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मौत के पीछे कई सवाल छोड़ गईं हैं सुनंदा, जानें- मौत से पहले क्या-क्या हुआ था

सुनंदा शशि थरूर पुष्कर की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस की एसआइटी ने सवा चार साल बाद चार्जशीट तो दाखिल कर दी, लेकिन इससे उसकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सुनंदा की मौत के एक साल बाद जब पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था तब किसी को नामजद नहीं किया गया था। अब पुलिस ने उनके पति वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर को मुख्य संदिग्ध आरोपी माना है।

कई सवाल छोड़ गई सुनंदा की मौत 

एसआइटी ने थरूर पर सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। सवाल यह है कि जब सुनंदा ने आत्महत्या ही की थी तो पुलिस ने साल भर जांच के बाद हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज क्यों किया था। सुनंदा अपनी मौत के पीछे कई सवाल छोड़ गईं हैं।

फोन पर की थी लंबी बातचीत 

17 जनवरी 2014 की शाम चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा लीला होटल के सुइट नंबर 345 में वह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं थीं। उस समय पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि मरने से तीन घंटे पहले उन्होंने अपने स्टाफ से कहा था कि वह उनके लिए सफेद रंग का सूट निकालकर रख दें, उन्हें आइपीएल के मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जाना है। उन्होंने मीडिया के आठ कर्मियों को फोन कर उनसे लंबी बातचीत भी की थी।होटल के कमरे को देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि उन्होंने खुदकशी की हो।

शरीर पर 12 ताजे घाव के निशान मिले थे

घटना के दौरान सुनंदा के सभी मोबाइल को केस प्रॉपर्टी के तौर पर जब्त करने के बजाए तत्कालीन संयुक्त आयुक्त (सदर्न रेंज) विवेक गोगिया ने उसे शशि थरूर को क्यों सौंप दिया था। कमरे में नींद की दवा अल्प्रेक्स के दो खाली पत्ते मिले थे, जबकि वह यह दवा नहीं लेती थीं। आखिर यह दवा वहां कैसे पहुंची, इस बात का भी पुलिस पता नहीं लगा पाई है। बिस्तर पर खून की छींटे व यूरीन और शरीर पर 12 ताजे घाव के निशान मिले थे। बांह पर इंजेक्शन के भी निशान मिले थे। कमरे में ग्लास टूटे हुए मिले थे।

कोई बड़ी साजिश तो नहीं

बड़ा सवाल यह भी है कि होटल की जिस तीसरी मंजिल पर सुनंदा ठहरी हुईं थीं, उस तल के सभी सीसीटीवी कैमरे खराब क्यों थे। क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। पुलिस ने इस पहलू पर भी तहकीकात नहीं की। दूसरी बार मेडिकल बोर्ड ने अपनी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा था कि सुनंदा की मौत जहर से ही हुई है, लेकिन जहर किसी खाद्य पदार्थ में मिलाकर खिलाया गया या इंजेक्शन के द्वारा दिया गया, इसका पता अभी तक नहीं लग सका है।

शशि थरूर को लेकर थीं परेशान

एम्स फोरेंसिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के शरीर में पाए गए केमिकल की जांच के बाद दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट सौंपते हुए कहा था कि उनकी मौत जहर से हुई है। अंतिम रिपोर्ट के आधार पर ही तत्कालीन पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी के निर्देश पर सरोजनी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। मरने से एक दिन पहले 16 जनवरी की रात 12.10 बजे उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह से लंबी बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह शशि थरूर को लेकर काफी परेशान हैं। वह बातचीत के दौरान काफी रोई भी थीं।

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Photos: जब मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी महिला को पहनाई चप्पल, पढ़ें, पूरा मामला

अंबेडकर जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर पहुंचे। जहां उन्होंने ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत देश के पहले वेलनेस सेंटर के लॉन्च कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक आदिवासी महिला को मंच पर चप्पल भेंट की। चरण-पादुका (फुटवियर) योजना के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने इस आदिवासी महिला को चप्पल पहनाईं। इस योजना का लक्ष्य तेंदूपत्ता जमा करने वालों को चप्पलें उपलब्ध कराना है।

