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सबसे मंहगी इस बाइक की खूबियां कर देंगी आपको हैरान, कीमत उड़ा देगी होश

दुनियाभर में सबसे ज्यादा कस्टमाइज्ड बाइक्स के शौकीनों के लिए हार्ले-डेविडसन पहली पसंद बनी हुई है और इसी पसंद को बरकरार रखने के लिए हार्ले-डेविडसन ने अपनी दुनिया की सबसे महंगी बाइक पेश की है, जिसका कीमत के आधार पर मुकाबला शायद ही कोई बाइक कर पाए। हार्ले डेविडसन की यह बाइक हीरों से जड़ी हुई है और इसे ब्लू एडिशन में बनाने के लिए वॉच और ज्वेलरी कंपनी बुकेरर के साथ बुंडनरबाइक के साथ साझेदारी की है।

हार्ले डेविडसन ब्लू एडिशन सॉफ्टेल स्लिम एस पर आधारित इस बाइक का बॉडीवर्क पर कस्टम रेट्रो-स्टाइल में काम किया गया है। कंपनी के मुताबिक इस मोटरसाइकिल के हर बॉडी पार्ट की वेल्डिंग, बीटिंग, शेप देना और पॉलिश करने जैसे सारे काम हाथों से किए गए हैं। इतना ही नहीं बाइक के व्हील रिम्स भी कस्टम-मेड हैं।

बाइक का लीवर, रिसर्वायरकैप, हेडलाइट कवर और फुट कंट्रोल जैसे पार्ट्स को गोल्ड ट्रीटमेंट दिया गया है। इस बाइक के हर पार्ट्स सिल्वर प्लेटेड हैं।

इतना ही नहीं बाइक में अलग-अलग रंगों के छह कोट्स किए गए हैं जिसे कंपनी की तरफ से ‘स्पेशल कोटिंग मेथड’ बताया गया है। बाइक के टॉप फ्यूल टैंक पर दो कटआउट्स हैं, जिसमें लेफ्ट वाले पर 5.40 कैरेट के हीरे वाला सॉलिटियर रिंग दिया गया है।

वहीं, दूसरी तरफ कस्टम-मेड वॉच का इस्तेमाल किया गया है और इसे साधने के लिए रिंग्स हैं ताकि वी-ट्विन मोटर के वाइब्रेशंस से इसे किसी तरह का कोई नुकसान न पहुंचे।

इस बाइक को बनाने के लिए दोनों कंपनियों के 8 लोग, स्विस क्राफ्ट्समेन, जर्मन मोटरसाइकिल डिजाइनर्स ने मिलकर 2500 घंटे तक काम किया है। हार्ले डेविडसन की इस ब्लू एडिशन बाइक को ज्यूरिक में पेश किया गया और करेंट एक्सचेज रेट के हिसाब से इसकी कीमत 12.2 करोड़ रुपये है।

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मौत के पीछे कई सवाल छोड़ गईं हैं सुनंदा, जानें- मौत से पहले क्या-क्या हुआ था

सुनंदा शशि थरूर पुष्कर की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस की एसआइटी ने सवा चार साल बाद चार्जशीट तो दाखिल कर दी, लेकिन इससे उसकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सुनंदा की मौत के एक साल बाद जब पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था तब किसी को नामजद नहीं किया गया था। अब पुलिस ने उनके पति वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर को मुख्य संदिग्ध आरोपी माना है।

कई सवाल छोड़ गई सुनंदा की मौत 

एसआइटी ने थरूर पर सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। सवाल यह है कि जब सुनंदा ने आत्महत्या ही की थी तो पुलिस ने साल भर जांच के बाद हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज क्यों किया था। सुनंदा अपनी मौत के पीछे कई सवाल छोड़ गईं हैं।

