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अमेरिकी संसद ने बदला कानून, भारत के लिए रूस से हथियार खरीदने का रास्ता साफ

अमेरिकी संसद ने राष्ट्रीय रक्षा विधेयक, 2019 पारित कर सीएएटीएस कानून के तहत भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगने की आशंका को खत्म करने का रास्ता निकाल लिया है. प्रतिबंधों के जरिए अमेरिका के विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई कानून (सीएएटीएसए) के तहत उन देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाते हैं जो रूस से महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की खरीद करते हैं.

अमेरिकी कांग्रेस के सीनेट ने 2019 वित्त वर्ष के लिए जॉन एस मैक्केन नेशनल डिफेंस अथॉराइजेशन एक्ट (एनटीएए) (रक्षा विधेयक) 10 मतों के मुकाबले 87 मतों से पारित कर दिया गया. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में यह विधेयक पिछले सप्ताह ही पारित हो चुका है. अब यह कानून बनने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के वास्ते व्हाइट हाउस जाएगा. इस विधेयक में CAATSA के प्रावधान 231 को समाप्त करने की बात कही गई है.

व्हाइट हाउस में राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य रहे जोसुआ व्हाइट ने बताया कि सीएएटीएसए के नये संशोधित प्रावधानों को कानूनी रूप मिलने के बाद भारत के लिए रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदना आसान हो जाएगा.

हालांकि, उनका कहना है कि कानून की भाषा बेहद कठोर लग रही है, लेकिन रूस से रक्षा खरीद करने वाले देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने वाले प्रावधानों का बेहद नरम कर दिया गया है.

रक्षा विधेयक में एक प्रावधान किया गया है जिसके तहत अमेरिका और अमेरिकी रक्षा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण साझेदार को राष्ट्रपति एक प्रमाणपत्र जारी कर सीएएटीएसए के तहत प्रतिबंधों से छूट दे सकता है.

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बेहद रोमांचक रहा लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव। देखें राहुल के सवालों पर प्रधानमंत्री मोदी के जवाब!

आइए देखते हैं एक विश्लेषण जो दर्शाता है राहुल जी ले हर तीर को जो उन्होंने भाजपा पर छोड़े तथा मोदी जी के जवाब जिन्होंने संसद में हंगामा मचा दिया,

(सौजन्य: Zee News)

हालांकि परिणाम वही हुआ जो सबको मालूम था, भाजपा समर्थकों की संख्या घटने की जगह बढ़ गयी और शिव सेना के समर्थन के साथ ही एन डी ए सरकार को 325 सांसदों का साथ मिला।

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कुमारस्वामी ने आठवीं पास को बनाया कर्नाटक का उच्च शिक्षा मंत्री

59 वर्षीय कुमारस्वामी खुद बीएससी डिग्रीधारक हैं। उन्होंने सवाल किया-‘क्या मुझे वित्त विभाग मिलना चाहिए?’ जीटी देवेगौड़ा ने मैसुरु जिले में चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हराया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस नाते वह कोई अहम विभाग की अपेक्षा रखते थे।

इस संबंध में कुमारस्वामी ने कहा– ‘कुछ लोगों की इच्छा खास विभागों में काम करने की होगी, लेकिन सभी विभागों में प्रभावी तरीके से काम करने का मौका है। हमें दक्षतापूर्वक काम करना है।’ उन्होंने कहा-‘क्या काम करने के लिए उच्च शिक्षा और लघु सिंचाई से भी अच्छा विभाग है?’

कर्नाटक में विभागों के बंटवारे से जद एस कोटे के दो मंत्री नाराज बताए जा रहे हैं। उनमें एक हैं, जीटी देवेगौड़ा, जो आठवीं पास हैं और उन्हें उच्च शिक्षा विभाग मिला है।

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भाजपा का ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू, 50 लोगों से मिलेंगे शाह

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्र सरकार के चार साल पूरे होने पर भाजपा ने ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सुहाग और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप से उनके घर जाकर मुलाकात की। शाह ने सुहाग को केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार की उपलब्धियों पर एक बुकलेट, एक पेन ड्राइव और इससे जुड़े अन्य साहित्य भी भेंट किये।

भाजपा के इस अभियान को 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी माना जा रहा है। इसके तहत पार्टी के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पंचायत सदस्य समेत करीब 4000 कार्यकर्ता-नेता लोगों से खुद मिलेंगे। केंद्रीय आलाकमान ने पार्टी के हर एक कार्यकर्ता को कम से कम 25 लोगों से संपर्क कर सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक भाजपा के नेता देश के एक लाख प्रमुख व्यक्तियों से व्यक्तिगत संपर्क करेंगे, जिसमें कला जगत, संविधान विशेषज्ञ, सेना के रिटायर्ड अधिकारी, फिल्म और धर्म जगत की प्रमुख हस्तियाँ शामिल होगी।

इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के इन चार सालों के दौरान विशेषकर दो क्षेत्रों – ग्रामीण जीवन से असुविधाओं को समाप्त कर उन्हें प्रगति की राह पर आगे बढ़ाने और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में बहुत बड़ा काम हुआ है। साथ ही आने वाले पांचवें साल में केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार का लक्ष्य लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देकर किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने और देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक का बीमा देकर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त करने का है।

शाह ने विगत चार वर्षो के बारे मे बताया कि दुनिया में देश के गौरव को आजादी के बाद सबसे ऊँची सतह पर प्रतिष्ठित करने का काम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है।

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आज सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे येदियुरप्पा, BJP सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत से 8 सीट दूर

चुनाव के नतीजे आ गए हैं. लेकिन किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. कर्नाटक में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदुरप्पा ने आज सुबह साढे दस बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. बैठक के बाद, येदुरप्पा विधायक दल के नेता चुने जाने की जानकारी राज्यपाल को देंगे और सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे.

