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आज भी देशभर में मनाया जा रहा महाशिवरात्रि का पर्व, ऐसे करें भोलेनाथ को खुश

देशभर में आज भी धूमधाम से महाशिवरात्रि का पर्व मना रहे हैं। शिवालयों में सुबह से भक्तों का तांता लगा हुआ है। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिरों को फूल-मालाओं से सजाया गया है। शिव भक्त मंदिरों में बेलपत्र और कच्चे दूध से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने सुबह से ही लाइन में लगे हुए है। महाशिवरात्रि को भगवान शिव की पूजा करने का सबसे बड़ा दिन माना जा रहा है। इस बार भोलनाथ की पूजा अर्चना करने का दो दिन अवसर मिला है। कई जगहों पर मंगलवार को भी महाशिवरात्रि मनाई गई, कई जगहों पर आज हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मनाया जा रहा है। दरअसल, 13 फरवरी को रात 10 बजकर 35 मिनट पर चतुर्दशी तिथि शुरू हो गई थी। वहीं 14 फरवरी की रात 12 बजकर 46 मिनट तक चतुर्दशी रहेगी। ऐसे में आज भी भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जा रहा है। दूध, दही, गुलाब जल, चंदन, शहद पानी जैसी विभिन्न सामग्रियों से शिवलिंग का जलाभिषेक हो रहा है।

आज के दिन है दोहरा संयोग

14 फरवरी को महाशिवरात्रि पर शुभ संयोग है। आज महाशिवरात्रि का व्रत-उपवास करने वालों को तिथि और तारीख का अद्भुत और दुर्लभ संयोग मिलेगा। आज तिथि भी 14 होगी और तारीख भी। साथ ही 14 फरवरी को यानी आज भगवान शिव का प्रिय नक्षत्र श्रावणी भी है। इस नक्षत्र में शिव की पूजा शुभ फलदायी मानी गई है। 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत करने वालों को संक्रांति का शुभ फल भी प्राप्त होगा। इस दिन बुध कुंभ राशि में आएंगे और सूर्य से मिलेंगे। जिन्होंने आज व्रत रखा है उन्हें शाम को ही चतुर्दशी तिथि में व्रत का पारण करना होगा। महाशिवरात्रि को भगवान शिव पर पर बेलपत्र के अलावा गंगाजल, गन्ने के रस, पंचामृत और कुशा के जल से भगवान का अभिषेक किए जाने की भी परंपरा है।

क्या है महाशिवरात्रि मनाने की मान्यता?

महाशिवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है। सालभर भक्त इस दिन का इंतजार करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव का मां पार्वती के साथ विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। यही कारण है कि इस बार दो दिन महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। आज देर रात से चतुर्थी तिथि लग रही है।

ऐसे भोलेनाथ को करें खुश

भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंग हैं। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन इन ज्योर्तिलिंगों के दर्शन बहुत भाग्यशाली और शुभ होता है। इस दिन शिवभक्त जल और कच्चे दूध से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। जिसके बाद चंदन, फूल, बेलपत्र से शिवलिंग की पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान शिव को सफेद फूल चढ़ाए जाते हैं, कहते हैं कि इससे वे जल्दी प्रसन्न होते हैं। शिवजी का जलाभिषेक केवल तांबे या पीतल के लोटे से ही करें। महाशिवरात्रि के अवसर पर कई जगहों पर तो आज के दिन भोलेनाथ की बारात निकालने की भी परंपरा है

इनसे करें भोलेनाथ का जलाभिषेक

भोलेनाथ के अभिषेक में दूध, गुलाब जल, चंदन, दही, शहद, चीनी और पानी जैसी विभिन्न सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक के बाद बेल पत्र अर्पित की जाती हैं, जिन्हें शुभ माना जाता है। भगवान शिव का सबसे प्रिय धतूरा होता है, इसे अर्पित करना सबसे ज्यादा लाभकारी बताया गया है। शिवपुराण के अनुसार शिव का अभिषेक गंगाजल या दूध से किया जाता है।

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होंडा स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट से उठा पर्दा

होंडा ने नई सीआर-वीसिविक और अमेज़ के अलावा स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट से भी पर्दा उठाया है। स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट को पहली बार टोक्यो मोटर शो में पेश किया गया था।

 

Honda Sports EV

 

स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक को नए प्लेटफार्म पर तैयार किया गया है। यह प्लेटफार्म कंपनी ने खासतौर पर इलेक्ट्रिक कारों के लिए तैयार किया है। इसका डिजायन काफी आकर्षक और दमदार नज़र आ रहा है। इसकी ऊंचाई को कम और चौड़ाई को ज्यादा रखा गया है। आगे और पीछे की तरफ दो ब्लैक पैनल दिए गए हैं, जो हैडलैंप्स और टेललैंप्स में मिले हुए हैं। दरअसल ये ब्लैक पैनल एक डिस्प्ले स्क्रीन है, जो दूसरी कारों के ड्राइवर को सकेंत दिखाती है। इस में कार के चार्जिंग स्टेट्स का भी पता चलता है।

 

Honda Sports EV

 

स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट में होंडा ऑटोमैटेड नेटवर्क असिस्टेंस भी दिया गया है, जो ड्राइवर को कही अहम जानकारियां देता है। इंजन से जुड़ी जानकारी अभी कंपनी ने साझा नहीं की है। कंपनी के अनुसार इस में लंबी रेंज वाली इलेक्ट्रिक मोटर आएगी, जिसे बॉडी के निचले हिस्से में पोजिशन किया जाएगा।

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बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर विजय आनंद को याद करें उनके 84वें जन्मदिवस के मौके पर

It is the 84th #BirthAnniversary of director Vijay Anand. Popularly known as Goldie Anand, his acclaimed movies included Teesri Manzil, Guide, Tere Mere Sapne and Jewel Thief. He was also known for the stylish picturisation of his songs – “O Haseena” -Teesri Manzil, “Kaaton Se Kheech” – Guide and “Honthon Mein Aisi Baat” – Jewel Thief.

विजय आनंद (२२ जनवरी १९३४ – २३ फ़रवरी २००४) अपनी फिल्मों के गानों के लिए जाने जाते थे, वह अपने गाने कुछ ऐसे फिल्माया करते थे की देखनेवाले पर जादू छोड़ जाए. गाइड तथा तीसरी मंजिल जैसी फिल्मों के गाने इसी बात का साबुत है.

विजय आनंद को मिले प्रमुख अवॉर्ड्स

  • फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: गाइड (1965)
  • फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ डायलॉग: गाइड (1965)
  • फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ संपादन: जॉनी मेरा नाम (1970)
  • फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले : जॉनी मेरा नाम(1970)
  • बी एफ जे ए अवार्ड सर्वश्रेष्ठ संपादक: जॉनी मेरा नाम(1970)
  • बी एफ जे ए अवार्ड सर्वश्रेष्ठ संपादक: डबल क्रॉस(1973)