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Avengers ने Box Office पर मचाई तबाही, दुनिया के कई रिकॉर्ड ध्वस्त

आपने बॉक्स ऑफ़िस पर बड़े उथल-पुथल देखे होंगे। कमाई का तूफ़ान और सुनामी भी देखी होगी लेकिन डेढ़ दर्जन सुपरहीरोज़ से लैस एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर ने तीन दिन में भारतीय बॉक्स ऑफ़िस पर जिस तरह से करोड़ों बटोरे हैं वो आपको हैरान करने के लिए काफ़ी हैं।

एंथोनी और जो रूसो के निर्देशन में बनी एवेंजर्स- इनफिनिटी वॉर ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर पहले वीकेंड में 94 करोड़ 30 लाख रूपये का विशाल कलेक्शन कर लिया है। हिंदी, तमिल और तेलुगु में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने अपनी रिलीज़ के तीसरे  32 करोड़ 50 लाख रूपये का कलेक्शन किया जो तीन दिनों में सबसे ज़्यादा है। फिल्म ने दूसरे दिन 30 करोड़ करोड़ 50 लाख रूपये का कलेक्शन किया और एवेंजर्स ने पहले ही दिन 31 करोड़ 30 लाख का कलेक्शन कर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। रॉबर्ट डाउनी जूनियर, क्रिस हेम्सवर्थ, मार्क रुफालो, बेनेडिक्ट कम्बरबैच, सबस्टियन स्टान, क्रिस इवांस,स्कारलेट जोहेनसन और चैडविक बोसमैन जैसे बड़े सितारों से सजी ये फिल्म करीब 300 मिलियन डॉलर में बनाई गई और इसे भारत में 2000 से अधिक स्क्रीन्स में रिलीज़ किया गया, जिसमें से एक हजार के करीब थियेटर्स में ये फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु के डब वर्जन में देखने मिल रही है । एवेंजर्स पहले ही इस साल की इंडियन बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी ओपनर बन चुकी है , जिसने बाग़ी 2 के 25 करोड़ 10 लाख रूपये के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया।

उधर दुनिया भर में एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर का जलवा हैl बिना चीन में रिलीज़ हुए फिल्म ने दुनिया भर से एक वीकेंड में 630 मिलियन डॉलर की कमाई कर एक नया विश्व कीर्तिमान बना दिया है l अकेले अमेरिका में भी फिल्म ने 250 मिलियन डॉलर का कलेक्शन किया है जो स्टारवार्स –द फ़ोर्स अवेकंस से अधिक है l यही नहीं फिल्म ने दुनिया भर में भी एक रिकॉर्ड बनाया है l इससे पहले एक वीकेंड में द फेट ऑफ द फ्यूरियस को 541.9 मिलियन डॉलर की कमाई हुई थी l

एवेंजर्स ने कई सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। इनमें फ़ास्ट एंड फ्यूरियस 7 का एक वीकेंड का 50 करोड़ 11 लाख रूपये का और जंगल बुक का एक हफ़्ते में कमाया गया 74 करोड़ करोड़ 63 लाख रूपये का कलेक्शन भी शामिल है। उम्मीद की जा रही है कि ये फिल्म सोमवार के कलेक्शन के साथ फास्ट एंड फ्यूरियस 7 के लाइफ़ टाइम कलेक्शन 108 करोड़ को तोड़ देगी।   

अगर घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर भारतीय फिल्मों की बात करें तो इस साल आई पद्मावत के तीन दिन के कलेक्शन 78 करोड़ और बाग़ी 2 के 73 करोड़ 10 लाख रूपये की कमाई को ये फिल्म पीछे छोड़ चुकी है। बाग़ी 2 के 165 करोड़ रूपये के कलेक्शन को पीछे छोड़ना भी इस फिल्म के लिए मामूली बात लग रही है। हालांकि फिल्म सुल्तान, प्रेम रतन धन पायो और बाहुबली 2 के पहले वीकेंड के कलेक्शन को पीछे नहीं छोड़ पाई। 

माना रहा है कि देश में सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी के चलते 15 से 20 करोड़ रूपये का कलेक्शन हो सकता है।  फिल्म को एक मई को मे डे की छुट्टी का भी भरपूर फ़ायदा मिलेगा।

हालांकि फिलहाल ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दूसरे दिन सबसे अधिक कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्म बन गई है। अब जंगल बुक (13.51 करोड़) दूसरे, एवेंजर्स- एज ऑफ़ अल्ट्रॉन (11.95 करोड़) तीसरे, फास्ट एंड फ्यूरियस 8 ( 9.75 करोड़ ) चौथे और कैप्टन अमेरिका सिविल वॉर (8.79 करोड़) पांचवे नंबर पर है।

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SBI को छोड़ सभी सरकारी बैंकों पर भारी पड़ा बंधन बैंक, लिस्टिंग का मिला फायदा

कोलकाता की प्राइवेट सेक्टर की बंधन बैंक ने मार्केट कैप के मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को छोड़ सभी सरकारी बैंकों को पीछे छोड़ दिया। मंगलवार को बंधन बैंक की स्टॉक मार्केट में शानदार एंट्री हुई। बंधन बैंक का स्टॉक एनएसई पर 33 फीसदी प्रीमियम के साथ 499 रुपए पर लिस्ट हुआ। वहीं बीएसई पर स्टॉक 29.33 फीसदी प्रीमियम के साथ 485 रुपए पर लिस्ट हुआ। शुरुआती कारोबार में बीएसई पर स्टॉक 494.80 के हाई पहुंचा। हाई प्राइस बंधन बैंक मार्केट कैप 58,888.78 करोड़ रुपए हो गया।

21 सरकारी बैंकों पर पड़ा भारी

हाई प्राइस बंधन बैंक मार्केट कैप 58,888.78 करोड़ रुपए हो गया। मार्केट कैप के लिहाज से बंधन बैंक देश की 22 सरकारी बैंकों में 21 बैंकों से आगे निकल गई। बंधन बैंक देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से पीछे है जिसका मार्केट कैप 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। सरकारी बैंकों में पीएनबी, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, यूनियन बैंक, ओरिएंटल बैंक शामिल है।

प्राइवेट बैंकों के मार्केट कैप के लिहाज से बंधन बैंक सातवें नंबर पर पहुंच गई है। इससे आगे एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और यस बैंक है।

14.6 गुना भरा था आईपीओ

– बंधन बैंक के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। बंधन बैंक का आईपीओ 15 मार्च को खुला था और 19 मार्च 2018 को बंद हुआ था।
– बंधन बैंक का आईपीओ 14.6 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
– क्यूआईपी हिस्सा 38.67 गुना भरा। वहीं एचएनआई हिस्से को 13.89 गुना बिड मिली।
– बंधन बैंक ने आईपीओ के लिए 370-375 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।

बैंक का बिजनेस

– बंधन बैंक लिमिटेड बैंकिंग और फाइनेंशियल कंपनी है। माइक्रो फाइनेंस कंपनी के रूप में यह शुरू हुआ था जिसे करीब 3 साल पहले बैंकिंग लाइसेंस मिला है। कंपनी का मार्केट कैप 45000 करोड़ रुपए है। इस फाइनेंशियल में कंपनी को 1500 करोड़ प्रॉफिट की उम्मीद है। पिछले 2 फाइनेंशियल से बैंक को अच्छा मुनाफा हो रहा है।

– 31 दिसंबर 2017 तक बंधन बैंक के 887 ब्रांच और 430 एटीएम हैं और उसके 21.3 लाख कस्टमर्स हैं। ईस्ट और नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के साथ बंगाल, असम और बिहार में बैंक का डिस्ट्रीब्यून नेटवर्क मजबूत है।

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नया बैंकिंग घोटाला 1394 करोड़ का एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का, CBI ने दर्ज किया केस

बैंक से जुड़े धोखाधड़ी और अरबों रुपए के घोटाले खत्म होने का नाम नहीं ले रहे. एक के बाद एक बैंक से जुड़े घोटाले सामने आ रहे हैं. एक नए घोटाले में सीबीआई ने टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ 1,395 करोड़ के घोटाले के लिए केस दर्ज किया है.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की ओर से गुरुग्राम स्थित टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (हैदराबाद) के खिलाफ मिली शिकायत के बाद इस कंपनी और इसके प्रोमोटर्स तथा निदेशक टोटेमपुड़ी सालालिथ और टोटेमपुड़ी कविता पर केस दर्ज कर लिया है. कंपनी पर आरोप है कि उसने 8 बैंकों के साथ धोखाधड़ी करते हुए 1,395 करोड़ रुपए का घोटाला किया.

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की इंडस्ट्रियल फाइनेंस शाखा ने सीबीआई को भेजे अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि इस कंपनी ने बैंक के साथ 303.84 करोड़ की धोखाधड़ी की.

