Posted on

दुनिया की 10 सबसे ताकतवर हस्तियों में शुमार हुए नरेंद्र मोदी, No. 1 पर चिनफिंग

प्रतिष्ठित फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम नरेंद्र मोदी दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली नेताओं की सूची में शुमार हो गए हैं. फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम मोदी नौवें स्‍थान पर काबिज हैं. इस सूची में चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग पहली बार पहले स्‍थान पर काबिज हुए हैं. वह रूसी नेता व्‍लादिमीर पुतिन को हटाकर पहले स्‍थान पर पहुंचे हैं. फोर्ब्‍स 2018 लिस्‍ट में दुनिया को चलाने वाले सबसे ताकतवर 75 नामों को शामिल किया गया है. फोर्ब्‍स ने लिस्‍ट जारी करते हुए कहा, ”दुनिया में करीब 7.5 अरब लोग हैं लेकिन ये 75 लोग दुनिया को चलाते हैं. फोर्ब्‍स की वार्षिक रैंकिंग में हर एक अरब में से एक ऐसे व्‍यक्ति को चुना जाता है जिनके एक्‍शन सबसे ज्‍यादा मायने रखते हैं.”

पीएम नरेंद्र मोदी
फोर्ब्स ने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश (भारत) में “बेहद लोकप्रिय बने हुए हैं.” इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए मोदी सरकार के नवंबर 2016 के नोटबंदी के फैसले का हवाला दिया गया है. हाल के वर्षों में पीएम मोदी ने आधिकारिक यात्रा के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप और शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की और वैश्विक नेता के रूप में अपनी पहचान बढ़ाई है. इसके अलावा वह जलवायु परिवर्तन से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयास में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे हैं.

mukesh ambani
PM मोदी के अलावा मुकेश अंबानी लिस्‍ट में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय हैं.(फाइल फोटो)

मुकेश अंबानी
रिलांयस इडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस सूची में पीएम मोदी के अलावा स्थान पाने वाले एकमात्र भारतीय हैं. वहीं, माइफ्रोसॉफ्ट के सीईओ भारतीय मूल के सत्या नाडेला को 40वें पायदान पर रखा गया है. अंबानी पर फोर्ब्स ने कहा कि अरबपति उद्योगपति ने 2016 में भारत के अति-प्रतिस्‍पर्द्धी बाजार में 4-G सेवा जियो शुरू करके कीमत की जंग छेड़ दी.

शी जिनपिंग
जिनपिंग ने पिछले लगातार चार वर्ष तक इस सूची में शीर्ष पर चले आ रहे पुतिन को दूसरे स्थान पर धकेल दिया है. सूची में तीसरे पायदान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चौथे पर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और पांचवें पर अमेजन प्रमुख जैफ बेजोस हैं. पीएम मोदी के बाद फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग(13वें), ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे(14), चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग(15), एपल के सीईओ टिम कुक(24) को रखा गया है. इस वर्ष सूची में 17 नए नामों को शामिल किया गया है, इसमें सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद (8वें ) भी हैं. सूची में पोप फ्रांसिस(6), बिल गेट्स(7), फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों(12), अलीबाबा के प्रमुख जैक मा(21) भी शामिल हैं.

Posted on

जानें, महिषासुर मर्दिनी कात्यायनी माता के जन्म का रहस्य

आज नवरात्रि का छठा दिन है और इस दिन देवी मां के छठे स्वरूप यानी मां कात्यायनी की उपासना होती है.

कहते हैं कि जिसने मां कात्यायनी को प्रसन्न करके उनकी कृपा प्राप्त कर ली, उसमें असंभव को भी संभव करने की शक्ति आ जाती है. मां कात्यायनी के भक्त दृढ़ प्रतिज्ञ होते हैं और अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करते हैं.

आज हम आपको मां कात्यायनी से जुड़े अद्भुत रहस्यों के बारे में बताएंगे, लेकिन सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर मां कात्यायनी का स्वरूप कैसा है…

मां कात्यायनी का शरीर स्वर्ण के समान चमकीला है. चार भुजाओं वाली मां कात्यायनी की सवारी सिंह हैं. मां के एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में उनका प्रिय पुष्प कमल है. बाकी दो हाथ वरमुद्रा और अभयमुद्रा में सुशोभित होते हैं.

कहते हैं मां कात्यायनी की उपासना से भक्तों को अमोघ फल प्राप्त होता है. यानी मां की उपासना का फल कभी नष्ट नहीं होता. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर मां कात्यायनी की उत्पत्ति कैसे हुई और देवी के इस स्वरूप का नाम कात्यायनी क्यों पड़ा. आइए हम आपको बताते हैं…

मां कात्यायनी के जन्म का रहस्य

एक वन में कत नाम के एक महर्षि रहते थे. उनका एक पुत्र था, जिसका नाम कात्य रखा गया. कात्य गोत्र में ही महर्षि कात्यायन का जन्म हुआ, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी.

उनकी तीव्र कामना थी कि मां भगवती उनको पुत्री के रूप में प्राप्त हों. इसके लिए महर्षि कात्यायन ने देवी पराम्बा की कठोर तपस्या की. महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी पराम्बा ने उन्हें वरदान दिया और उनकी पुत्री के रूप में प्रकट हुईं.

महर्षि कात्यायन की पुत्री होने के कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा. मां कात्यायनी ने ही आगे चलकर राक्षस महिषासुर का वध किया था.

पूजन विधि

– पीले या लाल वस्त्र धारण करके मां कात्यायनी की पूजा करना उत्तम होगा

– मां कात्यायनी को पीले सुगंधित फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करें

– मां को शहद अर्पित करना विशेष शुभ होता है

– इसके बाद मां कात्यायनी के मन्त्र का जाप करें

इस मंत्र का करें जाप…

चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना|

कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि||