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आज सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे येदियुरप्पा, BJP सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत से 8 सीट दूर

चुनाव के नतीजे आ गए हैं. लेकिन किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. कर्नाटक में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदुरप्पा ने आज सुबह साढे दस बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. बैठक के बाद, येदुरप्पा विधायक दल के नेता चुने जाने की जानकारी राज्यपाल को देंगे और सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे.

राज्यपाल के पाले में है गेंद

वहीं, एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस की बैठक भी आज है. जेडीएस कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा कर रही है. बता दें कि कांग्रेस को 78 सीटें मिली है वो दूसरे नंबर की पार्टी बनी है. जबकि जेडीएस को सिर्फ 38 सीटें मिली हैं. अब गेंद राज्यपाल के पाले में है और देखना होगा कि वह सरकार बनाने का न्योता किसे देते हैं.

हम सबसे बड़ी पार्टी, मौका मिले- येदियुरप्पा

बीएस येदियुरप्पा ने कहा है, ‘’हम सबसे बड़ी पार्टी हैं और ऐसे में सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. बीजेपी 100 प्रतिशत सरकार बनाएगी और विधानसभा में बहमत भी साबित करेगी.’’

पहली प्राथमिकता सरकार का गठन, शर्तों पर फैसला बाद में- सिद्धारमैया

उधर, राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मीडिया से मुखातिब सिद्धारमैया ने कहा, कांग्रेस ने बिना शर्त जेडीएस को समर्थन दिया है. सिद्धारमैया ने कहा कि गठबंधन की शर्तों पर बाद में फैसला होगा. पहली प्राथमिकता सरकार का गठन है. सिद्धारमैया ने दावा किया कि उनके पास मैजिक नंबर है.  उन्होंने कहा कि दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के साथ है

बता दें कि अगर कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन का दावा चल गया तो जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के सीएम भी बन सकते हैं.

कौन हैं कुमारस्वामी?

कुमारस्वामी साल 2006 से 2007 तक कर्नाटक के सीएम रह चुके हैं. कुमारस्वामी रामानगरम से तीन बार विधायक रह चुके हैं. रामानगरम सीट कुमारस्वामी का गढ़ मानी जाती है. साल 2013 में कुमारस्वामी रामानगरम से 40 हजार वोटों से जीते थे. कुमारस्वामी दो बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं.

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छह माह में आ सकता है अयोध्या मंदिर विवाद का फैसला : कोकजे

सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का फैसला छह माह में आ सकता है, यह उम्मीद जताई है विहिप के नवनिर्वाचित अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने।

अध्यक्ष चुने जाने के बाद पहली बार रामनगरी पहुंचे कोकजे रामघाट स्थित रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में मीडिया से मुखातिब थे।

उन्होंने कहा, मंदिर-मस्जिद का अदालती विवाद अंतिम चरण में है और अदालत जिस तरह की तत्परता बरत रही है, उससे यह नहीं लगता कि फैसले के लिए अधिक दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। विहिप अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि अदालत का फैसला मंदिर के हक में आएगा। उन्होंने कहा, फैसले के बाद क्या करना होगा, इसके लिए अभी से व्याकुल होने की आवश्यकता नहीं है और आगे की दिशा निर्णय आने के बाद तय की जाएगी।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, प्रकरण अदालत में लंबित है और अदालत जिस तरह से इस मसले को संज्ञान में ले रही है, उससे मंदिर के लिए संसद में कानून बनाने की सोचना उचित नहीं है, क्योंकि कानून बनाने के बाद भी इसे अदालत में चुनौती मिल सकती है और मसला पुन: अदालत के हवाले हो सकता है। उन्होंने अदालत के फैसले से बचने की कोशिश करने वालों को यह सीख भी दी कि हम यह क्यों सोचें कि अदालत का फैसला मंदिर के हक में नहीं आएगा।

हाईकोर्ट पहले ही रामलला के पक्ष में निर्णय कर चुका है। कोकजे ने बताया, विहिप अदालती लड़ाई को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पैरवी के लिए अच्छे से अच्छे वकील लगाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और कहा, ङ्क्षहदुओं के निकट मोदी जैसा कोई अन्य प्रधानमंत्री नहीं रहा है।

इस मौके पर विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार, उपाध्यक्ष चंपत राय, प्रबंध समिति के सदस्य दिनेशचंद्र, पुरुषोत्तमनारायण सिंह, राजेंद्र सिंह पंकज, प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा, सुभाषचंद्र बोस राष्ट्रीय विचार केंद्र के अध्यक्ष शक्ति सिंह आदि मंदिर समर्थक मौजूद रहे।