राज्यपाल के पाले में है गेंद

वहीं, एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस की बैठक भी आज है. जेडीएस कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा कर रही है. बता दें कि कांग्रेस को 78 सीटें मिली है वो दूसरे नंबर की पार्टी बनी है. जबकि जेडीएस को सिर्फ 38 सीटें मिली हैं. अब गेंद राज्यपाल के पाले में है और देखना होगा कि वह सरकार बनाने का न्योता किसे देते हैं.

हम सबसे बड़ी पार्टी, मौका मिले- येदियुरप्पा

बीएस येदियुरप्पा ने कहा है, ‘’हम सबसे बड़ी पार्टी हैं और ऐसे में सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. बीजेपी 100 प्रतिशत सरकार बनाएगी और विधानसभा में बहमत भी साबित करेगी.’’

पहली प्राथमिकता सरकार का गठन, शर्तों पर फैसला बाद में- सिद्धारमैया

उधर, राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मीडिया से मुखातिब सिद्धारमैया ने कहा, कांग्रेस ने बिना शर्त जेडीएस को समर्थन दिया है. सिद्धारमैया ने कहा कि गठबंधन की शर्तों पर बाद में फैसला होगा. पहली प्राथमिकता सरकार का गठन है. सिद्धारमैया ने दावा किया कि उनके पास मैजिक नंबर है.  उन्होंने कहा कि दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के साथ है

बता दें कि अगर कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन का दावा चल गया तो जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के सीएम भी बन सकते हैं.

कौन हैं कुमारस्वामी?

कुमारस्वामी साल 2006 से 2007 तक कर्नाटक के सीएम रह चुके हैं. कुमारस्वामी रामानगरम से तीन बार विधायक रह चुके हैं. रामानगरम सीट कुमारस्वामी का गढ़ मानी जाती है. साल 2013 में कुमारस्वामी रामानगरम से 40 हजार वोटों से जीते थे. कुमारस्वामी दो बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं.

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सीरिया में अपनी फौज बनाए रखने के पीछे अमेरिका के हैं तीन खास मकसद

सीरिया पर हुए ताजा हमले ने वहां पर शांति स्‍थापना की उम्‍मीद पर पानी फेर दिया है। अब अमेरिका ने सीरिया में अपनी फौज की स्थिति को यथावत रखने का फैसला करते हुए करीब दो सप्‍ताह पहले लिए फैसले को पूरी तरह से पलट दिया है।

यूएन में अमेरिकी राजदूत निक्‍की हेली के मुताबिक सीरिया में अमेरिकी फौज की मौजूदगी पर फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैन्‍युल मैक्रान ने भी अपनी सहमति जताई है। इसके अलावा अमेरिका सीरिया समेत रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध भी लगाने वाला है, जिसकी घोषणा जल्‍द ही कर दी जाएगी। यह प्रतिबंध रूस के सीरिया को लगातार समर्थन देने के खिलाफ लगाए जाने वाले हैं।

पहले फौज को वापस बुलाने का हुआ था ऐलान

गौरतलब है कि 4 अप्रैल को अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि वह अमेरिकी फौज को सीरिया से वापस बुला लेंगे। हालांकि इसी दौरान उन्‍होंने यह भी कहा था कि सीरिया में जब तक उनका मकसद पूरा नहीं हो जाता और वहां मौजूद आएस आतंकियों को खत्‍म नहीं कर दिया जाता है तब तक करीब दो हजार जवान वहां पर तैनात रहेंगे। ताजा फैसले की जानकारी देते हुए यूएन में अमेरिकी राजदूत निक्‍की हेली ने एक बार फिर से यह साफ कर दिया है कि अमेरिका का मकसद पूरा होने तक अब अमेरिकी फौज सीरिया में मौजूद रहेंगी। इसमें कोई कटौती नहीं की जाएगी।

रूस को अलग-थलग करने में यूएस कामयाब

सीरिया पर ताजा हमले के बाद बदले माहौल में रूस को अलग-थलग करने की भी पूरी कोशिश अमेरिका ने की है, जिसमें वह कामयाब भी रहा है। यूएन में सीरियाई हमले के खिलाफ रूस के प्रस्‍ताव का गिरना अमेरिका के लिए एक बड़ी कामयाबी है। वहीं संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि सीरियाई राष्‍ट्रपति बशर अल असद नहीं मानें तो इस तरह के हमले आगे भी किए जाएंगे। रूस के लिए यह दोनों ही बातें किसी बड़ी हार की तरह हैं। मौजूदा स्थिति में अमेरिका और रूस के बीच शीतयुद्ध का दूसरा दौर शुरू हो चुका है।

