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कामचलाऊ भाले से किया अभ्यास और अब नीरज ने गोल्ड जीतकर रच दिया इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा कभी एक अदद भाले के लिए तरसते थे लेकिन ये उनकी मेहनत का ही फल है कि आज की तारीख में वह इस खेल के चैंपियन हैं।

पांच साल पहले नीरज के पास अभ्यास के लिए भाला भी नहीं था पर उन्होंने हौसला नहीं खोया। पिता सतीश कुमार और चाचा भीम सिंह से सात हजार रुपये लेकर काम चलाऊ भाला खरीदा और हर दिन आठ घंटे तक अभ्यास किया। इसी के बूते अंडर-16, अंडर-18 और अंडर-20 की मीट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना डाला। इसके बाद भारतीय कैंप में चयन हुआ। इसके बाद उन्हें डेढ़ लाख रुपये वाले भाले से अभ्यास करने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने पोलैंड में अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में विश्व रिकॉर्ड बनाया।

नीरज का कहना है कि विदेशी खिलाड़ियों से हम किसी भी तरह से कम नहीं हैं, कमी है तो हार के समय बिखर जाना और लक्ष्य से जी चुराना। भाला फेंक मंहगा खेल है। सरकार, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को खिलाड़ियों का सहयोग करना होगा। नीरज ने बताया कि पंचकूला के एथलेटिक्स कोच नसीम अहमद ने उनकी तकनीक में सुधार कराया है।

रिकॉर्ड के बादशाह हैं नीरज

नीरज के नाम अंडर-20 में विश्व रिकॉर्ड व राष्ट्रीय रिकॉर्ड। 2016 में साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक के साथ-साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड। इसके साथ ही साथ 2014 में अंडर-18 नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी नीरज के नाम है।

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CWG 2018: शनिवार को भारत पर हुई सोने की बरसात, अभी तक जीते 8 गोल्ड मेडल

ऑस्ट्रेलिया के गोल्डकोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में मनिका बत्रा ने भारत को 24वां गोल्ड मेडल दिलाया है। गोल्डकोस्ट में भारतीयों के लिये अभी तक शनिवार का दिन सुनहरा रहा है अभी तक 7 गोल्ड भारत की झोली में आ चुके हैं। इसके अलावा दीपिका पल्लीकल और सौरभ घोषाल की जोड़ी ने स्क्वॉस में सिल्वर मेडल जीता है।

इसके पहले मैरी कॉम फिर शूटर संजीव राजपूत के बाद मुक्‍केबाज गौरव सोलंकी ने स्‍वर्ण दिलाया तो अब नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीत लिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में ये भारत का 21वां गोल्ड मेडल रहा। इसके बाद रेसलर साक्षी मलिक ने भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलवाया तो फिर रेसलर सुमित ने भारत को पांचवां गोल्ड दिलवा दिया। इसके बाद मनिका ने बैडमिंटन में गोल्ड जीता और फिर विकास कृष्ण ने भी गोल्डन पंच लगा दिया। इसी के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने 59 पदक भी पूरे किए। भारत ने अब तक 25 गोल्ड, 16 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज मेडल जीत लिए हैं।

टेबल टेनिस मेन्स डबल्स में भारत को मिला सिल्वर मेडल

शरत अचंत कमल और साथियान गणाशेखरन ने टेबल टेनिस के मेन्स डबल्स में भारत को लिए सिल्वर मेडल जीता।

विकास कृष्ण ने मारा गोल्डन पंच

बॉक्सिंग में पुरुषों के 75 किलोग्राम भारवर्ग में भारत के विकास कृष्ण ने गोल्ड जीता है। फाइनल में उन्होंने कैमरून के वेल्फ्रेड सेई को 5-0 से शिकस्त दी। इसके साथ ही भारत के खाते में 25वां गोल्ड आया।

मनिका बत्रा ने दिलाया भारत को 24वां गोल्ड

मनिका ने महिलाओं की सिंग्लस टेबल टेनिस मुकाबले में सिंगापुर की मेंगयू यू को 11-7, 11-6, 11-2, और 11-7 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।

दीपिका और सौरभ की जोड़ी ने जीता सिल्वर

दीपिका पल्लीकल और सौरभ घोषाल की जोड़ी ने स्क्वॉस में सिल्वर मेडल जीता है, इसके साथ ही अब भारत के कुल पदकों की संख्या 55 तक पहुंच गयी है। गोल्डकोस्ट में शनिवार का दिन भारतीयों के लिये बहुत बढ़िया रहा। इस दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 7 गोल्ड जीते

विनेश फोगाट ने लगाया गोल्डन दांव

भारत के खाते में एक और गोल्ड आ गया है। विनेश ने फ्री स्टाइल के 50 किलोग्राम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है। फाइनल मुकाबले में वीनेश ने कनाडा की रेसलर जेसिका मेकडोनाल्ड को हराया।

सुमित ने जीता गोल्ड

रेसलर सुमित मलिक ने पुरुषों के 125 किलो भारवर्ग फ्री स्टाइल कुश्ती में गोल्ड मेडल जीता। भारतीय पहलवान सुमित ने पाकिस्तान के तायब राजा को फ्री स्टाइल के 125 किलोग्राम इवेंट में हराया। सुमित ने ये मुकाबला 10-4 से जीता।

साक्षी को मिला ब्रॉन्ज मेडल

रेसलर साक्षी मलिक ने महिलाओं की 62 किलो भार वर्ग फ्री स्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक अपने नाम किया।साक्षी ने न्यूजीलैंड की टेलर फोर्ड को मात देकर कांस्य पदक अपने नाम किया। साक्षी ने यह मुकाबला अपने मजबूत डिफेंस के दम पर 6-5 से जीता। अंतिम राउंड में टेलर ने साक्षी को पटक दिया था, लेकिन इस दिग्गज पहलवान ने अपने डिफेंस के कारण टेलर को जरूरी अंक नहीं लेने दिए और महज एक अंक के अंतर से कांसे पर कब्जा किया।

नीरज चोपड़ा ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में भारत के नाम एक और गोल्ड मेडल करवा दिया। नीरज ने 86.47 मीटर की दूरी पर भाला फेंक कर ये गोल्ड अपने नाम किर इतिहास रच दिया। नीरज भाला फेंक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी है। नीरज से पहले कोई भी भारतीय खिलाड़ी जैवलिन थ्रो में भारत के लिए गोल्ड नहीं जीत सका था।

CWG में उत्‍तरी आयरलैंड को गौरव ने दी मात
मुक्केबाज गौरव सोलंकी ने उत्‍तरी आयरलैंड के ब्रेंडन इरवाइन को 4-1 से हराया। उन्‍होंने पुरुषों की 52 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा यह सफलता हासिल की है।

CWG में बॉक्सिंग में स्‍वर्ण पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला मैरी कॉम

मुक्केबाजी स्‍पर्धा में भारत की मैरी कॉम ने स्‍वर्ण पदक जीत लिया। पांच बार विश्‍वविजेता रहीं मैरी कॉम ने फाइनल के 45-48 किलोग्राम भारवर्ग स्‍पर्धा में इंग्‍लैंड की क्रिस्‍टिना ओ हारा को 5-0 से हराया। मैरी कॉम ने सेमीफाइनल में श्रीलंका की अनुशा दिलरुक्सी को 5-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी।

ऐसे रहा तीनों राउंड में मैरी कॉम का अंदाज

मैच के पहले राउंड में मैरी कॉम ने धीरज से काम लिया और मौके की ताक में रहीं। जब भी मौका मिला उन्‍होंने पंज जमाए। दूसरे राउंड में भी वे उसी तरह थी लेकिन क्रिस्टिना की ओर से कोशिशें जारी थीं। लेकिन ज्‍यों ज्‍यों मुकाबला बढ़ रहा था मैरी कॉम भी आक्रामक होती जा रहीं थीं और क्रिस्‍टिना पर दवाब बनाया हुआ था। अंतिम राउंड में क्रिस्टिना आक्रामक हो गई थीं लेकिन मैरी कॉम ने अपना पलड़ा भारी रखा और गोल्‍ड मेडल जीत लिया।

राष्ट्रपति ने दी मैरी कॉम को बधाई

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रमंडल खेलों के मुक्केबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर भारत की अनुभवी मुक्केबाज व पांच बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरी कॉम को बधाई दी है। राष्ट्रपति ने ट्विटर पर दिए अपने बधाई संदेश में कहा, ‘राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 45-48 किग्रा मुक्केबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के लिए मणिपुर और भारत की आइकन मैरी कॉम को बधाई।‘

संजीव राजपूत ने जीता गोल्ड

भारत के स्टार रायफल शूटर संजीव राजपूत ने गोल्‍ड 50 मीटर राइफल स्‍पर्धा में जीत हासिल की वहीं गौरव सोलंकी ने 52 किग्रा स्‍पर्धा में देश का नाम रोशन किया।

4 से 15 अप्रैल तक आयोजित राष्‍ट्रमंडल खेल में 53 देशों के एथलीट हिस्सा ले रहे हैं जिसमें भारत के 218 खिलाड़ी हैं। पिछले तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत 215 मेडल जीत चुका है। 2006 में 50, 2010 में 101 और 2014 में 64 मेडल भारत की झोली में आए थे।

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CWG 2018: कुश्ती में बजरंग पूनिया ने दिलाया स्वर्ण, पूजा ढांडा और मौसम खत्री को रजत

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ खेलों के नौवें दिन भारत ने स्वर्ण शुरुआत की. और यह शुरुआत शूटिंग में दोनों महिलाओं तेजस्विनी सावंत और अंजुम मौदगिल ने दिलाई, तो वहीं पुरुषों में भी 25 मी. पिस्टल वर्ग में अमीश भानवाला ने खेलों में इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक दिलाते हुए यह मैसेज देने की कोशिश की कि पुरुष भी धीरे-धीरे होड़ में आ रहे हैं. इसी क्रम में बाद में पहलवान बजरंग पूनिया ने 65 किग्रा भार वर्ग फ्री स्टाइल कैटेगिरी में भारत को एक और स्वर्ण दिला दिया.

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Rajyavardhan Rathore

@Ra_THORe

#KheloIndia prodigy sizzles at #GC2018

Shooting a #CWG GAMES RECORD at 15 yrs of age in your very 1st CWG appearance takes incredible talent.

Congratulations Anish Bhanwal, India’s youngest CWG

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medallist in men’s 25 m Rapid Fire pistol. Proud & speechless!