केस के अनुसार, कंसोर्टियम के जरिए यूबीआई की अगुवाई में 8 बैंकों से कर्ज लिया गया. इस तरह सभी बैंकों की कंसोर्टियम राशि 1394.43 करोड़ हो गई. टोटेम इंफ्रा रोड प्रोजेक्ट, वॉटर वर्क्स और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के कारोबार से संबंधित है. टोटेम इंफ्रा ने देश की जानीमानी कंपनियां जैसे एलएंडटी, आरआईटीईएस और इरकॉन इंटरनैशनल के लिए सबकॉन्ट्रैक्ट पर भी काम किया है.

एक सीबीआई अधिकारी ने कहा, ‘ऋण यूबीआई समेत 8 बैंकों से लिया गया. कंपनी पर सभी बैंकों का कुल 1,394.43 करोड़ रुपए बकाया है. ऋण और ब्याज भुगतान डिफॉल्ट होने के बाद इस खाते को 30 जून 2012 को गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) की श्रेणी में डाल दिया गया था.’ यह कंपनी सड़क निर्माण, जल कार्य और इमारत निर्माण से जुड़ी हुई है.

कर्ज देने वाले बैंक का दावा है कि कंपनी ने उससे कर्ज लेने के बाद फंड डायवर्ट किया है. वहीं अपना घाटा दिखाने के लिए कंपनी ने अपने खर्च और सैलरी के मद को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया है. बैंक के मुताबिक कर्ज में डिफॉल्ट करने के बाद से कंपनी के प्रमोटर्स फरार हैं और बैंक के पास उनके नए ठिकाने की कोई जानकारी नहीं मौजूद है.

इससे पहले, बुधवार को भी सीबीआई ने चेन्नई की ज्वैलर कंपनी कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 14 बैंकों से कुल 824.15 करोड़ रुपए ऋण धोखाधड़ी में मामला दर्ज किया था. इस राशि को भी एनपीए में डाल दिया गया है.

कंपनी के प्रमोटर और डायरेक्टर से पूछताछ की जा रही है. कंपनी द्वारा कर्ज की अदायगी न करने पर इनको दिए लोन को एनपीए में डाल दिया गया था.

पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद देश में वित्तीय फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आ चुके हैं. राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के अलावा कई जगहों पर विभिन्न कंपनियों द्वारा बैंकों को चूना लगाने का मामला सामने आ चुका है और जांच एजेंसियों पड़ताल में जुटी हैं.

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मार्च अंत में चार दिन तक बंद रहेंगे बैंक-कार्यालय, जल्‍दी निपटा लें अपना काम

मार्च के अंतिम सप्ताह में लगातार चार दिनों तक बैंकों में कामकाज नहीं होगा। इन चार दिनों तक केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालयों में भी अवकाश रहेगा।

29 मार्च को भगवान महावीर की जयंती पर राजकीय अवकाश अधिसूचित है। 30 मार्च को इसाई समुदाय का प्रमुख त्योहार गुड फ्राइडे है, जो कि राजकीय अवकाश घोषित है। 31 मार्च बैंकों के लिए क्लोजिंग डेट होती है और इस दिन बैंक ग्राहकों से लेन-देन नहीं करते।

31 मार्च महीने का अंतिम शनिवार भी है। नियमानुसार अंतिम शनिवार को सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। उसके बाद पहली अप्रैल को रविवार, यानी सार्वजनिक अवकाश का दिन। इस तरह 29 मार्च से एक अप्रैल तक बैंक और सरकारी कार्यालयों में छुट्टी रहेगी और बैंक के दरवाजे ग्राहकों के लिए बंद रहेंगे।

कामकाज के लिए जरूरी बात

आयकर, जीएसटी, बीमा प्रीमियम आदि जमा करने के साथ ही दूसरे बैंकिंग कार्य 31 के बजाय 28 मार्च को ही निपटा लें। सरकारी कार्यालयों को वित्तीय वर्ष के लिए आवंटित राशि का उपयोग भी 28 मार्च तक ही करना होगा। बैंक बंद रहने के कारण न तो ड्राफ्ट बनेंगे और ना ही चेक क्लिङ्क्षरग होगा।

ट्रेजरी में नहीं पास होंगे बिल

ट्रेजरी के माध्यम से होने वाले सरकारी भुगतान भी 28 मार्च के बाद नहीं होंगे। 31 मार्च यानी शनिवार को बैंक और कोषागार खोलने के लिए अधिसूचना जारी होने पर ही माह अंत तक निकासी हो सकेगी।

