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अमेरिका: पूर्व छात्र ने गुस्से में स्कूल में की अंधाधुंध गोलीबारी, 17 की मौत; 14 घायल

अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित हाईस्कूल में एक पूर्व छात्र ने अचानक फायरिंग कर दी। इस हमले में 17 लोगों के मारे जाने की खबर है और 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। भारतीय समयानुसार घटना  देर रात हुई। स्थानीय पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के कर्मी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

यह घटना पार्कलैंड के मार्जरी स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल में हुई। यह शहर मियामी से 80 किलोमीटर उत्तर की ओर है। गोलीबारी के दौरान छात्र बुरी तरह डर गए थे और चीखने लगे थे। उन्होंने अपने दोस्तो और परिवार के लोगों को बचाने के लिए संदेश भेजे।

आरोपी छात्र की पहचान 19 साल के निकोल्स क्रूज के रुप में की गई है। क्रूज इसी स्कूल में पढ़ता था। कुछ दिन पहले ही उसकी गलत आदतों और गलत व्यवहार के कारण उसे स्कूल से निकाल दिया गया था जिसके बाद से वह गुस्सा में था। आरोपी छात्र के पास स्कूल से संबंधित सभी जानकारी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पहले स्कूल का फायर अलार्म बजाया। फायर अलार्म बजते ही स्कूल में अफरा तफरी मच गई जिसके बाद आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी छात्र ने इस वारदात में AR-15 असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया।

ब्रोवर्ड काउंटी स्कूल के सुपरिटेंडेंट रॉबर्ट रुन्सी ने कहा कि घटनास्थल पर स्थिति भयावह है। उन्होंने कहा कि स्कूल के पास संभावित हमलावर की कोई जानकारी नहीं थी। बंदूकधारी हमलावर ने चुपचाप पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया। हमले में घायल 14 लोगों को इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अमेरीकी टीवी चैनलों के अनुसार स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के परिवार के लोग बड़ी संख्या में पुलिस परिसर के बाहर जमा हो गए हैं और अपने बच्चों की सुरक्षा में जुटे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्वीट कर अपनी संवेदनाएं जतायीं। उन्होंने कहा, ‘मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं फ्लोरिडा में हुई गोलीबारी में पीड़ितों के साथ हैं।’

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साल 2017 में भारत ने 28 शहादतों का बदला 138 पाकिस्तानी जवानों को मार कर लिया

भारत और पाकिस्तान भले ही सीधे युद्ध की स्थिति में न हों, लेकिन दोनों देशों की सीमा पर गोलीबारी होती रहती है. इसी गोलीबारी में साल 2017 में भारत ने अपने 28 सैनिक गंवाए, लेकिन इसी दौरान पाकिस्तान के 138 सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी.

यह आंकड़े जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर गोलीबारी में हुई मौतों के हैं और भारत सरकार के खुफिया सूत्रों ने जारी किए हैं. सूत्रों का कहना है कि अक्सर यह देखने को मिलता है कि पाकिस्तानी सरकार अपने सैनिकों की मौत को स्वीकार ही नहीं करती.

खुफिया सूत्रों का कहना है कि सीमा पर मारे जाने वाले सैनिकों को पाकिस्तानी सरकार आम नागरिक बताती है. सूत्रों के मुताबिकभारतीय सेना ने पिछले साल घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों पर काफी सख्त रुख अपनाया था.

सूत्रों के अनुसार कि साल 2017 में सीमा पर हुई गोलीबारी में पाकिस्तान के 138 सैनिकों की जानें गईं और 158 सैनिक घायल हुए. वहीं, इस दौरान 70 भारतीय सैनिक घायल हुए. भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों की मौत पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है.

हालांकि, सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा है कि भारतीय सेना सीमा पर होने वाली गोलीबारी का कड़ा जवाब देती है और आने वाले दिनों में भी ऐसा करना जारी रखेगी.

एक आंकड़े के मुताबिक 2017 में पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम तोड़ने की 860 घटनाएं हुईं, जबकि 2016 में ऐसी 221 घटनाएं ही हुई थीं. भारतीय सेना का कहना है कि पाकिस्तान अपने सैनिकों की मौतों को कभी स्वीकार नहीं करता है. करगिल युद्ध में भारत के सबूत दिए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने अपने सैनिकों की मौत से इनकार किया था.

भारत सरकार के खुफिया सूत्रों ने 25 दिसंबर को हुई घटना का भी हवाला दिया, जब पांच पाक सैन्य कमांडो ने सीमा पार कर ली थी और उसमें से तीन कमांडो मारे गए थे. पहले पाकिस्तानी सेना ने एक ट्वीट करके इन मौतों की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में यह ट्वीट डिलीट कर दिया. दो दिन बाद पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया था कि भारतीय सेना की गोलीबारी में तीन पाक सैनिक मारे गए हैं.

सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने एलओसी पर स्नाइपर फाइरिंग में 27 पाक सैनिकों को मारा, जबकि पाकिस्तान की ओर से की गई ऐसी कार्रवाई में 7 भारतीय सैनिक मारे गए.

भारतीय सेना लगातार कोशिश में है कि पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के गठजोड़ का मजबूती से सामना किया जाए. पिछले साल मई में भारतीय सेना ने कहा था कि वह एलओसी पर पाकिस्तानी सेना के बंकरों को निशाना बना रही है. इसके कुछ दिनों बाद ही दो भारतीय सैनिकों के सिर काट लिए गए थे.