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कई जानलेवा बीमारियों के इलाज में रामबाण है मशरूम

अमेरिका की पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मार्गरीटा टी कैंटोर्न के अनुसार, यह निष्कर्ष चूहों पर किए गए अध्ययन के आधार पर निकाला गया है। चूहों को ह्वाइट बटन मशरूम खाने को दिया गया। इससे उनके गट (आंत) माइक्रोब्स के संयोजन में बदलाव देखने को मिला। इससे शॉर्ट चेन फैटी एसिड और खासतौर पर सुचिनेट एसिड की ज्यादा उत्पत्ति हुई। यह जाहिर हो चुका है कि सुचिनेट और प्रोपियोनेट ग्लूकोज उत्पत्ति को नियंत्रित करने वाले जीन में बदलाव कर सकते हैं।

कैंसर के लिए मशरूम
मशरूम का सेवन करने से प्रोस्‍टेट और ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाव होता है। क्योंकि इसमें बीटा ग्‍लूकन और कंजुगेट लानोलिक एसिड होता है जो कि एक एंटी कासिजेनिक प्रभाव छोड़ते हैं। कई शोध भी इस बात का समर्थन करती हैं कि मशरूम में मौजूद तत्व कैंसर के प्रभाव को कम करते हैं।

मशरूम है मधुमेह रोगियों के लिए उत्तम आहार
मधुमेह रोगियों के लिए मशरूम उत्तम आहार माना जाता है। मशरूम में शर्करा (0.5 प्रतिशत) और स्टार्च की मात्रा बहुत कम होते हैं। इनमें वो सब कुछ होता है जो किसी मधुमेह रोगी को चाहिये। मशरूम में विटामिन, मिनरल और फाइबर होते हैं। साथ ही इमसें फैट, कार्बोहाइड्रेट और शुगर भी नहीं होती, जो कि मधुमेह रोगी के लिये जानलेवा है। यह शरीर में इनसुलिन के निर्माण में भी मदद करता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक मशरूम में वसा भी नहीं होती, इसलिए मोटापे से बचाने के लिए भी इसका सेवन लाभप्रद होता है। इसके साथ मोटापे से ग्रस्‍त लोगों के लिए भी यह उपयोगी आहार है। मशरूम की सभी किस्में कैंसर, एचआईवी तथा अन्य खतरनाक बीमारियों में भी फायदेमंद पाई गई हैं।

हृदय रोगों से बचाव
मशरूम में हाइ न्‍यूट्रियंट्स पाये जाते हैं, इसलिये ये दिल के लिये भी अच्‍छे होते हैं। साथ ही मशरूम में कुछ प्रकार के एंजाइम और रेशे पाए जाते हैं जो हमारे कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम करते हैं।

मैटाबॉलिज्‍म करे मजबूत
मशरूम में विटामिन ‘बी’ होता है जो कि भोजन को ग्‍लूकोज़ में बदल कर ऊर्जा पैदा करता है। विटामिन बी-2 और बी-3 भी मैटाबॉलिज्‍म को दुरुस्त रखते हैं। इसलिए मशरूम खाने से मैटाबॉलिज्‍म बेहतर बना रहता है।

पेट के विकार करे दूर
ताजे मशरूम में पर्याप्त मात्रा में रेशे (लगभग 1 प्रतिशत) व कार्बोहाइड्रेट तन्तु होते हैं, इसका सेवन करने से कब्ज, अपचन, अति अम्लीयता सहित पेट के विभिन्न विकारों से बचाव होता है। साथ ही इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्राल एवं शर्करा का अवशोषण भी कम होता है।

हीमोग्लोबिन रखे ठीक
मशरूम का सेवन रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाये रखता है। इसके अलावा इसमें बहुमूल्य फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है जो केवल मांसाहारी खाध पदार्थो में होता है। अत: लौह तत्व एवं फोलिक एसिड के कारण यह रक्त की कमी की शिकार अधिकांश शाकाहारी ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों के लिये ये सर्वोत्तम आहार है।

कुपोषण से बचाएं
मशरूम गर्भवस्था, बाल्यावस्था, युवावस्था तथा वृद्धावस्था तक सभी चरणों में उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन, खनिज, वसा तथा कार्बोहाइड्रेट बाल्यावस्था से युवावस्था तक कुपोषण से बचाते हैं। इसलिए डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं।

विटामिन से भरपूर है मशरूम
मशरूम की सब्‍जी हर किसी को पसंद होती है और भला हो भी क्यों ना, यह स्वास्थ्यवर्धक एवं औषधीय गुणों से युक्त है, यह आसानी से पाचक भी है और बीमारियों को दूर करने में भी मददगार है। इसमें एमीनो एसिड, मिनरल, विटामिन जैसे पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। छतरी के आकार के मशरूम को चीन में महा औषधि तो रोम के लोग इसे र्इश्वर का आहार मानते हैं। पौष्टिकता की दृष्टि से मशरूम शाकाहारी एवं मांसाहारी दोनों के भोजन में अहम स्थान रखता है।

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Oyster Mushrooms 100 Grams

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First Look of Sanju

One man
Many lives
Presenting the first look of Rajkumar Hirani’s keenly-awaited movie… Ranbir Kapoor as #Sanju… #Biopic #SanjayDutt #FoxStarStudios #VidhuVinodChopra #RajkumarHirani

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CM केजरीवाल को मानहानि मामले में लगा जोर का झटका

हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने से बृहस्पतिवार को इंकार कर दिया। हालांकि दूसरी ओर कोर्ट ने दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई के लिये 11 जुलाई की तारीख तय की है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने याचिका दायर निचली अदालत में चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर रोक लगाते हुये उसे खारिज करने की मांग की थी। मानहानि की यह शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने 2012 में दायर की थी।

जस्टिस एके पाठक ने अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर दिया। उस फैसले के मुताबिक सांसद व विधायकों के मामलों की सुनवाई एक साल के भीतर पूरी होनी चाहिये।

याचिका पर जिरह करते हुये वरिष्ठ सुधीर नंदराजोग ने कहा कि मानहानि की यह शिकायत दायर करने का पवन खेड़ा को कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उनकी मानहानि नहीं हुई है। इसलिये इस मामले को खारिज किया जाना चाहिये।

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पूर्व राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने शिकायत दायर कर कहा था कि एक टीवी शो के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अक्तूबर 2012 में बिजली की बढ़ी दरों पर बोलते हुये ऐसी बातें कही जिससे तत्कालीन मुख्यमंत्री की बदनामी हुई थी।

पटियाला हाउस अदालत ने इस शिकायत पर अरविंद केजरीवाल को 31 जनवरी 2013 को बतौर आरोपी समन जारी किया गया था। इस शिकायत पर अदालत ने 28 अक्तूबर 2013 को आरोप तय किये थे।

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SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर विरोध में हिंसक प्रदर्शन, 8 की मौत; कई शहरों में कर्फ्यू

अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एसएसी/एसटी एक्ट) को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों ने देशभर में विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं। देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुअा। कई जगह तोड़फोड़ व अगजनी की घटनाएं सामने अाई है। वहीं मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई है।

कई जगह ट्रेनें रोकी गई हैं। इसके अलावा कुछ शहरों में झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एससी/एसटी एक्ट में कई बदलाव हुए थे। हालांकि, सरकार ने अब इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है।

पुनर्विचार याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
केन्द्र सरकार ने एससी एसटी एक्ट में तत्काल एफआइआर और तुरंत गिरफ़्तारी पर रोक के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। सरकार ने कोर्ट से याचिका पर खुली अदालत में बहस और सुनवाई की मांग की है। याचिका में सरकार ने तर्क दिया कि फ़ैसले से कानून का उद्देश्य कमज़ोर होगा। पुनर्विचार याचिका मे सरकार ने अभियुक्त के लिए अग्रिम जमानत के रास्ते खोलने का विरोध किया और कहा कि इसका अभियुक्त दुरुपयोग करेगा और पीड़ित को धमका सकता है, साथ ही जांच भी प्रभावित कर सकता है। सरकार ने कहा कि इस कानून मे अभियुक्त को अग्रिम जमानत का हक न देने से अनुच्छेद 21 में उसे मिले जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन नही होता। एससीएसटी कानून में ये 1973 मे नये अधिकार के तौर पर जोड़ा गया था।उधर एससी एसटी पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आल इंडिया फ़ेडरेशन आफ एससी एसटी आर्गनाइजेशन की ओर से आज सुप्रीम कोर्ट मे अलग से नई याचिका दाखिल की गई, जिसमें कोर्ट से फ़ैसले पर रोक लगाने और मामले पर विचार कर फ़ैसले मे बदलाव की मांग की गई है। याचिका पर वकील मनोज गोरकेला ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ से जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग ठुकराते हुए कहा कि मामले पर नियमित क्रम मे ही सुनवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश के मुरैना में एक की मौत, लगाया गया कर्फ्यू

मुरैना में विरोध प्रदर्शन में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। हिंसा के उग्र होने के बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश के मुरैना शहर में जमकर हिंसा हुई। यहां विरोध प्रदर्शन के दौरान हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की वजह से हालात बेकाबू हो गए। मुरैना में बंद समर्थकों ने बस स्टैंड, बैरियर चौराहे पर पथराव किया। इस दौरान कई वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो मुरैना रेलवे स्टेशन पर उपद्रव शुरू हो गया। बंद समर्थकों ने यहां पटरियों पर डेरा जमा लिया, जिसके बाद ट्रेनों की आवाजाही थम गई है। मीडिया खबरों के मुताबिक, ग्‍वालियर में भारत बंद के दौरान हुई हिंसक झड़पों में 19 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 2 की मौत हो गई है। आईजी कानून एवं व्यवस्था मकरंद देउस्कर ने बताया कि मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान अभी तक 5 लोगों की मौत हो गई है।

दिल्ली में पुलिस बल पर पथराव, ठप हुए राजमार्ग

एसटी-एसी एक्ट 1989 में संशोधन के खिलाफ दिल्‍ली एनसीआर में भारत बंद ने हिंसा का रूप अख्तियार कर लिया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें हुई। इससे निपटने के लिए पुलिस ने हल्‍के बल का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने एनएच 24 और दिल्ली-देहरादून हाइवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा दिया। इससे कई राजमार्ग पर यातायात व्‍यवस्‍था पूरी तरह से ठप हो गई। गाजियाबाद में रेलवे फटकी पर जाम के कारण ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है।

बिहार में दिन चढ़ने के साथ बढ़ता जा रहा भारत बंद का असर
बिहार में यह बंद असरदार दिख रहा है। बिहार में पंजाब जाने वाली ट्रेन को रोक दिया गया है। बंद के कारण जगह-जगह रेल व सड़क यातायात प्रभावित हैं। बंद समर्थकों ने पटना व हाजीपुर के बीच उत्तर व दक्षिण बिहार की लाइफलाइन ‘महात्मा गांधी सेतु’ को जाम कर दिया है। इस बंद को राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। बंद के दौरान वैशाली में एक कोचिंग संस्‍थान को बंद कराने के दौरान छात्रों से बंद समर्थकों की भिड़त हो गई। इसमें दर्जनों छात्र घायल बताए जा रहे हैं। बंद समर्थक पटना सहित राज्‍य के विभिन्‍न जगहों पर एंबुलेंस सहित आवश्‍यक सेवाओं की गाडि़यों को भी रोक रहे हैं।

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। राजस्‍थान के डीजीपी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान अलवर में फायरिंग हुई, जिसमें एक शख्‍स की मौत हो गई है। कुछ क्षेत्रों में पत्‍थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। हिंसक प्रदर्शन कर रहे काफी लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और धारा 144 लगा दी गई है, ताकि हालात ज्‍यादा न बिगड़ें। बाड़मेर में दलित और पुलिस में झड़प हो गई है। इस झड़प में 25 लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू के गोले दागे। दूसरी तरफ करणी सेना भी दलितों के प्रदर्शन के विरोध में सड़कों पर उतर आई है। जिसकी वजह से दोनों गुटों के बीच भिड़ंत हो गई। सड़क पर दोनों गुट भिड़ गए। बाड़मेर में वाहनों को आग लगा दी गई।

उत्तर प्रदेश में जोरदार विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में हालात बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर में हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के मरने की सूचना है। मृतक का नाम अमरीश निवासी गादला, थाना भोपा है। इसकी बॉडी जिला अस्पताल लाई गई है। रेलवे के कर्मचारी प्रताप की कमर में भी गोली लगी है, उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। उत्‍तर प्रदेश के डीआइजी ने बताया कि प्रदेश के सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्‍से में ही हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें 2 शख्‍स की मौत हो गई है और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश के 90 प्रतिशत हिस्‍से में शांति का माहौल है। प्रदर्शनकारियों से सख्‍ती से निपटा जा रहा है। पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया। हम विश्‍वास दिलाते हैं कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। आजमगढ़ में एक बस पर हमला कर दिया और उसमें आग लगा दी गई। मेरठ तथा आगरा व मैनपुरी में दलित संगठन से जुड़े लोग सड़क पर उतर आए हैं। कई जगह पर प्रदर्शनकारी ट्रेन के सामने खड़े हो गए हैं। एससी-एसटी एक्ट पर फैसले का आगरा में भी कई संगठनों ने काफी विरोध किया है। बसपा के कार्यकर्ता यहां शहर के सभी बाजारों में भीड़ जबरन बाजार बंद करा रही है। यह लोग विरोध में लाठी-डंडे के साथ सड़क पर उतरे और दुकानों में काफी लूटपाट करने के साथ ही महिलाओं से भी छेड़छाड़ की। एंबुलेंस में फंसे मरीजों के साथ अभद्रता की गई। शाहगंज क्षेत्र के बारह खंभा के पास लोग रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसके साथ ही यहां एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया में चक्का जाम किया गया है। करीब एक घण्टे से जाम के चलते रामबाग तक बड़ी संख्या में वाहनों की कतार लग गई है। जगह-जगह पर इसको लेकर प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी है।

एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद दलित संगठनों के दो अप्रैल को भारत बंद के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी है। पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय व बैंक सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं।

