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Greater Than Statue Of Unity:आइए जानते हैं दुनिया की सबसे विशाल आकार की मानव निर्मित कृति शिव मूर्ति के बारे में जो राजस्थान के गणेश टेकरी में जल्द ही तैयार होने वाली है!

राजस्थान के उदयपुर से 50 किलोमीटर दूर स्थित नाथद्वारा के गणेश टेकरी नामक स्थान पर 351 मीटर ऊँची शिव मूर्ति का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। यह मूर्ति अयोध्या में बन रही 221 मीटर ऊँची श्री राम मूर्ति स्तम्भ से भी बड़ी होगी।

आपको बता दें कि श्री राम मूर्ति की ऊंचाई 151 मीटर है, जबकि उसके ऊपर 20 मीटर ऊँचा छत्र और नीचे 50 मीटर ऊँचा आधार है। साथ ही बन रहे म्यूजियम में श्री राम की जन्मभूमि आयोध्या का इतिहास और गौरवशाली गाथा को दर्शाया जायेगा।

गणेश टेकरी में 120 फ़ीट रोड से जुडी विश्व की सबसे ऊँची ध्यान में लीन महादेव की 351 मीटर की प्रतिमा का आकार पूर्ण रूप से सामने आ गया है। करीब 7 किलोमीटर की दूरी से दिखाई देने वाली इस विशालकाय मूर्ति को बनाने वाले मिराज ग्रुप ने दिसंबर 2018 तक कार्य पूरा होने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

25.42 बीघा में फैले क्षेत्र में 15300 स्क्वायर फ़ीट का हर्बल टेरिस गार्डन बनेगा वहीं बच्चों के लिए फन पार्क और 1.25 किलोमीटर का परिक्रमा पथ बनाया जा रहा है।

2200 तन स्टील और 1800 टन लोहे की मजबूती के साथ आरसीसी सीमेंट और कंक्रीट से शिव पूर्ति को निर्मित किया गया है। शिव मूर्ति में 110 मीटर का आधार, 65 मीटर लम्बाई के चरण, 175 मीटर पर कमरबंद, 260 मीटर पर कंधा, 275 मीटर पर गर्दन, 60 मीटर लम्बाई वाला महादेव का मुख और उसके शीश पर 16 मीटर ऊँचा जूड़ा मिलाकर विशालकाय 351 मीटर की प्रतिमा तैयार हुई है, जिसके रूप में विराजे महादेव के हाथ में 315 मीटर का त्रिशूल है।

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धोनी ने मारा IPL 11 का दूसरा सबसे लंबा छक्‍का, पहले नंबर पर गेल नहीं ये बल्‍लेबाज है

धोनी ने लगाया 108 मी का छक्‍का
आईपीएल 2018 का आधा सफर खत्‍म हो गया। इस दौरान कई रिकॉर्ड बने और टूटे। बल्‍लेबाजों ने भी इस सीजन जमकर रन बनाए। इनके बल्‍ले से एक रिकॉर्ड सबसे लंबे सिक्‍स का भी है। सीएसके के कप्‍तान एमएस धोनी भी सबसे लंबा छक्‍का मारने वालों की फेरहिस्‍त में शामिल हैं। सोमवार को दिल्‍ली के खिलाफ माही ने 108 मीटर लंबा सिक्‍स लगाया। यह मौजूदा सीजन का दूसरा सबसे बड़ा छक्‍का है।

धोनी ने मारा ipl 11 का दूसरा सबसे लंबा छक्‍का,पहले नंबर पर गेल नहीं ये बल्‍लेबाज है

डिविलियर्स हैं सबसे ऊपर
आईपीएल के मौजूदा सीजन में छक्‍कों की बरसात करने वालों में एबी डिविलियर्स का भी नाम है। डिविलियर्स ने 111 मीटर लंबा सिक्‍स लगाया है। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि खड़े-खड़े गेंदबाजों की धुनाई करने वाले क्रिस गेल टॉप 10 में भी शामिल नहीं है। गेल के नाम भले ही सबसे ज्‍यादा 23 छक्‍के दर्ज हों मगर डिस्‍टेंस की बात करें तो गेल ने अभी तक सबसे लंबा 92 मीटर का छक्‍का लगाया है।

