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दुनिया के कई देशों को आधी कीमत पर पेट्रोल डीजल बेच रहा है भारत, जानिए कारण!

पंजाब के रोहित सभ्रवाल की आरटीआई से पता चला है कि मैंग्लोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमि. से 1 जनवरी 2018 से 30 जून 2018 के बीच पांच देशों – हांगकांग, मलेशिया, मॉरिशस, सिंगापुर और यूएई को 32 से 34 रुपए प्रति लीटर में रिफाइंड पेट्रोल और 34 से 36 रुपए में रिफाइंड डीजल बेचा गया। इस दैरान भारत में पेट्रोल की कीमत 69.97 रुपए से 75.55 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 59.70 रुपए से 67.38 रुपए प्रति लीटर रही।

– इन पांच देशों के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, ईराक, इजराइल, जॉर्डन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में भारत से रिफाइन्ड पेट्रोल-डीजल निर्यात किया जाता है।

देशवासियों पर 150 फीसद तक टैक्स

रोहित सभ्रवाल कहते हैं, बाकी देशों को भारत से भले ही बेहद सस्ता रिफाइंड पेट्रोल-डीजल मिल रहा हो, लेकिन यहां के लोगों पर 125 से 150 फीसद तक टैक्स लगाया जा रहा है। यही कारण है कि भारत के अधिकांश राज्यों में पेट्रोल 75 से 82 रुपए लीटर और डीजल 66 से 74 रुपए लीटर तक बेचा जा रहा है। ताजा खबर तो यह भी है कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लेने से इन्कार कर दिया है। यानी दाम कम होने की यह उम्मीद भी खत्म हो गई है।

यही 35.90 रुपए प्रति लीटर वाला कच्चा पेट्रोल रिफाइन करने के बाद भारत में 77 से 82 रुपए लीटर हो जाता है, क्योंकि इसमें करीब 19.48 रुपए की एक्साइज ड्यूटी, 16.47 रुपए प्रति लीटर का VAT, अन्य टैक्स और डीलर कमीशन शामिल हो जाता है। डीजल पर भी ये सभी टैक्स लगते हैं।

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ISIS चीफ बगदादी ने राहुल गांधी को शुक्रिया कहा। चाहता है राहुल से सहयोग। जानिए पूरा मामला!

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जर्मनी के हैम्बर्ग में अपने भाषण के दौरान इराक में बेरोजगारी को खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के गठन की वजह बतलाया। उन्होंने इराक का उदाहरण देते हुए भारत सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ‘भारत सरकार की मौजूदा नीति में विकास की प्रक्रिया से आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों को बाहर रखा जा रहा है, जिसके खतरनाक परिणाम होंगे।’ हैम्बर्ग में 23 देशों के प्रतिनिधियों के सामने कई विषयों पर अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने आगे कहा कि ’21वीं सदी में लोगों को बाहर रखना काफी खतरनाक है। अगर आप 21वीं सदी में लोगों को कोई विजन नहीं देते तो कोई और देगा और विकास प्रक्रिया से बड़ी संख्या में लोगों को बाहर रखना असली खतरा है।’

बुधवार को अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने यहां जीएसटी, नोटबंदी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की थी। लेकिन अब सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के बयान को लेकर मजाक उड़ाया जा रहा है। कई तरह के फनी मीम्स भी इसे लेकर शेयर किये जा रहे हैं। एक यूजर ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ‘आईएस चीफ अबु बकर अल बगदादी ने राहुल गांधी को धन्यवाद देते हुए उनसे कहा है कि वो सभी आईएसआईएस सदस्यों को अमेठी में रोजगार उपलब्ध कराएं।’

बहरहाल आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष के इस भाषण के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में जिस प्रकार से आतंकवाद को सही ठहराने का प्रयास किया और आईएसआईएस के बारे में जो जस्टिफिकेशन दिया है उससे भयावह और चिंताजनक कुछ नहीं हो सकता है।

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पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन, लंबे समय से थे बीमार

Atal bihari bajpeyi ji

पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का निधन गुरुवार शाम 5.05 मिनट पर हो गया। वह 93 साल के थे। अटल जी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। हमारे देश के उन चुनिंदा लोगों में अटल जी का नाम लिया जाता है जिन्होंने भारतीय राजनीती में आमूलचूल परिवर्तन किये और इसको एक नई दिशा दी। प्रधानमंत्री पद के लिए परिवारवाद की जीत को दरकिनार करने के लिए अगर किसी एक शख्स को जिम्मेदार माना जायेगा तो वो अटल जी ही हैं।