पंजाब में दलितों के बंद का मिलाजुला असर
एससी-एसटी एक्‍ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों द्वारा किए गए बंद के आह्वान का पंजाब के अधिकांश इलाकों में मिलाजुला असर दिख रहा है। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, बरनाला, पटियाला सहित अन्य जिलों में दलित संगठनों के लोग सक्रिय हैं। संगठनों के कार्यकर्ता तड़के से ही सड़कों पर उतर आए। अमृतसर में वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने सचखंड एक्सप्रेस रोक दी, जिससे यात्री परेशान रहे। किसी भी आशंका से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के क़ड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने कल ही प्रदेश में सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालयों को सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही कल रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद कर दी गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है।

झारखंड में पुलिस ने किया लाठी चार्ज
रांची में बंद समर्थक सड़क पर उतर चुके हैं। दुकानों को बंद करवाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, रांची के आदिवासी हॉस्टल के बंद समर्थकों ने जमकर उपद्रव किया। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठी चार्ज किया।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था। कोर्ट ने कहा था कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो। कोर्ट ने कहा था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है।

राजद, सपा, कांग्रेस और शरद का समर्थन

सोमवार को बुलाए गए भारत बंद को बिहार में राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। दलित संगठनों ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को आहूत भारत बंद का समर्थन किया है।

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ऑटो एक्सपो 2018: एक नजर, पहले दिन लॉन्च हुए वीइकल्स पर

ऑटो एक्सपो 2018: एक नजर, पहले दिन लॉन्च हुए वीइकल्स पर

आॅटो एक्सपो 2018: एक नजर, पहले दिन लॉन्च हुए वीइकल्स पर

ऑटो एक्सपो 2018 ग्रेटर नोएडा में 7 फरवरी से शुरू हो गया। पहले दिन कई वाहन लॉन्च किए गए। एक नजर में जानें पहले दिन के महत्वपूर्ण लॉन्चेज के बारे में…

मारुति ने दिखाया ऐसी होगी नई मिनी एसयूवी

मारुति ने दिखाया ऐसी होगी नई मिनी एसयूवी

मारुति सुजुकी ने अपनी ‘कॉन्सेप्ट फ्यूचर S’ का वर्ल्ड प्रीमियर किया। बेहद बोल्ड डिजाइन के साथ पेश की गई इस कार के इंटीरियर्स भी काफी फ्यूचरिस्टिक हैं। कंपनी ने कार के डिजाइन पर काफी काम किया है। कंपनी के सीईओ केनिचि अयुकावा ने कहा कि कॉम्पैक्ट स्पोर्ट्स यूटिलिटी वीकल भारतीय कार कस्टमर की नेचुरल चॉइस हैं। कंपनी ने कार को एसयूवी लुक देने की कोशिश की है।

टोयोटा ने उतारी यारिस सिडैन

टोयोटा ने उतारी यारिस सिडैन

टोयोटा ने इंडिया में अपनी नई मिड लेवल सिडैन कार ‘यारिस’ को पेश किया है। इस कार की कीमत का अभी खुलासा नहीं किया गया है लेकिन यह माना जा रहा है कि यह होंडा सिटी और मारुति सुजुकी सियाज के सेगमेंट में आ रही है। यानी इसकी अलग-अलग वैरियंट्स की कीमत 8 से 12 लाख रुपये के बीच में रहेगी। कंपनी का दावा है कि इस कार में 12 ऐसे फीचर्स हैं जो इस सेगमेंट की दूसरी कारों में नहीं हैं। सेफ्टी के लिए इसमें 7 एयरबैग्स दिए हैं। रेगुलर सेफ्टी और कंफर्ट फीचर्स के अलावा इसमें टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, रूफ माउंटेड रियर एयर वेंट्स, फ्रंट पार्किंग सेंसर्स, इलेक्ट्रिक ड्राइवर सीट, ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन विद पैडल शिफ्ट सिस्टम जैसे ढेरों फीचर्स दिए गए हैं। यह गाड़ी दुनिया के 120 देशों में टोयोटा बेच रही है।

‘किआ’ की 16 गाड़ियां

'किआ' की 16 गाड़ियां

ह्यूंदै की सिस्टर कंपनी किआ मोटर कॉरपोरेशन ने अपने 16 मॉडल्स को सामने रखा। 2019 में इनमें से कुछ मॉडल्स इंडियन मार्केट में लॉन्च किए जाएंगे। खासतौर पर इंडियन मार्केट के लिए डिजाइन किया गया SP कॉन्सेप्ट भी शोकेस किया गया।
  

यामाहा की नई बाइक

यामाहा की नई बाइक

प्राइस : 1.25 लाख रुपए

Yamaha ने YZF-R15 वर्जन 3.0 को भारत में लॉन्च किया। लैटेस्ट वर्जन की कीमत 1.25 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) रखी गई है। नई YZF-R15 की सबसे बड़ी खूबी इसका इंजन है। इसमें नया फ्यूल इंजेक्शन के साथ 155.1cc सिंगल-सिलिंडर लिक्विड-कूल्ड फोर-स्ट्रोक SOHC इंजन दिया गया है।

होंडा की नई अमेज, जल्द आएगी इंडिया में

होंडा की नई अमेज, जल्द आएगी इंडिया में

होंडा कार्स इंडिया ने अपनी कॉम्पैक्ट सिडैन नेक्स्ट जेनरेशन होंडा अमेज का वर्ल्ड प्रीमियर किया। यह कार अगले फाइनैंशियल ईयर में लॉन्च होगी। सेकंड जेनरेशन होंडा अमेज का एक्सटीरियर काफी स्टाइलिश है। इसके अलावा कंपनी ने 5वीं जेनरेशन की होंडा सीआर-वी और टेंथ जेनरेशन की होंडा सिविक को भी अन्वेल किया। दोनों ही मॉडल 2018-19 में लॉन्च होंगे। नई सीआरवी की खास बात यह है कि इसमें इस बार 7 सीटों का ऑप्शन मिलेगा और पेट्रोल के अलावा इस बार इसमें डीजल इंजन भी मिलेगा।

मर्सेडीज का इलेक्ट्रिक मॉडल कॉन्सेप्ट

मर्सेडीज का इलेक्ट्रिक मॉडल कॉन्सेप्ट

मर्सेडीज के सुपरलग्जरी ब्रैंड मेबैक की कारों की कीमतें भी 4 से 5 करोड़ रुपये से शुरू होती हैं लेकिन अब कंपनी ने कुछ कम कीमत में मेबैक ब्रैंड की कारें लॉन्च की हैं। बुधवार को एक्सपो में मर्सेडीज ने 2.73 करोड़ रुपये की कीमत में मेबैक एस 650 और 1.94 करोड़ रुपये की कीमत में मेबैक एस 560 को लॉन्च किया। इसके अलावा कंपनी ने ई-क्लास का ऑल टैरेन मॉडल पेश किया। कॉन्सेप्ट EQ के माध्यम से कंपनी ने यह दिखाने की कोशिश की कि इलेक्ट्रिक कारें न सिर्फ स्पोर्ट कारों की तरह तेज हो सकती हैं बल्कि एसयूवी की तरह दमदार भी हो सकती हैं।

