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जानें कौन हैं देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 7 बाइक्स

ये हैं देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 7 बाइक्स

1. हीरो स्प्लेंडर

देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक की लिस्ट में सबसे ऊपर हीरो स्प्लेंडर का नाम आता है। मई 2018 में कंपनी ने इस बाइक की कुल 2,80,763 यूनिट्स बेचीं थी। स्प्लेंडर एक लम्बे समय से अपने सेगमेंट में अच्छा परफॉर्म कर रही है।

2. हीरो HF Deluxe

दूसरे नंबर पर भी हीरो मोटोकॉर्प की ही HF Deluxe बाइक रही है। मई महीने में इसकी 1,84,131 यूनिट्स की बिक्री हुई है। इस बाइक की लगातार बिक्री बढ़ रही है। डेली यूज के लिए इसे अच्छी बाइक कह सकते हैं। यह एक किफायती बाइक है।

3. होंडा CB शाइन

तीसरे नंबर पर होंडा की CB शाइन है। मई महीने में कंपनी ने इसकी 99812 यूनिट्स की बिक्री की। 125cc सेगमेंट में होंडा की CB शाइन एक अच्छी बाइक साबित हुई है। इस बाइक का मुकाबला हीरो की ग्लैमर, बजाज डिस्कवर से होगा। साल-दर-साल के आधार पर इस बाइक की बिक्री में इजाफा देखने को मिल रहा है।

4. हीरो पैशन

हीरो मोटोकॉर्प की पैशन बाइक एक बार फिर से टॉप 7 की रेस में अपना दबदबा बनाये हुए है। मई महीने में कंपनी ने पैशन की 96389 यूनिट्स बेचीं। हाल ही में हीरो ने पैशन सीरिज को पूरी तरह से अपग्रेड किया है। इस समय बाजार में पैशन सीरिज को काफी पसंद किया जा रहा है। भारतीय बाजार में पैशन 110cc में दो वेरिएंट – प्रो और एक्सप्रो में उपलब्ध है।

5. हीरो ग्लैमर

नंबर 5 पर एक बार फिर से हीरो मोटोकॉर्प की बाइक है। मई में 72102 यूनिट्स बेच कर ग्लैमर ने यह स्थान हांसिल किया है। 125cc सेगमेंट में यह बेहद पॉपुलर बाइक है।

6. बजाज पल्सर

छठे स्थान पर बजाज ऑटो की सबसे ज्यादा बिकने वाली पल्सर मौजूद है। बजाज पल्सर की मई 2018 में 70056 यूनिट्स की बिक्री हुई है। अभी हाल ही में बजाज ने पल्सर को अपग्रेड किया है।

7. बजाज CT100

सातवें नंबर पर बजाज की CT100 बाइक है, कंपनी ने मई महीने में इसकी 64,622 यूनिट्स की बिक्री की है।CT100 अपने सेगमेंट की सबसे किफायती बाइक है और इसको चलाना भी सस्ता पड़ता है। इस बाइक में 100cc का इंजन लगा है।

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अफगानिस्तान ने लगाई शर्मनाक रिकॉर्ड्स की झड़ी, तोड़ा 90 साल का रिकॉर्ड

अफगानिस्तान की टीम ने इस मैच की अपनी पहली पारी में 109 रन बनाने के लिए सिर्फ 27.5 ओवर तक बल्लेबाज़ी की। इसी के साथ अफगानिस्तान ने पहला टेस्ट मैच में सबसे कम ओवर बल्लेबाज़ी करने का रिकॉर्ड भी बना दिया। अफगानिस्तान से पहले ये रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम था। बांग्लादेश की टीम ने अपने पहले टेस्ट की दूसरी पारी मेंं 46.3 ओवर बल्लेबाज़ी की थी। बांग्लादेश से पहले ये रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड के नाम था जो अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में 47.1 ओवर में ही सिमट गई थी।

भारत ने पहली पारी में 474 रन बनाए थे और इसके जवाब में अफगानिस्तान अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 109 रनों पर सिमट गई। इस लिहाज़ से भारत को 365 रन की बढ़त मिली और फिर टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने का न्यौता दिया। पहले टेस्ट मैच में फॉलोऑन खेलते हुए ये किसी भी टीम पर बनाई गई सबसे बड़ी बढ़त रही। इससे पहले 1928 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच खेले गए मैच में इंग्लिश टीम ने कैरिबियाई टीम पर 224 रन की बढ़त बनाई थी। वो टेस्ट मैच लॉर्ड्‍स के मैदान पर खेला गया था और वो वेस्टइंडीज़ का पहला टेस्ट मैच था।

चिन्नास्वामी में अफगानिस्तान की टीम द्वारा बनाया गया 109 रन टेस्ट की एक पारी में सबसे कम रन हैं। इससे पहले 2017 में बेंगलुरु के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम के नाम इस मैदान पर सबसे कम रन बनाने का रिकॉर्ड था। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम सिर्फ 112 रन बनाकर सिमट गई थी।

पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआन खेलने पर मजबूर कर दिया और दूसरी पारी में मेहमान टीम 38.4 ओवर में सिर्फ 103 रन पर ऑल आउट हो गई। टेस्ट मैच में ये भारत की सबसे बड़ी जीत थी। इससे पहले भारत ने वर्ष 2017 में बांग्लादेश को पारी और 239 रन से हराया था। इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों और उसके बाद गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन रहा। शिखर धवन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस मैच में विराट की जगह रहाणे ने कप्तानी की थी और उनकी अगुआई में भारतीय टीम ने इस एतिहासिल टेस्ट मैच में जीत हासिल की। इस टेस्ट मैच के जरिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले अफगानिस्तान को भारत ने एक पारी और 262 रन से हराया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत ने पहली बार किसी टीम के खिलाफ सिर्फ दो दिनों में ही टेस्ट मैच जीतकर खिताब पर कब्जा किया।

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दिल्ली ने दिखाई दिलेरी, चेन्नई को 34 रन से हरा दिया

IPL के 52वें मैच में दिल्ली के गेंदबाजों ने चेन्नई के बल्लेबाजों की एक नहीं चलने दी और इस मुकाबले को दिल्ली ने 34 रन से जीत लिया। इस मैच को जीतने के बाद दिल्ली के 8 अंक जरूर हो गए हैं लेकिन वो प्लेऑफ की होड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है। दिल्ली के ऑलराउंडर हर्षल पटेल को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।

इस मैच में चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टॉस जीता और फील्डिंग करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने चेन्नई के खिलाफ 20 ओवर में 5 विकेट पर 162 रन बनाए। चेन्नई को इस मैच को जीतने के लिए 163 रन बनाने थे लेकिन सीएसके 20 ओवर में 6 विकेट पर 128 रन तक ही पहुंच सकी और उसे ये मैच गवांना पड़ा। इस मैच को हारने के बाद चेन्नई के 16 अंक हैं और वो दूसरे नंबर पर है।

रायडू का अर्धशतक टीम के काम नहीं आया

दूसरी पारी में चेन्नई का पहला विकेट शेन वॉटसनके तौर पर गिरा। शेन को अमित मिश्रा ने ट्रेंट बोल्ट के हाथों कैच आउट किया। उन्होंने 23 गेंदों पर 14 रन बनाए। अंबाती रायडू ने 29 गेंदों पर 50 रन की शानदार पारी खेली। रायडू का कैच हर्षल पटेल की गेंद पर ग्लेन मैक्सवेल ने पकड़ा। सुरेश रैना ने 18 गेंदों पर 15 रन बनाए। रैना को लमिचाने ने विजय शंकर के हाथों कैच आउट करा दिया। सैम बिलिंग्स एक रन बनाकर अमित मिश्रा की गेंद पर कैच आउट हुए। बिलिंग्स का कैच अभिषेक शर्मा ने पकड़ा। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी भी रन के लिए जूझते नजर आए। उन्होंने 23 गेंदों पर 17 रन बनाए और बोल्ट की गेंद पर श्रेयस अय्यर के हाथों लपके गए। रवींद्र जडेजा ने 18 गेंदों पर 27 रन की नाबाद पारी खेली लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए। ब्रावो एक रन बनाकर बोल्ट की गेंद पर आउट हुए वहीं दीपक चाहर एक रन बनाकर नाबाद रहे।

दिल्ली की तरफ से ट्रेंट बोल्ट व अमित मिश्रा ने दो जबकि संदीप लमिचाने और हर्षल पटेल ने एक-एक विकेट लिए।