वाजपेयी जी को सांस लेने में परेशानी, यूरीन व किडनी में संक्रमण होने के कारण 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था। 15 अगस्‍त को उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्‍हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। थोड़ी देर में उनका पार्थिव शरीर उनके निवास पर लाया जाएगा, जहां उसे लोगों के दर्शनार्थ रखा जाएगा। इस संबंध में 6.30 बजे केंद्रीय कैबिनेट होगी।
एम्स के मुताबिक, बुधवार सुबह वाजपेयी जी को सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उन्हें जरूरी दवाइयां दी गई थीं, लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। भाजपा के संस्थापकों में शामिल वाजपेयी 3 बार देश के प्रधानमंत्री रहे। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

वाजपेयी जी काफी दिनों से बीमार थे और वह करीब 15 साल पहले राजनीति से संन्यास ले चुके थे। अटल बिहारी वाजपेयी जी ने लाल कृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर भाजपा की स्थापना की थी और उसे सत्ता के शिखर पहुंचाया। भारतीय राजनीति में अटल-आडवाणी की जोड़ी सुपरहिट साबित हुई। अटल बिहारी जी देश के उन चुनिन्दा राजनेताओं में से एक थे, जिन्हें दूरदर्शी माना जाता था। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में ऐसे कई फैसले लिए जिसने देश और उनके खुद के राजनीतिक छवि को काफी मजबूती दी। अटल जी एक उच्च कोटि के चिंतक एवं विचारक होने के साथ-साथ एक श्रेष्ठ कवि, लेखक, रणनीतिकार और राजनीतिज्ञ थे।

उनका जन्म 25 दिसंबर, 1924 को ब्रह्ममूहुर्त में शिन्दे की छावनी वाले घर में हुआ था। वैसे उनके स्कूल के सर्टिफिकेट में जन्म की तिथि 25 दिसंबर 1926 लिखी है। यह दो वर्षों का अंतर उनके पिताजी ने इसलिए कराया था कि कम आयु लिखी जाएगी तो लड़का ज्यादा दिनों तक नौकरी कर सकेगा।

इस संदर्भ का जिक्र स्वयं अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ग्वालियर के श्री नारायण तरटे को 7 जनवरी, 1986 को लिखे एक पत्र में किया था। उन्होंने लिखा था ‘आपका पत्र मिला। बड़ी प्रसन्नता हुई। इतने संगी-साथियों में यदि किसी के स्नेह-आशीर्वाद की अभिलाषा रहती है तो वह आप ही हैं। मेरा जन्म 1924 में हुआ था। पिताजी ने स्कूल में नाम लिखाते समय 1926 लिखा दिया कि उम्र कम होगी तो नौकरी ज्यादा कर सकेगा, देर में रिटायर होगा। उन्हें क्या पता था कि मेरी वर्षगांठ मनेगी और मनाने वाले मुझे छोटा बनाकर पेश करेंगे।’

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अमेरिकी संसद ने बदला कानून, भारत के लिए रूस से हथियार खरीदने का रास्ता साफ

अमेरिकी संसद ने राष्ट्रीय रक्षा विधेयक, 2019 पारित कर सीएएटीएस कानून के तहत भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगने की आशंका को खत्म करने का रास्ता निकाल लिया है. प्रतिबंधों के जरिए अमेरिका के विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई कानून (सीएएटीएसए) के तहत उन देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाते हैं जो रूस से महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की खरीद करते हैं.

अमेरिकी कांग्रेस के सीनेट ने 2019 वित्त वर्ष के लिए जॉन एस मैक्केन नेशनल डिफेंस अथॉराइजेशन एक्ट (एनटीएए) (रक्षा विधेयक) 10 मतों के मुकाबले 87 मतों से पारित कर दिया गया. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में यह विधेयक पिछले सप्ताह ही पारित हो चुका है. अब यह कानून बनने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के वास्ते व्हाइट हाउस जाएगा. इस विधेयक में CAATSA के प्रावधान 231 को समाप्त करने की बात कही गई है.

