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10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जग-हंसाई

कांग्रेस के 84वें अधिवेशन में नवजोत सिंह सिद्धू बीजेपी पर जरूर जमकर बरसे हों, लेकिन उनका भाषण सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहा है. कुछ वक़्त पहले तक भारतीय जनता पार्टी में रहते हुए सिद्धू ने जितना बुरा-भला कांग्रेस और उसके नेताओं को का अब उन्हीं बातों पर वे पलट चुके हैं. आइए जानते हैं कब-कब क्या बोले सिद्धू
10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: नरेंद्र भाई के जन्म दिन पर यहां आना ठीक वैसा ही है जैसा कोई मिट्टी का ढेला गुलाबों की क्यारी में आ गया हो. जैसे कोई तिनका नर्मदा में बहता-बहता शिवलिंग के ऊपर टिक जाए. वैसे सिद्धू आज नरेंद्र भाई के जन्म दिन पर आकर महसूस कर रहा है. 2018: कांग्रेस अधिवेशन में सिद्धू ने वही शेर का इस्तेमाल किया जो कभी नरेंद्र मोदी के लिए उन्होंने 2013 में कहा था. उन्होंने कहा कि सिद्दू कांग्रेस अधिवेशन में ठीक वैसा ही महसूस कर रहा है जैसे कोई तिनका नर्मदा में बहता-बहता शिवलिंग के ऊपर टिक जाए. वैसा सिद्धू महाकुंभ में आकर महसूस कर रहा है.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: नरेंद्र भाई मोदी के साथ आकर मैं खुद को बड़ा भाग्यवान मानता हूं. मैं आपके सामने शीश झुकाता हूं. वो लोग आपके सामने कभी नहीं झुकते जो अकड़ में होते हैं. अकड़ना तो मुर्दों की पहचान होती है. ये कांग्रेस वालों की पहचान है जम के लूटेंगे और तुम विरोध करोगे तो डट के कूटेंगे. 2018: मैं मनमोहन सिंह के सामने शीश झुकाता हूं. झुकते वो लोग आपके सामने कभी नहीं है जिनमें अकड़ होती है.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: मौनी बाबा…मौनी बाबा…मोबाइल साइलेंट मोड़ पर करना हो तो उसे मनमोहन सिंह मोड़ पर कर दो. बोलो सही है की नहीं है. 2018: मनमोहन सिंह. जो आपके मौन ने कर दिया वो बीजेपी का शोर शराबा नहीं कर पाया.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरदार है ये मैं नहीं कह सकता. 2018: मनमोहन सिंह जी आप सरदार भी हैं और असरदार भी हैं.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: कांग्रेस, मुन्नी से ज़्यादा बदनाम है. अब तो ख़ुद मुन्नी भी इन पर शर्मिंदा है.2018: कांग्रेस कोई बर्फ की कली नहीं है जो पिघल जाएगी. कांग्रेस 70 साल पुरानी पार्टी है. इसे हिलाना आसान नहीं.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: जब भारत माता का चीरहरण हो रहा है. जब भारत माता की लाज, भारत माता की शान उनका गौरव और सिर का पल्लू उछल रहा हो और ये कांग्रेस वाले 50 साल से ऐसा कर रहे हो तो हमें प्रण करना होगा की आजादी की शाम नहीं होने देंगे. जब तक तन में एक लहू भी बाकी है भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे. 2018: हम कांग्रेसियों को प्रण करना होगा की आजादी की शाम नहीं होने देंगे. जब तक तन में एक लहू भी बाकी है भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: नरेंद्र भाई का कद दोगुन- तिगुना हर दिन बढ़ रहा है. आज अनिल अंबानी, धीरूभाई अंबानी से भी उनका कद अमीर हो गया है. 2018: कमाए होंगे अम्बानियों ने पैसे बने होंगे बड़े-बड़े सेठ. यदि किसी ने 20 साल में सबसे ज्यादा इज्जत कमाई है तो वो है हमारी अध्यक्षा सोनिया गांधी.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: मेरी एक ही तमन्ना इच्छा है. एक ही लालसा है कि भारतीय जनता पार्टी वाले लाल किले पर तिरंगा फैराते दिखाई दे.2018: अपने पूर्वजों का आशीर्वाद है. जब तक मेरे बदन में लहू होगा तब तक मैं राहुल भैया से लाल किले पर झंडा फहराए बिना नहीं मानूंगा मैं.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: है अंधेरा बहुत. उजाला होना चाहिए सूरज निकलना चाहिए. जैसे भी हो मौसम बदलना चाहिए. जो लोग बदलते हैं नकाब उनका जनाजा निकलना चाहिए. (ये बात सिद्धू ने कांग्रेस के लिए कही थी.)2018: है अंधेरा बहुत. उजाला होना चाहिए सूरज निकलना चाहिए. जैसे भी हो मौसम बदलना चाहिए. जो लोग बदलते हैं नकाब उनका जनाजा निकलना चाहिए. (यही बात दोबारा सिद्धू ने बीजेपी के लिए कही.)

