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अफगानिस्तान ने लगाई शर्मनाक रिकॉर्ड्स की झड़ी, तोड़ा 90 साल का रिकॉर्ड

अफगानिस्तान की टीम ने इस मैच की अपनी पहली पारी में 109 रन बनाने के लिए सिर्फ 27.5 ओवर तक बल्लेबाज़ी की। इसी के साथ अफगानिस्तान ने पहला टेस्ट मैच में सबसे कम ओवर बल्लेबाज़ी करने का रिकॉर्ड भी बना दिया। अफगानिस्तान से पहले ये रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम था। बांग्लादेश की टीम ने अपने पहले टेस्ट की दूसरी पारी मेंं 46.3 ओवर बल्लेबाज़ी की थी। बांग्लादेश से पहले ये रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड के नाम था जो अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में 47.1 ओवर में ही सिमट गई थी।

भारत ने पहली पारी में 474 रन बनाए थे और इसके जवाब में अफगानिस्तान अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 109 रनों पर सिमट गई। इस लिहाज़ से भारत को 365 रन की बढ़त मिली और फिर टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने का न्यौता दिया। पहले टेस्ट मैच में फॉलोऑन खेलते हुए ये किसी भी टीम पर बनाई गई सबसे बड़ी बढ़त रही। इससे पहले 1928 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच खेले गए मैच में इंग्लिश टीम ने कैरिबियाई टीम पर 224 रन की बढ़त बनाई थी। वो टेस्ट मैच लॉर्ड्‍स के मैदान पर खेला गया था और वो वेस्टइंडीज़ का पहला टेस्ट मैच था।

चिन्नास्वामी में अफगानिस्तान की टीम द्वारा बनाया गया 109 रन टेस्ट की एक पारी में सबसे कम रन हैं। इससे पहले 2017 में बेंगलुरु के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम के नाम इस मैदान पर सबसे कम रन बनाने का रिकॉर्ड था। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम सिर्फ 112 रन बनाकर सिमट गई थी।

पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआन खेलने पर मजबूर कर दिया और दूसरी पारी में मेहमान टीम 38.4 ओवर में सिर्फ 103 रन पर ऑल आउट हो गई। टेस्ट मैच में ये भारत की सबसे बड़ी जीत थी। इससे पहले भारत ने वर्ष 2017 में बांग्लादेश को पारी और 239 रन से हराया था। इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों और उसके बाद गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन रहा। शिखर धवन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस मैच में विराट की जगह रहाणे ने कप्तानी की थी और उनकी अगुआई में भारतीय टीम ने इस एतिहासिल टेस्ट मैच में जीत हासिल की। इस टेस्ट मैच के जरिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले अफगानिस्तान को भारत ने एक पारी और 262 रन से हराया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत ने पहली बार किसी टीम के खिलाफ सिर्फ दो दिनों में ही टेस्ट मैच जीतकर खिताब पर कब्जा किया।

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वॉटसन ने रचा IPL का नया इतिहास

IPL 2018 के फाईनल मैच में वॉटसन जब अपनी पारी की शुरुआत करने आए तब वो 10 गेंदों के बाद यानी 11वें गेंद पर अपना खाता खोला और इसके बाद ऐसी पारी खेली की टीम को फाइनल में जीत दिला दी। शेन वॉटसन ने इस आइपीएल में अपना दूसरा शतक लगाया। शेन के शतक के दम पर चेन्नई ने तीसरी बार आइपीएल का खिताब अपने नाम किया।

वॉटसन ने रचा इतिहास
चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज शेन वॉटसन का खतरनाक रूप हैदराबाद के खिलाफ फाइनल मैच में देखने को मिला। उन्होंने गेंदों 51 पर अपना शतक पूरा किया। वॉटसन ने हैदराबाद के खिलाफ 57 गेंदों पर नाबाद 117 रन की पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। शेन वॉटसन आइपीएल इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए जिन्होंने रन चेज करते हुए शतक लगाया। वॉटसन ने अपनी शतकीय पारी के दौरान 11 चौके और 8 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 205.26 का रहा।

ठोका आइपीएल का दूसरा शतक
शेन वॉटसन इस आइपीएल में दो शतक लगाने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। इस मैच से पहले उन्होंने लीग मुकाबले में राजस्थान के खिलाफ 106 रन की पारी खेली थी। इसके बाद फाइनल मुकाबले में उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 117 रन बनाए।

आइपीएल 2018 में शेन का सफर
शेन वॉटसन की बल्लेबाजी की बात करें तो उन्होंने आइपीएल में खेले 15 मैचों में 39.64 की औसत से 555 रन बनाए। रन बनाने के मामले में आइपीएल में पांचवें नंबर पर रहे। वॉटसन ने 15 मैचों में 2 शतक और 2 अर्धशतक लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 154.59 का रहा। वॉटसन ने इस आइपीएल में 44 चौके और 35 छक्के लगाए। हालांकि गेंदबाजी में वो कुछ खास नहीं कर पाए और सिर्फ 6 विकेट ही ले सके।

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दुनिया की 10 सबसे ताकतवर हस्तियों में शुमार हुए नरेंद्र मोदी, No. 1 पर चिनफिंग

प्रतिष्ठित फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम नरेंद्र मोदी दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली नेताओं की सूची में शुमार हो गए हैं. फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम मोदी नौवें स्‍थान पर काबिज हैं. इस सूची में चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग पहली बार पहले स्‍थान पर काबिज हुए हैं. वह रूसी नेता व्‍लादिमीर पुतिन को हटाकर पहले स्‍थान पर पहुंचे हैं. फोर्ब्‍स 2018 लिस्‍ट में दुनिया को चलाने वाले सबसे ताकतवर 75 नामों को शामिल किया गया है. फोर्ब्‍स ने लिस्‍ट जारी करते हुए कहा, ”दुनिया में करीब 7.5 अरब लोग हैं लेकिन ये 75 लोग दुनिया को चलाते हैं. फोर्ब्‍स की वार्षिक रैंकिंग में हर एक अरब में से एक ऐसे व्‍यक्ति को चुना जाता है जिनके एक्‍शन सबसे ज्‍यादा मायने रखते हैं.”

पीएम नरेंद्र मोदी
फोर्ब्स ने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश (भारत) में “बेहद लोकप्रिय बने हुए हैं.” इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए मोदी सरकार के नवंबर 2016 के नोटबंदी के फैसले का हवाला दिया गया है. हाल के वर्षों में पीएम मोदी ने आधिकारिक यात्रा के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप और शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की और वैश्विक नेता के रूप में अपनी पहचान बढ़ाई है. इसके अलावा वह जलवायु परिवर्तन से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयास में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे हैं.

mukesh ambani
PM मोदी के अलावा मुकेश अंबानी लिस्‍ट में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय हैं.(फाइल फोटो)

मुकेश अंबानी
रिलांयस इडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस सूची में पीएम मोदी के अलावा स्थान पाने वाले एकमात्र भारतीय हैं. वहीं, माइफ्रोसॉफ्ट के सीईओ भारतीय मूल के सत्या नाडेला को 40वें पायदान पर रखा गया है. अंबानी पर फोर्ब्स ने कहा कि अरबपति उद्योगपति ने 2016 में भारत के अति-प्रतिस्‍पर्द्धी बाजार में 4-G सेवा जियो शुरू करके कीमत की जंग छेड़ दी.

शी जिनपिंग
जिनपिंग ने पिछले लगातार चार वर्ष तक इस सूची में शीर्ष पर चले आ रहे पुतिन को दूसरे स्थान पर धकेल दिया है. सूची में तीसरे पायदान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चौथे पर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और पांचवें पर अमेजन प्रमुख जैफ बेजोस हैं. पीएम मोदी के बाद फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग(13वें), ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे(14), चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग(15), एपल के सीईओ टिम कुक(24) को रखा गया है. इस वर्ष सूची में 17 नए नामों को शामिल किया गया है, इसमें सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद (8वें ) भी हैं. सूची में पोप फ्रांसिस(6), बिल गेट्स(7), फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों(12), अलीबाबा के प्रमुख जैक मा(21) भी शामिल हैं.

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Avengers ने Box Office पर मचाई तबाही, दुनिया के कई रिकॉर्ड ध्वस्त

आपने बॉक्स ऑफ़िस पर बड़े उथल-पुथल देखे होंगे। कमाई का तूफ़ान और सुनामी भी देखी होगी लेकिन डेढ़ दर्जन सुपरहीरोज़ से लैस एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर ने तीन दिन में भारतीय बॉक्स ऑफ़िस पर जिस तरह से करोड़ों बटोरे हैं वो आपको हैरान करने के लिए काफ़ी हैं।