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CWG 2018: भारत के लिए सुपर संडे, जानें कौन कौन से खिलाड़ियों ने बढ़ाई तिरंगे की शान, जीते मेडल, देखें फोटोज और विश्लेषण

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन जारी है। 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने संडे को छह मेडल हासिल करते हुए इसे सुपर संडे बना दिया। इन छह मेडल में 3 गोल्ड, एक सिल्वर और दो कांस्य पदक भारत की झोली में आए। इसके साथ ही अब भारत ने 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 3 कांस्य के साथ कुल 12 मेडल हासिल कर लिए हैं और इसी के साथ भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।

गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी

टेबल टेनिस टीम ने जीता गोल्ड

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में टेबल टेनिस के टीम इवेंट के फाइनल में भारत ने सिंगापुर को 3-1 से मात देकर गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। ये भारत का सातवां गोल्ड मेडल रहा।

मनु भाकर

अपना पहला कॉमनवेल्थ खेल रही मनु भाकर ने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल करते हुए गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया।

पूनम यादव

भारत की पूनम यादव ने 69 किलो वर्ग कैटिगरी में में भारत की झोली में पांचवा गोल्ड डाल दिया। पूनम ने 69 किलो भारवर्ग में कुल 222 किलो वजन उठाया। स्नैच में 100 और क्लीन एंड जर्क में पूनम ने 122 किलो ग्राम वजन उठाया।

राहुल रागला

राहुल ने 85 किग्रा भार वर्ग में 338 किग्रा (151187) वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। उन्होंने सामोआ के डोन ओपेलोगे (331) को पीछे छोड़ा, जिन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। क्लीन एंड जर्क में पहले प्रयास में राहुल ने 147 और ओपेलोगे ने 144 किग्रा का वजन उठाया। राहुल ने दूसरे प्रयास में 187 किग्रा वजन उठाया, जबकि ओपेलोगे दूसरे प्रयास में विफल रहे। हालांकि, दोनों का 191 किग्रा का आखिरी प्रयास विफल रहा।

सतीश शिवलिंगम

भारतीय वेटलिफ्टर सतीश कुमार शिवलिंगम ने 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। सतीश ने स्नैच में अपने पहले प्रयास में 136 किलोग्राम वजन उठाया था, इसके बाद 140 और अपने आखिरी प्रयास में 144 किलो भार उठाया।

संजीता चानू

कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत की झोली में दूसरा गोल्ड मेडल आया। ये मेडल भारत की स्टार वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम वर्ग में दिलाया था। संजीता ने ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।

मीरा बाई चानू

गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले ही दिन भारतीय वेटलिफ्टर मीरा बाई चानू ने भारत को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया। मीरा बाई चानू ने अपने पहले ही प्रयास में 80 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया। पिछला रिकॉर्ड 77 किलोग्राम का था जो कि अगस्तानिया ने बनाया था। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने बड़ी ही आसानी से 84 किलोग्राम वजन उठा दिया। दूसरी कोशिश में 84 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। तीसरी और आखिरी कोशिश में 86 किग्रा वजन उठाकर दूसरी बार अपने ही रिकॉर्ड से आगे निकल गईं।

सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी

हिना सिद्धू

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में हीना सिद्धू ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल किए और हिना को 234 अंक मिले। इस स्पर्धा में मनु ने गोल्ड जीता तो हिना को सिल्वर मेडल मिला।

गुरुराजा पुजारी

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला पदक वेटलिफ्टर गुरुराजा पुजारी ने दिलवाया। गुरुराजा ने 56 किलोग्राम कैटेगरी में 249 किग्रा वजन उठाया। इससे पहले 2016 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, इस साल पेनांग में कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भी गुरुराजा पुजारी ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था।

कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी

विकास ठाकुर

भारत के भारोत्तोलक विकास ठाकुर ने भारत की झोली में तीसरा कांस्य पदक डाला। विकास ने 94 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। विकास ने कुल 351 किलोग्राम भार उठाया। उन्होंने स्नैच में 159 का भार उठाकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। क्लीन एंड जर्क में वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और इस कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

रवि कुमार

भारत को रवि कुमार ने 10 मी. एयर राइफल में दूसरा कांस्य पदक दिलाया। रवि कुमार एक समय रजत पदक जीतते दिखाई पड़ रहे थे, लेकिन आखिरी में उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा। रवि कुमार ने 224.1 का स्कोर किया।