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: बुलबुला चाहे छोटा हो लेकिन पानी के ऊपर वह जीता है. नरेंद्र मोदी का जीवन भी इसी तरह है. 2018: कांग्रेस के अधिवेशन का ये पल ठीक उस बुलबुले की तरह है जो पानी के ऊपर होता है. ये पल मेरे लिए भी ठीक उसी तरह है.

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महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शुरू हुई मशरूम और कीड़ा-जड़ी की ऑनलाइन बिक्री। आज ही आर्डर करें!

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आज भी देशभर में मनाया जा रहा महाशिवरात्रि का पर्व, ऐसे करें भोलेनाथ को खुश

देशभर में आज भी धूमधाम से महाशिवरात्रि का पर्व मना रहे हैं। शिवालयों में सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिरों को फूल-मालाओं से सजाया गया है। शिव भक्त मंदिरों में बेलपत्र और कच्चे दूध से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने सुबह से ही लाइन में लगे हुए है। महाशिवरात्रि को भगवान शिव की पूजा करने का सबसे बड़ा दिन माना जा रहा है। इस बार भोलनाथ की पूजा अर्चना करने का दो दिन अवसर मिला है। कई जगहों पर मंगलवार को भी महाशिवरात्रि मनाई गई, कई जगहों पर आज हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मनाया जा रहा है। दरअसल, 13 फरवरी को रात 10 बजकर 35 मिनट पर चतुर्दशी तिथि शुरू हो गई थी। वहीं 14 फरवरी की रात 12 बजकर 46 मिनट तक चतुर्दशी रहेगी। ऐसे में आज भी भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जा रहा है। दूध, दही, गुलाब जल, चंदन, शहद पानी जैसी विभिन्न सामग्रियों से शिवलिंग का जलाभिषेक हो रहा है।

आज के दिन है दोहरा संयोग

14 फरवरी को महाशिवरात्रि पर शुभ संयोग है। आज महाशिवरात्रि का व्रत-उपवास करने वालों को तिथि और तारीख का अद्भुत और दुर्लभ संयोग मिलेगा। आज तिथि भी 14 होगी और तारीख भी। साथ ही 14 फरवरी को यानी आज भगवान शिव का प्रिय नक्षत्र श्रावणी भी है। इस नक्षत्र में शिव की पूजा शुभ फलदायी मानी गई है। 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत करने वालों को संक्रांति का शुभ फल भी प्राप्त होगा। इस दिन बुध कुंभ राशि में आएंगे और सूर्य से मिलेंगे। जिन्होंने आज व्रत रखा है उन्हें शाम को ही चतुर्दशी तिथि में व्रत का पारण करना होगा। महाशिवरात्रि को भगवान शिव पर पर बेलपत्र के अलावा गंगाजल, गन्ने के रस, पंचामृत और कुशा के जल से भगवान का अभिषेक किए जाने की भी परंपरा है।

क्या है महाशिवरात्रि मनाने की मान्यता?

महाशिवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है। सालभर भक्त इस दिन का इंतजार करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव का मां पार्वती के साथ विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। यही कारण है कि इस बार दो दिन महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। आज देर रात से चतुर्थी तिथि लग रही है।

ऐसे भोलेनाथ को करें खुश

भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंग हैं। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन इन ज्योर्तिलिंगों के दर्शन बहुत भाग्यशाली और शुभ होता है। इस दिन शिवभक्त जल और कच्चे दूध से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। जिसके बाद चंदन, फूल, बेलपत्र से शिवलिंग की पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान शिव को सफेद फूल चढ़ाए जाते हैं, कहते हैं कि इससे वे जल्दी प्रसन्न होते हैं। शिवजी का जलाभिषेक केवल तांबे या पीतल के लोटे से ही करें। महाशिवरात्रि के अवसर पर कई जगहों पर तो आज के दिन भोलेनाथ की बारात निकालने की भी परंपरा है

इनसे करें भोलेनाथ का जलाभिषेक

भोलेनाथ के अभिषेक में दूध, गुलाब जल, चंदन, दही, शहद, चीनी और पानी जैसी विभिन्न सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक के बाद बेल पत्र अर्पित की जाती हैं, जिन्हें शुभ माना जाता है। भगवान शिव का सबसे प्रिय धतूरा होता है, इसे अर्पित करना सबसे ज्यादा लाभकारी बताया गया है। शिवपुराण के अनुसार शिव का अभिषेक गंगाजल या दूध से किया जाता है।