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बेहद रोमांचक रहा लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव। देखें राहुल के सवालों पर प्रधानमंत्री मोदी के जवाब!

आइए देखते हैं एक विश्लेषण जो दर्शाता है राहुल जी ले हर तीर को जो उन्होंने भाजपा पर छोड़े तथा मोदी जी के जवाब जिन्होंने संसद में हंगामा मचा दिया,

(सौजन्य: Zee News)

हालांकि परिणाम वही हुआ जो सबको मालूम था, भाजपा समर्थकों की संख्या घटने की जगह बढ़ गयी और शिव सेना के समर्थन के साथ ही एन डी ए सरकार को 325 सांसदों का साथ मिला।

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मोदी सरकार को चाहिए 10 जॉइंट सेक्रेटरी, बिना UPSC किये प्रोफेशनल्स की होगी भर्ती

अब संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली सिविल सर्विसेज परीक्षा पास किए बिना भी योग्य उम्मीदवार सरकार में वरिष्ठ अधिकारी बन सकते हैं.

कौन कर सकता है अप्लाई

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार इन पदों के लिए वो लोग अप्लाई कर सकते हैं, जिनकी उम्र 1 जुलाई तक 40 साल हो गई है और उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होना आवश्यक है. उम्मीदवार को किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव होना भी आवश्यक है.

कब तक होगी नियुक्ति

इन पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों की नियुक्ति तीन साल तक के लिए की जाएगी और सरकार इस कॉन्ट्रेक्ट को पांच साल तक बढ़ा भी सकती है. बता दें कि इन पदों के लिए प्रोफेशनल उम्मीदवार ही अप्लाई कर सकते हैं.

कितनी होगी सैलरी

मोदी सरकार इन पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 1.44 लाख से 2.18 रुपये प्रति महीना सैलरी देगी और इस सैलरी के साथ उम्मीदवारों को कई भत्ते और सुविधाएं भी सरकार की ओर से दी जाएंगी.

किन विभागों में होगी नियुक्ति

सरकार ने जिन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, उनकी नियुक्ति 10 मंत्रालयों में होनी है. इनमें वित्तीय सेवा, इकोनॉमिक अफेयर, कृषि, सड़क परिवहन, शिपिंग, पर्यावरण और वन, नागरिक उड्डयन और वाणिज्य क्षेत्र शामिल हैं.

बता दें कि सरकार अब इसके लिए सर्विस रूल में जरूरी बदलाव भी करेगी. पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने 10 विभागों में बतौर जॉइंट सेक्रेटरी 10 पदों के लैटरल एंट्री से जुड़ी अधिसूचना पर कहा कि इससे उपलब्ध स्रोतों में से सर्वश्रेष्ठ को चुनने का मौका मिलेगा. गौरतलब है कि किसी मंत्रालय या विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी का पद काफी अहम होता है और तमाम बड़ी नीतियों को अंतिम रूप देने में या उसके अमल में इनका अहम योगदान होता है.

कैसे होगा चयन

इनके चयन के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा और कैबिनेट सेक्रेटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमिटी इनका इंटरव्यू लेगी.

आवेदन करने की आखिरी तारीख- 30 जुलाई 2018

सालों से ठंडे बस्ते में था प्रस्ताव

ब्यूरोक्रेसी में लैटरल ऐंट्री का पहला प्रस्ताव 2005 में ही आया था, जब प्रशासनिक सुधार पर पहली रिपोर्ट आई थी. लेकिन तब इसे सिरे से खारिज कर दिया गया. फिर 2010 में दूसरी प्रशासनिक सुधार रिपोर्ट में भी इसकी अनुशंसा की गई. लेकिन पहली गंभीर पहल 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद हुई.

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भाजपा का ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू, 50 लोगों से मिलेंगे शाह

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्र सरकार के चार साल पूरे होने पर भाजपा ने ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सुहाग और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप से उनके घर जाकर मुलाकात की। शाह ने सुहाग को केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार की उपलब्धियों पर एक बुकलेट, एक पेन ड्राइव और इससे जुड़े अन्य साहित्य भी भेंट किये।

भाजपा के इस अभियान को 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी माना जा रहा है। इसके तहत पार्टी के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पंचायत सदस्य समेत करीब 4000 कार्यकर्ता-नेता लोगों से खुद मिलेंगे। केंद्रीय आलाकमान ने पार्टी के हर एक कार्यकर्ता को कम से कम 25 लोगों से संपर्क कर सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक भाजपा के नेता देश के एक लाख प्रमुख व्यक्तियों से व्यक्तिगत संपर्क करेंगे, जिसमें कला जगत, संविधान विशेषज्ञ, सेना के रिटायर्ड अधिकारी, फिल्म और धर्म जगत की प्रमुख हस्तियाँ शामिल होगी।

इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के इन चार सालों के दौरान विशेषकर दो क्षेत्रों – ग्रामीण जीवन से असुविधाओं को समाप्त कर उन्हें प्रगति की राह पर आगे बढ़ाने और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में बहुत बड़ा काम हुआ है। साथ ही आने वाले पांचवें साल में केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार का लक्ष्य लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देकर किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने और देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक का बीमा देकर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त करने का है।

शाह ने विगत चार वर्षो के बारे मे बताया कि दुनिया में देश के गौरव को आजादी के बाद सबसे ऊँची सतह पर प्रतिष्ठित करने का काम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है।

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दुनिया की 10 सबसे ताकतवर हस्तियों में शुमार हुए नरेंद्र मोदी, No. 1 पर चिनफिंग

प्रतिष्ठित फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम नरेंद्र मोदी दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली नेताओं की सूची में शुमार हो गए हैं. फोर्ब्‍स की लिस्‍ट में पीएम मोदी नौवें स्‍थान पर काबिज हैं. इस सूची में चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग पहली बार पहले स्‍थान पर काबिज हुए हैं. वह रूसी नेता व्‍लादिमीर पुतिन को हटाकर पहले स्‍थान पर पहुंचे हैं. फोर्ब्‍स 2018 लिस्‍ट में दुनिया को चलाने वाले सबसे ताकतवर 75 नामों को शामिल किया गया है. फोर्ब्‍स ने लिस्‍ट जारी करते हुए कहा, ”दुनिया में करीब 7.5 अरब लोग हैं लेकिन ये 75 लोग दुनिया को चलाते हैं. फोर्ब्‍स की वार्षिक रैंकिंग में हर एक अरब में से एक ऐसे व्‍यक्ति को चुना जाता है जिनके एक्‍शन सबसे ज्‍यादा मायने रखते हैं.”

पीएम नरेंद्र मोदी
फोर्ब्स ने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश (भारत) में “बेहद लोकप्रिय बने हुए हैं.” इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए मोदी सरकार के नवंबर 2016 के नोटबंदी के फैसले का हवाला दिया गया है. हाल के वर्षों में पीएम मोदी ने आधिकारिक यात्रा के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप और शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की और वैश्विक नेता के रूप में अपनी पहचान बढ़ाई है. इसके अलावा वह जलवायु परिवर्तन से निपटने के अंतरराष्ट्रीय प्रयास में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे हैं.

mukesh ambani
PM मोदी के अलावा मुकेश अंबानी लिस्‍ट में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय हैं.(फाइल फोटो)

मुकेश अंबानी
रिलांयस इडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस सूची में पीएम मोदी के अलावा स्थान पाने वाले एकमात्र भारतीय हैं. वहीं, माइफ्रोसॉफ्ट के सीईओ भारतीय मूल के सत्या नाडेला को 40वें पायदान पर रखा गया है. अंबानी पर फोर्ब्स ने कहा कि अरबपति उद्योगपति ने 2016 में भारत के अति-प्रतिस्‍पर्द्धी बाजार में 4-G सेवा जियो शुरू करके कीमत की जंग छेड़ दी.

शी जिनपिंग
जिनपिंग ने पिछले लगातार चार वर्ष तक इस सूची में शीर्ष पर चले आ रहे पुतिन को दूसरे स्थान पर धकेल दिया है. सूची में तीसरे पायदान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चौथे पर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और पांचवें पर अमेजन प्रमुख जैफ बेजोस हैं. पीएम मोदी के बाद फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग(13वें), ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे(14), चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग(15), एपल के सीईओ टिम कुक(24) को रखा गया है. इस वर्ष सूची में 17 नए नामों को शामिल किया गया है, इसमें सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद (8वें ) भी हैं. सूची में पोप फ्रांसिस(6), बिल गेट्स(7), फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों(12), अलीबाबा के प्रमुख जैक मा(21) भी शामिल हैं.

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कई देशों केेेे बाद अब भारत में भी मासूमों से दुष्कर्म की सजा मौत

नाबालिग बच्चियों से दुष्‍कर्म के मामलों पर कठोर निर्णय लेते हुए पॉकसो एक्‍ट में बदलाव पर मोदी सरकार ने मुहर लगा दी है। इसके लिए पीएम आवास पर चली ढाई घंटे की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि दुष्‍कर्म के दोषियों को फांसी देने के लिए अध्यादेश लाया जाएगा।

इस बैठक में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्‍कर्म के मामलों में दोषियों को मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो गया। इसके अलावा इस बैठक में यह निर्णय भी लिया गया है कि ऐसे मामलों में जांच तेजी से पूरी की जाएगी। आपको बता दें कि दुष्‍कर्म की हालिया घटना के बाद देश में काफी गुस्‍सा व्‍याप्‍त है। देश की जनता बार-बार इस तरह के मामलों में कठोर से कठोर सजा दिए जाने की मांग भी लगातार करती रही है। इसी जनभावना का सम्‍मान करते हुए केंद्र ने यह फैसला लिया है।