वहीं, मुक्केबाजों ने भी अपने अभियान को गति प्रदान कर दी है. और अमित ने 46-49 किग्रा, गौरव सोलंकी ने 52 किग्रा और मनीष कौशिक ने 60 किग्रा में भार वर्ग के फाइनल में पहुंचकर रजत सुनिश्चित करते हुए स्वर्ण की जंग तय कर दी है. इसके अलावा महिला वर्ग में ही कुश्ती के 57 किग्रा फ्री-स्टाइल वर्ग में पूजा ढांढा को फाइनल में रजत पदक से संतोष करना पड़ा, तो बैडमिंटन में सायना नेहवाल और पीवी सिंधु ने सिंगल्स वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है.

GOLD NO. 17 for India Bajrang Punia beats Wales’ Kane Charig in the men’s 65kg freestyle wrestling. CONGRATULATIONS CHAMPWe’re proud of you.#GC2018Wrestling #GC2018 #CommonwealthGames2018#indiaAtCWG#CWG18

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@ddsportschannel

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आठवें दिन ही 50 मी. राइफल प्रोन में रजत जीतने वाली तेजस्विनी सावंत ने इस बार 50 मी. राइफल पोजीशन-3 वर्ग में नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया, तो इसी वर्ग में अंजुम मोदगिल ने रजत पदक हासिल किया. हालिया पदक की बात करें मुक्केबाजी में 69 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में मनोज कुमार की हार के साथ ही भारत को कांस्य से संतोष करना पड़ा. इसी के साथ ही भारत के अभी तक कुल पदकों की संख्या 42 हो गई है. इसमें 17 स्वर्ण, 11 रजत और 14 कांस्य पदक शामिल हैं.

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GOAL!!!!@13harmanpreet keeping India’s hope alive in this semi final, scores the second goal.
New Zealand 3, India 2.#GC2018 #GC2018hockey #CommonwealthGames2018 #IndiaAtCWG #CWG2018

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Despite @13harmanpreet ‘s brilliant efforts #TeamIndia go down 3-2 against New Zealand in the men’s hockey semi-final.#GC2018 #GC2018hockey #CommonwealthGames2018 #IndiaAtCWG #CWG2018

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इसके अलावा महिलाओं की तरह ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम भी स्वर्ण पदक की होड़ से बाहर हो गई है. उसे न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-2 से हार का सामना करना पड़ा. अब भारत कांस्य पदक के लिए खेलेगा.

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#TejaswiniSawant set a new game record with a score of 457.9 in 50m Rifle 3 Positions in #CommonwealthGames2018#GC2018 #GC2018Shooting

शूटिंग
नौवें दिन के सुबह ही भारतीय शूटरों ने एक बार फिर से सनसनी फैला दी. अगर खेलों के आठवें दिन भारतीय महिलाओं का बोलबाला रहा था, तो नौवें दिन की सुबह भी बैटन को महिलाओं ने ही संभाला. तेजस्विनी ने कुल 457.9 अंक हासिल करते हुए राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, वहीं अंजुम मौदगिल ने 455.7 अंकों के साथ रजत पदक जीता. स्कॉटलैंड की सियोनेड मिकतोश को 444.6 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल हुआ है. पुरुष वर्ग में 15 साल के अनीष भानवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में स्वर्ण पदक जीता.

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India@Sports@India_AllSports

Breaking News: Pooja Dhanda is through to Final of Women’s 57 kg event; she beats Cameroon grappler in Semis #GC2018Wrestling #GC2018

कुश्ती
पुरुष वर्ग में बजरंग पूनिया ने 65 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में वेल्स के कैन कैरिग को 10-1 से धोकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया, लेकिन 97 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में मौसम खत्री फाइल में दक्षिण अफ्रीका के मार्टिन एरसमस से 12-2 से हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा.

महिला वर्ग में बबीता के वीरवार को दम दिखाने के बाद शुक्रवार को पूजा ढांडा को 57 किग्रा वर्ग में निराशा झेलनी पड़ी है. पूजा को नाइजीरिया की ओडुनायो एडेकुओरोए के हाथों 7-5 से हार झेलने के साथ ही रजत पदक से संतोष करना पड़ा है. इससे पहले सेमीफाइनल में पूजा ने कैमरून की जोसेफ एसोंबे क 11-5 से चित किया था. हालांकि, 68 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में ही भारत की दिव्या करण को नाइजीरिया की ओबोरुडुडु ब्लेसिंग के हाथों 11-1 से शिकस्त झेलने पर मजबूर होना पड़ा.

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Sri Kidambi climbs to the top of the world rankings today. Congratulations @srikidambi

बैडमिंटन
महिलाओं के सिंगल्स वर्ग में भारत की स्टार सायना नेहवाल ने कनाडा की राचेल होंडिरिच को सीधे गेमों में 21-8, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया, तो वहीं रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता पी.वी. सिंधु ने क्वार्टर फाइनल में कनाडा की ब्रिटनी टैम को सीधे गेमों में 21-14, 21-17 से मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई.

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. @Pvsindhu1 storms into the semi final as she beats her opponent 21-14, 21-17#GC2018 #GC2018Badminton #CommonwealthGames2018 #IndiaAtCWG#CWG2018

पुरुष वर्ग वीरवार को ही दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी की पायदान हासिल करने वाले श्रीकांत किदांबी ने सिंगापुर के रियान एनजी जिन को 21-5, 21-12 से हराकर अंतिम चार में जगह बना ली. वहीं पुरुष डबल्स वर्ग में सात्विक रंकीरेडडी और चिराग चंद्रशेखर शेट्टी ने मलेशिया के पेंग सून चैन व सून हुआट गोह को 21-14, 15-12 व 2109 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई.

