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मिलिए विजय से जिन्होने तय किया दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल से आइपीएस तक का सफर

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रहने वाले विजय मूलत: एक किसान परिवार से हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे गरीब और अभावग्रस्त छात्रों के लिए एक ट्रस्ट भी बनाया है। ट्रस्ट के माध्यम से वह छात्रों को न सिर्फ प्रोत्साहित करते हैं बल्कि आर्थिक सहायता भी देते हैं।

दसवीं में वह महज 55 फीसद अंक से पास हुए। बारहवीं में उनके 67 फीसद अंक आए। वह किसी नौकरी की तलाश में थे। इसमें सफलता न मिलने पर वह टाइल्स का कारोबार कर रहे दोस्त के साथ व्यवसाय करने की सोच रहे थे। उनके पास व्यवसाय के लिए पैसा नहीं था।

इस कारण पिता लक्ष्मण सिंह ने नौकरी की तलाश करने को कहा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। जून 2010 में उनका चयन दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर हो गया। दिल्ली आकर उन्हें पता चला कि एक आइपीएस अफसर के पास समाज सेवा के तमाम अवसर होते हैं। उन्होंने उसी दिन ठान लिया कि अब आइपीएस ही बनना है। हालांकि, इसकी तैयारी में खर्च होने वाले पैसे का इंतजाम उनके पास नहीं था। इस कारण उन्होंने पहले दारोगा की तैयारी की। कड़ी मेहनत से दिसंबर 2010 में उनका चयन दिल्ली पुलिस में दारोगा के पद पर हो गया।

इसपद पर रहते हुए उन्हें तैयारी का समय नहीं मिल रहा था। फिर भी उन्होंने एसएससी की तैयारी प्रारंभ कर दी। उनका चयन सेंट्रल एक्साइज में हो गया, लेकिन तैनाती केरल के त्रिवेंद्रम में हो गई। सिविल सेवा की तैयारी दिल्ली में चल रही थी। त्रिवेंद्रम चले जाने से उनकी तैयारी प्रभावित होने लगी। उन्होंने फिर एसएससी की परीक्षा दी। इस बार उनका चयन इनकम टैक्स विभाग में हो गया और उनकी दिल्ली में तैनाती हो गई। इनकम टैक्स की नौकरी करने के साथ ही वह सिविल सेवा की तैयारी करते रहे। 2016 उन्होंने तीसरी बार सिविल सेवा की परीक्षा दी।

संस्कृत जैसे कठिन विषय से मुख्य परीक्षा देने के बाद भी उनका साक्षात्कार के लिए चयन हो गया। वह साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन आठ अंक कम होने के कारण उनका चयन न हो सका। इसके बाद भी विजय हार नहीं माने। वह लगातार 10 घंटे की पढ़ाई नौकरी के साथ करते रहे। जिसका नतीजा है कि पांचवें प्रयास में 2018 में उनका चयन आइपीएस के लिए हुआ। उनकी इस सफलता ने न सिर्फ परिवार का बल्कि पूरे गुर्जर समाज का नाम रोशन कर दिया। रविवार को नोएडा के इंदिरा गांधी कला केंद्र में गुर्जर समाज के सफल युवाओं के लिए आयोजित कार्यक्रम में विजय गुर्जर को सम्मानित कर समाज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था।

अभाव व कम संसाधन कभी विजय रथ को रोक नहीं सकते। यह जरूर है कि अभाव के कारण सफलता पाने में समय लग जाता है। मेरी मां चंदा देवी और पत्नी सुनीता लगातार मेरा मनोबल बढ़ाती रहीं। अब मैं पत्नी सुनीता को सिविल सेवा की तैयारी करा रहा हूं। मैं सिपाही भी रहा हूं। इस कारण मुझे उनका दर्द पता है।

विजय गुर्जर, आइपीएस

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बिना नौकरी के कमाना चाहते हैं अच्छी रकम, आजमाएं ये 4 आसान ऑनलाइन तरीके

जानें सोशल मीडिया पर आप क्या कुछ कर कमा सकते हैं पैसे:

ब्लॉंगिंग: लिखने का हुनर जानने वाले और भाषायी व्याकरण पर अच्छी पकड़ रखने वालों के लिए ब्लॉगिंग कमाल की चीज है। यानी अगर आपको लिखना पसंद है तो आप इसके जरिए कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको गूगल की ब्लॉ गिंग साइट ‘ब्लॉ गर’ पर अकाउंट बनाना होगा और इसके बाद आप वहां लिखना शुरू कर दीजिए। बेहतर होगा कि आप अपने ब्लॉग पर जो कुछ भी लिखते हैं उसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक या ट्विटर पर शेयर करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आपका लिखा पहुंचे सके। इससे एक फायदा यह होगा कि आप अपनी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा पाएंगे, आपकी प्रसिद्धी बढ़ेगी साथ ही आपके ब्लॉग को कई लोग जान पाएंगे। जब आपके पेज व्यूदज का काउंट काफी ज्या दा बढ़ जाएगा, तब आप गूगल एडसेंस के लिए अप्लाजई कर दें और अप्रूवल मिलते ही आपकी कमाई शुरू हो जाएगी।

वीडियो ब्लॉागिंग: फोटोग्राफी का शगल रखने वाले और इसे जज्बे के साथ अंजाम देने वालों के लिए इससे कमाल की कोई चीज नहीं हो सकती है। वीडियो ब्लॉकगिंग से भी आप अच्छी कमाई कर सकते हैं। आप किसी एक टॉपिक को चुन लें और उस पर वीडियो बनाना शुरू कर दें। मान लीजिए आपको बाइक पसंद है तो आप उसके किसी खास टॉपिक पर रिव्यू देकर उसे हाईलाइट कर सकते हैं।

इसके लिए आपको फेसबुक और यू ट्यूब पर लगातार सक्रिय रहना होगा। आप जो भी वीडियो बनाएं उसे फेसबुक और यू ट्यूब पर शेयर करें। इससे आपके वीडियो को देखने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी और लोग आपके यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करेंगे। जब आपके सब्सक्राइबर की संख्या बढ़ जाएगी फिर आपके पास पैसे आने लगेंगे। इतना ही नहीं इसके अलावा जो कंपनियां अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करना चाहती हैं वह आपके वीडियो का सहारा ले सकती हैं। इससे भी आपकी कमाई बढ़ जाएगी।

फ्रीलांसिंग: अगर आप किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं लेकिन आपको मिलने वाली सैलरी आपके खर्चों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है तो यह भी पैसे कमाने का अच्छा जरिया है। यदि आपके भीतर हुनर है तो आप फ्रीलांसिंग का काम करके अच्छा पैसा कमा सकते हैं। बहुत सारी ऐसी वेबसाइट हैं जो फ्रीलांस का काम करने का मौका देती हैं। इनके टास्क अलग अलग कैटिगरी के हिसाब से लिस्ट होते हैं। आप जो काम बेहतर कर सकते हैं उनके लिए अप्लाई कर दें। फ्रीलांसिंग से प्रति असाइनमेंट 5 डॉलर से 100 डॉलर तक की कमाई की जा सकती है।

ऑनलाइन सर्वे: ऑनलाइन वर्ल्ड में यह कमाई के लिए एक नए तरीके का आसान काम है। इसमें बस आपको कंपनियों की तरफ से ऑनलाइन सर्वे आयोजित कराना होता है। दैनिक आधार पर जिन सर्वे को आप पढ़ते हैं वे बाजार अनुसंधान फर्मों और मेगा-कॉरपोरेशन द्वारा तैयार नहीं किए जाते हैं। दरअसल सर्वे वाले ऐसे व्यक्तियों की तलाश करते हैं जो अच्छे पैसे के बदले उत्पादों और सेवाओं पर सर्वे करने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं।

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स्काई डाइविंग के लिए इंडिया की ये 5 जगहें हैं बेस्ट

स्काई डाइविंग, सिंपल पैराशूटिंग का मॉर्डन रूप है जिसमें एयरक्रॉफ्ट द्वारा एक तय ऊंचाई से खुली हवा में जंप करना होता है और उसके कुछ समय बाद अपना पैराशूट खोलकर लैंड करना होता है।

इस एडवेंचर में एन्जॉयमेंट के साथ सुरक्षा के लिए आपको कुछ रूल्स भी फॉलो करने पड़ते हैं। जिसके लिए ट्रैनर्स मौजूद होते हैं। जहां कई जगहों पर 1-2 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है वहीं कुछ जगहों पर महज कुछ घंटों की। जिसके बाद आप तैयार होते हैं खुली हवा में आजाद चीड़िया की तरह उड़ने के लिए। तो आज हम इंडिया की ऐसी ही जगहों के बारे में जानेंगे, जहां जाकर आप अपने स्काई डाइविंग के शौक को आसानी से पूरा कर सकते हैं।

इंडिया की ये 5 जगहें हैं स्काई डाइविंग के बेस्ट

मैसूर, कर्नाटक- बेस्ट स्काई डाइविंग डेस्टिनेशन्स की लिस्ट में मैसूर सबसे ज्यादा पॉप्युलर है। बैंगलुरू से कुछ ही घंटे की दूरी पर बसे मैसूर में बहुत सारे स्काई डाइविंग कैंप्स मिलेंगे। यहां आकर स्काई डाइविंग करना बिल्कुल अलग ही तरह का एक्सपीरियंस होता है। टैंडेम से लेकर स्टेटिक और एक्सीलेरेटेड हर तरह के जंप्स के लिए प्रोफेशनल ट्रेनर्स द्वारा आपको 2-3 दिन की ट्रैनिंग दी जाती है। इसके बाद ही आप स्काई डाइविंग का मजा ले सकते हैं। हवा में फ्री होकर उड़ते हुए आसपास के खूबसूरत नजारों को देखने का एहसास अलग ही होता है

धाना, मध्यप्रदेश- धाना में इंडिया का पहला स्काई डाइविंग कैंप शुरू हुआ था। यहां आपको स्टेटिक और टैंडेम जंप्स के ऑप्शन्स मिलते हैं। 4000 फीट से जंप करते हुए यहां की खूबसूरती देखना वाकई बहुत अद्भुत होता हैशायद इसलिए ही धाना को इंडिया के बेस्ट स्काई डाइविंग डेस्टिनेशन्स में शामिल किया गया है

एंबी वैली, महाराष्ट्र- अगर आपको एंडवेंचर करना पसंद है तो महाराष्ट्र के एंबी वैली में स्काई डाइविंग जरूर ट्राय करें। 45 मिनट की ये डाइविंग आपको लाइफटाइम याद रहेगी। फिलहाल यहां 10,000 फीट से टैंडेम जंप की सुविधा अवेलेबल है जिसमें बेशक मज़ा तो आता है लेकिन उतना ही डर भी लगता है। तो अगर आप थ्रील के साथ इस एडवेंचर को वाकई एन्जॉय करना चाहते हैं तो फिर वीकेंड में महाराष्ट्र आने का प्लान करें

दीसा, गुजरात- एक्सपीरियंस्ड हो या फिर नौखिसिया, गुजरात का दीसा हर किसी को लाइफटाइम एक्सपीरियंस देने के लिए बेस्ट स्काई डाइविंग डेस्टिनेशन है।हां गुजरात स्पोर्ट्स अथॉरिटी और इंडियन पैराशूटिंग फेडरेशन द्वारा भी स्काई डाइविंग के कैंप्स लगाए जाते हैं

पांडिचेरी- इंडिया के खूबसूरत शहरों में शामिल पांडिचेरी सिर्फ स्कूवा ही नहीं स्काई डाइविंग के लिए भी बेस्ट डेस्टिनेशन है. ट्रैवलिंग के साथ एंडवेंचर पसंद वालों की तो ये सबसे पसंदीदा जगह है। पांडिचेरी में आपको स्टेटिक, टैंडेम और एक्सीलिरेटेड हर तरह के जंप्स के ऑप्शन मिलेंगे। फ्री बर्ड की तरह हवा में उड़ते हुए नैचुरल ब्यूटी को एक्सप्लोर करना है तो पांडिचेरी का ट्रिप रहेगा बेस्ट

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दुनिया की सबसे सुरक्षित जीप, कीमत 2.02 करोड़ रुपये!

Rezvani टैंक मिलिट्रि वाहन से प्रेरित नाम है, इस कार में डेड-बोल्ट मैगनेट के लगे हैं और साथ ही दरवाजों पर इलेक्ट्रिक हैंडल लगे है। इससे यात्री को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा मिलती है।

बुलेट पूफ्र इस गाड़ी में बंदूक से हमला करने पर भी कुछ नहीं हो सकता। इसके रेडियेटर, बैटरी और फ्यूल टैंक को धमाके से बचाने के लिए kevlar में लपेटा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, माइक्रोफोन के जरिए ड्राइवर बाहर के खतरे को भांप लेता है।

इसके लिए उसे खिड़की या दरवाजे को भी खोलने की जरूरत नहीं पड़ती। इस गाड़ी में ब्लाइडिंग लाइट भी है जो रात को दिन बना देती है। साथ में फुल इंटरकॉम सिस्टम है जिसमें स्पीकर बाहर की ओर लगे हैं।

इसे दुनिया का सबसे सुरक्षित जीप बताया जा रहा है। इस जीप में 6.4L V8 इंजन है जो 708HP जेनरेट करता है गाड़ी की कीमत 2.02 करोड़ रुपये है।

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बेहद रोमांचक रहा लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव। देखें राहुल के सवालों पर प्रधानमंत्री मोदी के जवाब!

आइए देखते हैं एक विश्लेषण जो दर्शाता है राहुल जी ले हर तीर को जो उन्होंने भाजपा पर छोड़े तथा मोदी जी के जवाब जिन्होंने संसद में हंगामा मचा दिया,

(सौजन्य: Zee News)

हालांकि परिणाम वही हुआ जो सबको मालूम था, भाजपा समर्थकों की संख्या घटने की जगह बढ़ गयी और शिव सेना के समर्थन के साथ ही एन डी ए सरकार को 325 सांसदों का साथ मिला।

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आपके रोमांच को और बढ़ाएंगी भारत की ये रहस्यमय गुफाएं

आइए, जानते हैं भारत की रहस्यमय गुफाओं के बारे में,

बोरा गुफाएं

जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विलियम किंग जॉर्ज ने 1807 में आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम जिले में अराकू वैली के पास अनंतगिरी की पहाडि़यों में खोजी थी। यहां कार्स्टिक चूना पत्थर से बनी हुई सबसे गहरी गुफा है। इसकी गहराई 80 मीटर है। ये भारत की सबसे गहरी गुफाओं में से एक है।

भीमबेटका रॉक शेल्‍टर

मध्‍य प्रदेश के रायसेन जिले में रतापानी वाइल्‍ड लाइफ सैंक्चुअरी के अंदर भीमबेटका गुफाएं हैं। ये गुफाएं पाषाण काल की बनी हुई हैं। गुफा की दीवारों पर इंसान और जानवरों की पेंटिंग उकेरी गई हैं। मानव सभ्‍यता की ये सबसे पुराने चिह्नों में से एक हैं। 2003 में इसे वर्ल्‍ड हैरिटेज साइट घोषित कर दिया गया था। ये गुफा लगभग 30 हजार साल पुरानी है। यहां पांच सौ से ज्‍यादा प्राकृतिक गुफाएं बनी हुई हैं। भीमबेटका में युद्ध की पेंटिंग दीवारों पर बनाई गई है। 1958 में इस पेंटिंग की खोज की गई थी।

