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CBSE PAPER LEAK 2018 दिल्ली पुलिस ने बतायी इकोनॉमिक्स पेपर लीक करने वाले रोहित-ऋषभ व तौकीर की साठ-गांठ की कहानी

कड़कड़डूमा कोर्ट से पुलिस को पर्चा लीक करने वाले तीनों लोगों की दो दिन की पुलिस कस्टडी मिल गयी है.

#WATCH Delhi Police Joint CP Crime Branch briefs the media on #CBSEPaperLeak case

ANI @ANI_news

#WATCH Delhi Police Joint CP Crime Branch briefs the media on #CBSEPaperLeak case

सीबीएसइ पेपर लीक मामले में आज दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के डीसीपी आलोक कुमार ने एक प्रेस कान्फ्रेंस कर इस संंबंध में मीडिया को जानकारी दी. उन्होंने कहा आज तड़के रोहित व ऋषभ नाम के दो स्कूल टीचर और कोचिंग के एक ट्यूटर तौकीर को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रश्न खुलने के समय पौने दस बजे से 30 से 40 मिनट पहले 12वीं इकोनॉमिक्स का प्रश्न पत्र खोल लिया गया और रोहित व ऋषभ नामक टीचर ने उसे कोचिंग ट्यूटर तौकीर को वाट्सएप पर भेजा, जिसने उसे बच्चों को भेज दिया. उन्होंने कहा कि एक बच्चे से इस संबंध में पूछताछ की गयी थी. डीसीपी ने यह नहीं बताया कि इस मामले का मास्टमाइंड तीनों में कौन है, हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि ऋषभ के कहने पर रोहित ने प्रश्नपत्र तौकीर को भेजा और इन तीनों में अच्छी पहचान व दोस्ती है.

डीसीपी आलोक कुमार ने कहा कि पेपर लीक मामले की जांच की दो हिस्सों में हो रही है. इकोनॉमिक्स पेपर लीक की जांच डॉ रामगोपाल नायक व दसवीं मैथ्स पेपर लीक की जांच जॉय तिर्की की अगुवाई में हो रही है और पूरी जांच का सुपरविजन डॉ रामगोपाल नायक कर रहे हैं.

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 Two teachers and a tutor were arrested. Police custody remand of all three has been taken, they will be questioned: Delhi Police Joint CP Crime Branch on #CBSEPaperLeak

उन्होंने दसवीं पेपर लीक मामले की जांच के संबंध में अभी कोई तथ्य बताने से इनकार करते हुए कहा कि अभी जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि कोर्ट से दो दिन की पुलिस कस्टडी मिली है, पुलिस दो दिन इनसे पूछताछ करेगी और मामले के तह तक जाने का प्रयास करेगी. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि तौकीर 26-27 साल का एक युवक है, जो कोचिंग में पढ़ाता है.

ऐसे लीक किया इकोनॉमिक्स का पेपर 

नयी दिल्ली : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीबीएसइ पेपर लीक मामले में दो टीचर व एक कोचिंग सेंटर के मालिक सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. न्यूज एजेंसी एएनआइ के अनुसार, दोनों शिक्षकों ने 9.15 बजे सुबह हाथ से लिखे प्रश्न पत्र की तसवीर उतारी थी और फिर उसे कोचिंग सेंटर के ट्यूटर को भेज दिया था. फिर कोचिंग सेंटर के ट्यूटर ने उसे स्टूडेंट्स को भेज दिया. कोचिंग ट्यूटर एनसीआर के बवाना का है, जबकि दोनों टीचर प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं. 26 मार्च को 12वीं इकोनॉमिक्स पेपर लीक की पूरी घटना परीक्षा शुुरू होने के समय 9.45 बजे के डेढ़ घंटे पहले तक में घटी. यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने दी है. इन पर आरोप है कि उन्होंने 26 मार्च को परीक्षा के  पहले इकोनाॅमिक्स के पेपर को लीक किया. हालांकि पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया है वे दोनों टीचर किस स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं.

क्राइम ब्रांच के डीसीपी आलोक कुमार शनिवार रात मीडिया को जानकादी देते हुए.