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Boxing Federation@BFI_official

RECAP: Manish Kaushik cruised into the 60 Kg final earlier in the day. #GoforGold #PunchMeinHaiDum #GC2018 #GC2018boxing #CWG2018

मुक्केबाजी
आखिरकार शाम के सत्र में दो अहम मुकाबले हारने के बाद बॉक्सिंग में अच्छी खबर यह रही कि विकास कृष्णन ने 75 किग्रा भार वर्ग में उत्तरी आयरलैंड के स्टीवन डोनेली को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर स्वर्णिम जंग तय कर दी और रजत सुनिश्चत कर दिया.इससे पहले मोहम्मद हुसामुद्दीन पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में इंग्लैंड के पीटर मैक्ग्रैल के हाथों 5-0, तो मनोज कुमार भी 69 किग्रा वर्ग में इंग्लैंड के पैट मैकोरमैक के हाथं 5-0 से हार के साथ ही कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.

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Doordarshan Sports

@ddsportschannel

Vikas Krishan advances into men’s 75kg final beating Steven Donnelly of Northern Ireland 5-0.
All the best for the final Vikas! #GC2018 #GC2018boxing #CommonwealthGames2018 #IndiaAtCWG #CWG2018

वहीं सुबह के सेशन में भारतीय मुक्केबाजों अमित फांगल, गौरव सोलंकी और मनीष कौशिक ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्गों के फाइनल में प्रवेश कर रजत सुनिश्चित करते हुए स्वर्ण की जंग तय कर दी. अमित ने यहां 49 किलोग्राम लाइटवेट स्पर्धा के सेमीफाइनल में युगांडा के जुमा मीरो को एकतरफा मुकाबले में 5-0, गौरव ने 52 किलोग्राम वर्ग में श्रीलंका के विदानालांगे इशान बांद्रा को 4-0 से हराया. वहीं मनीष कौशिक ने 60 किलोग्राम के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड के जेम्स मैकगिवर्न को 4-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई. हालांकि, नमन तंवर 91 किग्रा में ऑस्ट्रेलिया के जैसन व्हॉटली के हथों 4-0 से हार झेलनी पड़ी, लेकिन वह कांस्य लेने में कामयाब रहे.

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All India Radio Sports@akashvanisports

Sharath Kamal and Sathiyan G will take on England’s Paul Drinkhall and Liam Pitchford in Saturday’s #GC2018TableTennis Final, as Sanil Shetty and Harmeet Desai lost against the English Duo.

टेबल टेनिस
महिला वर्ग के डबल्स के फाइनल में भारत की मनिका बत्रा और मौमा दास ने सिंगापुर की फेंक तियानवे और वाईयू मेंग्यू के हाथों 11-5, 11-4, 11-5 से हार गईं. इस हार के साथ ही भारत इस वर्ग का रजत जीतने में कामयाब रहा.

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Another SILVER!

Manika Batra and Mouma Das win silver in women’s doubles as the Indian duo lose to Tianwei Feng/Mengyu of Singapore in final.
Well Played girls! We’re proud of you.

वहीं पुरुष सिंगल्स में अचंता शरथ कमल और गणानसेकरन साथियान ने पुरुष युगल वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है. भारतीय जोड़ी ने पहले सेमीफाइनल में सिंगापुर के कोएन पेंग और इथान पोह की जोड़ी को 7-11, 11-5, 11-1, 11-3 से हराया. इसी वर्ग में साथियान गणाशेखरन को इंग्लैंड के सैमुएल वॉकर ने सैमुएल ने 4-0 (11-8, 11-8, 13-11, 17-15) से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया।

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भारत ने लिया पहले मैच में मिली हार का बदला, श्रीलंका को 6 विकेट से हराया

ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में भारत और श्रीलंका एक दूसरे के आमने-सामने थे। बारिश की वजह से इस मैच में टॉस में 1 घंटे 5 मिनट की देरी से हुई और खेल 1 घंटे 20 मिनट की देरी से शरू हुई। बारिश के कारण मैच का ओवर कम करके इसे 19-19 ओवर का कर दिया गया। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान रोहित ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने कुशाल मेंडिस के अर्धशतक के दम पर निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 152 रन बनाए। भारत ने जीत के लिए मिले 153 रन के लक्ष्य को 17.3 ओवर में 6 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। अंक तालिका में अब भारत चार अंकों के साथ पहले नंबर पर आ गया है।

मनीष पांडे व दिनेश कार्तिक ने दिलाई जीत

दूसरी पारी में जीत के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। इन दिनों लचर फॉर्म में चल रहे रोहित शर्मा एक बार फिर से फ्लॉप रहे और 11 रन बनाकर अकीला धनंजय की गेंद पर कुशाल मेंडिस द्वारा लपके गए। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे धवन को भी अकीला धनंजय ने अपना दूसरा शिकार बनाया। 8 रन के स्कोर पर वो कैच आउट हो गए। तेज बल्लेबाजी कर रहे रैना ने 15 गेंदों पर 27 रन बनाए। उन्हें नुवान प्रदीप ने परेरा के हाथों कैच आउट करवा दिया। लोकेश राहुल मेडिंस की गेंद को खेलने के चक्कर में हिट विकेट आउट हो गए। उन्होंने 17 गेंदों पर 18 रन बनाए। मनीष पांडे ने नाबाद 42 जबकि दिनेश कार्तिक ने नाबाद 39 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिला दी। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच पांचवें विकेट के लिए नाबाद 68 रन की साझेदारी हुई।

