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यूपी पीसीएस 2018 के लिए ऑनलाइन आवेदन छह से, एसडीएम के 119 पद, जानें क्या एग्जाम पैटर्न में क्या हुए बदलाव

इस बदलाव से अब पीसीएस की मुख्य परीक्षा का महत्व बढ़ जाएगा। साथ ही साक्षात्कार की आड़ में अभ्यर्थियों को अधिक नंबर देकर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाए जाने की शिकायतों को पर भी विराम लगेगा।

इसके अलावा अब दो की बजाय वैकल्पिक विषय एक ही होगा। सामान्य अध्ययन के दो की जगह अब चार पेपर होंगे। प्रदेश में भाजपा की सरकार ने इस अहम निर्णय पर पहले ही अपनी मुहर लगा दी है, ताकि पीसीएस परीक्षा में पारदर्शिता रहे। गौरतलब है कि अभी तक पीसीएस परीक्षा में लिखित परीक्षा 1500 नंबर और की होती थी और साक्षात्कार 200 नंबर के होते थे।

बदलाव के बाद लिखित परीक्षा तो 1500 अंकों की ही रहेगी लेकिन, साक्षात्कार में 100 नंबर घटा दिए जाने से चयन प्रक्रिया कुल 1600 नंबरों में पूरी की जाएगी। इस बार कई बदलाव के साथ यूपीएससी ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यूपीएससी से होने वाली आइएएस परीक्षा की तर्ज पर पीसीएस 2018 में भी दो अलग-अलग क्षेत्रों की प्रारंभिक परीक्षाएं एक साथ कराने की योजना तैयार की है। सचिव जगदीश ने बताया कि इसके तहत प्रारंभिक परीक्षा में पीसीएस के साथ सहायक वन संरक्षक का पेपर भी होगा। यानी प्रश्न पत्र एक ही आएगा जबकि मुख्य परीक्षा अलग-अलग होगी।

19 अगस्त को प्रारंभिक परीक्षा पर असमंजस बरकरार

यूपीपीएससी ने दूसरी छमाही के कैलेंडर में पीसीएस 2018 की प्रारंभिक कराने की तारीख 19 अगस्त घोषित कर रखी है। पहले यह तारीख 24 जून तय थी। अब आवेदन लेने का सिलसिला अगस्त माह के पहले सप्ताह तक चलेगा, ऐसे में परीक्षा तारीख पर असमंजस बना है। हालांकि सचिव का कहना है कि इम्तिहान तय तारीख पर कराने की तैयारी है।

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कुली का कमाल: स्‍टेशन के फ्री वाई फाई की मदद से पास की UPSC की परीक्षा

सपने पूरे करने के लिए हौंसला चाहिए सुविधा नहीं इस सच को सुनाती है इस कुली कीकहानी जो स्‍टेशन के फ्री वाईफाई की मदद से सिविल सेवा परीक्षा में पास हुआ।

केरल में एर्नाकुलम स्टेशन पर कुली का काम करने वाले श्रीनाथ के. की कहानी कुछ अनोखी है, जिन्होंने रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध मुफ्त वाईफाई सुविधा के सहारे इंटरनेट के जरिये पढ़ाई की और केरल पब्लिक सर्विस कमीशन, केपीएससी की लिखित परीक्षा पास की। सबसे बड़ी बात ये है कि तैयारी के दौरान वह किताबों में नहीं डूबे रहे बल्‍कि अपना काम करते हुए स्मार्ट फोन और ईयरफोन के सहारे पढ़ाई करते रहे। अब अगर श्रीनाथ साक्षात्‍कार में सफल हो जाते हैं तो वह भूमि राजस्व विभाग के तहत विलेज फील्ड असिस्टेंट के पद पर नियुक्‍त्‍त हो जायेंगे।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

श्रीनाथ पिछले पांच वर्ष से कुली के रूप में काम कर रहे हैं और उनका सिविल परीक्षा के इम्‍तिहान में बैठने का ये तीसरा प्रयास था। उनका कहना है कि यह पहला मौका था, जब उन्‍होंने स्टेशन पर उपलब्ध वाईफाई सुविधा का इस्तेमाल किया। उन्‍होंने ये भी बताया कि कुली का काम करने के दौरान वे हमेशा ईयरफोन कान में लगाए रखते थे और इंटरनेट पर अपने संबंधित विषयों पर लेक्चर सुना करते थे। उसे मन ही मन दोहराते भी रहते थे और रात को मौका मिलते ही फिर रिवाइज कर लेते थे। इसी वाईफाई की मदद से उन्‍होंने ऑनलाइन अपना परीक्षा फार्म भरा और देश दुनिया की ताजा जानकारियों से खुद को अपडेट किया साथ ही अपने विषयों की जम कर तैयारी की।

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टीवीएस की नई Apache RTR 200 रेस एडिशन हुई लॉन्च, जानिए कीमत

TVS मोटर ने अपनी पीमियम और पॉपुलर बाइक Apache RTR 200 4V को लॉन्च कर दिया है यह अपाचे 200 का रेसिंग मॉडल है। इस बाइक में ऐंटी रिवर्स टॉर्क स्लिपर क्लचर और नए ग्राफिक्स शामिल किये हैं। जिसकी वजह से राइडर को इसे चलाते हुए नयापन महसूस होगा।

Apache RTR 200 4V अपने सेगमेंट की पहली ऐसी बाइक है जिसमें एडवांस्ड ‘A-RT स्लिपर कल्च’ दिया गया है इसे ऐंटी रिवर्स टॉर्क यूनिट कहा जाता है इसकी मदद से क्लच ऑपरेट करने में 22 फिसद तक कम ताकत लगती है। इससे कल्च हैंडलिंग आसानी से और तेजी से होती है।

कीमत की बात करें तो स्लिपर कल्च टेक्नोलॉजी वाले कार्ब्युरेटर वेरिएंट की कीमत 95,185 रुपये रखी है जबकि EFI इंजन के साथ स्लिपर कल्च वाले वेरिएंट की कीमत 1, 07,885 रुपये है तो वही स्लिपर कल्च के साथ कार्ब्युरेटर और ABS वाले वेरिएंट की कीमत 1, 08,985 रुपये रखी गई है।

बाइक के इंजन में कोई मैकेनिकल बदलाव नहीं किया है। इसमें मौजूदा 197.5cc का इंजन लगा है जो 20.21bhp कार्ब्युरेटर वेरिएंट में और 20.71bhp EFI वेरिएंट में जेनरेट करता है। हालांकि दोनों में पिक टॉर्क 18.1Nm ही रहेगा।

बजाज की पल्सर से है मुकाबला

TVS अपाचे 200 का मुकाबला बजाज की पल्सर NS200 से होगा। पल्सर NS200 में एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम की सुविधा है और कीमत 1.09 लाख रुपये है। पल्सर NS 200 में 200cc का सिंगल सिलेंडर, लिक्विड कूल्ड, इंजन लगा है। जो 23.5bhp की पॉवर और और 18.3Nm का टॉर्क देता है जनरेट करता है यह इंजन BS-IV मानकों पर खरा उतरता है।

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ई-सर्वाइवर: मारुति सुजुकी ऑटो एक्सपो में शोकेस करेगी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार

भारत की सबसे बड़ी कारमेकर मारुति सुजुकी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार, ई-सर्वाइवर का कॉन्सेप्ट मॉडल फरवरी में शुरू होने वाले दिल्ली ऑटो एक्सपो में शोकेस करेगी। यह एक ओपन टॉप वाली 2 सीटर एसयूवी है। इसको फ्यूचर ऑफ रोडर इलेक्ट्रिक कार भी कहा जा रहा है।

भारतीय सरकार ने 2030 तक देश में सभी वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने का संकल्प लिया है। यहां तक कि परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तो यहां तक कह चुके हैं कि वह किसी कार कंपनी से इलेक्ट्रिक बनाने के बारे में पूछने वाले नहीं हैं। ई-सर्वाइवर में इस्तेमाल होने वाली तकनीक सुजुकी और टोयोटा की पार्टनरशिप से निकलेगी।

अल्ट्रा हाई ग्राउंड क्लीयरेंस, बड़े पहिए इस ऑफ रोडर वाहन को अलग ही लुक देते हैं। दो सीटर लेआउट वाली इस एसयूवी में खुली छत है। इसमें जिम्नी और विटारा सरीखी कारों का भी पुट देखने को मिल जाएगा। इसे लैडर फ्रेम पर बनाया गया है। इसी फ्रेम पर लॉन्च होने वाली जिम्नी को भी बनाया गया है।

इन कारों को इस्तेमाल करने के लिए मारुति चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सेट करेगी। कंपनी का मानना है कि वह यह काम खुद के बल पर कर सकती है। इसके लिए उसके किसी विदेशी कंपनी की सहायता की जरूरत नहीं होगी। ऑटो एक्सपो में ई-सर्वाइवर के साथ ही मारुति की नई स्विफ्ट भी देखने के लिए लोग बेताब हैं।

मारुति सुजुकी ऑटो एक्सपो में अपनी आने वाली कॉम्पैक्ट कारों की नई डिजाइन का कॉन्सेप्ट, फ्यूचर एस भी पेश करेगी।

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ट्रिपल तलाक: कैबिनेट की बिल को मंजूरी, जानें- क्या हैं इसमें प्रावधान

सरकार ने शुक्रवार को उस प्रस्तावित कानून के मसौदे को मंजूरी प्रदान कर दी जिसके तहत एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को गैरकानूनी एवं अमान्य ठहराया जाएगा और ऐसे करने वाले पति को तीन साल जेल की सजा होगी। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विचार किया और अपनी मंजूरी दी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालयी समूह ने विधेयक का मसौदा तैयार किया था। इस समूह में वित्त मंत्री अरूण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और कानून राज्य मंत्री पी पी चौधरी शामिल थे।

प्रस्तावित कानून सिर्फ एक बार में तीन तलाक के मामले में लागू होगा और इससे पीड़िता को अधिकार मिलेगा कि वह ‘उचित गुजारा भत्ते की मांग करते हुए मजिस्ट्रेट से संपर्क कर सके। बता दें, बीते 22 अगस्त को उच्चतम न्यायालय ने एक बार में तीन तलाक को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था।

बिल में क्या हैं प्रावधान-

प्रस्तावित बिल के मुताबिक तीन साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही यह गैरजमानती अपराध होगा। अगर कोई पति अपनी पत्नी को ट्रिपल तलाक देता है तो उसे तीन साल की सजा हो सकती है और इस दौरान उसे जमानत भी नहीं मिलेगी।  ‘मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल’ प्रस्तावित कानून में पीड़िता को अपने पति से हर्जाना मांगने का भी अधिकार होगा। इसके साथ ही वह अपने बच्चे की कस्टडी की मांग भी कर सकती है। यह कानून केवल ‘एक साथ तीन तलाक’ देने पर लागू होगा।

इस बिल का ड्राफ्ट केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले अंतर मंत्री समूह ने बनाया है। राजनाथ के अलावा इस समूह में वित्त मंत्री अरुण जेटली, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और कानून राज्यमंत्री पीपी चौधरी भी शामिल थे।

क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला?

सुप्रीम कोर्ट ने हालही में तीन तलाक के मुद्दे पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसे खत्म कर दिया था। पांच जजों की बेंच में से तीन जजों ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताया था। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीन तलाक से संबंधित कानून बनाने को कहा था। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उम्मीद जताई थी कि केंद्र जो कानून बनाएगा उसमें मुस्लिम संगठनों और शरिया कानून संबंधी चिंताओं का खयाल रखा जाएगा।

बता दें, सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने 3:2 के मत से सुनाए गए फैसले में तीन तलाक को कुरान के मूल तत्व के खिलाफ बताया। कोर्ट ने कहा था कि मुस्लिमों में तीन तलाक के जरिए दिए जाने वाले तलाक की प्रथा अमान्य, अवैध और असंवैधानिक है। प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर और जस्टिस एस अब्दुल नजीर जहां तीन तलाक की प्रथा पर छह माह के लिए रोक लगाकर सरकार को इस संबंध में नया कानून लेकर आने के लिए कहने के पक्ष में थे। वहीं जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस आर एफ नरीमन और जस्टिस यू यू ललित ने इसे संविधान का उल्लंघन करार दिया था। इस पीठ में खेहर के अलावा, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल थे।