व्हाइट हाउस में राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य रहे जोसुआ व्हाइट ने बताया कि सीएएटीएसए के नये संशोधित प्रावधानों को कानूनी रूप मिलने के बाद भारत के लिए रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदना आसान हो जाएगा.

हालांकि, उनका कहना है कि कानून की भाषा बेहद कठोर लग रही है, लेकिन रूस से रक्षा खरीद करने वाले देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने वाले प्रावधानों का बेहद नरम कर दिया गया है.

रक्षा विधेयक में एक प्रावधान किया गया है जिसके तहत अमेरिका और अमेरिकी रक्षा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण साझेदार को राष्ट्रपति एक प्रमाणपत्र जारी कर सीएएटीएसए के तहत प्रतिबंधों से छूट दे सकता है.

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बेहद रोमांचक रहा लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव। देखें राहुल के सवालों पर प्रधानमंत्री मोदी के जवाब!

आइए देखते हैं एक विश्लेषण जो दर्शाता है राहुल जी ले हर तीर को जो उन्होंने भाजपा पर छोड़े तथा मोदी जी के जवाब जिन्होंने संसद में हंगामा मचा दिया,

(सौजन्य: Zee News)

हालांकि परिणाम वही हुआ जो सबको मालूम था, भाजपा समर्थकों की संख्या घटने की जगह बढ़ गयी और शिव सेना के समर्थन के साथ ही एन डी ए सरकार को 325 सांसदों का साथ मिला।

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कुमारस्वामी ने आठवीं पास को बनाया कर्नाटक का उच्च शिक्षा मंत्री

59 वर्षीय कुमारस्वामी खुद बीएससी डिग्रीधारक हैं। उन्होंने सवाल किया-‘क्या मुझे वित्त विभाग मिलना चाहिए?’ जीटी देवेगौड़ा ने मैसुरु जिले में चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हराया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस नाते वह कोई अहम विभाग की अपेक्षा रखते थे।

इस संबंध में कुमारस्वामी ने कहा– ‘कुछ लोगों की इच्छा खास विभागों में काम करने की होगी, लेकिन सभी विभागों में प्रभावी तरीके से काम करने का मौका है। हमें दक्षतापूर्वक काम करना है।’ उन्होंने कहा-‘क्या काम करने के लिए उच्च शिक्षा और लघु सिंचाई से भी अच्छा विभाग है?’

कर्नाटक में विभागों के बंटवारे से जद एस कोटे के दो मंत्री नाराज बताए जा रहे हैं। उनमें एक हैं, जीटी देवेगौड़ा, जो आठवीं पास हैं और उन्हें उच्च शिक्षा विभाग मिला है।

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भाजपा का ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू, 50 लोगों से मिलेंगे शाह

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्र सरकार के चार साल पूरे होने पर भाजपा ने ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सुहाग और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप से उनके घर जाकर मुलाकात की। शाह ने सुहाग को केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार की उपलब्धियों पर एक बुकलेट, एक पेन ड्राइव और इससे जुड़े अन्य साहित्य भी भेंट किये।

भाजपा के इस अभियान को 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी माना जा रहा है। इसके तहत पार्टी के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पंचायत सदस्य समेत करीब 4000 कार्यकर्ता-नेता लोगों से खुद मिलेंगे। केंद्रीय आलाकमान ने पार्टी के हर एक कार्यकर्ता को कम से कम 25 लोगों से संपर्क कर सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक भाजपा के नेता देश के एक लाख प्रमुख व्यक्तियों से व्यक्तिगत संपर्क करेंगे, जिसमें कला जगत, संविधान विशेषज्ञ, सेना के रिटायर्ड अधिकारी, फिल्म और धर्म जगत की प्रमुख हस्तियाँ शामिल होगी।

इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के इन चार सालों के दौरान विशेषकर दो क्षेत्रों – ग्रामीण जीवन से असुविधाओं को समाप्त कर उन्हें प्रगति की राह पर आगे बढ़ाने और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में बहुत बड़ा काम हुआ है। साथ ही आने वाले पांचवें साल में केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार का लक्ष्य लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देकर किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने और देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक का बीमा देकर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त करने का है।

शाह ने विगत चार वर्षो के बारे मे बताया कि दुनिया में देश के गौरव को आजादी के बाद सबसे ऊँची सतह पर प्रतिष्ठित करने का काम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है।

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आज सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे येदियुरप्पा, BJP सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत से 8 सीट दूर

चुनाव के नतीजे आ गए हैं. लेकिन किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. कर्नाटक में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदुरप्पा ने आज सुबह साढे दस बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. बैठक के बाद, येदुरप्पा विधायक दल के नेता चुने जाने की जानकारी राज्यपाल को देंगे और सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे.

राज्यपाल के पाले में है गेंद

वहीं, एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस की बैठक भी आज है. जेडीएस कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा कर रही है. बता दें कि कांग्रेस को 78 सीटें मिली है वो दूसरे नंबर की पार्टी बनी है. जबकि जेडीएस को सिर्फ 38 सीटें मिली हैं. अब गेंद राज्यपाल के पाले में है और देखना होगा कि वह सरकार बनाने का न्योता किसे देते हैं.

हम सबसे बड़ी पार्टी, मौका मिले- येदियुरप्पा

बीएस येदियुरप्पा ने कहा है, ‘’हम सबसे बड़ी पार्टी हैं और ऐसे में सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. बीजेपी 100 प्रतिशत सरकार बनाएगी और विधानसभा में बहमत भी साबित करेगी.’’

पहली प्राथमिकता सरकार का गठन, शर्तों पर फैसला बाद में- सिद्धारमैया

उधर, राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मीडिया से मुखातिब सिद्धारमैया ने कहा, कांग्रेस ने बिना शर्त जेडीएस को समर्थन दिया है. सिद्धारमैया ने कहा कि गठबंधन की शर्तों पर बाद में फैसला होगा. पहली प्राथमिकता सरकार का गठन है. सिद्धारमैया ने दावा किया कि उनके पास मैजिक नंबर है.  उन्होंने कहा कि दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के साथ है

बता दें कि अगर कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन का दावा चल गया तो जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के सीएम भी बन सकते हैं.

कौन हैं कुमारस्वामी?

कुमारस्वामी साल 2006 से 2007 तक कर्नाटक के सीएम रह चुके हैं. कुमारस्वामी रामानगरम से तीन बार विधायक रह चुके हैं. रामानगरम सीट कुमारस्वामी का गढ़ मानी जाती है. साल 2013 में कुमारस्वामी रामानगरम से 40 हजार वोटों से जीते थे. कुमारस्वामी दो बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं.

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सीरिया में अपनी फौज बनाए रखने के पीछे अमेरिका के हैं तीन खास मकसद

सीरिया पर हुए ताजा हमले ने वहां पर शांति स्‍थापना की उम्‍मीद पर पानी फेर दिया है। अब अमेरिका ने सीरिया में अपनी फौज की स्थिति को यथावत रखने का फैसला करते हुए करीब दो सप्‍ताह पहले लिए फैसले को पूरी तरह से पलट दिया है।

यूएन में अमेरिकी राजदूत निक्‍की हेली के मुताबिक सीरिया में अमेरिकी फौज की मौजूदगी पर फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैन्‍युल मैक्रान ने भी अपनी सहमति जताई है। इसके अलावा अमेरिका सीरिया समेत रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध भी लगाने वाला है, जिसकी घोषणा जल्‍द ही कर दी जाएगी। यह प्रतिबंध रूस के सीरिया को लगातार समर्थन देने के खिलाफ लगाए जाने वाले हैं।

पहले फौज को वापस बुलाने का हुआ था ऐलान

गौरतलब है कि 4 अप्रैल को अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि वह अमेरिकी फौज को सीरिया से वापस बुला लेंगे। हालांकि इसी दौरान उन्‍होंने यह भी कहा था कि सीरिया में जब तक उनका मकसद पूरा नहीं हो जाता और वहां मौजूद आएस आतंकियों को खत्‍म नहीं कर दिया जाता है तब तक करीब दो हजार जवान वहां पर तैनात रहेंगे। ताजा फैसले की जानकारी देते हुए यूएन में अमेरिकी राजदूत निक्‍की हेली ने एक बार फिर से यह साफ कर दिया है कि अमेरिका का मकसद पूरा होने तक अब अमेरिकी फौज सीरिया में मौजूद रहेंगी। इसमें कोई कटौती नहीं की जाएगी।

