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अब ट्रेन की लोकेशन भी बताएगा गूगल, जानें अन्य नई सुविधाओं के बारे में

Google for India Edition 4 इवेंट में गूगल के भारत के भविष्य के प्लान्स के बारे में कई घोषणाएं की गई हैं। जिनमें गूगल सर्च और मैप्स के साथ ही पेमेंट सिस्टम्स के बारे में कई घोषणाएं शामिल हैं। गूगल के सीनियर इंजीनियरिंग डायरेक्टर प्रवीर गुप्ता ने बताया कि गूगल असिस्टेंट अब मराठी भाषा को भी सपोर्ट करेगा। आइए, जानते हैं गूगल की बड़ी घोषणाओं के बारे में

गूगल तेज का नाम बदला

प्रवीर गुप्ता ने आगे कहा, Google असिस्टेंट जल्द ही अन्य 7 भाषाओं को भी सपोर्ट करेगा। इतना ही नहीं, आप अब अपने Google असिस्टेंट पर ट्रेन की लोकेशन भी जान सकते हैं। गूगल तेज ऐप का नाम बदलकर ”गूगल पे” रखा गया है। Google ने हाल में घोषणा की थी कि ”Tez” ऐप के डाउनलोड की संख्या 5 करोड़ पार कर गई है। Google के इस सालाना इवेंट में मैप्स और असिस्टेंट में भी कुछ खास फीचर जोड़ा सकता है।

भारत में अपार संभावनाएं

गूगल के वाइस प्रेसिडेंट सेल्स एंड ऑपरेशन (साउथ ईस्ट एशिया) राजन आनंदन ने कहा, भारत में इस समय 400 मिलियन इंटरनेट यूजर्स हैं, जिसमें 45 फीसद महिलाएं हैं। भारत में गूगल के लिए अपार संभावनाएं हैं।भारत में वॉयस सर्च करने के मामले में 270 फीसद की वृद्धि देखी गई है। हमारा लक्ष्य अगले 2 वर्षों में 500 मिलियन तक पहुंचने की है। हम इसलिए भारतीय भाषाओं में सर्च के ऑप्शन को बढ़ा रहे हैं।

50 फीसद से ज्यादा सर्च करने वाले यूजर्स बढ़े

आनंदन ने आगे कहा, भारत में कई यूजर्स अब गूगल पर सर्च करके अपने जवाब पा रहे हैं। पिछले 12 महीने में हर दिन मोबाइल पर 50 फीसद से ज्यादा बार भारतीय यूजर्स कुछ न कुछ सर्च कर रहे हैं।

प्रोजेक्ट नवलेखा की शुरुआत

गूगल ने इस इवेंट में अपने ”प्रोजेक्ट नवलेखा” की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के तहत अब पब्लिशर्स अपने कंटेंट को ऑनलाइन पब्लिश कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत देश के 1,35,000 भारतीय पब्लिशर्स को डिजिटाइज्ड किया जाएगा।

एंड्रॉइड गो में जोड़े दो नए फीचर्स

गूगल के एंड्रॉइड गो में दो नए फीचर्स जोड़े गए है। अब गो यूजर्स दो भाषाओं में न्यूज फीड और ऑडियो प्लेबैक के द्वारा आर्टिक्ल्स चुन सकेंगे। बाद में इस फीचर में अंग्रेजी और हिंदी के अलावा कई भारतीय भाषाओं जैसे मराठी, मलयालम आदि को जोड़ा जाएगा।

वॉयस असिस्टेंट अब भारतीय भाषाओं में करेगा काम

गूगल का वॉयस असिस्टेंट अब हिंदी और अंग्रेजी के अलावा मराठी भाषा को भी सपोर्ट करेगा। इसके साथ ही कंपनी वॉयस असिस्टेंट के साथ 7 अन्य भाषाओं को भी जो़ड़ेगा।

मैप्स गो ऐप में जोड़ा गया टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन फीचर

गूगल के मैप्स गो ऐप के साथ टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन फीचर को जोड़ा गया है। गूगल मैप्स के इस लाइट वर्जन में अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ भी वॉयस नेविगेशन फीचर काम करेगा। इसके अलावा कोलकाता के लाखों लोगों के लिए प्लस कोड भी प्रोवाइड करेगा।

400 से ज्यादा एंड्रॉइड गो स्मार्टफोन इस साल होंगे लॉन्च

सैमसंग के फ्लैगशिप वाला गैलेक्सी J2 कोर स्मार्टफोन एंड्रॉइड गो ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन करेगा। सैमसंग का यह पहला स्मार्टफोन होगा जो गूगल के एंड्रॉइड गो को सपोर्ट करेगा। इस साल के अंत तक 400 से ज्यादा एंड्रॉइड गो ऑपरेटिंग सिस्टम वाला स्मार्टफोन लॉन्च किया जाएगा।

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कई जानलेवा बीमारियों के इलाज में रामबाण है मशरूम

अमेरिका की पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मार्गरीटा टी कैंटोर्न के अनुसार, यह निष्कर्ष चूहों पर किए गए अध्ययन के आधार पर निकाला गया है। चूहों को ह्वाइट बटन मशरूम खाने को दिया गया। इससे उनके गट (आंत) माइक्रोब्स के संयोजन में बदलाव देखने को मिला। इससे शॉर्ट चेन फैटी एसिड और खासतौर पर सुचिनेट एसिड की ज्यादा उत्पत्ति हुई। यह जाहिर हो चुका है कि सुचिनेट और प्रोपियोनेट ग्लूकोज उत्पत्ति को नियंत्रित करने वाले जीन में बदलाव कर सकते हैं।

कैंसर के लिए मशरूम
मशरूम का सेवन करने से प्रोस्‍टेट और ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाव होता है। क्योंकि इसमें बीटा ग्‍लूकन और कंजुगेट लानोलिक एसिड होता है जो कि एक एंटी कासिजेनिक प्रभाव छोड़ते हैं। कई शोध भी इस बात का समर्थन करती हैं कि मशरूम में मौजूद तत्व कैंसर के प्रभाव को कम करते हैं।

