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दाऊद इब्राहिम करना चाहता है सरेंडर? उज्ज्वल निकम ने कहा, ‘बेगर्स हैव नो चॉइस’

 मुंबई में 1993 के बम धमाकों का आरोपी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की खोज कई देशों की पुलिस कर रही है. भारत दाऊद को गिरफ्तार करने के लिए हर हथकंडे अपना रहा है. लेकिन दाऊद कहां है, इस बारे में कोई पुख्ता खबर तक नहीं है, यहां तक कि वह जिंदा भी है या नहीं, इस बारे में भी अक्सर अटकलें उजागर होती रहती हैं.

सरेंडर करना चाहता है डॉन
इसी बीच एक खबर आ रही है कि दाऊद इब्राहिम भारत में सरेंडर करना चाहता है. दाऊद के वकील ने यह बात कही है. हालांकि दाऊद के वकील के दावों को देश के जाने-माने वकील और विशेष पब्लिक प्रोसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने इस बातों को हवाई करार दिया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम ने अपने वकील के मार्फत भारत में आत्मसमर्पण की पेशकश की है. इस पेशकश को झुठलाते हुए विशेष पब्लिक प्रोसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने कहा है कि यह दाऊद का पुराना स्टाइल है. उन्होंने कहा कि अब दाऊद के पास कोई रास्ता नहीं है, जिस तरह भिखारी के पास कोई चीज चुनने का विकल्प नहीं होता, इसी तरह दाऊद के पास बच निकलने का कोई रास्ता नहीं है.

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बेगर्स हैव नो चॉइस
हालांकि इन खबरों का खंडन करते हुए उज्ज्वल निकम ने कहा कि दाऊद के वकील को यह किसने बताया कि वह (दाऊद) सरेंडर करना चाहता है. यदि दाऊद ने अपने वकील से संपर्क किया है तो हमारी जांच एजेंसियों को उसका पता लगाना चाहिए. उन्होंने इन खबरों को एक अफवाह करार दिया है.

छोटा शकील ने ‘D’ कंपनी से नाता तोड़ा
पिछले दिनों खबर आई थी कि अंडरवर्ल्‍ड डॉन दाऊद इब्राहीम के बेहद विश्‍वस्‍त और दायां हाथ माने जाने वाले छोटा शकील ने ‘डी’ कंपनी से नाता तोड़ लिया है. छोटा शकील, दाऊद के गैंग में दूसरे नंबर की हैसियत रखता था और पिछले 30 सालों से डॉन का बेहद करीबी था. अबु सलेम को दाऊद इब्राहीम का बायां हाथ और छोटा शकील को दायां हाथ माना जाता था.

पाकिस्तान में रह रहा है दाऊद
पिछले साल मुंबई पुलिस ने दाऊद के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार किया था. पुलिस पूछताछ में इकबाल कासकर ने बताया कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में रह रहा है. उसने बताया कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम की सुरक्षा में 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी गई है. इकबाल ने बताया कि साल 2014 के बाद से पाकिस्तान के भीतर ही दाऊद इब्राहिम ने चार ठिकाने बदले हैं.

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पाकिस्तान पहुंची UN टीम, पर सईद ने भारत-US की कोशिशों के खिलाफ चला अपना दांव

मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की टीम के पैर रखने से पहले अपना दांव चल दिया है. इस टीम के पाक दौरे की वजह से हाफिज सईद को अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा था. बुधवार दोपहर को यह टीम पाकिस्तान पहुंची, लेकिन तब तक हाफिज खुद को सुरक्षित कर चुका था.

जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद ने इस टीम के दौरे की वजह से मंगलवार शाम को लाहौर हाई कोर्ट में अपील की कि उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए. कोर्ट ने हाफिज सईद की अपील सुनने के बाद उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.

सईद ने कहा था कि भारत और अमेरिका के दबाव में आकर पाकिस्तानी सरकार उसे फिर से गिरफ्तार कर सकती है. हाफिज की शिकायत के बाद कोर्ट ने पाकिस्तानी सरकार को हाफिज के खिलाफ कोई आशंकित कदम लेने से रोक दिया है.

जानकारी के मुताबिक यूएनएससी की 1267 सेंक्शंस कमेटी की निगरानी समिति बुधवार दोपहर को पाकिस्तान पहुंच गई. समिति यह देखने के लिए आई है कि पाकिस्तान यूएन के प्रतिबंधों को लागू कर रहा है या नहीं. पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि पाकिस्तानी सरकार यूएन की कमेटी को हाफिज सईद या उसके परिसरों तक नहीं जाने देगी.

इससे पहले, हाफिज ने मंगलवार शाम को ही हाफिज सईद ने अपने वकील एके डोगर के जरिए अदालत में याचिका देकर कहा था कि उसके या उसके संगठनों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए. उसने इस याचिका में अपने चैरिटी अस्पतालों और स्कूलों का भी हवाला दिया था.

आपको बता दें कि हाफिज सईद को पिछले साल नवंबर में ही नजरबंदी से रिहाई मिली है. इसके बाद से वह पाकिस्तानी राजनीति में आने की कोशिश में लगा है. उसने इसके लिए नई राजनीतिक पार्टी ‘मिल्ली मुस्लिम लीग’ भी बनाई है.

माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना हाफिज सईद के राजनीति में आने में उसकी मदद कर रही है. पिछले दिनों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा था कि पाकिस्तान में हाफिज सईद के खिलाफ कोई केस ही नहीं है तो उस पर कैसे कार्रवाई करें.

हाफिज का नाम 2008 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 1267 में शामिल किया गया था. वहीं अमेरिका ने जून 2014 में लश्कर-ए-तैयबा को विदेशी आतंकी संगठन करार दिया था.