आ गई नई एलीट आई20

आ गई नई एलीट आई20

ह्यूंदै की नई एलीट आई20 भी फेस की गई। इसकी खूबी 17.77 सेमी. का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और ऑडियो —विडियो नैविगेशन है। कार ड्यूल टोर एक्सटीरियर कलर ऑप्शन के साथ आती है। इसमें 6 एयरबैग्स दिए गए हैं। यह डीजल—पेट्रोल, दोनों वर्जनों में आएगी। कार का लुक स्पॉर्टी है। कार में सिंगल क्लिक के जरिए उसकी हेल्थ मिनिस्ट्री, ड्राइविंग हिस्ट्री पता कर सकते हैं। कंपनी ने इलेक्ट्रिक वीकल ‘इवोनिक’ ने भी अट्रैक्ट किया। कंपनी ने इसे शोकेस किया है। यह दुनिया की पहली कार है, जो कि 3 इलेक्ट्रिकफाइड वर्जन के साथ तैयार की गई है। ये हैं- हाइब्रिड, प्लग—इन हाइब्रिड और ऑल इलेक्ट्रिक।

बीएमडब्ल्यू की 6 सीरीज जीटी कार

बीएमडब्ल्यू की 6 सीरीज जीटी कार

जर्मन कार लग्जरी कार कंपनी ने भी ऑटो एक्सपो में 6 सीरीज जीटी को लॉन्च किया। इस कार की शुरुआती कीमत 58.9 लाख रुपए है। यह एक्स शोरूम कीमत है। यह बीएमडब्ल्यू की पहली कार है जिसमें बीएस6 नॉर्म्स वाला इंजन लगा है। बता दें कि बीएस6 नॉर्म्स इंडिया में 2020 में लागू होने हैं। इस गाड़ी में 2 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन लगा है जो कि 258 बीएचपी का पावर और 400 न्यूटन मीटर टॉर्क जेनरेट करता है। इसके अलावा बीएमडब्ल्यू की दो बाइक्स भी लॉन्च की गईं। एफ750 जीएस की कीमत 12.2 लाख रुपए और एफ 850 जीएस की कीमत 13.7 लाख रुपए रखी गई।

टीवीएस मोटर्स का नया कॉन्सेप्ट स्कूटर

टीवीएस मोटर्स का नया कॉन्सेप्ट स्कूटर

TVS मोटर्स ने नया कॉन्सेप्ट स्कूटर शोकेस किया है। यह स्कूटर एक परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट स्कूटर होगा और इसका नाम TVS क्रेऑन रखा गया है। कंपनी की मानें तो क्रेऑन एक इलेक्ट्रिक स्कूटर है, बल्कि पर्यावरण के लिए बिल्कुल नुकसानदायक नहीं है। क्रेऑन को नेक्स्ट जनरेशन का इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाया है। स्पीड के मुकाबले में क्रेऑन महज 5.1 सेकंड में 0-60 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ लेता है। इसे एक बार फुल चार्ज करने के बाद 80 किमी तक चलाया जा सकता है और सिर्फ 60 मिनट में ही यह फुल चार्ज हो जाता है। कंपनी ने इस स्कूटर को बेहतर डिजाइन और स्पोर्टी स्टाइल में शोकेस किया है जो ऑटो एक्सपो 2018 के पहले दिन का शो स्टॉपर रहा।

कंपनी जल्द ही बाजार में अपना एक इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करेगी जो TVS क्रेऑन पर आधारित होगा। जैसा TVS के इस स्कूटर का कॉन्सेप्ट मॉडल दिख रहा है, ऐसे में माना जा सकता है कि कंपनी इस ई-स्कूटर का प्रोडक्शन मॉडल भी काफी बेहतर बनाएगी।

ऑटो एक्सपो 2018: Hyundai आई-20 एलीट का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च

ऑटो एक्सपो 2018: Hyundai आई-20 एलीट का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च

ह्यूंदै मोटर कंपनी ने बुधवार को ऑटो एक्सपो 2018 के पहले दिन अपनी पॉप्युलर प्रीमियम हैचबैक, आई20 का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। इसकी कीमत, फीचर्स आदि की जानकारी:

पेट्रोल वेरियंट की कीमत

पेट्रोल वेरियंट की कीमत

ह्यूंदै ने आई20 के नए पेट्रोल वेरियंट की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 5.35 लाख रुपए और टॉप मॉडल की कीमत 7.91 लाख रुपए रखी है।

डीजल वेरियंट की कीमत

डीजल वेरियंट की कीमत

डीजल वेरियंट की बात करें तो शुरुआती कीमत 6.73 लाख रुपए से है और यह 9.16 लाख रुपए तक जाती है।
  

हेडलैम्प्स को पतला किया गया है

हेडलैम्प्स को पतला किया गया है

आई20 के फेसलिफ्ट मॉडल में ह्यूंदै ने फ्रंट ग्रिल में बदलाव किया है। काले रंग के नए ग्रिल से इसका आकर्षण बढ़ गया है। हेडलैम्प्स को पतला किया गया है जो कि इसके लुक को अट्रैक्टिव बनाते हैं।

इंटीग्रेटेड एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स

इंटीग्रेटेड एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स

कंपनी ने इसमें प्रॉजेक्टर हेडलैम्प्स देने के साथ ही इंटीग्रेटेड एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स और नई डिजाइन वाले फॉग लैम्प्स दिए हैं।

इसके दरवाजों का डिजाइन नया है

इसके दरवाजों का डिजाइन नया है

इसके दरवाजों का डिजाइन नया है और इसके नए अलॉय वील्ज इसे मस्क्युलर लुक देते हैं। रियर लुक की बात करें तो नए आई20 मॉडल में फ्रेश टेल लैम्प क्लस्टर दिया गया है।

ह्यूंदै ने लग्जरी को बढ़ाया है। कार

ह्यूंदै ने लग्जरी को बढ़ाया है। कार

नए मॉडल में ह्यूंदै ने लग्जरी को बढ़ाया है। कार के इंटीरियर में नया टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है जो कि पहले वाले मॉडल के मुकाबले अधिक बड़ा है। यह सिस्टम ऐंड्रॉयड ऑटो और ऐपल कारप्ले को सपॉर्ट करता है।

इंजन

इंजन

नई Hyundai i20 एलीट में इंजन सेम है। इसमें अब भी 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन है जो कि 5 स्पीड मैन्युअल ट्रांसमिशन से लैस है। इसके अलावा 1.4 लीटर डीजल इंजन का भी ऑप्शन है जो कि 6 स्पीड मैन्युअल ट्रांसमिशन सिस्टम से लैस है। सेफ्टी के लिए इसमें 6 एयर बैग्स दिए गए हैं।

नए मॉडल की बुकिंग्स शुरू

नए मॉडल की बुकिंग्स शुरू

इस नए मॉडल की बुकिंग्स शुरू हो चुकी हैं। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला मारुति की बलेनो से होगा। बलेनो मारुति की हाई डिमांडिंग कार है। इसके लिए 18 से 19 महीनों का वेटिंग पीरियड चल रहा है।
  

ऑटो एक्सपो: होंडा अमेज का नया मॉडल पेश, मारुति डिजायर से मुकाबला!

आॅटो एक्सपो: होंडा अमेज का नया मॉडल पेश, मारुति डिजायर से मुकाबला!