मशरूम है मधुमेह रोगियों के लिए उत्तम आहार
मधुमेह रोगियों के लिए मशरूम उत्तम आहार माना जाता है। मशरूम में शर्करा (0.5 प्रतिशत) और स्टार्च की मात्रा बहुत कम होते हैं। इनमें वो सब कुछ होता है जो किसी मधुमेह रोगी को चाहिये। मशरूम में विटामिन, मिनरल और फाइबर होते हैं। साथ ही इमसें फैट, कार्बोहाइड्रेट और शुगर भी नहीं होती, जो कि मधुमेह रोगी के लिये जानलेवा है। यह शरीर में इनसुलिन के निर्माण में भी मदद करता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक मशरूम में वसा भी नहीं होती, इसलिए मोटापे से बचाने के लिए भी इसका सेवन लाभप्रद होता है। इसके साथ मोटापे से ग्रस्‍त लोगों के लिए भी यह उपयोगी आहार है। मशरूम की सभी किस्में कैंसर, एचआईवी तथा अन्य खतरनाक बीमारियों में भी फायदेमंद पाई गई हैं।

हृदय रोगों से बचाव
मशरूम में हाइ न्‍यूट्रियंट्स पाये जाते हैं, इसलिये ये दिल के लिये भी अच्‍छे होते हैं। साथ ही मशरूम में कुछ प्रकार के एंजाइम और रेशे पाए जाते हैं जो हमारे कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम करते हैं।

मैटाबॉलिज्‍म करे मजबूत
मशरूम में विटामिन ‘बी’ होता है जो कि भोजन को ग्‍लूकोज़ में बदल कर ऊर्जा पैदा करता है। विटामिन बी-2 और बी-3 भी मैटाबॉलिज्‍म को दुरुस्त रखते हैं। इसलिए मशरूम खाने से मैटाबॉलिज्‍म बेहतर बना रहता है।

पेट के विकार करे दूर
ताजे मशरूम में पर्याप्त मात्रा में रेशे (लगभग 1 प्रतिशत) व कार्बोहाइड्रेट तन्तु होते हैं, इसका सेवन करने से कब्ज, अपचन, अति अम्लीयता सहित पेट के विभिन्न विकारों से बचाव होता है। साथ ही इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्राल एवं शर्करा का अवशोषण भी कम होता है।

हीमोग्लोबिन रखे ठीक
मशरूम का सेवन रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाये रखता है। इसके अलावा इसमें बहुमूल्य फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है जो केवल मांसाहारी खाध पदार्थो में होता है। अत: लौह तत्व एवं फोलिक एसिड के कारण यह रक्त की कमी की शिकार अधिकांश शाकाहारी ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों के लिये ये सर्वोत्तम आहार है।

कुपोषण से बचाएं
मशरूम गर्भवस्था, बाल्यावस्था, युवावस्था तथा वृद्धावस्था तक सभी चरणों में उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन, खनिज, वसा तथा कार्बोहाइड्रेट बाल्यावस्था से युवावस्था तक कुपोषण से बचाते हैं। इसलिए डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं।

विटामिन से भरपूर है मशरूम
मशरूम की सब्‍जी हर किसी को पसंद होती है और भला हो भी क्यों ना, यह स्वास्थ्यवर्धक एवं औषधीय गुणों से युक्त है, यह आसानी से पाचक भी है और बीमारियों को दूर करने में भी मददगार है। इसमें एमीनो एसिड, मिनरल, विटामिन जैसे पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। छतरी के आकार के मशरूम को चीन में महा औषधि तो रोम के लोग इसे र्इश्वर का आहार मानते हैं। पौष्टिकता की दृष्टि से मशरूम शाकाहारी एवं मांसाहारी दोनों के भोजन में अहम स्थान रखता है।

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Black Buck Poaching Case: सलमान खान को 5 साल की सजा

सुपरस्टार सलमान खान को आज (पांच अप्रैल) तगड़ा झटका लगा है। काले हिरण (ब्लैक बक) के शिकार मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। कोर्ट में उन्हें पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सजा के ऐलान के बाद सलमान को कोर्ट से सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया। आज की रात सलमान यहीं गुजारेंगे। चूंकि सजा की समयावधि तीन साल से अधिक है। ऐसे में उन्हें जमानत सिर्फ सेशन कोर्ट से ही मिलेगी। वक्त की कमी के कारण सेशन कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। शुक्रवार (छह अप्रैल) को अब इस पर सुनवाई होगी।

कोर्ट ने सजा का फैसला सुनाने के लिए लंच ब्रेक भी नहीं लिया, जो कि डेढ़ बजे होना था। कोर्ट ने इस मामले में अन्य आरोपियों (सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम) को बरी कर दिया। काले हिरण शिकार मामले में 20 साल बाद सलमान को सजा का ऐलान हुआ है। राजस्थान के जोधपुर कोर्ट में सीजेएम देव कुमार खत्री ने इस मामले में उन्हें दोषी करार दिया। सलमान इससे पहले इस संबंध में अपने होटल से कोर्ट के लिए रवाना हुए थे। वे कोर्ट पहुंच थे, जहां कार्रवाई शुरू हुई थी। सलमान यहां के ताज हरि महल होटल में ठहरे थे। उनके अलावा फैसले के लिए बॉलीवुड एक्टर सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम भी जोधपुर पहुंचे थे।

आपको बता दें कि कांकाणी काला हिरण शिकार केस साल 1998 का है। सलमान समेत पांच बॉलीवुड सितारों पर इस मामले में दो काले हिरणों का शिकार करने का आरोप है। अन्य कलाकारों में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम पर भी आरोप था। ये कलाकार उस दौरान हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के लिए जोधपुर में थे।

यहां पढ़िए Salman Khan Blackbuck Poaching Case Verdict UPDATES

– सजा के ऐलान पर सलमान के वकील ने सेशन कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी है। लेकिन आज उस पर सुनवाई होना मुश्किल माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कोर्ट के पास वक्त की कमी है। ऐसे में आज की रात सलमान को जेल में ही गुजारनी पड़ेगी।

– पुलिस हिरासत में सलमान को कोर्टरूम से बाहर लाया गया, जिसके बाद उन्हें जेल की ओर लेकर जाया जा रहा है। सलमान की गाड़ी व पुलिस की अन्य गाड़ियों का काफिला निकालने के लिए रास्ता खाली कराया गया था।

– सलमान को सजा के ऐलान के बाद उनके वकील सेशन कोर्ट जाना चाहते हैं। लेकिन वहां सुनवाई होना मुश्किल नजर आ रहा है। अगर आज सुनवाई नहीं हुई तो सल्लू को जेल में रात गुजरनी पड़ेगी। जेल ले जाने के पहले सलमान का मेडिकल कराया जाएगा।

– सलमान को जेल भेजने की तैयारियां हो चुकी हैं। उन्हें सेंट्रल जेल ले जाने के लिए वैन बुलाई गई है। जेल के बैरक नंबर एक या दो में से किसी एक में उन्हें रखा जाएगा। ये दोनों ही बैरक इसी बाबत खाली करा लिए गए हैं।

– सलमान को 5 साल की सजा सुनाए जाने के उनकी बहनें बुरी तरह रोने लगीं। पुलिस ने उन्हें सलमान से अलग कर दिया है। इस दौरान सलमान की आंखों में भी आंसूं छलक उठे थे। अब सलमान को सीधे जेल ले जाया जाएगा, जबकि कोर्ट के बाहर ‘सलमान हाय-हाय’ के नारे लग रहे हैं।

– सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सजा के रूप में अगर सलमान को जेल हुई तो वह जोधपुर जेल नहीं जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से उन्हें उदयपुर भेजा जा सकता है।

– दोषी करार दिए जाने के बाद सलमान तनाव में नजर आए। उनके चेहरे पर शिकन देखते बन रही थी। बता दें कि कोर्टरूम में ठीक डेढ़ बजे लंच होता है। सलमान को सजा के ऐलान के लिए इसे स्थगित कर दिया गया। कोर्टरूम में फिलहाल फैसले की फोटोकॉपी आने का इंतजार हो रहा है। सलमान इस दौरान अपने वकील से बात कर रहे हैं।

– काला हिरण शिकार केस में बरी हुईं आरोपी नीलम के पति समीर सोनी ने इस बारे में एक न्यूज चैनल से बातचीत की। उन्होंने कहा, “जो बरी हुए उनके लिए खुशी है, मगर सलमान के दोषी ठहराए जाने पर मुझे निराशा हाथ लगी।”

– बिश्नोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवड़ ने कहा, “हम फैसले का आंकलन कर रहे हैं। हमारी मांग है कि बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ एक याचिका दायर की जाए और सलमान को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”

– काला हिरण शिकार मामले में सलमान को तीन साल से कम की सजा हुई तो इसी कोर्ट से जमानत मिल जाएगी। अगर तीन साल से अधिक की सजा हुई, तब सुपरस्टार को सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

– सुपरस्टार सलमान इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं। वह सजा का ऐलान होने से पहले कोर्ट परिसर को छोड़कर नहीं जा सकते हैं। सजा के फैसले की कॉपी की फोटो-स्टेट कराई जा रही है।

– जज साहब कोर्टरूम में लौट आए हैं। सलमान के लिए सजा लिखी जा चुकी है। कभी भी इसका ऐलान किया जा सकता है। हालांकि, सरकारी वकील इसके ऐलान होने में आधा घंटा बता रहे हैं।

– सजा के ऐलान को लेकर कोर्ट परिसर के बाहर भारी सुरक्षबल तैनात किया गया है। वहीं, बरी किए गए सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम मुंबई के लिए रवाना हो रहे हैं। वे दोपहर एक बजकर मिनट की फ्लाईट से निकलेंगे।

– सलमान को दोषी करार दिए जाने के दौरान बहन अलवीरा भी कोर्टरूम में थीं। वह इस वक्त कोर्टरूम में हैं। फैसले के बाद वह बेहद दुखी हैं और बुरी तरह से रो रही हैं।

– जज कोर्टरूम में लौट आए हैं। सलमान भी यहीं मौजूद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोपहर दो बजे तक सलमान को सजा का ऐलान हो जाएगा। वहीं, सैफ अली खान कोर्ट से बाहर निकल चुके हैं।

– सलमान की सजा पर बहस पूरी हो गई है। जज थोड़ी देर के लिए अपने चैंबर में गए हैं। थोड़ी देर बाद सलमान को सजा सुनाई जाएगी।

– सरकारी वकील ने कहा कि सलमान आदतन अपराधी हैं। उन्हें अधिक से अधिक सजा मिलनी चाहिए। जवाब में सलमान के वकील ने पूछा है कि बाकी लोगों को बरी कर दिया गया है। ऐसे में सलमान को ही दोषी क्यों ठहराया गया है?

– काला हिरण शिकार केस में बरी हुए सैफ, नीलम, तब्बू और सोनाली कोर्ट के दूसरे कमरे में मौजूद है। वहीं, सलमान की सजा पर अभी भी बहस जारी है। सलमान इस दौरान कोर्टरूम में अकेले हैं।

– सलमान कोर्टरूम में शांत बैठे हैं। वह अपना चेहरा नीचे किए हुए हैं। वहीं, उनके वकील उनके लिए कम से कम सजा की मांग कर रहे हैं। कोर्ट में वह सलमान को तीन साल से कम की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

– अब सलमान की सजा पर बहस शुरू हो गई है। सुपरस्टार को तीन साल की सजा पर इसी कोर्ट से जमानत मिल सकती है। सल्लू को एक से छह साल तक की सजा का ऐलान हो सकता है। सलमान पर इस मामले में 50 हजार रुपए का जुर्मान भी लग सकता है।

– काला हिरण शिकार मामले में सलमान के अलावा अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं, सल्लू को दोषी करार दिया गया है।

– सलमान के अलावा बाकी मामले में आरोपी बाकी कलाकार कोर्टरूम के अंदर मौजूद हैं। जज भी कोर्टरूम के भीतर हैं। थोड़ी देर में वह अपना फैसला सुनाएंगे। कोर्ट की कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

Blackbuck Poaching Case: काला हिरण शिकार मामले पर फैसले को लेकर जोधपुर कोर्ट के अंदर जाते एक्टर सलमान खान। (फोटोः पीटीआई)

– सलमान खान अपने होटल से कोर्ट पहुंच चुके हैं। उनके पीछे पीछे-पीछे सैफ और नीलम भी कोर्ट पहुंचे। इनके बाद तब्बू और सोनाली बेंद्रे भी आ गई हैं।

– सलमान होटल से कोर्ट के लिए निकल चुके हैं। उनके अलावा बहनें भी कोर्ट के लिए रवाना हुई हैं। अर्पिता और अलवीरा कोर्ट परिसर में पहुंच गई हैं।

– मामले पर फैसले को लेकर सुपस्टार सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने पूजा-अर्चना की है और उनके बरी होने के लिए दुआएं मांगी हैं। बुधवार (तीन अप्रैल) को कटरीना रैफ मुंबई में सिद्धीविनायक मंदिर सलमान के लिए दुआ मांगने गई थीं।

– काला हिरण शिकार केस पर फैसला आने के लेकर जोधपुर कोर्ट के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। सैफ, नीलम और सोनाली के वकीलों का कहना है कि अगर वे दोषी पाए गए तो सभी को बराबर की सजा मिले। अधिकतम सजा छह साल के लिए होगी, जबकि न्यूनतम सजा एक साल है।

क्या है 1998 का काला हिरण शिकार केस? आरोप था कि तब एक और दो अक्टूबर की रात सलमान समेत सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम देर रात लूणी थाना क्षेत्र के कांकाणी गांव पहुंचे थे। यहां इन्होंने दो काले हिरणों का शिकार किया था। ये सभी कलाकार उस दौरान जीप में बैठे थे। हिरणों के झुंड पर सलमान ने गोली चलाई थी, जिसके लिए उन्हें अन्य सितारों ने उकसाया था। गोली चलने के बाद आवाज सुनकर ग्रामीण वहां जुटे थे। ऐसे में सलमान दो मृत हिरणों को छोड़कर वहां से गाड़ी सहित फरार हो गए थे। बता दें कि काला हिरण लुप्तप्राय जाति है और इसके शिकार पर रोक है। बीते दिनों इस मामले पर सुनवाई होने के बाद जोधपुर ग्रामीण जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खन्नी ने फैसला सुरक्षित रखा था।

सलमान पर वन्य जीव संरक्षण की धारा 9/51 में आरोप लगे हैं, जबकि सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम पर वन्य जीव संरक्षण की धारा 9/52 व भारतीय दंड संहिता की धारा 149 के अंतर्गत आरोप हैं। सलमान व अन्य सितारों को अगर सजा होगी तो उन्हें वाल्ड लाइफ एक्ट 9/51 और 9/52 के तहत एक साल से छह साल तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है। याद दिला दें कि संरक्षित जानवरों के शिकार से संबंधित तीन मामलों में दो बार सलमान खान जेल जा चुके हैं। साल 2006 और 2007 में उन्हें जोधपुर जेल की हवा खानी पड़ी थी।

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SBI को छोड़ सभी सरकारी बैंकों पर भारी पड़ा बंधन बैंक, लिस्टिंग का मिला फायदा

कोलकाता की प्राइवेट सेक्टर की बंधन बैंक ने मार्केट कैप के मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को छोड़ सभी सरकारी बैंकों को पीछे छोड़ दिया। मंगलवार को बंधन बैंक की स्टॉक मार्केट में शानदार एंट्री हुई। बंधन बैंक का स्टॉक एनएसई पर 33 फीसदी प्रीमियम के साथ 499 रुपए पर लिस्ट हुआ। वहीं बीएसई पर स्टॉक 29.33 फीसदी प्रीमियम के साथ 485 रुपए पर लिस्ट हुआ। शुरुआती कारोबार में बीएसई पर स्टॉक 494.80 के हाई पहुंचा। हाई प्राइस बंधन बैंक मार्केट कैप 58,888.78 करोड़ रुपए हो गया।

21 सरकारी बैंकों पर पड़ा भारी

हाई प्राइस बंधन बैंक मार्केट कैप 58,888.78 करोड़ रुपए हो गया। मार्केट कैप के लिहाज से बंधन बैंक देश की 22 सरकारी बैंकों में 21 बैंकों से आगे निकल गई। बंधन बैंक देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से पीछे है जिसका मार्केट कैप 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। सरकारी बैंकों में पीएनबी, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, यूनियन बैंक, ओरिएंटल बैंक शामिल है।

प्राइवेट बैंकों के मार्केट कैप के लिहाज से बंधन बैंक सातवें नंबर पर पहुंच गई है। इससे आगे एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और यस बैंक है।

14.6 गुना भरा था आईपीओ

– बंधन बैंक के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। बंधन बैंक का आईपीओ 15 मार्च को खुला था और 19 मार्च 2018 को बंद हुआ था।
– बंधन बैंक का आईपीओ 14.6 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
– क्यूआईपी हिस्सा 38.67 गुना भरा। वहीं एचएनआई हिस्से को 13.89 गुना बिड मिली।
– बंधन बैंक ने आईपीओ के लिए 370-375 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।

बैंक का बिजनेस

– बंधन बैंक लिमिटेड बैंकिंग और फाइनेंशियल कंपनी है। माइक्रो फाइनेंस कंपनी के रूप में यह शुरू हुआ था जिसे करीब 3 साल पहले बैंकिंग लाइसेंस मिला है। कंपनी का मार्केट कैप 45000 करोड़ रुपए है। इस फाइनेंशियल में कंपनी को 1500 करोड़ प्रॉफिट की उम्मीद है। पिछले 2 फाइनेंशियल से बैंक को अच्छा मुनाफा हो रहा है।

– 31 दिसंबर 2017 तक बंधन बैंक के 887 ब्रांच और 430 एटीएम हैं और उसके 21.3 लाख कस्टमर्स हैं। ईस्ट और नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के साथ बंगाल, असम और बिहार में बैंक का डिस्ट्रीब्यून नेटवर्क मजबूत है।

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विपक्ष के बर्हिगमन के बीच विधानसभा में UP-COCA विधेयक पारित

विपक्ष के व्यापक विरोध और सदन से बर्हिगमन के बीच विधानसभा में उत्तर प्रदेश संगठित अपराध निरोधक विधेयक (यूपीकोका)आज एक बार फिर पारित हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधेयक पेश करते हुए इसे राज्य की कानून व्यवस्था के लिये जरुरी बताया, जबकि विपक्ष का कहना था कि यह विधेयक लोकतंत्र विरोधी है और इसका जमकर दुरुपयोग किया जायेगा। विपक्ष का कहना था कि विधेयक में कई खामियां हैं, इसलिये इसे विधानसभा की प्रवर समिति को सौंप दिया जाये। इससे पहले विधानसभा से गत 21 दिसंबर को विधेयक पारित होने के बाद विधान परिषद भेजा गया था।

परिषद ने विधेयक को प्रवर समिति के हवाले कर दिया था। प्रवर समिति से बिना संशोधन के विधेयक परिषद वापस कर दिया गया था। परिषद में विपक्ष का बहुमत होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। इसलिये सरकार ने आज इसे फिर सदन में पेश किया। विपक्ष के व्यापक विरोध के बीच यूपीकोका विधेयक पारित हो गया।

विधेयक के पारित होने के बाद अब इसे मंजूरी के लिये राज्यपाल रामनाईक के पास भेजा जायेगा। अगर जरूरी हुआ तो राज्यपाल विधेयक को राष्ट्रपति के पास भी संदर्भित कर सकते है। सरकार का दावा है कि यूपीकोका से भूमाफिया, खनन माफिया समेत अन्य संगठित अपराधों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। सफेदपोशों को बेनकाब करने वाले इस कानून में 28 ऐसे प्रावधान है जो गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) का हिस्सा नही थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीकोका के जरिये फिरौती के लिये अपहरण,अवैध खनन, अवैध शराब की बिक्री, बाहुबल के बूते ठेकों को हथियाना, वन क्षेत्र में अतिक्रमण और वन संपत्तियों का दोहन,वन्य जीवों का शिकार और बिक्री, फर्जी दवाओं का कारोबार, सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जा, रंगदारी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लग सकेगा। इसके जरिये संगठित अपराध करने वाले लोगों की मदद करने वालों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।

योगी ने कहा कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ यह कानून प्रभावी होगा। पांच वर्ष में एक से अधिक मामलों में जिसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल होंगें, उन्हीं पर यह कानून लागू होगा। यूपीकोका लगाने से पहले पुलिस महानिरीक्षक या उपमहानिरीक्षक से अनुमोदन लेना जरुरी होगा। इसमें अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने से पहले भी इन्हीं अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।

उन्होंने कहा कि इस कानून का दुरुपयोग रोकने के लिये उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अपील प्राधिकरण बनाया जायेगा। इसमें प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी सदस्य होगा। इसके लिये प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय निगरानी समिति का भी गठन किया जायेगा। ऐसी ही समिति जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि इस कानून का कोई दुरुपयोग नहीं कर सकता। हाँ, समाज की व्यवस्था और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये एक साल में किये गये कार्यों का सिलसिलेवार ब्याैरा दिया।

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चीन का अमेरिका को जवाब, 100 से ज्यादा अमेरिकी उत्पादों पर बढ़ायेगा शुल्क

अमेरिका के इस्पात एवं एल्युमीनियम पर शुल्क का जवाब देने के लिए चीन ने शुक्रवार को सूअर के मांस (पोर्क) और पाइप सहित अन्य अमेरिकी उत्पादों पर उच्च शुल्क लागू करने की योजना जारी की. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि इस कदम के तहत सूअर के मांस, वाइन (शराब) और स्टील की पाइपों समेत 128 अमेरिकी उत्पादों से शुल्क रियायतें हटायी जायेंगी.

मंत्रालय के मुताबिक, इन उपायों में फल, अखरोट, वाइन (शराब) और इस्पात की पाइपों समेत अन्य उत्पादों पर 15 प्रतिशत शुल्क एवं सूअर के मांस तथा पुनरावर्तित एल्युमीनियम उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क शामिल होगा. ये उपाय दो चरणों में लागू किये जायेंगे.

सरकारी समचार एजेंसी शिन्हुआ ने मंत्रालय के हवाले से कहा कि यदि दोनों देश तय समय के भीतर व्यापार से जुड़े मामलों पर समझौता नहीं करते हैं तो पहले चरण में 15 प्रतिशत शुल्क लगाया जायेगा. वहीं, दूसरे चरण में, अमेरिकी नीतियों के प्रभाव का मूल्यांकन करने के बाद 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जायेगा.

चीन का यह कदम अमेरिका के उस निर्णय का पलटवार माना जा रहा है, जिसमें उसने इस्पात आयात पर 25 प्रतिशत और एल्युमीनियम आयात पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगाया है. इस फैसले से कनाडा और मेक्सिको को शुरुआती छूट मिली है. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कल कहा था कि वह अपने हितों और अधिकारों के बचाव के लिए ‘सभी आवश्यक कदम’ उठायेगा.

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ये है भैयाजी जोशी के फिर से सरकार्यवाह बनने के पीछे की कहानी

तमाम कयासों के बाद आज आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक में 70 साल के भैयाजी जोशी को चौथी बार सर्वसम्मति से सरकार्यवाह चुना गया. भैयाजी जोशी 2009 से सरकार्यवाह की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

शनिवार को दोपहर 3.40 बजे  सरकार्यवाह के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई. मध्य क्षेत्र के अशोक सोनी को चुनाव अधिकारी बनाया गया. पश्चिम क्षेत्र के जयंती भाई भदेसिया ने भैयाजी के कार्यकाल में जो काम हुए उसका उल्लेख करते भैयाजी जोशी का नाम फिर से सरकार्यवाह के लिए प्रस्तावित किया. उसके बाद जयंती भाई भदेसिया के प्रस्ताव का विरेंद्र सिंह पराक्रमदित्य, दक्षिण क्षेत्र रजेंद्रन, विठ्ठल जी और उमेश चक्रवर्ती ने समर्थन किया.

मजेदार बात ये है कि भैयाजी जोशी के अलावा किसी और उम्मीदवार ने अपनी दावेदारी पेश नहीं की और प्रतिनिधि सभा ने सर्वसम्मति से भैयाजी जोशी को एक बार फिर से 3 साल के लिए सरकार्यवाह के लिए चुन लिया.

