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अफगानिस्तान ने लगाई शर्मनाक रिकॉर्ड्स की झड़ी, तोड़ा 90 साल का रिकॉर्ड

अफगानिस्तान की टीम ने इस मैच की अपनी पहली पारी में 109 रन बनाने के लिए सिर्फ 27.5 ओवर तक बल्लेबाज़ी की। इसी के साथ अफगानिस्तान ने पहला टेस्ट मैच में सबसे कम ओवर बल्लेबाज़ी करने का रिकॉर्ड भी बना दिया। अफगानिस्तान से पहले ये रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम था। बांग्लादेश की टीम ने अपने पहले टेस्ट की दूसरी पारी मेंं 46.3 ओवर बल्लेबाज़ी की थी। बांग्लादेश से पहले ये रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड के नाम था जो अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में 47.1 ओवर में ही सिमट गई थी।

भारत ने पहली पारी में 474 रन बनाए थे और इसके जवाब में अफगानिस्तान अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 109 रनों पर सिमट गई। इस लिहाज़ से भारत को 365 रन की बढ़त मिली और फिर टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने का न्यौता दिया। पहले टेस्ट मैच में फॉलोऑन खेलते हुए ये किसी भी टीम पर बनाई गई सबसे बड़ी बढ़त रही। इससे पहले 1928 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच खेले गए मैच में इंग्लिश टीम ने कैरिबियाई टीम पर 224 रन की बढ़त बनाई थी। वो टेस्ट मैच लॉर्ड्‍स के मैदान पर खेला गया था और वो वेस्टइंडीज़ का पहला टेस्ट मैच था।

चिन्नास्वामी में अफगानिस्तान की टीम द्वारा बनाया गया 109 रन टेस्ट की एक पारी में सबसे कम रन हैं। इससे पहले 2017 में बेंगलुरु के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम के नाम इस मैदान पर सबसे कम रन बनाने का रिकॉर्ड था। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम सिर्फ 112 रन बनाकर सिमट गई थी।

पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआन खेलने पर मजबूर कर दिया और दूसरी पारी में मेहमान टीम 38.4 ओवर में सिर्फ 103 रन पर ऑल आउट हो गई। टेस्ट मैच में ये भारत की सबसे बड़ी जीत थी। इससे पहले भारत ने वर्ष 2017 में बांग्लादेश को पारी और 239 रन से हराया था। इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों और उसके बाद गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन रहा। शिखर धवन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस मैच में विराट की जगह रहाणे ने कप्तानी की थी और उनकी अगुआई में भारतीय टीम ने इस एतिहासिल टेस्ट मैच में जीत हासिल की। इस टेस्ट मैच के जरिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले अफगानिस्तान को भारत ने एक पारी और 262 रन से हराया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत ने पहली बार किसी टीम के खिलाफ सिर्फ दो दिनों में ही टेस्ट मैच जीतकर खिताब पर कब्जा किया।

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वॉटसन ने रचा IPL का नया इतिहास

IPL 2018 के फाईनल मैच में वॉटसन जब अपनी पारी की शुरुआत करने आए तब वो 10 गेंदों के बाद यानी 11वें गेंद पर अपना खाता खोला और इसके बाद ऐसी पारी खेली की टीम को फाइनल में जीत दिला दी। शेन वॉटसन ने इस आइपीएल में अपना दूसरा शतक लगाया। शेन के शतक के दम पर चेन्नई ने तीसरी बार आइपीएल का खिताब अपने नाम किया।

वॉटसन ने रचा इतिहास
चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज शेन वॉटसन का खतरनाक रूप हैदराबाद के खिलाफ फाइनल मैच में देखने को मिला। उन्होंने गेंदों 51 पर अपना शतक पूरा किया। वॉटसन ने हैदराबाद के खिलाफ 57 गेंदों पर नाबाद 117 रन की पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। शेन वॉटसन आइपीएल इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए जिन्होंने रन चेज करते हुए शतक लगाया। वॉटसन ने अपनी शतकीय पारी के दौरान 11 चौके और 8 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 205.26 का रहा।

ठोका आइपीएल का दूसरा शतक
शेन वॉटसन इस आइपीएल में दो शतक लगाने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। इस मैच से पहले उन्होंने लीग मुकाबले में राजस्थान के खिलाफ 106 रन की पारी खेली थी। इसके बाद फाइनल मुकाबले में उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 117 रन बनाए।

