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सलमान को मिली जमानत, घर ले जाने बॉडीगार्ड के साथ पहुंची बहन

काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान की जमानत की अर्जी कोर्ट ने स्वीकार कर ली। शनिवार को जोधपुर सेशन कोर्ट में वकीलों ने अपनी दलीलें रखीं, जिसके बाद 3 बजे कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर सलमान को जमानत दे दी। उनके परिजनों को पूरी उम्मीद थी कि सलमान आज जेल से बाहर आ जाएंगे। इसी वजह से उनकी बहन अलवीरा सेशन्स कोर्ट पहुंची थीं

 

शेरा ने किया गार्ड

– जोधपुर सेशन्स कोर्ट के बाहर सलमान खान के समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी। भीड़ से बचाने के लिए सलमान की बहन अलवीरा के साथ उनके बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद थे।

– शेरा लगातार अलवीरा को भीड़ से प्रॉटेक्ट करते रहे। उन्होंने मीडिया को भी उसके पास फटकने नहीं दिया।

आगे क्या होगा?

– विश्नोई समाज के वकील महीपाल विश्नोई ने बताया, “सलमान खान को 25-25 हजार के दो मुचलके भरने के ऑर्डर कोर्ट ने दिए हैं। वे अदालत की इजाजत के बिना देश नहीं छोड़ सकते हैं। उन्हें 7 मई को खुद अदालत के सामने पेश होना होगा।”

कोर्ट रूम में क्या हुआ?

– सलमान के वकील महेश बोड़ा ने कहा कि 20 साल से जारी इस केस में सलमान हमेशा जमानत पर रहे। उन्होंने हमेशा कोर्ट के आदेश का पालन किया और जब भी बुलाया गया वे हाजिर हुए। ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए।

– इस पर सरकारी वकील पोकरराम ने कहा कि गवाहों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ है कि सलमान ने गोली मारकर हिरण का शिकार किया। इसी आधार पर उन्हें ट्रायल कोर्ट ने दोषी करार दिया था। ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
– वहीं, विश्नोई समाज के वकील महिपाल विश्नोई ने कहा कि सलमान के खिलाफ आरोप साबित हो चुका है। ऐसे में उन्हें जमानत देने के बजाय जेल में रखने के मामले की सुनवाई जल्द करनी चाहिए। सबूतों के आधार पर उन्हें आगे भी दोषी ही माना जाएगा।

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ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामला : ‘आप’ विधायकों को राहत, हाईकोर्ट ने उपचुनाव की नोटिफिकेशन जारी करने पर लगाई रोक

ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में आम आदमी पार्टी के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है. दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘आप’ के 20 विधायकों की अयोग्यता के फैसले पर सुनवाई करते हुए मामले की अगली सुनवाई होने तक दिल्ली में उपचुनाव की नोटिफिकेशन जारी नहीं करने को कहा है. इसके साथ ही अदालत ने केंद्र की अधिसूचना पर अंतरिम स्थगनादेश जारी करने से इनकार कर दिया है. अयोग्य करार दिए जाने को चुनौती देने वाली आप विधायकों की याचिकाओं पर अदालत ने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार से जवाब भी मांगा है. मामले की अगली सुनावाई सोमवार को होगी.

दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी के अयोग्य विधायकों की तरफ से कहा गया था कि चुनाव आयोग ने हमें पहले नहीं बताया था कि वह फैसला करने जा रहा है. न्यूज पेपर के माध्यम से हमें पता चला कि चुनाव आयोग फ़ैसला कर रहा है. अरोड़ा ने कभी हमें नहीं सुना न ही वह तस्वीर में थे, लेकिन ऑर्डर में उनका भी नाम है. चुनाव आयोग के एक सदस्य ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था, जबकि दूसरे ने कभी सुनवाई ही नहीं की. 18 मार्च 2016 को नोटिस हमें मिला जिसका जवाब हमनें दिया.

दिल्ली हाईकोर्ट में चुनाव आयोग ने कहा कि ये स्पीकर चुनाव आयोग को कहते हैं कि सीट खाली है. उसके बाद चुनाव आयोग चुनाव को लेकर काम करता है. दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. कोर्ट ने कहा कि कोई भी पक्ष इस दरमियान कोई कदम नहीं उठाएगा और चुनाव की घोषणा नहीं की जाएगी.

ये हैं अयोग्य करार दिए गए ‘आप’ के 20 विधायक

  1. आदर्श शास्त्री
  2. अलका लांबा
  3. संजीव झा
  4. कैलाश गहलोत
  5. विजेंदर गर्ग
  6. प्रवीण कुमार
  7. शरद कुमार चौहान
  8. मदन लाल
  9. शिव चरण गोयल
  10. सरिता सिंह
  11. नरेश यादव
  12. राजेश गुप्ता
  13. राजेश ऋषि
  14. अनिल कुमार बाजपेई
  15. सोम दत्त
  16. अवतार सिंह
  17. सुखबीर सिंह
  18. मनोज कुमार
  19. नितिन त्यागी
  20. जरनैल सिंह

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हम अगले हफ्ते सोमवार को सुनवाई करेंगे. तब तक चुनाव आयोग जवाब दाखिल करे.
दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कहा कि अगर आप इस मामले में लिखित आदेश चाहते हैं तो हम दे सकते हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि सोमवार को मामले की सुनवाई करे और उसी दिन इस पूरे मामले का निपटारा भी कर दे. हाईकोर्ट ने फिलहाल राष्ट्रपति के अयोग्य करार देने को नोटिफिकेशन पर रोक लगाने से इंकार किया.