दीपक लाठेर

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला कांस्य पदक दीपक लाठेर ने दिलवाया। दीपक ने वेटलिफ्टिंग के 69 किलो की प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 18 साल के दीपक लाठेर के लिए ये पहला मौका है जब वो कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले रहे हैं।

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व्हाट्सएप का नया QR कोड पेमेंट फीचर पेटीएम और फ्रीचार्ज के लिए बनेगा सिरदर्द

फेसबुक अधिकृत व्हाट्सएप सिर्फ एक मैसेजिंग एप तक ही सीमित नहीं रही है। भले ही इस एप की शुरुआत टेस्टिंग और फोटोज, वीडियोज भेजने से हुई हो। लेकिन इन सालों में व्हाट्सएप ने स्नैपचैट की तरह स्टेटस फीचर्स से लेकर इन-एप यूट्यूब प्लेबैक, वॉयस और वीडियो कालिंग और पेमेंट्स फीचर जोड़ दिया है। इससे यूजर्स का अनुभव और बेहतर हुआ है।

आसानी से भेज पाएंगे पैसे : अब व्हाट्सएप ने QR फीचर पेश किया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स आसानी से पैसे भेज पाएंगे। फिलहाल, यह फीचर बीटा वर्जन में है। यह फीचर इससे पहले पेश किए गए सेंड टू यूपीआई आईडी फीचर में जोड़ा गया है।

भारत में QR फीचर पेटीएम, फ्रीचार्ज और मोबिक्विक जैसे ई-वॉलेट एप्स पर पहले से उपलब्ध है। व्हाट्सएप का यह नया पेमेंट फीचर यूजर्स को अपनी ओर आकर्षित करने के साथ-साथ सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम को भी बूस्ट देगा।

कहां उपलब्ध है यह फीचर: यह नया फीचर गूगल प्ले बीटा प्रोग्राम के तहत व्हाट्सएप वर्जन 2.18.93 पर उपलब्ध है। एंड्रॉयड बीटा यूजर्स सेटिंग्स में पेमेंट में जाएं। इसके बाद न्यू पेमेंट्स पर टैप करें। इसमें स्कैन QR कोड का विकल्प दिखाई देगा। इसमें आप जितनी भी राशि भेजना चाहे उसे एंटर कर के सेंड कर दें।

प्रतिस्पर्धियों के लिए खतरा : व्हाट्सएप पे के लॉन्च के कारण भारत में मौजूद लोकल पेमेंट सेवा प्रदाताओं के बीच हलचल मच गई। पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा का डर तो ट्विटर पर सबके सामने भी आ चुका है। उन्होंने कुछ समय पहले ट्ववीट किया था की व्हाट्सएप के इस नए फीचर के आने से यूपीआई सिस्टम आहत होगा।

इस मामले में पेटीएम सीईओ ने किया था ट्ववीट : विजय शेखर शर्मा ने एक बयान में कहा की-”फेसबुक अपना पेमेंट सिस्टम लाकर देश में बड़ा प्लेयर बनकर मोनोपॉली स्थापित करने ओर यूपीआई को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहा है।”

हालांकि, अन्य लोकल प्लेयर्स का मानना है की भले ही गूगल ओर व्हाट्सएप जैसी कंपनियों को यूपीआई प्लेटफार्म स्थापित करने के लिए थोड़ी फ्लेक्सिबिलिटी दी जा रही है लेकिन उनसे भी सभी दिशानिर्देशों का पालन करवाया जा रहा है। भारत में व्हाट्सएप लगभग 80 प्रतिशत छोटे बिजनेस को उपभोक्तओं से कनेक्ट करने के लिए मदद करता है।

व्हाट्सएप में जुड़ेंगे ये खास फीचर्स : व्हाट्सएप भविष्य में ऑटो रेस्पोंसेज, बिजनेस प्रोफाइल बनाना, चाट माइग्रेशन ओर एनालिटिक्स जैसे फीचर्स लेकर आएगा। यूजर्स व्हाट्सएप बिजनेस के लिए लैंडलाइन नंबर भी रजिस्टर कर पाएंगे। यह कंपनी द्वारा लिया जाने वाला बड़ा कदम हो सकता है। क्योंकि लोगों को ग्राहकों के साथ अपना निजी नंबर शेयर करना पसंद नहीं होता। बिजनसेज Away का ऑटोमेटेड रिस्पांस भी सेट कर पाएंगे। यह मैसेज उपभोक्ताओं को तब मिलेगा जब वो कंटेट्स करने का प्रयास कर रहे होंगे और आप उपलब्ध नहीं होंगे।

व्हाट्सएप की योजना को ध्यान में रखते हुए यह बात तो साफ है की लोकल ई-वॉलेट कंपनियों के सामने कड़ी प्रतिस्पर्धा है। ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए इन कंपनियों को नए सिरे से योजना बनानी होगी।अन्यथा देश में व्हाट्सएप का एकाधिकार होना संभव है।

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Resume of Elon Musk: ऐसा है एलन मस्क का एक पेज का रिज्यूमे, 13 हजार करोड़ के हैं मालिक

कहा जाता है कि रेज्यूमे हमेशा साधारण और सरल भाषा में होना चाहिए. जी हां दुनिया के 54वें अमीर आदमी ने भी कुछ ऐसा ही रेज्यूमे बनाया है. आइए देखते हैं कैसा है इस शख्स का रेज्यूमे

हम बात कर रहे हैं दुनिया के 54वें अमीर आदमी एलन मस्क की, जो अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स और टेस्ला के संस्थापक हैं. उन्होंने अपना रेज्यूमे एक पेज का बना रखा है, जो आपको प्रभावित कर सकता है.

एलन मस्क ने अपने रेज्यूमे में एजुकेशन क्वालीफिकेशन, स्किल्स, प्रोफेशनल एचीवमेंट्स और इंट्रेस्ट के बारे में भी लिखा है. उन्होंने अपने रेज्यूमे को इस तरह से डिजाइन किया है कि एक पेज में उन्होंने अपनी सारी जानकारी डाल दी.

इस बात पर भले ही लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर उन्हें रेज्यूमे की क्या आवश्यकता है, लेकिन नोवोरेज्यूमे की ओर से पोस्ट किया गया ये रेज्यूमे आपको भी प्रेरित कर सकता है. साथ ही इस रेज्यूमे की डिजाइन से आप भी अपना रेज्यूमे बना सकते हैं.

मस्क की कुल संपति 20.3 बिलियन डॉलर यानि करीब 13 हजार करोड़ रुपये है.

वे साउथ अफ्रीका में बड़े हुए और 17 साल की उम्र में कनाडा आ गए. उसके बाद अमेरिका में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्नसेलवेनिआ में पढ़ाई की है.

मस्क पहले पे-पाल के को-फाउंडर थे.

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जीत के बाद बोले अखिलेश- उनका घमंड टूट गया, उम्मीद है अब भाषा भी बदल जाएगी

अखिलेश यादव में सभी सहयोगी दलों  और जनता को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उन सभी लोगों के सहयोग के बिना यह जीत संभव नहीं थी। यह जीत बहुत बड़ी है। यह उन तमाम लोगों की जीत है, जो गरीब, मजदूर, किसान, दलित और अल्पसंख्यक है।

बीजेपी पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि फूलपुर में तो फूल मुरझा गया। उनका घमंड टूट गया है। उम्मीद है कि अब उनकी भाषा बदल जाएगी। जिन अधिकारियों से हमने काम लिया। उन्हीं पर बीजेपी ने आंख बंद करके भरोषा किया।

कांग्रेस और राहुल गांधी से जुड़े एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि से संबंधों पर अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस से संबंध बने हुए हैं। नौजवान वो भी हैं, हम भी हैं।

ईवीएम पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ईवीएम में खामिया न होतीं तो जीत और बड़ी होती। उन्होंने बताया कि कई गांवों में ईवीएम के चलते घंटों मतदान नहीं हो सका। कई ईवीएम जब चेक कराई गई तो उसमें वोट पहले से पड़े थे। अखिलेश  ने तंज कसते हुए कहा कि ईवीएम से पूरा गुस्सा नहीं निकला, अगर बैलेट बॉक्स होता तो आवाज सुनने को मिलती और गुस्सा भी पूरा निकलता।

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देश भर में जल्द सस्ती होगी शराब, GST काउंसिल की बैठक में होगा फैसला

शनिवार को गुड्स एंड सर्विस काउंसिल की 26वीं बैठक होने जा रही है। इस बैठक में काउंसिल कई अहम मुद्दों पर फैसला लेगी। जहां कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न को 3बी के जरिए फाइल करने के लिए अनुमोदन मिल सकता है, वहीं शराब को भी जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है।

शराब होगी जीएसटी में शामिल
शराब को जीएसटी के दायरे में लाने की दिशा में पहला कदम उठा सकती है। अगर आम राय बनती है तो राज्यों की ओर से प्रतिरोध के बावजूद एल्कोहल युक्त पेय बनाने में इस्तेमाल होने वाले एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल या ‘मानव के उपयोग वाले एल्कोहल’ को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है।