उधर, क्राइम ब्रांच की टीम शनिवार रात इस मामले में सीबीएसइ के मुख्यालय भी पहुंची थी. सूत्रों का कहना है कि सीबीएसइ 12वीं के इकोनॉमिक्स एवं 10वीं के मैथ्स पेपर लीक मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम को कुछ अहम तथ्यों की जानकारी हाथ लगी है. पुलिस ने अबतक इस मामले में 60 लोगों से पूछताछ की है. इसमें वे दस वाट्सएप ग्रुप के संचालक भी शामिल हैं, जिनके ग्रुप में प्रश्न वायरल किया गया था.

दिल्ली के प्रीत विहार स्थित सीबीएसइ मुख्यालय पहुंची पुलिस. 

इस पूरे मामले में पुलिस को उस विह्सलब्लोअर की भी जानकारी मिली है, जिन्होंने मेल के जरिये सीबीएसइ प्रमुख को गणित के प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी दी थी. पुलिस ने उस शख्स का पता लगाने के लिए गूगल की मदद मांगी थी, क्योंकि उस व्यक्ति ने जीमेल से मेल भेजा था.

ध्यान रहे कि सीबीएसइ 12वीं के इकोनॉमिक्स की परीक्षा 25 अप्रैल को ली जाएगी.

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पेपर लीक: 12वीं की अर्थशास्‍त्र की परीक्षा का एलान हुआ

एजुकेशन सेक्रटरी अनिल स्‍वरूप ने बताया कि कक्षा 12वीं के इकनॉमिक्स की परीक्षा 25 अप्रैल को होगी। कक्षा 10वीं के गणित के पेपर की दोबारा परीक्षा की तारीखों का एलान 15 दिन में होगा। उन्‍होंने यहां साफ किया कि 10वीं के गणित की दोबारा परीक्षा केवल दिल्ली और हरियाणा में होगी, वो भी तब, जब जांच के बाद जरूरत महसूस की जाएगी। अगर 10वीं के गणित की परीक्षा दोबारा कराने की जरूरत महसूस होती है, तो वो जुलाई में कराई जा सकती है।

अनिल स्‍वरूप ने कहा कि कक्षा 12वीं के छात्रों ने कई विश्‍वविद्यालयों और संस्‍थानों में कोर्सों के लिए आवेदन कर रखे हैं। इसलिए उनकी परीक्षा जल्‍द कराना बेहद जरूरी है। हम इन छात्रों का समय ना बर्बाद करते हुए 25 अप्रैल को अर्थशास्‍त्र के पेपर की परीक्षा करा रहे हैं। हमें छात्रों के हितों की चिंता, छात्रों को दिक्कत ना हो, इसलिए हम काम कर रहे हैं। 10वीं की परीक्षा की तारीख के बारे में फैसला अभी नहीं लिया गया है, क्‍योंकि जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा। हालांकि कक्षा 10वीं की दोबारा परीक्षा की तारीखों का एलान 15 दिन में कर दिया जाएगा। लेकिन अगर दोबारा परीक्षा का निर्णय लिया जाता है, तो सिर्फ दिल्ली और हरियाणा में परीक्षा होगी, अन्‍य किसी राज्‍य में नहीं। 10वीं के गणित की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय अगर लिया जाता है, तो परीक्षा जुलाई माह में होगी।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं के गणित व 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर लीक होने के मामले चारों ओर से विरोध प्रदर्शन का सामना कर रहा है। कई शहरों में पेपर लीक मामले को लेकर सीबीएसई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इधर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले में मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है।

सीबीएसई पेपर लीक के खिलाफ लुधियाना, कानुपर और दिल्‍ली में छात्र और अभिभावक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों ने चेयरमैन के इस्तीफे की मांग के साथ कहा है कि सीबीएसई की गलती की सजा सभी छात्रों को नहीं मिलनी चाहिए। कुछ छात्रों का कहना है कि जिस राज्‍य में पेपर लीक हुआ, वहीं पर फिर से परीक्षा होनी चाहिए। लगभग सभी छात्र पेपर लीक के लिए सीबीएसई को जिम्‍मेदार ठहरा रहे हैं। कुछ छात्र केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के घर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। इसके बाद दिल्ली में प्रकाश जावड़ेकर के घर के पास धारा 144 लागू कर दी गई है।