एंथोनी और जो रूसो के निर्देशन में बनी एवेंजर्स- इनफिनिटी वॉर ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर पहले वीकेंड में 94 करोड़ 30 लाख रूपये का विशाल कलेक्शन कर लिया है। हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने अपनी रिलीज़ के तीसरे  32 करोड़ 50 लाख रूपये का कलेक्शन किया जो तीन दिनों में सबसे ज़्यादा है। फिल्म ने दूसरे दिन 30 करोड़ करोड़ 50 लाख रूपये का कलेक्शन किया और एवेंजर्स ने पहले ही दिन 31 करोड़ 30 लाख का कलेक्शन कर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। रॉबर्ट डाउनी जूनियर, क्रिस हेम्सवर्थ, मार्क रुफालो, बेनेडिक्ट कम्बरबैच, सबस्टियन स्टान, क्रिस इवांस,स्कारलेट जोहेनसन और चैडविक बोसमैन जैसे बड़े सितारों से सजी ये फिल्म करीब 300 मिलियन डॉलर में बनाई गई और इसे भारत में 2000 से अधिक स्क्रीन्स में रिलीज़ किया गया, जिसमें से एक हजार के करीब थियेटर्स में ये फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु के डब वर्जन में देखने मिल रही है । एवेंजर्स पहले ही इस साल की इंडियन बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी ओपनर बन चुकी है , जिसने बाग़ी 2 के 25 करोड़ 10 लाख रूपये के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया।

उधर दुनिया भर में एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर का जलवा हैl बिना चीन में रिलीज़ हुए फिल्म ने दुनिया भर से एक वीकेंड में 630 मिलियन डॉलर की कमाई कर एक नया विश्व कीर्तिमान बना दिया है l अकेले अमेरिका में भी फिल्म ने 250 मिलियन डॉलर का कलेक्शन किया है जो स्टारवार्स –द फ़ोर्स अवेकंस से अधिक है l यही नहीं फिल्म ने दुनिया भर में भी एक रिकॉर्ड बनाया है l इससे पहले एक वीकेंड में द फेट ऑफ द फ्यूरियस को 541.9 मिलियन डॉलर की कमाई हुई थी l

एवेंजर्स ने कई सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। इनमें फ़ास्ट एंड फ्यूरियस 7 का एक वीकेंड का 50 करोड़ 11 लाख रूपये का और जंगल बुक का एक हफ़्ते में कमाया गया 74 करोड़ करोड़ 63 लाख रूपये का कलेक्शन भी शामिल है। उम्मीद की जा रही है कि ये फिल्म सोमवार के कलेक्शन के साथ फास्ट एंड फ्यूरियस 7 के लाइफ़ टाइम कलेक्शन 108 करोड़ को तोड़ देगी।   

अगर घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर भारतीय फिल्मों की बात करें तो इस साल आई पद्मावत के तीन दिन के कलेक्शन 78 करोड़ और बाग़ी 2 के 73 करोड़ 10 लाख रूपये की कमाई को ये फिल्म पीछे छोड़ चुकी है। बाग़ी 2 के 165 करोड़ रूपये के कलेक्शन को पीछे छोड़ना भी इस फिल्म के लिए मामूली बात लग रही है। हालांकि फिल्म सुल्तान, प्रेम रतन धन पायो और बाहुबली 2 के पहले वीकेंड के कलेक्शन को पीछे नहीं छोड़ पाई। 

माना रहा है कि देश में सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी के चलते 15 से 20 करोड़ रूपये का कलेक्शन हो सकता है।  फिल्म को एक मई को मे डे की छुट्टी का भी भरपूर फ़ायदा मिलेगा।

हालांकि फिलहाल ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दूसरे दिन सबसे अधिक कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्म बन गई है। अब जंगल बुक (13.51 करोड़) दूसरे, एवेंजर्स- एज ऑफ़ अल्ट्रॉन (11.95 करोड़) तीसरे, फास्ट एंड फ्यूरियस 8 ( 9.75 करोड़ ) चौथे और कैप्टन अमेरिका सिविल वॉर (8.79 करोड़) पांचवे नंबर पर है।

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Hero ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 2017-18 में बिके 75 लाख टू-व्हीलर्स

देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प की बिक्री का आंकड़ा बीते वित्त वर्ष 2017-18 में 75 लाख पार कर गया. कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि हीरो मोटोकॉर्प वैश्विक स्तर पर यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली कंपनी है. कंपनी ने 2016-17 में कुल 66.6 लाख मोटरसाइकल्स और स्कूटर बेचे थे.

अधिकारी ने कहा कि वित्त वर्ष समाप्त होने से तीन दिन पहले 28 मार्च को एक विश्व रिकॉर्ड बना. कंपनी ने 75 लाख टू-व्हीलर्स के बिक्री आंकड़े को पार कर लिया. अधिकारी ने कहा कि कंपनी 2020 तक एक करोड़ यूनिट्स की सालाना बिक्री के लक्ष्य को पाने की ओर अग्रसर है.

