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Story of Success 23 साल की उम्र में बना ली करोड़ों की कंपनी, जानिये कैसे

सफलता के लिए कोई उम्र की सीमा नहीं है और ना ही कोई समय तय है. आइडिया और विजन है तो आप किसी भी उम्र में सफल हो सकते हैं. ऐसी ही एक मिसाल हैं OYO के फाउंडर और मालिक 23 साल के रितेश अग्रवाल.

रितेश के माता-पिता दरअसल चाहते थे कि वो आईआईटी में दाखिला लें और इंजीनियर बनें. रितेश भी कोटा, राजस्‍थान में रह कर आईआईटी एंट्रेस एग्‍जाम की ही तैयारियों में जुटे थे.

पर अपने आइडियाज और वीजन को पूरा होता देखने के लिए रितेश इंतजार नहीं करना चाहते थे. उन्‍होंने IIT की तैयारी छोड़कर अपने बिजनेस की तैयारी शुरू कर दी.

19 साल के रितेश अग्रवाल महीनों घूमते और बजट होटल में रुकते, ताकि वहां की तमाम चीजों के बारे में जान सकें. अपने अनुभव के बल पर रितेश ने अपने पहले स्‍टार्ट-अप यात्रा की शुरुआत की.

रितेश ने एक वेबसाइट तैयार किया, जहां वो सस्‍ते और किफायती होटल्‍स के बारे में जानकारी देते थे. इस वेबसाइट का नाम रखा ‘ओरावल’.

कुछ दिनों तक वेबसाइट चलाने के बाद रितेश को लगा कि लोग शायद नाम के चलते वेबसाइट को समझ नहीं पा रहे हैं. इसलिए उन्‍होंने साल 2013 में उसका नाम बदल कर OYO Rooms कर दिया. द न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की CB Insights ने OYO Rooms को उन कंपनियों में रखा, जो भविष्‍य में सफलता का परचम लहरा सकती हैं.

बता दें कि रितेश के OYO Rooms में सॉफ्टबैंक ग्रुप, ग्रीनओक्‍स, सेक्‍यूइया कैपिटल और लाइटस्‍प्रेड इंडिया जैसी कंनियों ने निवेश किया है. रितेश अग्रवाल को साल 2013 में Thiel Fellowship के ’20 अंडर 20′ के लिए चुना गया था.

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अच्छी खबर करिश्माई खेती की: डेढ़ लाख लगाकर इस किसान ने 70 दिन में कमाए 21 लाख रुपये

गुजरात के बनासकांठा जिले में एक सातवीं पास किसान सुर्खियों में छाया हुआ है. दरअसल, उसने फसल उगाने की ऐसी तरकीब अपनाई कि महज 70 दिन में 21 लाख रुपये का मुनाफा कमा लिया.

इस किसान का नाम है खेताजी सोलंकी. उसने अपने सात बीघा के खेत में आलू की जगह खरबूजे की फसल बोने का फैसला किया, लेकिन इसमें उन्होंने आधुनिक तकनीकों की मदद ली.

खेताजी सोलंकी ने बेहतर बीज, टपक सिंचाई और सोलर वॉटर पंप का इस्तेमाल किया. उनके खेत में 140 टन खरबूजा पैदा हुए. उन्होंने 1.21 लाख रुपये खर्च किए थे. पैदावार इतनी अच्छी थी कि उन्हें उसे बेचने के लिए कहीं जाना भी नहीं पड़ा बल्कि दूसरे राज्यों से व्यापारी उनके पास आकर खरबूजा खरीदकर ले गए. उन्हें इसके काफी अच्छे पैसे मिले. फरवरी में लगाई फसल अप्रैल में तैयार हो गई और 70 दिन में उन्होंने 21 लाख रुपये कमा लिए.

 

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कुली का कमाल: स्‍टेशन के फ्री वाई फाई की मदद से पास की UPSC की परीक्षा

सपने पूरे करने के लिए हौंसला चाहिए सुविधा नहीं इस सच को सुनाती है इस कुली कीकहानी जो स्‍टेशन के फ्री वाईफाई की मदद से सिविल सेवा परीक्षा में पास हुआ।

केरल में एर्नाकुलम स्टेशन पर कुली का काम करने वाले श्रीनाथ के. की कहानी कुछ अनोखी है, जिन्होंने रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध मुफ्त वाईफाई सुविधा के सहारे इंटरनेट के जरिये पढ़ाई की और केरल पब्लिक सर्विस कमीशन, केपीएससी की लिखित परीक्षा पास की। सबसे बड़ी बात ये है कि तैयारी के दौरान वह किताबों में नहीं डूबे रहे बल्‍कि अपना काम करते हुए स्मार्ट फोन और ईयरफोन के सहारे पढ़ाई करते रहे। अब अगर श्रीनाथ साक्षात्‍कार में सफल हो जाते हैं तो वह भूमि राजस्व विभाग के तहत विलेज फील्ड असिस्टेंट के पद पर नियुक्‍त्‍त हो जायेंगे।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