अमेरिका के तीन मकसद

अमेरिका की तरफ से यूएन में उसके तीन मकसद भी बेहद साफ जाहिर कर दिए गए हैं। इसमें पहला मकसद सीरिया में केमिकल वैपंस का आगे इस्‍तेमाल न होना, दूसरा आतंकी संगठन आईएस का खात्‍मा और तीसरा ईरान पर नजर रखना है। हेली ने यह भी कहा है कि इन मकसद के पूरा होने के बाद सीरिया से अमेरिकी फौज वापस लौट जाएंगी। इस बातचीत के दौरान हेली का ये भी कहना था कि सीरिया अमे‍रिका के साथ वन-टू-वन टॉक के लिए पहले ही इंकार कर चुका है। उनका कहना था कि सीरिया बातचीत करना ही नहीं चाहता है। यह बातें उन्‍होंने एक चैनल से हुई वार्ता के दौरान कही हैं।

केमिकल अटैक के बाद बदले हालात

आपको बता दें कि सीरिया में हुए कथित केमिकल अटैक और इसके बाद हुए संयुक्‍त हमले से पूरी दुनिया में तनाव पैदा हो गया है। इसके चलते रूस के अमेरिका और उसके समर्थित देशों से संबंध जो पहले से ही काफी नाजुक हालात में थे अब और ज्‍यादा खराब हो गए हैं। खासतौर पर ब्रिटेन और फ्रांस के साथ। ताजा हमले में अमेरिका का साथ फ्रांस और ब्रिटेन ने ही दिया है। तीनों ने मिलकर सीरिया के दमिश्‍क और होम्‍स में करीब 103 मिसाइलें दागी थीं। इस हमले में सीरिया के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस बीच सीरिया की तरफ से यह भी कहा जा रहा है कि यदि उसके पास केमिकल वैपंस होते तो इस हमले में कुछ लीकेज जरूर होती लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसका अर्थ यही है कि सीरिया के पास केमिकल वैपंस नहीं हैं, जिनका जिक्र लगातार किया जा रहा है।

केमिकल वैपंस का इस्‍तेमाल

गौरतलब है कि वर्ष 2015 में कुर्द लड़ाकों ने दावा किया था कि इस्लामिक स्टेट ने उनके खिलाफ उत्तरी इराक में रासायनिक हथियार का इस्तेमाल किया था। वर्ष 1997 में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए हुए समझौते में यह तय हुआ था कि लड़ाई में क्लोरीन गैस का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। अमेरिका ने इराक पर केमिकल वेपंस रखने का आरोप लगाते हुए साल 2003 में इराक पर हमला कर दिया था। 30 दिसंबर 2006 को इराकी राष्‍ट्रपति सद्दाम हुसैन को फांसी की सजा दे दी गई।

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राजनाथ बोले- उन्नाव-कठुआ कांड शर्मनाक, ऐसे मामलों में राज्य सरकारें तुरंत लें एक्शन

उन्नाव और कठुआ गैंगरेप की घटना से पूरा देश आग बबूला है. लोग सरकार से इन दोनों मामले में कड़ी कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं. देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इन मामलों बात की.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खास बातचीत करते हुए कहा कि जहां तक महिला सुरक्षा का प्रश्न है हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. महिला सुरक्षा से जुड़े मामले राज्य सरकारों से संबंधित होते हैं. लेकिन हमारी कोशिश रहती है कि आरोपियों को सजा मिलेगी.

अगर नाबालिग लड़की के साथ रेप होता है तो तुरंत एफआईआर होनी चाहिए. अगर किसी प्रकार का संदेह है तो प्राथमिकी कार्रवाई और जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्नाव मामला काफी दुखी है.

कठुआ मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती से भी बात की है. वहीं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और राम माधव से भी बात की गई है. राजनाथ ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कठुआ की स्थिति को गंभीर रूप से देखा जाना चाहिए. कठुआ में पाकिस्तान का हाथ होने पर उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ भी हो सकता है.

कश्मीर मुद्दे पर भी की बात

कश्मीर की समस्या पर राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई भी छोटी चुनौती एक बड़ी चुनौती की तरह ही होती है. कश्मीर की समस्या के समाधान के लिए जो भी केंद्र सरकार से हो सकता है वो किया जा रहा है. कश्मीर के जो हालात हैं वो सामान्य नहीं हैं, वहां की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सबकुछ किया जा रहा है. कश्मीर में बच्चों को बहकाया जाता है, कोई बच्चा खुद पत्थर लेकर सुरक्षाकर्मियों के सामने नहीं आता है.

उन्होंने कहा कि कुछ ताकते हैं जो ऐसा करती हैं. पाकिस्तान की कोशिश लगातार भारत में इस प्रकार की कोशिशें करता है, पाकिस्तान को अपनी इन हरकतों से बाज आना चाहिए. राजनाथ ने कहा कि अब आतंकी फंडिंग में काफी कमी आई है लेकिन अभी भी काफी कुछ किया जाना बाकी है.

गृहमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों पर हमें गर्व है. एक-दो घटनाएं ऐसी हुई हैं जिनपर कार्रवाई की गई है वो राज्य सरकार ने किया होगा. राजनाथ ने कहा कि हमारी तरफ से वहां के लोगों से बातचीत की कोशिशें जारी है. कश्मीर धरती का स्वर्ग है उसे बर्बाद नहीं होने देंगे.