पॉक्सो के मौजूदा प्रावधान

पॉक्सो के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, दुष्कर्म के दोषियों के लिए अधिकतम सजा उम्रकैद है और न्यूनतम सात साल की जेल है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का यौन व्यवहार इस कानून के दायरे में आता है। इसके तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है। यह कानून लड़के और लड़की को समान रूप से सुरक्षा प्रदान करता है। गौरतलब है कि देश के कुछ राज्‍य जिनमें राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, हरियाणा और उत्‍तर प्रदेश शामिल हैं, में केबिनेट ने 12 वर्ष से कम उम्र की बच्‍ची के साथ दुष्‍कर्म के मामलों में फांसी की सजा पर मुहर लगा दी है। हालांकि इन्‍हें अभी राष्‍ट्रपति से मंजूरी मिलना बाकी है, लेकिन इससे यह बात साफ हो गई है कि राज्‍य इसको लेकर काफी सख्‍त रुख अपना चुके हैं।

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पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कहा आतंकवाद की फैक्ट्री, तो बचाव में उतरा चीन

चीन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस्लामाबाद को आंतकवाद का निर्यात करने वाली फैक्ट्री बाताए जाने वाले बयान पर पाकिस्तान का बचाव किया। चीन ने इस संबंध में कहा कि पाकिस्तान की आंतकवाद से लड़ने में मदद किए जाने की जरूरत है।

लंदन में पीएम मोदी ने पाक पर निशाना साधते हुए कहा था कि भारत आतंकवाद को निर्यात करने वालों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। मोदी ने आगे कहा कि यहां आतंकवाद की फैक्ट्री लगा रही है और सीधे युद्ध में सामना न कर पाने की ताकत न होने के कारण पीठ पर वार करते हैं। ऐसी स्थिति में हमे पता है कि कैसे जबाव देना है। जाहिर तौर पर मोदी का इशारा पाकिस्तान की ओर था।

मोदी के इस बयान पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हु आ चुनयिंग ने कहा कि आतंकवाद सभी का दुश्मन है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी देशों को मिलकर आतंकवाद से लड़ने की जरूरत है। साथ ही सभी देशों को पाकिस्तान की आतंकवाद से लड़ने में मदद करनी चाहिए।

इस बयान के साथ चीन ने इशारा किया है कि शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गेनाइजेशन(एससीओ) में आतंकवाद भी एक बड़ा मुद्दा होगा। पिछले साल एससीओ में भारत और पाकिस्तान दोनों शामिल थे। एससीओ का वार्षिक सम्मेलन अब जून में चीन के किंगदाओ शहर में होना है।

विदेश मंत्रियों के इस सम्मेलन में आतंकवाद पर चर्चा के सवाल पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मेरा मानना है कि एससीओ का उद्देश आतंकवाद के मुद्दे पर साथ मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ना है।

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Photos: जब मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी महिला को पहनाई चप्पल, पढ़ें, पूरा मामला

अंबेडकर जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर पहुंचे। जहां उन्होंने ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत देश के पहले वेलनेस सेंटर के लॉन्च कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक आदिवासी महिला को मंच पर चप्पल भेंट की। चरण-पादुका (फुटवियर) योजना के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने इस आदिवासी महिला को चप्पल पहनाईं। इस योजना का लक्ष्य तेंदूपत्ता जमा करने वालों को चप्पलें उपलब्ध कराना है।

पीएम मोदी ने भेंट की चप्पल शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अंबेडकर जयंती के मौके पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर पहुंचे। उन्होंने बीजापुर में कई केन्द्रीय और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की नींव रखी। बीजापुर में पीएम मोदी ने ‘आयुष्मान भारत’ योजना के पहले वेलनेस सेंटर का उद्घाटन किया। स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने एक आदिवासी महिला को चप्पल का एक जोड़ा भेंट किया। प्रधानमंत्री ने मंच पर ही महिला को चप्पल पहनाई। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, अनंत कुमार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मौजूद थे। चरण-पादुका योजना के तहत दिया गया चप्पलों का जोड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरण-पादुका योजना के तहत आदिवासी महिला को चप्पलों का जोड़ा दिया।

जानकारी के मुताबिक चरण-पादुका (फुटवियर) योजना का लक्ष्य तेंदूपत्ता जमा करने वालों को चप्पलें उपलब्ध कराना होता है। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि विकास की दौड़ में पीछे छूट गए और पीछे छोड़ दिए गए समुदायों में आज जो चेतना जागी है, वो चेतना बाबा साहब की ही देन है।