अधिकारी ने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी अगले वित्त वर्ष में कई नई बाइक्स उतारेगी. उन्होंने कहा, ‘हम वित्त वर्ष 2018-19 में प्रीमियम और स्कूटर कैटेगरी में चार मॉडल- Xtreme 200R और XPulse मोटरसाइकिल और Duet 125 और Maestro Edge 125 स्कूटर उतारने की तैयारी में हैं. कंपनी ने हाल में तीन नई बाइक Passion PRO, Passion XPRO और Super Splendor उतारी हैं.

कंपनी ने Xtreme 200R मोटरसाइकल को जनवरी में पेश किया था. हालांकि इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया गया था. इस बाइक में 200cc का सिंगल सिलिंडर एयर कूल्ड इंजन दिया गया है. इस इंजन को ट्रांसमिशन के लिए 5 स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है. ये इंजन 18.4bhp का पावर और 17Nm का पिक टॉर्क जेनरेट करेगा. कंपनी के दावे के मुताबिक इस बाइक की टॉप स्पीड 114 किलोमीटर प्रतिघंटे है. ये बाइक 0 से 60 प्रति घंटे की स्पीड पकड़ने में महज 4.6 सेकंड का समय लेगी.

फीचर्स की बात करें तो इस बाइक में LED DRLs , LED से लैस टेललाइट, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल और अलॉय व्हील्स दिए गए हैं. बाइक को तैयार करते वक्त इसकी परफॉर्मेंस और ब्रेकिंग का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है. Xtreme 200R के फ्रंट पार्ट में टेलिस्कोपिक सस्पेंशन और रियर सेक्शन में मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है. साथ ही इस बाइक के दोनों व्हील्ज पर कंपनी ने डिस्क ब्रेक के अलावा ABS भी दिया है.
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दस लाख से अधिक छात्रों ने यूपी बोर्ड परीक्षा छोड़ बनाया नया रिकॉर्ड

यूपी बोर्ड परीक्षा में नया रिकॉर्ड बना है। दस लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा छोड़ दी है। यह आंकड़ा परीक्षा शुरू होने के महज चौथे दिन का है। पिछले वर्षों में पूरी परीक्षा के दौरान अधिकतम साढ़े छह लाख छात्रों ने ही इम्तिहान से किनारा किया। बड़ी संख्या में परीक्षा छोडऩे का कारण नकल पर प्रभावी अंकुश लगना है। इसमें सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, परीक्षा केंद्रों में संसाधन जुटाना और शिक्षा व प्रशासन के अफसरों का सामंजस्य नकलचियों पर भारी पड़ा है।

इसे संयोग ही कहेंगे कि बीते वर्ष योगी सरकार 19 मार्च को सत्तारूढ़ हुई तो उसके चंद दिन पहले (16 मार्च से) ही यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हुई। मंत्रिमंडल गठन व विभाग आवंटन होते परीक्षाएं अंतिम दौर में पहुंच गईं। ऐसे में सरकार उसी समय से अगले वर्ष की परीक्षा तैयारियों में जुट गई। 2018 में परीक्षा शुरू होने की तारीख व विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम तय समय से काफी पहले घोषित किया गया, ताकि परीक्षार्थियों को तैयारी करने का पूरा मौका मिले, फिर परीक्षा केंद्रों के संसाधन व उनके निर्धारण पर फोकस किया गया।

पहली बार केंद्र निर्धारण का कार्य जिला व मंडल स्तर से छीनकर बोर्ड मुख्यालय को सौंपा गया, जहां कंप्यूटर के जरिए केंद्र बनाए गए। इसका यह असर रहा कि केंद्रों की संख्या पिछले वर्षों से करीब ढाई हजार घट गई। सरकार ने परीक्षा की निगरानी को हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य किया। जिन केंद्रों पर छात्राएं अपने स्कूल में परीक्षार्थी बनी वहां अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक सहित नकल रोकने के अन्य प्रभावी इंतजाम किए गए। अपर मुख्य सचिव पिछले कुछ महीनों से लगातार हर कार्य की खुद मानीटरिंग कर रहे थे, पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए वीडियो कांफ्रेसिंग करके नकल रोकने के सख्त निर्देश दिए। इसमें जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक व मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को नकल के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

सरकार के सामूहिक प्रयासों का ही परिणाम रहा कि परीक्षा के पहले दिन से ही नकलची छात्र-छात्राओं ने किनारा करना शुरू कर दिया और महज चौथे दिन ही परीक्षा छोडऩे वालों का आंकड़ा दस लाख पार कर गया है। 10 लाख 44 हजार 619 यूपी बोर्ड के इतिहास में परीक्षा छोडऩे वालों की सर्वाधिक संख्या है। इसमें हाईस्कूल के छह लाख 24 हजार 473 व इंटर के चार लाख 20 हजार 146 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। खास बात यह है कि परीक्षा छोडऩे वालों की संख्या उन्हीं जिलों व केंद्रों पर अधिक है, जो पिछले वर्षों में नकल कराने के लिए कुख्यात रहे हैं।

