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मिलिए सबसे ज्यादा एंजेल इन्वेस्टमेंट करने वाले भारतीयों से। जानें कैसे पाएं इन्वेस्टमेंट!

आपके बिज़नेस के लिए फंड्स बहुत ही अहम हिस्सा है। बात तब और आसान हो जाती है जब हम जानते हों कि फंड्स पाने के लिए किसको अप्प्रोच करना है। आज हम आपको उन भारतीयों से मिलवाएंगे जो सबसे ज्यादा फंडिंग करने के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। सभी डेटा को क्रंचबेस के सहयोग से तैयार किया गया है!

1. नवल रविकांत:

Naval Ravikant Angel

नवल रविकांत सैन फ्रांसिस्को में रहने वाले विश्व के जाने माने एंजेल इन्वेस्टर हैं जो कि हिटफोर्ज के मालिक हैं और 1999 से इन्वेस्टमेंट का कार्य कर रहे हैं। कुल 121 इन्वेस्टमेंट्स के साथ भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में पहले स्थान पर हैं।

2. सेमिल शाह:

Semil Shah Angel

सेमिल शाह मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया में रहने वाले प्रीमियम एंजेल इन्वेस्टर्स हैं जो कि हैस्टेक के मालिक हैं। ये लाइटस्पीड वेंचर्स के पार्टनर हैं और 74 इन्वेस्टमेंट्स के साथ भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में दूसरे स्थान पर हैं।

3. राजन आनंदन:

Rajan Anandan Angel

राजन दिल्ली में रहने वाले गूगल इंडिया और साउथईस्ट एशिया के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और फ़िलहाल सिलिकॉन वैली की सिक्वेइया कैपिटल में पार्टनर हैं। यह अनअकैडमी, इंस्टामोजो और मोबाइलवाला सहित कुल 57 इन्वेस्टमेंट्स करके भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में तीसरे स्थान पर हैं।

4. शरद शर्मा:

Sharad sharma Angel

शरद शर्मा दिल्ली में रहने वाले याहू इंडिया के पूर्व CEO और ब्रांड सिग्मा के CEO हैं। ये iSPIRT के कोफॉउंडर हैं तथा वायव्य लैब्स, दूर्वा सॉफ्टवेयर और मोबाइलवाला समेत 25 इंवेस्टमेंट्स के साथ चौथे सबसे सफल भारतीय एंजेल इंवेस्टर हैं।

5. अनुपम मित्तल:

Anupam Mittal Angel

अनुपम मुंबई में रहने वाले प्यूपल ग्रुप के मालिक हैं जिन्होंने मकान और शादी डॉट कॉम की सफलता से इतिहास रचा है। इन्होंने ओला, मौज मोबाइल और फैब होटल्स समेत 20 इन्वेस्टमेंट्स की हैं और भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में 5वें स्थान पर हैं।

उपरोक्त एंजेल इन्वेस्टर्स के अलावा भी बहुत सारे भारतीय उद्यमी हैं जो अपनी पूंजी एंजेल इन्वेस्ट के जरिए आपकी कम्पनी में पार्टनर बनके आपकी सफलता की कहानी में भागीदार बन सकते हैं।

ये इसलिए भी एंजेल इन्वेस्टमेंट में भागीदार बनते हैं क्योंकि इसमें हाई रेट ऑफ इंटरेस्ट मिलता है जो कि बाद के वेंचर कैपिटल में प्राप्त इंटरेस्ट से बहुत ज्यादा होता है।

Roi angel investment against venture capital

दिल्ली के स्नैपडील फेम कुणाल बहल और इनोवेट कोवर्किंग के फाउंडर डॉक्टर रितेश मलिक प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स हैं।

मुंबई की बात करें तो यहां के क्युकी.कॉम के समीर बंगरा, टॉपर.कॉम के जीशान हयात, IIT मुंबई की साइन के CEO अजीत खुराना प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स हैं।

बैंगलोर इस समय इस देश की स्टार्टअप राजधानी हैं। यहां से शुरू हुई कम्पनियों ने इतिहास रच देश को गौरवान्वित किया है। यहां के क्रिस गोपालकृष्णन इंफोसिस के कोफॉउंडर हैं और पदम् भूषण सम्मानित हैं। इनके अलावा फ्लिपकार्ट के सचिन और बिन्नी बंसल, ट्यूटर विस्टा के गणेश कृष्णन तथा रेजरफ्लो के पल्लव नधानी यहां के एंजेल इंवेर्टर्स में प्रमुख हैं।

आप इनको लिंक्डइन या ईमेल द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं और इनसे इन्वेस्टमेंट के बारे में जरूरी पहल कर सकते हैं।

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अब नहीं होगी हर काम में पैन कार्ड की जरूरत। आधार नंबर ही बन जाएगा पैन!