श्रीलंका की तरफ से अकीला धनंजय को दो जबकि फर्नांन्डो और मेंडिस को एक-एक विकेट मिले।

कुशाल मेंडिस का अर्धशतक

पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका टीम के ओपनर गुणाथिलाका खतरनाक नजर आ रहे थे और उन्होंने 8 गेंदों पर 17 रन बनाए। उनकी पारी का अंत सुरेश रैना ने शानदार कैच पकड़कर किया। रैना ने ये कैच शर्दुल ठाकुर की गेंद पर लिया। भारत को दूसरी सफलता वाशिंगटन सुंदर ने दिलाई। उन्होंने कुशाल परेरा को महज तीन पर पर क्लीन बोल्ड कर दिया। 22 रन के स्कोर पर उपल थरंगा को विजय शंकर ने क्लीन बोल्ड कर दिया। थिसारा परेरा ने 6 गेंदों पर 15 रन बनाए लेकिन शर्दुल ठाकुर की गेंद पर वो चहल के हाथों कैच आउट हो गए। वाशिंगटन सुंदर ने जीवन मेंडिस को एक रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। कुशाल मेंडिस ने 38 गेंदों पर 55 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके और तीन छक्के लगाए। मेंडिस को चहल ने अपनी गेंद पर रोहित के हाथों कैच आउट करवाया। अकीला धनंजय को उनादकट ने 5 रन पर लोकेश राहुल के हाथों कैच आउट करवाया। शनाका 19 रन बनाकर शर्दुल ठाकुर की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। चमीरा बिना खाता खोले ही शर्दुल की गेंद पर उनदाकट के हाथों कैच हो गए। लकमल पांच रन बनाकर नाबाद रहे।

भारत की तरफ से शर्दुल ठाकुर ने 4, वाशिंगटन सुंदर ने दो जबकि जयदेव उनादकट और विजय शंकर ने एक-एक विकेट लिए।

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सौरव गांगुली ने बताया लॉर्ड्स में किसे जवाब देने के लिए उतारी थी शर्ट

पूर्व भारतीय टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने आत्मकथा ‘ए सेंचुरी इज नॉट एनफ’ में अपने क्रिकेट से जुड़े कई लम्हों को फैंस के सामने लाने का काम किया है। इस किताब को जल्द ही लॉन्च किया जाना है, लेकिन लॉन्च से पहले किताबों के कुछ अंश का जिक्र गांगुली ने फैंस के साथ किया। जर्नलिस्ट बरखा दत्त से बात करते हुए सौरव गांगुली ने साल 2002 में खेले गए नैटवेस्ट सीरीज का जिक्र किया। गांगुली ने कहा. ”फाइनल मैच जीत से टीम काफी उत्साहित थी और जहीर खान के विनिंग शॉट लगाते ही मैं अपने आपको रोक नहीं सका। गांगुली ने बताया कि जीतने के बाद शर्ट उतारकर सेलिब्रेट करना सही नहीं था। उस दौरान जीत का जश्न मनाने के लिए और भी कई तरीके थे”। गांगुली ने कहा, ”जब इंग्लैंड की टीम भारत आई थी तो एंड्र्यू फ्लिंटॉफ ने यह काम किया था। लॉर्ड्स में फाइनल मुकाबला जीतने के बाद मैंने भी कुछ ऐसा ही किया। हालांकि, इस घटना के बाद इस चीज को लेकर काफी पछतावा हुआ और मैं आज तक इस बात का अफसोस कर रहा हूं। रियल लाइफ में मैं इस तरह का इंसान नहीं हूं। खुशी जाहिर करने को और भी तरीके थे, लेकिन क्रिकेट का जुनून मुझ पर इस कदर हावी था कि मैंने फ्लिंटॉफ को उन्हीं के अंदाज में जवाब देना बेहतर समझा”।

बता दें कि इंग्लैंड की टीम ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत को वनडे सीरीज के फाइनल मुकाबले में हराया था। जिसके बाद जब भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर गई थी तो वहां वो जीतने में कामयाब रही। इस मैच में मुश्किल परिस्थितियों से निकलकर भारतीय खिलाड़ियों ने जीत हासिल की थी। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल मैच में इंग्लैंड की टीम ने 50 ओवर में 5 विकेट खोकर 325 रन बनाने में सफल रही थी।

जब मुशर्रफ ने सौरभ गांगुली से कहा था ऐसा करके हमें मुसीबत में मत डालिए

326 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही। कप्तान सौरव गांगुली और सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की पार्टनरशिप की। इसके बाद सहवाग 45 तो गांगुली 60 रन बनाकर आउट हो गए। इन दोनों के अलावा युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने टीम को जीत की ओर बढ़ाने का काम किया। अंतिम ओवर में भारतीय टीम ने दो विकेट से इस मैच को अपने नाम कर लिया।

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बदेशी भाषा बोलने वाले तीन आख़िरी इंसान

क्या आप उस भाषा के कुछ शब्द सीखना चाहेंगे जिसे बोलने वाले दुनिया में मात्र तीन ही लोग बचे हैं?

उत्तरी पाकिस्तान की पहाड़ियों में बर्फ से ढ़की दूर-दराज की एक घाटी में बदेशी भाषा बोली जाती है. लेकिन अब इस भाषा को लुप्त मान लिया गया है.