देश के मुसलमानों पर हमें गर्व

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें अपने देश के मुसलमानों पर गर्व है. भारत में ISIS ना के बराबर है. भारत में हम ISIS को बढ़ने नहीं देंगे, हमें अपने मुसलमानों पर पूरा विश्वास है. पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन पर राजनाथ ने कहा कि दोनों के बीच में कोई गड़बड़ नहीं है. पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है, हमें पड़ोसियों से अच्छे संबंध बनाने हैं. लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पूरी दुनिया को हमारी सरकार ने आतंकवाद के मुद्दे पर एक मंच पर लाया है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अगर आतंकवाद को संरक्षण देना बंद कर दे तो उससे भी बात हो सकती है. हमारा रुख नहीं बदला है. राजनाथ ने कहा कि बहुत ही शालीनता से भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.

हमने खत्म की नक्सल समस्या

नक्सल समस्या पर राजनाथ सिंह ने कहा कि ये समस्या अब धीरे-धीरे खत्म हो गई है. नॉर्थ ईस्ट में भी इस प्रकार की समस्या को काफी कम कर दिया गया है. हमारा संकल्प नक्सल मुक्त भारत का है और पूरी उम्मीद है कि ये पूरा होगा.

सरकार बैकफुट पर नहीं है

राहुल गांधी के इंडिया गेट पर निकाले गए मार्च को उन्होंने कहा कि हम बैकफुट पर नहीं हैं, हमने कोई अपराध नहीं किया है. समस्याएं आती हैं, चुनौतियां आती हैं उसका सामना किया जाता है. किसी मुद्दे विशेष पर राज्य सरकार की कमी हो सकती है.

योगी की जमकर तारीफ

योगी आदित्यनाथ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह काफी अच्छी तरीके से सरकार चला रहे हैं. उन्नाव मामले में उन्होंने तुरंत सीबीआई जांच की अपील की, लेकिन अभी इस मामले में क्या कमी हुई उसकी भी जांच की जा रही है. उन्नाव में जिस प्रकार की घटना हुई है उसका कोई समर्थन नहीं करेगा. योगी जी पूरी ईमानदारी के साथ यूपी में काम कर रहे हैं. जो लोग एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं उनके सामने अदालत है वो वहां पर जा सकते हैं.

 आपराधिक केस पर राज्य सरकार करती है फैसला

राजनाथ ने कहा कि आपराधिक मामलों में केस वापस करने का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है. लेकिन जाति या मजहब के आधार पर ऐसा नहीं होता है. बिहार और बंगाल में जो हुआ उस पर उन्होंने कहा कि सिर्फ बंगाल से रिपोर्ट इसलिए मांगी क्योंकि ये पूछा जा रहा था क्या उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा चाहिए. बिहार से इसलिए रिपोर्ट नहीं मांगी क्योंकि बिहार ने पहले ही अतिरिक्त सुरक्षा मांग ली थी.

2019 के चुनावों पर क्या बोले राजनाथ

2019 के चुनावों के बारे में राजनाथ ने कहा कि हमारी तैयारी पूरी है, सरकार हमारी ही बनेगी. हमारे नंबर ठीक-ठाक आएंगे, जिन राज्यों में हमारी सरकार है वहां पर दोबारा हमारी सरकार बनेगी.

विपक्ष के एकजुट होने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ये मानता है कि इस देश में सबसे बड़ा कोई नेता है तो नरेंद्र मोदी ही हैं. विपक्ष के अंदर इस बात का डर है, दहशत है इसलिए शायद एकजुट हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी जी के सामने अभी कोई भी चेहरा नहीं है. इसका उत्तर कोई नहीं दे पाएगा. राहुल गांधी के परिपक्व होने पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से मना किया. विपक्ष जो करना चाहता है वो करें, हमारी पार्टी उसपर तवज्जो नहीं देती है. लेकिन गोरखपुर-फूलपुर में जो हुआ है वह दोबारा नहीं होगा.

राजनाथ ने कहा कि 2019 में भी कई राज्यों में क्लीन स्विप करेंगे. राजस्थान और मध्यप्रदेश के चुनाव के बारे में राजनाथ ने कहा कि अभी चुनाव में एक साल है, जो हाल बदलना होता है तो 15 दिन में बदल जाता है. 2019 के लिए लोगों का जन समर्थन हमारे साथ ही है.

दलितों के मुद्दे पर क्या कहा

दलितों के मुद्दे पर राजनाथ सिंह बोले कि इस बार भी दलित हमें ही बढ़ चढ़कर वोट देंगे. अगर आप पिछली सरकार और अब की सरकार की तुलना करेंगे तो अंतर साफ दिखेगा. उन्होंने कहा कि कुछ घटनाएं हुई हैं, कुछ ताकतों ने मामले को बढ़ाने की कोशिश की है. दलित जब गंभीरता पूर्वक विचार करेंगे तो खुद समझ जाएंगे कि हमारी सरकार ने काफी अच्छा काम किया है. अगर देश को सशक्त भारत बनाना है तो सभी का विकास होना जरूरी है.

राजनाथ ने कहा कि 2 अप्रैल को छोटी-मोटी घटनाएं हुई हैं. ऊना जैसे मामले पर उन्होंने कहा कि एक-दो घटनाएं होती हैं लेकिन हमारी सरकार ने वहां पर कार्रवाई की है. रोजगार के मुद्दे पर राजनाथ ने कहा कि पहले के अपेक्षा अब अवसर बढ़ें हैं. सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं बल्कि नौकरी के मौके की भी बात करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि कुछ ताकते हैं कि जो कि जातिगत संघर्ष को पैदा कर निजी स्वार्थ को पूरा करना चाहती हैं. देश की जनता गुमराह नहीं होगी, कुछ लोग हो सकते हैं. अगली सरकार स्पष्ट बहुमत के साथ हमारी ही बनेगी.