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कनिष्‍क गोल्‍ड के डायरेक्‍टर भूपेश जैन, नीता जैन से CBI ने की पूछताछ, 824Cr का है फ्रॉड

करीब 824 करोड़ रुपए के एसबीआई फ्रॉड मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने कनिष्‍क गोल्‍ड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्‍टर्स भूपेश जैन और नीता जैन से पूछताछ की। साथ ही सीबीआई ने कनिष्‍क गोल्‍ड के प्रमोटर्स और डायरेक्‍टर्स के खिलाफ लूक-आउट सर्कुलर जारी कर दिया है। चेन्‍नई की कंपनी कनिष्‍क गोल्‍ड को 14 बैंकों के कंसोर्टियम ने लोन दिया था, जिसमें एसबीआई सबसे आगे है। यह लोन अब एनपीए घोषित हो चुका है। इस मामले में जांच एजेंसी सीबीआई ने एसबीआई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। पीएनबी में करीब 13 हजार करोड़ रुपए का घोटाला सामने आने के बाद फ्रॉड का यह दूसरा बड़ा मामला है।

2007 से कनिष्‍क गोल्‍ड ने लोन लेना शुरू किया 
एसबीआई की ओर से कहा गया, कनिष्क गोल्ड ने 2007 से कर्ज लेना शुरू किया और बाद में उसने अपनी क्रेडिट की सीमा बढ़वा लिया। कनिष्क का रजिस्टर्ड ऑफिस चेन्नई में है। इसके मालिक और प्रमोटर-डायरेक्टर भूपेश कुमार जैन और उनकी पत्नी नीता जैन हैं। एसबीआई ने शिकायत में कहा कि ज्वैलर ने सबसे पहले मार्च 2017 में ब्याज भुगतान में 8 सदस्य बैंकों से डिफॉल्ट किया। अप्रैल 2017 तक कनिष्क ने सभी 14 बैंकों को पेमेंट रोक दी। 5 अप्रैल 2017 को स्टॉक ऑडिट की शुरुआत के समय बैंकर्स प्रमोटर से संपर्क करने में असफल रहे।

मार्च 2017 में सामने आया डिफॉल्‍ट 
एसबीआई के मुताबिक, मार्च 2017 में कनिष्क ज्वैलरी का डिफॉल्ट सामने आया था। जब उसने 8 सदस्य बैंकों का ब्याज नहीं चुकाया। इसके बाद अप्रैल 2017 में सभी 14 बैंकों का ब्याज चुकाने में असमर्थता जताते हुए पेमेंट रोक दी। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने कंपनी के प्रमोटर और डायरेक्टर से संपर्क किया लेकिन वह नहीं मिले। 25 मई 2017 को कनिष्क के कॉर्पोरेट ऑफिस का दौरा करने बैंकर्स पहुंचे, लेकिन फैक्ट्री और शोरूम दोनों ही बंद थे। भूपेश जैन ने उसी दिन बैंकों को लेटर लिखकर दस्तावेजों में फर्जीवाड़े और सभी स्टॉक को हटाने के बारे में बताया। मद्रास ज्वैलर्स एंड डायमंड मर्चेंट एसोसिएशन के एक सदस्य के मुताबिक, कनिष्क गोल्ड लगातार घाटे में जा रही थी और उसके लिए काम जारी रखना संभव नहीं हो पा रहा था। मई 2017 में ही उसने घाटे से बचने के लिए अपने सभी आउटलेट्स बंद कर दिए।

SBI ने अकेले 240 करोड़ का लोन दिया
जानकारी के अनुसार एसबीआई ने ज्वैलरी कंपनी को 240 करोड़ रुपए लोन दिया था। इसके अलावा पीएनबी ने 128 करोड़, आईडीबीआई ने 49 करोड़, बैंक ऑफ इंडिया ने 46 करोड़, सिंडिकेट बैंक ने 54 करोड़, यूनियन बैंक ने 53 करोड़, यूकों बैंक ने 45 करोड़, सेंट्रल बैंक ने 22 करोड़, कॉरपोरेशन बैंक ने 23 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 32 करोड़, तमिलनाडु बैंक ने 27 करोड़, एचडीएफसी बैंक ने 27 करोड़, आईसीआईसीआई बैंक ने 27 करोड़ और आंध्रा बैंक ने 32 करोड़ रुपए लोन दिया था।

