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अच्छी खबर करिश्माई खेती की: डेढ़ लाख लगाकर इस किसान ने 70 दिन में कमाए 21 लाख रुपये

गुजरात के बनासकांठा जिले में एक सातवीं पास किसान सुर्खियों में छाया हुआ है. दरअसल, उसने फसल उगाने की ऐसी तरकीब अपनाई कि महज 70 दिन में 21 लाख रुपये का मुनाफा कमा लिया.

इस किसान का नाम है खेताजी सोलंकी. उसने अपने सात बीघा के खेत में आलू की जगह खरबूजे की फसल बोने का फैसला किया, लेकिन इसमें उन्होंने आधुनिक तकनीकों की मदद ली.

खेताजी सोलंकी ने बेहतर बीज, टपक सिंचाई और सोलर वॉटर पंप का इस्तेमाल किया. उनके खेत में 140 टन खरबूजा पैदा हुए. उन्होंने 1.21 लाख रुपये खर्च किए थे. पैदावार इतनी अच्छी थी कि उन्हें उसे बेचने के लिए कहीं जाना भी नहीं पड़ा बल्कि दूसरे राज्यों से व्यापारी उनके पास आकर खरबूजा खरीदकर ले गए. उन्हें इसके काफी अच्छे पैसे मिले. फरवरी में लगाई फसल अप्रैल में तैयार हो गई और 70 दिन में उन्होंने 21 लाख रुपये कमा लिए.

 

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Box Office Report: आलिया की राज़ी ने चार दिन में इतना पैसा कमाया

राज़ी ने बॉक्स ऑफ़िस पर चौथे दिन भी कमाल का प्रदर्शन किया है। हरिंदर सिक्का ने उस दौरान हुई एक सच्ची घटना को किताब के पन्नों में कैद किया था। सहमत का वो किरदार आलिया भट्ट ने निभाया और फिल्म में विक्की कौशल, रजित कपूर, सोनी राजदान, अमृता खानविलकर, शिशिर शर्मा और जयदीप अहलावत ने काम किया है। करीब दो घंटे 18 मिनट की इस फिल्म को प्रचार के खर्च के साथ 30 करोड़ रूपये में बनाया गया और देश में 1200 व वर्ल्ड वाइड 450 स्क्रीन्स में रिलीज़ किया गया।

पाकिस्तानी हरकतों की जासूसी कर भारत को ख़ुफ़िया जानकारी देने की बहादुरी करने वाली सहमत का रोल निभा कर आलिया भट्ट इन दिनों देश-दुनिया में अपने नाम की तालियां बजवा रही हैं और यही कारण हैं कि उनकी फिल्म राज़ी ने सोमवार को भी कलेक्शन का कमाल दिखाया है। मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी फिल्म राज़ी ने घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर रिलीज़ के चौथे दिन छह करोड़ 30 लाख रूपये का कलेक्शन किया है। राज़ी ने सात करोड़ 53 लाख से ओपनिंग ली थी यानि हफ़्ते के पहले सामान्य दिन पर सिर्फ साढ़े 16 प्रतिशत की गिरावट आई है जो बेहतरीन मानी जा रही है। सबसे बड़ी बात कि फिल्म को देश के सभी इलाकों में सराहा गया है और तगड़ी माउथ पब्लिसिटी भी मिल रही है। राज़ी को चार दिनों में अब 39 करोड़ 24 लाख रूपये का कलेक्शन हासिल हो चुका है।

राज़ी के पास अब ये पूरा हफ़्ता है, शुक्रवार के पहले तक जब वो अपना कलेक्शन और बेहतर साबित कर सकती है। शुक्रवार को हॉलीवुड की फिल्म डेडपूल रिलीज़ हो रही है और माना जा रहा है कि एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर की तरह इस फिल्म को भी जबरदस्त सफलता मिल सकती है। राज़ी का 75 करोड़ लाइफ़ टाइम कलेक्शन होने का अनुमान लगाया गया है। फिल्म राज़ी पहले ही इस साल की पांचवी सबसे अधिक वीकेंड कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। राज़ी, साल 2008 में आई हरिंदर सिक्का की किताब ‘कॉलिंग सहमत’ की कहानी पर आधारित है। राज़ी कहानी है साल 1971 की जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर था। तभी आये एक ‘सीक्रेट कोड’ ने भारतीय सेना के हौसलों को बुलंद कर दिया था। कश्मीर की कॉलेज जाने वाली एक लड़की सहमत ने ऐसा कर दिखाया था। पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करने निकली वो लड़की अपनी देशभक्ति के लिए जासूस बन जाती है। पाकिस्तान के आर्मी जनरल के लड़के से शादी कर लेती है और उसका मिशन होता है कि वो हर रोज़ भारतीय ख़ुफ़िया तंत्र को पाकिस्तान गतिविधियों की जानकारी पहुंचाये।

 

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एक कहानी जो यकीनंद आपके दिल को छु जायेगी।

एक लड़की की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ एक सीधे-साधे लड़के से की जाती है जिसके घर मे एक मां के आलावा और कोई नहीं है। दहेज में लड़के को बहुत सारे उपहार और पैसे मिले होते हैं। लड़की किसी और लड़के से बेहद प्यार करती थी और लड़का भी।

लड़की शादी हो के आ गयी अपने ससुराल, सुहागरात के वक्त लड़का दूध लेके आता है तो दुल्हन सवाल पूछती है अपने पति से…एक पत्नी की मर्जी के बिना पति उसको हाथ लगाये तो उसे बलात्कार कहते है या हक?

पति – आपको इतनी लम्बी और गहरी जाने की कोईजरूरत नहीं है..बस दूध लाया हूँ पी लिजीयेगा। हम सिर्फ आपको शुभरात्रि कहने आये थे कहके कमरे से निकल जाता है। लड़कीमन मारकर रह जाती है क्योंकि लड़की चाहती थी कीझगड़ा हो ताकी मैं इस गंवार से पिछा छुटा सकूँ ।है तो दुल्हन मगर घर का कोई भी काम नहीं करती। बसदिनभर online रहती और न जाने किस किस से बातेंकरती मगर उधर लड़के की माँ बिना शिकायत के दिन भरचुल्हा चौका से लेकर घर का सारा काम करती मगर हरपल अपने होंठों पर मुस्कुराहट लेके फिरती । लड़का एककम्पनी मे छोटा सा मुलाजीम है और बेहद ही मेहनती औरइमानदार। करीब महीने भर बित गये मगर पति पत्नीअब तक साथ नहीं सोये… वैसे लड़का बहुत शांत स्वाभाववाला था इसलिए वह ज्यादा बातें नहीं करता था, बसखाने के वक्त अपनी पत्नी से पूछ लेता था कि, कहा खाओगी..अपने कमरे में या हमारे साथ। और सोने से पहले डायरी लिखने की आदत थी जो वह हर रात को लिखता था।ऐसे लड़की के पास एक स्कूटी था वह हर रोज बाहरजाती थी पति के अफीस जाने के बाद और पति के वापसलौटते ही आ जाती थी। छुट्टी का दिन था लड़का भीघर पे ही था तो लड़की ने अच्छे भले खाने को भी गंदा कहके माँ को अपशब्द बोलके खाना फेंक देती है मगर वह शांत रहने वाला उसका पति अपनी पत्नी पर हाथ उठा देता है मगर माँ अपने बेटे को बहुत डांटती है। इधर लड़की को बहाना चाहिए था झगड़े का जो उसे मिल गयाथा, वह पैर पटकती हुई स्कूटी लेके निकल पड़ती है। लड़की जो रोज घर से बाहर जाती थी वह अपने प्यार से मिलने जाती थी, लड़की भले टूटकर चाहती थी लड़के को मगर उसे पता था की हर लड़की की एक हद होती है जिसे इज्जत कहते हैं, वह उसको बचाये रखी थी। इधर लड़कीअपने प्यार के पास पहुँचकर कहती है। अब तो एक पल भी उस घर मे नहीं रहना है मुझे । आज गंवार ने मुझपर हाथ उठाके अच्छा नही किया ।

लड़का – अरे तुमसे तो मैं कब से कहता हूँ की भाग चलो मेरेसाथ कहीं दूर मगर तुम हो की आज कल आज कल पे लगीरहती हो।

लड़की – शादी के दिन मैं आई थी तो तुम्हारे पास। तुमही ने तो लौटाया था मुझे ।

लड़का – खाली हाथ कहा तक भागोगे तुम ही बोलो..मैंनेतो कहा था कि कुछ पैसे और गहने साथ ले लो तुम तोखाली हाथ आई थी।आखिर दूर एक नयी जगह मे जिंदगी नये सिरे से शुरू करने केलिए पैसे तो चाहिए न?