दाऊद को पकड़ना नामुमकिन नहीं

दाऊद इब्राहिम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हम कोई ट्रंप कार्ड चलकर जीत हासिल नहीं करेंगे. हम सरकार बनाएंगे तो लोगों का दिल जीत कर चलाएंगे. उन्होंने कहा कि दाऊद को पकड़ना नामुमकिन नहीं है.

कोर्ट में है राम मंदिर मामला

राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले का सही जवाब न्यायपालिका ही दे सकती है. जब वाजपेयी जी की सरकार थी तो बातचीत से मुद्दा सुलझाने की कोशिशें हुई थीं. उसके बाद अब श्रीश्री रविशंकर जी इस पर बात कर रहे हैं, लेकिन सभी को कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.

पक्ष-विपक्ष के उपवास पर उन्होंने कहा कि क्या कभी कोई सरकार चाहेगी कि संसद ना चले. संसद को चलाना सरकार और विपक्ष की भी जिम्मेदारी है. क्या विपक्ष के लोगों को संसद से बाहर फेंकवा दें. हमने सभी के साथ बातचीत की है.

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भारत बंद के दौरान बिहार में हिंसा, आरा में फायरिंग और गया में लाठीचार्ज

SC/ST एक्ट में हुए बदलावों के विरोध में 2 अप्रैल को दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया था. अब आरक्षण के विरोध में आज भारत बंद बुलाया गया है. इस बंद को लेकर देश के सभी राज्यों की पुलिस हाईअलर्ट पर है, गृहमंत्रालय ने भी सभी राज्यों को सख्ती बरतने के लिए कहा है. कई राज्यों में भारत बंद के चलते धारा 144 लागू की गई है. ये भारत बंद आरक्षण के विरोध में बुलाया गया है.

बिहार – आरा नगर थाने में आनंदनगर इलाके में बंद समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसक झड़प हुई है. दोनों तरफ से फायरिंग की जा रही है. इसके अलावा आरा में ही सैकड़ों युवाओं ने पटना पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया. आक्रोशित युवाओं ने रेल पटरी पर उतरकर आरक्षण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. आरा में पत्थरबाजी के दौरान सात लोग घायल हुए हैं. घायल में एसडीओ भी शामिल हैं. गया में भारत बंद के दौरान उपद्रवियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. कई उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया गया है. आरा में धारा 144 लागू की गई है.

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 बिहार के वैशाली में भी आरक्षण के विरोध में बंद के दौरान कई जगह से प्रदर्शन और जाम की तस्वीर सामने आई हैं. आरक्षण विरोधियों ने कई जगह रेल ट्रैक पर आगजनी कर परिचालन को भी बाधित किया है.

इसके अलावा पटना-कोलकाता रेलखंड का परिचालन ठप हो गया है. प्रदर्शनकारियों ने बरौनी पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया है. कई लोग रेल पटरी पर बैठकर ही प्रदर्शन कर रहे हैं. दरभंगा की ललित नारायण मिश्रा यूनिवर्सिटी ने अपने बीए के पेपर को टाल दिया है. इसके अलावा कई प्राइवेट स्कूलों को भी बंद किया गया है.

आरक्षण के खिलाफ भारत बंद के दौरान भोजपुर में आक्रोशित युवाओं ने सड़क पर आगजनी कर आवागमन बाधित कर दिया. नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा मोड़ के समीप आरक्षण के खिलाफ नारे लगा रहे युवाओं ने 84 आरा बक्सर मुख्य मार्ग को सुबह से ही जाम लगाना शुरू कर दिया.

बिहार के मुजफ्फरपुर में हिंसा के दौरान लोगों ने तीन राउंड फायरिंग की है. समर्थकों ने पुलिस और मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी भी की.

केंद्रीय मंत्री से बदसलूकी

भारत बंद का सबसे ज्यादा असर बिहार में दिख रहा है. इस दौरान हाजीपुर में केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा जाम में फंस गए. बंद समर्थकों ने केंद्रीय मंत्री से बदसलूकी भी की गई. ये घटना हाजीपुर के शुभाई की है.

जो युवा नारेबाजी कर रहे थे उनका कहना था कि आरक्षण जाति के हिसाब से नहीं बल्कि आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को मिलना चाहिए ताकि हर वर्ग के लोग समाज की मुख्यधारा में आ सके. इसके अलावा बिहार में NH 219 के पास रतवार गांव में लोगों ने सड़क को जाम कर दिया है और नारेबाजी कर रहे हैं. मुजफ्फरपुर में मंगलवार सुबह पटना रोड के पास टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया. इसके अलावा भगवानपुर में मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया गया है.

बिहार में भी भारत बंद के चलते सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज बिहार में ही हैं, इसलिए सुरक्षा वैसे ही बढ़ाई गई है. केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि केंद्र सरकार की एंटी-दलित छवि बनती जा रही है. उन्होंने कहा कि एक साल में सबकुछ ठीक हो जाएगा, सरकार दलितों के लिए बहुत कुछ कर रही है.