आइपीएल 2018 में शेन का सफर
शेन वॉटसन की बल्लेबाजी की बात करें तो उन्होंने आइपीएल में खेले 15 मैचों में 39.64 की औसत से 555 रन बनाए। रन बनाने के मामले में आइपीएल में पांचवें नंबर पर रहे। वॉटसन ने 15 मैचों में 2 शतक और 2 अर्धशतक लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 154.59 का रहा। वॉटसन ने इस आइपीएल में 44 चौके और 35 छक्के लगाए। हालांकि गेंदबाजी में वो कुछ खास नहीं कर पाए और सिर्फ 6 विकेट ही ले सके।

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दुनिया की 10 सबसे ताकतवर हस्तियों में शुमार हुए नरेंद्र मोदी, No. 1 पर चिनफिंग

प्रतिष्ठित फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम नरेंद्र मोदी दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली नेताओं की सूची में शुमार हो गए हैं. फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम मोदी नौवें स्‍थान पर काबिज हैं. इस सूची में चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग पहली बार पहले स्‍थान पर काबिज हुए हैं. वह रूसी नेता व्‍लादिमीर पुतिन को हटाकर पहले स्‍थान पर पहुंचे हैं. फोर्ब्‍स 2018 लिस्‍ट में दुनिया को चलाने वाले सबसे ताकतवर 75 नामों को शामिल किया गया है. फोर्ब्‍स ने लिस्‍ट जारी करते हुए कहा, ”दुनिया में करीब 7.5 अरब लोग हैं लेकिन ये 75 लोग दुनिया को चलाते हैं. फोर्ब्‍स की वार्षिक रैंकिंग में हर एक अरब में से एक ऐसे व्‍यक्ति को चुना जाता है जिनके एक्‍शन सबसे ज्‍यादा मायने रखते हैं.”

पीएम नरेंद्र मोदी
फोर्ब्स ने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश (भारत) में “बेहद लोकप्रिय बने हुए हैं.” इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए मोदी सरकार के नवंबर 2016 के नोटबंदी के फैसले का हवाला दिया गया है. हाल के वर्षों में पीएम मोदी ने आधिकारिक यात्रा के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप और शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की और वैश्विक नेता के रूप में अपनी पहचान बढ़ाई है. इसके अलावा वह जलवायु परिवर्तन से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयास में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे हैं.

mukesh ambani
PM मोदी के अलावा मुकेश अंबानी लिस्‍ट में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय हैं.(फाइल फोटो)

मुकेश अंबानी
रिलांयस इडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस सूची में पीएम मोदी के अलावा स्थान पाने वाले एकमात्र भारतीय हैं. वहीं, माइफ्रोसॉफ्ट के सीईओ भारतीय मूल के सत्या नाडेला को 40वें पायदान पर रखा गया है. अंबानी पर फोर्ब्स ने कहा कि अरबपति उद्योगपति ने 2016 में भारत के अति-प्रतिस्‍पर्द्धी बाजार में 4-G सेवा जियो शुरू करके कीमत की जंग छेड़ दी.

शी जिनपिंग
जिनपिंग ने पिछले लगातार चार वर्ष तक इस सूची में शीर्ष पर चले आ रहे पुतिन को दूसरे स्थान पर धकेल दिया है. सूची में तीसरे पायदान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चौथे पर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और पांचवें पर अमेजन प्रमुख जैफ बेजोस हैं. पीएम मोदी के बाद फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग(13वें), ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे(14), चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग(15), एपल के सीईओ टिम कुक(24) को रखा गया है. इस वर्ष सूची में 17 नए नामों को शामिल किया गया है, इसमें सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद (8वें ) भी हैं. सूची में पोप फ्रांसिस(6), बिल गेट्स(7), फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों(12), अलीबाबा के प्रमुख जैक मा(21) भी शामिल हैं.

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Avengers ने Box Office पर मचाई तबाही, दुनिया के कई रिकॉर्ड ध्वस्त

आपने बॉक्स ऑफ़िस पर बड़े उथल-पुथल देखे होंगे। कमाई का तूफ़ान और सुनामी भी देखी होगी लेकिन डेढ़ दर्जन सुपरहीरोज़ से लैस एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर ने तीन दिन में भारतीय बॉक्स ऑफ़िस पर जिस तरह से करोड़ों बटोरे हैं वो आपको हैरान करने के लिए काफ़ी हैं।