ऑटो एक्सपो 2018 शुरू हो चुका है। इसमें होंडा कार्स इंडिया ने अपनी लो​कप्रिय कॉम्पैक्ट सिडैन अमेज का सेकेंड जेनरेशन मॉडल अनवील कर दिया है। भारत में इसका मुकाबला मारुति डिजायर और ह्यूंदै एक्सेंट से होगा। इसे अगले कुछ महीनों के भीतर लॉन्च कर दिया जाएगा। आइए, जानते हैं क्या कुछ खास है इस कार में…

नई होंडा अमेज की कीमत

नई होंडा अमेज की कीमत

नई होंडा अमेज की कीमत मौजूदा होंडा अमेज मॉडल जितनी ही रहने की उम्मीद है। यह 5.5 लाख रुपए की शुरुआती कीमत पर लॉन्च की जा सकती है।

सेकेंड जेनरेशन मॉडल नए प्लैटफॉर्म पर तैयार

सेकेंड जेनरेशन मॉडल नए प्लैटफॉर्म पर तैयार

होंडा अमेज का सेकेंड जेनरेशन मॉडल नए प्लैटफॉर्म पर तैयार है जो कि होंडा थाइलैंड ने तैयार किया है। इसके स्टाइल, लुक्स और ड्राइविंग परफॉर्मेंस पर होंडा ने मुख्य रूप से काम किया है।

होंडा सिविक से इंस्पिरेशन ली गई है

होंडा सिविक से इंस्पिरेशन ली गई है

स्टाइलिंग फ्रंट पर देखें तो नई होंडा अमेज बड़ी है। इसमें काफी हद तक होंडा सिविक से इंस्पिरेशन ली गई है। नई Amaze का प्रोफाइल कूपे लुक वाली रूफलाइन से लैस है। कार देखने में भी मौजूदा मॉडल के मुकाबल अधिक लंबी लगती है।

फ्रंट में क्रोम का इस्तेमाल और रियर में क्लासी लुक

फ्रंट में क्रोम का इस्तेमाल और रियर में क्लासी लुक

भारत में कॉम्पैक्ट सिडैन के डिजाइन्स की बात करें तो उस लिहाज से नई अमेज शानदार लगती है। फ्रंट में क्रोम का इस्तेमाल और रियर में क्लासी लुक इसको प्रीमियम फील देता है। भारत में बिकने वाली कॉम्पैक्ट सिडैन कारों के मुकाबले यह एकदम यूनीक और अलग दिखने वाली कार है।
  

होंडा अमेज सेकेंड जेनरेशन मॉडल का इंजन

होंडा अमेज सेकेंड जेनरेशन मॉडल का इंजन

होंडा अमेज के नए मॉडल में 1.2 लीटर i-VTEC यूनिट इंजन है जो कि 87 Bhp-110 Nm का आउटपुट देता है। यह इंजन 5 स्पीड मैन्युअल और सीवीट ऑटोमैटिक गियरबॉक्सेज से लैस है। डीजल इंजन का भी विकल्प दिया जा सकता है। इसमें 1.5 लीटर i-DTEC ऐल्युमिनियम डीजल इंजन होगा जो कि 98.6 Bhp-200 Nm का आउटपुट देगा। इसको भी 6 स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स से लैस किया जाएगगा। डीजल में ऑटोमैटिक का ऑप्शन नहीं होगा। ऑफिशल लॉन्च के बाद ही गाड़ी से जुड़े अन्य डीटेल्स सार्वजनिक होंगे।

होंडा ने इन कारों को भी किया पेश

होंडा ने इन कारों को भी किया पेश

होंडा ने ऑटो एक्सपो में इस बार नई अमेज के अलावा 5वीं जेनरेशन सीआर-वी और 10 जेनरेशन होंडा सिविक को भी पेश किया है। सीआर-वी का डीजल मॉडल पेश हुआ है। होंडा इन दोनों कारों को भी मौजूदा साल में ही लॉन्च करेगी। होंडा सिविक का नया मॉडल स्पॉर्टी है। इसमें स्टाइलस एलईडी हेडलैम्प्स, स्पॉर्टी अलॉय वील्ज, एलईडी टेललैम्प्स हैं। इसका पहला मॉडल 2006 में लॉन्च किया गया था। 2013 में इसको बंद कर दिया गया था। अब फिर से होंडा ने इसका नया मॉडल पेश किया है।
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मशरूम के होते हैं अनेक फायदे: घर बैठे पाइये 100% सेहतमंद मशरूम प्रोडक्ट्स

मशरूम स्वास्थ्यवर्धक एवं औषधीय गुणों से युक्त रोगरोधक सुपाच्य खाध पदार्थ है। इसमें एमीनो एसिड, खनिज, लवण, विटामिन जैसे पौष्टिक तत्व होते हैं।

सेहत का खजाना ‘मशरूम’

वेजिटेरियन हों या फिर नॉन वेजिटेरियन, मशरूम की सब्‍जी हर किसी को पसंद होती है। और भला हो भी क्यों ना, यह स्वास्थ्यवर्धक एवं औषधीय गुणों से युक्त रोगरोधक सुपाच्य खाध पदार्थ जो है। इसमें एमीनो एसिड, खनिज, लवण, विटामिन जैसे पौष्टिक तत्व होते हैं। चीन में तो इसे महौषधि एवं रसायन सदृश्य माना जाता है। वहीं रोम के लोग मशरूम को र्इश्वर का आहार मानते हैं। भारत में उगने वाले मशरूम की दो सर्वाधिक प्रसिद्ध प्रजातियां वाइट बटन मशरूम और ऑयस्टर मशरूम है।

सेहत का खजाना 'मशरूम'

प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए मजबूत

मशरूम में मौजूद एंटी ऑक्‍सीडेंट हमें हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स से बचाते हैं। मशरूम का सेवन करने से शरीर में एंटीवाइरल और अन्‍य प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है, जो शरीर की कोशिकाओं को रिपेयर करता है। यह एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है जो कि माइक्रोबियल और अन्‍य फंगल संक्रमण को भी ठीक करता है।

प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए मजबूत

हृदय रोगों से बचाव

मशरूम में हाइ न्‍यूट्रियंट्स पाये जाते हैं, इसलिये ये दिल के लिये भी अच्‍छे होते हैं। साथ ही मशरूम में कुछ प्रकार के एंजाइम और रेशे पाए जाते हैं जो हमारे कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम करते हैं।

हृदय रोगों से बचाव

कैंसर के लिए मशरूम

मशरूम का सेवन करने से प्रोस्‍टेट और ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाव होता है। क्योंकि इसमें बीटा ग्‍लूकन और कंजुगेट लानोलिक एसिड होता है जो कि एक एंटी कासिजेनिक प्रभाव छोड़ते हैं। कई शोध भी इस बात का समर्थन करती हैं कि मशरूम में मौजूद तत्व कैंसर के प्रभाव को कम करते हैं।

कैंसर के लिए मशरूम

मधुमेह

मधुमेह रोगियों के लिए मशरूम उत्तम आहार माना जाता है। मशरूम में शर्करा (0.5 प्रतिशत) और स्टार्च की मात्रा बहुत कम होते हैं। इनमें वो सब कुछ होता है जो किसी मधुमेह रोगी को चाहिये। मशरूम में विटामिन, मिनरल और फाइबर होते हैं। साथ ही इमसें फैट, कार्बोहाइड्रेट और शुगर भी नहीं होती, जो कि मधुमेह रोगी के लिये जानलेवा है। यह शरीर में इनसुलिन के निर्माण में भी मदद करता है।

मधुमेह

मोटापा से बचाए

मशरूम में लीन प्रोटीन होता है जो कि वजन घटाने में मददगार होता है। मोटापा कम करने वालों को प्रोटीन डाइट लेने की सलाह दी जाती है, जिसके लिए मशरूम खाना बेहतर विकल्पों में से एक माना जाता है।

मोटापा से बचाए

मैटाबॉलिज्‍म करे मजबूत

मशरूम में विटामिन ‘बी’ होता है जो कि भोजन को ग्‍लूकोज़ में बदल कर ऊर्जा पैदा करता है। विटामिन बी-2 और बी-3 भी मैटाबॉलिज्‍म को दुरुस्त रखते हैं। इसलिए मशरूम खाने से मैटाबॉलिज्‍म बेहतर बना रहता है।

मैटाबॉलिज्‍म करे मजबूत

पेट के विकार करे दूर

ताजे मशरूम में पर्याप्त मात्रा में रेशे (लगभग 1 प्रतिशत) व कार्बोहाइड्रेट तन्तु होते हैं, इसका सेवन करने से कब्ज, अपचन, अति अम्लीयता सहित पेट के विभिन्न विकारों से बचाव होता है। साथ ही इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्राल एवं शर्करा का अवशोषण भी कम होता है।

पेट के विकार करे दूर

हीमोग्लोबिन रखे ठीक

मशरूम का सेवन रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाये रखता है। इसके अलावा इसमें बहुमूल्य फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है जो केवल मांसाहारी खाध पदार्थो में होता है। अत: लौह तत्व एवं फोलिक एसिड के कारण यह रक्त की कमी की शिकार अधिकांश शाकाहारी ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों के लिये ये सर्वोत्तम आहार है।

हीमोग्लोबिन रखे ठीक

कुपोषण से बचाए

मशरूम गर्भवस्था, बाल्यावस्था, युवावस्था तथा वृद्धावस्था तक सभी चरणों में उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन, खनिज, वसा तथा कार्बोहाइड्रेट बाल्यावस्था से युवावस्था तक कुपोषण से बचाते हैं। इसलिए डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं।

कुपोषण से बचाए

ट्यूमर को रोके

मशरूम में कालवासिन, क्यूनाइड, लेंटीनिन, क्षारीय एवं अम्लीय प्रोटीन की उपस्थिति मानव शरीर में टयूमर बनने से रोकती है। साथ  ही इसमें लगभग 22-35 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है। जो पौधों से प्राप्त प्रोटीन से कही अधिक होती है तथा यह शाकभाजी व जन्तु प्रोटीन के मध्यस्थ का दर्जा रखता है।
इसमें प्यूरीन, पायरीमिडीन, क्यूनान, टरपेनाइड इत्यादि तत्व भी होते है जो जीवाणुरोधी क्षमता प्रदान करते है।

ट्यूमर को रोके

मशरूम और AdTo.In

आपको जानकर ख़ुशी होगी की हमारी कंपनी उत्तराखंड की एक अग्रणी मशरूम उत्पादक कंपनी सौम्या फूड्स के साथ हाथ मिला चुकी है और जल्द ही AdTo पर मशरूम के कई उत्पादों जैसे ओएस्टर मशरूम, बटन मशरूम, मिल्की मशरूम पिकल, बटन मशरूम पिकल, ओएस्टर मशरूम पिकल, मिक्स मशरूम पिकल, शिटाके और गैनोडर्मा मशरूम के साथ साथ औषिधीय गुणों से युक्त पहाड़ों की अनमोल खाद्य वस्तु कीड़ाजड़ी भी आप ऑनलाइन आर्डर कर घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे।
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भारत और समृद्ध हुआ, चीन के मुकाबले स्थिति सुधरी

भारत ने समृद्धि सूचकांक में 2012 के मुकाबले चार स्थानों की छलांग लगाई है। इसके साथ ही भारत समृद्धि के मामले में चीन से अब मात्र 10 स्थान ही पीछे है। भारत इस सूची में 100वें स्थान पर है, जबकि चीन 90वें स्थान पर है।
लंदन स्थित लेगातुम इंस्टिट्यूट के प्रॉस्पेरिटी इंडेक्स के मुताबिक समृद्धि के मामले में भारत 2012 की तुलना में 2016 में चार स्थान ऊपर चढ़ गया है। लेगातुम रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इस वर्ष नोटबंदी और जीएसटी लागू किए जाने से जीडीपी ग्रोथ को झटका लगा है लेकिन इसके बावजूद समृद्धि सूचकांक में इसका ऊपर चढ़ना खास मायने रखता है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में भारत ने आर्थिक और शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रगति की है। इंडेक्स तैयार करने में 149 देशों को 104 विभिन्न पैमानों पर परखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन आर्थिक मोर्चे पर कमजोर पड़ा है क्योंकि लोग व्यापार करने में ज्यादा बाधाएं और प्रतिस्पर्धा के लिए कम प्रोत्साहन महसूस कर रहे हैं।
रिपोर्ट की मानें तो 2017 में पूरी दुनिया में समृद्धि बढ़ी है, लेकिन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में यह बढ़त ज्यादा अच्छी है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन और भारत ने बिजनेस एनवायरमेंट के मामले में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि प्राकृतिक वातावरण में इनका सबसे खराब प्रदर्शन रहा। इस रिपोर्ट के मुताबिक आर्थिक समृद्धि के मामले में अब भारत और चीन के बीच की खाई और कम हुई है।
समृद्धि सूचकांक के लिए बिजनेस एनवायर्नमेंट (व्यावसायिक माहौल), गवर्नेंस (शासन-प्रशासन), एजुकेशन (शिक्षा), हेल्थ (स्वास्थ्य), सेफ्टी एंड सिक्योरिटी (सुरक्षा एवं संरक्षा), पर्सनल फ्रीडम (व्यक्तिगत स्वतंत्रता), सोशल कैपिटल (सामाजिक पूंजी) और नैचुरल एनवायर्नमेंट (प्राकृतिक वातावरण) की समीक्षा की गई। लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स, टुफ्ट्स यूनिवर्सिटी, ब्रूकिंग्स इंस्टिट्यूशंस और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया, सैन डिएगो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से विभिन्न विषयों के जानकारों के एक पैनल ने इन नौ पैमानों पर देशों के प्रदर्शन की समीक्षा की।
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भारतीय राजनीति का सबसे बेबाक और बिंदास चेहरा यानी राम मनोहर लोहिया

महज चार साल में भारतीय संसद को अपने मौलिक राजनीतिक विचारों से झकझोर देने का करिश्मा राम मनोहर लोहिया ने कर दिखाया था.

चाहे वो जवाहर लाल नेहरू के प्रतिदिन 25 हज़ार रुपये खर्च करने की बात हो, या फिर इंदिरा गांधी को गूंगी गुड़िया कहने का साहस रहा हो. या फिर ये कहने के हिम्मत कि महिलाओं को सती-सीता नहीं होना चाहिए, द्रौपदी बनना चाहिए.

