 32 से 34 रुपए प्रति लीटर में रिफाइंड पेट्रोल और 34 से 36 रुपए में रिफाइंड डीजल बेचा गया। इस दैरान भारत में पेट्रोल की कीमत 69.97 रुपए से 75.55 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 59.70 रुपए से 67.38 रुपए प्रति लीटर रही।

– इन पांच देशों के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, ईराक, इजराइल, जॉर्डन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में भारत से रिफाइन्ड पेट्रोल-डीजल निर्यात किया जाता है।

देशवासियों पर 150 फीसद तक टैक्स

रोहित सभ्रवाल कहते हैं, बाकी देशों को भारत से भले ही बेहद सस्ता रिफाइंड पेट्रोल-डीजल मिल रहा हो, लेकिन यहां के लोगों पर 125 से 150 फीसद तक टैक्स लगाया जा रहा है। यही कारण है कि भारत के अधिकांश राज्यों में पेट्रोल 75 से 82 रुपए लीटर और डीजल 66 से 74 रुपए लीटर तक बेचा जा रहा है। ताजा खबर तो यह भी है कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लेने से इन्कार कर दिया है। यानी दाम कम होने की यह उम्मीद भी खत्म हो गई है।

यही 35.90 रुपए प्रति लीटर वाला कच्चा पेट्रोल रिफाइन करने के बाद भारत में 77 से 82 रुपए लीटर हो जाता है, क्योंकि इसमें करीब 19.48 रुपए की एक्साइज ड्यूटी, 16.47 रुपए प्रति लीटर का VAT, अन्य टैक्स और डीलर कमीशन शामिल हो जाता है। डीजल पर भी ये सभी टैक्स लगते हैं।

Leave a comment

हरिद्वार जिले में सर्वाधिक बढ़े सर्किल रेट

हरिद्वार जिले में गैर कृषि और कृषि दोनों ही श्रेणियों में चिह्नित क्षेत्रों में राज्य में सर्वाधिक सर्किल रेट तय किए गए हैं। जिले के आबादी क्षेत्र में गैर कृषि भूमि में सर्किल रेट में एक फीसद से 233 फीसद तक वृद्धि की गई है। सर्वाधिक 233 फीसद की वृद्धि पिरान कलियर के बेड़पुर गांव में की गई है। गांव में अब 1500 रुपये प्रति वर्गमीटर सर्किल रेट को बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है। रुड़की क्षेत्र में हरिद्वार मार्ग, नया बाइपास, बुग्गावाला समेत प्रमुख मार्गों पर सर्किल छह फीसद से 100 फीसद तक बढ़ाए गए हैं। वहीं कृषि भूमि में शून्य से 400 फीसद तक वृद्धि हुई है। हाईवे स्थित पतंजलि योगपीठ के समीप हरिद्वार बार्डर पर सांतरशाह में सर्किल रेट को 60 लाख प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर तीन करोड़ प्रति हेक्टेयर किया गया है। यह रेट बाजार भाव से अब भी काफी कम बताया जा रहा है।

ऊधमसिंहनगर में 25 फीसद तक वृद्धि

ऊधमसिंहनगर जिले के आबादी क्षेत्रों की गैर कृषि भूमि में तीन फीसद से 25 फीसद तक सर्किल रेट बढ़ाने का निर्णय हुआ। 25 फीसद तक वृद्धि वाले क्षेत्रों में गदरपुर के 13 गांव शामिल हैं। इनमें सर्किल रेट 4400 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है। सितारगंज के कुछ मोहल्लों में सर्किल रेट में 30 फीसद तक कमी भी की गई है। रुद्रपुर के प्रमुख मार्ग व नए नगरीय क्षेत्रों में भी सर्किल रेट में 25 फीसद तक वृद्धि हुई है। वहीं कृषि भूमि के सर्किल रेट तीन से 81 फीसद तक बढ़े हैं। सर्किल रेट में सर्वाधिक 81 फीसद वृद्धि दिनेशपुर मार्ग पर की गई है। कृषि भूमि के सर्किल रेट में  सामान्य वृद्धि 15 फीसद तक है।

