Posted on

जब पस्‍त हुए चिकित्‍सक, तो काम आए योगगुरु

यह सच मध्‍यप्रदेश के एक छोटे जिले मंदसौर का है। योग ने मंदसौर के 50 से अधिक बुजुर्गों को 70 और 80 की उम्र में फिर से युवा बना दिया है। दशपुर कुंज, रामटेकरी और मेघदूत नगर में प्रतिदिन सुबह योग के लिए 200 से अधिक लोग जुटते हैं। इनमें ऐसे बुजुर्ग भी हैं, जो कुछ समय पहले चलने में मोहताज थे। अब युवाओं की तरह दौड़ लगा रहे हैं। शाजापुर में तो योग से पेरालिसिस तक ठीक होने का उदाहरण सामने आया है।

1- 70 के पारिख कर रहे हैं कमाल

मध्‍यप्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले दिनेशचंद्र पारिख 70 वर्ष के हैं। पारिख का कहना है कि हम योग के लाभ को शब्‍दों में बयां नहीं कर सकते । वो बताते हैं कि नौ साल पहले हम योग से जुड़े। इसके बाद योग साधना से कुछ लाभ दिखा और मेरी दिलचस्‍पी इसमें गहरी होती गई। धीरे-धीरे योग से शारीरिक और मानसिक लाभ मिला और आस्‍था पैदा होने लगी। उन्‍होंने कहा कि 2008 से मैं नियमित योग कर रहा हूं।

स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त पारिख बताते हैं कि घुटने में तकलीफ से सीढि़यां चढ़ना दूभर हो गया था। इस परेशानी से आजिज आकर मैंने एक साल पहले ही सेवानिवत्ति का मन बना लिया था। चिकित्सकों ने घुटने बदलने की सलाह दी। ऐसे में योग गुरु सुरेंद्र जैन के संपर्क में आकर योग शुरू किया। इससे चलना-फिरना आसान हो गया। छह माह में पैर ठीक हो गया।

2- अब सीढ़ियों पर दौड़ते हैं 70 वर्षीय पामेचा

इसी जिले के निवासी 70 वर्षीय पामेचा 10 वर्ष पूर्व योग से जुड़े। उनका योग में अपार विश्‍वास है। पमोचा कहते हैं कि वह दस वर्षों से निरंतर योगाभ्‍यास कर रहे हैं। उनका यह विश्‍वास अनायास नहीं है। योग से जुड़ने से पहले पोचा चलने-फ‍िरने में मोहताज थे। आज वह योगाभ्‍यास से दौड़ सकते हैं, सीढि़यों पर चढ़ सकते हैं। पामेचा कहते हैं कि 2008 में 70 वर्ष की उम्र में योग से जुड़ा, तब घर की सी़ढ़ियां एक पैर से ही चढ़ पाता था, दूसरा पैर काम नहीं करता था। योग शुरू करते ही पैर ठीक हो गया। मंदसौर के भंवरलाल पामेचा योग को जीवन के लिए हवा और भोजन की तरह ही जरूरी मानते हैं।

3- बीमा एजेंट यशपाल शर्मा पेरालिसिस ठीक हो गया

बीमा एजेंट यशपाल शर्मा को वर्ष 2001 में हार्ट अटैक हुआ। उनके दुखों का यहीं अंत नहीं हुआ। कुछ दिनों बाद वह पेरालिसिस से भी ग्रसित हो गए। यशपाल का कहना है कि वह तीन वर्षों तक चिकित्‍सकों से इलाज कराते रहे। इलाज में करीब 10 लाख रुपये भी खर्च हो गए। लेकिन स्थिति में कोई फर्क नहीं पड़ा। हमें कोई आराम नहीं मिला। यशपाल ने कहा कि हारा मन योग की शरण जा पहुंचा। योगाभ्‍यास से धीरे-धीरे आराम मिला। और मैं सालभर में पूरी तरह स्वस्थ हो गया। यशपाल अब योग में डिप्लोमा करने के बाद लोगों को योग सिखाने का काम कर रहे हैं।

4- रीतेश के जीवन में योग से फैला उजियारा

शहडोल निवासी रीतेश मिश्रा के जीवन में योग ने उजियारा फैलाया। रीतेश का कहना है कि छह साल की उम्र में ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी चली गई थी। उन्‍होंने बताया कि मैं लगातार 14 साल तक योग कर रोशनी वापस लाने में कामयाब हुआ हूं। मुझे 80 प्रतिशत चीजें नजर आ जाती हैं। मार्कर से लिखे बड़े अक्षर पढ़ लेता हूं। मोबाइल को भी नजदीक से देखकर चला लेते हैं। रीतेश की तारीफ योग गुर बाबा रामदेव भी करते हैं। रीतेश बताते हैं कि बाबा रामदेव से मेरी पहली मुलाकात रीवा में 2008 में हुई थी। इसके बाद योग के प्रति लगाव पैदा हुआ।

रीतेश ने कहा पहले माता-पिता (सीमा मिश्रा व देवानंद मिश्रा) टीवी पर आसन देखकर योग कराते थे। मेरे माता-पिता मुझे लेकर काफी चिंतित थे। खासकर मेरी शिक्षा को लेकर। लेकिन समस्‍याओं के बावजूद रीतेश ने उच्‍च शिक्षा पूरी की। अब वह लोगों को योग सिखा रहे हैं। हाई प्रोफाइल लोगों की योग कक्षा पुलिस लाइन में सुबह साढ़े पांच बजे से शुरू हो जाती है। वेलफेयर फंड से इन्हें कुछ राशि बतौर मेहनताना मिलती है। इनकी योग कक्षा में शामिल रहने वालों में पुलिस अफसर, जज, डॉक्टर, सीए, इंजीनियर्स शामिल हैं।

बता दें कि 21 जून का पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। इसके अलावा 150 से अधिक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। पूरे देश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए करीब 5000 आयोजन हो रहे हैं।

Posted on

बालों की सेहत के लिए हर किसी को खानी चाहिए ये विशेष चीजें

आइए जानते हैं ऐसी चीजों के बारे में जिन्हें खाने से आपके बाल ना केवल स्वस्थ रहेंगे बल्कि खूबसूरत और चमकीले भी नजर आएंगे.

पालक-
अगर आप शाकाहारी हैं तो पालक से बेहतर बालों के लिए कोई चीज हो ही नहीं सकती है. पालक आयरन, विटामिन ए, सी औऱ प्रोटीन का बढ़िया स्रोत होता है. आय़रन की कमी से ही सबसे ज्यादा बाल झड़ते हैं. पालक केवल आयरन से ही भरपूर नहीं होता है बल्कि इसमें सेबम भी होता है जो बालों के लिए प्राकृतिक कंडीशनर माना जाता है. इसमें ओमेगा-3 एसिड, मैग्नीशियम, कैल्शियम और आयरन भी मौजूद होता है. इससे स्कैल्प हेल्दी और बाल स्वस्थ रहते हैं.

अंडा और दुग्ध उत्पाद-
बालों की ग्रोथ के लिए और मोटे-घने बालों के लिए अंडा व दुग्ध उत्पाद बहुत जरूरी हैं. दूध, योगर्ट और अंडे में कई सारे जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, विटामिन बी12, आयरन, जिंक और ओमेगा 6 फैटी एसिड्स होते हैं. दुग्ध उत्पाद बियोटीन (विटामिन बी7) का भी अच्छा स्रोत है जो बालों को झड़ने से रोकता है.

नट्स-
बालों को झड़ने से रोकने के लिए अपनी डाइट में नट्स को शामिल कीजिए.  खासकर अखरोट इकलौता ऐसा नट है जिसमें बियोटीन, बी विटामिन्स, विटामिन ई और प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और मैग्नीशियम होता है. ये सभी बालों को मजबूत बनाते हैं.

अमरूद-
ये तो आप जानते ही होंगे कि बालों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन सी कितना जरूरी होता है. विटामिन सी बालों को पतला होने से रोकता है. अमरूद में संतरे से भी ज्यादा विटामिन सी होता है. इसकी पत्तियों में भी विटामिन बी और सी होता है जो बालों की ग्रोथ के लिए जरूरी कोलाजेन ऐक्टिविटी को बढ़ाने में मदद करता है.