शुक्रवार को सुबह कांग्रेस पार्टी का स्टूडेंट्स विंग एनएसयूआइ भी छात्रों के साथ मार्च में शामिल हुआ। कांग्रेस पार्टी सरकार पर और ज्यादा हमलावर हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा, ‘प्रधानमंत्री ने एग्जाम वॉरियर्स किताब लिखी, जो परीक्षा के दौरान छात्रों का तनाव दूर करने के लिए है। अब उन्हें एग्जाम वॉरियर्स 2 लिखनी चाहिए, जिसे पेपर्स लीक होने के कारण तबाह हुई स्टूडेंट्स और पैरंट्स की जिंदगियों के बाद उनके तनाव को दूर करने के लिए पढ़ाया जाए।’

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह एचआरडी मिनिस्ट्री की विफलता है, 28 लाख स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर है। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। वहीं कपिल सिब्‍बल ने कहा कि सीबीएसई पेपर लीक अकेला पेपर लीक का मामला नहीं है। एसएससी पेपर घोटाला भी बड़ी चिंता का विषय है। अगर इसके लिए सरकार की जवाबदेही नहीं है, तो फिर किसकी है।

कांग्रेस के साथ इस मुद्दे पर राज ठाकरे ने भी सरकार को घेरा। उन्‍होंने कहा कि यह सरकार की असफलता है, इस बात को स्‍वीकार करने के बजाय क्‍यों वे चाहते हैं कि छात्र फिर से एग्‍जाम दें। मेरी अभिभावकों से अपील है कि अपने बच्‍चों को फिर से एग्‍जाम देने के लिए ना भेजें।

वैसे बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 10 से ज्यादा वॉट्सऐप ग्रुप्स की पहचान की, इनमें से हर ग्रुप में 50-60 सदस्य हैं। इन लोगों से जांच और पूछताछ जारी है। इससे पहले क्राइम ब्रांच की एसआइटी ने गुरुवार को 18 छात्र समेत कुल 34 लोगों से पूछताछ की। इनमें 11 विभिन्न स्कूलों के छात्र, सात विभिन्न कॉलेजों के छात्र, पांच ट्यूटर व दो अन्य लोग शामिल हैं। ट्यूटर में एक महिला भी शामिल है, जिसका लाजपत नगर में कोचिंग सेंटर है।

एसआइटी ने बुधवार रात दिल्ली-एनसीआर में करीब 10 जगहों पर छापेमारी की। जिन 34 लोगों से पूछताछ की गई है उन्होंने कबूल किया कि 10वीं के गणित व 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर, परीक्षा शुरू होने से 24 घंटे पहले लीक हो गए थे। असली पेपर देखकर पहले हाथ से सादे कागजों पर प्रश्नों को लिखा गया, फिर उसकी तस्वीरें वाट्सएप के जरिये बांटी गईं। 24 घंटे पहले पेपर मिलने से छात्र-छात्राओं को प्रश्नों की तैयारी करने का काफी समय मिल गया।

विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच आरपी उपाध्याय के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर उनसे फिर पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के दौरान उनके मोबाइल नंबर व अन्य जरूरी जानकारियां ले ली गई हैं। बता दें कि सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक की शिकायत पर दो मुकदमे दर्ज करने के बाद एसआइटी ने बुधवार रात से ही जांच शुरू कर दी थी और पेपर लीक से जुड़े सुबूत आरोपित कहीं मिटा न दें, इसलिए गुरुवार सुबह होते ही एसआइटी ने कार्रवाई तेज कर दी। सीबीएसई ने एक एफआइआर 27 मार्च व दूसरी 28 मार्च को दर्ज कराई थी। एसआइटी पता लगा रही है कि छात्र-छात्राओं के वाट्सएप पर किसने प्रश्नपत्र भेजे थे। साथ ही मुख्य आरोपित व उसके स्त्रोत के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पूछताछ में कुछ छात्रों ने दोस्तों के जरिये पेपर मिलने की बात कही है। पेपर लीक के संभावित ठिकानों की पहचान की गई है, उनमें से कुछ जगहों की सीसीटीवी फुटेज भी जब्त की गई है।

एसआइटी में शामिल अधिकारी का कहना है कि सीबीएसई ने लिखित शिकायत में ओल्ड राजेंद्र नगर में पिछले दस सालों से कोचिंग सेंटर चलाने वाले विक्की पर शक जताया था। लिहाजा उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वह विद्या कोचिंग सेंटर का मालिक है और सेंटर में 10वीं व 12वीं के छात्रों को गणित व अर्थशास्त्र पढ़ाता है। उसने 1996 में डीयू से बीकॉम किया है। विक्की के अलावा हिरासत में लिए गए अन्य लोगों व उनसे जब्त दस्तावेजों के संबंध में आधिकारिक जानकारी नहीं दी जा रही है। एसआइटी ने सीबीएसई से कई जानकारी मांगी है। मसलन, परीक्षा केंद्रों व छात्रों तक पेपर पहुंचाने का तरीका क्या है? सुरक्षा के लिए किस तरह की सावधानियां बरती जाती हैं? पेपर किन-किन प्रिटिंग प्रेस से छपवाए गए?