एंथोनी और जो रूसो के निर्देशन में बनी एवेंजर्स- इनफिनिटी वॉर ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर पहले वीकेंड में 94 करोड़ 30 लाख रूपये का विशाल कलेक्शन कर लिया है। हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने अपनी रिलीज़ के तीसरे  32 करोड़ 50 लाख रूपये का कलेक्शन किया जो तीन दिनों में सबसे ज़्यादा है। फिल्म ने दूसरे दिन 30 करोड़ करोड़ 50 लाख रूपये का कलेक्शन किया और एवेंजर्स ने पहले ही दिन 31 करोड़ 30 लाख का कलेक्शन कर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। रॉबर्ट डाउनी जूनियर, क्रिस हेम्सवर्थ, मार्क रुफालो, बेनेडिक्ट कम्बरबैच, सबस्टियन स्टान, क्रिस इवांस,स्कारलेट जोहेनसन और चैडविक बोसमैन जैसे बड़े सितारों से सजी ये फिल्म करीब 300 मिलियन डॉलर में बनाई गई और इसे भारत में 2000 से अधिक स्क्रीन्स में रिलीज़ किया गया, जिसमें से एक हजार के करीब थियेटर्स में ये फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु के डब वर्जन में देखने मिल रही है । एवेंजर्स पहले ही इस साल की इंडियन बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी ओपनर बन चुकी है , जिसने बाग़ी 2 के 25 करोड़ 10 लाख रूपये के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया।

उधर दुनिया भर में एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर का जलवा हैl बिना चीन में रिलीज़ हुए फिल्म ने दुनिया भर से एक वीकेंड में 630 मिलियन डॉलर की कमाई कर एक नया विश्व कीर्तिमान बना दिया है l अकेले अमेरिका में भी फिल्म ने 250 मिलियन डॉलर का कलेक्शन किया है जो स्टारवार्स –द फ़ोर्स अवेकंस से अधिक है l यही नहीं फिल्म ने दुनिया भर में भी एक रिकॉर्ड बनाया है l इससे पहले एक वीकेंड में द फेट ऑफ द फ्यूरियस को 541.9 मिलियन डॉलर की कमाई हुई थी l

एवेंजर्स ने कई सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। इनमें फ़ास्ट एंड फ्यूरियस 7 का एक वीकेंड का 50 करोड़ 11 लाख रूपये का और जंगल बुक का एक हफ़्ते में कमाया गया 74 करोड़ करोड़ 63 लाख रूपये का कलेक्शन भी शामिल है। उम्मीद की जा रही है कि ये फिल्म सोमवार के कलेक्शन के साथ फास्ट एंड फ्यूरियस 7 के लाइफ़ टाइम कलेक्शन 108 करोड़ को तोड़ देगी।   

अगर घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर भारतीय फिल्मों की बात करें तो इस साल आई पद्मावत के तीन दिन के कलेक्शन 78 करोड़ और बाग़ी 2 के 73 करोड़ 10 लाख रूपये की कमाई को ये फिल्म पीछे छोड़ चुकी है। बाग़ी 2 के 165 करोड़ रूपये के कलेक्शन को पीछे छोड़ना भी इस फिल्म के लिए मामूली बात लग रही है। हालांकि फिल्म सुल्तान, प्रेम रतन धन पायो और बाहुबली 2 के पहले वीकेंड के कलेक्शन को पीछे नहीं छोड़ पाई। 

माना रहा है कि देश में सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी के चलते 15 से 20 करोड़ रूपये का कलेक्शन हो सकता है।  फिल्म को एक मई को मे डे की छुट्टी का भी भरपूर फ़ायदा मिलेगा।

हालांकि फिलहाल ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दूसरे दिन सबसे अधिक कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्म बन गई है। अब जंगल बुक (13.51 करोड़) दूसरे, एवेंजर्स- एज ऑफ़ अल्ट्रॉन (11.95 करोड़) तीसरे, फास्ट एंड फ्यूरियस 8 ( 9.75 करोड़ ) चौथे और कैप्टन अमेरिका सिविल वॉर (8.79 करोड़) पांचवे नंबर पर है।

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हैदराबाद ने राजस्थान को आइपीएल के चौथे मुकाबले में 9 विकेट से हराया

आइपीएल 2018 के चौथे मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला खेला गया। जिसमें हैदराबाद ने राजस्थान को 9 विकेट से शिकस्त दी।

इस मैच में हैदराबाद के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान की टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट से नुकसान पर 125 रन बनाए। 126 रन का पीछा करने उतरी हैदराबाद की टीम ने 15.5 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 127 रन बनाकर यह मुकाबला 9 विकेट से जीत लिया।

शिखर धवन ने बनाया शानदार अर्धशतक

126 रन का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत अच्छी नहीं रही उसके सलामी बल्लेबाज रिद्धिमान साहा मात्र 6 रन के स्कोर पर उनाद्कट का शिकार बने इसके बाद टीम की कमान दूसरे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने संभाली धवन ने दूसरे विकेट के लिये केन विलियम्न्सन के साथ 87 गेंदों पर 121 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को शानदार जीत दिलाई। इस जीत के नायक बने हैदराबाद के अोपनर बल्लेबाज शिखर धवन। धवन ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शानदार अर्धशतक बनाया उन्होंने 57 गेंदों का सामना कर नाबाद 77 रन की पारी खेली।