दुनिया की तमाम भाषाओं के बारे में जानकारी देने वाली एथनोलॉग के अनुसार बीते तीन या अधिक पीढ़ियों से इस भाषा को बोलने वाला कोई भी नहीं है.

लेकिन बिशीग्राम घाटी में हमने तीन ऐसे लोगों को खोजा है जो अब भी बदेशी भाषा में जानते हैं और इस भाषा में बात करते हैं.

 

वो भाषा जिसे सिर्फ़ तीन लोग जानते हैं

रहीम गुल को नहीं पता कि उनकी उम्र कितनी है. उनके चेहरे से लगता है कि वो करीब 70-75 साल के होंगे. वो कहते हैं, “अब से एक पीढ़ी पहले तक इस गांव के साभी लोग बदेशी भाषा में ही बात करते थे.”

“लेकिन फिर हमरी गांव में शादी कर के जो लड़कियां दूसरे गांव से आईं वो तोरवाली भाषा बोलती थीं. उनके बच्चों ने भी अपनी मातृभाषा तोरवाली भाषा में ही बात करना शुरु किया और इस कारण हमारी भाषा मरने लगी.”

इस इलाके में अधिकतर लोग तोरवाली भाषा का प्रयोग करते हैं जिसका खुद का अस्तित्व अधिक बोली जाने वाली पश्तो के कारण ख़तरे में है. लेकिन इस भाषा ने बदेशी को लुप्त होने की कगार पर पहुंचा दिया है.

 

बदेशी बोलने वाले रहीम गुल और सईद गुल

रहीम गुल के दूर के भाई सईद गुल कहते हैं, “अब हमारे बच्चे और उनके बच्चे तोरवाली ही बोलते हैं. हम चाहें भी तो अपनी भाषा में किससे बात करें?”

सईद गुल को भी अपनी उम्र के बारे में ठीक-ठीक जानकारी नहीं है. जब उन्होंने अपनी उम्र 40 बताई तो गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें टोका और कहा, “आप 80 साल के लगते हैं.” सईद गुल ने तुंरत पलट कर कहा, “नहीं, 50 का हो सकता हूं, 80 का तो बिल्कुल ही नहीं हूं.”

इस इलाके में युवाओं के लिए रोज़गार के मौक़े लगभग ना के बराबर हैं. इस कारण यहां से लोगों ने स्वात घाटी का रुख़ किया जहां वो पर्यटन का व्यवसाय करने लगे. यहीं पर उन्होंने पश्तो सीखी और अब ये लोग अधिकतर इसी भाषा में बात करते हैं.

वक्त के साथ-साथ बदेशी बोलने वले कम होते गए और इस तीन लोगों के लिए बदेशी में बात करने के मौक़े कम होते गए जिस कारण अब ये भी बदेशी भूलते जा रहे हैं.

 

बदेशी बोलने वाले रहीम गुल और सईद गुल

आपस में बात करते वक्त रहीम गुल और सईद गुल कई शब्द भूल जाते थे और काफी सोचने के बाद कुछ शब्दों को याद कर पा रहे थे.

रहीम के एक बेटे हैं जिनके पांच बच्चे हैं और सभी तोरवाली में बात करते हैं. रहीम के बेटे कहते हैं, “मेरी मां तोरवाली बोलती थीं और मेरे माता-पिता घर में बदेशी में बात नहीं करते थे. मुझे बचपन से ही ये भाषा नहीं सीखने का मौक़ा नहीं मिला. मैं कुछ शब्द तो जानता हूं लेकिन पूरी भाषा नहीं जानता. मेरे सभी बच्चे तोरवाली में ही बात करते हैं.”

“मुझे इस बात का पछतावा है, लेकिन मैं अब 32 साल का हूं और अब बदेशी सीख सकूंगा ऐसा नहीं लगता. मुझे दुख होता है कि ये भाषा मेरे पिता के साथ ही खत्म हो जाएगी.”

ग़ैरसरकारी संस्था फोरम ऑफ़ लैग्वेज इनिशिएटिव पाकिस्तान में लुप्त हो रही भाषाओं को बचाने की कोशिश कर रही है.

इस संस्था के साथ काम करने वाले भाषाविद सागर ज़मान कहते हैं, “मैंने तीन बार इस घाटी का दौर किया है. लेकिन इस भाषा को जानने वाले इस भाषा में सामने बात करने से हिचकिचा रहे थे.”

“मैंने और अन्य भाषाविदों ने मिल कर इस भाषा के करीब 100 शब्दों को लिखा है. इन शब्दों से संकेत मिलता है कि ये भाषा इंडो-आर्यन भाषा परिवार से है.”

बदेशी बोलने वाले रहीम गुल और सईद गुल

सागर ज़मान कहते हैं तोरवाली और पश्तो बोलने वाले बदेशी भाषा को अपमान की नज़र से देखते हैं और इसीलिए इसे बालने वालों के लिए ऐसा करने कलंक के समान माना जाता है.

ऐसा लगता है कि बदेशी भाषा को बचाने में अब बहुत देर कर दी गई है. लेकिन आप कम से कम इस भाषा को कुछ सीख सकते हैं और इस भाषा को आंशिक रूप से ही सही जिंदा रखने में मदद कर सकते हैं.