अमरनाथ गुफा

अमरनाथ गुफा भारतीय आस्‍था का केंद्र है। यहां बर्फ से भगवान के शिवलिंग का निर्माण होता है। हजारों की संख्‍या में भक्‍त यहां आते हैं। ये भारत के सबसे पूज्‍यनीय तीर्थ स्‍थलों में से एक है। जम्‍मू कश्‍मीर में बनी यह गुफा हिमालय की पहाडि़यों से घिरी हुई है। ये गुफा ज्‍यादातर बर्फ से ढकी रहती है।

अंडावल्‍ली गुफा

यह गुफा प्रचीन काल का सबसे बेहतरीन नमूना है। इसे विश्‍वकर्मा स्‍थापथीस कहा जाता है। आंध्र प्रदेश में यह गुफा विजयवाड़ा से सिर्फ 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इन गुफाएं चौथी-पांचवी शताब्‍दी की प्रतीत होती हैं। यह गुफाएं पत्‍थरों से निर्मित हैं। यह एक जैन गुफा थी। यह उदयगिरि और खांडगिरि के आर्कीटेक्‍चर का नमूना है। इसमें से प्रमुख गुफा गुप्‍त काल के आर्कीटेक्‍चर का नमूना है।

वैष्‍णो देवी

जम्‍मू कश्‍मीर में स्थित वैष्‍णो देवी मंदिर भारत की सबसे प्रचीन गुफाओं में से एक है। ये प्रमुख हिन्‍दू मंदिरों और शक्ति के 52 पीठों में से एक है। यह त्रिकूट पहाडि़यों पर स्थित है। यहां हर साल लाखों की संख्‍या में भक्‍त आते हैं।

उदयगिरि और खांडगिरि गुफा

उड़ीसा में बनी उदयगिरि और खांडगिरि गुफा प्रकृति और मानव निर्मित गुफा का अद्भुत नमूना है। इस आर्कियोलॉजिकल और हिस्‍टॉरिकल गुफा का अपना ही धार्मिक महत्‍व है। यह गुफा भुवनेश्‍वर के पास स्थित है। यहां की ज्‍यादातर गुफाएं जैन मॉंक का घर रहीं हैं। उदयगिरि का अर्थ होता है सूर्योदय गुफा। यहां 18 खांडगिरि गुफाएं भी है। जिनका अर्थ होता है टूटी हुई पहाडि़यां। जैन गुफाएं भारत में प्राचीन काल से हैं।

एलीफेंटा गुफाएं

महाराष्‍ट्र के एलीफेंटा आईसलैंड पर बनी ये गुफाएं मानव निर्मित गुफाओं का नेटवर्क है। इसे सिटी ऑफ केव्‍स भी कहा जाता है। ये मुंबई में हार्बॉर पर स्थित हैं। ये आइसलैंड दो गुफाओं का घर है। यहां दो ग्रुपो में पहली पांच हिन्‍दू गुफाएं है और छोटे ग्रुप में दो बुद्धिस्‍ट गुफाएं हैं। पहाड़ों को काट कर इन गुफाओं का निर्माण किया गया है।

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जानें आपकी कार से आने वाली हर आवाज का क्या है कारण। कैसे करें इसका उपाय! #Car #Maintenance #Sounds

कार में आने वाली इस तरह की आवाजें कार की परफॉर्मेंस के बारे में बताती हैं। आइये जानते हैं इन्ही आवाजों के बारे में।

1. इंजन से फट-फट की आवाज: अगर कार के इंजन से फट-फट की आवाज सुनाई दे तो इस बात को नजरअंदाज बिलकुल न करें क्योकिं इससे इंजन स्टार्ट करने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह आवाज एयर फिल्टर गंदा होना, स्पार्क प्लग खराब होना, इग्निशन में प्रॉब्लम, गैसोलिन में पानी आना और कारब्यूरेटर में खराब पावर सर्किट के चलते आती हैं।