पीएम मोदी ने भेंट की चप्पल शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अंबेडकर जयंती के मौके पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर पहुंचे। उन्होंने बीजापुर में कई केन्द्रीय और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की नींव रखी। बीजापुर में पीएम मोदी ने ‘आयुष्मान भारत’ योजना के पहले वेलनेस सेंटर का उद्घाटन किया। स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने एक आदिवासी महिला को चप्पल का एक जोड़ा भेंट किया। प्रधानमंत्री ने मंच पर ही महिला को चप्पल पहनाई। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, अनंत कुमार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मौजूद थे। चरण-पादुका योजना के तहत दिया गया चप्पलों का जोड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरण-पादुका योजना के तहत आदिवासी महिला को चप्पलों का जोड़ा दिया।

जानकारी के मुताबिक चरण-पादुका (फुटवियर) योजना का लक्ष्य तेंदूपत्ता जमा करने वालों को चप्पलें उपलब्ध कराना होता है। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि विकास की दौड़ में पीछे छूट गए और पीछे छोड़ दिए गए समुदायों में आज जो चेतना जागी है, वो चेतना बाबा साहब की ही देन है।

योजना के तहत तेंदूपत्ता जमा करने वालों को चप्पलें उपलब्ध कराना है पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि एक गरीब मां का बेटा, पिछड़े समाज से आने वाला आपका ये भाई अगर आज देश का प्रधानमंत्री है, तो ये भी बाबा साहेब की ही देन है। उन्होंने कहा कि आज बाबा साहेब की प्रेरणा से, मैं बीजापुर के लोगों में, यहां के प्रशासन में, यही भरोसा जगाने आया हूं। ये कहने आया हूं कि केंद्र की आपकी सरकार, आपकी आशाओं-आकांक्षाओं, आपकी ‘aspirations’ के साथ खड़ी है।

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पीएम मोदी ने इराक में मारे गए लोगों के परिवार वालों को 10 लाख रुपए की मदद की घोषणा की

इराक के मोसुल में मारे गए भारतीयों के परिवारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 लाख रुपये का अनुग्रह राशि यानी मदद का ऐलान किया है. इससे पहले पीएम मोदी ने उनकी मौत की खबर की पुष्टि होने के बाद दुख जताया था. बता दें कि इससे पहले मारे गए लोगों के परिजनों की तरफ से मुआवजे की मांग किए जाने के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री ने कहा था कि, ‘ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है’.

इराक के मोसुल में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा मारे गए भारतीय नागरिकों के अवशेष लेकर विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह सोमवार को भारत पहुंचे थे. इसके बाद वह सबसे पहले पंजाब गए. मोसुल में 39 भारतीय मारे गए थे. इनमें से 38 के अवशेष भारत आए हैं. एक की पहचान नहीं हो पाई. इनमें से 27 लोग में पंजाब के थे. अमृतसर एयरपोर्ट पर मारे गए लोगों के परिजनों की तरफ से मुआवजेकी मांग किए जाने के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि, ‘ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है’. विदेश राज्य मंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

विदेश राज्यमंत्री वी. के. सिंह ने कहा कि इराक में आतंकवादी समूह आईएसआईएस द्वारा बंधक बनाए गए 40 भारतीयों का कोई भी रिकॉर्ड किसी दूतावास में नहीं है क्योंकि वे वहां ट्रैवल एजेंट के माध्यम से अवैध रूप से गए थे.  आतंकवादी समूहों ने 40 में से 39 भारतीयों की हत्या कर दी थी जबकि उनमें से एक खुद को बांग्लादेशी बताकर बच गया था. सिंह सोमवार को कहा कि इराक से एक विशेष विमान से 38 भारतीयों का शव लेकर अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पहुंचे. मारे गए लोगों में से एक के शव की अभी तक स्पष्ट रूप से पहचान नहीं हो पाई है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश भर के छात्रों के साथ करेंगे ‘परीक्षा पर चर्चा’

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम में देश भर से छात्र इसमें हिस्सा लेंगे और जानेंगे कि कैसे बिना तनाव के परीक्षा दी जाए. प्रधानमंत्री ने दो हफ़्ते पहले ही ‘Exam Warriors’ किताब का विमोचन किया है, जिसमें बिना तनाव के परीक्षा देने पर 25 बातें लिखी हुई हैं. सीबीएसई ने सभी स्कूलों से ज़रूरी तैयारी करने को कहा है ताकी छात्र प्रधानमंत्री से जुड़ सकें.