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अमेरिका : पेलोसी ने सबसे लंबा भाषण देने का बनाया रिकॉर्ड

वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद नैंसी पेलोसी ने अमेरिकी सदन में सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने लगभग 108 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर नया इतिहास बनाया. सांसद नैंसी पेलोसी ने गैर-दस्तावेजी युवा प्रवासियों को स्वदेश भेजने के बचाव में 8 घंटे से भी ज्यादा लंबा भाषण दिया. उन्होंने 1909 के बाद से सदन में सबसे लंबा भाषण देने का रिकार्ड बनाया है.

8 घंटे 7 मिनट तक बोलती रह गई 
कैलिफोर्निया की जानी मानी डेमोक्रेटक सांसद नैंसी पेलोसी सुबह 10 बजकर 4 मिनट पर सदन पहुंची और भाषण देना शुरू किया. नैंसी पेलोसी ने बोलना शुरू किया और वह लगातार बोलती रहीं. शाम 6 बजकर 11 मिनट पर उन्होंने बोलना बंद किया. 8 घंटे 7 मिनट तक लगातार बोलती रह गईं. एक सहयोगी के अनुसार पेलोसी ने 8 घंटे और सात मिनट तक भाषण दिया.

नैंसी पेलोसी अगले महीने 78 साल की हो जाएगी. उनके एक सहयोगी के ने बताया कि भाषण के दौरान वह 4 इंच की सैंडल पहनी हुयी थी और खड़ी होकर भाषण दे रही थी. इस दौरान उन्होंने सिर्फ पानी पीया.

रिकॉर्ड बनाने के बाद पेलोसी को हुआ आश्चर्य

उन्होंने एक क्लर्क से मिले संदेश को जोर से पढ़ते हुए कहा- ‘मुझे सदन हाउस के एक इतिहासकार से अभी एक संदेश मिला है जिसमें पुष्टि की गयी है कि मैंने कम से कम 1909 के बाद से सदन में सबसे लंबा भाषण देने का रिकार्ड बनाया है. मुझे इस बात से काफी आश्चर्य हो रहा है’

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2017 में पीएम मोदी की 6-1 से बंपर जीत, कमलमय हुए ये प्रदेश

21 वीं सदी का 17 वां साल दस्तक दे रहा था और इसके साथ ही इस वर्ष को अनेकों राजनीतिक घटनाओं का गवाह भी बनना था। राजनीतिक तौर पर साल 2017 के सभी महीने किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहे। लेकिन फरवरी-मार्च के साथ नवंबर और दिसंबर का महीना कुछ राजनीतिक दलों के लिए जहां खुशी का लमहा लेकर आया तो कुछ के हिस्से में सिर्फ दुख और दर्द आया। कुछ राजनीतिक दलों और शख्सियतों को आत्मावलोकन की सीख दे गया तो कुछ के लिए ये संदेश कि सफलता को महफूज रखने के लिए आप को लगातार कोशिश करनी होगी। 2017 के जनवरी से दिसंबर के कालखंड में हम पीएम मोदी के उस प्रभामंडल की चर्चा करेंगे जिसका असर देश के सात सूबों में होने वाले चुनाव परिणाम में दिखा।

उत्तर प्रदेश में भाजपा 14 साल का वनवास खत्म
जनवरी और फरवरी में उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड थी। लेकिन देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक फिजां में गरमी थी। राजनीतिक दल अवध पर कब्जे की तैयारी कर रहे थे। अवध पर कब्जे की तैयारी इसलिए भी महत्वपूर्ण होती है क्योंकि कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ के जरिए जाता है और जिसके हाथ से लखनऊ फिसला वो दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने का सिर्फ सपना ही देख सकता है। उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार अपने काम के दम और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर समाजवादी झंडे को निर्बाध फहराने की तैयारी कर रही थी। इसके साथ ही केसरियां रंग भी यूपी को अपने रंग में सराबोर करने की तैयारी में था। मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दलों से अथक और अकथ कोशिश की गई। चुनाव प्रचार चरम पर था और राजनीतिक दल अपनी तरकश से एक से बढ़कर एक तीर के जरिए एक दूसरे पर निशाना साध रहे थे।


भाजपा जहां 14 साल के वनवास को खत्म करने के लिए अपने आपको मौका देने की मांग कर रही थी। वहीं सपा और कांग्रेस के नेता यूपी के लड़के करेंगे विकास का नारा बुलंद कर रहे थे। पीएम मोदी भाजपा के स्टार प्रचारक थे। वो लोगों से अपील कर रहे थे कि ये लड़ाई ईमानदारों और भ्रष्टाचारियों के बीच की है। वो ये भी कहा करते थे कि यूपी की जनता वंशवाद,जातिवाद से तंग आ चुकी है। इसके साथ ही इन नेताओं की अपील का कितना असर पड़ेगा इसे लेकर राजनीतिक टीकाकार अलग अलग ढंग से भविष्यवाणी कर रहे थे। लेकिन जब चुनाव परिणाम आया तो वो सभी के अनुमानों से जुदा था। यूपी की जनता ने अपना मत दे दिया था, देश का सबसे बड़ा सूबा अब उस राह पर चलने को तैयार था जो केसरिया रंग में रंग चुका था।

उत्तराखंड में प्रचंड विजय
उत्तर प्रदेश के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड में चुनाव का आगाज हो चुका था। उत्तराखंड में हरीश रावत की कांग्रेस सरकार दोबारा सरकार बनाने की तैयारी के साथ चुनाव मैदान में थी। लेकिन भाजपा देवभूमि की जनता को ये समझा रही थी कि किस तरह से कांग्रेस शासन में उत्तराखंड विकास की पटरी से उतर गया था। एक तरफ कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी जनमत को अपने पक्ष में बदलने की कोशिश करते रहे, वहीं भाजपा के स्टॉर प्रचारक पीएम मोदी ने कहा कि एक ऐसी पार्टी के हाथ में आप सत्ता कैसे सौंप सकते हैं जिसका दामन दागदार है। देवभूमि की धरती पर दोनों दल अपने अपने अंदाज में एक दूसरे की वादों और दावों की धज्जियां उड़ा रहे थे। लेकिन जन का मत कुछ और ही था। इवीएम से जब परिणाम बाहर आने शुरू हुए तो नतीजे प्रत्याशित लेकिन चौंकाने वाले थे। देवभूमि की जनता का फैसला सार्वजनिक हो चुका था और केसरिया झंडा मैदान से लेकर पहाड़ तक फहर रहा था।

गोवा और मणिपुर बनाई सरकार
यूपी और उत्तराखंड के साथ पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर और समुद्र के किनारे स्थित गोवा में भी चुनावी सरगर्मी तेज थी। भाजपा के विरोधी पणजी में जोरशोर से नोटबंदी के मुद्दे को उठा रहे थे। गोवा में विरोधी दल अपने तर्कों से समझाने की कोशिश कर रहे थे कि किस तरह से नोटबंदी ने गोवा की रीढ़ (पर्यटन व्यवसाय) को तोड़ दी है। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी कहते रहे कि उनकी लड़ाई गरीबों के लिए है। नोटबंदी के समर्थन में उन्होंने कहा कि वो जानते हैं कि इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा। लेकिन गरीबों की पीड़ा को कम करने के लिए इस तरह का कदम उठाना जरुरी था। गोवा और मणिपुर में भाजपा-कांग्रेस के बीच जबरदस्त टक्कर में भाजपा भारी पड़ी और गोवा के साथ मणिपुर में कमल खिलने में कामयाब रहा।

पंजाब में  कांग्नेस को मिली कामयाबी
यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के साथ ही पंजाब में विधानसभा के लिए चुनाव प्रचार परवान चढ़ चुका था। पंजाब में अकाली दल-भाजपा गठबंधन के खिलाफ कांग्रेस और आप मोर्चा खोले थी। कांग्रेस के नेता इस तथ्य को वहां की जनता के सामने रख रहे थे कि कैसे अकाली-भाजपा गठबंधन के शासन में पंजाब नशे की गिरफ्त में आ गया। कांग्रेस और आप के नेता जनता को ये बताने में कामयाब रहे कि पंजाब का भला सिर्फ कांग्रेस सोचती है और मौका मिलने पर वो प्रदेश को तरक्की के राह पर ले जायेंगे। पंजाब की जनता ने कांग्रेस पर भरोसा किया और सत्ता अमरिंदर सिंह के हाथों सौंप दी।


कमलमय हुआ गुजरात

साल 2017 के पहले तीन महीनों में देश के इन सूबों में चुनावी शोर खत्म हो चुका था। देश की राजनीति किसी और बड़ी घटना की गवाह बनने वाली थी। एक जुलाई 2017 को भारत एक बाजार में बदल चुका था। एक राष्ट्र और एक कर के जरिए जीएसटी को लाया जा चुका था। ठीक उसके बाद पीएम के गृहराज्य गुजरात और देवभूमि हिमाचल में विधानसभा चुनावों की रूपरेखा तैयार हो चुकी थी। राजनीति के जानकारों का मानना था कि गुजरात विधानसभा चुनाव पीएम मोदी के लिए लिटमस टेस्ट होगा। इसके साथ ही कई जानकारों का कहना था कि गुजरात में पाटीदार, दलित और पिछड़ो के मुद्दे पर मौजूदा भाजपा सरकार बैकफुट पर है। यही नहीं जीएसटी का फैसला भाजपा के लिए आत्मघाती साबित होगा। गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के तत्कालीन उपाध्यक्ष राहुल गांधी कहा करते थे कि केंद्र की मोदी सरकार महज कुछ लोगों के फायदे के लिए सोचती है। ये बात अलग है कि इवीएम से निकले हुए परिणाम कुछ और ही हकीकत बयां कर रहे थे। गुजरात में छठी बार भाजपा सरकार बनाने में कामयाब हुई। लेकिन चुनाव नतीजे कुछ संकेत भी दे गए।

देवभूमि हिमाचल में खिला कमल
इसके साथ ही देवभूमि हिमाचल में कांग्रेस अपने प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रही। दूसरे राज्यों की तरह हिमाचल में भ्रष्टाचार का मामला छाया रहा। भाजपा के स्टॉर प्रचारक पीएम मोदी लोगों तक ये छाप छोड़ने में कामयाब रहे कि कांग्रेस का मतलब ही भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार का समूल नाश करने के लिए वीरभद्र की सरकार से छुटकारा पाना ही होगा। कांग्रेस और भाजपा के बीच चुनावी लड़ाई में जनता ने अपने नायक पीएम मोदी पर भरोसा किया और राज्य की कमान भाजपा के हाथों में सौंप दी।

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मेरठ में एंबुलेंस में शराब और रशियन डांस, रसिया डॉक्टरों के खिलाफ जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश में भले ही गंभीर मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस न मिले, लेकिन जलवा तो डाक्टर्स का हैं। इनके फंक्शन हो तो शराब एंबुलेंस में भरकर लाई जाती है। इसके साथ ही मेडिकल कालेज प्रांगण में रशियन डांसर के बैले भी होता है। जमकर जाम झलकाए जाते हैं और मामला बढऩे पर कॉलर भी पकड़े गए।

मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में कल 1992 बैच के डाक्टर्स का वार्षिक समारोह था। मेरठ के मेडिकल कालेज में बीते दो दिन से ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन 1992 बैच के डाक्टरों का सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन हुआ। भयंकर ठंड में यहां पर रशियन डांसरों के नाच पर डॉक्टरों ने जमकर ठुमके लगाए. इतना ही नहीं जिन वाहनों में मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है उनमें मेडिकल कॉलेज के परिसर में शराब ढोकर लाई गई। मेडिकल कालेज परिसर में इस दौरान कल जमकर धमाल हुआ. खुले आसमान में शराब के जाम छलके, नाच-गाना हुआ. मनोरंजन के लिए रशियन डांसरों का डांस भी रखा गया और इस सबके बीच मरीजों से जुड़े संसाधन शराब ढोने में लगाये गये।

चिकित्सा के मंदिर मे सरेआम मदिरापान ने मर्यादाओं को तार-तार कर दिया। लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज के 1992 बैच की रजत जयंती मे विदेशी महंगी शराब परोसी गई। अपने वरिष्ठों के सामने डाक्टरो ने न सिर्फ जमकर शराब पी, बल्कि कैपस मे मारपीट भी हो गई।

लाला लाजपत राय की मूर्ति के पायदान पर बैठकर शराब पी गई। शराब परोसने के लिए बाहर से बुलाई गई लड़कियां भी चर्चा का विषय बनी रही। उधर, कैपस मे खुलेआम शराब छलकाने की शिकायत शासन तक पहुंच गई।

मेडिकल कालेज में डाक्टरों ने इस बार तो दो पायदान आगे बढ़कर रजत जयंती मनाया।

इससे पहले डाक्टर कैंपस में गीत-संगीत, डांस और कामेडी तक सीमित थे, जबकि इस वर्ष पहली बार बेली डांस की थिरकन आकर्षक का केंद्र बनी।

एल्युमनी मीट में शराब का सेवन कोई नई बात नहीं है लेकिन प्रशासनिक ब्लाक के सामने स्थित कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में पहली बार विदेशी बालाएं भी नजर आईं। इस दौरान बेली डांस के तीन आयटम पेश किए गए। यही आयोजन खासा चर्चा में रहा।

