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अब बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के भी पा सकते हैं अपना आधार। UIDAI ने की नई शुरुआत!

अभी तक यदि आपका आधार कार्ड गुम हो जाए तथा आपके आधार में आपका रजिस्टर्ड नंबर अपडेट न हो, तो आधार को डाउनलोड कर पाना संभव नहीं था। इसके लिए पहले आपको आधार केंद्र पर जाकर अपना मोबाइल नंबर अपडेट करवाना पड़ता था जिसके अपडेशन के बाद आधार का प्रिंट निकाल पाना संभव हो पाता है।

UIDAI ने इस समस्या का निदान करते हुए एक आधार रीप्रिंट सर्विस शुरू की है जिसके माध्यम से कुछ शुल्क का भुगतान कर आप आधार के रीप्रिंट को अपने घर पर डाक के द्वारा मंगवा सकते हैं। इसके लिए UIDAI ने 5 दिन की समयसीमा रखी है।

उपरोक्त अनुसार आधार की वेबसाइट पर ऑर्डर आधार रीप्रिंट विकल्प को चुनकर विकल्प में अपना 12 अंकों का आधार या वर्चुअल आई डी को लिखकर आप सिक्योरिटी कोड को यथानुसार अंकित करते हैं और “If you do not have registered mobile number” चेकबॉक्स पर क्लिक करते हैं। यहां से आगे आप ओटीपी की जगह शुल्क का भुगतान कर आधार को अपने घर के पते पर मंगवा सकते हैं।

आशा करते हैं आपको यह जानकारी पसंद आएगी और इससे आप यथासंभव लाभ उठा पाएंगे।

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ICICI बैंक लोन मामलाः चंदा कोचर के पति से CBI कर सकती है पूछताछ

वीडियोकॉन लोन मामले में सीबीआई ने दीपक कोचर के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. वीडियोकॉन समूह को दिए गए एक लोन मामले में कोचर और उनके परिवार के सदस्यों की कथित संलिप्तता की खबरें आई थीं, जिसके बाद सीबीआई ने शुक्रवार को दीपक कोचर के खिलाफ जांच प्रक्रिया शुरू की.

सीबीआई के एक अधिकारी ने आजतक को बताया कि सभी अधिकारियों जिनका लोन पास कराने में योगदान था, उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं. इसके अलावा सीबीआई ने इस लोन से जुड़े सभी दस्तावेजों को भी ज़ब्त कर लिया है, जिसका अध्ययन किया जा रहा है.

अब सीबीआई दीपक कोचर को पूछताछ के लिए बुला सकती है. दीपक के अलावा सीबीआई वीडियोकॉन ग्रुप के अहम लोगों से भी पूछताछ कर सकती है. यह पूछताछ सीबीआई की बैंक फ्रॉड एंड सिक्योरिटी विंग करेगी.

हालांकि, नियमों के मुताबिक, प्रारंभि‍क जांच के दौरान सीबीआई अधिकारिक नोटिस जारी नहीं कर सकती, लेकिन जरूरत पड़ने पर पूछताछ जरूर कर सकती है.

प्रारंभिक जांच के तहत इस बात का पता लगाया जाएगा कि दीपक कोचर और उनके दो रिश्तेदारों द्वारा बनाई गई फर्म को वीडियोकॉन समूह के वेणुगोपाल धूत ने रिश्वत के रूप में कितने रुपये दिए. साथ ही उन आरोपों की भी जांच होगी, जिसमें कहा जा रहा है कि वीडियोकॉन समूह को आईसीआईसीआई बैंक द्वारा दी गयी कर्ज सहायता कुछ ले-दे कर दी गयी और इस में कोचर और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की कथित संलिप्तता थी.

4000 करोड़ के लोन में हेरा-फेरी का आरोप

दरअसल, ICICI बैंक और वीडियोकॉन ग्रुप के निवेशक अरविंद गुप्ता ने चंदा कोचर पर आरोप लगाया था कि कोचर ने वीडियोकोन को कुल 4000 करोड़ रुपए के दो ऋण मंजूर करने के बदले में गलत तरीके से निजी लाभ लिया.

रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनीज में दर्ज जानकारी के मुताबिक ICICI बैंक चीफ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर ने धूत के साथ मिलकर दिसंबर 2008 में न्यू पॉवर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) के नाम से साझा कंपनी बनाई. NRPL में धूत, उनके परिवार के सदस्यों और करीबियों के 50 फीसदी शेयर थे.

बाकी शेयर चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और पैसेफिक कैपिटल के नाम थे. पैसेफिक कैपिटल का स्वामित्त्व दीपक कोचर के परिवार के पास ही था. एक साल बाद जनवरी 2009 में धूत ने NRPL के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया और अपने करीब 25000 शेयर दीपक कोचर को ट्रांसफर कर दिए. मार्च 2010 में NRPL को सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से लोन मिला जो कि धूत की ही कंपनी थी.

मार्च 2010 के आखिर तक सुप्रीम एनर्जी ने NRPL का अधिकतर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया. दीपक कोचर के पास 5 फीसदी शेयर ही रह गए. करीब 8 महीने बाद धूत ने सुप्रीम एनर्जी में अपनी सारी होल्डिंग अपने सहयोगी महेश चंद्र पुंगलिया के नाम कर दी. दो साल बाद पुंगलिया ने सुप्रीम एनर्जी में अपना सारा स्टेक दीपक कोचर की पिनेकल एनर्जी को 9 लाख रुपए में दे दिया.

2012 में दिया 3250 करोड़ का ऋण

अरविंद गुप्ता ने इंडिया टुडे से कहा, ‘हमें जानने की जरूरत है कि क्यों दीपक कोचर और धूत ने साझा उपक्रम बनाया और फिर धूत ने उसे छोड़ दिया. हमें जानने की जरूरत है कि मारिशियन कंपनी (डीएच रीन्यूएबल्स) के पीछे असल में कौन लोग हैं.’ गुप्ता के संदेह का कारण NRPL को उसी समय विदेशी फंड का बहुतायत में मिलना है.

ICICI बैंक ने करीब 4000 करोड़ रुपए ऋण के तौर पर वीडियोकोन ग्रुप को 2010 से 2012 के बीच दिए और डीएच रीन्यूएबल्स ने 325 करोड़ और 66 करोड़ रुपए NRPL में डाले. ICICI बैंक ने 3250 करोड़ 5 वीडियोकॉन कंपनियों को अप्रैल 2012 में दिए. इसके बाद केमेन आईलैंड्स की एक शैल कंपनी को 660 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया.

सेबी भी कस सकता है ICICI बैंक पर शिकंजा

आईसीआईसीआई बैंक के विवादों में घिरने के बीच बाजार नियामक सेबी ने देखना शुरू किया है कि कहीं इस मामले में सूचनाओं के प्रकाशन या कंपनी संचालन से जुड़ा कोई मामला तो नहीं बनता है.

इसी तरह वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज व इसके प्रवर्तक भी एक मामले में नियामक की निगाह में हैं. यह मामला आईसीआईसीआई बैंक व कुछ सार्वजनिक बैंकों के समूह द्वारा कंपनी को दिए गए कर्ज में कथित प्रतिदान से जुड़ा है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि नियामक ने निजी क्षेत्र के इस बैंक द्वारा बीते कुछ साल में किए गए विभिन्न खुलासों में शुरुआती जांच शुरू की है.

वहीं शेयर बाजार भी 2012 तक के कुछ सौदों के संबंध में हालिया रपटों के बारे में अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांग सकते हैं. उल्लेखनीय है कि आईसीआईसीआई बैंक देश का चौथा सर्वाधिक मूल्यवान बैंक है, जिसका बाजार पूंजीकरण लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये है.

ICICI ने चंदा कोचर का किया बचाव

ICICI बैंक के बोर्ड ने अपनी एमडी और सीईओ चंदा कोचर पर पूरा भरोसा जताया है. आईसीआईसीआई बैंक के अध्यक्ष एमके शर्मा ने शुक्रवार को अपनी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर के बचाव में उतरते हुए कहा कि बोर्ड को सीईओ पर पूरा भरोसा है.

साथ ही, उन्होंने वीडियोकॉन समूह को दिए लोन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज कर दिया है. शर्मा ने कहा कि बैंक ने कर्ज मंजूरी के लिए अपनी आंतरिक प्रक्रिया की समीक्षा की और उन्हें मजबूत पाया.

उन्होंने कहा कि बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि विभिन्न अफवाहों में लगाए गए आरोपों जैसी कोई गड़बड़ी/ भाई भतीजावाद/हितों का टकराव नहीं है. उन्होंने कहा कि बैंक और इसके शीर्ष प्रबंधन की छवि खराब करने के लिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं.

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भगत सिंह के केस से जुड़ी सभी फाइलें पाक में सार्वजनिक, दस्तावेजों से सामने आई एक अनोखी बात

शहीद भगत सिंह और उनके साथियों पर चल रहे मुकदमे और फांसी से जुड़ी सभी फाइलों को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने सार्वजनिक कर दिया है। इस केस से जुड़ी कुछ फाइलें हफ्ते की शुरआत में ही सार्वजनिक कर दी गई थीं। पंजाब सरकार ने भगत सिंह की फांसी के 87 साल गुजर जाने के बाद यह फैसला लिया था।

(वीडियो: पाक मीडिया रिपोर्ट)

भगत सिंह और उनके साथी सुखदेव व राजगुरु को ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स की हत्या में 23, मार्च, 1931 को लाहौर में फांसी दी गई थी। सार्वजनिक किए गए नए रिकार्ड में केस से जुड़ी खबरों की क्लिपिंग, सांडर्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सुखदेव व राजगुरु को फांसी देने का वारंट समेत ब्रिटिश पुलिस द्वारा सिंह और उनके साथियों के अड्डे पर छाप मारने में बरामद हुए पिस्टल व बुलेट की तस्वीरें समेत कई अन्य दस्तावेज शामिल हैं।

भगत सिंह द्वारा 27 अगस्त, 1930 को कोर्ट के फैसले की कॉपी मांगने के साथ सिंह की सजा के खिलाफ उनके पिता सरदार किशन सिंह की कोर्ट में दाखिल की गई याचिका को पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया था।

23 मार्च, 1931 को जेल निरीक्षक द्वारा बनाए गए मुत्यु प्रमाण पत्र को भी सार्वजनिक किया गया है। साथ ही जेल में किताबों और अखबार मुहैया कराने की मांग के लिए भगत सिंह के पत्र को भी आम नागरिकों के सामने प्रत्यक्ष किया गया है। कई दस्तावेज भगत सिंह के साथियों के ठिकानों पर ब्रिटिश पुलिस की छापेमारी से भी संबंधित हैं।

दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद भगत सिंह से जुड़ी एक अनोखी बात भी सामने आई है। सिंह अपने किसी भी पत्र में आपका आभारी या आज्ञाकारी लिखने की जगह आपका आदि, आदि लिखा करते थे। पंजाब के अभिलेख विभाग का कहना है कि अभी सिंह के केस से जुड़ी कुछ फाइलों को ही सार्वजनिक किया जा रहा है। बाकी दस्तावेज मंगलवार को सार्वजनिक किए जाएंगे।

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डेटा चोरी: भाजपा के आरोपों से घबराई कांग्रेस, गूगल प्ले स्टोर से हटाया अपना ‘एप’

राहुल गांधी द्वारा नमो ऐप पर लगाए गए डेटा शेयरिंग के आरोपों का अब भाजपा ने जवाब दिया है। भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की पार्टी की ऐप लोगों की अनुमति के बिना उनका डेटा सिंगापुर की फर्म के साथ शेयर कर रही है। भाजपा के इस पलटवार के बाद कांग्रेस ने प्ले स्टोर से अपना ऐप हटा दिया है।

मालवीय ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की है जिसमें उन्होंने साइट का डिस्क्लेमर शेयर करते हुए कांग्रेस पर लोगों का डेटा थर्ड पार्टी से शेयर करने के बात मानने को लेकर निशाना साधा है।

मालवीय ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘Hi! मेरा नाम राहुल गांधी है। मैं देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष हूं। जब आप हमारे आधिकारिक ऐप को साइन अप करेंगे तो हम आप से जुड़ा पूरा डेटा सिंगापुर के दोस्तों को दे देंगे।’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस को इस बात के लिए पूरे अंक जिसमें उसने पहले से कहा है कि वो यूजर की अनुमति के बिना उसकी जानकारी किसी को भी दे सकती है चाहे वो अनजाने वेंजर्स हों या वॉलेंटियर्स।

मालवीय ने अक अन्य ट्वीट में आरोप लगाया है कि ‘जब कांग्रेस कहती है कि वो आपका डेटा लाइक माइंडेड ग्रुप्स के साथ शेयर करेगी तो इसके प्रभाव गंभीर हो सकते हैं। इनमें माओवादियों के अलावा पत्थरबाज, भारत के टुकड़े गैंग, चीनी दूतावास के अलावा कैंब्रिंज एनालिटिका भी हो सकते हैं।’

बता दें कि इसके पहले रविवार को राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा था कि मेरा नाम नरेंद्र मोदी है। मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं। जब आप मेरे ऐप के लिए साइन अप करेंगे तो मैं आपका सारा डेटा अमेरिकी कंपनियों के दोस्तो को दूंगा।

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चाहे जो भी कर लो, बच नहीं पाओगे! Avengers Infinity War Official Trailor in Hindi

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Iron Man, Thor, the Hulk and the rest of the Avengers unite to battle their most powerful enemy yet — the evil Thanos. On a mission to collect all six Infinity Stones, Thanos plans to use the artifacts to inflict his twisted will on reality. The fate of the planet and existence itself has never been more uncertain as everything the Avengers have fought for has led up to this moment.

Now it’s time to watch the official Hindi Trailor of Avengers Infinity War

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भारत-वियतनाम के बीच परमाणु समेत 3 समझौते हुए, मोदी बोले- इंडो-पैसिफिक के लिए मिलकर काम करेंगे

पीएम नरेन्द्र माेदी और वियतनाम के प्रेसिडेंट त्रान दाई क्‍वांग के बीच बात-चीत के बाद शनिवार को दोनों देशों ने परमाणु सहयोग समेत तीन समझौतों पर दस्तखत किए। इस दौरान नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमने फैसला किया है कि डिफेंस प्रोडक्शन में आपसी सहयोग बढ़ाने के साथ टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान की संभावनाआें की तलाश करेंगे। भारत के आसियान देशों से संबंध और एक्ट ईस्ट पॉलिसी के फ्रेमवर्क में वियतनाम महत्वपूर्ण स्थान रखता है। बता दें कि क्‍वांग तीन दिन के भारत दौरे पर आए हैं। शनिवार को दिल्ली पहुंचने पर राष्ट्रपति भवन में उनको गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

किन क्षेत्रों में हुए समझौते?
– एटॉमिक एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग
– इकोनाॅमिक एंड ट्रेड क्षेत्र में सहयोग
– टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान और एग्रीकल्चर से जुड़े फील्ड में टेक्नीकल एक्सपर्ट्स की विजिट में सहयोग

मोदी ने और क्या कहा?
– नरेन्द्र मोदी ने कहा, “हम मिलकर ऐसे खुले, आजाद और समृद्ध इंडो-पैसिफिक एरिया के लिए काम करेंगे, जहां संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय कानून का पूरा सम्मान किया जाएगा।”
– मोदी ने कहा, “भारत और वियतनाम रिन्यूएवल एनर्जी (हाइड्रो एनर्जी, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल-विद्युत ऊर्जा, बायोमास, जैव ईंधन) एग्रीकल्चर, टेक्सटाइल, तेल और गैस समेत अन्य क्षेत्रों में अपने रिश्ते और मजबूत करेंगे।”
– मोदी ने कहा, “हम न केवल गैस और तेल के सेक्टर में द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाएंगे, बल्कि अन्य देशों के साथ मिलकर त्रिपक्षीय संबंधों को भी आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

बिजनेस 15 अरब डॉलर तक बढ़ाने पर बनी सहमति
-विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रवीश कुमार ने ट्वीट किया है कि भारत और वियतनाम का 2016-17 में बिजनेस 6.24 अरब डॉलर रहा। दोनों देशों के बीच बिजनेस को 2020 तक 15 अरब डॉलर तक बढ़ाने पर सहमति बनी है।

शुक्रवार को भारत पहुंचे थे क्वांग
– प्रेसिडेंट त्रान दाई क्‍वांग शुक्रवार को भारत पहुंचे। इसके बाद वे बौद्धों के पवित्र तीर्थस्थल बिहार के बोधगया गए।
– शनिवार सुबह क्वांग का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान प्रेसिडेंट रामनाथ कोविंद और नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। क्वांग ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी दी।

– वहीं, समझौतों से पहले क्‍वांग ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी मुलाकात की।

– प्रेसिडेंट क्‍वांग के साथ अाए प्रतिनिधिमंडल में वियतनाम के वाइस प्रेसिडेंट और विदेश मंत्री फाम बिन मिन्ह के अलावा कई मंत्री शामिल हैं। इनके साथ एक कारोबारी शिष्टमंडल भी है।