उत्तर प्रदेश –

भारत बंद का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में दिख रहा है. मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में रविवार से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सहारनपुर में अग्रिम आदेशों तक इंटरनेट की सुविधा को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा हापुड़ और मुजफ्फरनगर में भी इंटरनेट की सेवा बंद है. वहीं फिरोजाबाद और मुजफ्फरनगर में स्कूलों को भी बंद रखा गया है. रविवार रात से ही कई इलाकों में पुलिस ने मार्च किया. अभी शुरुआत में मेरठ में भारत बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है.

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ANI UP

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 No impact of #BharatBandh call seen as yet in Meerut. MHA had issued an advisory that some groups would be protesting against caste-based reservations in jobs and education.

पंजाब

 पंजाब के फिरोजपुर में भारत बंद के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई. दुकान बंद करवाने के दौरान लोगों ने मोटरसाइकिल पर पथराव किया. इस दौरान लोगों ने तलवारों से हमला किया, जिसमें दो घायल हुए हैं.

मध्य प्रदेश –

2 अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद के दौरान सबसे ज्यादा हिंसा मध्यप्रदेश में ही हुई थी. इस बार भारत बंद को देखते हुए राज्य के कई शहरों में धारा 144 लागू की गई है. भिंड, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, श्योपुर, शिवपुरी में इंटरनेट की सुविधा पर रोक लगा दी गई है. भिंड और मुरैना में कर्फ्यू लगा दिया हया है. पैरामिलिट्री फोर्स की 6 कंपनियों को तैनात किया गया है.

ग्वालियर में उपद्रवियों से निपटने के लिए 2 हज़ार से ज्यादा पुलिस बलों को तैनात किया गया है. इसके अलावा सीआरपीएफ को भी तैनात किया गया है. भोपाल, रायसेन, टीकमगढ़ में धारा 144 को लागू किया गया है. वहीं सागर में किसी भी तरह के धरने, रैली और जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया है.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर, मुरैना और भिंड में हुई हिंसा के बाद, उच्च जातियों के संगठनों द्वारा 10 अप्रैल को प्रस्तावित भारत बंद और 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है.

राजस्थान –

राजस्थान में इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है. जयपुर में मोबाइल इंटरनेट सुविधा पर रोक लगा दी गई है और शहर में धारा 144 लागू की गई है.

केरल – 

केरल में आज CPIM भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन करेगी. CPIM राज्य के हर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी. CPIM का आरोप है कि बीजेपी के राज में दलितों पर अत्याचार बढ़ा है.

गृह मंत्रालय ने मुहैया कराई सुरक्षा

आपको बता दें कि भारत बंद को देखते हुए देशभर में गृहमंत्रालय ने 30 अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को तैनात किया है. इसमें 14 कंपनी अर्धसैनिक बल की उत्तर प्रदेश में, 4 कंपनी सीआरपीएफ की मध्यप्रदेश में, 8 कंपनी CRPF की राजस्थान में और बिहार में CRPF की 4 कंपनियां तैनात की गई हैं.

गृह मंत्रालय ने सोमवार को ही सभी राज्यों को एडवाइज़री जारी की थी. इसमें राज्यों के डीएम और एसपी को अलर्ट जारी किया गया था और बंद के दौरान सतर्क रहने को कहा गया था. आपको बता दें कि ये बंद किसी संगठन के द्वारा नहीं बुलाया गया है. बल्कि 2 अप्रैल के बाद लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों के जरिए ही बुलाया गया है.

आपको बता दें कि बीते 2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्ट में बदलावों के खिलाफ दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया था. इस भारत बंद में काफी हिंसा हुई थी, जिसमें करीब 10 से अधिक लोगों की मौत हुई थी. इस दौरान उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में काफी हिंसा और तोड़फोड़ हुई थी.

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सोशल मीडिया पर छाए कांग्रेस नेताओं के ‘छोले-भटूरे’, लोगों ने ली जमकर चुटकी

देशभर में दलितों पर कथित अत्याचारों के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर अनशन कर रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस नेताओं के एक तस्वीर ने पार्टी के अनशन की पोल खोल कर रख दी। भाजपा नेता हरीश खुराना द्वारा जारी तस्वीर में अजय माकन, हारुन युसुफ, अरविंदर सिंह लवली अनशन से ठीक पहले छोले-भटूरे का आनंद लेते दिखाई दिए। देखते ही देखते यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिसके बाद कांग्रेस की खूब किरकिरी हुई। यूजर्स राहुल गांधी के जमकर मजे ले रहे हैं। ट्विटर पर भी #RahulOnAFarce काफी ट्रेंड कर रहा है। लोगों ने कुछ इस तरह ली कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी की चुटकी

Pradeep Mahaur@Pradeep_Mahaur

Rahul is not only hipocrite but a plaster saint febricated by
A new drama of fasting for few hours is exposed where he himself is reaching late for the event.

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Geeta@GeetaYahoo

RaGa~~ Mummy,Karti bhaiya wanted to order from Swiggy in jail
What should I order from them after I break my fast??
Sonia~~So much food after a 3 hour “Fast” ??.Baap re!!

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Modi Bharosa@ModiBharosa

After Proper Lunch

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Hanumaan Bhakt@pss1987

I would love to know which leader says he will embark on a fast and does not reach the venue till 12:45!
True to his style, @RahulGandhi Ji obviously woke up late.