राम मनोहर लोहिया वो पहले राजनेता रहे जिन्होंने कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान करते हुए कहा था जिंदा कौमें पांच साल तक इंतज़ार नहीं करतीं.

उत्तर भारत में आज भी आप राजनीतिक रुझान रखने वाले किसी युवा से बात करें तो वे इस नारे का जिक्र ज़रूर करेगा- ‘जब जब लोहिया बोलता है, दिल्ली का तख़्ता डोलता है.’

नेहरू का विरोध

जब देश जवाहर लाल नेहरू को अपना सबसे बड़ा नेता मान रहा था, ये लोहिया ही थे जिन्होंने नेहरू को सवालों से घेरना शुरू किया था. नेहरू से उनकी तल्खी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक बार ये भी कहा था कि बीमार देश के बीमार प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

1962 में लोहिया फूलपुर में जवाहर लाल नेहरू के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने चले गए. उस चुनाव में लोहिया की चुनाव प्रचार की टीम का हिस्सा रहे सतीश अग्रवाल याद करते हैं, “लोहिया जी कहते थे मैं पहाड़ से टकराने आया हूं. मैं जानता हूं कि पहाड़ से पार नहीं पा सकता लेकिन उसमें एक दरार भी कर दिया तो चुनाव लड़ना सफल हो जाएगा.”

जवाहर लाल नेहरू- महात्मा गांधीइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

बिहार में समाजवादी राजनीति का अहम चेहरा माने जाने वाले शिवानंद तिवारी को राम मनोहर लोहिया को करीब से देखने का मौका मिला था. 1967 में भोजपुर के शाहपुर विधानसभा सीट से शिवानंद तिवारी के पिता रामानंद तिवारी चुनाव लड़ रहे थे, उनके चुनाव प्रचार में लोहिया गए थे.

शिवानंद तिवारी कहते हैं, “मुझे उनके साथ चार सभाओं में जाने का मौका मिला था. वे एक भविष्यवक्ता के भांति बोल रहे थे. उन्होंने लोगों से कहा था कि आप ये सोचकर वोट दीजिए कि आप जिसे चुन रहे हैं वो मंत्री बनने वाला है या वो मंत्री बनाने वाला है.”

लोहिया की राजनीतिक विरासत

शिवानंद तिवारी के मुताबिक जब 1967 में जब हर तरफ कांग्रेस का जलवा था, तब राम मनोहर लोहिया इकलौते ऐसे शख़्स थे जिन्होंने कहा था कि कांग्रेस के दिन जाने वाले हैं और नए लोगों का जमाना आ रहा है. नौ राज्यों में कांग्रेस हार गई थी.

राम मनोहर लोहिया
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Image captionजर्मनी में डॉक्टरेट की पढ़ाई करने के दौरान लोहिया की तस्वीर

लोहिया की मौत के बाद उनकी विरासत और उनके नाम की राजनीति ख़ूब देखने को मिली. कम से कम उत्तर प्रदेश और बिहार में. मुलायम सिंह यादव तो अपनी पार्टी को लोहिया की विरासत को मानने वाली पार्टी के तौर पर देखते रहे हैं.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कहते हैं, “लोहिया जी हमारे पार्टी के सबसे बड़े आदर्श हैं. 1967 में पहली बार उन्होंने ही नेताजी को टिकट दिया था. जसवंत नगर विधानसभा सीट से. लोहिया समाज में गरीब गुरबों की आवाज़ उठाना चाहते थे, वे पिछड़ों को सत्ता में भागीदारी देना चाहते थे. उनका सपना था सौ में पावें पिछड़े साठ.”

मुलायम की राजनीतिक क्षमता को सबसे पहले लोहिया जी ने ही देखा था. मुलायम सिंह यादव ने जल्दी ही प्रकाशित होने वाली अपनी राजनीतिक जीवनी द सोशलिस्ट में याद किया है, “1963 में फर्रूख़ाबाद सीट से उपलोकसभा चुनाव में मैं अपने साथियों के साथ उनके प्रचार में जुटा था. विधुना विधानसभा में उन्होंने मुझसे पूछा था कि प्रचार के दौरान क्या खाते हो, कहां रहते हो. मैं ने कहा कि लैइया चना रखते हैं, लोग भी खिला देते हैं और जहां रात होती है उसी गांव में सो जाते हैं. उन्होंने मेरे कुर्ते की जेब में सौ रूपये का नोट रख दिया था.”

राम मनोहर लोहिया के साथ मुलायम की तस्वीरइमेज कॉपीरइटALAMY

हालांकि मुलायम को बाद में शिवानंद तिवारी से बहुत ज्यादा मिलने जुलने का मौका नहीं मिला, लेकिन परिवारवाद के पहलू को छोड़कर लोहिया के राजनीतिक विरासत पर मुलायम लगातार अपना दावा जताते रहे.

समाजवादी राजनीति को शिवानंद तिवारी लंबे समय से देख रहे हैं. लोहिया की राजनीति के असली वारिस की बात होने पर शिवानंद तिवारी कहते हैं, “लोहिया जिस तरह की राजनीति की बात करते थे, उसके ठीक ठीक अपनाने वाले तो केवल किशन पटनायक ही हो पाए. हालांकि उनको वो सम्मान नहीं मिला. बिहार की राजनीति में लोहिया को जिन्होंने काफी हद तक अपने जीवन में उतारा वो लालू ही रहे हैं.”

हिंदी के हिमायती रहे लोहिया

शिवानंद तिवारी आगे कहते हैं, “अगर आप 1990 से 1995 के बीच के लालू के भाषणों को देखें तो उनमें लोहिया की झलक मिलती थी. हालांकि बाद में उनके क़दम डगमगाए और उनमें उतना बड़ा विजन भी विकसित नहीं हो पाया. लालू लोहिया के जितने करीब पहुंच सकते थे, वहां तक पहुंचने में वो चूक गए.”

चाहे मुलायम हों या फिर लालू या शरद या राम विलास पासवान, इन सब पर लोहिया का असर दिखा ज़रूर लेकिन ये सब उस जातिवादी राजनीति के दायरे से नहीं निकल पाए, जिसका लोहिया आजीवन विरोध करते रहे.

शिवानंद तिवारी के मुताबिक लोहिया होने आसान नहीं हैं क्योंकि लोहिया को देश और दुनिया के राजनीति की जितनी समझ थी, उससे ज्यादा वे भारतीय परंपराओं और भारतीय समाज को जानते बूझते थे, वे लगातार पढ़ने लिखने वाले राजनेता थे.

राम मनोहर लोहियाइमेज कॉपीरइटLOHIA TRUST

ये कम ही लोग जानते होंगे कि लोहिया ने जर्मनी से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की थी. वे अंग्रेजी, जर्मन, फ्रेंच, मराठी और बांग्ला धड़ल्ले से बोल सकते थे, लेकिन वे हमेशा हिंदी में बोलते थे, ताकि आम लोगों तक उनकी बात ज्यादा से ज्यादा पहुंचे.