कुछ लोगों ने इसे लेकर असहजता भी दिखाई। मेडिकल कालेज परिसर में आयोजन में इस तरह के कार्यक्रमों को शामिल न करने की भी सलाह दी। यही वजह रही कि जब डाक्टर बेली डांस का आनंद उठा रहे थे, वहीं वरिष्ठ चिकित्सक दूसरे लान में चले गए।

कैंपस की एक वीडियो वायरल हुई और मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। सीएम कार्यालय से प्रशासन से जवाब-तलब की भी सूचना है। कार्यक्रम के दौरान कई बार लोग एक दूसरे से उलझते नजर आए।

आयोजन कमेटी के अध्यक्ष डा. परवेज अहमद ने एक व्यक्ति को बाहर निकाला, जिसके बाद कैंपस में कुछ देर के लिए तनाव बढ़ा। नौबत मारपीट की भी आ गई थी। इस पर डा. परवेज का कहना था कि जो गलत ढंग से कार्यक्रम में पहुंचा था, उसे बाहर निकाला गया।

दिनभर गुलजार रहा कैंपस

मेडिकल कैंपस में रजत जयंती कार्यक्रम में 1992 के डाक्टरों के अलावा करीब तीन हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। व्यंजनों की खुशबू थी तो महंगी शराब का भी खुमार छाया हुआ था।

 

मेहमानों के साथ तमाम डाक्टर भी लडख़ड़ाते नजर आए। कैंपस में क्रिसमस का भी रंग था, इसलिए कई परिवार-बच्चों को भी लेकर पहुंचे।

सभी ने पल्ला झाड़ा अब जांच का आदेश 

लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज की इस भद्दी तस्वीर को जब मीडिया ने दिखाया तो कॉलेज प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल ने इस मामले में जांच करने के आदेश दे दिए। उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनकी जानकारी के बिना मेडिकल कॉलेज में रशियन बालाएं नचाई गई हैं। साथ ही एंबुलेंस में शराब ढोकर लाई गई। डॉक्टरों ने जाम छलकाते हुए फूहड़ गानों पर डांस किया।

सीएमओ मेरठ बेहद नाराज

सीएमओ मेेरठ, राजकुमार ने बताया मुझे पता चला कि कार्यक्रम में रूसी बैली नर्तकियों को बुलाया गया था।

कार्यक्रम के लिए शराब की पेटियां लाने को एंबुलेंस वैन का प्रयोग किया है। यह बिल्कुल गलत है, यह किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में नहीं होना चाहिए था। इस मामले में जांच का आदेश दिया गया है।

मामले की जांच होनी चाह‍िए

इस मामले में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि यह घटना शर्मनाक है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। विहिप के प्रांत प्रवक्ता शीलेंद्र कुमार ने कहा, डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं। यदि वो ही ये सब करेंगे तो हमारे समाज पर इसका क्या असर होगा। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा कि है कि भविष्य में ऐसा फिर न हो, इसकी भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

बैले डांस में मानक का उल्लंघन नहीं

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. परवेज अहमद ने कहा कि आबकारी एवं फायर समेत सभी संबंधित विभागों से परमीशन ली गई। कार्यक्रम पूरी तरह अनुशासित रहा। बेली डांस में किसी मानक का उल्लंघन नहीं हुआ। सभी ने पूरा सहयोग दिया। परिवार के जनों के साथ हम सभी ने कार्यक्रम का लुत्फ उठाया।

मेरे सामने तो सब ठीक था

कार्यवाहक प्रिसिंपल डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा कि मेरे सामने तो सबकुछ ठीक था। कार्यक्रम के बाद कुछ लोगों ने शिकायतें की। हालांकि शासन से अब तक कोई पूछताछ नहीं हुई है।

आबकारी विभाग की अनुमति थी

जिला आबकारी अधिकारी मोहम्मद असलम ने कहा कि मेडिकल कालेज परिसर में सोमवार को चिकित्सकों के कार्यक्रम के लिए जिला आबकारी विभाग से अनुमति ली गई थी। डा. परवेज की ओर से अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था।

जिला प्रशासन की अनुमति 

एडीएम सिटी, मुकेश चंद्र ने कहा कि मेडिकल कालेज में चिकित्सकों के सोमवार को आयोजित कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति ली गई थी। इस कार्यक्रम के बाबत कोई शिकायत आदि अभी जिला प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री बेहद गंभीर

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने मेडिकल कालेज में दारू पार्टी तथा अश्लील डांस के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज में डांस बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, यह प्रकरण बेहद ही गंभीर है। डॉक्टर्स की शराब पार्टी बेहद शर्मनाक कृत्य है। फूहड़ डांस के साथ ही मैदान में दारू परोसा जाना निंदनीय है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी मामले की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट 48 घंटे में मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी, यह तय है।

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