इससे व्हिस्की, रम और बियर आदि एल्कोहॉलिक पेय बनाए जाते हैं। शेष 30 प्रतिशत ईएनए का प्रयोग दवा या फिर सौंदर्य प्रसाधन बनाने के काम में लाया जाता है।एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल (ईएनए) पर जीएसटी लगाने की केंद्र सरकार की यह दूसरी कवायद है, जिस पर इस समय राज्य सरकारें कर लगाती हैं।

पीने वाले एल्कोहल को जीएसटी के बाहर रखा गया है, जबकि इसका कच्चा माल ईएनए अपरिभाषित क्षेत्र में है।

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लेनिन की मूर्ति पर घमासान: वामदल घटना के खिलाफ देशभर में करेंगे प्रदर्शन

त्रिपुरा में प्रशासन, भाजपा और माकपा की ओर से सभी से शांति बनाए रखने के आह्वान के बावजूद चुनाव के बाद की हिंसा जारी रही। सोमवार को बेलोनिया टाउन में रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा बुल्डोजर से गिरा दिया गया।

इसके बाद हिंसा और भड़क गई और सियासी घमासान शुरू हो गया। घटना के खिलाफ कोलकाता में वामदलों ने प्रदर्शन किया। इस बीच, मंगलवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यपाल और डीजीपी से नई सरकार के कामकाज संभालने तक शांति सुनिश्चित करने को कहा।

माकपा का आरोप है कि त्रिपुरा में भगवा पार्टी की जीत के बाद बेलोनिया स्थित कॉलेज स्क्वायर में कथित तौर पर भाजपाइयों ने सोमवार दोपहर बुल्डोजर से पांच फुट लंबी प्रतिमा गिरा दी। इस दौरान भारत माता की जय के नारे भी लगाए गए। कुछ महीने पहले पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने इस प्रतिमा का अनावरण किया था। माकपा ने कथित तौर पर वामपंथी कैडरों और कार्यालय पर हुए हमलों की एक सूची भी जारी की है।

सामने आया भाजपा का असली चेहरा: येचुरी

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मंगलवार को कहा कि भाजपा और आरएसएस का असली चेहरा सामने आ गया है। भाजपा की सोच सिर्फ साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के आधार पर चुनाव जीतना है। माकपा नेता ने यह भी कहा कि इस घटना के विरोध में सभी राज्यों की राजधानी में प्रदर्शन होगा। भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ हम अपने जनसंघर्षों के साथ देश भर में जनता तक पहुंचेंगे। भाजपा की सहयोगी जदयू के सांसद हरिवंश ने कहा, हमारा देश रूस नहीं है। हिंसा की घटनाएं गलत हैं।

लोकतंत्र में यह स्वीकार्य नहीं

भाकपा नेता डी. राजा ने कहा कि यह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। हम लोकतंत्र में कुछ पार्टियां जीत जाती हैं और कुछ हार जाती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वे हिंसा का सहारा ले सकते हैं। लेनिन की प्रतिमा गिराना निंदनीय है।

कई इलाकों में निषेधाज्ञा

जिला मजिस्ट्रेट मिलिंद रामटेके ने बताया कि हिंसा के कारण श्रीनगर, लेफुंगाख, मंडई, आमतली, राधापुर, अरुंधति नगर,  जिरनिया, मोहनपुर सहित दक्षिण त्रिपुरा जिले के कई इलाकों में निषेघाज्ञा लागू कर दी गई है। दक्षिण त्रिपुरा जिले के एसपी मोनचक इप्पर ने बताया कि जेसीबी मशीन (बुलडोजर) चालक ने शराब पी रखी थी। उसे गिरफ्तार कर बुलडोजर को सीज कर दिया है। बाद में जमानत पर उसे रिहा कर दिया गया।

हालात की जानकारी ली

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यपाल राज्यपाल तथागत राय और डीजीपी एके शुक्ला से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान गृहमंत्री को भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन की जीत के बाद भड़की हिंसा पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों से अवगत कराया गया। गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि सिंह ने राज्यपाल और डीजीपी से हर तरह की हिंसा पर रोक लगाने और त्रिपुरा में नई सरकार के गठन तक शांति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

लोकतांत्रिक सरकार सब ठीक कर सकती है 

लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार जो कर सकती है, एक अन्य लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार उसे ठीक कर सकती है। – तथागत रॉय, त्रिपुरा के राज्यपाल

विदेशी नेताओं की प्रतिमाओं के लिए भारत में जगह नहीं: अहीर

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने मंगलवार को कहा कि सरकार हर तरह की हिंसा की निंदा करती है, लेकिन विदेशी नेताओं की प्रतिमाओं के लिए भारत में कोई स्थान नहीं है। अहीर की टिप्पणी उस वक्त आई है जब कल त्रिपुरा में सोवियत संघ के संस्थापक लेनिन की प्रतिमा गिरा दी गई।

