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मिल्क शेक स्टार्टअप ने हासिल किया 2 साल में 40 करोड़ का रेवेन्यू। जानें कैसे!

2 साल पहले कोरामंगलम में पहला फ्रोजेन बोटल स्टोर खोलने वाले प्रांशुल यादव और अरुण सुवर्णा ने अपनी कड़ी मेहनत और बेमिसाल बिज़नेस प्लानिंग से अब 100 आउटलेट्स खोलने का कारनामा कर लिया है।

Frozen bottle cofounders

प्रांशुल ने इससे पहले क्रीम स्टोन के कई स्टोर्स बैंगलोर में खोले थे जिससे उनका इस क्षेत्र में अनुभव और बढ़ गया। दोनों ने मिलके 36 लाख रुपए से इस बिज़नेस को बूटस्ट्रैप किया और सफलता की नई मिसाल कायम की।

Frozen bottle outlet

2017 में अपने पहले साल में बैंगलोर में 10 स्टोर्स खोलना इनकी एक बड़ी कामयाबी रही। इस साल के अंत मे फ्रोज़न बोटल ने 18 लाख रुपए में 8% सेल्स प्रति माह रॉयल्टी फीस के साथ अपनी फ्रेंचाइजी देनी शुरू करी जिससे अब मौजूदा समय मे इनके 40 कंपनी आउटलेट्स मिलाकर कुल 100 से ज्यादा स्टोर्स चल रहे हैं।

Frozen bottle products

फ्रोज़न बोटल बैंगलोर, मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, पुणे, सूरत, मनिपाल, कोच्चि और कोयम्बटूर जैसे कुल 18 शहरों में स्टोर्स खोल चुकी है। कंपनी का प्लान 140 नए स्टोर्स खोलने का है जिसके लिए 5 करोड़ का निवेश यह अपनी कमाई में से ही कर रहे हैं। फ्रेंचाइजी मॉडल की कामयाबी से इस कंपनी को कभी एक्सटर्नल फंडिंग की भी जरूरत नही पड़ी और अपनी शर्तों पर खुद मेहनत करके कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंचना सभी के लिए एक बेहद प्रेरणा दायक उदाहरण है।

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लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के चलते बुधवार को भी नहीं हुआ कोई काम

तेलंगाना में आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के और कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक के भारी हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। 12 बजे दोबारा जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य हंगामा करने लगे जिस कारण बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन में व्यवस्था नहीं होने की वजह से अविश्वास प्रस्ताव आज भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

बता दें कि ऐसी ही स्थिति राज्यसभा में भी देखने को मिली। यहां अलग-अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के हंगामे की वजह से बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। बजट सत्र के दूसरे चरण में पिछले दो सप्ताह की कार्यवाही हंगामे के कारण बाधित रहने के बाद तीसरे सप्ताह में भी कोई कामकाज नहीं हो पा रहा है और बुधवार को लगातार 13वें दिन भी प्रश्नकाल हंगामे की भेंट लोकसभा चढ़ गया। लोकसभा की कार्यवाही सुबह जैसे ही आरंभ हुई तो अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गये।

वहीं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की किया लेकिन हंगामा थमता नहीं देख उन्होंने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगा रहे थे। टीआरएस के सदस्यों ने ‘एक राष्ट्र, एक नीति’ की मांग वाली तख्तियां ले रखी थीं। बजट सत्र के दूसरे चरण में पांच मार्च को आरंभ होने के बाद से लोकसभा की कार्यवाही पीएनबी धोखाधड़ी मामले, आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग और तेलंगाना में आरक्षण के मुद्दे समेत कई विषयों पर लगभग रोजाना बाधित हो रही है।