जयदेव उनाद्कट ने दिया पहला झटका

सनराइजर्स हैदराबाद टीम के सलामी बल्लेबाज रिद्धिमान साहा मात्र 5 रन बनाकर जयदेव उनाद्कट की गेंद पर बेन लॉघिन को कैच दे बैठे इस समय टीम का कुल स्कोर मात्र 6 रन ही था।

नहीं चले रहाणे व बेन स्टोक्स

पहली पारी में राजस्थान को पहला झटका पहले ओवर की आखिरी गेंद पर ही लग गया। रन लेने के चक्कर में डॉर्सी शॉर्ट और रहाणे के बीच तालमेल की कमी का फायदा हैदराबाद के फील्डर ने उठाया और डॉर्सी 4 रन बनाकर रन आउट हो गए। कप्तान रहाणे का बल्ला नहीं चल पाया और वो 13 रन बनाकर सिद्धार्थ कौल की गेंद पर राशिद खान के हाथों लपके गए। बेन स्टोक्स भी अपने बल्ले का कमाल नहीं दिखा पाए और सिर्फ 5 रन बनाकर स्टेनलेक की गेंद पर केन विलियमसन के हाथों लपके गए। राहुल त्रिपाठी 17 रन बनाकर शाकिब अल हसन की गेंद पर मनीष पांडे के हाथों लपके गए। संजू सैमसन एक रन से अपने अर्धशतक से चूक गए। 49 रन पर शाकिब की गेंद पर वो अपना कैच राशिद खान को थमा बैठे। जोस बटलर को राशिद खान ने 6 रन पर बोल्ड कर दिया। श्रेयस गोपाल 18 रन पर यूसुफ पठान के हाथों भुवनेश्वर की गेंद पर लपके गए। जयदेव उनादकट एक रन बनाकर रन आउट हो गए। धवल कुलकर्णी तीन रन जबकि बेन लौघलिन एक रन बनाकर नाबाद रहे।

हैदराबाद की तरफ से शाकिब अल हसन और सिद्धार्थ कौल ने दो-दो जबकि भुवनेश्वर कुमार, बिली स्टेनलेक और राशिद खान ने एक-एक विकेट लिए।

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Hero ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 2017-18 में बिके 75 लाख टू-व्हीलर्स

देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प की बिक्री का आंकड़ा बीते वित्त वर्ष 2017-18 में 75 लाख पार कर गया. कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि हीरो मोटोकॉर्प वैश्विक स्तर पर यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली कंपनी है. कंपनी ने 2016-17 में कुल 66.6 लाख मोटरसाइकल्स और स्कूटर बेचे थे.

अधिकारी ने कहा कि वित्त वर्ष समाप्त होने से तीन दिन पहले 28 मार्च को एक विश्व रिकॉर्ड बना. कंपनी ने 75 लाख टू-व्हीलर्स के बिक्री आंकड़े को पार कर लिया. अधिकारी ने कहा कि कंपनी 2020 तक एक करोड़ यूनिट्स की सालाना बिक्री के लक्ष्य को पाने की ओर अग्रसर है.

अधिकारी ने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी अगले वित्त वर्ष में कई नई बाइक्स उतारेगी. उन्होंने कहा, ‘हम वित्त वर्ष 2018-19 में प्रीमियम और स्कूटर कैटेगरी में चार मॉडल- Xtreme 200R और XPulse मोटरसाइकिल और Duet 125 और Maestro Edge 125 स्कूटर उतारने की तैयारी में हैं. कंपनी ने हाल में तीन नई बाइक Passion PRO, Passion XPRO और Super Splendor उतारी हैं.

कंपनी ने Xtreme 200R मोटरसाइकल को जनवरी में पेश किया था. हालांकि इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया गया था. इस बाइक में 200cc का सिंगल सिलिंडर एयर कूल्ड इंजन दिया गया है. इस इंजन को ट्रांसमिशन के लिए 5 स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है. ये इंजन 18.4bhp का पावर और 17Nm का पिक टॉर्क जेनरेट करेगा. कंपनी के दावे के मुताबिक इस बाइक की टॉप स्पीड 114 किलोमीटर प्रतिघंटे है. ये बाइक 0 से 60 प्रति घंटे की स्पीड पकड़ने में महज 4.6 सेकंड का समय लेगी.