फोन पर की थी लंबी बातचीत 

17 जनवरी 2014 की शाम चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा लीला होटल के सुइट नंबर 345 में वह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं थीं। उस समय पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि मरने से तीन घंटे पहले उन्होंने अपने स्टाफ से कहा था कि वह उनके लिए सफेद रंग का सूट निकालकर रख दें, उन्हें आइपीएल के मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जाना है। उन्होंने मीडिया के आठ कर्मियों को फोन कर उनसे लंबी बातचीत भी की थी।होटल के कमरे को देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि उन्होंने खुदकशी की हो।

शरीर पर 12 ताजे घाव के निशान मिले थे

घटना के दौरान सुनंदा के सभी मोबाइल को केस प्रॉपर्टी के तौर पर जब्त करने के बजाए तत्कालीन संयुक्त आयुक्त (सदर्न रेंज) विवेक गोगिया ने उसे शशि थरूर को क्यों सौंप दिया था। कमरे में नींद की दवा अल्प्रेक्स के दो खाली पत्ते मिले थे, जबकि वह यह दवा नहीं लेती थीं। आखिर यह दवा वहां कैसे पहुंची, इस बात का भी पुलिस पता नहीं लगा पाई है। बिस्तर पर खून की छींटे व यूरीन और शरीर पर 12 ताजे घाव के निशान मिले थे। बांह पर इंजेक्शन के भी निशान मिले थे। कमरे में ग्लास टूटे हुए मिले थे।

कोई बड़ी साजिश तो नहीं

बड़ा सवाल यह भी है कि होटल की जिस तीसरी मंजिल पर सुनंदा ठहरी हुईं थीं, उस तल के सभी सीसीटीवी कैमरे खराब क्यों थे। क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। पुलिस ने इस पहलू पर भी तहकीकात नहीं की। दूसरी बार मेडिकल बोर्ड ने अपनी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा था कि सुनंदा की मौत जहर से ही हुई है, लेकिन जहर किसी खाद्य पदार्थ में मिलाकर खिलाया गया या इंजेक्शन के द्वारा दिया गया, इसका पता अभी तक नहीं लग सका है।

शशि थरूर को लेकर थीं परेशान

एम्स फोरेंसिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के शरीर में पाए गए केमिकल की जांच के बाद दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट सौंपते हुए कहा था कि उनकी मौत जहर से हुई है। अंतिम रिपोर्ट के आधार पर ही तत्कालीन पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी के निर्देश पर सरोजनी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। मरने से एक दिन पहले 16 जनवरी की रात 12.10 बजे उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह से लंबी बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह शशि थरूर को लेकर काफी परेशान हैं। वह बातचीत के दौरान काफी रोई भी थीं।

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रेलवे ने तत्काल टिकटों की बुकिंग के लिए दी नई सुविधा, जानें कैसे करें बुकिंग और कैसे उठाएं लाभ

रेलवे की टिकट बुकिंग सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए लोगों को नई सुविधा दी है। अब आप स्टेशन और IRCTC के अलावा एक और तरीके से तत्काल टिकटों की बुकिंग कर सकेंगे। ये तरीका बेहद आसान और तेजी से होने वाला है। इस तरीके से तत्काल टिकटों की बुकिंग तेजी से की जा सकेगी। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने आईआरसीटीसी ई-वॉलेट यूजर रेल टिकट एंड्रॉइड ऐप ‘रेल कनेक्ट’ के जरिए भी सामान्य और तत्काल टिकटों की बुकिंग की सुविधा दी है।

आईआरसीटीसी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी कि यूजर्स अब एंड्रॉइड मोबाइल एप आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट के जरिए भी रेल टिकट बुक कर सकते हैं। तत्काल टिकट बुकिंग का आसान तरीका रेलवे ने तत्काल टिकटों की बुकिंग का एक और तरीका यात्रियों को दिया है। अब आप IRCTC के मोबाइल एप रेल कनेक्ट के जरिए भी सामान्य और तत्काल टिकटों की बुकिंग कर सकेंगे। ये तरीका बेहद आसान और तेज है, क्योंकि तत्काल टिकट बहुत ही जल्दी बुक हो जाते हैं, जिसकी वजह से कई बार पेमेंट के दौरान बैंकों से OTP आने में देर हो जाती है और तब तक सारे सीट बुक हो जाते हैं। ऐसे में ये तरीका बेहतर हैं, क्योंकि इसमें आप पहले से आईआरसीटीसी वॉलेट में एडवांस में पैसा डालकर रख सकते हैं। टिकट बुकिंग का तरीका मोबाइल एप के जरिए टिकट बुक करने के लिए आप पेटीएम या मोबिक्विक की तरह आईआरसीटीसी ई-वॉलेट में पैसे रख लें। ई-वॉलेट सुविधा के इस्तेमाल के लिए आप को आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। आप प्रिफरेंस लिस्ट में छह बैंकों को रख सकते हैं। जिनका इस्तेमाल आप पेमेंट के दौरान कर सकेंगे। कैसे उठाएं इस सुविधा का लाभ आप अपने IRCTC यूजर आईडी पासवर्ड से लॉगइन करें। इसके बाद आपको प्लान माई ट्रैवल पेज पर जाना होगा, जहां आप आईआरसीटीसी ई-वॉलेट रजिस्ट्रेशन पर क्लिप कर अपने पैन या आधार की जानकारी भरकर उसे वेरिफाई करेंगे। आपको बता दें इस सेवा के इस्तेमाल के लिए 50 रुपए का वन-टाइम रजिस्ट्रेशन शुल्क चुकाना होगा। आप ई-वॉलेट अकाउंट में 10000 रुपए तक जमा कर सकते हैं। फिर जैसे आईआरसीटीसी की साइड पर बुकिंग होती है वहीं प्रक्रिया यहां करनी होगी।

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UPSC 2017 RESULT: उन होनहारों की कहानी जिन्होंने UPSC में लहराया परचम

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India is Tolerant: सहिष्णु देशों में भारत ने पाया चौथा स्थान: सर्वे

हर कोई यह मानकर चल रहा था कि देश में लोग दिनोंदिन ज्यादा असहिष्णु होते जा रहे हैं। समाज बंट रहा है। लोगों की इस सोच के इतर सामाजिक समरसता की तस्वीर पेश करती यह अच्छी खबर है। 27 देशों में इप्सोस मोरी द्वारा किए एक अध्ययन के अनुसार भारत चौथा सबसे सहिष्णु देश है। देश के 63 फीसद लोग मानते हैं कि यहां एक-दूसरे के प्रति लोग बहुत सहिष्णु हैं। कनाडा सूची में शीर्ष पर जबकि हंगरी सबसे नीचे है।

अमीर और गरीब का अंतर दूसरी और देश के मूल निवासी व प्रवासियों के मध्य मतभेद तीसरी सबसे बड़ी वजह है। भारत के 49 फीसद लोग मानते हैं कि राजनीतिक विचारों में भिन्नता तनाव की वजह है। 48 फीसद अलग-अलग धर्मों और 37 फीसद सामाजिक-आर्थिक हैसियत के अंतर को इसका कारण मानते हैं। करीब 53 प्रतिशत भारतीयों ने माना कि अलग संस्कृति, विचारों और पृष्ठभूमि में रहने से और लोगों के बीच लगातार घुलते मिलते रहने से आपसी समझ और सम्मान बढ़ता हैं।

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एक मुलाकात लिटिल ऐप डेवलपर आदित्य चौबे से

खबर है कि महज़ 9 साल की उम्र से एप डेवलप कर रहे आदित्य आज ऑनलाइन ‘आदि” कंपनी के मालिक भी हैं. ये कारनामा है जबलपुर के जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 8वीं में पढ़ने वाले आदित्य चौबे का जो आजकल जावा लैंग्वेज की ऑनलाइन ट्यूशन दे रहे है जिस लैंग्वेज का नाम 2 साल पहले तक सुना भी नहीं था .
एक मुलाकात लिटिल ऐप डेवलपर आदित्य चौबे से

12 साल की उम्र में गूगल प्ले स्टोर में अपने बनाये हुए एप को लेकर चर्चा में आये आदित्य चौबे ने बताया की उनकी यह शुरुआत तब हुई जब एक दिन वो लैपटॉप के नोटपैड पर कुछ काम कर रहे थे जिसमे error आने पर उन्होंने उसे ओपन किया तो जावा लैंग्वेज से पहली बार उनका सामना हुआ था. जिज्ञासु प्रवृति के आदित्य ने उसके बाद से ही लगातार जावा के बारे में पढ़कर कई एप भी बनाये है जिसमे से कुछ खास एप ये है –
1 – कोडरेड बटन एप
2 – लोकेशन लाइट एप
3 – लिसिन ट्यूब एप
4 – चैट बुक एप

आदित्य के पिता धर्मेन्द्र चौबे ऑर्डिनेंस फैक्टरी खमरिया में जूनियर वर्क्स मैनेजर और मां अमिता निजी स्कूल में साइंस टीचर हैं. आदी की बड़ी बहन 12वीं की छात्रा हैं.आदित्य ने अपने पिता की लिए एक स्पेशल कैलकुलेटर एप भी बनाया है जिसमे अनलिमिटेड नंबर्स तक कैलकुलेशन किया जा सकता है . फ़िलहाल आदित्य के 48 एप अभी गूगल प्ले स्टोर व एप्टॉयड पर लोड होने के लिए वेरीफिकेशन मोड पर है जो जल्दी ही प्ले स्टोर पर देखे जा सकते है .

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जानिए कठुआ रेप कांड का पूरा सच। डी एन ए रिपोर्ट! #Kathua #JusticeForAsifa #Truth

जानिए डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस रिपोर्ट से कठुआ रेप कांड से जुड़ा हर सच। किसी भी प्रतिक्रिया देने से पहले सच जानना जरुरी है। हम मांग करते हैं अगर उन्नाव केस की CBI जाँच हो सकती है तो कठुआ रेप कांड की भी CBI जाँच होनी चाहिए और केस को फ़ास्ट ट्रैक कर के सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द अपराधियों को सूली पर चढ़ाया जाये।

कठुआ रेप कांड का पूरा सच

 

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भाग्यशाली लोगों को मिलती हैं इन चार गुणों वाली पत्नियां

बहुत भाग्यशाली लोगों को मिलती हैं इन चार गुणों वाली पत्नियां
घर अगर रथ है तो पति, पत्नी उसके दोनों पहिए. अगर एक पहिया ठीक से ना चले तो घर नहीं चल पाता है. हिंदू घर्म में स्त्रियों को देवी माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार

पत्नी

को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए.

पत्नी

को अर्धांगिनी यूं ही नहीं कहा जाता है. इसका अर्थ होता है आधा अंग. अर्थात पुरुष

पत्नी

के बिना अधूरा है. पति का आधा अंग पत्नी है.

बहुत भाग्यशाली लोगों को मिलती हैं इन चार गुणों वाली पत्नियां

गरुण पुराण में पत्नी के गुणों को भलीभांति एक श्लोक के माध्यम से बताया गया है. इसमें कहा गया है कि जिस पुरुष के पास इन गुणों वाली स्त्री है उसे खुद को भाग्यशाली समझना चाहिए

आइए जानते हैं क्या है वह श्लोक.