मानव संसाधन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 16 फरवरी को दिन में 11 बजे दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में परिचर्चा सत्र में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में छात्रों से जुड़ेंगे जिसमें काफी संख्या में छात्र हिस्सा ले रहे हैं.  परिचर्चा के दौरान मुख्य विषय आसन्न बोर्ड परीक्षा और परीक्षा से जुड़ी समस्या होंगे जिसमें परीक्षा संबंधी तनाव से जुड़ी बातें शामिल होंगी.  इस परिचर्चा का शीर्षक ‘‘ मेकिंग एक्जाम फन : चैट विद पीएम मोदी’’ रखा गया है.

कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा था कि ‘‘ मेरे युवा दोस्तो, मैं इस महीने की 16 तरीख को आपसे चर्चा करने को लेकर उत्सुक हूं. मैं आपसे परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त और प्रसन्न रहने की जरूरत पर चर्चा करूंगा । इसमें प्रौद्योगिकी के माध्यम से देशभर से हजारों की संख्या में छात्र जुड़ेंगे.’’

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सुंजवान अटैक: PAK को इस हमले की कीमत चुकानी होगी, वहां बैठा अजहर मसूद है मास्टर माइंड- सीतारमण

सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हमले का मास्टर माइंड पाकिस्तान बेस्ड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ अजहर मसूद है,जिसे वहां पर सपोर्ट मिलता है। रक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, “सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। लेकिन, पाकिस्तान को सबूत देना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। ये हर बार साबित हुआ है कि वे ही जिम्मेदार हैं। पाकिस्तान को इस हरकत की कीमत चुकानी होगी।” रक्षामंत्री का ये सख्त वॉर्निंग मुफ्ती के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को पाकिस्तान से बातचीत करना चाहिए। सोमवार को सीतारमण ने मुफ्ती से भी मुलाकात की। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 3 दिन में दो आतंकी हमले हुए। पहला हमला शनिवार को जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप और दूसरा सोमवार को श्रीनगर के सीआरपीएफ कैंप पर हुआ। जिसमें 5 जवान शहीद हुए और एक सिविलियन की मौत हो गई। सीआरपीएफ कैंप हमले में एक जवान शहीद हो गया।

सुंजवान अटैक पर क्या बोलीं रक्षा मंत्री सीतारमण?

1) जैश-ए-मोहम्मद के थे आतंकी
– निर्मला सीतारमण ने कहा, “सुंजवान में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन सुबह 10.30 पर खत्म हो गया है। लेकिन, सेनिटेशन ऑपरेशन जारी है। आतंकियों का संबंध जैश-ए-मोहम्मद से था, जिसे पाकिस्तान में बैठा अजहर मसूद ऑपरेट करता है और जिसे वहां से सपोर्ट मिलता है।”

2) आतंकियों को लोकल सपोर्ट की आशंका

“आतंकियों ने मिलिट्री स्टेशन को हमले के लिए चुना जहां इंडियन आर्मी के जवानों और उनकी फैमिली के घर थे। ये जगह इंटरनेशनल बॉर्डर से करीब 30 किलोमीटर दूर है। यहां काफी घनी आबादी है। कैंटोंमेंट की डेमोग्राफी और आसपास के इलाके से ये लगता है कि आतंकियों को लोकल सपोर्ट मिला।”

3) फैमिली क्वॉर्टर्स की ओर भागे आतंकी
– “इस हमले के मद्देनजर एक अलर्ट जारी हुआ। इसके बाद क्विक रिएक्शन टीमों को जरूरी जगहों पर तैनात किया गया। ऐसा महसूस हुआ कि पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड
टेरिरिस्ट सॉफ्ट टारगेट की ओर जाएंगे इसलिए QRT को सुंजवान की फैमिली एकोमडेशन में भी भेजा गया। आतंकियों की घुसपैठ को संतरी ने रोका और QRT ने भी तुरंत इसका जवाब दिया। दोनों के बीच भारी गोलीबारी हुई। इस फायरिंग के चलते आतंकियों को बिखरना पड़ा और वे कोऑर्डिनेटेड हमले नहीं कर पाए। इसके बाद आतंकी फैमिली क्वॉर्टर्स की तरफ भागे और कुछ ब्लॉक्स पर कब्जा कर लिया।”