लड़की – तुम्हारे और मेरे प्यार के बारे में जानकर मेरे घरवालो ने बैंक के पास बुक एटी एम और मेरे गहने तक रखलिये थे। तो मैं क्या लाती अपने साथ । हम दोनों मेहनत करके कमा भी तो सकते थे।

लड़का – चालाक इंसान पहले सोचता है और फिर काम करता है। खाली हाथ भागते तो ये इश्क का भूत दो दिन में उतर जाता, समझी?और जब भी तुम्हें छुना चाहता हूँ बहुत नखरे है तुम्हारे ।बस कहती हो शादी के बाद।

लड़की – हाँ शादी के बाद ही अच्छा होता है ये सब औरसब तुम्हारा तो है। मैं आज भी एक कुवारी लड़की हूँ ।शादी करके भी आज तक उस गंवार के साथ सो न सकीक्योंकि तुम्हें ही अपना पति मान चुकी हूँ बस तुम्हारेनाम की सिंदूर लगानी बाकी है। बस वह लगा दो सबकुछतुम अपनी मर्जी से करना।लड़का – ठीक है मैं तैयार हूँ । मगर इस बार कुछ पैसे जरूरसाथ लेके आना, मत सोचना हम दौलत से प्यार करते हैं ।हम सिर्फ तुमसे प्यार करते है बस कुछ छोटी मोटीबिजनेस के लिए पैसे चाहिए ।

लड़की – उस गंवार के पास कहा होगा पैसा, मेरे बाप से 3 लाख रूपया उपर से मारूती कार ली है।बस कुछ गहने है वह लेके आउगी आज।लड़का लड़की को होटल का पता देकर चला जाता है ।लड़की घर आके फिर से लड़ाई करती है।मगर अफसोस वह अकेली चिल्लाती रहती है उससे लड़नेवाला कोई नहीं था।रात 8 बजे लड़के का मैसेज आता है वाटसप पे की कब आरही हो?लड़की जवाब देती है सब्र करो कोई सोया नहीं है। मैं12 बजे से पहले पहुँच जाउगी क्योंकि यंहा तुम्हारे बिना मेरी सांसे घुटती है।

लड़का -ओके जल्दी आना। मैं होटल के बाहर खड़ा रहूंगाbye…लड़की अपने पति को बोल देती है की मुझे खाना नहीं चाहिए मैंने बाहर खा लिया है इसलिए मुझे कोई परेशानन करे इतना कहके दरवाजा बंद करके अंदर आती हैकी…पति बोलता है की…वह आलमारी से मेरी डायरी दे दो फिर बंद करना दरवाजा। हम परेशान नहीं करेंगे ।लड़की दरवाजा खोले बिना कहती है की चाभीया दो अलमारी की।

लड़का – तुम्हारे बिस्तर के पैरों तले है चाबी ।मगर लड़की दरवाजा नहीं खोलती वल्की जोर जोर से गाना सुनने लगती है। बाहर पति कुछ देर दरवाजापिटता है फिर हारकर लौट जाता है। लड़की ने बड़े जोर से गाना बजा रखा था। फिर वह आलमारी खोलके देखतीहै जो उसने पहली बार खोला था, क्योंकि वह अपना समान अलग आलमारी मे रखती थी।आलमारी खोलते ही हैरान रह जाती है।

आलमारी में उसके अपने पास बुक एटी एम कार्ड थे जो उसके घरवालोने छीन के रखे थे, खोलके चेक किया तो उसमें वह पैसे भी एड थे जो दहेज मेलड़के को मिले थे। और बहुत सारे गहने भी जो एक पेपर केसाथ थे और उसकी मिल्कीयेत लड़की के नाम थी, लड़कीबेहद हैरान और परेशान थी।