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Know The Nation@knowthenation

When Batman found out about @RahulGandhi‘s ‘fast’..

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Know The Nation@knowthenation

And the cycle repeats !
Suggestion: Please eat gluten free bhature, even when you are fasting on Chole Bhature

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RUPESH Singh

??

@rupeshsingh10

Rahul Gandhi is seriously thinking about a Lunch Break during his Five Hour long Fast.

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kUndaN pAthaK

?

@kundanpathakk

जी की इच्छा थी कि
1 दिन कोई देश का
प्रथम नागरिक(राष्ट्रपति)बने ने उनकी इच्छा पूरी की
बदले मे दलित गाली दे रहे है

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और को राष्ट्रपति बनाये जाने से नाराज़ आज की नौटंकी कर
उनका उड़ा रहे
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Pooja Goswami@PoojaGoswami_01

ये कौनसा तरह का उपवास है भाई…

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11 AM से 4PM
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पप्पू नाश्ता करके आया है और रात मे खाना भी खाएगा.. वाह रे जनेऊधारी हिंदू इनको उपवास का मतलब तक नहीं पता.. @RahulGandhi तुमको ऐसे idea’s देता कौन है..??
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Argumentative Indian@Public_RTI

Sounds more like Part Harmony among Opposition

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Vikash Singh@VikashKrSinghh

.@RahulGandhi before going to Rajghat

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Saurabh Jha@saurabhjha12

Sir ji carrying good packets for 4 pm “fast” breaking of

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IndiaFirst-OnlyNaMo@Ashok24886689

Pappu is a curse for India like their fore fathers

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Dhans Thapa@Kshatriya_Thapa

Bas neta hone ha bhjram faia sakta hai @RahulGandhi , lekin uska dharm kabhi nahi nibha sakta

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Vinit malviya@vinit_bjp

अनशन से पहले ज्यादा खाना ठीक नहीं @RahulGandhi

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SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर विरोध में हिंसक प्रदर्शन, 8 की मौत; कई शहरों में कर्फ्यू

अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एसएसी/एसटी एक्ट) को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों ने देशभर में विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं। देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुअा। कई जगह तोड़फोड़ व अगजनी की घटनाएं सामने अाई है। वहीं मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई है।

कई जगह ट्रेनें रोकी गई हैं। इसके अलावा कुछ शहरों में झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एससी/एसटी एक्ट में कई बदलाव हुए थे। हालांकि, सरकार ने अब इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है।

पुनर्विचार याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
केन्द्र सरकार ने एससी एसटी एक्ट में तत्काल एफआइआर और तुरंत गिरफ़्तारी पर रोक के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। सरकार ने कोर्ट से याचिका पर खुली अदालत में बहस और सुनवाई की मांग की है। याचिका में सरकार ने तर्क दिया कि फ़ैसले से कानून का उद्देश्य कमज़ोर होगा। पुनर्विचार याचिका मे सरकार ने अभियुक्त के लिए अग्रिम जमानत के रास्ते खोलने का विरोध किया और कहा कि इसका अभियुक्त दुरुपयोग करेगा और पीड़ित को धमका सकता है, साथ ही जांच भी प्रभावित कर सकता है। सरकार ने कहा कि इस कानून मे अभियुक्त को अग्रिम जमानत का हक न देने से अनुच्छेद 21 में उसे मिले जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन नही होता। एससीएसटी कानून में ये 1973 मे नये अधिकार के तौर पर जोड़ा गया था।उधर एससी एसटी पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आल इंडिया फ़ेडरेशन आफ एससी एसटी आर्गनाइजेशन की ओर से आज सुप्रीम कोर्ट मे अलग से नई याचिका दाखिल की गई, जिसमें कोर्ट से फ़ैसले पर रोक लगाने और मामले पर विचार कर फ़ैसले मे बदलाव की मांग की गई है। याचिका पर वकील मनोज गोरकेला ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ से जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग ठुकराते हुए कहा कि मामले पर नियमित क्रम मे ही सुनवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश के मुरैना में एक की मौत, लगाया गया कर्फ्यू

मुरैना में विरोध प्रदर्शन में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। हिंसा के उग्र होने के बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश के मुरैना शहर में जमकर हिंसा हुई। यहां विरोध प्रदर्शन के दौरान हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की वजह से हालात बेकाबू हो गए। मुरैना में बंद समर्थकों ने बस स्टैंड, बैरियर चौराहे पर पथराव किया। इस दौरान कई वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो मुरैना रेलवे स्टेशन पर उपद्रव शुरू हो गया। बंद समर्थकों ने यहां पटरियों पर डेरा जमा लिया, जिसके बाद ट्रेनों की आवाजाही थम गई है। मीडिया खबरों के मुताबिक, ग्‍वालियर में भारत बंद के दौरान हुई हिंसक झड़पों में 19 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 2 की मौत हो गई है। आईजी कानून एवं व्यवस्था मकरंद देउस्कर ने बताया कि मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान अभी तक 5 लोगों की मौत हो गई है।

दिल्ली में पुलिस बल पर पथराव, ठप हुए राजमार्ग

एसटी-एसी एक्ट 1989 में संशोधन के खिलाफ दिल्‍ली एनसीआर में भारत बंद ने हिंसा का रूप अख्तियार कर लिया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें हुई। इससे निपटने के लिए पुलिस ने हल्‍के बल का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने एनएच 24 और दिल्ली-देहरादून हाइवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा दिया। इससे कई राजमार्ग पर यातायात व्‍यवस्‍था पूरी तरह से ठप हो गई। गाजियाबाद में रेलवे फटकी पर जाम के कारण ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है।