4) 189 फ्लैट्स से फैमलीज को सुरक्षित निकाला
– “आतंकवादी सेना की वर्दी में थे और उनकी पहचान मुश्किल थी इसलिए ऑपरेशन को इस तरह से अंजाम दिया गया, ताकि मिस्टेकन आइडेंटिटी की वजह से किसी की जान पर जोखिम ना हो। ऑपरेशन के दौरान 26 ब्लॉक्स को सर्च किया गया और 189 फ्लैट्स से फैमिलीज को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसमें वक्त लगा और ये काफी चुनौतीभरा भी था।”

5) आतंकियों ने निहत्थे जवानों पर फायरिंग की
– “काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन के दौरान एक सिविलियन समेत 6 जवानों की जान गई। आतंकियों ने निहत्थे जवानों और उनकी फैमिली पर फायरिंग की। वे फैमिली क्वॉर्टर्स में जबरदस्ती घुसने की कोशिश कर रहे थे।”

6) 4 में से 3 आतंकी मार गिराए
– “3 आतंकियों को सेना ने मार गिराया। इलाके में 4 टेररिस्ट होने की इन्फर्मेशन थी। हो सकता है कि चौथा आतंकी गाइड हो और वो कैम्प में ना घुसा हो।”

7) सीमा पार से हैंडलर्स आतंकियों को कंट्रोल कर रहे थे
– रक्षा मंत्री बोलीं, “जैश के जिस मॉड्यूल ने हमले को अंजाम दिया है, हो सकता है कि वो कुछ अरसा पहले भारत में दाखिल हुआ हो। इसकी भी संभावना है कि उन्हें ऑपरेशन से पहले लोकल सपोर्ट भी मिला हो। हमारे इंटेलिजेंस इनपुट इशारा करते हैं कि इन टेररिस्ट को सीमा पार बैठे हैंडलर्स कंट्रोल कर रहे थे। सबूतों की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी ने की, जो जल्द ही डिटेल रिपोर्ट देगी।”

8) घुसपैठ रोकने में कामयाबी मिली है
– “पाकिस्तान पीरपंजाल के दक्षिण में टेररिज्म को स्पॉन्सर कर रहा है और घुसपैठ के लिए सीजफायर वॉयलेशन कर रहा है। इन कोशिसों का माकूल जवाब दिया गया। लाइन ऑफ कंट्रोल पर घुसपैठ रोकने के लिए हमारे सिस्टम के जरिए बड़ी कामयाबी मिली है। सिक्युरिटी फोर्सेस की लगातार कोशिशों के चलते आतंकी गतिविधियों पर रोक लगी है। मौसम और बर्फबारी के चलते घुसपैठ को पूरी तरह नहीं रोका जा सकता है, इसके लिए सरकार मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एडिशनल सेंसर्स, यूएवी और लॉन्ग रेंज सर्विलांस डिवाइसेस को लाइन ऑफ कंट्रोल को कवर करने के लिए लगाया गया है।’

9) जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा
– “आखिर में मैं अपने बहादुर जवानों की जान जाने पर और उनके परिवारों पर कायराना हमले के लिए शोक जाहिर करती हूं। मैं देश को ये भरोसा दिलाती हूं कि उनका बलिदान बेकार नहीं जाएगा। हम पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड टेररिज्म के जरिए देश में हिंसा फैलाने की हर कोशिश को रोकेंगे और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।’

10) मुफ्ती के साथ हालात पर चर्चा की
– सीतारमण ने कहा, “मैं घायलों से मिलिट्री हॉस्पिटल में मुलाकात की। मैंने चीफ मिनिस्टर (महबूबा मुफ्ती) से भी मुलाकात की, उनके साथ मैंने विस्तार से हालात पर चर्चा की। उन्होंने इतने शॉर्ट नोटिस पर मुलाकात की, इसके लिए मैं उनकी शुक्रगुजार हूं।”

पांच शहीदों में दो सूबेदार, 1 हवलदार

– सूबेदार मदन लाल चौधरी
– सूबेदार मोहम्मद अशरफ मीर
– हवलदार हबीबुल्लाह कुरैशी
– नायक मंजूर अहमद
– लांस नायक मोहम्मद इकबाल
– लांस नायक मो. इकबाल के पिता (सिविलियन)