मंत्री ने कहा, हम हर तरह की हिंसा की निंदा करते हैं और राज्य सरकार इस मामले को देख रही है। परंतु मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारत में विदेशी नेताओं की प्रतिमाओं की जरूरत नहीं है। इस देश में महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, बीआर अंबेडकर, दीनदयाल उपाध्याय और राम मनोहर लोहिया जैसे कई बड़े आदर्श पुरुष हैं।

जनता सही जवाब देगी

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने त्रिपुरा में भाजपा के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद मंगलवार को कहा कि राज्य की जनता ने वोटों के जरिये हत्याओं का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वामपंथी पार्टियों ने त्रिपुरा में भाजपा के नौ कार्यकर्ताओं की हत्या की थी और जनता ने चुनावों में इसका जवाब दे दिया है। कर्नाटक में कांग्रेस की शह पर 24 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है, इसका जवाब भी जल्द ही जनता देगी।

वाम मोर्चे से उत्पीड़ित लोगों ने प्रतिमा गिराई होगी: गिरिराज

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कहा कि त्रिपुरा में वाम मोर्चे के 25 साल के शासन के दौरान उत्पीड़ित लोगों ने सोवियत संघ के संस्थापक व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा गिराई होगी। भाजपा या उसकी विचारधारा हिंसा को बढ़ावा नहीं देती, लेकिन वामपंथी ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा, वाम शासन के दौरान बहुत सारे लोगों का उत्पीड़न हुआ। उनमें से कुछ लोगों में बदले की भावना रही होगी। यह समय बताएगा कि लेनिन की प्रतिमा गिराने के लिए कौन जिम्मेदार हैं।

मुख्यालय में प्रतिमा लगाएं कम्युनिस्ट पार्टी: स्वामी

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि लेनिन तो विदेशी हैं। ऐसे व्यक्ति की मूर्ति हमारे देश में क्यों? वे कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्यालय के अंदर मूर्ति रख सकते हैं और पूजा कर सकते हैं।

मैं माकपा के खिलाफ हूं और मार्क्स या लेनिन मेरे नेता नहीं हैं। मैंने हमेशा माकपा के अत्याचारों के खिलाफ विरोध जताया है। इसी तरह से मैं भाजपा के अत्याचारों को स्वीकार नहीं कर सकती। -ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख

यह भाजपा की घटिया दर्जे की हिंसा और तोड़फोड़ है। यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। -सुधाकर रेड्डी, वामपंथी नेता

यह कम्युनिस्टों को राष्ट्रीय स्तर पर निशाना बनाने का षड्यंत्र है। भाजपा को यह नहीं सोचना चाहिए कि सिर्फ चार प्रतिमाओं को ढहाने से कम्युनिस्टों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। -पी. विजयन, केरल के मुख्यमंत्री

विचारधारा अलग-अलग हो सकती है, लेकिन कोई मूर्ति तोड़ना ठीक नहीं। भारतीयों की विचारधारा सबको साथ लेकर चलने की है। -संजय राउत, शिवसेना सांसद

माकपा ने प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन

नई दिल्ली। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को लेकर माकपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें राज्य में शांति बहाल करने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।

लोकसभा में पार्टी के उपनेता एवं पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि त्रिपुरा में चुनाव के नतीजे आने के बाद से माकपा समर्थकों, पार्टी के कार्यकर्ताओं, पार्टी कायार्लयों तथा जन संगठनों के दफ्तरों पर हमले हो रहे हैं। सोमवार तक 1539 घरों पर हमले हुए हैं और 196 घरों को आग लगा दी गई है। उन्होंने त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह संवैधानिक पद पर आसीन हैं, लेकिन हिंसा की घटनाओं को न्यायोचित ठहरा रहे हैं।

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पूर्वोत्तर में लहराया भगवा,BJP की जीत से आसान हुई 2019 की राह

2014 के आम चुनाव में केंद्र में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में लगातार पूर्वी भारत का बार-बार जिक्र किया जिसका नतीजा त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में देखने को मिला। पूर्वोत्तर में भाजपा को मिली इस जीत से 2019 की उसकी राह आसान होगी। बता दें कि पूर्वोत्तर राज्यों में लोकसभा की 25 सीटें हैं और 2014 में हुए आम चुनाव में भाजपा को पूर्वोत्तर राज्यों में 8 सीटों पर जीत हासिल हुई थी तो वहीं कांग्रेस को भी 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था और सी.पी.एम. को 4 सीटें मिलीं। बाकी सीटें स्थानीय दलों के खाते में चली गईं। 2014 में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार पूर्वोत्तर राज्यों पर फोकस किया और लगातार पूर्वी भारत की बात करते नजर आए।
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देश में है मोदी लहर
2019 में होने वाले आम चुनाव में भाजपा की राह आसान होती नजर आ रही है क्योंकि इस वक्त भाजपा के अधिकतर राज्यों में भाजपा सत्ता पर काबिज है। पी.एम. मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के लिए यह अच्छा है। 2014 में सरकार बनाने के बाद भाजपा लगातार कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती आई है। त्रिपुरा व नागालैंड में मिली जीत के बाद भाजपा आलाकमान संतुष्ट नजर आ रहा है। भाजपा के लिए एक और अच्छी बात यह है कि देश में अभी मोदी लहर का असर बाकी है। वहीं 2009 के आम चुनाव में पूर्वी राज्यों में भाजपा को निराशा हाथ लगी थी। 2009 में पूर्वोत्तर में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी और सी.पी.एम. के हाथ यहां से 16 सीटें लगी थीं, वहीं सी.पी.आई. को 4 सीटों पर ही जीत मिली थी। गौरतलब है कि कांग्रेस की सरकार केंद्र में होने के बावजूद पूर्वोत्तर में पार्टी को ज्यादा सफलता हासिल नहीं हुई थी।
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किस राज्य में किसे फायदा और किसे नुक्सान हुआ
त्रिपुरा
कांग्रेस को हुआ ज्यादा नुक्सान

सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हुआ। 25 साल से सत्ता से बाहर कांग्रेस यहां मुख्य विपक्षी दल था। इस बार उसके हाथ एक भी सीट नहीं लगी जबकि पिछले चुनावों में उसे 10 सीटें मिली थीं। नार्थ ईस्ट में भाजपा की लगातार बढ़ती सक्रियता और वहां हो रही राजनीतिक उठा-पठक का सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हो रहा है। त्रिपुरा में 2013 में उसके भले ही सिर्फ 10 विधायक थे लेकिन पार्टी का वोट शेयर 36.5 फीसदी था जो अब घटकर 2 फीसदी से कम हो गया है।

लैफ्ट ने क्या खोया
पिछले 40 साल के दौरान त्रिपुरा में हुए 8 चुनावों में लैफ्ट का वोट शेयर कभी भी 45 प्रतिशत से कम नहीं था। इस बार यह घटता दिख रहा है। बंगाल में सत्ता जाने के बाद त्रिपुरा लैफ्ट का सबसे मजबूत गढ़ था। त्रिपुरा से भी सत्ता जाने के बाद लैफ्ट अब केवल केरल में ही सत्ता में रह गया है।
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मेघालय
चुनाव में सबसे ज्यादा बढ़त किसे

सबसे ज्यादा फायदा भाजपा और एन.पी.पी. को होता दिख रहा है। भाजपा अपने पुराने सहयोगियों एन.पी.पी. और यू.डी.पी. के साथ मिलकर सरकार बना सकती है। पिछले चुनावों में जहां भाजपा ने इस राज्य में खाता भी नहीं खोला था वहीं यू.डी.पी. और एन.पी.पी. की भी हालत खराब ही थी लेकिन इस बार तीनों पार्टियों की सीटों में इजाफा हुआ।

पी.ए. संगमा की पार्टी का आगे क्या
2013 में पूर्व लोकसभा स्पीकर पी.ए. संगमा की पार्टी एन.पी.पी. को 2 सीटें मिली थीं। उनके निधन के बाद संगमा के बेटे कॉनरोड संगमा के हाथ में पार्टी की कमान है। कॉनरोड को इस बार सी.एम. पद का बड़ा दावेदार बताया जा रहा है।
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नागालैंड
सबसे ज्यादा नुक्सान में कौन रहा

एन.पी.एफ. को चुनाव से पहले ही काफी नुक्सान हो चुका है। नेतृत्व की लड़ाई में पार्टी के दो हिस्से हो चुके हैं। अब पार्टी के हाथ से सत्ता जाती दिख रही है। सी.एम. टी.आर. जेलियांग के लिए बिना नेफ्यू रियो के एन.पी.एफ. को जिताने की मुश्किल चुनौती है।