रूस को अलग-थलग करने में यूएस कामयाब

सीरिया पर ताजा हमले के बाद बदले माहौल में रूस को अलग-थलग करने की भी पूरी कोशिश अमेरिका ने की है, जिसमें वह कामयाब भी रहा है। यूएन में सीरियाई हमले के खिलाफ रूस के प्रस्‍ताव का गिरना अमेरिका के लिए एक बड़ी कामयाबी है। वहीं संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि सीरियाई राष्‍ट्रपति बशर अल असद नहीं मानें तो इस तरह के हमले आगे भी किए जाएंगे। रूस के लिए यह दोनों ही बातें किसी बड़ी हार की तरह हैं। मौजूदा स्थिति में अमेरिका और रूस के बीच शीतयुद्ध का दूसरा दौर शुरू हो चुका है।

अमेरिका के तीन मकसद

अमेरिका की तरफ से यूएन में उसके तीन मकसद भी बेहद साफ जाहिर कर दिए गए हैं। इसमें पहला मकसद सीरिया में केमिकल वैपंस का आगे इस्‍तेमाल न होना, दूसरा आतंकी संगठन आईएस का खात्‍मा और तीसरा ईरान पर नजर रखना है। हेली ने यह भी कहा है कि इन मकसद के पूरा होने के बाद सीरिया से अमेरिकी फौज वापस लौट जाएंगी। इस बातचीत के दौरान हेली का ये भी कहना था कि सीरिया अमे‍रिका के साथ वन-टू-वन टॉक के लिए पहले ही इंकार कर चुका है। उनका कहना था कि सीरिया बातचीत करना ही नहीं चाहता है। यह बातें उन्‍होंने एक चैनल से हुई वार्ता के दौरान कही हैं।

केमिकल अटैक के बाद बदले हालात

आपको बता दें कि सीरिया में हुए कथित केमिकल अटैक और इसके बाद हुए संयुक्‍त हमले से पूरी दुनिया में तनाव पैदा हो गया है। इसके चलते रूस के अमेरिका और उसके समर्थित देशों से संबंध जो पहले से ही काफी नाजुक हालात में थे अब और ज्‍यादा खराब हो गए हैं। खासतौर पर ब्रिटेन और फ्रांस के साथ। ताजा हमले में अमेरिका का साथ फ्रांस और ब्रिटेन ने ही दिया है। तीनों ने मिलकर सीरिया के दमिश्‍क और होम्‍स में करीब 103 मिसाइलें दागी थीं। इस हमले में सीरिया के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस बीच सीरिया की तरफ से यह भी कहा जा रहा है कि यदि उसके पास केमिकल वैपंस होते तो इस हमले में कुछ लीकेज जरूर होती लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसका अर्थ यही है कि सीरिया के पास केमिकल वैपंस नहीं हैं, जिनका जिक्र लगातार किया जा रहा है।

केमिकल वैपंस का इस्‍तेमाल

गौरतलब है कि वर्ष 2015 में कुर्द लड़ाकों ने दावा किया था कि इस्लामिक स्टेट ने उनके खिलाफ उत्तरी इराक में रासायनिक हथियार का इस्तेमाल किया था। वर्ष 1997 में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए हुए समझौते में यह तय हुआ था कि लड़ाई में क्लोरीन गैस का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। अमेरिका ने इराक पर केमिकल वेपंस रखने का आरोप लगाते हुए साल 2003 में इराक पर हमला कर दिया था। 30 दिसंबर 2006 को इराकी राष्‍ट्रपति सद्दाम हुसैन को फांसी की सजा दे दी गई।

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राजनाथ बोले- उन्नाव-कठुआ कांड शर्मनाक, ऐसे मामलों में राज्य सरकारें तुरंत लें एक्शन

उन्नाव और कठुआ गैंगरेप की घटना से पूरा देश आग बबूला है. लोग सरकार से इन दोनों मामले में कड़ी कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं. देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इन मामलों बात की.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खास बातचीत करते हुए कहा कि जहां तक महिला सुरक्षा का प्रश्न है हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. महिला सुरक्षा से जुड़े मामले राज्य सरकारों से संबंधित होते हैं. लेकिन हमारी कोशिश रहती है कि आरोपियों को सजा मिलेगी.

अगर नाबालिग लड़की के साथ रेप होता है तो तुरंत एफआईआर होनी चाहिए. अगर किसी प्रकार का संदेह है तो प्राथमिकी कार्रवाई और जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्नाव मामला काफी दुखी है.

कठुआ मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती से भी बात की है. वहीं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और राम माधव से भी बात की गई है. राजनाथ ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कठुआ की स्थिति को गंभीर रूप से देखा जाना चाहिए. कठुआ में पाकिस्तान का हाथ होने पर उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ भी हो सकता है.

कश्मीर मुद्दे पर भी की बात

कश्मीर की समस्या पर राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई भी छोटी चुनौती एक बड़ी चुनौती की तरह ही होती है. कश्मीर की समस्या के समाधान के लिए जो भी केंद्र सरकार से हो सकता है वो किया जा रहा है. कश्मीर के जो हालात हैं वो सामान्य नहीं हैं, वहां की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सबकुछ किया जा रहा है. कश्मीर में बच्चों को बहकाया जाता है, कोई बच्चा खुद पत्थर लेकर सुरक्षाकर्मियों के सामने नहीं आता है.

उन्होंने कहा कि कुछ ताकते हैं जो ऐसा करती हैं. पाकिस्तान की कोशिश लगातार भारत में इस प्रकार की कोशिशें करता है, पाकिस्तान को अपनी इन हरकतों से बाज आना चाहिए. राजनाथ ने कहा कि अब आतंकी फंडिंग में काफी कमी आई है लेकिन अभी भी काफी कुछ किया जाना बाकी है.

गृहमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों पर हमें गर्व है. एक-दो घटनाएं ऐसी हुई हैं जिनपर कार्रवाई की गई है वो राज्य सरकार ने किया होगा. राजनाथ ने कहा कि हमारी तरफ से वहां के लोगों से बातचीत की कोशिशें जारी है. कश्मीर धरती का स्वर्ग है उसे बर्बाद नहीं होने देंगे.

देश के मुसलमानों पर हमें गर्व

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें अपने देश के मुसलमानों पर गर्व है. भारत में ISIS ना के बराबर है. भारत में हम ISIS को बढ़ने नहीं देंगे, हमें अपने मुसलमानों पर पूरा विश्वास है. पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन पर राजनाथ ने कहा कि दोनों के बीच में कोई गड़बड़ नहीं है. पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है, हमें पड़ोसियों से अच्छे संबंध बनाने हैं. लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पूरी दुनिया को हमारी सरकार ने आतंकवाद के मुद्दे पर एक मंच पर लाया है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अगर आतंकवाद को संरक्षण देना बंद कर दे तो उससे भी बात हो सकती है. हमारा रुख नहीं बदला है. राजनाथ ने कहा कि बहुत ही शालीनता से भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.

हमने खत्म की नक्सल समस्या

नक्सल समस्या पर राजनाथ सिंह ने कहा कि ये समस्या अब धीरे-धीरे खत्म हो गई है. नॉर्थ ईस्ट में भी इस प्रकार की समस्या को काफी कम कर दिया गया है. हमारा संकल्प नक्सल मुक्त भारत का है और पूरी उम्मीद है कि ये पूरा होगा.

सरकार बैकफुट पर नहीं है

राहुल गांधी के इंडिया गेट पर निकाले गए मार्च को उन्होंने कहा कि हम बैकफुट पर नहीं हैं, हमने कोई अपराध नहीं किया है. समस्याएं आती हैं, चुनौतियां आती हैं उसका सामना किया जाता है. किसी मुद्दे विशेष पर राज्य सरकार की कमी हो सकती है.

योगी की जमकर तारीफ

योगी आदित्यनाथ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह काफी अच्छी तरीके से सरकार चला रहे हैं. उन्नाव मामले में उन्होंने तुरंत सीबीआई जांच की अपील की, लेकिन अभी इस मामले में क्या कमी हुई उसकी भी जांच की जा रही है. उन्नाव में जिस प्रकार की घटना हुई है उसका कोई समर्थन नहीं करेगा. योगी जी पूरी ईमानदारी के साथ यूपी में काम कर रहे हैं. जो लोग एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं उनके सामने अदालत है वो वहां पर जा सकते हैं.

 आपराधिक केस पर राज्य सरकार करती है फैसला

राजनाथ ने कहा कि आपराधिक मामलों में केस वापस करने का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है. लेकिन जाति या मजहब के आधार पर ऐसा नहीं होता है. बिहार और बंगाल में जो हुआ उस पर उन्होंने कहा कि सिर्फ बंगाल से रिपोर्ट इसलिए मांगी क्योंकि ये पूछा जा रहा था क्या उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा चाहिए. बिहार से इसलिए रिपोर्ट नहीं मांगी क्योंकि बिहार ने पहले ही अतिरिक्त सुरक्षा मांग ली थी.