फिर उसकी नजर डायरी मेपड़ती है और वह जल्दी से वह डायरी निकालके पढ़ने लगती है। लिखा था, तुम्हारे पापा ने एक दिन मेरी मां की जान बचाइ थी अपना खून देकर । मैं अपनी माँ से बेहद प्यारकरता हूँ इसलिए मैंने झूककर आपके पापा को प्रणाम करकेकहा की…आपका ये अनमोल एहसान कभी नही भूलूंगा, कुछदिन बाद आपके पापा हमारे घर आये हमारे तुम्हारेरिश्ते की बात लेकर मगर उन्होंने आपकी हर बात बताईहमें की आप एक लड़के से बेहद प्यार करती हो। आपकेपापा आपकी खुशी चाहते थे इसलिए वह पहले लड़के कोजानना चाहते थे। आखिर आप अपने पापा की princessजो थी और हर बाप अपने Princess के लिए एक अच्छाइमानदार Prince चाहता है। आपके पापा ने खोजकर केपता लगाया की वह लड़का बहुत सी लड़की को धोखा देचुका है। और पहली शादी भी हो चुकी है पर आपको बतान सके क्योंकि उन्हें पता था की ये जो इश्क का नशा हैवह हमेशा अपनों को गैर और गैर को अपना समझता है।ऐक बाप के मुँह से एक बेटी की कहानी सुनकर मै अचम्भीतहो गया। हर बाप यंहा तक शायद ही सोचे। मुझे यकीनहो गया था की एक अच्छा पति होने का सम्मान मिले नमिले मगर एक दामाद होने की इज्जत मैं हमेशा पा सकताहूँ।मुझे दहेज मे मिले सारे पैसे मैंने तुम्हारे ए काउण्ट मे करदिए और तुम्हारे घर से मिली गाड़ी आज भी तुम्हारे घरपे है जो मैंने इसलिए भेजी ताकी जब तुम्हें मुझसे प्यार होजाये तो साथ चलेंगे कही दूर घूमने। दहेज…इस नाम सेनफरत है मुझे क्योंकि मैंने इ दहेज मे अपनी बहन और बापको खोया है। मेरे बाप के अंतिम शब्द भी येही थेकी..कीसी बेटी के बाप से कभी एक रूपया न लेना। मर्दहो तो कमाके खिलाना, तुम आजाद हो कहीं भी जासकती हो। डायरी के बिच पन्नों पर तलाक की पेपर हैजंहा मैंने पहले ही साईन कर दिया है । जब तुम्हें लगे कीअब इस गंवार के साथ नही रखना है तो साईन करके कहींभी अपनी सारी चिजे लेके जा सकती हो।लड़की …हैरान थी परेशान थी…न चाहते हुए भी गंवार केशब्दों ने दिल को छुआ था। न चाहते हुए भी गंवार केअनदेखे प्यार को महसूस करके पलके नम हुई थी।आगे लिखा था, मैंने तुम्हें इसलिए मारा क्योंकि आपने माको गाली दी, और जो बेटा खुद के आगे मा की बेइज्जतीहोते सहन कर जाये…फिर वह बेटा कैसा ।कल आपके भी बच्चे होंगे । चाहे किसी के साथ भी हो, तबमहसूस होगी माँ की महानता और प्यार।आपको दुल्हन बनाके हमसफर बनाने लाया हूँ जबरजस्तीकरने नहीं। जब प्यार हो जाये तो भरपूर वसूल कर लूँगाआपसे…आपके हर गुस्ताखी का बदला हम शिद्दत से लेंगे हमआपसे…गर आप मेरी हुई तो बेपनाह मोहब्बत करकेकिसी और की हुई तो आपके हक मे दुवाये माँग केलड़की का फोन बज रहा था जो भायब्रेशन मोड पे था,लड़की अब दुल्हन बन चुकी थी। पलकों से आशू गिर रहे थे ।सिसकते हुए मोबाइल से पहले सिम निकाल के तोड़ा फिरसारा सामान जैसा था वैसे रख के न जाने कब सो गई पतानहीं चला। सुबह देर से जागी तब तक गंवार अफीस जाचुका था, पहले नहा धोकर साड़ी पहनी । लम्बी सीसिंदूर डाली अपनी माँग मे फिर मंगलसूत्र ।जबकि पहले एक टीकी जैसी साईड पे सिंदूर लगाती थीताकी कोई लड़का ध्यान न देमगर आज 10 किलोमीटर से भी दिखाई दे ऐसी लम्बीऔर गाढी सिंदूर लगाई थी दुल्हन ने। फिर किचन मे जाकेसासुमा को जबर्दस्ती कमरे मे लेके तैयार होने को कहतीहै। और अपने गंवार पति के लिए थोड़े नमकीन थोड़े हलुवेऔर चाय बनाके अपनी स्कूटी मे सासुमा को जबर्दस्तीबिठाकर (जबकी कुछ पता ही नहीं है उनको की बहू आजमुझे कहा ले जा रही है बस बैठ जाती है)फिर रास्ते मे सासुमा को पति के अफीस का पता पूछकरअफीस पहुँच जाती है। पति हैरान रह जाता है पत्नी कोइस हालत मे देखकर।पति – सब ठीक तो है न मां?मगर माँ बोलती इससे पहले पत्नी गले लगाकर कहती हैकी..अब सब ठीक है…I love you forever…अफीस के लोग सब खड़े हो जाते है तो दुल्हन कहती हैकी..मै इनकी धर्मपत्नी हूँ । बनवास गई थी सुबह लौटीहूँअब एक महीने तक मेरे पतिदेव अफीस मे दिखाई नहीं देंगे

अफीस के लोग- ?????

दुल्हन – क्योंकि हम लम्बी छुट्टी पे जा रहें हैं साथ साथ।

पति- पागल..