2. गियर शिफ्ट के दौरान आवाज: गियर शिफ्ट के दौरान जब गियर अटकने की शिकायत आये तो इसकी सर्विस जल्दी करा लें, क्योकिं इसका कारण क्लच और गियरबॉक्स दोनों में खराबी हो सकता है। इसके साथ ही इसमें क्लच की खराबी, गियर शिफ्ट लिकेज, गियरबॉक्स खराब होना और गियर ऑयल की समस्या के कारण भी यह आवाज आती हैं।

3. जब कार मोड़ते समय आये ऐसी आवाज: कार को मोड़ते समय करहाने की आवाज आने लगे तो समाज जान चाहिये कि यह आवाज सीवी एक्सेल के टूटने से भी आ सकती है या फिर एक्सेल से ग्रीस लीक खत्म होने के चलते भी आती है। ग्रीस खत्म होने के चलते कॉम्पोनेंट सूख जाता है और सीवी एक्सेल का खराब कर देता है जिसके चलते आपको सीवी एक्सेल रिप्लेस करवाना पड़ता है। इस तरह की आवाज आते ही ग्रीस फिर से फिल करवा ले ताकि कोई दिक्कत न आए।

4. स्पीड बढ़ाने पर ऐसी आवाज़ को नजरअंदाज न करें: फर्स्ट गियर में गाड़ी को रेस देते समय अगर गाड़ी आगे स्पीड पकड़ते समय आवाज़ करे तो इसका मतलब यह है कि कार की फैन बेल्ट ढीली या फिर खराब हो रही है। फैन बेल्ट हम कार में समय के साथ ढीली हो जाती है और कार स्टार्ट करते समय रबड़ से रगड़ लगते समय आवाज आने लगती है। इसके लिए आपको अंत में फैन बेल्ट बदलवानी ही पड़ती है।

5. ब्रेक लगाते समय जब आये आवाज आवाज: ब्रेक लगाने के दौरान अगर ची-ची की आवाज आए तो समझ जाओ कि ब्रेक शूज पूरी तरह खराब हो गए हैं ऐसे में जितना जल्दी हो इन्हें बदलवा लेना चाइये, वरना ब्रेक लगने में काफी दिक्कत हो सकती है।

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14 जुलार्इ से शुरु हो रही है जगन्नाथ यात्रा। इस मंदिर से जुड़े हैं कमाल के रहस्य

भगवान जगन्नाथ को श्री विष्णु का 10वां अवतार माना जाता है। पुराणों में जगन्नाथ धाम को धरती का बैकुंठ यानि स्वर्ग कहा गया है। यह हिन्दू धर्म के चार पवित्र धामों बद्रीनाथ, द्वारिका, रामेश्वरम के साथ चौथा धाम माना जाता है।

मंदिर का इतिहास

इस प्राचीन मंदिर को राजा इंद्रद्युम्न ने बनवाया था, जिसे उनके प्रतिद्वंद्वी राजाओं द्वारा नष्ट कर दिया गया। पुरी के लेखागर में पाए गए एक लेख के अनुसार वर्तमान मंदिर का निर्माण गंग वंश के सप्तम राजा अनंग भीमदेव ने किया। मंदिर का निर्माण कार्य 1108 ई. में पूर्ण हुआ। इसकी ऊंचाई 58 मीटर है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी की मूर्तियां हैं। दरअसल ये श्रीकृष्ण और बलराम के ही रूप हैं और सुभद्रा उनकी बहन हैं। इस मंदिर की रसोई विश्व प्रसिद्ध है, जहां निरंतर भोजन बनता रहता है। इस पवित्र रसोई के संबंध में ऐसी मान्यता प्रचलित है कि चाहे कितनी ही भीड़ क्यों न हो, यहां भक्तों के लिए भोजन की कमी कभी नहीं होती।

मंदिर के अनोखे रहस्य

इस मंदिर से जुड़े कर्इ अनोखे तथ्य हैं जिनके बारे सुन कर श्रद्घा आैर आश्चर्य दोनों होते हैं। जैसे इस मंदिर के पास हवा उल्टी दशा में बहती है। जब अन्य समुद्री तटों पर हवा समंदर से जमीन की तरफ चलती है, लेकिन पुरी में ऐसा नहीं है यहां हवा जमीन से समंदर की तरफ चलती है, इस रहस्य कोर्इ समझ नहीं सका है। 4 लाख वर्गफुट में फैले इस मंदिर की ऊंचाई लगभग 214 फुट है। मंदिर की इतनी ऊंचाई के कारण इसके करीब पहुंच कर भी आप इस गुंबद को नहीं देख सकते। यहां तक कि मंदिर के मुख्य गुंबद की छाया भी दिन के किसी भी वक्त में दिखाई नहीं देती। एक आैर अजीब बात है कि जगन्नाथ मंदिर के ऊपर से कोई वायुयान तो नहीं ही उड़ता पर उसके ऊपर कभी कोर्इ पक्षी भी आज तक उड़ता हुआ नहीं देखा गया है। मान्यता है कि इस मंदिर के रसोईघर में जिसे दुनिया का सबसे बड़ा रसोईघर माना जाता है में अन्न कभी भी खत्म नहीं होता। सबसे बड़ी बात ये है कि समुद्र तट पर बने होने के बावजूद मंदिर के सिंहद्वार में प्रवेश करने के बाद इस के अंदर समुंद्र की कोई भी आवाज सुनाई नहीं देती। अंत में जान ले कि इसके ऊपर लगा ध्वज हमेशा हवा की उल्टी दिशा में लहराता है।

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मानसून के बदलते मौसम में स्वस्थ रहने के लिए खान-पान में क्या करें शामिल

जीवनशैली और नजरिए में थोड़ा सा फर्क लाकर हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बना सकते हैं…

बरसात में इनका सेवन जरूरी

तुलसी: तुलसी दल एक उत्कृष्ट रसायन है। यह गर्म और त्रिदोषशामक है। रक्तविकार, ज्वर, वायु, खांसी एवं कृमि निवारक है तथा हृदय के लिए हितकारी है। सफेद तुलसी के सेवन से त्वचा, मांस और हड्डियों के रोग दूर होते हैं। काली तुलसी के सेवन से सफेद दाग दूर होते हैं। तुलसी की जड़ और पत्ते ज्वर में उपयोगी हैं। तुलसी की चाय पीने से ज्वर, आलस्य, सुस्ती तथा वातपित्त विकार दूर होते हैं, भूख बढ़ती है।

शहद: शहद का सेवन हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। कारण, शहद में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं और यह एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होता है। शक्कर की तुलना में शहद में बीस प्रतिशत कम कैलोरी होती है। इसलिए शहद के सेवन से शरीर को भरपूर ऊर्जा और शक्कर की तुलना में कम कैलोरीज मिलती हैं। शहद में अन्य पोषक तत्वों के अलावा शरीर के लिए जरूरी विटामिन्स बी-1, बी-2, बी-5, बी-6 और विटामिन सी पाए जाते हैं। ये विटामिन्स हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

हर्बल टी: इसमें सिट्रॉल नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो कई बैक्टीरियल और वायरल संक्रमणों से बचाता है। इससे पेट साफ रहता है और रक्त संचरण में सुधार होता है। इसका सेवन एग्जि़मा और त्वचा संबंधी संक्रमणों से भी बचाता है। आप चाहे तो इसमें अदरक, काली मिर्च और शहद का भी प्रयोग कर सकते हैं।

सूखे मेवे: सूखे मेवे में जिंक और विटामिन ई भरपूर मात्रा में होता है। जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बहुत सहायता करते हैं। इसलिए अपनी डाइट में हर रोज किसी भी रूप में एक मुट्ठी मेवों को शामिल करें। शरीर भीतर से मजबूत होगा और बदलते मौसम का शरीर पर असर नहीं पड़ेगा।

लहसुन: खाली पेट कच्‍चे लहसुन से ब्‍लड प्रेशर नियंत्रित रहता है एवं भुना हुआ लहसुन खाने से शरीर की आंतरिक सफाई होती है। लहसुन से हमारा वजन भी कंट्रोल में रहता है। यह एक प्राकृतिक एंटी-बायोटिक का काम करता है। लहसुन आपके शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ायेगा और टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकाल फेकेगा।