श्रीनाथ पिछले पांच वर्ष से कुली के रूप में काम कर रहे हैं और उनका सिविल परीक्षा के इम्‍तिहान में बैठने का ये तीसरा प्रयास था। उनका कहना है कि यह पहला मौका था, जब उन्‍होंने स्टेशन पर उपलब्ध वाईफाई सुविधा का इस्तेमाल किया। उन्‍होंने ये भी बताया कि कुली का काम करने के दौरान वे हमेशा ईयरफोन कान में लगाए रखते थे और इंटरनेट पर अपने संबंधित विषयों पर लेक्चर सुना करते थे। उसे मन ही मन दोहराते भी रहते थे और रात को मौका मिलते ही फिर रिवाइज कर लेते थे। इसी वाईफाई की मदद से उन्‍होंने ऑनलाइन अपना परीक्षा फार्म भरा और देश दुनिया की ताजा जानकारियों से खुद को अपडेट किया साथ ही अपने विषयों की जम कर तैयारी की।

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एक कहानी जो यकीनंद आपके दिल को छु जायेगी।

एक लड़की की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ एक सीधे-साधे लड़के से की जाती है जिसके घर मे एक मां के आलावा और कोई नहीं है। दहेज में लड़के को बहुत सारे उपहार और पैसे मिले होते हैं। लड़की किसी और लड़के से बेहद प्यार करती थी और लड़का भी।

लड़की शादी हो के आ गयी अपने ससुराल, सुहागरात के वक्त लड़का दूध लेके आता है तो दुल्हन सवाल पूछती है अपने पति से…एक पत्नी की मर्जी के बिना पति उसको हाथ लगाये तो उसे बलात्कार कहते है या हक?

पति – आपको इतनी लम्बी और गहरी जाने की कोईजरूरत नहीं है..बस दूध लाया हूँ पी लिजीयेगा। हम सिर्फ आपको शुभरात्रि कहने आये थे कहके कमरे से निकल जाता है। लड़कीमन मारकर रह जाती है क्योंकि लड़की चाहती थी कीझगड़ा हो ताकी मैं इस गंवार से पिछा छुटा सकूँ ।है तो दुल्हन मगर घर का कोई भी काम नहीं करती। बसदिनभर online रहती और न जाने किस किस से बातेंकरती मगर उधर लड़के की माँ बिना शिकायत के दिन भरचुल्हा चौका से लेकर घर का सारा काम करती मगर हरपल अपने होंठों पर मुस्कुराहट लेके फिरती । लड़का एककम्पनी मे छोटा सा मुलाजीम है और बेहद ही मेहनती औरइमानदार। करीब महीने भर बित गये मगर पति पत्नीअब तक साथ नहीं सोये… वैसे लड़का बहुत शांत स्वाभाववाला था इसलिए वह ज्यादा बातें नहीं करता था, बसखाने के वक्त अपनी पत्नी से पूछ लेता था कि, कहा खाओगी..अपने कमरे में या हमारे साथ। और सोने से पहले डायरी लिखने की आदत थी जो वह हर रात को लिखता था।ऐसे लड़की के पास एक स्कूटी था वह हर रोज बाहरजाती थी पति के अफीस जाने के बाद और पति के वापसलौटते ही आ जाती थी। छुट्टी का दिन था लड़का भीघर पे ही था तो लड़की ने अच्छे भले खाने को भी गंदा कहके माँ को अपशब्द बोलके खाना फेंक देती है मगर वह शांत रहने वाला उसका पति अपनी पत्नी पर हाथ उठा देता है मगर माँ अपने बेटे को बहुत डांटती है। इधर लड़की को बहाना चाहिए था झगड़े का जो उसे मिल गयाथा, वह पैर पटकती हुई स्कूटी लेके निकल पड़ती है। लड़की जो रोज घर से बाहर जाती थी वह अपने प्यार से मिलने जाती थी, लड़की भले टूटकर चाहती थी लड़के को मगर उसे पता था की हर लड़की की एक हद होती है जिसे इज्जत कहते हैं, वह उसको बचाये रखी थी। इधर लड़कीअपने प्यार के पास पहुँचकर कहती है। अब तो एक पल भी उस घर मे नहीं रहना है मुझे । आज गंवार ने मुझपर हाथ उठाके अच्छा नही किया ।

लड़का – अरे तुमसे तो मैं कब से कहता हूँ की भाग चलो मेरेसाथ कहीं दूर मगर तुम हो की आज कल आज कल पे लगीरहती हो।

लड़की – शादी के दिन मैं आई थी तो तुम्हारे पास। तुमही ने तो लौटाया था मुझे ।

लड़का – खाली हाथ कहा तक भागोगे तुम ही बोलो..मैंनेतो कहा था कि कुछ पैसे और गहने साथ ले लो तुम तोखाली हाथ आई थी।आखिर दूर एक नयी जगह मे जिंदगी नये सिरे से शुरू करने केलिए पैसे तो चाहिए न?