दालें-
दालें प्रोटीन, आय़रन, जिंक, बायोटिन का भंडार होती हैं जोकि बालों के लिए जरूरी पोषक तत्व होते हैं. इसके अलावा दालें फोलिक एसिड का भी खजाना हैं. फोलिक एसिड लाल रक्त कोशिकाओं को दुरुस्त करती है जिससे स्किन और स्कैल्प को जरूरी ऑक्सीजन उपलब्ध हो पाती है और बाल टूटना रुक जाता है.

जौ- जौ में खूब विटामिन ई होता है जो पतले बालों को ठीक करने में मदद करता है. जौ में आयरन और कॉपर भी होता है जो रेड ब्लड सेल्स का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है.

चिकन-
चिकन प्रोटीन का अच्छा स्रोत है लेकिन अगर आप शाकाहारी हैं तो आप टोफू और पीनट्स से इसकी भरपाई कर सकते हैं.

अलसी का बीज-
अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होता है. आपका शरीर जरूरी फैटी एसिड का उत्पादन नहीं कर पाता है इसलिए आपको अपने आहार से इसकी आपूर्ति करनी चाहिए. अलसी का बीज सबसे बढ़िया विकल्प है.

गाजर-
गाजर केवल आंखों की रोशनी के लिए ही नहीं बल्कि आपके बालों के लिए भी बहुत जरूरी है. इनमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए होता है जो नैचुरल कंडीशनर का काम करता है और आपके बालों को झड़ने से रोकता है.

विटामिन सी की खुराक के लिए खट्टे फल-
आपके शरीर को आयरन के अवशोषण के लिए विटामिन सी की जरूरत होती है इसलिए आपको अपनी डाइट में साइट्रस फ्रूट्स को जरूर शामिल करना चाहिए. न्यूट्रिशनिस्ट का सुझाव है कि एक गिलास नींबू पानी भी पर्याप्त साबित होगा.

इसके अतिरिक्त स्वीट पोटैटो भी विटामिन ए का अच्छा स्रोत है. बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

 

Posted on

अमेरिका: पूर्व छात्र ने गुस्से में स्कूल में की अंधाधुंध गोलीबारी, 17 की मौत; 14 घायल

अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित हाईस्कूल में एक पूर्व छात्र ने अचानक फायरिंग कर दी। इस हमले में 17 लोगों के मारे जाने की खबर है और 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। भारतीय समयानुसार घटना  देर रात हुई। स्थानीय पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के कर्मी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

यह घटना पार्कलैंड के मार्जरी स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल में हुई। यह शहर मियामी से 80 किलोमीटर उत्तर की ओर है। गोलीबारी के दौरान छात्र बुरी तरह डर गए थे और चीखने लगे थे। उन्होंने अपने दोस्तो और परिवार के लोगों को बचाने के लिए संदेश भेजे।

आरोपी छात्र की पहचान 19 साल के निकोल्स क्रूज के रुप में की गई है। क्रूज इसी स्कूल में पढ़ता था। कुछ दिन पहले ही उसकी गलत आदतों और गलत व्यवहार के कारण उसे स्कूल से निकाल दिया गया था जिसके बाद से वह गुस्सा में था। आरोपी छात्र के पास स्कूल से संबंधित सभी जानकारी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पहले स्कूल का फायर अलार्म बजाया। फायर अलार्म बजते ही स्कूल में अफरा तफरी मच गई जिसके बाद आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी छात्र ने इस वारदात में AR-15 असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया।

ब्रोवर्ड काउंटी स्कूल के सुपरिटेंडेंट रॉबर्ट रुन्सी ने कहा कि घटनास्थल पर स्थिति भयावह है। उन्होंने कहा कि स्कूल के पास संभावित हमलावर की कोई जानकारी नहीं थी। बंदूकधारी हमलावर ने चुपचाप पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया। हमले में घायल 14 लोगों को इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अमेरीकी टीवी चैनलों के अनुसार स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के परिवार के लोग बड़ी संख्या में पुलिस परिसर के बाहर जमा हो गए हैं और अपने बच्चों की सुरक्षा में जुटे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्वीट कर अपनी संवेदनाएं जतायीं। उन्होंने कहा, ‘मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं फ्लोरिडा में हुई गोलीबारी में पीड़ितों के साथ हैं।’