करेला: करेले में कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन पाया जाता है। करेला खाने से खून साफ होता है और ये हीमोग्लोबिन बढ़ाने का अच्छा स्त्रोत है। लीवर संबंधी रोगों के लिये करेला बहुत लाभकारी है। श्वांस और दमे के रोगियों को करेले की सादी सब्जी का सेवन करना चाहिये। करेला हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है।

नीबू: नीबू में ए, बी और सी विटामिनों की भरपूर मात्रा है। इसमें पोटेशियम, लोहा, सोडियम, मैगनेशियम, तांबा, फास्फोरस और क्लोरीन तत्त्व तो हैं ही, प्रोटीन, वसा और कार्बोज भी पर्याप्त मात्रा में हैं। विटामिन सी से भरपूर नीबू शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही एंटी आक्सीडेंट का काम भी करता है और कोलेस्ट्राल भी कम करता है।

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जानें कौन हैं देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 7 बाइक्स

ये हैं देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 7 बाइक्स

1. हीरो स्प्लेंडर

देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक की लिस्ट में सबसे ऊपर हीरो स्प्लेंडर का नाम आता है। मई 2018 में कंपनी ने इस बाइक की कुल 2,80,763 यूनिट्स बेचीं थी। स्प्लेंडर एक लम्बे समय से अपने सेगमेंट में अच्छा परफॉर्म कर रही है।

2. हीरो HF Deluxe

दूसरे नंबर पर भी हीरो मोटोकॉर्प की ही HF Deluxe बाइक रही है। मई महीने में इसकी 1,84,131 यूनिट्स की बिक्री हुई है। इस बाइक की लगातार बिक्री बढ़ रही है। डेली यूज के लिए इसे अच्छी बाइक कह सकते हैं। यह एक किफायती बाइक है।

3. होंडा CB शाइन

तीसरे नंबर पर होंडा की CB शाइन है। मई महीने में कंपनी ने इसकी 99812 यूनिट्स की बिक्री की। 125cc सेगमेंट में होंडा की CB शाइन एक अच्छी बाइक साबित हुई है। इस बाइक का मुकाबला हीरो की ग्लैमर, बजाज डिस्कवर से होगा। साल-दर-साल के आधार पर इस बाइक की बिक्री में इजाफा देखने को मिल रहा है।

4. हीरो पैशन

हीरो मोटोकॉर्प की पैशन बाइक एक बार फिर से टॉप 7 की रेस में अपना दबदबा बनाये हुए है। मई महीने में कंपनी ने पैशन की 96389 यूनिट्स बेचीं। हाल ही में हीरो ने पैशन सीरिज को पूरी तरह से अपग्रेड किया है। इस समय बाजार में पैशन सीरिज को काफी पसंद किया जा रहा है। भारतीय बाजार में पैशन 110cc में दो वेरिएंट – प्रो और एक्सप्रो में उपलब्ध है।

5. हीरो ग्लैमर

नंबर 5 पर एक बार फिर से हीरो मोटोकॉर्प की बाइक है। मई में 72102 यूनिट्स बेच कर ग्लैमर ने यह स्थान हांसिल किया है। 125cc सेगमेंट में यह बेहद पॉपुलर बाइक है।

6. बजाज पल्सर

छठे स्थान पर बजाज ऑटो की सबसे ज्यादा बिकने वाली पल्सर मौजूद है। बजाज पल्सर की मई 2018 में 70056 यूनिट्स की बिक्री हुई है। अभी हाल ही में बजाज ने पल्सर को अपग्रेड किया है।

7. बजाज CT100

सातवें नंबर पर बजाज की CT100 बाइक है, कंपनी ने मई महीने में इसकी 64,622 यूनिट्स की बिक्री की है।CT100 अपने सेगमेंट की सबसे किफायती बाइक है और इसको चलाना भी सस्ता पड़ता है। इस बाइक में 100cc का इंजन लगा है।