नीरव मोदी केस से कैसे अलग है ये फ्रॉड?
यह मामला नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा पीएनबी में किए गए फ्रॉड से अलग है। पीएनबी के मामले में लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का गलत इस्तेमाल कर बैंक से पैसे लिए गए। कनिष्‍क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के मामले में बैंक को गलत फाइनेंशियल एस्टेमेंट और रिकॉर्ड दिखाकर लोन लिया गया। कुल लोन 824 करोड़ रुपए का है, लेकिन ब्याज सहित यह र‍कम इससे कहीं ज्यादा बताई जा रही है।

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सरकार ने चीनी पर खत्म की एक्सपोर्ट ड्यूटी, इंडस्ट्री को मिली राहत

सरकार ने डॉमेस्टिक मार्केट में चीनी की गिरती कीमतों को थामने के लिए उस पर 20 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी हटा दी है। सरकार के इस फैसले से शुगर इंडस्ट्री को खासी राहत मिली है, जो इस समय मुश्किल दौर से गुजर रही है। इस संबंध में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार ने कहा कि ड्यूटी खत्म होने से सरकार को मौजूदा एक्सपोर्ट वॉल्यूम पर सालाना 75 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।

 

इंडस्ट्री ने की थी डिमांड
इंडस्ट्री ने डॉमेस्टिक सप्लाई को थामने और इस सीजन रिकॉर्ड आउटपुट को देखते हुए कीमतों को सही लेवल पर बनाए रखने में मदद करने के लिए ड्यूटी हटाने की मांग की थी। चीनी पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को हटाने की मांग को लेकर खाद्य मंत्रालय ने दो बार अपनी सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजी थी। चीनी मिलों के ऑर्गनाइजेशन ने भी  सरकार से एक्सपोर्ट ड्यूटी हटाने का अनुरोध किया था।
केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कुछ दिन पहले कहा था कि रिकॉर्ड प्रोडक्शन को देखते हुए उन्होंने फरवरी में चीनी का निर्यात शुल्क घटाने की अपनी सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजी है।

 

इस साल चीनी के रिकॉर्ड प्रोडक्शन की उम्मीद
चीनी मिलों के संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के मुताबिक देश में इस साल चीनी का उत्पादन 2.95 करोड़ टन होने की उम्मीद है, जो गत साल से 92 लाख टन ज्यादा है। चीनी के तीन प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में क्रमश: 93.8 लाख टन, 84.3 लाख टन और 35.1 लाख टन चीनी का प्रोडक्शन हुआ है। पिछले शुगर सीजन 2016-17 (अक्टूबर-सितंबर) में देश में 2.03 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

 

किसानों का बकाया हुआ 20 हजार करोड़ रु
इस्मा ने कहा कि चीनी का स्टॉक बढ़ने से घरेलू बाजार में इसकी कीमत घटकर काफी कम हो गई है जिससे मिलों का घाटा लगातार बढ़ रहा है। इस्मा के मुताबिक, जनवरी तक गन्ने की बकाया राशि बढ़कर 14,000 करोड़ रुपए थी जो इस महीने के अंत तक बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है।

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Paytm founder Vijay Shekhar Sharma youngest Indian billionaire

Paytm founder Vijay Shekhar Sharma, 39, is the youngest Indian billionaire, while 92-year-old Samprada Singh, chairman emeritus of Alkem Laboratories, is the oldest, according to Forbes.

Sharma, ranked 1,394th on the list with a fortune of USD 1.7 billion, is the only Indian billionaire in the under-40 league.

Sharma founded fast-rising mobile wallet Paytm in 2011. He has also created Paytm Mall, an e-commerce business

& Paytm Payment Bank.
“One of the biggest beneficiaries of India’s demonetisation, Paytm has notched up 250 million registered users and 7 million transactions daily. Sharma owns 16 per cent of Paytm, which is now valued at USD 9.4 billion,” Forbes said.

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सीबीआइ की एक छापेमारी पड़ी भारी, लपेटे में आए कार्ति चिदंबरम

सियासी लोगों की पोशाक अक्सर सफेद होती है ये दिखाने के लिए वो दिल और दिमाग दोनों से पाकसाफ हैे। उनके लिए जनता की सेवा करना ही महान लक्ष्य है। लेकिन उन पोशाकों पर आरोपों के छीटें पड़ते ही रहते हैं। वो उस कमीज को दागदार करते हैं, तो कमीज बेदाग भी बनी रहती है। आइएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वो विदेश से स्वदेश वापस लौट रहे थे। कार्ति की गिरफ्तारी किसी एक सामान्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं है बल्कि इसमें सियासत भी जुड़ी हुई है।

2014 के आम चुनाव से पहले और प्रचार के दौरान भाजपा नेता कहा करते थे कि कांग्रेस का मतलब अब भ्रष्टाचार है ऐसी कोई जगह नहीं है जहां भ्रष्टाचार की गंगा न बह रही हो। चुनावी सभाओं में पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कहा करते थे कि अगर उनकी सरकार बनी तो एक एक गुनहगार जेल के अंदर होंगे। सरकार के चार साल बीत जाने के बाद लोग पूछते हैं कि आखिर मौजूदा सरकार क्यों नहीं कुछ कर पा रही है। इस सवाल के जवाब में भाजपा की तरफ से ये तर्क दिया जाता रहा है कि राजनीतिक विद्वेष की भावना से वो काम करने में यकीन नहीं रखते हैं। जिस किसी आरोपी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध होंगे तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी की अलग अलग ढंग से व्याख्या हो सकती है लेकिन ये तो साफ है कि कांग्रेस बैकफुट पर आ चुकी है। आगे हम बताएंगे कि भ्रष्टाचार के कुछ मामलों के सामने आने के बाद कांग्रेस बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरती लेकिन क्या ये दिलचस्प नहीं है कि हमलावर कांग्रेस के सामने अब रक्षात्मक उपाय अपनाने के अलावा और कोई दूसरा चारा नहीं है।

चेन्नई में हुई कार्ति की गिरफ्तारी

आइएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिग केस में ईडी ने कार्ति चिदंबरम को चेन्नई से गिरफ्तार किया। सीबीआइ का कहना है कि जांच प्रक्रिया में वो सहयोग नहीं कर रहे हैं। इससे पहले एस भास्कर रमन कार्ति का सीए था जिसे सीबीआइ ने कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था। विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड एफआइपीबी ने आइएनएक्स मीडिया को वर्ष 2007 में विदेशी पूंजी जुटाने की अनुमति दी थी। इस मामले में कार्ति का नाम सामने आया। कार्ति चिदंबरम, कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बेटे हैं जो उस समय वित्त मंत्री थे। ईडी ने दावा किया था कि सीए भास्कर रमन ने गलत तरीके के अर्जित संपत्ति के प्रबंधन में कार्ति की मदद की थी।

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्ति और कई दूसरे आरोपियों पर पिछले साल मई में केस दर्ज किया गया था। कार्ति पर आरोप है अपने पिता के वित्त मंत्री रहते वक्त उन्होंने आइएनएक्स मीडिया को एफआइपीबी की मंजूरी दिलाने के एवज में 3.5 करोड़ की घूस ली थी। दरअसल ये मामला आसानी से नहीं खुला होता अगर शीना बोरा हत्याकांड में सीबीआइ ने पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी के घर में छापेमारी न की होती। सीबीआइ की छापेमारी में कुछ अहम दस्तावेज बरामद हुए जिससे पता चला कि एफआइपीबी को धता बता कर कार्ति ने फायदा उठाया था।

घोटालों के घेरे में कार्ति
-कार्ति चिदंबरम को 45 करोड़ रुपए के फॉरेन एक्सनचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) उल्लंघन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी आरोपी बना चुका है।

-कार्ति पर वासन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से कथित तौर पर जुड़ने का मामला है।
-इस कंपनी से जुड़े विदेशी निवेशकों से कई अलग नामों से करीब 2100 करोड़ रुपए और इसके साथ ही 162 करोड़ रुपए अलग से भी लिए गए।
– आरोपों के मुताबिक इस लेन-देन में कार्ति चिदंबरम की कंपनी मैसर्स एडवांटेज स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल थी। इस कंपनी को इसमें करीब 45 करोड़ रुपए मिले थे।
-कार्ति पर एयरसेल-मैक्सिस डील में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप।
-कार्ति की कंपनी मैसर्स एडवांटेज स्ट्रेटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड जांच के घेरे में
– पी. चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते हुए कई गैर कानूनी क्लीरियेंस दिलाने का आरोप।

मामले में पहली बार कार्ति का नाम सुब्रमण्यम स्वामी ने उछाला। साल 2015 में तत्कालीन जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यन स्वामी ने कार्ति चिदंबरम की विभिन्न कंपनियों के बीच वित्तीय लेनदेन का खुलासा किया। स्वामी ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते पी. चिदंबरम ने बेटे कार्ति को एयरसेल-मैक्सिस मर्जर से लाभ उठाने में मदद की। इसके लिए उन्होंने दस्तावेजों को जानबूझकर रोका और अधिग्रहण प्रक्रिया को नियंत्रित किया ताकि उनके बेटे को अपनी कंपनियों के शेयर की कीमत बढ़ाने की दिशा में कारोबारी कदम उठाने का वक्त मिल जाए।

कौन हैं कार्ति चिदंबरम ? 

तमिलनाडु के शिवगंगा में 16 नवंबर 1971 को जन्मे कार्ति चिदंबरम कांग्रेस के नेता और व्यापारी हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्सास और कैंब्रिज से उन्होंने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और लॉ की पढ़ाई की है। वह तामिलनाडु टेनिस एसोसिएशन के वाइस प्रेसीडेंट रहे हैं। भरतनाट्यम नृत्यांगना श्रीनिधि रंगराजन से उनकी शादी हुई है।

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53 सर्विसेज और 29 आइटम्स पर GST रेट घटा, अब पुरानी कारें और डायमंड भी हो जाएंगे सस्ते

जीएसटी काउंसिल ने गुरुवार को 53 सर्विसेज और 29 आइटम्स पर जीएसटी रेट घटाने का फैसला लिया। मीटिंग के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि काउंसिल ने जीएसटी रिटर्न फाइलिंग की प्रोसेस को आसान बनाने पर चर्चा की। हालांकि, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने पर कोई फैसला नहीं हो सका। नई टैक्स रेट 25 जनवरी से लागू होंगे। रिवाइज्ट रेट लागू होने से पुरानी कारें और डायमंड भी सस्ते हो जाएंगे। जीएसटी रेेट में बड़े पैमाने पर की गई कटौती से करीब 1000-1200 करोड़ रुपए का रेेेवेन्यू नुकसान होगा।

 

पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर टला फैसला 

– पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने का फैसला फिलहाल पेंडिंग है, इसकी डिमांड काफी समय से हो रही है। जेटली ने कहा कि इस मसले पर मीटिंग में कोई चर्चा नहीं हुई। संभव है कि अगली मीटिंग में इस पर चर्चा हो।

 

 

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इन पर 28% से कम जीएसटी 
-बायो डीजल से चलनेवाली पुरानी बसें।
-पुराने लग्जरी यात्री वाहनों को छोड़कर सभी पुराने वाहनों पर जीएसटी 28 से घटकर 12 प्रतिशत होगी।

इन सामानों पर 18 से घटकर 5% 
-इमली बीज पाउडर।
-कोन में पैक मेंहदी।
-निजी रसोई गैस आपूर्तिकताओं द्वारा रसोई गैस की आपूर्ति।
-प्रक्षेपण वाहन, उपग्रह और पेयलोड के लिए आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपकरण, असेसरीज, कलपुर्जे, स्पयेर टूल्स।

12 से घटकर 5% जीएसटी 
-वेल्वेट फैब्रिक पर भी जीएसटी 12 प्रतिशत से कम कर पांच प्रतिशत हो जाएगी।

इन पर 18 % से घटकर 12% 
-चीनी वाली कंफेक्शनरी।
-20 लीटर के जार में बंद पेयजल।
-उर्वरक योग्य फॉस्फेरिक एसिड।
-बायो डीजल।
-12 तरह के बॉयो कीटनाशक।
-बांस के घर बनाने के लिए उपयोगी कनेक्टर।
-ड्रिप सिंचाई उपकरण और मैकेनिकल स्प्रेयर।

हीरे और कीमती पत्थर पर टैक्स में कटौती
हीरे और कीमती पत्थरों पर जीएसटी की दर को तीन फीसदी से कम कर 0.25 प्रतिशत कर दिया गया है।

टैक्स फ्री हुए ये सामान
– कान की मशीनों के निमार्ण के लिए उपकरण।

-तेल निकाला हुआ चावल का छिलका।
-हस्तशिल्प उत्पादों की श्रेणी में शामिल 40 वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं।

 

बढ़ गया टैक्स 
-बिना तेल निकाले गए चावल के छिलके पर जीएसटी दर शून्य से बढ़ाकर 5% हो गई।
-सिगरेट फिल्टर पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत की गई है।

 

ये सेवाएं सस्तीं 
18% से घटकर 5% जीएसटी 
कपड़ों की सिलाई से जुड़ी सेवाओं पर।
चमड़े के सामान, फुटवियर का उत्पादन।

 

18% से घटकर 12% 
-मेट्रो और मोनो रेल निर्माण प्रॉजेक्ट।
-पेट्रोलियम पदार्थों और नैचरल गैस की माइनिंग, ड्रिलिंग सर्विसेज।
-पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स के ट्रांसपोर्टेशन पर टैक्स क्रेडिट के साथ जीएसटी घटाकर 12% और टैक्स क्रेडिट के बिना 5% किया गया है।
-मिड डे मील के लिए बननेवाली बिल्डिंग पर 12 फीसदी जीएसटी।

 

28 से 18% 

-थीम पार्क, वॉटर पार्क, जॉय राइड, मेरी गो राउंड, गो कार्टिंग बैलेट जैसी सेवाओं पर 18% जीएसटी लगेगा, जो पहले 28% था।

 

इन सेवाओं पर भी राहत 
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी वन और एमआईजी भवन के लिए घोषित क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम के तहत घर के निर्माण पर जीएसटी दरें कम होंगी।
सभी तरह के शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए फी और सेवाओं पर जीएसटी में छूट।
आरडब्ल्यूए मेंबर्स को दी जा रही सर्विसेज पर छूट सीमा 5000 रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए कर दी गई है।
छात्रों, शिक्षकों या स्टाफ के यातायात सेवाओं पर भी जीएसटी से छूट दी गई है, यह छूट हायर सेकंडरी तक ही लागू होगी।
आरटीआई ऐक्ट के तहत सूचना मुहैया करानेवाली सेवाओं को जीएसटी से छूट दे दी गई है।
भारत से बाहर प्लेन के जरिए सामान भेजने पर ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज को जीएसटी से छूट दी गई है।
समुद्री जहाज से सामान भेजने पर भी छूट दी गई है। यह छूट 30 सितंबर, 2018 तक रहेगी।
क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए बननेवाले एयरपोर्ट को मिलनेवाली वाइबिलिटी गेप फंडिंग पर जीएसटी छूट की सीमा को 1 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दिया गया है।

 

एंट्रेंस फीस पर भी नहीं लगेगा GST 

– सभी एजुकेशन इंस्‍टीट्यूट में एडमिशन या एग्‍जाम कराने के लिए दी जा रही सर्विसेस को GST से छूट दे दी गई है। उन्‍हें एंट्रेंस इग्‍जाम के लिए ली जाने वाली एंट्रेंस फीस पर भी जीएसटी से छूट दी गई है।

-स्‍टूडेंट्स, फैकल्‍टी या स्‍टाफ को ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज पर भी जीएसटी से छूट दी गई है, लेकिन यह छूट हायर सेकेंडरी तक के एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट को दी गई है।

 

राइस ब्रान पर लगेगा टैक्स 

– राइस ब्रान पर टैक्स रेट बढ़ाकर 5 फीसदी कर दिया गया है, जिस पर पहले कोई टैक्स नहीं था। इसके अलावा डि-ऑयल्ड राइस ब्रान पर रेट शून्य कर दिया गया।

 

रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाने पर हुई चर्चा 

-मीटिंग के दौरान छोटे कारोबारियों पर से कंप्लायंस का बोझ कम करने के लिए जीएसटी रिटर्न फाइलिंग प्रोसेस को आसान बनाने पर भी चर्चा हुई।

-इस क्रम में ऐसा सिस्टम बनने तक जीएसटीआर 3बी में रिटर्न फाइलिंग को जारी रहने पर सहमति बनी, जहां सप्लायर इनवॉइस में ट्रांजैक्शन की डिटेल शामिल हो।

-जेटली ने कहा कि नए प्रोसेस को जीएसटी काउंसिल की अगली मीटिंग में अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके लिए राज्यों के बीच लिखित फॉर्म्यूलेशन बांट दिया गया है। काउंसिल की अगली मीटिंग की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

 

केंद्र और राज्यों के बीच बंटेंगे IGST के 35 हजार करोड़ 

– जेटली ने आगे कहा कि मीटिंग में आईजीएसटी में क्रेडिट लाइन की भारी धनराशि के मसले पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जीएसटी पैनल ने आईजीएसटी कलेक्शन के 35 हजार करोड़ रुपए को केंद्र और राज्यों के बीच बांटने का फैसला किया।