माही मार रहा है
इस साल आईपीएल में सिर्फ युवा खिलाड़ियों ही नहीं दिग्‍गजों का बल्‍ला भी जमकर बोल रहा है। शेन वाटसन, क्रिस गेल और एमएस धोनी जैसे बड़े-बड़े नाम हैं जिन्‍हें कई लोगों ने चुका हुआ मान लिया था। मगर इन धुरंधरों ने इस आईपीएल साबित कर दिया कि फॉर्म भले टंपरेरी हो मगर टैलेंट हमेशा वही रहता है। खासतौर से धोनी जो दुनिया के बेस्‍ट फिनिशर माने जाते हैं, वह अंतिम ओवरों में आकर ताबड़तोड़ पारी खेल रहे हैं। माही इस वक्‍त उसी अंदाज में बैटिंग कर रहे, जैसे शुरुआती करियर में किया करते थे।

धोनी ने मारा ipl 11 का दूसरा सबसे लंबा छक्‍का,पहले नंबर पर गेल नहीं ये बल्‍लेबाज है

5 साल बाद किया ये कारनामा
आईपीएल 11 के 30वें मैच में दिल्‍ली डेयरडेविल्‍स के खिलाफ 22 गेंदों में 51 रन की धमाकेदार पारी खेली। इस दौरान माही के बल्‍ले से 5 छक्‍के और 2 चौके निकले। इस सीजन धोनी की यह तीसरी फिफ्टी है। इससे पहले उन्‍होंने आरसीबी के खिलाफ 34 गेंदों में 70 रन और किंग्‍स इलेवन पंजाब के अगेंस्‍ट 44 गेंदों में 79 रन की पारी खेली थी, यह धोनी का आईपीएल करियर का सर्वश्रेष्‍ठ स्‍कोर भी है। इससे पहले धोनी ने 2013 में दो या उससे ज्‍यादा अर्धशतक लगाए थे। इस सीजन धोनी ने अभी तक 8 मैचों में 71.50 की औसत से 286 रन बनाए हैं।

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परमाणु क्षमता से लैस ‘धनुष’ मिसाइल का सफल परीक्षण, सेना को मिलेगी जबरदस्त ताकत

भारत ने गुरूवार को परमाणु क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइल ‘धनुष’ का सफल परीक्षण किया है। ओडिशा तट के पास नौसेना के एक पोत से इस मिसाइल को प्रक्षेपित किया गया। इससे पहले इसी महीने भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेशी ‘अग्नि-1’ बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जो अग्नि-1 का 18वां संस्करण था। इस मिसाइल की क्षमता 350 किलोमीटर है।

सूत्रों के अनुसार धनुष मिसाइल बिल्कुल सटीक तरीके से अपना निशाना भेदने में सफल है यह धरती और समुद्र दोनों जगहों से 500 किलो तक की वजनी क्षमता के साथ मार करने में सक्षम है। यह मिसाइल हल्के मुखास्त्रों के साथ 500 किलोमीटर तक मार कर सकती है।

इस मिसाइल की मारक क्षमता की निगरानी डीआरडीओ द्वारा की गई। आपको बता दें कि यह मिसाइल समुद्र और जमीन दोनों जगहों से अपने लक्ष्य को भेद सकती है और इसे पहले ही सशस्त्र बलों में शामिल किया जा चुका है। धनुष मिसाइल का पिछला परीक्षण 9 अप्रैल, 2015 को किया गया था।

अगर भारत की स्वदेशी मिसाइलों की बात करें तो उसके पास नाग मिसाइल है जिसका सफल परीक्षण 1990 में किया गया। इसी तरह भारत ने 1990 में आकाश मिसाइल का परीक्षण किया। जमीन से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल की तुलना अमेरिका के पेटियॉट मिसाइल से की जाती है। इसके अलावा भारत के पास ब्रह्मोस और अग्नि मिसाइल भी हैं।