फीचर्स की बात करें तो इस बाइक में LED DRLs , LED से लैस टेललाइट, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल और अलॉय व्हील्स दिए गए हैं. बाइक को तैयार करते वक्त इसकी परफॉर्मेंस और ब्रेकिंग का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है. Xtreme 200R के फ्रंट पार्ट में टेलिस्कोपिक सस्पेंशन और रियर सेक्शन में मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है. साथ ही इस बाइक के दोनों व्हील्ज पर कंपनी ने डिस्क ब्रेक के अलावा ABS भी दिया है.
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IND vs BAN: ट्राई सीरीज के दूसरे मैच में भारत ने बांग्लादेश को 6 विकेट से हराया

भारत और बांग्लादेश के बीच ट्राई सीरीज़ का दूसरा मुकाबला खेला गया। भारत ने इस मैच में बांग्लादेश को 6 विकेट से हरा दिया। इस मैच में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया। मैच की पहली पारी में पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 139 रन बनाए। जवाब में 140 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 18.4 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत की ओर से शिखर धवन ने 55 रनों की बेहतरीन पारी खेली। मनीष पांडे 27 रन और दिनेश कार्तिक 2 रन बनाकर नाबाद लौटे।

फिर नहीं चला रोहित और ऋषभ का बल्ला

इस मैच में भी रोहित शर्मा 17 रन बनाकर मुस्तिफिजुर की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गये। इसके बाद बल्लेबाजी क्रम में प्रमोट कर भेजे गये ऋषभ पंत भी कुछ खास नहीं कर सके और 7 रन के निजी स्कोर पर रूबेल की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गये। इसके बाद रैना और धवन ने तीसरे विकेट के लिये 68 रन जोड़े जिसके बाद रैना (28) को रूबेल ने मेेहंदी हसन के हाथों कैच आउट करवाया। जीत के मुहाने पर पहुंच कर शिखर धवन (55) लिटन दास की गेंद पर तस्कीन अहमद के हाथों कैच आउट हुए।

धवन ने लगाया लगातार दूसरा अर्धशतक

ट्राइ सीरीज के दूसरे मैच में भी गब्बर का बल्ला जमकर बोला है। जब भारतीय टीम 140 रनों का पीछा करने उतरी तो हमेशा की तरह रोहित शर्मा फिर 17 रन बनाकर पवेलियन चलते बने ऐसे में मैच जिताने की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए शिखर धवन ने एक बार फिर मैच जिताऊ पारी खेली। उन्होंने बेहतरीन पारी खेलते हुए 55 रन बनाए अपनी इस पारी में उन्होंने 43 गेंदों का सामना किया जिसमें उन्होंने 5 चौके और 2 छक्के लगाए। धवन ने पिछले मैच में भी मेजबान श्रीलंका के खिलाफ 90 रनों की शानदार पारी खेली थी।

भारतीय गेंदबाजों का बढ़िया प्रदर्शन

भारत की ओर से जयदेव उनाद्कट ने सौम्य सरकार को आउट कर भारतीय टीम को पहली सफलता दिलाई। उन्होंने सौम्य सरकार को युजवेंद्र चहल के हाथों कैच आउट करवाया। सौम्य सरकार ने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए। इसके बाद अभी टीम का स्कोर 35 रन ही पहुंचा था कि तभी तमीम इकबाल को शर्दुल ठाकुर ने उनाद्कट के हाथों कैच आउट करा दिया। तमीम ने 15 रन बनाए। इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज मुस्तफिकुर्रहमान को विजय शंकर ने दिनेश कार्तिक के हाथों कैच आउट करवाया, यह उनके टी 20 करियर का पहला विकेट था। रहमान ने 18 रन बनाए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए बांग्लादेश के कप्तान महमूदुल्लाह को शर्दुल ठाकुर ने विजय शंकर के हाथों कैच आउट करवाया। वो 8 गेंदों पर मात्र 1 रन ही बना सके। इन दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिये 35 रन जोड़े थे कि तभी जम चुके बल्लेबाज लिटोन दास को चहल ने रैना के हाथों कैच आउट करवा दिया, दास ने 30 गेंदों पर 34 रनों की पारी खेली। इसके उनाद्कट ने मेंहदी हसन को 3 रन के निजी स्कोर पर मनीष पांडे के हाथों कैच आउट करवाया। उनाद्कट ने अपने अगले ओवर में ही रहमान (30 रन) को कार्तिक के हाथों कैच आउट करवाया। इसी बीच 20वें ओवर की दूसरी गेंद पर तेजी से रन चुराने के चक्कर में रूबेल रनआउट हो गये। तास्कीन अहमद 8 रन जबकि मुस्ताफिजुर रहमान एक रन बनाकर नाबाद रहे।

भारत की तरफ से जयदेव उनादकट ने तीन, विजय शंकर ने दो जबकि शर्दुल ठाकुर और युजवेंद्र चहल ने एक-एक विकेट लिए।