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CBSE Exams 2018: हफ्ते भर में आएंगी गणित और इकोनॉमिक्स के पेपर की नई तारीखें

पेपर लीक की खबरें आने के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं के गणित और 12वीं के इकोनॉमिक्स के पेपर को रद्द कर दिया है। 12वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर 26 मार्च को आयोजित हुआ था और 10वीं का गणित का पेपर 28 मार्च को। इन दोनों पेपरों का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर लीक होने की खबरें आई थीं।

यहां जानिए इस मामले से जुड़ी 10 खास बातें

1. 10वीं की गणित और 12वीं की इकोनॉकिक्‍स की परीक्षा रद्द करने के साथ ही बोर्ड ने यह भी ऐलान किया है कि दोनों पेपरों की नई तारीखों का ऐलान एक हफ्ते के भीतर कर दिया जाएगा।

2. 12वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर होने के बाद ऐसी खबरें आई थीं कि ये व्हाट्सएप पर लीक हुआ है। कहा जा रहा था कि जो पेपर सोशल मीडिया पर घूम रहा था वह असल इकोनॉमिक्स के पेपर से हूबहू मिल रहा था।

3. तब इन खबरों को सीबीएसई ने सिरे से खारिज कर दिया था। बोर्ड का कहना था किसी भी सेंटर में पेपर लीक नहीं हुआ है। सोशल मीडिया में चल रही खबर अफवाह है।

4. 28 मार्च को जब 10वीं का मैथ्स का पेपर हुआ तब भी इसके लीक होने की खबरें आईं।

5. सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के कई पेपर इस बार विवादों में आए हैं। इससे पहले अकाउंटेंसी का पेपर लीक होने की खबरें आई थीं। अकाउंटेंसी के पेपर की लीक होने के आरोपों के बाद दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने संबंधित अधिकारियों से आरोपों की जांच के लिए कहा था।

6. इससे पहले सीबीएसई इकोनॉमिक्स, अकाउंटेंसी के पेपर होने की खबरों को सिरे से खारिज करती आई हैं। सीबीएसई ने इन खबरों को हमेशा अफवाह करार दिया।

7. 26 मार्च को इकोनॉमिक्स के पेपर लीक होने की खबरों को लेकर सीबीएसई ने कहा था कि सभी सेंटरों से बात की गई है। किसी सेंटर से पेपर लीक होने की खबर नहीं मिली है। ऐसे में यह कोरी अफवाहें हैं।

8. सीबीएसई 10वीं का इंग्लिश का पेपर भी सुर्खियों में आया था। काफी विद्यार्थियों और टीचरों ने कॉम्प्रिहेंशन पैसेज के प्रश्न को सही नहीं बताया था। इसके बाद एक खबर वायरल हुई थी कि सीबीएसई उस कथित गलत सवाल के बदले में दो मार्क्स देगा। लेकिन फिर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उसने फिलहाल इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है।

9. 10वीं का मैथ्स और 12वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर रद्द होने से काफी स्टूडेंट्स और पेरेंट्स नाराज हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक होना ईमानदारी से मेहनत करके परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा है। अब परीक्षा दोबारा होगी जिससे उन पर फिर से दवाब बनेगा। वह तनाव में रहेंगे।

28 मार्च को पेपर होने के बाद अधिकांश विद्यार्थियों और टीचरों ने कहा कि पेपर आसान और स्कोरिंग था। प्रश्न सिलेबस के मुताबिक ही थे। एनसीईआरटी की किताबों से ही था।

10. इस साल 5 मार्च से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं शुरू हुई थीं। इन परीक्षाओं में देशभर से 28 लाख, 24 हजार, 734 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। सीबीएसई के मुताबिक इस साल 10वीं की परीक्षा में 16 लाख, 38 हजार, 428 और 12वीं की परीक्षा में 11 लाख, 86 हजार, 306 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे।