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UPSC 2017 RESULT: उन होनहारों की कहानी जिन्होंने UPSC में लहराया परचम

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10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जग-हंसाई

कांग्रेस के 84वें अधिवेशन में नवजोत सिंह सिद्धू बीजेपी पर जरूर जमकर बरसे हों, लेकिन उनका भाषण सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहा है. कुछ वक़्त पहले तक भारतीय जनता पार्टी में रहते हुए सिद्धू ने जितना बुरा-भला कांग्रेस और उसके नेताओं को का अब उन्हीं बातों पर वे पलट चुके हैं. आइए जानते हैं कब-कब क्या बोले सिद्धू
10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: नरेंद्र भाई के जन्म दिन पर यहां आना ठीक वैसा ही है जैसा कोई मिट्टी का ढेला गुलाबों की क्यारी में आ गया हो. जैसे कोई तिनका नर्मदा में बहता-बहता शिवलिंग के ऊपर टिक जाए. वैसे सिद्धू आज नरेंद्र भाई के जन्म दिन पर आकर महसूस कर रहा है. 2018: कांग्रेस अधिवेशन में सिद्धू ने वही शेर का इस्तेमाल किया जो कभी नरेंद्र मोदी के लिए उन्होंने 2013 में कहा था. उन्होंने कहा कि सिद्दू कांग्रेस अधिवेशन में ठीक वैसा ही महसूस कर रहा है जैसे कोई तिनका नर्मदा में बहता-बहता शिवलिंग के ऊपर टिक जाए. वैसा सिद्धू महाकुंभ में आकर महसूस कर रहा है.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: नरेंद्र भाई मोदी के साथ आकर मैं खुद को बड़ा भाग्यवान मानता हूं. मैं आपके सामने शीश झुकाता हूं. वो लोग आपके सामने कभी नहीं झुकते जो अकड़ में होते हैं. अकड़ना तो मुर्दों की पहचान होती है. ये कांग्रेस वालों की पहचान है जम के लूटेंगे और तुम विरोध करोगे तो डट के कूटेंगे. 2018: मैं मनमोहन सिंह के सामने शीश झुकाता हूं. झुकते वो लोग आपके सामने कभी नहीं है जिनमें अकड़ होती है.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: मौनी बाबा…मौनी बाबा…मोबाइल साइलेंट मोड़ पर करना हो तो उसे मनमोहन सिंह मोड़ पर कर दो. बोलो सही है की नहीं है. 2018: मनमोहन सिंह. जो आपके मौन ने कर दिया वो बीजेपी का शोर शराबा नहीं कर पाया.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरदार है ये मैं नहीं कह सकता. 2018: मनमोहन सिंह जी आप सरदार भी हैं और असरदार भी हैं.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: कांग्रेस, मुन्नी से ज़्यादा बदनाम है. अब तो ख़ुद मुन्नी भी इन पर शर्मिंदा है.2018: कांग्रेस कोई बर्फ की कली नहीं है जो पिघल जाएगी. कांग्रेस 70 साल पुरानी पार्टी है. इसे हिलाना आसान नहीं.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: जब भारत माता का चीरहरण हो रहा है. जब भारत माता की लाज, भारत माता की शान उनका गौरव और सिर का पल्लू उछल रहा हो और ये कांग्रेस वाले 50 साल से ऐसा कर रहे हो तो हमें प्रण करना होगा की आजादी की शाम नहीं होने देंगे. जब तक तन में एक लहू भी बाकी है भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे. 2018: हम कांग्रेसियों को प्रण करना होगा की आजादी की शाम नहीं होने देंगे. जब तक तन में एक लहू भी बाकी है भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: नरेंद्र भाई का कद दोगुन- तिगुना हर दिन बढ़ रहा है. आज अनिल अंबानी, धीरूभाई अंबानी से भी उनका कद अमीर हो गया है. 2018: कमाए होंगे अम्बानियों ने पैसे बने होंगे बड़े-बड़े सेठ. यदि किसी ने 20 साल में सबसे ज्यादा इज्जत कमाई है तो वो है हमारी अध्यक्षा सोनिया गांधी.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: मेरी एक ही तमन्ना इच्छा है. एक ही लालसा है कि भारतीय जनता पार्टी वाले लाल किले पर तिरंगा फैराते दिखाई दे.2018: अपने पूर्वजों का आशीर्वाद है. जब तक मेरे बदन में लहू होगा तब तक मैं राहुल भैया से लाल किले पर झंडा फहराए बिना नहीं मानूंगा मैं.

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: है अंधेरा बहुत. उजाला होना चाहिए सूरज निकलना चाहिए. जैसे भी हो मौसम बदलना चाहिए. जो लोग बदलते हैं नकाब उनका जनाजा निकलना चाहिए. (ये बात सिद्धू ने कांग्रेस के लिए कही थी.)2018: है अंधेरा बहुत. उजाला होना चाहिए सूरज निकलना चाहिए. जैसे भी हो मौसम बदलना चाहिए. जो लोग बदलते हैं नकाब उनका जनाजा निकलना चाहिए. (यही बात दोबारा सिद्धू ने बीजेपी के लिए कही.)

10 बयान, जो बताते हैं सिद्धू कितने बड़े पलटबाज, हो रही जगहंसाई

2013: बुलबुला चाहे छोटा हो लेकिन पानी के ऊपर वह जीता है. नरेंद्र मोदी का जीवन भी इसी तरह है. 2018: कांग्रेस के अधिवेशन का ये पल ठीक उस बुलबुले की तरह है जो पानी के ऊपर होता है. ये पल मेरे लिए भी ठीक उसी तरह है.

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80:20 स्कीम: रघुराम राजन ने किया बचाव, कहा-रोजगार की खातिर थी स्कीम

यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहने के दौरान पी. चिदंबरम सोने के आयात पर नियंत्रण के लिए 80:20 स्कीम लाए थे. आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने इस स्कीम का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि यह स्कीम सोने के आयात पर नियंत्रण लगाने के लिए लाई गई थी. उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले हमें यह देखना होगा कि असल में हुआ क्या था.

मोदी सरकार के सत्ता में आने से कुछ दिन पहले से ही 80:20 स्कीम के तहत कुछ कारोबारियों को सहयोग देने को लेकर भाजपा लगातार पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को घेर रही है. अब इसमें आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का नाम भी घसीटा जा रहा है. सीएनबीसी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में रघुराम राजन ने इस मामले को लेकर अपना पक्ष रखा.

रघुराम ने कहा कि हमें यह देखने की जरूरत है कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाला कैसे हुआ और इसमें कहां खामियां रह गईं. उन्होंने गोल्ड स्कीम 80:20 को लेकर कहा कि हमें यह देखना होगा कि हमने इस स्कीम को किस समय पर लाया. 2013 के दौरान जब इस स्कीम को लाया गया, तब देश में फॉरेन एक्सचेंज क्राइस‍िस की स्थ‍िति थी. इसकी वजह से सबने यह आशंका जताई थी कि चालू खाता घाटा नियंत्रण से बाहर हो सकता है.उन्होंने कहा कि यह स्कीम ज्वैलरी सेक्टर में रोजगार पैदा करने की जरूरत को ध्यान में रखकर भी लाई गई थी.

चालू खाते के घाटे में एक सबसे बड़ी हिस्सेदारी सोने की बड़ी खरीदारी थी. ऐसे में जब जनता बड़े स्तर पर सोना खरीद रही थी, तो सरकार ने इस पर थोड़ा नियंत्रण पाने के लिए कदम उठाने की सोची. इस समय यह सोचा गया कि एक अस्थाई समाधान सोने के आयात पर लगाम लगेगी.

उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत हर 100 ग्राम के आयात में से 20 ग्राम सोने का निर्यात करना जरूरी था. इसी वजह से सोने के आयात पर लगाम लगाई जा सकी.

भाजपा का ये है आरोप

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया है कि 2014 में जिस दिन लोकसभा चुनाव के रिजल्ट आए, उस दिन तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने 7 निजी कंपनियों को 80:20 गोल्ड स्कीम के तहत सहयोग दिया. प्रसाद का आरोप है कि इसमें मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि भी शामिल थी.

क्या है 80:20 गोल्ड स्कीम?

यूपीए सरकार के राज में इस स्कीम की शुरुआत अगस्त, 2013 में की गई थी. ज्वैलर्स के लगातार दबाव के बाद यूपीए सरकार ने सोने के आयात-निर्यात में कुछ राहत दी थी. इस स्कीम के तहत निजी कंपनियों को भी आयात करने की सुविधा दी गई. इस स्कीम में यह शर्त रखी गई थी कि कारोबारियों ने जो भी सोना आयात किया है. इसमें से वह सिर्फ 20 फीसदी निर्यात कर सकते हैं और 80 फीसदी उन्हें घरेलू इस्तेमाल के लिए रखना होगा.