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दस लाख से अधिक छात्रों ने यूपी बोर्ड परीक्षा छोड़ बनाया नया रिकॉर्ड

यूपी बोर्ड परीक्षा में नया रिकॉर्ड बना है। दस लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा छोड़ दी है। यह आंकड़ा परीक्षा शुरू होने के महज चौथे दिन का है। पिछले वर्षों में पूरी परीक्षा के दौरान अधिकतम साढ़े छह लाख छात्रों ने ही इम्तिहान से किनारा किया। बड़ी संख्या में परीक्षा छोडऩे का कारण नकल पर प्रभावी अंकुश लगना है। इसमें सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, परीक्षा केंद्रों में संसाधन जुटाना और शिक्षा व प्रशासन के अफसरों का सामंजस्य नकलचियों पर भारी पड़ा है।

इसे संयोग ही कहेंगे कि बीते वर्ष योगी सरकार 19 मार्च को सत्तारूढ़ हुई तो उसके चंद दिन पहले (16 मार्च से) ही यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हुई। मंत्रिमंडल गठन व विभाग आवंटन होते परीक्षाएं अंतिम दौर में पहुंच गईं। ऐसे में सरकार उसी समय से अगले वर्ष की परीक्षा तैयारियों में जुट गई। 2018 में परीक्षा शुरू होने की तारीख व विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम तय समय से काफी पहले घोषित किया गया, ताकि परीक्षार्थियों को तैयारी करने का पूरा मौका मिले, फिर परीक्षा केंद्रों के संसाधन व उनके निर्धारण पर फोकस किया गया।

पहली बार केंद्र निर्धारण का कार्य जिला व मंडल स्तर से छीनकर बोर्ड मुख्यालय को सौंपा गया, जहां कंप्यूटर के जरिए केंद्र बनाए गए। इसका यह असर रहा कि केंद्रों की संख्या पिछले वर्षों से करीब ढाई हजार घट गई। सरकार ने परीक्षा की निगरानी को हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य किया। जिन केंद्रों पर छात्राएं अपने स्कूल में परीक्षार्थी बनी वहां अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक सहित नकल रोकने के अन्य प्रभावी इंतजाम किए गए। अपर मुख्य सचिव पिछले कुछ महीनों से लगातार हर कार्य की खुद मानीटरिंग कर रहे थे, पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए वीडियो कांफ्रेसिंग करके नकल रोकने के सख्त निर्देश दिए। इसमें जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक व मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को नकल के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

सरकार के सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम रहा कि परीक्षा के पहले दिन से ही नकलची छात्र-छात्राओं ने किनारा करना शुरू कर दिया और महज चौथे दिन ही परीक्षा छोडऩे वालों का आंकड़ा दस लाख पार कर गया है। 10 लाख 44 हजार 619 यूपी बोर्ड के इतिहास में परीक्षा छोडऩे वालों की सर्वाधिक संख्या है। इसमें हाईस्कूल के छह लाख 24 हजार 473 व इंटर के चार लाख 20 हजार 146 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। खास बात यह है कि परीक्षा छोडऩे वालों की संख्या उन्हीं जिलों व केंद्रों पर अधिक है, जो पिछले वर्षों में नकल कराने के लिए कुख्यात रहे हैं।

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अमेरिका : पेलोसी ने सबसे लंबा भाषण देने का बनाया रिकॉर्ड

वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद नैंसी पेलोसी ने अमेरिकी सदन में सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने लगभग 108 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर नया इतिहास बनाया. सांसद नैंसी पेलोसी ने गैर-दस्तावेजी युवा प्रवासियों को स्वदेश भेजने के बचाव में 8 घंटे से भी ज्यादा लंबा भाषण दिया. उन्होंने 1909 के बाद से सदन में सबसे लंबा भाषण देने का रिकार्ड बनाया है.

8 घंटे 7 मिनट तक बोलती रह गई 
कैलिफोर्निया की जानी मानी डेमोक्रेटक सांसद नैंसी पेलोसी सुबह 10 बजकर 4 मिनट पर सदन पहुंची और भाषण देना शुरू किया. नैंसी पेलोसी ने बोलना शुरू किया और वह लगातार बोलती रहीं. शाम 6 बजकर 11 मिनट पर उन्होंने बोलना बंद किया. 8 घंटे 7 मिनट तक लगातार बोलती रह गईं. एक सहयोगी के अनुसार पेलोसी ने 8 घंटे और सात मिनट तक भाषण दिया.

नैंसी पेलोसी अगले महीने 78 साल की हो जाएगी. उनके एक सहयोगी के ने बताया कि भाषण के दौरान वह 4 इंच की सैंडल पहनी हुयी थी और खड़ी होकर भाषण दे रही थी. इस दौरान उन्होंने सिर्फ पानी पीया.