हर तीन साल में नागपुर में होने वाली बैठक में सरकार्यवाह का चुनाव होता है. सूत्रों की माने तो संघ के कुछ नेता चाहते थे कि इस बार सरकार्यवाह भैयाजी जोशी की जगह सहसरकार्यवाह दत्रात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह की जिम्मेदारी दी जाए. लेकिन दूसरी तरफ संघ प्रमुख मोहन भागवत और संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी चाहते थे कि भैयाजी जोशी को एक और सरकार्यवाह का कार्यकाल देना चाहिए.

पिछली बार की ही तरह भैयाजी जोशी ने सरकार्यवाह के चुनाव में भावुक भाषण दिया और कहा कि दो बार से मैं कह रहा हूं कि मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए और यंग ब्लड को आगे लाकर जिम्मेदारी दी जाये. तब आप लोगों ने मेरी बात को नहीं माना लेकिन इस बार मान लीजिए. लेकिन भैयाजी जोशी के कहने के बाद भी प्रतिनिधि सभा ने सर्वसम्मति से उनको ही सरकार्यवाह चुना.

2015 में प्रतिनिधि सभा की बैठक में सरकार्यवाह के चुनाव के समय भैयाजी जोशी के स्वास्थ को लेकर संघ के वरिष्ठ नेताओं को चिंता थी लेकिन उसके बावजूद, उन्हें ही तीसरी बार सरकार्यवाह की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

सूत्रों की माने तो संघ के कई नेताओं का मानना है कि सहसरकार्यवाह दत्रात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह की ज़िम्मेदारी दी तो वो वैसी ही परिस्तिथि पैदा होगी जैसी अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के समय में केसी सुदर्शन संघ प्रमुख और मोहन भागवत सरकार्यवाह के रहते समय आयी थी. सुदर्शन पद में बड़े जरूर थे, लेकिन वो उम्र और तजुर्बे में कम थे. इस बार संघ नहीं चाहता था कि दोबारा ऐसी समस्या खड़ी हो.

सूत्रों की मानें तो दत्तात्रेय होसबोले को संघ के कई बड़े नेता इसीलिए सरकार्यवाह बनाने के पक्ष में नहीं थे क्योंकि उनका इतिहास संघ के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का रहा है और संघ में हमेशा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को एक राजनीतिक संगठन के तौर पर ही देखा जाता है. दत्तात्रेय होसबोले की ही तरह का इतिहास कभी संघ के सह सरकार्यवाह रहे मदनदास देवी का भी रहा है.

दत्तात्रेय होसबोले की ही तरह मदनदास देवी में सरकार्यवाह बनने की योग्यताएं थीं लेकिन उसके बाद भी उन्हें सरकार्यवाह की जिम्मेदारी नहीं दी गई. सूत्रों की मानें तो दत्तात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह नहीं बनाने के पीछे एक बड़ी वजह ये भी है कि मोदी सरकार और बीजेपी संगठन में उनके अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समकालीन जुड़े नेता से अच्छे रिश्ते भी हैं.

मतलब साफ है कि संघ भले ही परदे के पीछे से राजनीति से जुड़ा हो लेकिन अभी संघ अपने दो सर्वोच्च पदों को राजनीति से जुड़ाव रखने वाले अपने नेताओं को ये पद नहीं देना चाहता था.

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SOCIAL FEED: ‘आख़िरकार एक विश्व कप, राहुल द्रविड़ के नाम’

भारतीय टीम के अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जीतने पर बधाइयों का सिलसिला जारी है.

सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है. ट्विटर पर टॉप-10 में से नौ ट्रेंड भारतीय टीम की जीत से जुड़े हैं.

बहुत सारे लोग इस जीत का श्रेय टीम के प्रदर्शन के साथ साथ कोच राहुल द्रविड़ को भी दे रहे हैं.

जीत के बाद मैदान पर भारतीय टीम ने इस तरह जश्न मनाया.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सीनियर टीम के कप्तान विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, कई खिलाड़ियों और सिने सितारों ने भी भारतीय टीम को जीत की बधाई दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा,

“हमारे नौजवान क्रिकेटरों की विलक्षण उपलब्धि से बहुत प्रसन्न हूं. अंडर-19 विश्व कप जीतने पर उन्हें बधाई. इस जीत से प्रत्येक भारतीय गर्व महसूस कर रहा है. ”

राष्ट्रपति ने भी विजेता टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ और बाकी खिलाड़ियों पर गर्व जताते हुए बधाई दी.

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने एक तस्वीर पोस्ट करते हुए बधाई दी. उन्होंने लिखा, “अंडर-19 के लड़कों की यह क्या शानदार जीत है. इसे मील के पत्थर की तरह लो, अभी बहुत आगे जाना है. इस क्षण का आनंद लो.”

सचिन तेंदुलकर ने एक वीडियो पोस्ट करके टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं.

केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने भी ट्वीट करके टीम और कोच को बधाई दी.

वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, “ये लड़के इतने सुरक्षित हाथों में हैं. राहुल द्रविड़ के सुरक्षित हाथ. इन नौजवानों और भारतीय क्रिकेट के भविष्य में महान महान योगदान. हमारे पास कुछ शानदार प्रतिभाएं हैं.”

युवराज सिंह, रोहित शर्मा, सुरेश रैना, रवि शास्त्री, आर अश्विन और ज़हीर ख़ान ने भी टीम को बधाई दी है.

सुरेश रैना ने लिखा कि टीम के कोच राहुल द्रविड़ को विशेष मुबारकबाद, जिन्होंने पर्दे के पीछे लगातार कड़ी मेहनत करके इस टीम को अपनी असल क्षमता हासिल करने में मदद की.

क्रिकेट एक्सपर्ट मोहनदास मेनन ने इस जीत को पूरी तरह राहुल द्रविड़ की जीत बताते हुए लिखा, “आख़िरकार एक विश्व कप, राहुल द्रविड़ के नाम. इसका उनसे बड़ा हक़दार कोई नहीं.”

फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी ने लिखा, “अपनी उम्र को अपने स्कोर से पीछे छोड़ दिया! ‘दीवार’ की ओर से प्रशिक्षित इस टीम को शीर्ष पर पहुंचना ही था. क्या शानदार जीत है. अद्भुत राहुल द्रविड़. भारतीय होने पर गर्व है.”

अभिनेता अनिल कपूर ने लिखा, “और हमारे लड़कों ने यह फिर कर दिखाया. आप सबको खेलते देखना शानदार अनुभव था.”

भारत ने विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराया..

मनजोत कालरा (101) और हार्विक देसाई (47) के बेहतरीन नाबाद पारियों की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिला 217 रनों का लक्ष्य 38.5 ओवरों में दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया.

भारत ने चौथी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है. इससे पहले भारतीय टीम साल 2000, 2008 और 2012 में ये ख़िताब अपने नाम किया था.

बीसीसीआई ने टीम के लिए पुरस्कार राशि का भी ऐलान किया है. टीम के कोच राहुल द्रविड़ को 50 लाख और टीम के खिलाड़ियों को 30-30 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

सपोर्ट स्टाफ़ के हर सदस्य को 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

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आयकर विभाग ने शाहरुख का घर किया सील, ये सितारे भी कर चुके हैं इस परेशानी का सामना

आयकर विभाग ने बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान का मुंबई स्थित अलीबाग में बने फार्म हाउस को सील कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहरुख़ पर आरोप है कि उन्होंने खेती की जमीन पर जालसाजी से एक फार्म हाउस बना लिया था। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग ने इस मामले में शाहरुख को नोटिस भेजकर 90 दिन के भीतर जवाब मांगा है। अगर तय तारीख तक एक्टर जवाब नहीं देते हैं तो विभाग द्वारा उनपर कार्रवाई भी की जा सकती है। खैर, शाहरुख अकेले ऐसे बॉलीवुड सेलेब्रिटी नहीं हैं, जिनपर आयकर विभाग का रेड पड़ा है, इससे पहले ये सेलेब्रिटी भी इस परेशानी का सामना कर चुके हैं।

सलमान खान पर आय से अधिक संपत्ति का मामला 
बॉलीवुड के दबंग कहे जाने वाले सुपरस्टार सलमान खान भी एक बार आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंस चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2000 में आयकर विभाग ने सलमान के मुंबई स्थित पनवेल प्रॉपर्टी पर छापा मारा था, जिसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था। उस दौरान विभाग ने सलमान के साथ उनके भाई अरबाज से भी इस मामले में पूछताछ की थी।

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प्रियंका चोपड़ा के घर विभाग का छापा 
बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा भी आयकर मामले में फंस चुकी हैं। बताया जाता है कि प्रियंका के घर पर साल 2011 में आयकर विभाग ने छापा मारा था, जिसमें 7.5 करोड़ की बेनामी संपति बरामद हुई थी। इस मामले को लेकर प्रियंका और विभाग के बीच काफी दिनों तक विवाद चला था।

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कैटरीना के घर विभाग का छापा 
प्रियंका चोपड़ा के साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ भी एक बार आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंस चुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2011 में आयकर विभाग द्वारा कैटरीना के घर पर भी छापा मारा गया था। इस छापे में कई चीजें बरामद हुई, जिसको लेकर उनसे काफी सवाल जवाब किये गए, लेकिन उस समय उनके घर को सील नहीं किया गया।

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संजय दत्त के घर छापा 
बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त भी आयकर मामले से बच नहीं पाए हैं। साल 2012 में आयकर विभाग ने संजय दत्त के मुंबई में बांद्रा स्थित घर पर छापा मारा था, जिसके बाद उनसे कुछ संपत्ति को लेकर पूछताछ भी की गई थी।

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माधुरी दीक्षित के घर छापा 
बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित के घर पर भी आयकर विभाग का छापा पड़ चुका है। बताया जाता है कि विभाग ने पैसे खोजने के लिए अभिनेत्री के निवास की दीवारों और फर्नीचर को भी तोड़ दिया था।

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श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?

 

जब भी प्रेम की मिसाल दी जाती है तो श्रीकृष्ण-राधा के प्रेम का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है. राधा-श्रीकृष्ण के प्रेम को जीवात्मा और परमात्मा का मिलन कहा जाता है. सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ियां राधा-कृष्ण की प्रेम कहानी पढ़ती चली आ रही हैं लेकिन जब भी हम राधा-श्रीकृष्ण की प्रेम कहानी सुनते हैं तो मन में यही सवाल आता है कि श्रीकृष्ण ने राधा से विवाह क्यों नहीं किया? इसके पीछे कई तरह की व्याख्याएं दी जाती हैं. आइए जानते हैं उन सभी कहानियों के बारे में…

 

  • श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?
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    कुछ विद्वानों के मुताबिक, राधा-कृष्ण की कहानी मध्यकाल के अंतिम चरण में भक्ति आंदोलन के बाद लोकप्रिय हुई. उस समय के कवियों ने इस आध्यात्मिक संबंध को एक भौतिक रूप दिया गया. प्राचीन समय में रुक्मिनी, सत्यभामा, समेथा श्रीकृष्णामसरा प्रचलित थी जिसमें राधा का कोई जिक्र नहीं मिलता है. 3228 ईसा पूर्व देवकी पुत्र श्रीकृष्ण का जन्म हुआ. कुछ समय तक वह गोकुल में रहे और उसके बाद वृंदावन चले गए थे.

  • श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?
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    श्रीकृष्ण राधा से 10 साल की उम्र में मिले थे. उसके बाद वह कभी वृंदावन लौटे ही नहीं. इसके अलावा कहीं यह जिक्र भी नहीं मिलता है कि राधा ने कभी द्वारका की यात्रा की हो. दक्षिण भारत के प्राचीन ग्रन्थों में राधा का कोई उल्लेख नहीं मिलता है.

  • श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?
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    राधा ने श्रीकृष्ण से विवाह करने से किया था इनकार?एक मत यह भी है कि राधा ने श्रीकृष्ण से विवाह करने से मना कर दिया था क्योंकि उन्हें लगता था कि वह महलों के जीवन के लिए उपयुक्त नहीं हैं. राधा एक ग्वाला थीं जबकि लोग श्रीकृष्ण को किसी राजकुमारी से विवाह करते हुए देखना चाहते थे. श्रीकृष्ण ने राधा को समझाने की कोशिश की लेकिन राधा अपने निश्चय में दृढ़ थीं. राधा-श्रीकृष्ण के विवाह नहीं करने के पीछे एक व्याख्या ऐसी भी की जाती रही है.

  • श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?
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    एक अन्य प्रचलित व्याख्या के मुताबिक, राधा ने एक बार श्रीकृष्ण से पूछा कि वह उनसे विवाह क्यों नहीं करना चाहते हैं? तो भगवान श्रीकृष्ण ने राधा को बताया कि कोई अपनी ही आत्मा से विवाह कैसे कर सकता है? श्रीकृष्ण का आशय था कि वह और राधा एक ही हैं. उनका अलग-अलग अस्तित्व नहीं है.

  • श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?
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    राधा को यह एहसास हो गया था कि श्रीकृष्ण भगवान हैं और वह श्रीकृष्ण के प्रति एक भक्त की तरह उनकी श्रद्धा थी. वह भक्तिभाव में खो चुकी थीं जिसे कई बार लोग भौतिक प्रेम समझ लेते हैं. इसलिए कुछ का मानना है कि राधा और श्रीकृष्ण के बीच विवाह का सवाल पैदा ही नहीं होता है, राधा और श्रीकृष्ण के बीच का रिश्ता एक भक्त और भगवान का है. राधा का श्रीकृष्ण से अलग अस्तित्व नहीं है. विवाह के लिए दो लोगों की आवश्यकता होती है.

  • श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?
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    समाज आया आड़े?कुछ लोग इसकी इस तरह से भी व्याख्या करते हैं कि सामाजिक नियमों ने राधा-कृष्णा की प्रेम कहानी में खलनायक की भूमिका निभाई. राधा और श्रीकृष्ण की समाजिक पृष्ठभूमि उनके विवाह की अनुमति नहीं देती थी.

  • श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?
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    राधा को ठीक तरह से समझने के लिए रस और प्रेम के रहस्य को समझना होगा. ये आध्यात्मिक प्रेम की आनंददायक अनुभूति है. एक व्याख्या के अनुसार, कृष्ण और राधा ने बचपन में खेल-खेल में शादी की थी जैसे कि कई बच्चे शादी का खेल खेलते हैं लेकिन असलियत में दोनों का विवाह कभी नहीं हुआ. वैसे भी उनका प्यार वैवाहिक जीवन के प्यार से ज्यादा स्वाभाविक और आध्यात्मिक था.

  • श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?
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    श्रीकृष्ण और राधा एक दूसरे रूप से आत्मीय तौर पर जुड़े हुए थे इसीलिए हमेशा राधा-कृष्णा कहा जाता है, रुक्मिनी-कृष्णा नहीं. रुक्मिनी ने भी श्रीकृष्ण को पाने के लिए बहुत जतन किए थे. वह अपने भाई रुकमी के खिलाफ चली गई. रुक्मिनी भी राधा की तरह श्रीकृष्ण से प्यार करती थीं, रुक्मिनी ने श्रीकृष्ण को एक प्रेम पत्र भी भेजा था कि वह आकर उन्हें अपने साथ ले जाएं.

  • श्रीकृष्ण ने राधा से कभी विवाह क्यों नहीं किया?
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    प्रेम पत्र में रुक्मिनी ने 7 श्लोक लिखे थे. रुक्मिनी का प्रेम पत्र श्रीकृष्ण के दिल को छू गया और उन्हें रुक्मिनी का अनुरोध स्वीकार करना पड़ा. इस तरह रुक्मिनी श्रीकृष्ण की पहली पत्नी बन गईं. वहीं, दूसरी तरफ श्रीकृष्ण और राधा को विवाह की आवश्यकता ही नहीं थी. उनके प्रेम को शादी के बंधन नहीं चाहिए था.

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    राधा श्रीकृष्ण का बचपन का प्यार थीं. श्रीकृष्ण जब 8 साल के थे तब दोनों ने प्रेम की अनुभूति की. इसके बाद पूरी जिंदगी श्रीकृष्ण से नहीं मिलीं. राधा श्रीकृष्ण के दैवीय गुणों से परिचित थी. उन्होंने जिंदगी भर अपने मन में प्रेम की स्मृतियों को बनाए रखा. यही उनके रिश्ते की सबसे बड़ी खूबसूरती है.

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    श्राप ने राधा-कृष्ण का नहीं होने दिया मिलन?ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, पृथ्वी पर आने से पहले राधा की एक बार कृष्ण की सेविका श्रीद्धमा से बहस हो गई थी. राधारानी क्रोधित हो गईं और श्रीदमा को राक्षस के रूप में पैदा होने का श्राप दे दिया. बदले में श्रीदम ने भी राधा को श्राप दे दिया कि वह एक मानव के रूप में जन्म लेगी और अपने प्रियतम से 100 साल के लिए बिछड़ जाएगी. उसके बाद तुम्हें फिर से श्रीहरि की संगति प्राप्त होगी और तुम गोकुल को वापस लौटोगी.
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    श्रीकृष्ण ने राधा से इसलिए विवाह नहीं किया क्योंकि वह साबित करना चाहते थे कि प्रेम और विवाह दो अलग-अलग चीजें हैं. प्रेम एक नि:स्वार्थ भावना है जबकि विवाह एक समझौता या अनुबंध है.एक मत के मुताबिक, श्रीकृष्ण ने राधा से इसलिए विवाह नहीं किया ताकि मानव जाति को बेशर्त और आंतरिक प्रेम को सिखाया जा सके. राधा-श्रीकृष्ण का संबंध कभी भी भौतिक रूप में नहीं रहा बल्कि वह बहुत ही आध्यात्मिक प्रकृति का है. पौराणिक कथाओं में प्रचलित अन्य कथाओं की तुलना राधा-कृष्ण से नहीं की जा सकती है.

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    हालांकि राधा-कृष्ण के प्रेम की कितनी भी व्याख्याएं क्यों ना कर ली जाए, सब कम ही है. उनका प्रेम हमेशा मानव जाति के लिए आध्यात्मिक प्रकाश की तरह जीवित रहेगा.