लड़की – तुम्हारे और मेरे प्यार के बारे में जानकर मेरे घरवालो ने बैंक के पास बुक एटी एम और मेरे गहने तक रखलिये थे। तो मैं क्या लाती अपने साथ । हम दोनों मेहनत करके कमा भी तो सकते थे।

लड़का – चालाक इंसान पहले सोचता है और फिर काम करता है। खाली हाथ भागते तो ये इश्क का भूत दो दिन में उतर जाता, समझी?और जब भी तुम्हें छुना चाहता हूँ बहुत नखरे है तुम्हारे ।बस कहती हो शादी के बाद।

लड़की – हाँ शादी के बाद ही अच्छा होता है ये सब औरसब तुम्हारा तो है। मैं आज भी एक कुवारी लड़की हूँ ।शादी करके भी आज तक उस गंवार के साथ सो न सकीक्योंकि तुम्हें ही अपना पति मान चुकी हूँ बस तुम्हारेनाम की सिंदूर लगानी बाकी है। बस वह लगा दो सबकुछतुम अपनी मर्जी से करना।लड़का – ठीक है मैं तैयार हूँ । मगर इस बार कुछ पैसे जरूरसाथ लेके आना, मत सोचना हम दौलत से प्यार करते हैं ।हम सिर्फ तुमसे प्यार करते है बस कुछ छोटी मोटीबिजनेस के लिए पैसे चाहिए ।

लड़की – उस गंवार के पास कहा होगा पैसा, मेरे बाप से 3 लाख रूपया उपर से मारूती कार ली है।बस कुछ गहने है वह लेके आउगी आज।लड़का लड़की को होटल का पता देकर चला जाता है ।लड़की घर आके फिर से लड़ाई करती है।मगर अफसोस वह अकेली चिल्लाती रहती है उससे लड़नेवाला कोई नहीं था।रात 8 बजे लड़के का मैसेज आता है वाटसप पे की कब आरही हो?लड़की जवाब देती है सब्र करो कोई सोया नहीं है। मैं12 बजे से पहले पहुँच जाउगी क्योंकि यंहा तुम्हारे बिना मेरी सांसे घुटती है।

लड़का -ओके जल्दी आना। मैं होटल के बाहर खड़ा रहूंगाbye…लड़की अपने पति को बोल देती है की मुझे खाना नहीं चाहिए मैंने बाहर खा लिया है इसलिए मुझे कोई परेशानन करे इतना कहके दरवाजा बंद करके अंदर आती हैकी…पति बोलता है की…वह आलमारी से मेरी डायरी दे दो फिर बंद करना दरवाजा। हम परेशान नहीं करेंगे ।लड़की दरवाजा खोले बिना कहती है की चाभीया दो अलमारी की।

लड़का – तुम्हारे बिस्तर के पैरों तले है चाबी ।मगर लड़की दरवाजा नहीं खोलती वल्की जोर जोर से गाना सुनने लगती है। बाहर पति कुछ देर दरवाजापिटता है फिर हारकर लौट जाता है। लड़की ने बड़े जोर से गाना बजा रखा था। फिर वह आलमारी खोलके देखतीहै जो उसने पहली बार खोला था, क्योंकि वह अपना समान अलग आलमारी मे रखती थी।आलमारी खोलते ही हैरान रह जाती है।

आलमारी में उसके अपने पास बुक एटी एम कार्ड थे जो उसके घरवालोने छीन के रखे थे, खोलके चेक किया तो उसमें वह पैसे भी एड थे जो दहेज मेलड़के को मिले थे। और बहुत सारे गहने भी जो एक पेपर केसाथ थे और उसकी मिल्कीयेत लड़की के नाम थी, लड़कीबेहद हैरान और परेशान थी।

फिर उसकी नजर डायरी मेपड़ती है और वह जल्दी से वह डायरी निकालके पढ़ने लगती है। लिखा था, तुम्हारे पापा ने एक दिन मेरी मां की जान बचाइ थी अपना खून देकर । मैं अपनी माँ से बेहद प्यारकरता हूँ इसलिए मैंने झूककर आपके पापा को प्रणाम करकेकहा की…आपका ये अनमोल एहसान कभी नही भूलूंगा, कुछदिन बाद आपके पापा हमारे घर आये हमारे तुम्हारेरिश्ते की बात लेकर मगर उन्होंने आपकी हर बात बताईहमें की आप एक लड़के से बेहद प्यार करती हो। आपकेपापा आपकी खुशी चाहते थे इसलिए वह पहले लड़के कोजानना चाहते थे। आखिर आप अपने पापा की princessजो थी और हर बाप अपने Princess के लिए एक अच्छाइमानदार Prince चाहता है। आपके पापा ने खोजकर केपता लगाया की वह लड़का बहुत सी लड़की को धोखा देचुका है। और पहली शादी भी हो चुकी है पर आपको बतान सके क्योंकि उन्हें पता था की ये जो इश्क का नशा हैवह हमेशा अपनों को गैर और गैर को अपना समझता है।ऐक बाप के मुँह से एक बेटी की कहानी सुनकर मै अचम्भीतहो गया। हर बाप यंहा तक शायद ही सोचे। मुझे यकीनहो गया था की एक अच्छा पति होने का सम्मान मिले नमिले मगर एक दामाद होने की इज्जत मैं हमेशा पा सकताहूँ।मुझे दहेज मे मिले सारे पैसे मैंने तुम्हारे ए काउण्ट मे करदिए और तुम्हारे घर से मिली गाड़ी आज भी तुम्हारे घरपे है जो मैंने इसलिए भेजी ताकी जब तुम्हें मुझसे प्यार होजाये तो साथ चलेंगे कही दूर घूमने। दहेज…इस नाम सेनफरत है मुझे क्योंकि मैंने इ दहेज मे अपनी बहन और बापको खोया है। मेरे बाप के अंतिम शब्द भी येही थेकी..कीसी बेटी के बाप से कभी एक रूपया न लेना। मर्दहो तो कमाके खिलाना, तुम आजाद हो कहीं भी जासकती हो। डायरी के बिच पन्नों पर तलाक की पेपर हैजंहा मैंने पहले ही साईन कर दिया है । जब तुम्हें लगे कीअब इस गंवार के साथ नही रखना है तो साईन करके कहींभी अपनी सारी चिजे लेके जा सकती हो।लड़की …हैरान थी परेशान थी…न चाहते हुए भी गंवार केशब्दों ने दिल को छुआ था। न चाहते हुए भी गंवार केअनदेखे प्यार को महसूस करके पलके नम हुई थी।आगे लिखा था, मैंने तुम्हें इसलिए मारा क्योंकि आपने माको गाली दी, और जो बेटा खुद के आगे मा की बेइज्जतीहोते सहन कर जाये…फिर वह बेटा कैसा ।कल आपके भी बच्चे होंगे । चाहे किसी के साथ भी हो, तबमहसूस होगी माँ की महानता और प्यार।आपको दुल्हन बनाके हमसफर बनाने लाया हूँ जबरजस्तीकरने नहीं। जब प्यार हो जाये तो भरपूर वसूल कर लूँगाआपसे…आपके हर गुस्ताखी का बदला हम शिद्दत से लेंगे हमआपसे…गर आप मेरी हुई तो बेपनाह मोहब्बत करकेकिसी और की हुई तो आपके हक मे दुवाये माँग केलड़की का फोन बज रहा था जो भायब्रेशन मोड पे था,लड़की अब दुल्हन बन चुकी थी। पलकों से आशू गिर रहे थे ।सिसकते हुए मोबाइल से पहले सिम निकाल के तोड़ा फिरसारा सामान जैसा था वैसे रख के न जाने कब सो गई पतानहीं चला। सुबह देर से जागी तब तक गंवार अफीस जाचुका था, पहले नहा धोकर साड़ी पहनी । लम्बी सीसिंदूर डाली अपनी माँग मे फिर मंगलसूत्र ।जबकि पहले एक टीकी जैसी साईड पे सिंदूर लगाती थीताकी कोई लड़का ध्यान न देमगर आज 10 किलोमीटर से भी दिखाई दे ऐसी लम्बीऔर गाढी सिंदूर लगाई थी दुल्हन ने। फिर किचन मे जाकेसासुमा को जबर्दस्ती कमरे मे लेके तैयार होने को कहतीहै। और अपने गंवार पति के लिए थोड़े नमकीन थोड़े हलुवेऔर चाय बनाके अपनी स्कूटी मे सासुमा को जबर्दस्तीबिठाकर (जबकी कुछ पता ही नहीं है उनको की बहू आजमुझे कहा ले जा रही है बस बैठ जाती है)फिर रास्ते मे सासुमा को पति के अफीस का पता पूछकरअफीस पहुँच जाती है। पति हैरान रह जाता है पत्नी कोइस हालत मे देखकर।पति – सब ठीक तो है न मां?मगर माँ बोलती इससे पहले पत्नी गले लगाकर कहती हैकी..अब सब ठीक है…I love you forever…अफीस के लोग सब खड़े हो जाते है तो दुल्हन कहती हैकी..मै इनकी धर्मपत्नी हूँ । बनवास गई थी सुबह लौटीहूँअब एक महीने तक मेरे पतिदेव अफीस मे दिखाई नहीं देंगे

अफीस के लोग- ?????

दुल्हन – क्योंकि हम लम्बी छुट्टी पे जा रहें हैं साथ साथ।

पति- पागल..

दुल्हन – आपके सादगी और भोलेपन ने बनाया है।सभी लोग तालीया बजाते हैं और दुल्हन फिर से लिपटजाती है अपने गंवार से …जंहा से वह दोबारा कभी भी छूटना नहीं चाहती।बड़े कड़े फैसले होते है कभी कभी हमारे अपनों के मगर हम समझ नहीं पाते कि हमारे अपने हमारी फिकर खुद से ज्यादा क्यों करते हैं

** मां बाप के फैसलों का सम्मान करे**

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फॉर्च्यून की 50 हस्तियों की सूची में मुकेश अंबानी 24वें नंबर पर पहुंचे

एशिया के अमीरों की लिस्ट में शामिल कारोबारी मुकेश अंबानी को फॉर्च्यून की 50 मशहूर हस्तियों की लिस्ट में जगह मिली है।

इस लिस्ट में सुप्रीम कोर्ट की जानी-मानी वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता इंदिरा जयसिंह और आर्किटेक्ट बालकृष्ण दोषी को भी जगह दी गई है। आपको बता दें कि 19 अप्रैल को मुकेश अंबानी का जन्मदिन था और इस मौके पर इससे अच्छा तोहफा तो हो ही नहीं सकता है। अंबानी को इस लिस्ट में 24वां स्थान मिला है। गौरतलब है कि गुरुवार को वर्ल्ड्स ग्रेटेस्ट लीडर्स ऑफ 2018 में दुनियाभर के 50 महानतम पथप्रदर्शकों की रैंकिंग लिस्ट जारी की गई थी।

मुकेश अंबानी को लिस्ट में 24वां स्थान मिला

मुकेश अंबानी को लिस्ट में 24वां स्थान मिला

मुकेश अंबानी ने इस लिस्ट में जगह जियो के कारण मिली है। जिसने पिछले दो सालों से भी कम समय में बड़ी संख्या में भारतीयों के हाथ में इंटरनेट और मोबाइल डेटा पहुंचाया है और देश के टेलिकॉम मार्केट की तस्वीर को पूरी तरह से बदल दी है।

फॉर्च्यून ने मुकेश अंबानी की तारीफ की

फॉर्च्यून ने मुकेश अंबानी की तारीफ की

फॉर्च्यून ने मुकेश अंबानी की तारीफ करते हुए लिखा है कि मुकेश अंबानी ने एक सपने को पूरी तरह से हकीकत में बदल दिया, जिसके कारण बेहद कम पैसों में मुफ्त कॉल्स और डेटा मुहैया कराना, जिससे जियो के सारे कंपीटिटर या तो खत्म हो गए या उन्हें अपनी कीमतें कम करनी पड़ी हैं।

जियो कंपनी के 16 करोड़ ग्राहक बन चुके

जियो कंपनी के 16 करोड़ ग्राहक बन चुके

भारत में डेटा की खपत में भी 1100 प्रतिशत का उछाल आया है। जिससे जिओ को फायदा हुआ, आज जियो की वजह से भारत का हर छोटा-बड़ा इंसान इंटरनेट से जुड़ गया है, जो एक बहुत बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन है। आपको बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सितंबर 2016 में जिओ लॉन्च किया था। तब से अब तक कंपनी के 16 करोड़ ग्राहक बन चुके हैं।

 कौन हैं मुकेश अंबानी

कौन हैं मुकेश अंबानी

मुकेश अंबानी एक भारतीय उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है। मुकेश रिलायंस के संस्थापक स्वर्गीय धीरुभाई अम्बानी के पुत्र और ‘रिलायंस धीरुभाई अम्बानी ग्रुप’ के अध्यक्ष अनिल अंबानी के बड़े भाई हैं।

मुंबई इंडियन्स टीम के भी मालिक हैं मुकेश अंबानी

मुंबई इंडियन्स टीम के भी मालिक हैं मुकेश अंबानी

मुकेश के रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल, तेल, गैस और रिटेल जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। वे इंडियन प्रीमियर लीग के अंतर्गत आने वाली क्रिकेट टीम मुंबई इंडियन्स टीम के भी मालिक हैं। सन 2012 में फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया के सबसे अमीर ‘स्पोर्ट्स ओनर्स’ की सूची में स्थान दिया। अपनी कंपनी के अलावा मुकेश अंबानी अलग-अलग समय पर विभिन समितियों के सदस्य, अध्यक्ष और प्रतिष्ठित कंपनियों के बोर्ड मेंबर भी रहे हैं। वे भारत के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट बैंगलोर’ के बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

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भारत और समृद्ध हुआ, चीन के मुकाबले स्थिति सुधरी

भारत ने समृद्धि सूचकांक में 2012 के मुकाबले चार स्थानों की छलांग लगाई है। इसके साथ ही भारत समृद्धि के मामले में चीन से अब मात्र 10 स्थान ही पीछे है। भारत इस सूची में 100वें स्थान पर है, जबकि चीन 90वें स्थान पर है।
लंदन स्थित लेगातुम इंस्टिट्यूट के प्रॉस्पेरिटी इंडेक्स के मुताबिक समृद्धि के मामले में भारत 2012 की तुलना में 2016 में चार स्थान ऊपर चढ़ गया है। लेगातुम रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इस वर्ष नोटबंदी और जीएसटी लागू किए जाने से जीडीपी ग्रोथ को झटका लगा है लेकिन इसके बावजूद समृद्धि सूचकांक में इसका ऊपर चढ़ना खास मायने रखता है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में भारत ने आर्थिक और शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रगति की है। इंडेक्स तैयार करने में 149 देशों को 104 विभिन्न पैमानों पर परखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन आर्थिक मोर्चे पर कमजोर पड़ा है क्योंकि लोग व्यापार करने में ज्यादा बाधाएं और प्रतिस्पर्धा के लिए कम प्रोत्साहन महसूस कर रहे हैं।
रिपोर्ट की मानें तो 2017 में पूरी दुनिया में समृद्धि बढ़ी है, लेकिन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में यह बढ़त ज्यादा अच्छी है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन और भारत ने बिजनेस एनवायरमेंट के मामले में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि प्राकृतिक वातावरण में इनका सबसे खराब प्रदर्शन रहा। इस रिपोर्ट के मुताबिक आर्थिक समृद्धि के मामले में अब भारत और चीन के बीच की खाई और कम हुई है।
समृद्धि सूचकांक के लिए बिजनेस एनवायर्नमेंट (व्यावसायिक माहौल), गवर्नेंस (शासन-प्रशासन), एजुकेशन (शिक्षा), हेल्थ (स्वास्थ्य), सेफ्टी एंड सिक्योरिटी (सुरक्षा एवं संरक्षा), पर्सनल फ्रीडम (व्यक्तिगत स्वतंत्रता), सोशल कैपिटल (सामाजिक पूंजी) और नैचुरल एनवायर्नमेंट (प्राकृतिक वातावरण) की समीक्षा की गई। लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स, टुफ्ट्स यूनिवर्सिटी, ब्रूकिंग्स इंस्टिट्यूशंस और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया, सैन डिएगो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से विभिन्न विषयों के जानकारों के एक पैनल ने इन नौ पैमानों पर देशों के प्रदर्शन की समीक्षा की।
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डेंटर ने अपने पैसे से बनाया स्कूल, सिलाई केंद्र और गरीबों के लिए गाड़ी

पिछले लंबे समय से हरिद्वार में कारों की डेंटिंग पेंटिंग करने वाला एक मिस्त्री समाज के लिए मिसाल बन गया है. अपने छोटी-छोटी बचत से मिस्त्री ने लोगों के वह सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं जो कायदे से सरकार को उपलब्ध करवानी चाहिए थी.

मोती बाबा के नाम से मशहूर इस मिस्त्री ने अपनी कमाई से थोड़ा-थोड़ा पैसा जोड़कर गरीब बच्चों के पढ़ने के लिए स्कूल और विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई केंद्र खोला है. अब इन्होंने टिबड़ी क्षेत्र के गरीब लोगों के लिए एक गाड़ी भी तैयार करके दी है.

इसका उपयोग कोई भी दुख परेशानी के समय में मुफ़्त में कर सकता है. बाबा की इस पहल ने सरकारी तंत्र को आइना दिखाने का काम किया है.

कारों की डेंटिंग पेंटिंग से होने वाली रोज़ की कमाई से बाबा एक हिस्सा निकाल देते हैं. इस बचत से टिबड़ी क्षेत्र की जनता के लिए उन्होंने एक कार तैयार कर दी है जो परेशानी के समय महिलाओं को निशुल्क सेवा देगी.


इसके अलावा बाबा ने गरीब बच्चों के लिए एक छोटा सा स्कूल और विधवा हुई महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई केंद्र भी खोला है.

बाबा की इस पहल का क्षेत्र की जनता खूब स्वागत कर रही है. महिलाओं का तो यहां तक कहना है कि उनके क्षेत्र में बड़े-बड़े नेता आए लेकिन आज तक किसी ने उनके लिए कुछ नहीं किया. अब इस गाड़ी के मिलने से परेशानी के समय में उन्हें बड़ी राहत मिलेगी.

ख़ास बात यह है कि बाबा ने जो कार तैयार कर टिबड़ी के लोगों के लिए सौंप दी है उसका खर्च भी वे खुद ही वहन करेंगे.

आज के समय में जनता से वोट लेने वाले नेता सिर्फ चुनाव के समय में ही लोगों के बीच नज़र आते हैं तो वही इस मिस्त्री ने अपनी जन सेवा की भावना से इन नेताओं को आइना दिखाने का काम किया है.

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भारत के वो 5 अफसर, जो हर वक्त धमाल मचाए रहते हैं

आज बात करेंगे उन 5 अफसरों की जिनके काम के बारे में लगातार बातें होती रहती हैं. इनमें से कई फेसबुक और सोशल मीडिया पर भी बहुत पॉपुलर हैं. ये रहे 5 अफसर:

1. बी.चंद्रकला:

आईएएस अफसर बी.चंद्रकला. एक ऐसी ईमानदार और जबराट अफसर जिनके काम करने के स्टाइल से प्रधानमंत्री मोदी भी प्रभावित हैं. बी.चंद्रकला की ईमानदारी और काम को देखते हुए केंद्र सरकार ने इन्हें स्वच्छ भारत मिशन का जिम्मा सौंपा है. फिलहाल ये पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं. 2014 में जब बुलंदशहर की डीएम थीं, तो इनका एक वीडियो बहुत वायरल हुआ था. जिसमें ये सड़क निर्माण में गड़बड़ी देख भड़क गईं थीं. और काम संभाल रहे अफसर और ठेकेदारों की जमकर खबर ली थी.

इनकी पॉपुलैरिटी का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि फेसबुक पर 63 लाख लोग इनको फॉलो करते हैं. ये ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ का परफेक्ट उदाहरण हैं. बी.चंद्रकला बुलंदशहर, बिजनौर और मेरठ की डीएम रह चुकी हैं. अपने कार्यकाल के दौरान इन्होंने लोगों के लिए खूब काम किया है. बी.चंद्रकला के बारे में कहा जाता है कि ये कब कहां जांच करने पहुंच जाएं, किसी को पता नहीं होता. करप्शन को कंट्रोल करने के अलावा कई गांवों को ओपन डिफेकेशन फ्री कराया है.