बहुत भाग्यशाली लोगों को मिलती हैं इन चार गुणों वाली पत्नियां

गरुण पुराण में लिखा गया है कि- ‘सा भार्या या गृहे दक्षा सा भार्या या प्रियंवदा। सा भार्या या पतिप्राणा सा भार्या या पतिव्रता।।’ आइए जानते हैं इसका अर्थ-

गृहे दक्षा- गृह कार्य में दक्ष वे स्त्री जो घर के सभी काम जैसे- भोजन बनाना, साफ-सफाई करना, घर को सजाना, कपड़े-बर्तन आदि साफ करना, बच्चों की जिम्मेदारी ठीक से निभाना, घर आए अतिथियों का मान-सम्मान करना, कम संसाधनों में ही गृहस्थी चलाना आदि कार्यों में दक्ष होती है. उसे पति का भरपूर प्रेम मिलता है और घर भी तरक्की करता है.

प्रियंवदा- प्रियंवदा अर्थात वह स्त्री जो बहुत मधुर बोलती है सदैव और बड़ों से संयमित भाषा में ही बात करती है सबकी प्रिय होती है.

पतिप्राणा- अर्थात पतिपरायणा स्त्री. जो स्त्री अपने पति की बातों को सुनती है और उसका पालन करती है. इसके अवाला पति के मन को चोट पहुंचाने वाली कोई बात नहीं करती है ऐसी स्त्री के लिए पति कुछ भी करने को तैयार रहते हैं.

पतिव्रता- वह स्त्री जो अपने पति के अलावा किसी अन्य पुरुष के बारे में नहीं सोचती. धर्मग्रंथों में ऐसी ही पत्नी को पतिव्रता कहा गया है. गरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसी पत्नियां पति को बल देती हैं और अंत में चलकर सुख भोगती हैं.

ऊपर बताए गए इन चार गुणों से परिपूर्ण स्त्री जिसके पास हो उसे स्वयं को इंद्र से कम नहीं समझना चाहिए. ऐसे पुरुष बहुत भाग्यशाली होते हैं.

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CWG 2018: भारत के लिए सुपर संडे, जानें कौन कौन से खिलाड़ियों ने बढ़ाई तिरंगे की शान, जीते मेडल, देखें फोटोज और विश्लेषण

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन जारी है। 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने संडे को छह मेडल हासिल करते हुए इसे सुपर संडे बना दिया। इन छह मेडल में 3 गोल्ड, एक सिल्वर और दो कांस्य पदक भारत की झोली में आए। इसके साथ ही अब भारत ने 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 3 कांस्य के साथ कुल 12 मेडल हासिल कर लिए हैं और इसी के साथ भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।

गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी

टेबल टेनिस टीम ने जीता गोल्ड

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में टेबल टेनिस के टीम इवेंट के फाइनल में भारत ने सिंगापुर को 3-1 से मात देकर गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। ये भारत का सातवां गोल्ड मेडल रहा।

मनु भाकर

अपना पहला कॉमनवेल्थ खेल रही मनु भाकर ने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल करते हुए गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया।

पूनम यादव

भारत की पूनम यादव ने 69 किलो वर्ग कैटिगरी में में भारत की झोली में पांचवा गोल्ड डाल दिया। पूनम ने 69 किलो भारवर्ग में कुल 222 किलो वजन उठाया। स्नैच में 100 और क्लीन एंड जर्क में पूनम ने 122 किलो ग्राम वजन उठाया।

राहुल रागला

राहुल ने 85 किग्रा भार वर्ग में 338 किग्रा (151187) वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। उन्होंने सामोआ के डोन ओपेलोगे (331) को पीछे छोड़ा, जिन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। क्लीन एंड जर्क में पहले प्रयास में राहुल ने 147 और ओपेलोगे ने 144 किग्रा का वजन उठाया। राहुल ने दूसरे प्रयास में 187 किग्रा वजन उठाया, जबकि ओपेलोगे दूसरे प्रयास में विफल रहे। हालांकि, दोनों का 191 किग्रा का आखिरी प्रयास विफल रहा।

सतीश शिवलिंगम

भारतीय वेटलिफ्टर सतीश कुमार शिवलिंगम ने 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। सतीश ने स्नैच में अपने पहले प्रयास में 136 किलोग्राम वजन उठाया था, इसके बाद 140 और अपने आखिरी प्रयास में 144 किलो भार उठाया।

संजीता चानू

कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत की झोली में दूसरा गोल्ड मेडल आया। ये मेडल भारत की स्टार वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम वर्ग में दिलाया था। संजीता ने ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।

मीरा बाई चानू

गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले ही दिन भारतीय वेटलिफ्टर मीरा बाई चानू ने भारत को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया। मीरा बाई चानू ने अपने पहले ही प्रयास में 80 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया। पिछला रिकॉर्ड 77 किलोग्राम का था जो कि अगस्तानिया ने बनाया था। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने बड़ी ही आसानी से 84 किलोग्राम वजन उठा दिया। दूसरी कोशिश में 84 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। तीसरी और आखिरी कोशिश में 86 किग्रा वजन उठाकर दूसरी बार अपने ही रिकॉर्ड से आगे निकल गईं।

सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी

हिना सिद्धू

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में हीना सिद्धू ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल किए और हिना को 234 अंक मिले। इस स्पर्धा में मनु ने गोल्ड जीता तो हिना को सिल्वर मेडल मिला।

गुरुराजा पुजारी

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला पदक वेटलिफ्टर गुरुराजा पुजारी ने दिलवाया। गुरुराजा ने 56 किलोग्राम कैटेगरी में 249 किग्रा वजन उठाया। इससे पहले 2016 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, इस साल पेनांग में कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भी गुरुराजा पुजारी ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था।

कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी

विकास ठाकुर

भारत के भारोत्तोलक विकास ठाकुर ने भारत की झोली में तीसरा कांस्य पदक डाला। विकास ने 94 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। विकास ने कुल 351 किलोग्राम भार उठाया। उन्होंने स्नैच में 159 का भार उठाकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। क्लीन एंड जर्क में वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और इस कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

रवि कुमार

भारत को रवि कुमार ने 10 मी. एयर राइफल में दूसरा कांस्य पदक दिलाया। रवि कुमार एक समय रजत पदक जीतते दिखाई पड़ रहे थे, लेकिन आखिरी में उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा। रवि कुमार ने 224.1 का स्कोर किया।

दीपक लाठेर

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला कांस्य पदक दीपक लाठेर ने दिलवाया। दीपक ने वेटलिफ्टिंग के 69 किलो की प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 18 साल के दीपक लाठेर के लिए ये पहला मौका है जब वो कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले रहे हैं।

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CM केजरीवाल को मानहानि मामले में लगा जोर का झटका

हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने से बृहस्पतिवार को इंकार कर दिया। हालांकि दूसरी ओर कोर्ट ने दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई के लिये 11 जुलाई की तारीख तय की है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने याचिका दायर निचली अदालत में चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर रोक लगाते हुये उसे खारिज करने की मांग की थी। मानहानि की यह शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने 2012 में दायर की थी।

जस्टिस एके पाठक ने अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर दिया। उस फैसले के मुताबिक सांसद व विधायकों के मामलों की सुनवाई एक साल के भीतर पूरी होनी चाहिये।

याचिका पर जिरह करते हुये वरिष्ठ सुधीर नंदराजोग ने कहा कि मानहानि की यह शिकायत दायर करने का पवन खेड़ा को कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उनकी मानहानि नहीं हुई है। इसलिये इस मामले को खारिज किया जाना चाहिये।

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पूर्व राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने शिकायत दायर कर कहा था कि एक टीवी शो के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अक्तूबर 2012 में बिजली की बढ़ी दरों पर बोलते हुये ऐसी बातें कही जिससे तत्कालीन मुख्यमंत्री की बदनामी हुई थी।

पटियाला हाउस अदालत ने इस शिकायत पर अरविंद केजरीवाल को 31 जनवरी 2013 को बतौर आरोपी समन जारी किया गया था। इस शिकायत पर अदालत ने 28 अक्तूबर 2013 को आरोप तय किये थे।