योजना के तहत तेंदूपत्ता जमा करने वालों को चप्पलें उपलब्ध कराना है पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि एक गरीब मां का बेटा, पिछड़े समाज से आने वाला आपका ये भाई अगर आज देश का प्रधानमंत्री है, तो ये भी बाबा साहेब की ही देन है। उन्होंने कहा कि आज बाबा साहेब की प्रेरणा से, मैं बीजापुर के लोगों में, यहां के प्रशासन में, यही भरोसा जगाने आया हूं। ये कहने आया हूं कि केंद्र की आपकी सरकार, आपकी आशाओं-आकांक्षाओं, आपकी ‘aspirations’ के साथ खड़ी है।

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पीएम मोदी ने इराक में मारे गए लोगों के परिवार वालों को 10 लाख रुपए की मदद की घोषणा की

इराक के मोसुल में मारे गए भारतीयों के परिवारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 लाख रुपये का अनुग्रह राशि यानी मदद का ऐलान किया है. इससे पहले पीएम मोदी ने उनकी मौत की खबर की पुष्टि होने के बाद दुख जताया था. बता दें कि इससे पहले मारे गए लोगों के परिजनों की तरफ से मुआवजे की मांग किए जाने के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री ने कहा था कि, ‘ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है’.

इराक के मोसुल में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा मारे गए भारतीय नागरिकों के अवशेष लेकर विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह सोमवार को भारत पहुंचे थे. इसके बाद वह सबसे पहले पंजाब गए. मोसुल में 39 भारतीय मारे गए थे. इनमें से 38 के अवशेष भारत आए हैं. एक की पहचान नहीं हो पाई. इनमें से 27 लोग में पंजाब के थे. अमृतसर एयरपोर्ट पर मारे गए लोगों के परिजनों की तरफ से मुआवजेकी मांग किए जाने के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि, ‘ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है’. विदेश राज्य मंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

विदेश राज्यमंत्री वी. के. सिंह ने कहा कि इराक में आतंकवादी समूह आईएसआईएस द्वारा बंधक बनाए गए 40 भारतीयों का कोई भी रिकॉर्ड किसी दूतावास में नहीं है क्योंकि वे वहां ट्रैवल एजेंट के माध्यम से अवैध रूप से गए थे.  आतंकवादी समूहों ने 40 में से 39 भारतीयों की हत्या कर दी थी जबकि उनमें से एक खुद को बांग्लादेशी बताकर बच गया था. सिंह सोमवार को कहा कि इराक से एक विशेष विमान से 38 भारतीयों का शव लेकर अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पहुंचे. मारे गए लोगों में से एक के शव की अभी तक स्पष्ट रूप से पहचान नहीं हो पाई है.

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डेटा चोरी: भाजपा के आरोपों से घबराई कांग्रेस, गूगल प्ले स्टोर से हटाया अपना ‘एप’

राहुल गांधी द्वारा नमो ऐप पर लगाए गए डेटा शेयरिंग के आरोपों का अब भाजपा ने जवाब दिया है। भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की पार्टी की ऐप लोगों की अनुमति के बिना उनका डेटा सिंगापुर की फर्म के साथ शेयर कर रही है। भाजपा के इस पलटवार के बाद कांग्रेस ने प्ले स्टोर से अपना ऐप हटा दिया है।

मालवीय ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की है जिसमें उन्होंने साइट का डिस्क्लेमर शेयर करते हुए कांग्रेस पर लोगों का डेटा थर्ड पार्टी से शेयर करने के बात मानने को लेकर निशाना साधा है।

मालवीय ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘Hi! मेरा नाम राहुल गांधी है। मैं देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष हूं। जब आप हमारे आधिकारिक ऐप को साइन अप करेंगे तो हम आप से जुड़ा पूरा डेटा सिंगापुर के दोस्तों को दे देंगे।’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस को इस बात के लिए पूरे अंक जिसमें उसने पहले से कहा है कि वो यूजर की अनुमति के बिना उसकी जानकारी किसी को भी दे सकती है चाहे वो अनजाने वेंजर्स हों या वॉलेंटियर्स।

मालवीय ने अक अन्य ट्वीट में आरोप लगाया है कि ‘जब कांग्रेस कहती है कि वो आपका डेटा लाइक माइंडेड ग्रुप्स के साथ शेयर करेगी तो इसके प्रभाव गंभीर हो सकते हैं। इनमें माओवादियों के अलावा पत्थरबाज, भारत के टुकड़े गैंग, चीनी दूतावास के अलावा कैंब्रिंज एनालिटिका भी हो सकते हैं।’

बता दें कि इसके पहले रविवार को राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा था कि मेरा नाम नरेंद्र मोदी है। मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं। जब आप मेरे ऐप के लिए साइन अप करेंगे तो मैं आपका सारा डेटा अमेरिकी कंपनियों के दोस्तो को दूंगा।