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India vs South Africa 3rd T20: निर्णायक मैच में भारत ने दर्ज की 7 रन से जीत, सीरीज पर किया 2-1 से कब्जा

गेंदबाजों के संघर्ष भरे प्रदर्शन के दम पर भारतीय क्रिकेट टीम ने शनिवार (24 फरवरी) को न्यूलैंड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए रोमांचक टी-20 मैच में दक्षिण अफ्रीका को सात रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने तीन टी-20 मैचों की सीरीज पर 2-1 से अपने नाम कर ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में दक्षिण अफ्रीका को 173 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे हासिल करने में मेजबान टीम केवल सात रनों से चूक गई।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका ने अपना पहला विकेट जल्द ही गंवा दिया। रीजा हैंड्रिक्स (7) भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर शिखर धवन के हाथों कैच आउट हुए। सलामी बल्लेबाज डेविड मिलर (24) ने इसके बाद कप्तान जीन पॉल ड्युम्नी (55) के साथ मिलकर 35 रनों की साझेदारी की, लेकिन यहां सुरेश रैना ने मिलर को 45 के कुल योग पर अक्षर पटेल के हाथों कैच आउट करवाकर मेजबान टीम का दूसरा विकेट गिराया। इस बीच, 12वें ओवर में गेंदबाजी करने आए अक्षर पटेल ने पहली ही गेंद पर हेनरिक क्लासेन (7) को लगभग पवेलियन भेज दिया था, लेकिन शार्दूल ठाकुर के हाथों से कैच छूटने के साथ ही अक्षर की सारी मेहनत पर पानी फिर गया।

पिछले मैच में दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले क्लासेन के भाग्य ने दूसरी बार उनका साथ नहीं दिया। 13वें ओवर में वह हार्दिक पांड्या की गेंद पर लंबा शॉट मारने के कराण बाउंड्री के पास खड़े भुवनेश्वर के हाथों में कैच थमा बैठे। कप्तान ड्युम्नी (55) ने इसके बाद इस मैच से टी-20 प्रारूप में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी क्रिस्टियन जोंकर (49) के साथ मिलकर 30 रनों की साझेदारी की और टीम को 100 के आंकड़े के पार पहुंचाया।

इस बीच, ड्युम्नी ने अपना अर्धशतक भी पूरा किया। हालांकि, वह अर्धशतक के बाद ज्यादा देर तक मैदान पर टिक नहीं पाए। शार्दूल ने भारत की जीत में परेशानी बनकर खड़े ड्युम्नी को रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट करा मेहमान टीम को बड़ी सफलता दिलाई। जसप्रीत बुमराह ने क्रिस मौरिस को 114 के स्कोर पर बोल्ड कर मेजबान टीम का पांचवां विकेट भी गिरा दिया। दक्षिण अफ्रीका अब अपने लक्ष्य से दूर होती जा रही थी। यहां अपना पहला टी-20 मैच खेल रहे जोंकर ने 18वें ओवर में 18 रन बनाने के साथ ही मेजबान टीम को एक आस दे दी।

दक्षिण अफ्रीका को अब 12 गेंदों में 35 रन बनाने थे। ऐसे में उसे हर गेंद में तीन रन बनाने थे। जोंकर ने फरहान बेहरदीन (नाबाद 15) के साथ 51 रनों की अर्धशतकीय साझेदारी की, लेकिन वह अपने लक्ष्य को हासिल करने से केवल सात रन दूर रह गए। अंतिम गेंद पर भुवनेश्वर ने जोंकर रोहित के हाथों कैच आउट करा दिया। उन्होंने 24 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए।

भारत के लिए भुवनेश्वर ने सबसे अधिक दो विकेट लिए, वहीं बुमराह, शार्दूल, पांड्या और रैना को एक-एक सफलता मिली। इससे पहले, बल्लेबाजी करने वाली भारतीय टीम के लिए पारी की शुरूआत डगमगाई हुई रही। विराट कोहली के स्थान पर टीम की कमान संभाल रहे रोहित (11) जल्दी ही पवेलियन लौट गए। उन्हें जूनियर डाला ने पगबाधा आउट कर मेहमान टीम की पहला विकेट गिराया।

इस बीच, क्रिस मौरिस ने छठे ओवर में शिखर धवन (47) को लगभग पवेलियन का रास्ता दिखा दिया था, लेकिन शम्सी ने कैच चूक कर धवन को जीवनदान दिया। इसके बाद, धवन ने रैना (43) के साथ 65 रनों की शानदार अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को 79 के स्कोर तक पहुंचाया। इसी स्कोर पर रैना को तबरेज शम्सी ने आउट किया। रैना लंबा शॉट मारने की कोशिश में बाउंड्री पर खड़े बेहरादीन के हाथों लपके गए। एक बार फिर धवन की किस्मत मे उनका साथ दिया। 13वें ओवर की तीसरी गेंद पर एक बार फिर शम्सी धवन को कैच करने का अवसर चूक गए। हालांकि, पिछले मैच में भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले मनीष पांडे (13) को जीवनदान नहीं मिल पाया।

पिछले दो मैचों में भारतीय बल्लेबाजों के लिए परेशानी का सबब बने रहने वाले डाल की गेंद पर पांडे लंबा शॉट लगाकर चौका लगाने की आस में मिलर के हाथों लपके गए। दो बार अच्छी किस्मत से बचने वाले धवन भी इसके बाद ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं टिक पाए। वह डाला की ही गेंद पर रन आउट हो गए। धवन के आउट होने के बाद पांड्या (21) और महेंद्र सिंह धौनी (12) ने टीम की पारी संभाली। दोनों ने 25 रन ही जोड़े थे कि एक बार फिर परेशानी बनकर खड़े हुए डाला ने इस बार धौनी को अपना शिकार बनाया। धौनी मिलर के हाथों कैच आउट हुए। धौनी जब आउट हुए, तब टीम का स्कोर 151 था।

धौनी के आउट होने के बाद मौरिस ने पांड्या को अधिक देर तक मैदान पर नहीं टिकने दिया। पांड्या विकेट के पीछे खड़े हेनरिक क्लासेन के हाथों लपके गए। मौरिस ने इसके बाद दिनेश कार्तिक (13) को भी पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके बाद अक्षर पटेल (नाबाद 1) और भुवनेश्वर (नाबाद 3) ने टीम को निर्धारित ओवर समाप्त होने तक 172 के स्कोर तक पहुंचाया। दक्षिण अफ्रीका के लिए इस पारी में डाला ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए। इसके अलावा, मौरिस को दो और शम्सी को एक सफलता मिली।

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अंडर 19 वर्ल्डकप विजेता बना भारत: टीम के जूनियर ”ब्रैडमैन” का जलवा, बने ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’

अंडर 19 वर्ल्डकप के फाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया. मनजोत कालरा ने बेहतरीन पारी खेलते हुए शतक जड़ा. पृथ्वी शॉ की कप्तान में टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के पहले मैच में भी ऑस्ट्रेलिया को ही हराया था. मनजोत को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया. वहीं टूर्नामेंट में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले शुभमन गिल को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया. भारत ने ‘मैन ऑफ द मैच’ सलामी बल्लेबाज मंजोत कालरा की शतकीय पारी की बदौलत शनिवार को यहां बे ओवल मैदान पर आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर चौथी बार खिताब अपने नाम किया.

ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 217 रनों के लक्ष्य को भारत ने मनजोत कालरा के नाबाद 101 रनों की बदौलत 38.5 ओवरों में आठ विकेट रहते ही हासिल कर लिया. कालरा के अलावा भारत के लिए शुभमन गिल ने 31 और विकेटकीपर हार्विक देसाई ने 47 रन बनाए.

‘मैन ऑफ द सीरीज’ चुने जाने के बाद शुभमन ने कहा, ‘मैं अपनी टीम पर गर्व करता हूं. हम भाग्यशाली हैं कि हमें राहुल (द्रविड़) सर कोच के रूप में मिले. उन्होंने मुझे सिर्फ खेल पर ध्यान देने की सलाह दी. यह मेरे लिए रोमांचित कर देने वाला समय है. मुझे उम्मीद है कि आईपीएल में भी अच्छा प्रदर्शन करूंगा.’

भारत ने टूर्नामेंट का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जिसमें शुभमन ने 63 रन की बेहतरीन पारी खेली थी. वहीं इसके बाद जिम्बावे के खिलाफ 59 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौकों और 1 छक्के की मदद से 90 रन की नाबाद पारी खेली. उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 86 रन की पारी खेली. शुभमन ने पाकिस्तान के खिलाफ 102 रन की नाबाद पारी खेली.

बता दें कि शुभमन ने इस टूर्नामेंट के 6 मुकाबलों में 372 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 3 अर्धशतक जड़े. शुभमन टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर हैं. उनसे पहले वेस्टइंडीज के खिलाड़ी ए एंथाजे हैं. एंथाजे ने 6 मुकाबलों में 418 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 2 अर्धशतक जड़े हैं. शुभमन ने 112.38 के एवरेज से रन बनाए. उन्होंने वर्ल्डकप 2018 में 40 चौके और 2 छक्के जड़े हैं.

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया. ईशान पोरेल ने उसे 32 के कुल स्कोर पर पहला झटका दिया. उन्होंने मैक्स ब्रायंट (14) को अभिषेक शर्मा के हाथों कैच कराया. ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका भी ईशान ने दिया. उन्होंने दूसरे सलामी बल्लेबाज जैक एडवर्ड्स (28) को पवेलियन भेज दिया. 59 के कुल स्कोर पर कप्तान जेसन संघा (13) को कमलेश नागरकोटी ने पवेलियन भेजा.

यहां ऑस्ट्रेलिया मुश्किल में थी. मेर्लो और उप्पल ने उसे संभाला और चौथे विकेट के लिए 75 रनों की साझेदारी की. उप्पल को अनुकूल रॉय ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर उनकी पारी का अंत किया. मेर्लो को फिर नाथन मैक्स्वीनी का साथ मिला और दोनों ने टीम को 183 के स्कोर पर पहुंचा दिया. लेकिन शिवा सिंह ने अपनी ही गेंद पर मैक्स्वीनी का कैच पकड़ इस साझेदारी को तोड़ा. यहां से ऑस्ट्रेलिया ने लगातार विकेट खो दिए और जल्दी पवेलियन में लौट गई. मेर्लो 212 के कुल स्कोर पर सातवें विकेट के रूप में पवेलियन लौटे. उन्होंने अपनी पारी में 102 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए.

भारत ने चौथी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है. इससे पहले वो, 2000 में मोहम्मद कैफ की कप्तानी में, 2008 में विराट कोहली की कप्तानी में और 2012 में उन्मुक्त चंद की कप्तानी में विश्व विजेता बन चुका है. वहीं भारत ने लगातार दूसरी बार फाइनल में आस्ट्रेलिया को मात दी. 2012 में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए खिताबी जीत हासिल की थी.