रिकॉर्ड बनाने के बाद पेलोसी को हुआ आश्चर्य

उन्होंने एक क्लर्क से मिले संदेश को जोर से पढ़ते हुए कहा- ‘मुझे सदन हाउस के एक इतिहासकार से अभी एक संदेश मिला है जिसमें पुष्टि की गयी है कि मैंने कम से कम 1909 के बाद से सदन में सबसे लंबा भाषण देने का रिकार्ड बनाया है. मुझे इस बात से काफी आश्चर्य हो रहा है’

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2017 में पीएम मोदी की 6-1 से बंपर जीत, कमलमय हुए ये प्रदेश

21 वीं सदी का 17 वां साल दस्तक दे रहा था और इसके साथ ही इस वर्ष को अनेकों राजनीतिक घटनाओं का गवाह भी बनना था। राजनीतिक तौर पर साल 2017 के सभी महीने किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहे। लेकिन फरवरी-मार्च के साथ नवंबर और दिसंबर का महीना कुछ राजनीतिक दलों के लिए जहां खुशी का लमहा लेकर आया तो कुछ के हिस्से में सिर्फ दुख और दर्द आया। कुछ राजनीतिक दलों और शख्सियतों को आत्मावलोकन की सीख दे गया तो कुछ के लिए ये संदेश कि सफलता को महफूज रखने के लिए आप को लगातार कोशिश करनी होगी। 2017 के जनवरी से दिसंबर के कालखंड में हम पीएम मोदी के उस प्रभामंडल की चर्चा करेंगे जिसका असर देश के सात सूबों में होने वाले चुनाव परिणाम में दिखा।

उत्तर प्रदेश में भाजपा 14 साल का वनवास खत्म
जनवरी और फरवरी में उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड थी। लेकिन देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक फिजां में गरमी थी। राजनीतिक दल अवध पर कब्जे की तैयारी कर रहे थे। अवध पर कब्जे की तैयारी इसलिए भी महत्वपूर्ण होती है क्योंकि कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ के जरिए जाता है और जिसके हाथ से लखनऊ फिसला वो दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने का सिर्फ सपना ही देख सकता है। उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार अपने काम के दम और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर समाजवादी झंडे को निर्बाध फहराने की तैयारी कर रही थी। इसके साथ ही केसरियां रंग भी यूपी को अपने रंग में सराबोर करने की तैयारी में था। मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दलों से अथक और अकथ कोशिश की गई। चुनाव प्रचार चरम पर था और राजनीतिक दल अपनी तरकश से एक से बढ़कर एक तीर के जरिए एक दूसरे पर निशाना साध रहे थे।


भाजपा जहां 14 साल के वनवास को खत्म करने के लिए अपने आपको मौका देने की मांग कर रही थी। वहीं सपा और कांग्रेस के नेता यूपी के लड़के करेंगे विकास का नारा बुलंद कर रहे थे। पीएम मोदी भाजपा के स्टार प्रचारक थे। वो लोगों से अपील कर रहे थे कि ये लड़ाई ईमानदारों और भ्रष्टाचारियों के बीच की है। वो ये भी कहा करते थे कि यूपी की जनता वंशवाद,जातिवाद से तंग आ चुकी है। इसके साथ ही इन नेताओं की अपील का कितना असर पड़ेगा इसे लेकर राजनीतिक टीकाकार अलग अलग ढंग से भविष्यवाणी कर रहे थे। लेकिन जब चुनाव परिणाम आया तो वो सभी के अनुमानों से जुदा था। यूपी की जनता ने अपना मत दे दिया था, देश का सबसे बड़ा सूबा अब उस राह पर चलने को तैयार था जो केसरिया रंग में रंग चुका था।

उत्तराखंड में प्रचंड विजय
उत्तर प्रदेश के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड में चुनाव का आगाज हो चुका था। उत्तराखंड में हरीश रावत की कांग्रेस सरकार दोबारा सरकार बनाने की तैयारी के साथ चुनाव मैदान में थी। लेकिन भाजपा देवभूमि की जनता को ये समझा रही थी कि किस तरह से कांग्रेस शासन में उत्तराखंड विकास की पटरी से उतर गया था। एक तरफ कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी जनमत को अपने पक्ष में बदलने की कोशिश करते रहे, वहीं भाजपा के स्टॉर प्रचारक पीएम मोदी ने कहा कि एक ऐसी पार्टी के हाथ में आप सत्ता कैसे सौंप सकते हैं जिसका दामन दागदार है। देवभूमि की धरती पर दोनों दल अपने अपने अंदाज में एक दूसरे की वादों और दावों की धज्जियां उड़ा रहे थे। लेकिन जन का मत कुछ और ही था। इवीएम से जब परिणाम बाहर आने शुरू हुए तो नतीजे प्रत्याशित लेकिन चौंकाने वाले थे। देवभूमि की जनता का फैसला सार्वजनिक हो चुका था और केसरिया झंडा मैदान से लेकर पहाड़ तक फहर रहा था।

गोवा और मणिपुर बनाई सरकार
यूपी और उत्तराखंड के साथ पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर और समुद्र के किनारे स्थित गोवा में भी चुनावी सरगर्मी तेज थी। भाजपा के विरोधी पणजी में जोरशोर से नोटबंदी के मुद्दे को उठा रहे थे। गोवा में विरोधी दल अपने तर्कों से समझाने की कोशिश कर रहे थे कि किस तरह से नोटबंदी ने गोवा की रीढ़ (पर्यटन व्यवसाय) को तोड़ दी है। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी कहते रहे कि उनकी लड़ाई गरीबों के लिए है। नोटबंदी के समर्थन में उन्होंने कहा कि वो जानते हैं कि इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा। लेकिन गरीबों की पीड़ा को कम करने के लिए इस तरह का कदम उठाना जरुरी था। गोवा और मणिपुर में भाजपा-कांग्रेस के बीच जबरदस्त टक्कर में भाजपा भारी पड़ी और गोवा के साथ मणिपुर में कमल खिलने में कामयाब रहा।

पंजाब में  कांग्नेस को मिली कामयाबी
यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के साथ ही पंजाब में विधानसभा के लिए चुनाव प्रचार परवान चढ़ चुका था। पंजाब में अकाली दल-भाजपा गठबंधन के खिलाफ कांग्रेस और आप मोर्चा खोले थी। कांग्रेस के नेता इस तथ्य को वहां की जनता के सामने रख रहे थे कि कैसे अकाली-भाजपा गठबंधन के शासन में पंजाब नशे की गिरफ्त में आ गया। कांग्रेस और आप के नेता जनता को ये बताने में कामयाब रहे कि पंजाब का भला सिर्फ कांग्रेस सोचती है और मौका मिलने पर वो प्रदेश को तरक्की के राह पर ले जायेंगे। पंजाब की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा किया और सत्ता अमरिंदर सिंह के हाथों सौंप दी।


कमलमय हुआ गुजरात

साल 2017 के पहले तीन महीनों में देश के इन सूबों में चुनावी शोर खत्म हो चुका था। देश की राजनीति किसी और बड़ी घटना की गवाह बनने वाली थी। एक जुलाई 2017 को भारत एक बाजार में बदल चुका था। एक राष्ट्र और एक कर के जरिए जीएसटी को लाया जा चुका था। ठीक उसके बाद पीएम के गृहराज्य गुजरात और देवभूमि हिमाचल में विधानसभा चुनावों की रूपरेखा तैयार हो चुकी थी। राजनीति के जानकारों का मानना था कि गुजरात विधानसभा चुनाव पीएम मोदी के लिए लिटमस टेस्ट होगा। इसके साथ ही कई जानकारों का कहना था कि गुजरात में पाटीदार, दलित और पिछड़ो के मुद्दे पर मौजूदा भाजपा सरकार बैकफुट पर है। यही नहीं जीएसटी का फैसला भाजपा के लिए आत्मघाती साबित होगा। गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के तत्कालीन उपाध्यक्ष राहुल गांधी कहा करते थे कि केंद्र की मोदी सरकार महज कुछ लोगों के फायदे के लिए सोचती है। ये बात अलग है कि इवीएम से निकले हुए परिणाम कुछ और ही हकीकत बयां कर रहे थे। गुजरात में छठी बार भाजपा सरकार बनाने में कामयाब हुई। लेकिन चुनाव नतीजे कुछ संकेत भी दे गए।

देवभूमि हिमाचल में खिला कमल
इसके साथ ही देवभूमि हिमाचल में कांग्रेस अपने प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रही। दूसरे राज्यों की तरह हिमाचल में भ्रष्टाचार का मामला छाया रहा। भाजपा के स्टॉर प्रचारक पीएम मोदी लोगों तक ये छाप छोड़ने में कामयाब रहे कि कांग्रेस का मतलब ही भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार का समूल नाश करने के लिए वीरभद्र की सरकार से छुटकारा पाना ही होगा। कांग्रेस और भाजपा के बीच चुनावी लड़ाई में जनता ने अपने नायक पीएम मोदी पर भरोसा किया और राज्य की कमान भाजपा के हाथों में सौंप दी।