बिहार में दिन चढ़ने के साथ बढ़ता जा रहा भारत बंद का असर
बिहार में यह बंद असरदार दिख रहा है। बिहार में पंजाब जाने वाली ट्रेन को रोक दिया गया है। बंद के कारण जगह-जगह रेल व सड़क यातायात प्रभावित हैं। बंद समर्थकों ने पटना व हाजीपुर के बीच उत्तर व दक्षिण बिहार की लाइफलाइन ‘महात्मा गांधी सेतु’ को जाम कर दिया है। इस बंद को राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। बंद के दौरान वैशाली में एक कोचिंग संस्‍थान को बंद कराने के दौरान छात्रों से बंद समर्थकों की भिड़त हो गई। इसमें दर्जनों छात्र घायल बताए जा रहे हैं। बंद समर्थक पटना सहित राज्‍य के विभिन्‍न जगहों पर एंबुलेंस सहित आवश्‍यक सेवाओं की गाडि़यों को भी रोक रहे हैं।

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। राजस्‍थान के डीजीपी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान अलवर में फायरिंग हुई, जिसमें एक शख्‍स की मौत हो गई है। कुछ क्षेत्रों में पत्‍थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। हिंसक प्रदर्शन कर रहे काफी लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और धारा 144 लगा दी गई है, ताकि हालात ज्‍यादा न बिगड़ें। बाड़मेर में दलित और पुलिस में झड़प हो गई है। इस झड़प में 25 लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू के गोले दागे। दूसरी तरफ करणी सेना भी दलितों के प्रदर्शन के विरोध में सड़कों पर उतर आई है। जिसकी वजह से दोनों गुटों के बीच भिड़ंत हो गई। सड़क पर दोनों गुट भिड़ गए। बाड़मेर में वाहनों को आग लगा दी गई।

उत्तर प्रदेश में जोरदार विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में हालात बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर में हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के मरने की सूचना है। मृतक का नाम अमरीश निवासी गादला, थाना भोपा है। इसकी बॉडी जिला अस्पताल लाई गई है। रेलवे के कर्मचारी प्रताप की कमर में भी गोली लगी है, उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। उत्‍तर प्रदेश के डीआइजी ने बताया कि प्रदेश के सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्‍से में ही हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें 2 शख्‍स की मौत हो गई है और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश के 90 प्रतिशत हिस्‍से में शांति का माहौल है। प्रदर्शनकारियों से सख्‍ती से निपटा जा रहा है। पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया। हम विश्‍वास दिलाते हैं कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। आजमगढ़ में एक बस पर हमला कर दिया और उसमें आग लगा दी गई। मेरठ तथा आगरा व मैनपुरी में दलित संगठन से जुड़े लोग सड़क पर उतर आए हैं। कई जगह पर प्रदर्शनकारी ट्रेन के सामने खड़े हो गए हैं। एससी-एसटी एक्ट पर फैसले का आगरा में भी कई संगठनों ने काफी विरोध किया है। बसपा के कार्यकर्ता यहां शहर के सभी बाजारों में भीड़ जबरन बाजार बंद करा रही है। यह लोग विरोध में लाठी-डंडे के साथ सड़क पर उतरे और दुकानों में काफी लूटपाट करने के साथ ही महिलाओं से भी छेड़छाड़ की। एंबुलेंस में फंसे मरीजों के साथ अभद्रता की गई। शाहगंज क्षेत्र के बारह खंभा के पास लोग रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसके साथ ही यहां एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया में चक्का जाम किया गया है। करीब एक घण्टे से जाम के चलते रामबाग तक बड़ी संख्या में वाहनों की कतार लग गई है। जगह-जगह पर इसको लेकर प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी है।

एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद दलित संगठनों के दो अप्रैल को भारत बंद के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी है। पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय व बैंक सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं।

पंजाब में दलितों के बंद का मिलाजुला असर
एससी-एसटी एक्‍ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों द्वारा किए गए बंद के आह्वान का पंजाब के अधिकांश इलाकों में मिलाजुला असर दिख रहा है। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, बरनाला, पटियाला सहित अन्य जिलों में दलित संगठनों के लोग सक्रिय हैं। संगठनों के कार्यकर्ता तड़के से ही सड़कों पर उतर आए। अमृतसर में वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने सचखंड एक्सप्रेस रोक दी, जिससे यात्री परेशान रहे। किसी भी आशंका से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के क़ड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने कल ही प्रदेश में सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालयों को सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही कल रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद कर दी गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है।

झारखंड में पुलिस ने किया लाठी चार्ज
रांची में बंद समर्थक सड़क पर उतर चुके हैं। दुकानों को बंद करवाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, रांची के आदिवासी हॉस्टल के बंद समर्थकों ने जमकर उपद्रव किया। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठी चार्ज किया।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था। कोर्ट ने कहा था कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो। कोर्ट ने कहा था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है।

राजद, सपा, कांग्रेस और शरद का समर्थन

सोमवार को बुलाए गए भारत बंद को बिहार में राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। दलित संगठनों ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को आहूत भारत बंद का समर्थन किया है।