Know The Hero Nanaji Deshmukh

"मैं अपने लिए नहीं अपनों के लिए हूं", इस ध्येय वाक्य पर चलते हुए महाराष्ट्र के एक समाजसेवी ने भारत के उन कई गाँवों की तस्वीर बदल दी, जहां यदि वे महान विभूति न होते तो शायद आज भी विकास की लहर कोसों दूर होती। त्याग तपस्या परिश्रम करुणा भेदभाव से रहित दबे पिछड़े लोगों […]

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