  • नैनीताल: सर्वाधिक 60 हजार रुपये सर्किल रेट नैनीताल जिले में आबादी क्षेत्र में गैर कृषि भूमि के सर्किल रेट एक फीसद से 208 फीसद तक बढ़े हैं। हालांकि आबादी क्षेत्र में सामान्य वृद्धि 15 फीसद है।

पर्वतीय जिले

  • टिहरी-गैर कृषि भूमि में सर्किल रेट में दो फीसद से 20 फीसद और कृषि भूमि में दो फीसद से 35 फीसद तक वृद्धि की गई है। जिले में चंबा रोड पर सर्किल रेट में काफी इजाफा हुआ है।
  • पौड़ी-अकृषि और कृषि दोनों भूमि श्रेणियों के सर्किल रेट में 10 फीसद से 100 फीसद तक इजाफा। सौ फीसद इजाफा लैंसडौन क्षेत्र में किया गया है। जिले के प्रमुख मार्गों के इर्द-गिर्द कृषि भूमि के सर्किल रेट भी बढ़ाए गए हैं।
  • उत्तरकाशी-गैर कृषि और कृषि भूमि के सर्किल रेट में पांच से दस फीसद तक वृद्धि।
  • रुद्रप्रयाग-गैर कृषि व कृषि भूमि सर्किल रेट में पांच से दस फीसद वृद्धि
  • चमोली-गैर कृषि व कृषि भूमि सर्किल रेट में तीन फीसद से 15 फीसद तक इजाफा
  • अल्मोड़ा-कृषि व अकृषि भूमि सर्किल रेट में पांच से दस फीसद वृद्धि
  • पिथौरागढ़-गैर कृषि भूमि में तीन फीसद से 20 फीसद और कृषि भूमि के सर्किल रेट में एक फीसद से 20 फीसद तक इजाफा
  • चंपावत-अकृषि भूमि व कृषि भूमि के सर्किल रेट में दो फीसद से 25 फीसद तक बढ़ोतरी
  • बागेश्वर-गैर कृषि व कृषि भूमि के सर्किल रेट में दो फीसद से दस फीसद तक इजाफा।
Leave a comment

7वां वेतन आयोग: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के डेपुटेशन अलाउंस में हुआ दो गुना का इजाफा

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। करीब 48 लाख कर्मचारियों का डेपुटेशन अलाउंस (प्रतिनियुक्ति भत्ता) बढ़ने वाला है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह भत्ता मौजूदा 2,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 4,500 रुपये हो गया है। गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है।

मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, “एक ही स्थान पर प्रतिनियुक्ति होने पर भत्ता मूल वेतन का पांच फीसद होगा जो अधिकतम 4,500 रुपए मासिक तक हो सकता है।” बीते शुक्रवार को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश में यह भी कहा गया कि अगर प्रतिनियुक्ति दूसरे शहर में की जाती है तो भत्ता मूल वेतन का 10 फीसद तथा अधिकतम 9,000 रुपए मासिक होगा। इससे पहले दूसरे शहरों में प्रतिनियुक्ति भत्ते की सीमा 4,000 रुपए थी। इसमें आगे कहा गया कि इसके अनुसार महंगाई भत्ता 50 फीसद बढ़ने पर इस भत्ते की सीमा को 25 फीसद बढ़ाया जाएगा।

बीते हफ्ते केंद्रीय कर्मचारियों जिन्होंने अपनी न्यूनतम सैलरी के मद में जीत हासिल कर ली थी उन्हें उस मीडिया रिपोर्ट के बाद निराश होना पड़ा जिसमें वित्त मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया था कि फिलहाल उनके पास ऐसी कोई योजना नहीं है। आपको बता दें कि 7वें वेतन आयोग ने 2.57 के एक फिटन फैक्टर की सिफारिश की थी, जिसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति महीने किया जाना था।