लोहिया ने चाहे आम लोगों के हितों की बात की हो, या समाज में महिलाओं की बराबरी देने की बात कही हो, ऐसे लगता है कि वे भारतीय राजनीति के सबसे दूरदर्शी नेताओं में शामिल थे, लेकिन उनके अंदर एक आग हमेशा धधकती रहती थी.

लोहिया की जीवनीकार श्रीमति इंदू केलकर ने लोहिया की रामधारी सिंह दिनकर से एक मुलाकात का जिक्र किया है, वे लिखती हैं, “निधन से एक महीने पहले ही दिनकर लोहिया से मिले थे और कहा था कि क्रोध कम कीजिए, देश आपसे बहुत प्रसन्न है, कहीं ऐसा न हो कि भार जब आपके कंधों पर आए तब आपका अतीत आपकी राह का कांटा बन जाए. लोहिया बोले थे- आपको लगता है तब तक मैं जी पाऊंगा?”

लोहिया का निजी जीवन भी कम दिलचस्प नहीं था. लोहिया अपनी ज़िंदगी में किसी का दख़ल भी बर्दाश्त नहीं करते थे. हालांकि महात्मा गांधी ने उनके निजी जीवन में दख़ल देते हुए उनसे सिगरेट पीना छोड़ देने को कहा था. लोहिया ने बापू को कहा था कि सोच कर बताऊंगा. और तीन महीने के बाद उनसे कहा कि मैंने सिगरेट छोड़ दी.

बिंदास जीवन था लोहिया का

लोहिया जीवन भर रमा मित्रा के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहे. रमा मित्रा दिल्ली के मिरांडा हाउस में प्रोफेसर रहीं. दोनों के एक दूसरे को लिखे पत्रों की किताब भी प्रकाशित हुई. शिवानंद तिवारी बताते हैं, “लोहिया ने अपने संबंध को कोई छिपाकर नहीं रखा था. लोग जानते थे, लेकिन उस दौर में निजता का सम्मान किया जाता था. लोहिया जी ने जीवन भर अपने संबंध को निभाया और रमा जी ने उसे आगे तक निभाया.”

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50-60 के दशक में भारत में आम लोगों की राजनीति करने वाला कोई नेता अपने निजी जीवन में इतना बिंदास हो सकता है, इसकी कल्पना आज भी मुश्किल ही है. लोहिया महिलाओं को समान अधिकार दिए जाने की वकालत करते हुए कहते थे कि देश की सती-सीता की ज़रूरत नहीं बल्कि द्रौपदी की ज़रूरत है जो संघर्ष कर सके, सवाल पूछ सके.

1962 के आम चुनाव में लोहिया का फूलपुर में चुनाव प्रचार में हिस्सा ले चुके सतीश अग्रवाल बताते हैं, “लोहिया किस हद तक बिंदास थे, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एक बार तारकेश्वरी सिन्हा ने उनसे कहा कि आप महिलाओं और उनके अधिकारों के बारे में काफ़ी बात करते हैं लेकिन आपने तो शादी नहीं की. लोहिया ने तत्काल जवाब दे दिया- भई तुमने तो मौका ही नहीं दिया.”

हुसेन की पेंटिंग- लोहिया- नेहरू
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राम मनोहर लोहिया ऐसे राजनेता थे जो अमरीका जा कर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन से समाजवाद पर बहस कर सकते थे और मक़बूल फ़िदा हुसेन जैसे कलाकार की कला को भी राह दिखा सकते थे. दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में लोहिया ने ही मक़बूल फ़िदा हुसेन को कहा था, “ये जो तुम बिरला और टाटा के ड्राइंग रूम में लटकने वाली तस्वीरों से घिरे हो, उससे बाहर निकलो. रामायण को पेंट करो.”

अस्पताल की लापरवाही के चलते मौत

लोहिया की मौत भी कम विवादास्पद नहीं रही. उनका प्रोस्टेट ग्लैंड्स बढ़ गया था और इसका ऑपरेशन दिल्ली के सरकारी विलिंग्डन अस्पताल में किया गया था.

उनकी मौत के बारे में वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर ने अपनी ऑटो बायोग्राफी बियांड द लाइन्स में भी किया है. इसमें उन्होंने लिखा है, “मैं राम मनोहर लोहिया से अस्पताल में मिलने गया था. उन्होंने मुझसे कहा कुलदीप मैं इन डॉक्टरों के चलते मर रहा हूं.”

कुलदीप आगे लिखते हैं कि लोहिया की बात सच ही निकली क्योंकि डॉक्टरों ने उनकी बीमारी का गलत इलाज कर दिया था. उनकी मौत के बाद सरकार ने दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों के निरीक्षण करवाने हेतु एक समिति नियुक्त की गई थी. आज यही अस्पताल राम मनोहर लोहिया अस्पताल के रूप में जाना जाता है.

लोहिया अस्पतालइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

इस समिति की रिपोर्ट का एक हिस्सा 26 जनवरी, 1968 को टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित हुआ था, इसमें समिति ने दावा किया था, “अगर अस्पताल के अधिकारी आवश्यक और अनिवार्य सावधानी से काम लेते तो लोहिया का दुखद निधन नहीं होता.”

शिवानंद तिवारी याद करते हैं कि तब वो बड़ा मुद्दा बना था लेकिन बाद वो बात दबा दी गई. 1977 में केंद्र सरकार में राजनारायण स्वास्थ्य मंत्री बने तो उन्होंने लोहिया की मौत के कारणों की जांच करने के लिए विशेषज्ञों की समिति नियुक्त या, लेकिन अस्पताल में तब सारे कागज़ ग़ायब थे.

पैनी नज़र थी लोहिया की

लोहिया के जीवन और उनके विचारों को संजोने की कोशिश उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के समाजिक कार्यकर्ता नितेश अग्रवाल जैन कर रहे हैं. उन्होंने लोहिया पर करीब 90 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म बनाने का जोख़िम उठाया है.

लोहिया के जीवन पर फ़िल्मइमेज कॉपीरइटNITESH JAIN

वे कहते हैं, “उनके विचारों को पढ़ने के बाद मुझे लगा कि इनकी बात आम लोगों तक पहुंचनी चाहिए. मेरी फ़िल्म एंबैसडर ऑफ सोशलिज्म डॉक्टर राम मनोहर लोहिया लगभग तैयार है. उनके जन्म दिन पर अगले साल रिलीज करेंगे ताकि उनका संदेश देश दुनिया के कोने कोने तक पहुंचे.”

लोहिया की राजनीतिक दृष्टि जितनी पैनी थी, उतनी ही सामाजिक दृष्टिकोण. उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में सुधार की बात हो या फिर गंगा की सफ़ाई का मुद्दा हो या फिर हिंदु मुस्लिम सांप्रदायिकता की बात हो, इन सब मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी थी. वो भी पचास साल पहले.

हालांकि कुछ राजनीतिक विश्लेषक लोहिया पर जनसंघ को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हैं हालांकि ये समझना मुश्किल नहीं कि कांग्रेस के विरोध के लिए दूसरे तमाम लोगों को एक साथ लाना पड़ा. अखिलेश यादव कहते हैं, “लोहिया के जमाने में कांग्रेस की जो स्थिति थी वही अब बीजेपी की है. बीजेपी के ख़िलाफ़ हमने भी कांग्रेस को साथ लिया है.”