2019 के चुनावों पर क्या बोले राजनाथ

2019 के चुनावों के बारे में राजनाथ ने कहा कि हमारी तैयारी पूरी है, सरकार हमारी ही बनेगी. हमारे नंबर ठीक-ठाक आएंगे, जिन राज्यों में हमारी सरकार है वहां पर दोबारा हमारी सरकार बनेगी.

विपक्ष के एकजुट होने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ये मानता है कि इस देश में सबसे बड़ा कोई नेता है तो नरेंद्र मोदी ही हैं. विपक्ष के अंदर इस बात का डर है, दहशत है इसलिए शायद एकजुट हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी जी के सामने अभी कोई भी चेहरा नहीं है. इसका उत्तर कोई नहीं दे पाएगा. राहुल गांधी के परिपक्व होने पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से मना किया. विपक्ष जो करना चाहता है वो करें, हमारी पार्टी उसपर तवज्जो नहीं देती है. लेकिन गोरखपुर-फूलपुर में जो हुआ है वह दोबारा नहीं होगा.

राजनाथ ने कहा कि 2019 में भी कई राज्यों में क्लीन स्विप करेंगे. राजस्थान और मध्यप्रदेश के चुनाव के बारे में राजनाथ ने कहा कि अभी चुनाव में एक साल है, जो हाल बदलना होता है तो 15 दिन में बदल जाता है. 2019 के लिए लोगों का जन समर्थन हमारे साथ ही है.

दलितों के मुद्दे पर क्या कहा

दलितों के मुद्दे पर राजनाथ सिंह बोले कि इस बार भी दलित हमें ही बढ़ चढ़कर वोट देंगे. अगर आप पिछली सरकार और अब की सरकार की तुलना करेंगे तो अंतर साफ दिखेगा. उन्होंने कहा कि कुछ घटनाएं हुई हैं, कुछ ताकतों ने मामले को बढ़ाने की कोशिश की है. दलित जब गंभीरता पूर्वक विचार करेंगे तो खुद समझ जाएंगे कि हमारी सरकार ने काफी अच्छा काम किया है. अगर देश को सशक्त भारत बनाना है तो सभी का विकास होना जरूरी है.

राजनाथ ने कहा कि 2 अप्रैल को छोटी-मोटी घटनाएं हुई हैं. ऊना जैसे मामले पर उन्होंने कहा कि एक-दो घटनाएं होती हैं लेकिन हमारी सरकार ने वहां पर कार्रवाई की है. रोजगार के मुद्दे पर राजनाथ ने कहा कि पहले के अपेक्षा अब अवसर बढ़ें हैं. सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं बल्कि नौकरी के मौके की भी बात करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि कुछ ताकते हैं कि जो कि जातिगत संघर्ष को पैदा कर निजी स्वार्थ को पूरा करना चाहती हैं. देश की जनता गुमराह नहीं होगी, कुछ लोग हो सकते हैं. अगली सरकार स्पष्ट बहुमत के साथ हमारी ही बनेगी.

दाऊद को पकड़ना नामुमकिन नहीं

दाऊद इब्राहिम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हम कोई ट्रंप कार्ड चलकर जीत हासिल नहीं करेंगे. हम सरकार बनाएंगे तो लोगों का दिल जीत कर चलाएंगे. उन्होंने कहा कि दाऊद को पकड़ना नामुमकिन नहीं है.

कोर्ट में है राम मंदिर मामला

राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले का सही जवाब न्यायपालिका ही दे सकती है. जब वाजपेयी जी की सरकार थी तो बातचीत से मुद्दा सुलझाने की कोशिशें हुई थीं. उसके बाद अब श्रीश्री रविशंकर जी इस पर बात कर रहे हैं, लेकिन सभी को कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.

पक्ष-विपक्ष के उपवास पर उन्होंने कहा कि क्या कभी कोई सरकार चाहेगी कि संसद ना चले. संसद को चलाना सरकार और विपक्ष की भी जिम्मेदारी है. क्या विपक्ष के लोगों को संसद से बाहर फेंकवा दें. हमने सभी के साथ बातचीत की है.