कांग्रेस मजबूत हुई या कमजोर
पिछले चुनाव में कांग्रेस के यहां 8 एम.एल.ए. थे। यह सभी 2 साल पहले एन.पी.एफ. में शामिल हो गए थे। इस तरह वर्तमान में यहां कांग्रेस का एक भी एम.एल.ए. नहीं है। 15 साल पहले सत्ता में रही कांग्रेस को इस चुनाव में कैंडीडेट मिलने में भी काफी परेशानी हुई। पार्टी ने 23 सीटों पर कैंडीडेट उतारे थे। इनमें से 5 ने नाम वापस ले लिया।

भाजपा मजबूत हुई या कमजोर
15 साल से एन.पी.एफ. की जूनियर पार्टनर रही भाजपा को विशेषज्ञ एन.पी.एफ. में हुई टूट का कारण बताते हैं।  इस पार्टी की टूट का फायदा भाजपा को हुआ है। पार्टी पहली बार कई सीटें जीत कर सरकार बनाने के कगार पर है।

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जिया खान केस में आरोप तय होने के बाद सलमान के इस ‘हीरो’ का फिल्मी भविष्य खतरे में

मुंबई के सत्र न्यायालय ने जिया खान आत्महत्या मामले में आरोपी अभिनेता सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ आरोप तय कर दिए हैं। और इस कारण हिंदी फिल्मों में बतौर हीरो लॉन्च हुए सूरज का फिल्मी करियर अब खतरे में नज़र आ रहा है।

मंगलवार को मुंबई की एक अदालत ने सूरज के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोप तय कर दिया और अब इस मामले में गवाहों की तफ़तीश 14 फरवरी से शुरू होगी। सूरज ने अदालत में ख़ुद को निर्दोष बताया है। अमिताभ बच्चन के साथ निशब्द सहित कई फिल्मों में काम कर चुकी जिया खान साल 2013 में तीन जून को अपने घर पर मृत पाई गई थीं। उन्होंने गले में फ़ांस लगा कर ख़ुदकुशी की थी लेकिन उनकी माँ ने अदालत में जिया के ख़ास दोस्त सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ केस दर्ज़ करते हुए आरोप लगाया कि जिया सूरज के साथ पिछले दो दिन से रह रही थी और उसी दिन अपने घर वापस आई थी जिसके बाद उसने ये कदम उठाया। उसने सूरज की वजह से मौत को गले लगाया है। उसी साल अक्टूबर में जिया खान ने मुंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सीबीआई जांच की मांग करते हुए दावा किया कि उनकी बेटी की ह्त्या की गई है।

अभी हाल ही में जिया ख़ान की मां राबिया ख़ान की याचिका पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने सूरज के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने के लिए निचली अदालत को निर्देश दिए थे। अपनी जांच के दौरान सीबीआई ने भी बताया कि सूरज ने पूछताछ में तथ्यों को छिपाया और मनगढ़ंत जानकारी दी। केस की जांच के दौरान सूरज ने ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाने से भी मना कर दिया था।

अब सवाल उठता है कि सूरज पंचोली के फिल्मी करियर का क्या होगा? आदित्य पंचोली और ज़रीना वहाब के बेटे सूरज ने साल 2015 में फिल्म हीरो से बॉलीवुड में एंट्री ली थी। ये सलमान खान प्रोडक्शन की फिल्म थी और इस फिल्म में उन्होंने सूरज के साथ सुनील शेट्टी की बेटी अतिया को भी लांच किया था। सूरज की अब तक वो पहली और आख़िरी फिल्म है क्योंकि उसके बाद से उनके नेक्स्ट प्रोजेक्ट को लेकर कई तरह की ख़बरें आई लेकिन कुछ फाइनल नहीं हुआ। अभी हाल ही में एक अवॉर्ड शो में आये सूरज ने बताया था कि उनकी अगली फिल्म की शूटिंग 20 से 25 दिनों में शुरू हो रही है। ये फिल्म भी प्रेम कहानी है। जिसमें अधिक एक्शन भी होगा। बताया जाता है कि ये फिल्म रेमो डिसूज़ा निर्देशित करने वाले हैं, जिसमें अजय देवगन भी होंगे लेकिन इस फिल्म का क्या हुआ कुछ पता नहीं क्योंकि रेमो इन दिनों सलमान खान की रेस 3 को डायरेक्ट कर रहे हैं।

पिछले साल जून में सूरज ने ट्विट कर बताया था कि वो प्रभुदेवा की फिल्म में काम करने जा रहे हैं, हालांकि उसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है क्योंकि प्रभुदेवा कुछ महीनों बाद सलमान खान के साथ दबंग 3 को डायरेक्ट करेंगे। ऐसे में माना जा सकता है कि इस केस के चलते सूरज के फिल्मी भविष्य पर अभी संकट के बादल हैं।