दुल्हन – आपके सादगी और भोलेपन ने बनाया है।सभी लोग तालीया बजाते हैं और दुल्हन फिर से लिपटजाती है अपने गंवार से …जंहा से वह दोबारा कभी भी छूटना नहीं चाहती।बड़े कड़े फैसले होते है कभी कभी हमारे अपनों के मगर हम समझ नहीं पाते कि हमारे अपने हमारी फिकर खुद से ज्यादा क्यों करते हैं

** मां बाप के फैसलों का सम्मान करे**

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India is Tolerant: सहिष्णु देशों में भारत ने पाया चौथा स्थान: सर्वे

हर कोई यह मानकर चल रहा था कि देश में लोग दिनोंदिन ज्यादा असहिष्णु होते जा रहे हैं। समाज बंट रहा है। लोगों की इस सोच के इतर सामाजिक समरसता की तस्वीर पेश करती यह अच्छी खबर है। 27 देशों में इप्सोस मोरी द्वारा किए एक अध्ययन के अनुसार भारत चौथा सबसे सहिष्णु देश है। देश के 63 फीसद लोग मानते हैं कि यहां एक-दूसरे के प्रति लोग बहुत सहिष्णु हैं। कनाडा सूची में शीर्ष पर जबकि हंगरी सबसे नीचे है।

अमीर और गरीब का अंतर दूसरी और देश के मूल निवासी व प्रवासियों के मध्य मतभेद तीसरी सबसे बड़ी वजह है। भारत के 49 फीसद लोग मानते हैं कि राजनीतिक विचारों में भिन्नता तनाव की वजह है। 48 फीसद अलग-अलग धर्मों और 37 फीसद सामाजिक-आर्थिक हैसियत के अंतर को इसका कारण मानते हैं। करीब 53 प्रतिशत भारतीयों ने माना कि अलग संस्कृति, विचारों और पृष्ठभूमि में रहने से और लोगों के बीच लगातार घुलते मिलते रहने से आपसी समझ और सम्मान बढ़ता हैं।

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एक मुलाकात लिटिल ऐप डेवलपर आदित्य चौबे से

खबर है कि महज़ 9 साल की उम्र से एप डेवलप कर रहे आदित्य आज ऑनलाइन ‘आदि” कंपनी के मालिक भी हैं. ये कारनामा है जबलपुर के जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 8वीं में पढ़ने वाले आदित्य चौबे का जो आजकल जावा लैंग्वेज की ऑनलाइन ट्यूशन दे रहे है जिस लैंग्वेज का नाम 2 साल पहले तक सुना भी नहीं था .
एक मुलाकात लिटिल ऐप डेवलपर आदित्य चौबे से

12 साल की उम्र में गूगल प्ले स्टोर में अपने बनाये हुए एप को लेकर चर्चा में आये आदित्य चौबे ने बताया की उनकी यह शुरुआत तब हुई जब एक दिन वो लैपटॉप के नोटपैड पर कुछ काम कर रहे थे जिसमे error आने पर उन्होंने उसे ओपन किया तो जावा लैंग्वेज से पहली बार उनका सामना हुआ था. जिज्ञासु प्रवृति के आदित्य ने उसके बाद से ही लगातार जावा के बारे में पढ़कर कई एप भी बनाये है जिसमे से कुछ खास एप ये है –
1 – कोडरेड बटन एप
2 – लोकेशन लाइट एप
3 – लिसिन ट्यूब एप
4 – चैट बुक एप

आदित्य के पिता धर्मेन्द्र चौबे ऑर्डिनेंस फैक्टरी खमरिया में जूनियर वर्क्स मैनेजर और मां अमिता निजी स्कूल में साइंस टीचर हैं. आदी की बड़ी बहन 12वीं की छात्रा हैं.आदित्य ने अपने पिता की लिए एक स्पेशल कैलकुलेटर एप भी बनाया है जिसमे अनलिमिटेड नंबर्स तक कैलकुलेशन किया जा सकता है . फ़िलहाल आदित्य के 48 एप अभी गूगल प्ले स्टोर व एप्टॉयड पर लोड होने के लिए वेरीफिकेशन मोड पर है जो जल्दी ही प्ले स्टोर पर देखे जा सकते है .

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मानो या न मानो षड्यंत्र बहुत ही योजनाबद्ध है। #JusticeForAsifa #CBI4KathuaCase #CBI4Ashifa

मैं बार-बार बस यही सोच रहा हूँ, आसिफा की ये फोटो किसने और क्यूँ ली?

बड़ी और गौर करने वाली बात ये है कि फोटो खींचने वाले को कैसे पता था ये फोटो पूरे भारत में एक एजेंडा चलाने में काम आएगी क्यूंकि आसिफा की लाश भी इन्हीं कपड़ों में मिली थी। क्या आपने निर्भया रेप कांड की प्रताड़ित दामिनी(जिसकी पहचान भी अब तक किसी को नहीं पता) की तस्वीर कभी देखी, तो सोचिये सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन्स के उलट एक रेप प्रताड़ित की तस्वीर वायरल होना भी एक बहुत बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रही है।

प्रारम्भिक जाँच के बाद लिखी गयी FIR में सिर्फ हत्या का केस दर्ज हुआ था और वारदात की जगह भी लकड़ी का गोदाम था। फिर जाँच राज्य की क्राइम ब्रांच के पास आते ही यह केस ऐसे पलटा की अब इसके सहारे कुछ नेतागण अपनी बिखर चुकी राजनीति पलटने की कोशिश कर रहे हैं!

कौन हैं आखिर वो लोग?? मानो या न मानो षड्यंत्र बहुत ही योजनाबद्ध है।

जहाँ एक तरफ आरोपियों के बार बार बोलने पर भी जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच उनका नार्को टेस्ट नहीं करवा रही और बस आरोप थोप के कबूल करने के लिए प्रताड़ित कर रही है, यह बेहद ही संघीन है।

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती का CBI जाँच की मंजूरी अब तक न देना उनके कर्तव्य-परायण पर भी संदेह उत्पन्न करता है।

भारतीय राजनीतिज्ञों का स्तर भी अब इतना गिर चुका है कि बस रोटियां सिंकनी चाहिए, फिर चाहें वो छोटे बच्चों के रेप और मौत करने के बाद उनकी लाशों पर ही क्यों न सेंकनी पड़े!

आइये आपको ABP News का एक विश्लेषण दिखाएं जिसमे उस मंदिर के बारे में रची गयी मनगढ़ंत बातें बिलकुल साफ हो जाएँगी।

इस मुहीम को आगे बढ़ाएं और निष्पक्ष जाँच की मांग करें। #JusticeForAsifa #CBI4KathuaCase #CBI4Ashifa

(लेख: संपादकीय)

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जानिए कठुआ रेप कांड का पूरा सच। डी एन ए रिपोर्ट! #Kathua #JusticeForAsifa #Truth

जानिए डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस रिपोर्ट से कठुआ रेप कांड से जुड़ा हर सच। किसी भी प्रतिक्रिया देने से पहले सच जानना जरुरी है। हम मांग करते हैं अगर उन्नाव केस की CBI जाँच हो सकती है तो कठुआ रेप कांड की भी CBI जाँच होनी चाहिए और केस को फ़ास्ट ट्रैक कर के सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द अपराधियों को सूली पर चढ़ाया जाये।

कठुआ रेप कांड का पूरा सच

 

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CWG 2018: भारत के लिए सुपर संडे, जानें कौन कौन से खिलाड़ियों ने बढ़ाई तिरंगे की शान, जीते मेडल, देखें फोटोज और विश्लेषण

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन जारी है। 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने संडे को छह मेडल हासिल करते हुए इसे सुपर संडे बना दिया। इन छह मेडल में 3 गोल्ड, एक सिल्वर और दो कांस्य पदक भारत की झोली में आए। इसके साथ ही अब भारत ने 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 3 कांस्य के साथ कुल 12 मेडल हासिल कर लिए हैं और इसी के साथ भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।

गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी

टेबल टेनिस टीम ने जीता गोल्ड

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में टेबल टेनिस के टीम इवेंट के फाइनल में भारत ने सिंगापुर को 3-1 से मात देकर गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। ये भारत का सातवां गोल्ड मेडल रहा।

मनु भाकर

अपना पहला कॉमनवेल्थ खेल रही मनु भाकर ने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल करते हुए गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया।

पूनम यादव

भारत की पूनम यादव ने 69 किलो वर्ग कैटिगरी में में भारत की झोली में पांचवा गोल्ड डाल दिया। पूनम ने 69 किलो भारवर्ग में कुल 222 किलो वजन उठाया। स्नैच में 100 और क्लीन एंड जर्क में पूनम ने 122 किलो ग्राम वजन उठाया।

राहुल रागला

राहुल ने 85 किग्रा भार वर्ग में 338 किग्रा (151187) वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। उन्होंने सामोआ के डोन ओपेलोगे (331) को पीछे छोड़ा, जिन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। क्लीन एंड जर्क में पहले प्रयास में राहुल ने 147 और ओपेलोगे ने 144 किग्रा का वजन उठाया। राहुल ने दूसरे प्रयास में 187 किग्रा वजन उठाया, जबकि ओपेलोगे दूसरे प्रयास में विफल रहे। हालांकि, दोनों का 191 किग्रा का आखिरी प्रयास विफल रहा।

सतीश शिवलिंगम

भारतीय वेटलिफ्टर सतीश कुमार शिवलिंगम ने 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। सतीश ने स्नैच में अपने पहले प्रयास में 136 किलोग्राम वजन उठाया था, इसके बाद 140 और अपने आखिरी प्रयास में 144 किलो भार उठाया।

संजीता चानू

कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत की झोली में दूसरा गोल्ड मेडल आया। ये मेडल भारत की स्टार वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम वर्ग में दिलाया था। संजीता ने ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।

मीरा बाई चानू

गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले ही दिन भारतीय वेटलिफ्टर मीरा बाई चानू ने भारत को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया। मीरा बाई चानू ने अपने पहले ही प्रयास में 80 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया। पिछला रिकॉर्ड 77 किलोग्राम का था जो कि अगस्तानिया ने बनाया था। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने बड़ी ही आसानी से 84 किलोग्राम वजन उठा दिया। दूसरी कोशिश में 84 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। तीसरी और आखिरी कोशिश में 86 किग्रा वजन उठाकर दूसरी बार अपने ही रिकॉर्ड से आगे निकल गईं।

सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी

हिना सिद्धू

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में हीना सिद्धू ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल किए और हिना को 234 अंक मिले। इस स्पर्धा में मनु ने गोल्ड जीता तो हिना को सिल्वर मेडल मिला।

गुरुराजा पुजारी

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला पदक वेटलिफ्टर गुरुराजा पुजारी ने दिलवाया। गुरुराजा ने 56 किलोग्राम कैटेगरी में 249 किग्रा वजन उठाया। इससे पहले 2016 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, इस साल पेनांग में कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भी गुरुराजा पुजारी ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था।

कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी

विकास ठाकुर

भारत के भारोत्तोलक विकास ठाकुर ने भारत की झोली में तीसरा कांस्य पदक डाला। विकास ने 94 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। विकास ने कुल 351 किलोग्राम भार उठाया। उन्होंने स्नैच में 159 का भार उठाकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। क्लीन एंड जर्क में वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और इस कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

रवि कुमार

भारत को रवि कुमार ने 10 मी. एयर राइफल में दूसरा कांस्य पदक दिलाया। रवि कुमार एक समय रजत पदक जीतते दिखाई पड़ रहे थे, लेकिन आखिरी में उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा। रवि कुमार ने 224.1 का स्कोर किया।

दीपक लाठेर

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला कांस्य पदक दीपक लाठेर ने दिलवाया। दीपक ने वेटलिफ्टिंग के 69 किलो की प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 18 साल के दीपक लाठेर के लिए ये पहला मौका है जब वो कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले रहे हैं।

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अब से आपके वाहन में पड़ेगा नए किस्म का पेट्रोल-डीजल, जानें क्यों है खास

राजधानी और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने की चुनौती से निपटने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने एक अप्रैल से राजधानी में यूरो-6 मानक के  डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति शुरू कर देंगी। कंपनियां इसके लिये कोई अतिरिक्त कीमत नहीं वसूलेंगी।

दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर होगा जहां यूरो-4  मानक ईंधन का प्रयोग बंद कर सीधे यूरो-6  मानक ईंधन को इस्तेमाल में लाया जायेगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित अन्य शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा मुंबई, चेन्नई,  बेंगलुरू, हैदराबाद और पुणे समेत 13 प्रमुख शहरों में यूरो-6 मानक ईंधन की आपूर्ति अगले साल एक जनवरी से शुरू होगी। देश के बाकी हिस्सों में यह अप्रैल 2020 से शुरू होगा।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी)  के निदेशक (रिफाइनरी) बी. वी. रामगोपाल ने कहा कि सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियां आईओसी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड  कल से दिल्ली के अपने सभी 391 पेट्रोल पंपों पर यूरो-छह उत्सर्जन मानक वाले ईंधन की आपूर्ति शुरू कर देंगी।

उन्होंने कहा कि भले ही कंपनियों ने स्वच्छ ईंधन उत्पादन के लिए भारी निवेश किया है, उपभोक्ताओं के ऊपर अभी कुछ समय तक इसका बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, आश्वस्त रहिये, खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की कोई योजना नहीं है।  अभी उपभोक्ताओं से तत्काल लागत वसूलने की कोई योजना नहीं है।

लागत के हिसाब से स्वच्छ ईंधन50  पैसे प्रति लीटर महंगाहोना चाहिये। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में यूरो-6  मानक के ईंधन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी तब लागत वसूलने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

रामगोपाल ने कहा कि दिल्ली की 9.6 लाख टन पेट्रोल तथा 12.65 लाख टन डीजल की सालाना खपत देखते हुए उत्तर प्रदेश स्थित मथुरा परिशोधन संयंत्र, हरियाणा की पानीपत रिफाइनरी, मध्य प्रदेश के बिना संयंत्र तथा पंजाब के बठिंडा  संयंत्र ने स्वच्छ ईंधन का उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अकेले पानीपत संयंत्र पर ही करीब 183  करोड़ रुपये खर्च किये गये।

उन्होंने कहा कि बाकी के संयंत्रों के उन्नयन का काम चल रहा है। वर्ष 2015 में निर्णय लिया गया था कि यूरो6  मानक के अनुकूल ईंधन की आपूर्ति पूरे देश में एक अप्रैल 2020 से शुरू की जायेगी  हालांकि, जहरीली धुंध की समस्या को देखते हुए दिल्ली में इसे पहले ही किया जा रहा है।

गोपाल ने कहा कि स्वच्छ यूरो6  मानक के ईंधन तथा पुराने इंजन के इस्तेमाल से पार्टिकुलेट उत्सर्जन में10 से 20  प्रतिशत की कमी आएगी। इसका पूरा लाभ उठाने के लिए यूरो6 मानक के इंजनों की भी जरूरत होगी।

उन्होंने कहा, यूरो6 मानक के ईंधन की आपूर्ति कल से शुरू हो जाने से वाहन निर्माता कंपनियों को यह भरोसा मिलेगा कि स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता कोई समस्या नहीं है।

दिल्ली में सुचारू आपूर्ति के लिए आईओसी मथुरा और पानीपत संयंत्रों से स्वच्छ ईंधन मंगाएगी। एचपीसीएल की बठिंडा स्थित संयुक्त संयंत्र तथा बीपीसीएलबीना  संयंत्र से ईंधन मंगाएगी।

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भगत सिंह के केस से जुड़ी सभी फाइलें पाक में सार्वजनिक, दस्तावेजों से सामने आई एक अनोखी बात

शहीद भगत सिंह और उनके साथियों पर चल रहे मुकदमे और फांसी से जुड़ी सभी फाइलों को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने सार्वजनिक कर दिया है। इस केस से जुड़ी कुछ फाइलें हफ्ते की शुरआत में ही सार्वजनिक कर दी गई थीं। पंजाब सरकार ने भगत सिंह की फांसी के 87 साल गुजर जाने के बाद यह फैसला लिया था।

(वीडियो: पाक मीडिया रिपोर्ट)

भगत सिंह और उनके साथी सुखदेव व राजगुरु को ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स की हत्या में 23, मार्च, 1931 को लाहौर में फांसी दी गई थी। सार्वजनिक किए गए नए रिकार्ड में केस से जुड़ी खबरों की क्लिपिंग, सांडर्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सुखदेव व राजगुरु को फांसी देने का वारंट समेत ब्रिटिश पुलिस द्वारा सिंह और उनके साथियों के अड्डे पर छाप मारने में बरामद हुए पिस्टल व बुलेट की तस्वीरें समेत कई अन्य दस्तावेज शामिल हैं।

भगत सिंह द्वारा 27 अगस्त, 1930 को कोर्ट के फैसले की कॉपी मांगने के साथ सिंह की सजा के खिलाफ उनके पिता सरदार किशन सिंह की कोर्ट में दाखिल की गई याचिका को पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया था।

23 मार्च, 1931 को जेल निरीक्षक द्वारा बनाए गए मुत्यु प्रमाण पत्र को भी सार्वजनिक किया गया है। साथ ही जेल में किताबों और अखबार मुहैया कराने की मांग के लिए भगत सिंह के पत्र को भी आम नागरिकों के सामने प्रत्यक्ष किया गया है। कई दस्तावेज भगत सिंह के साथियों के ठिकानों पर ब्रिटिश पुलिस की छापेमारी से भी संबंधित हैं।

दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद भगत सिंह से जुड़ी एक अनोखी बात भी सामने आई है। सिंह अपने किसी भी पत्र में आपका आभारी या आज्ञाकारी लिखने की जगह आपका आदि, आदि लिखा करते थे। पंजाब के अभिलेख विभाग का कहना है कि अभी सिंह के केस से जुड़ी कुछ फाइलों को ही सार्वजनिक किया जा रहा है। बाकी दस्तावेज मंगलवार को सार्वजनिक किए जाएंगे।