27 सितंबर 1979 को तेलंगाना के करीम नगर जिले के गरजाना पल्ली गांव में बी.चंद्रकला का जन्म हुआ. स्कूल की पढ़ाई इन्होंने केंद्रीय विद्यालय से की है. कोटि विमेंस कॉलेज से ज्यॉग्रफी में बीए और फिर इकॉनमिक्स से एमए किया है. कॉलेज की पढ़ाई के दौरान इनकी शादी हो गई. बी.चंद्रकला ने शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखी और पति की मदद से सिविल सर्विस की तैयारी में लग गईं. 2008 में यूपीएससी सिविल सर्विसेज की परीक्षा में वो 490 वें स्थान पर रही थीं.

2. शिवदीप वामन लांडे:

महाराष्ट्र के अकोला का लड़का बिहार के गुंडों के लिए बंवडर था. 2006 में शिवदीप बिहार कैडर में आईपीएस बने. पहली पोस्टिंग पटना में हुई. और कुछ महीनों के काम के बाद ही बिहार में गुंडों और करप्शन करने वालों की शामत ला दी. ये काम करने के लिए नहीं करते थे, बल्कि पूरे स्टाइल और टशन में करते थे. शिवदीप लांडे का काम करने का तरीका आपको बॉलीवुड फिल्मों की याद दिलाता है.

शिवदीप गुंड़ों को पकड़ने के लिए कभी लुंगी-गमछा पहन के पहुंच जाते. कभी चलती मोटरसाइकिल से जंप मार देते. कभी चलती मोटरसाइकिल के सामने खड़े हो जाते. एक समय पटना में लहरिया कट में बाइक चला लड़कियों को परेशान करने वाला गैंग बहुत सक्रिय था. शिवदीप ने उसका हल भी निकाल लिया. लड़कियों की एक कॉल पर शिवदीप अपनी बाइक से दनदनाते पहुंच जाते थे मजनुओं की धुनाई करने. इंजीनियरिंग, मेडिकल की तैयारी के नाम पर लड़के जमे रहते थे. और बाइक लेकर लड़कियों का पीछा करते रहते. वीमेन कॉलेज के बाहर खड़े होकर फब्तियां कसते. सीने पर हाथ मार के भाग जाते. शिवदीप ने सबको रास्ते पर लाया.

पटना की लड़कियों में शिवदीप को लेकर गजब क्रेज था. जब शिवदीप का पटना से ट्रांसफर हुआ तो लड़कियां रास्ता रोके खड़ी थीं. लोग जाने नहीं दे रहे थे. 10 साल तक बिहार के अलग-अलग जिलों के लिए काम कर चुके शिवदीप फिलहाल अपने राज्य महाराष्ट्र में पोस्टेड हैं.

3. मनु महाराज:

पटना के एसएसपी मनु महाराज. शिवदीप लांडे की तरह ही अपराधियों के लिए खौफ. जो सिर्फ अपराधियों के लिए ही आफत नहीं, बल्कि कामचोर पुलिस वालों की भी समय-समय पर खबर लेते रहते हैं. शहर की सुरक्षा-व्यवस्था जानने के लिए मजदूर का भेष धर लेते हैं. तो कभी बाइक उठा अकेले गश्ती पर निकल जाते हैं.

मनु हिमाचल प्रदेश के रहनेवाले हैं. शिमला से स्कूल की पढ़ाई करने के बाद इन्होंने आईआईटी रुड़की से बीटेक किया. यूपीएससी की तैयारी के दौरान जेएनयू से एनवॉयरमेंटल सांइस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. 2006 में इन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की.

मनु महाराज काम के साथ-साथ अपनी मूंछों के लिए भी बड़े मशहूर हैं. कहा जाता है कि अजय देवगन की फिल्म सिंघम देखने के बाद इन्होंने अपनी मूंछों की स्टाइल बदली. जिसकी वजह से लोग इन्हें सिंघम बुलाते हैं. मनु महाराज बड़े-बड़े ऑपरेशन को खुद लीड करते हैं. नक्सली इलाके में काम करने के लिए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी इनको सम्मानित भी कर चुके हैं. वहीं इनकी गिनती नीतीश कुमार के चहेते अफसरों में होती है.

4. नवनीत सिकेरा:

नवनीत सिकेरा यूपी वुमन हेल्प लाइन नंबर 1090 के फाउंडर हैं. ये 1996 बैच के आईपीएस अफसर हैं. अखिलेश यादव की सत्ता में क्राइम को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी इन पर ही थी. नवनीत 60 से ज्यादा अपराधियों का एनकाउंटर कर चुके हैं. 1090 हेल्पलाइन पर घरेलू हिंसा, सोशल मीडिया पर परेशान करने जैसी हरकत करने वाले मनचलों को नवनीत सिकेरा की टीम आसानी से पकड़ लेती है. अब तक 5 लाख से ज़्यादा मामले सुलझा चुकी 1090 पावर लाइन में इतनी गोपनीयता रखी जाती है कि लड़की के घरवालों को भी बिना लड़की की मर्ज़ी के शिकायत की डिटेल नहीं दी जाती है.

नवनीत ने आईआईटी रुड़की से पढ़ाई किया है. लेकिन पुलिस स्टेशन में पिता के साथ हुई बदतमीजी के बाद इन्होंने सिविल सर्विसेज में आने का फैसला किया.

5. मंजिल सैनी:

मंजिल सैनी लखनऊ की पहली महिला एसएसपी हैं. और इनकी गिनती भी साहसी पुलिस अफसरों में होती है. फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा की जिम्मेदारी इनके ऊपर ही है.  24 घंटे के अंदर आरोपी को पकड़ने, किडनी रैकेट का भंडाफोड़ करने, चेकिंग के दौरान गाड़ियों से काली फिल्म और झंडा उतरवाने का काम ये बेधड़क करती हैं. गलती करने वाला नेता हो या अफसर, मंजिल किसी के साथ नरमी नहीं बरतती हैं. मंजिल देश की पहली आईपीएस हैं, जिन्होंने शादी के बाद IPS के लिए क्वालिफाई किया है.

2013 में मुजफ्फरनगर में दंगों के 2 दिन पहले मंजिल को वहां से हटा दिया गया था. यूपी की खुफिया विभाग की रिपोर्ट में ये कहा गया है कि अगर मंजिल वहां होतीं तो दंगे कभी नहीं होते.

मंजिल सैनी का जन्म 9 सितंबर 1975 को दिल्ली में हुआ. मंजिल ने सेंट स्टीफेंस कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स की पढ़ाई की. वो दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनमिक्स में मास्टर्स में गोल्ड मेडलिस्ट हैं. इसके बाद मंजिल ने एक प्राइवेट फॉर्म के लिए जॉब भी किया है. 2005 में मंजिल ने सिविल सर्विस का एग्जाम दिया और पहले ही अटैम्प्ट में ये सेलेक्ट हो गईं.

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मोदी जी की ये सच्चाई आपकी आँखें नम कर देगी

गुजरात के वडनगर में जहाँ पीएम मोदी का पूरा परिवार रहता है सभी भाई रहते है वही घर से 2 km की दुरी पर रैली हो रही थी। लाखो की भीड़ में पीएम मोदी के छोटे भाई भी नजर आये जो काफी पीछे बेठे थे। मिडिया की नजर आखिर तक उन पर रही। उनकी आँखों में आंसू थे क्योंकि परिवार आज भी तंगहाली बदहाली का जीवन जी रहा है। बीपीएल कार्ड से गुजर बसर हो रहा है।

पीएम मोदी के छोटे भाई प्राइवेट जॉब करते है। रैली खत्म होने के बाद मिडिया ने उनसे सवाल पूछा कि आप अपने भाई मोदी से कब मिले तो जवाब था जब उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दिया। फिर पूछा आप उनसे मदद क्यों नही माँगते ? जवाब था वे संयासी है वे खुद के लिए कुछ नही कर सके तो हमको क्या देंगे, उन पर देश की जिम्मेदारी है। जो देना है सबको देंगे।

फिर पूछा कि मोदी जी नजदीक ही है आप मिल सकते हो तब उन्होंने कहा के उनका एक एक मिनट बहुत कीमती है। फिर पूछा दिल्ली जाकर पूरा परिवार मिल क्यों नही लेता शायद आपकी मदद भी हो जाये तब उन्होंने रुला देने वाला जवाब दे दिया, कहा के आज तक देश की मिडिया ने हम सब भाईयो को हमारे परिवार को कभी चैनल पर नही दिखाया, हम क्या करते है हम क्या खाते है हमारे घर कैसे है। हमारे बच्चे कहाँ पढ़ रहे है। शायद इसलिए नही दिखाया के हमारा हाल देखकर कहि विपक्षी पार्टियो का मुँह बंद न हो जाये और देश की जनता के दिल में मोदी भगवान की तरह जगह न बना ले। दिल्ली जाकर मिल लिए तो यही मिडिया बढ़ा चढ़ाकर दिखाएगी और पूरा विपक्ष कहेगा के मोदी ने अरबो खरबो रूपये अपने भाइयो को दे दिए। बड़ी बड़ी कंपनी दे दी। बड़े बिजनेश करा के दे दिए। हम नही चाहते के हमारी वजह से मोदी पर जरा भी ऊँगली उठे।

इतना कहते ही वे पार्किंग में खड़ी अपनी पुरानी सी स्कूटर उठाकर चले गए। उनकी आँखों के दर्द को जिसने भी देखा वो रो पड़ा।

यही महानता मोदी को दुनिया में सबसे अलग बनाती है। भले ही आप मोदी से नफ़रत करे पर उनको इज्ज़त दीजिए उनके परिवार को इज्जत दीजिए। एक यही परिवार ऐसा है जो लालू, मुलायम, मायावती, बादल, केजरीवाल, ममता, जैसे नेताओ के परिवार की तरह नही फला फूला.

साभार – हेमन्त भाई. गुजरात से।