घरेलू मैदान पर लड़खड़ाए दिल्ली के बल्लेबाज

पहली पारी में चेन्नई को पहली सफलता दीपक चाहर ने दिलाई। दीपक ने ओपनर बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को शर्दुल ठाकुर के हाथों कैच करवा दिया। पृथ्वी ने 17 गेंदों पर 17 रन बनाए। इस मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर जूझते नजर आए। उन्होंने 22 गेंदों पर 19 रन बनाए। अय्यर को लुंगी नजीडी ने क्लीन बोल्ड कर दिया। रिषभ पंत को भी लुंगी ने ब्रावो के हाथों कैच करवा दिया। पंत ने 26 गेंदों पर 38 रन बनाए। रवींद्र जडेजा ने ग्लेन मैक्सवेल को अपनी गेंद पर क्लीन बोल्ड कर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। मैक्सवेल ने 7 गेंदों का सामना किया और सिर्फ 5 रन ही बना पाए। अभिषेक शर्मा को शर्दुल ठाकुर ने अपना शिकार बनाया और 2 रन पर उनका कैच हरभजन सिंह ने पकड़ा। मैच के आखिर में हर्षल पटेल के 16 गेंदों पर नाबाद 36 रन और विजय शंकर के 28 गेंदों पर नाबाद 36 रन की पारी के दम पर दिल्ली ने 162 रन का स्कोर खड़ा किया।

चेन्नई की तरफ से लुंगी नजीडी ने दो जबकि दीपक चाहर, रवींद्र जडेजा व शर्दुल ठाकुर ने एक-एक विकेट लिए।

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राणा का कमाल रहाणे पर पड़ा भारी: कोलकाता ने राजस्थान को 7 विकेट से हराया, देखें फोटोज़

आइपीएल 11 के 15वें मुकाबले में आज केकेआर ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए इस मैच में कोलकाता के कप्तान दिनेश कार्तिक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया।

आइपीएल 11 टूर्नामेंट में यह कोलकाता की तीसरी जीत है। आइये तस्वीरों में देखें इस मैच की प्रमुख झलकियां

दिनेश कार्तिक ने लगाया विजयी छक्का

मैच में जब कोलकाता को 4रनों की जरूरत थी तभी कप्तान कार्तिक ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिला दी। इस जीत के साथ अब कोलकाता प्वाइंट टेबल में सबसे ऊपर आ गयी है।

रॉबिन उथप्पा ने खली उपयोगी पारी

कोलकाता की ओर से तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए उथप्पा ने 48 रन की उपयोगी पारी खेली। उन्होंन 36 गेंदों पर 6 चौके और 2 छक्कों की मदद से ये रन बनाए।

उथप्पा और नरेन ने संभाली कोलकाता की पारी

कोलकाता को यह मैच जीतने के लिये निर्धारित 20 ओवरों में 161 रनों की जरूरत थी। जब कोलकाता की टीम अपने लक्ष्य को पाने के लिये बल्लेबाजी को उतरी तो उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही पहला विकेट मात्र एक रन पर ही गिर गया तब उथप्पा और सुनील नरेन ने दूसरे विकेट के लिये 69 रन जोड़कर जीत की नींव रखी।

राजस्थान के कप्तान रहाणे ने खेली उपयोगी पारी

टॉस हारकर राजस्थान की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाए थे। जिसमें कप्तान रहाणे ने 19 गेंदों पर 36 रनों का योगदान दिया।

अर्धशतक से चूके डॉर्सी शॉर्ट

पिछले तीन मैचों में फ्लॉप रहने वाले डॉर्सी शॉर्ट ने इस बार बढ़िया बल्लेबाजी करते हुए 44रनों की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने 43 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया था यह राजस्थान की ओर से सर्वाधिक स्कोर था।

चीयर्स लीडर्स ने किया मनोरंजन

मैच के दौरान चीयर लीडर्स ने जमकर दर्शकों का मनोरंजन किया।

अब तक जयपुर में खेले जाने वाले इस मैच में राजस्थान की टीम अपनी तीसरी जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी। आपको बता दें कि राजस्थान की टीम जयपुर में पिछले 13 मुकाबले जीती है।

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CWG 2018: भारत के लिए सुपर संडे, जानें कौन कौन से खिलाड़ियों ने बढ़ाई तिरंगे की शान, जीते मेडल, देखें फोटोज और विश्लेषण

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन जारी है। 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने संडे को छह मेडल हासिल करते हुए इसे सुपर संडे बना दिया। इन छह मेडल में 3 गोल्ड, एक सिल्वर और दो कांस्य पदक भारत की झोली में आए। इसके साथ ही अब भारत ने 7 गोल्ड, 2 सिल्वर और 3 कांस्य के साथ कुल 12 मेडल हासिल कर लिए हैं और इसी के साथ भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर आ गया है।

गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी

टेबल टेनिस टीम ने जीता गोल्ड

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में टेबल टेनिस के टीम इवेंट के फाइनल में भारत ने सिंगापुर को 3-1 से मात देकर गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। ये भारत का सातवां गोल्ड मेडल रहा।

मनु भाकर

अपना पहला कॉमनवेल्थ खेल रही मनु भाकर ने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल करते हुए गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया।

पूनम यादव

भारत की पूनम यादव ने 69 किलो वर्ग कैटिगरी में में भारत की झोली में पांचवा गोल्ड डाल दिया। पूनम ने 69 किलो भारवर्ग में कुल 222 किलो वजन उठाया। स्नैच में 100 और क्लीन एंड जर्क में पूनम ने 122 किलो ग्राम वजन उठाया।

राहुल रागला

राहुल ने 85 किग्रा भार वर्ग में 338 किग्रा (151187) वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। उन्होंने सामोआ के डोन ओपेलोगे (331) को पीछे छोड़ा, जिन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। क्लीन एंड जर्क में पहले प्रयास में राहुल ने 147 और ओपेलोगे ने 144 किग्रा का वजन उठाया। राहुल ने दूसरे प्रयास में 187 किग्रा वजन उठाया, जबकि ओपेलोगे दूसरे प्रयास में विफल रहे। हालांकि, दोनों का 191 किग्रा का आखिरी प्रयास विफल रहा।

सतीश शिवलिंगम

भारतीय वेटलिफ्टर सतीश कुमार शिवलिंगम ने 53 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। सतीश ने स्नैच में अपने पहले प्रयास में 136 किलोग्राम वजन उठाया था, इसके बाद 140 और अपने आखिरी प्रयास में 144 किलो भार उठाया।

संजीता चानू

कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत की झोली में दूसरा गोल्ड मेडल आया। ये मेडल भारत की स्टार वेटलिफ्टर संजीता चानू ने 53 किलोग्राम वर्ग में दिलाया था। संजीता ने ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।

मीरा बाई चानू

गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले ही दिन भारतीय वेटलिफ्टर मीरा बाई चानू ने भारत को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया। मीरा बाई चानू ने अपने पहले ही प्रयास में 80 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया। पिछला रिकॉर्ड 77 किलोग्राम का था जो कि अगस्तानिया ने बनाया था। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने बड़ी ही आसानी से 84 किलोग्राम वजन उठा दिया। दूसरी कोशिश में 84 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। तीसरी और आखिरी कोशिश में 86 किग्रा वजन उठाकर दूसरी बार अपने ही रिकॉर्ड से आगे निकल गईं।

सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी

हिना सिद्धू

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में हीना सिद्धू ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में मनु ने 240.9 अंक हासिल किए और हिना को 234 अंक मिले। इस स्पर्धा में मनु ने गोल्ड जीता तो हिना को सिल्वर मेडल मिला।

गुरुराजा पुजारी

21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला पदक वेटलिफ्टर गुरुराजा पुजारी ने दिलवाया। गुरुराजा ने 56 किलोग्राम कैटेगरी में 249 किग्रा वजन उठाया। इससे पहले 2016 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, इस साल पेनांग में कॉमनवेल्थ सीनियर वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भी गुरुराजा पुजारी ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था।

कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी

विकास ठाकुर

भारत के भारोत्तोलक विकास ठाकुर ने भारत की झोली में तीसरा कांस्य पदक डाला। विकास ने 94 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। विकास ने कुल 351 किलोग्राम भार उठाया। उन्होंने स्नैच में 159 का भार उठाकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। क्लीन एंड जर्क में वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और इस कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

रवि कुमार

भारत को रवि कुमार ने 10 मी. एयर राइफल में दूसरा कांस्य पदक दिलाया। रवि कुमार एक समय रजत पदक जीतते दिखाई पड़ रहे थे, लेकिन आखिरी में उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा। रवि कुमार ने 224.1 का स्कोर किया।

दीपक लाठेर

ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला कांस्य पदक दीपक लाठेर ने दिलवाया। दीपक ने वेटलिफ्टिंग के 69 किलो की प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 18 साल के दीपक लाठेर के लिए ये पहला मौका है जब वो कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले रहे हैं।

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IPL 2018 में 15 मिनट परफॉर्म करने के 5 करोड़ लेंगे रणवीर सिंह, जानिए बाकी सेलेब्‍स की फीस

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4G कवरेज में अव्वल लेकिन स्पीड में फिसड्डी है भारत

इस समय पूरी दुनिया में 4G इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और भारत 4G इंटरनेट कवरेज के लिहाज से दुनिया के टॉप देशों में शुमार हो चुका है। ओपनसिग्नल की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इस समय 86.3 पर्सेंट 4G इंटरनेट की कवरेज है जो इसे कवरेज के मामले में टॉप देशों में शामिल करता है। लेकिन स्पीड के मामले में भारत 88 देशों में काफी फिसड्डी साबित हो रहा है।

 इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 2017 भारत में 4G इंटरनेट की औसत स्पीड 6.07 Mbps रही है। भारत इस मामले में अपने पड़ोसी देशों से भी पिछड़ गया है। जहां पाकिस्तान में 4G की औसत स्पीड 13.56 Mbps है वहीं श्री लंका में यह 13.95 Mbps है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पूरी दुनिया में 4G इंटरनेट की औसत स्पीड भारत से कहीं ज्यादा है। दुनियाभर में अभी 4G इंटरनेट की औसत स्पीड 16.9 Mbps है। हालांकि इसमें यह भी बताया गया है कि दुनिया का कोई भी देश अभी तक 50 Mbps की औसत 4G स्पीड तक नहीं पहुंच सका है।

दुनियाभर में अभी यह है 4G इंटरनेट का हाल

ओपन सिग्नल की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 4G इंटरनेट स्पीड के मामले में इस समय सबसे ऊपर सिंगापुर 44.31 Mbps के साथ टॉप पर है। टॉप 5 देशों में सिंगापुर के बाद नीदरलैंड्स, नॉर्वे, साउथ कोरिया और हंगरी हैं। साथ ही पूरी दुनिया में 30 देश ऐसे हैं जिनमें 80 पर्सेंट से ज्यादा 4G इंटरनेट कवरेज है। हाल में इस लिस्ट में थाईलैंड, बेल्जियम, लाटविया, फिनलैंड, उरुग्वे, डेनमार्क जैसे देश शामिल हुए हैं।

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कुछ लोगों को भारत का 142 से 100वीं रैंक पर पहुंचना अच्छा नहीं लग रहा: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को प्रवासी भारतीय केंद्र में ‘India’s Business Reforms’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “और क्या काम है मेरे पास बस एक ही काम है-ये देश, मेरे देश के सवा सौ करोड़ लोग और उनके जीवन में बदलाव लाना।” पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज वहां पहुंच चुका है जहां से आगे बढ़ना और आसान है। उन्होंने कहा, ”और क्या काम है मेरे पास, बस एक ही काम है-ये देश… मेरे देश के सवा सौ करोड़ लोग और उनके जीवन में बदलाव लाना।”

फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट में हम सबसे आगे
उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बैंक की इस रैंकिंग पर सवाल उठाने की जगह हम न्यू इंडिया बनाने के लिए आगे बढ़ें। कुछ लोगों को भारत का 142 से 100वीं रैंक पर पहुंचना अच्छा नहीं लग रहा है। हम एक युवा देश हैं और रोजगार देना एक अवसर है साथ ही साथ यह एक चुनौती भी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट में हम सबसे आगे हैं। हमने बिजनेसमैन लोगों के दुख दर्द और चिंताओं को समझा है।  उन्हें दूर करने की कोशिश की है। टेक्नॉलजी की मदद से बिजनेस करना आसान करने की कोशि‍श की है।

मनमोहन सिंह को लिया आढ़े हाथ
मोदी ने कहा कि विश्व बैंक ने कारोबारी सुगमता की रैंकिंग की प्रक्रिया वर्ष 2004 में शुरू की थी जिसके बाद 2014 तक किसकी सरकार रही है, यह सबको पता है। उन्होंने विश्व बैंक में शीर्ष पद पर काम कर चुके पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लिए बिना कहा, ‘‘मैं ऐसा प्रधानमंत्री हूं जिसने विश्व बैंक की इमारत भी नहीं देखी है जबकि पहले विश्व बैंक को चलाने वाले लोग यहाँ बैठा करते थे। मैं तो कहता हूं कि आप विश्व बैंक की इस रैकिंग पर सवाल उठाने के बजाय हमारा सहयोग करिए ताकि हम देश को और ऊंचे पायदान पर ले जा सकें। न्यू इंडिया बनाने के लिए साथ आगे बढ़ाने का संकल्प करें।’’

नौजवान अब सिर्फ एक दिन में अपनी नई कंपनी कर सकते हैं रजिस्ट्रड
पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य निधि पंजीकरण एवं उसका पैसा निकालने की प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है और उसके लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। उन्होंने कहा कि देश के नौजवान अब सिर्फ एक दिन में अपनी नई कंपनी पंजीकृत करा सकते हैं। कारोबारी मुकदमों की सुनवाई भी आसान हुई है। तीन वर्षों में भारत में निर्माण परमिट एवं बिजली कनेक्शन लेना आसान हुआ है। रेलवे आरक्षण कराना आसान हुआ है। जो पासपोर्ट पहले महीनों में मिलता था, अब एक  हफ्ते के भीतर मिल जाता है। उन्होंने पूछा, ‘‘ये जीवन जीने की सुगमता नहीं है तो क्या है?’’