भारत सरकार के यूनियन बजट 2019 में इंकम टैक्स रूल में फेरबदल किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए इन नए रूल्स के बारे में बताया।

टैक्सदाताओं की सहूलियत के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड को विनिमय योग्य कर दिया जाएगा। इसका अर्थ जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वे इंकम टैक्स फाइल करते समय आधार कार्ड को पैन कार्ड की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही अन्य जगहों पर भी यह पैन कार्ड के विकल्प के रूप में कार्य करेगा।

अब पैन अप्लाई करते समय UIDAI से आधार का डेमोग्राफिक डेटा लिया जाएगा। अगर पैन कार्ड में आपका आधार लिंक है तब आप अपनी इच्छानुसार पैन कार्ड की जगह आधार का उपयोग कर सकते हैं।

इसके साथ ही बड़ी बैंकिंग ट्रांजेक्शन के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड डेटा से वेरिफाई करवाना अनिवार्य हो गया है।

सभी इंकम टैक्स फाईलिंग के लिए आधार से वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है।

रविशंकर प्रसाद ने संसद में महत्वपूर्ण आधार अमेंडमेंट बिल पेश किया जिसके अंतर्गत अब 18 वर्ष से कम उम्र के आधार नंबर होल्डर्स 18 वर्ष की आयु में आने पर अपना आधार कैंसिल करवा सकते हैं। इसके साथ ही इन्होंने आधार डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की।

क्या हुआ महंगा

सोने के आयात शुल्क में 2.5% बढ़ाने के साथ साथ पेट्रोल, डीजल और आयातित पुस्तकों पर 5% शुल्क बढ़ाया गया है। इसके अलावा ऑटो पार्ट्स में सिंथेटिक रबर, पी वी सी, टाइल्स, ऑप्टिकल फाइबर, चांदी, स्टेनलेस उत्पाद, मूल धातु के फिटिंग और फ्रेम्स, एयरकंडीशनर, लाउडस्पीकर, वीडियो रिकॉर्डर, CCTV कैमरे, तम्बाकू उत्पाद तथा हॉर्न पर भी शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई।

क्या हुआ सस्ता

इलेक्ट्रिक कारों पर GST को 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है तथा इसके लिए लोन पर ब्याज में 1.5 लाख तक कि इंकम टैक्स में छूट दी गई है। होम लोन भी सस्ते हुए जिसमे 45 लाख के होम लोन में 3 लाख की छूट भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त साबुन,शैम्पू, हेयरोइल, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट पौडर, पंखे, लैंप, ब्रीफकेस, यात्री बैग, सेनेटरी वीयर, बोतल, कंटेनर, रसों बर्तन, बिस्तर, गद्दे, चश्मों के फ्रेम, बांस फर्नीचर, पास्ता, मेयोनेज़, नमकीन, सूखा नारियल, सेनेटरी नैपकिन, धूपबत्ती, ऊन तथा ऊन के उत्पादों को और सस्ता करा गया है।

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Elon Musk के बारे में हर वो बात जो आपको जरूर जाननी चाहिए

दुनिया का सबसे शक्तिशाली और दोबारा से इस्तेमाल किया जाने वाला रॉकेट फॉल्कन हैवी बनाने वाले करीब एक दर्जन कंपनियों के मालिक एलन मस्क के बारे में हम आज आपको हर वो बात बताएंगे जो आपको जरूर जाननी चाहिए।

बचपन में ही मिला कई देशों का अनुभव

एलन रीव मस्क 28 जून 1971 को दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में एक कनाडाई- अफ़्रीकी दंपति के यहाँ जन्मे एक सुप्रसिद्ध बिजनेस टायकून हैं। एलन की माँ एक मॉडल और डाइटीशियन रहीं थीं वहीं एलन के पिता एक इलेक्ट्रोकेमिकल इंजीनियर, पायलट और सेलर थे। 1980 में इनके माता-पिता का तलाक होने के बाद ये पिता के साथ प्रिटोरिया में रहे। स्कूल में पढ़ने वाले एलन के सहपाठी इनकी अक्सर पिटाई कर दिया करते थे। एक बार तो एलन को हॉस्पिटल भी जाना पड़ा जब सहपाठियों द्वारा इन्हें सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया गया और बेहोश होने तक पिटाई की गई। कंप्यूटर में रूचि इनकी बचपन से थी। मात्र 10 वर्ष की छोटी उम्र में इन्होंने बेसिक लैंग्वेज खुद सीखनी शुरू की और 2 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद एक गेम ‘ब्लास्टर’ बनाया जो की एक मैगजीन “PC and Office Technology” द्वारा 500 डॉलर में ख़रीदा गया।

जून 1989 को अपने जन्मदिन से एक दिन पहले एलन अपनी माँ के पास कनाडा आ गए क्योंकि वो जानते थे कि अमेरिका में सपनों को जीने का सफर कनाडा आ जाने से और आसान हो जाएगा। इसके लिए इन्होंने अफ़्रीकी मिलेट्री की अनिवार्य सर्विस छोड़ दी और कनाडा की क्वींस यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। 2 साल बाद इन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया में दाखिला लिया जहाँ इन्होंने इकोनॉमिक्स और फिजिक्स दोनों की पढ़ाई की। इसके बाद इन्होंने कैलिफोर्निया की यूनिवर्सिटी ऑफ स्टैनफोर्ड में एनर्जी फिजिक्स में Ph.D में दाखिल लिया लेकिन 2 दिन बाद ही पढ़ाई छोड़ इंटरनेट बूम को देख कर व्यापार करने का फैसला किया।

इंटरनेट बूम मिलेनियम क्रैश और एलन के स्टार्टअप्स

एलन ने फरवरी 1995 में अपने भाई किम्भल मस्क के साथ मिलकर एक मार्केटिंग और सिटी सर्च कंपनी ‘Zip2’ बनाई जो की न्यूजपेपर्स के लिए सर्विस देती थी। Zip2 को Compaq ने 307 मिलियन डॉलर कैश और 34 मिलियन डॉलर स्टॉक ऑप्शन में ख़रीदा।

मिलेनियम क्रैश के वक्त एक ओर जहाँ सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी वहीं ऐसे मौके पर एलन के पास मिलियंस डॉलर का मुनाफा था।

इसके बाद एलन ने मार्च 1999 में इंटरनेट पेमेंट ट्रांसफर सिस्टम ‘X.com’ की शुरुआत की जो बेहद सफल रही। कैलिफोर्निया में X.com के ऑफिस के पास ही पीटर थील का भी ऑफिस था जो अपनी कंपनी ‘Confinity’ के माध्यम से यही कार्य कर रहे थे। एक साल बाद दोनों ने अपनी कम्पनियों का विलय कर ‘PayPal Services’ की शुरुआत 2001 में की जिसका बाद में नाम ‘PayPal’ कर दिया गया।

मई 2002 में एलन ने ‘SpaceX’ की शुरुआत करी जिसका उद्देश्य मार्स ओएसिस को मंगल ग्रह पर बनाना और वहाँ मानव बस्तियाँ बसाने के साथ- साथ लांच वेहिकल्स और रेवोल्यूशनरी रॉकेट बनाना है। ऑक्टूबर 2002 को PayPal को Ebay ने 1.5 बिलियन डॉलर स्टॉक ऑप्शन में ख़रीदा जिसमे से 11.7% के लिए एलन को 165 मिलियन डॉलर मिले जिसका निवेश इन्होने SpaceX में किया।

फरवरी 2004 में ‘Tesla’ की Series A फंडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जून 2003 में बनी इस कम्पनी के चेयरमैन बन गए। 2007 में CEO और प्रोडक्ट आर्किटेक्ट बनने के बाद 2008 में कंपनी ने पहली इलेक्ट्रिक कार Tesla Roadster लॉन्च की जो बेहद सफल रही।

मुश्किलें आती रही और कदम बढ़ते रहे

एलन को SpaceX की सफलता रातों रात नहीं मिली। सारी पूंजी और निवेशकों का धन लगाकर जो पहले 3 रॉकेट लॉन्च हुए वो फेल रहे। हार न मानने का जज्बा ही था कि इन्होने चौथा रॉकेट सफलता पूर्ण लॉन्च किया और SpaceX को नासा से 1.6 बिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ।


दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट फॉल्कन हेवी एलन की ही खोज है और रॉकेट को दोबारा से इस्तेमाल किये जाने की तकनीक भी एलन की ही देन है। जरूरत पड़ने पर Tesla और SpaceX कंपनी में स्लीपिंग बैग में सो जाना एलन को बेहद पसन्द है क्योंकि एलन काम के समय सिर्फ काम पर ही अपना सारा ध्यान देते हैं और किसी भी लक्ष्य को मुश्किल नही मानते।

एलन SpaceX, Tesla और Neuralink के CEO हैं। एलन Zip2, OpenAI, PayPal और Neuralink के Co-Founder हैं तथा X.com , theboringcompany और SpaceX के Founder हैं।

एलन एक बहुआयामी सोच वाले उत्कृष्ट बुद्धि से संपन्न वैज्ञानिक और आंत्रेप्रीन्योर हैं जिनकी विलक्षण प्रतिभा का लोहा समस्त विश्व मानता है। एलन 21वें सबसे शक्तिशाली व्यक्तित्व के स्वामी और दुनिया के 54वें सबसे धनी व्यक्ति हैं। एक बेहद खास रिपोर्ट के अनुसार एलन ने वर्ष 2017 में X.com को दोबारा से ख़रीदा है और जल्द ही इसके साथ एक नई पारी शुरू करना वो जरूर पसंद करेंगे।

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अब हिंदी दिलाएगी आपको रोजगार, घर बैठे सिखाकर कमा सकते हैं अच्छी रकम

कई लोग जिन्हें अच्छी इंग्लिश नहीं आती है वो अपने आप को कमजोर और पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं।

लेकिन अब आपको अपनी कमजोर इंग्लिश के लिए शरमाने और अफसोस करने की जरुरत नहीं है। अगर आपकी हिंदी मजबूत है तो आप हर घंटो 2000 रुपये तक कमा सकते हैं। जी हां, आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप ऑन लाइन हिंदी की ट्यूटोरियल क्लासेज देकर हर घंटे 2000 रुपये तक कमा सकते हैं।

Italki

दुनिया की दूसरी भाषाओं को सीखने के लिए यह वेबसाइट एक अच्छा प्लेटफॉर्म है। इस पर आप अपनी पसंद की भाषा को चुन सकते हैं। इसके बाद आपको उस भाषा से जुड़े टीचर्स की प्रोफाइल लिस्ट दिखेगी। आपको इन टीचर्स के लिए शुल्क देना होगा। ये शुल्क आपको घंटे के हिसाब से देना होगा। अगर आप ट्रायल क्लास करना चाहते हैं तो आपको 30 मिनट के हिसाब से भुगतान करना होगा। ऐसे में इस वेबसाइट पर आप पैसे भी कमा सकते हैं। यहां आपको वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर करना होगा। इसके अलावा आपको बताना होगा कि आप हर घंटे की क्लास के लिए कितनी फीस लेंगे। इसके लिए आपको अपनी क्वालिफिकेशन बतानी होगा और डेमो देना होगा।

Verbalplanet

आप इस वेबसाइट पर जाकर दुनिया की किसी भी भाषा को सीख सकते हैं। वेबसाइट आपको Skype क्लासेज की सुविधा देता है। आपको हर क्लास के लिए शुल्क देना होता है। यहां भी आपको टीचर्स की प्रोफाइल लिस्ट दिखाई देती है, जिसे आप अपनी पसंद के हिसाब से चुन सकते हैं। हालांकि यहां आपको फ्री ट्रायल क्लासेज मिलती है। ऐसे में किसी भी भाषा को सीखने के बजाए आप यहां पैसे भी कमा सकते हैं। इस वेबसाइट पर आप अपनी प्रोफाइल बनाकर पैसे कमा सकते हैं। वेबसाइट पर पढ़ाने के लिए आपको एप्लीकेशन देना होता जिसके आधार पर वेबसाइट आपके क्लास की क्वालिटी तय करती है। ध्यान रहे, जितनी अच्छी क्वालिटी होगी उतनी ही स्टूडेंट्स आएंगे और आप उतना ही पैसा कमा सकते हैं।

Verbling

ऊपर दिए वेबसाइट्स की तरह आप यहां भी अपनी पसंद की भाषा को वीडियो क्लास के जरिए सीख सकते हैं। इसके अलावा आप इन पर प्रोफाइल बना कर पैसे कमा सकते हैं। इसके लिए आपको खुद को रजिस्टर करना होगा। इस वेबसाइट पर आप 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक हर घंटे कमा सकते हैं।

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दुनिया की इन 10 जगहों पर किसी को भी जाने की नहीं है इजाजत

आज इंसान अंतरिक्ष में रहने की तैयारियां कर रहा है। मगर इतनी तरक्की करने के बाद भी दुनिया में ऐसी कई जगहें हैं, जहां इंसान नहीं पहुंच सकते हैं। इंसानों पर ये पाबंदी वहां की सरकारों ने लगाई है। ऐसे ही कुछ इलाकों की सैर इन तस्वीरों के जरिए करिए।

ग्लोबल सीड वॉल्ट, नॉर्वे- ये एक अंडरग्राउंड बीज भंडारण केंद्र है। जिसे नार्वे के एक आइलैंड पर पहाड़ के अंदर बनाया गया है। यहां दुनिया की 4 हजार प्रजातियों के लगभग 8,40,000 बीज संरक्षित किए गए हैं। यहां पर सिर्फ उन्हीं लोगों को आने की इज़ाजत है, जो इसके सदस्य हैं और अपने बीज सुरक्षित रखना चाहते हैं।

स्नैक आयलैंड, ब्राजील- ब्राजील के साओ पाउलो से कुछ 100 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद Ilha da Queimada Granda नाम के आईलैंड पर 5-10 सांप हर 10 वर्ग फ़ीट पर मौजूद हैं। ये सांप बहुत ही ज़हरीले हैं, इसलिए यहां लोगों का जाना मना है।

द क्वींस बेडरूम, यूनाइडेट किंगडम- ब्रिटेन की महारानी Buckingham Palace में रहती हैं और ये 1837 से राजघराने का शाही महल रहा है। इस महल के एक भाग को छोड़ कर बाकी सभी को टूरिस्टों के लिए खोला गया है। जो हिस्सा बचा के रखा गया है, वो है महारानी का बेडरूम। जहां किसी को भी जाने की मंजूरी नहीं है।

नॉर्थ सेंटिनेल आयलैंड, भारत- भारत के अंडमान में मौजूद इस आइलैंड पर कोई भी व्यक्ति नहीं जा सकता, अगर कोई ऐसा करने की कोशिश करता है, तो यहां मौजूद कुछ आदिवासी उसे जान से मारने पर उतारू हो जाते हैं। उनकी मानना है कि ये बहुत ही पवित्र क्षेत्र है, जहां इंसानों को नहीं जाना चाहिए।

एरिया 51, यूएसए- अमेरिका के नेवादा में मौजूद इस इलाके में भी घूमने-फिरना मना है। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो इसे अमेरिकी सेना ने एलियन टेस्टिंग के लिए बनाया है। हालांकि ये बात सही है या नहीं, ये आज तक नहीं पता चल पाया है। लेकिन यहां जाना जान जोखिम में डालने जैसा है, क्योंकि अमेरिकी सेना ने यहां लैंड माइंस बिछा रखी हैं।

निहाऊ, अमेरिका- इसे The Forbidden Island भी कहा जाता है,क्योंकि इसकी झलक आप दिन ढ़लने के बाद ही पा सकते हैं, इसका स्वामित्व 150 सालों से एक ही परिवार के हाथ में है।

पोवेगलिया, इटली- इटली के वीनस शहर के पास ये एक छोटा सा आइलैंड है। यहां 14वीं शताब्दी में प्लेग फैलने के कारण सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई थी। ऐसी भी कहानी है कि, 19वीं सदी में यहां एक पागल खाना बना था। इस पागल खाने में बहुत से मरीज़ों पर जानलेवा प्रयोग किए जाते थे। फिलहाल इस डरावनी जगह पर सैलानियों के जाने पर पूरी तरह से पाबंदी है।

किन शी हुआंग मकबरा, चीन- चीन के पहले सम्राट के पास टेराकोटा वारियर्स नाम की एक सेना थी। ये सैनिक अपने राजा की रक्षा के लिए तैनात थे। जब उनकी मौत हुई, तब क्रब में टेराकोटा वॉरियर्स की हजारों मूर्तियां दफन की गई थी। यहां जाना बैन है, क्योंकि इस मकबरे में मौजूद पारे के कारण लोगों की जान जाने का खतरा है।

कोका-कोला रेसिपी वॉल्ट, अमेरिका- सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी कोका कोला को बनाने वाली रेसिपी को एक 6.6 फ़ीट की तिज़ोरी में अटलांटा में सुरक्षित रखा गया है। इसकी सुरक्षा में हर दम हथियारबंद गार्ड तैनात रहते हैं। जिमी होफा ने इसकी खोज की थी, जिनकी बाद में हत्या कर दी गई थी। इस तक कोई भी नहीं पहुंच सकता है।

बोहेमियन ग्रोव, अमेरिका- कैलिफोर्निया के मोंटे रियो में ये जगह एक खेल मैदान की तरह है, मगर इस मैदान पर चुनिंदा शख्सियतों को ही जाने की इजाजत है। जिनमें कुछ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति, संगीतकार और बड़े सरकारी अफसर शामिल हैं। इसकी सदस्यता हासिल करना भी बड़ी टेढ़ी खीर साबित होता है। सदस्यतों की मंजूरी के बाद ही यहां कोई आ सकता है।

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हर अंग के लिए उसी आकार के फल-सब्जी और अनाज, एक बार जानकर बच सकते हैं सैकड़ों बीमारियों से

यह कुदरत का करिश्मा है कि हमारे आसपास ऐसे फल, अनाज और सब्जियां हैं, जिनका आकार हमारे शरीर के किसी न किसी अंग से मिलता है और उन्हें खाने से शरीर विशेष की बीमारी होने का जोखिम कम किया जा सकता है। यही नहीं, अगर बीमारी हो जाए तो उसके ठीक होने की संभावना भी होती है।

हम जैसा खाते हैं वैसा ही होते हैं

यह प्राचीन मान्यता है कि हम जैसा खाते हैं, वैसा ही होते हैं। इसलिए सदियों से सात्विक भोजन पर जोर दिया जाता रहा है। अब आधुनिक शोधों से पता चल रहा है कि ये मान्यताएं बिल्कुल सही हैं। इसी क्रम में हम आपका उन अनाज, फल और सब्जियों से परिचय करा रहे हैं, जो शरीर के खास हिस्से के लिए फायदेमंद होते हैं और आपको सेहतमंद रखते हैं।

गाजर और रोशनी का रिश्ता

अखरोट के बारे में हम बता चुके हैं। इस क्रम में अगला नंबर गाजर का है। इसे काटकर देखिए तो यह बिल्कुल आंखों के बीच के गोल हिस्से की तरह दिखता है। तभी तो इसे खाने से आंखों की रोशनी ठीक रहती है। इसमें विटामिन और बीटा केरोटीन जैसे एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो आंखों की रोशनी को खराब होने से बचाते हैं।

स्तन कैंसर से क्यों बचाता है संतरा

संतरे को बीच के काटने पर जो आकृति उभरती है वह स्तन के मैमोग्राम से मिलती जुलती है। संतरे एवं साइट्रिक एसिड वाले इसी आकार के अन्य फलों में पाया जाने वाला लिमोनॉयड्स का प्रयोगशाला में जानवरों पर प्रयोग सफल रहा है और इससे कैंसर का असर करने में मदद मिली है।

दिल का दोस्त है टमाटर

टमाटर को काटने पर उसके अंदर से भी दिल की तरह चैंबर निकलते हैं। वैज्ञानिक शोधों से साबित हुआ है कि इसमें पाए जाने वाले लाइकोपिन नामक पदार्थ के कारण टमाटर खाने वालों से दिल की बीमारियां दूर रहती हैं। टमाटर में थोड़ा मक्खन, घी या कोई भी फैट मिलाकर खाने से लाइकोपिन का असर दस गुना तक बढ़ जाता है।

अदरक को ध्यान से देखिए

अदरक के फायदे के कायल लोग से इसके मुरीद है लेकिन कई लोग इसके स्वाद के कारण इससे कोसों दूर रहना पसंद करते हैं। खैर, कभी ध्यान से इसे देखिए। यह बिल्कुल आमाशय (स्टमक) की तरह दिखता है। अपने देश में तो इसके गुणों से हम सदियों से परिचित हैं, लेकिन यूएस ड्रग एडिमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) तक ने इसका लोहा मान लिया है। इसकी सूची में अदरक के तेल को अजीर्ण और उल्टी में इस्तेमाल के लिए रामबाण बताया गया है।

एक बींस का नाम किडनी बींस क्यों है

कभी आपने सोचा है कि राजमा और फ्रेंच बींस या इस परिवार के अन्य बींस का आकार किडनी की तरह क्यों होता है। क्योंकि इनके सेवन से किडनी सेहमंद रहती है। यहां तक कि एक बींस का नाम ही किडनी बींस है। इसमें फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम पाया है। फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है, जबकि मैग्नीशियम और पोटैशियम किडनी स्टोन की समस्या से बचाता है।

आपके चेहरे पर मुस्कान लाता है केला

केला शायद दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला फल है और इसे कंप्लीट फूड भी कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अंदर ट्रिप्टोफैन नामक एक प्रोटीन पाया जाता है जो केले के पचने के बाद सेरोटोनिन में बदल जाता है। यही सेरोटोनिन हमारे मूड को बुस्ट करता है। इसलिए, अगली बार जब भी आपका मूड डाउन हो तो उसे अप करने के लिए केला जरूर खाइएगा। शर्तिया फायदा होगा।

मशरूम भले न खाते हों लेकिन फायदा जान लीजिए

मशरूम को बीच के काटने पर यह बिल्कुल हमारे कान की तरह दिखता है। कान से ऊंचा सुनने वालों में मशरूम के सेवन से सुधार देखने को मिला है। कान के अलावा यह हड्डियों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें काफी मात्रा में विटामिन डी भी पाया जाता है।

जानिए, शकरकंद और पैंक्रियाज का रिश्ता

पैंक्रियाज का हमारे शरीर में काफी अहम रोल होता है। इस अंग का आकार शकरकंद से काफी मिलता-जुलता है। शोध से पता चला है कि शकरकंद में पाया जाने वाले तत्व पैंक्रियाज के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को ठीक रखते हैं जिससे यह अंग सामान्य रूप से काम करता है।

अस्थमा से क्यों बचाता है अंगूर

हमारे फेफड़े के अंदर अंगूर के आकार की कई थैलीनुमा ग्रंथियां होती हैं जो कॉर्बन डाइ ऑक्साइड और ऑक्सीजन के प्रवाह को नियंत्रित करती हैं। इन्हें एल्वियोली कहा जाता है। अंगूर के सेवन से फेफड़े के संक्रमण और एलर्जी से होने वाली अस्थमा जैसी बीमारियों से लड़ने में फायदा मिलता है।

प्याज के फायदे जान हो जाएंगे हैरान

प्याज को काटकर सलाद के रूप में खूब खाया जाता है। लोग इसे अलग-अलग आकार में काटते हैं, लेकिन गभी गोलाकार काटकर देखिए। यह आकार बिल्कुल इनसान की कोशिकाओं से मिलता है। शोधों से पता चला है कि प्याज में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल कोशिकाओं के अपशिष्ट पदार्थों की सफाई करते हैं और उन्हें स्वस्थ रखते हैं। हम सभी जानते हैं कि ये कोशिकाएं ही जीवन का आधार हैं। कोशिकाओं से ही मिलकर ऊतक (टिश्यू) बनते हैं और कई टिश्यू मिलकर ऑरगन यानी अंग का निर्माण करते हैं।

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जानिए कौन तय करता है ‘मैन ऑफ़ द मैच’

क्रिकेट मैच के दौरान या ख़त्म होते ही हम अंदाज़ा लगा लेते हैं कि किस खिलाड़ी को ‘मैन ऑफ़ द मैच’ मिलेगा. ज़्यादातर ये अंदाज़ा सही भी रहता है. जीतने वाली टीम की ओर से सबसे ज़्यादा रन बनाने या विकेट लेने वाले खिलाड़ी को ही ये पुरस्कार मिलता है. कुछ मामलों में हारने वाले टीम के भी खिलाड़ी को ‘मैन ऑफ़ द मैच’ मिल जाता है. ये तो तुक्के की बात हो गई, क्या आपको पता है कि ‘मैन ऑफ़ द मैच’ देने का फ़ैसला कौन लेता है?

ये जो कमेंटेटर होते हैं, जिनकी बारीक नज़र पर पूरे मैच पर होती है, जो खेल को अपने कमेंट्री से और ज़्यादा रोमांचक बना देते हैं.

ये वो लोग होते हैं जिनके पास खेल की अच्छी जानकारी होती है, इनमे से ज़्यादातर पुराने खिलाड़ी ही होते हैं. ‘मैन ऑफ़ द मैच’ चुनने का काम भी इन्हीं का होता है. सभी अन्य भाषाओं के कमंटेटर एक साथ बैठ कर ये फ़ैसला लेते हैं कि किसे आज के मैच के लिए ये पुरस्कार दिया जाए.

कभी-कभी कमंटेटर के अलावा मैच रेफ़्री और दूसरे वरिष्ठ खिलाड़ी भी ‘मैन ऑफ़ द मैच’ चुनने वाले पैनल का हिस्सा होते हैं.

बड़ी श्रृंख्ला जैसे चैंपियंस ट्रॉफ़ी या वर्ल्ड कप में ‘मैन ऑफ़ द मैच’ को चुनने के लिए अलग से पैनल तैयार किया जाता है.

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अमेजन एक ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप वाली दूसरी अमेरिकी कंपनी

amazon head quarter

अमेजन 1 ट्रिलियन डॉलर (71 लाख करोड़ रुपए) मार्केट कैप वाली अमेरिका की दूसरी और दुनिया की तीसरी कंपनी बन गई। इसका शेयर मंगलवार को 2% तेजी के साथ 2050.50 डॉलर पर पहुंच गया। इस बढ़त से मार्केट वैल्यू में इजाफा हुआ।

amazon jeff bezos

एपल दो अगस्त को 1 ट्रिलियन डॉलर की पहली अमेरिकी कंपनी बनी थी। अमेजन का मार्केट कैप एपल से 9900 करोड़ डॉलर कम है। एपल से पहले 2007 में शंघाई के शेयर बाजार में पेट्रोचाइना का मार्केट वैल्यूएशन 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े पर पहुंचा था।

दुनिया की टॉप-3 मार्केट कैप वाली कंपनियां

कंपनी मार्केट कैप (डॉलर)
एपल 1099 अरब
अमेजन 1000 अरब
माइक्रोसॉफ्ट 856 अरब

एक साल में शेयर 100% से ज्यादा चढ़ा: पिछले 12 महीने में अमेजन के शेयर ने 108% रिटर्न दिया। इस साल जनवरी से अब तक इसमें 74% तेजी आई। पिछले तीन महीने में निवेशकों को 20% और एक महीने में करीब 12% मुनाफा दिया।

21 साल में शेयर प्राइस बढ़कर 114 गुना: 15 मई 1997 को 18 डॉलर पर अमेजन के शेयर की लिस्टिंग हुई। मंगलवार की तेजी के बाद शेयर 2050 के ऊपर चला गया। आईपीओ में 1000 डॉलर के निवेश की वैल्यू अब 13 लाख 41 हजार डॉलर से भी ज्यादा हो गई।

तारीख शेयर प्राइस
15 मई 1997 18 डॉलर
23 अक्टूबर 2009 100 डॉलर
27 अक्टूबर 2017 1000 डॉलर
30 अगस्त 2018 2000 डॉलर

जेफ बेजोस दुनिया में सबसे अमीर: अमेजन के फाउंडर और सीईओ लंबे समय से दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में 166 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ बेजोस नंबर-1 हैं। शेयर में तेजी से इस साल उनकी दौलत में 66.5 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। बिलेनियर इंडेक्स में 98.1 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ बिल गेट्स दूसरे नंबर पर हैं। एशिया के सबसे अमीर मुकेश अंबानी 47.7 अरब डॉलर के साथ 12वें नंबर पर हैं।

 

अमेजन का सफर

1994 किताब बेचने से शुरुआत
मई 1997 अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टिंग
जून 1998 आईएमडीबी का अधिग्रहण

ऑनलाइन म्यूजिक स्टोर की शुरुआत

दिसंबर 2000 कैमरा, फोटो स्टोर शुरू किया

अमेजन मार्केटप्लेस लॉन्च

फरवरी 2005 अमेजन प्राइम लॉन्च
नवंबर 2007 अमेजन किंडल, अमेजन म्यूजिक शुरू
सितंबर 2011 किंडल फायर, किंडल टच, किंडल टच 3जी बाजार में उतारे
दिसंबर 2016 अमेजन वीडियो लॉन्च

ड्रोन सर्विस प्राइम एयर से पहली डिलीवरी

अगस्त 2017 13 अरब डॉलर में होल फूड्स का अधिग्रहण
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दुनिया के कई देशों को आधी कीमत पर पेट्रोल डीजल बेच रहा है भारत, जानिए कारण!

पंजाब के रोहित सभ्रवाल की आरटीआई से पता चला है कि मैंग्लोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमि. से 1 जनवरी 2018 से 30 जून 2018 के बीच पांच देशों – हांगकांग, मलेशिया, मॉरिशस, सिंगापुर और यूएई को 32 से 34 रुपए प्रति लीटर में रिफाइंड पेट्रोल और 34 से 36 रुपए में रिफाइंड डीजल बेचा गया। इस दैरान भारत में पेट्रोल की कीमत 69.97 रुपए से 75.55 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 59.70 रुपए से 67.38 रुपए प्रति लीटर रही।

– इन पांच देशों के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, ईराक, इजराइल, जॉर्डन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में भारत से रिफाइन्ड पेट्रोल-डीजल निर्यात किया जाता है।

देशवासियों पर 150 फीसद तक टैक्स

रोहित सभ्रवाल कहते हैं, बाकी देशों को भारत से भले ही बेहद सस्ता रिफाइंड पेट्रोल-डीजल मिल रहा हो, लेकिन यहां के लोगों पर 125 से 150 फीसद तक टैक्स लगाया जा रहा है। यही कारण है कि भारत के अधिकांश राज्यों में पेट्रोल 75 से 82 रुपए लीटर और डीजल 66 से 74 रुपए लीटर तक बेचा जा रहा है। ताजा खबर तो यह भी है कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लेने से इन्कार कर दिया है। यानी दाम कम होने की यह उम्मीद भी खत्म हो गई है।

यही 35.90 रुपए प्रति लीटर वाला कच्चा पेट्रोल रिफाइन करने के बाद भारत में 77 से 82 रुपए लीटर हो जाता है, क्योंकि इसमें करीब 19.48 रुपए की एक्साइज ड्यूटी, 16.47 रुपए प्रति लीटर का VAT, अन्य टैक्स और डीलर कमीशन शामिल हो जाता है। डीजल पर भी ये सभी टैक्स लगते हैं।

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श्रीकृष्ण से लेकर इंद्र तक से जुड़ी है रक्षाबंधन की कहानी, जानें क्यों मनाते हैं राखी

मुख्य रूप से रक्षाबन्धन को हिन्दू आैर जैन त्योहार के तौर पर मान्यता प्राप्त है। ये प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। सावन में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी या सलूनो भी कहते हैं। रक्षाबन्धन में राखी अर्थात रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व होता है। ये सूत्र कच्चे सूत से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, सोने आैर चाँदी जैसी मंहगी धातु तक से र्निमित हो सकते हैं। हांलाकि राखी सामान्यतः बहनें ही भाई को बांधती हैं परन्तु कर्इ स्थानों पर बेटियों द्वारा पिता या परिवार के बड़े लोगों को, ब्राह्मणों, आैर गुरुओं को भी बांधने की परंपरा है। राखी बांधने के पीछे मूल भावना प्रेम आैर रक्षा का आश्वासन ही होता है। कन्याएं अपने भार्इ आैर पिता को राखी इसी भावना के तहत बांधती हैं। राखी से जुड़ी कथायें भी इसी का संदेश देती हैं। राखी कैसे शुरू हुर्इ इससे जुड़ी इसी तरह की कर्इ कथायें बतार्इ जाती हैं।

भगवान विष्णु आैर बलि की कथा

कहते हैं कि भगवान विष्णु के प्रभाव से जब राजा बलि को पताल लोक में जाना पड़ा इससे देवताओं की रक्षा हुई तभी से हिंदू धर्मावलंबी रक्षाबंधन मनाते हैं। दूसरी आेर उसी समय बलि ने विष्णु जी से अपने साथ रहने का आर्शिवाद प्राप्त कर लिया आैर उससे अपने पति को वापस लाने आैर अपने साथ रखने के लिए माता लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधीं आैर बदले में अपने पति को वापस प्राप्त किया। तबसे राखी की परंपरा की शुरूआत मानी जाती है, क्योंकि इस तरह लक्ष्मी जी के सौभाग्य की रक्षा हुर्इ। बलि से जुड़ा ये श्लोक भी इसी की पुष्टि करता है। येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥

अर्थात जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुझे बांधता हूं। हे रक्षे मतलब राखी! तुम अडिग रहना यानि तू अपने संकल्प से कभी भी विचलित न हो।

इंद्र से जुड़ी कथा

भविष्यपुराण के अनुसार देवराज इंद्र जब देव दानव युद्घ में दानवों से पराजित हो रहे थे तो उनकी पत्नी इन्द्राणी द्वारा निर्मित रक्षासूत्र को देवगुरु बृहस्पति ने इन्द्र के हाथों बांधते हुए उपरोक्त श्लोक पढ़ा था जिसके चलते ना सिर्फ इंद्र की रक्षा हुर्इ थी बल्कि उनकी जीत भी हुर्इ थी। इसे भी रक्षाबंधन की शुरूआत कहा जाता है।

कृष्ण आैर युधिष्ठिर की कथा

स्कन्ध पुराण, पद्मपुराण और श्रीमद्भागवत में वामनावतार नामक कथा में भी रक्षाबन्धन का प्रसंग है ये कहा जाता है। इसी प्रकार मान्यता है कि द्वापर युग में ही युधिष्ठिर ने वासुदेव नंदन श्रीकृष्ण को राखी बांधी थी। उसी दिन से श्रावण पूर्णिमा के दिन यह रक्षा सूत्र बांधने की प्रथा चली आ रही है। अपनी इन्हीं विशेषताआें के चलते धागा धन, शक्ति, हर्ष और विजय देने वाला माना जाता है।