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जानें कौन हैं देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 7 बाइक्स

ये हैं देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 7 बाइक्स

1. हीरो स्प्लेंडर

देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक की लिस्ट में सबसे ऊपर हीरो स्प्लेंडर का नाम आता है। मई 2018 में कंपनी ने इस बाइक की कुल 2,80,763 यूनिट्स बेचीं थी। स्प्लेंडर एक लम्बे समय से अपने सेगमेंट में अच्छा परफॉर्म कर रही है।

2. हीरो HF Deluxe

दूसरे नंबर पर भी हीरो मोटोकॉर्प की ही HF Deluxe बाइक रही है। मई महीने में इसकी 1,84,131 यूनिट्स की बिक्री हुई है। इस बाइक की लगातार बिक्री बढ़ रही है। डेली यूज के लिए इसे अच्छी बाइक कह सकते हैं। यह एक किफायती बाइक है।

3. होंडा CB शाइन

तीसरे नंबर पर होंडा की CB शाइन है। मई महीने में कंपनी ने इसकी 99812 यूनिट्स की बिक्री की। 125cc सेगमेंट में होंडा की CB शाइन एक अच्छी बाइक साबित हुई है। इस बाइक का मुकाबला हीरो की ग्लैमर, बजाज डिस्कवर से होगा। साल-दर-साल के आधार पर इस बाइक की बिक्री में इजाफा देखने को मिल रहा है।

4. हीरो पैशन

हीरो मोटोकॉर्प की पैशन बाइक एक बार फिर से टॉप 7 की रेस में अपना दबदबा बनाये हुए है। मई महीने में कंपनी ने पैशन की 96389 यूनिट्स बेचीं। हाल ही में हीरो ने पैशन सीरिज को पूरी तरह से अपग्रेड किया है। इस समय बाजार में पैशन सीरिज को काफी पसंद किया जा रहा है। भारतीय बाजार में पैशन 110cc में दो वेरिएंट – प्रो और एक्सप्रो में उपलब्ध है।

5. हीरो ग्लैमर

नंबर 5 पर एक बार फिर से हीरो मोटोकॉर्प की बाइक है। मई में 72102 यूनिट्स बेच कर ग्लैमर ने यह स्थान हांसिल किया है। 125cc सेगमेंट में यह बेहद पॉपुलर बाइक है।

6. बजाज पल्सर

छठे स्थान पर बजाज ऑटो की सबसे ज्यादा बिकने वाली पल्सर मौजूद है। बजाज पल्सर की मई 2018 में 70056 यूनिट्स की बिक्री हुई है। अभी हाल ही में बजाज ने पल्सर को अपग्रेड किया है।

7. बजाज CT100

सातवें नंबर पर बजाज की CT100 बाइक है, कंपनी ने मई महीने में इसकी 64,622 यूनिट्स की बिक्री की है।CT100 अपने सेगमेंट की सबसे किफायती बाइक है और इसको चलाना भी सस्ता पड़ता है। इस बाइक में 100cc का इंजन लगा है।

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4 लाख से कम कीमत में आती हैं ये टॉप 3 कारें

आज हम अपनी इस खबर में हैचबैक सेगमेंट की उन टॉप मॉडल कारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी कीमत 4 लाख रुपये से कम है।

1. रेनो क्विड

रेनो की एंट्री लेवल हैचबैक सेगमेंट कार क्विड की डिमांड काफी तेजी से बढ़ रही है। छोटी कारों में स्टाइलिश लुक और फीचर्स के मामले में क्विड को सबसे पहले गिना जाता है। रेनो क्विड चार अलग-अलग वेरिएंट में उपलब्ध है और इसके टॉप वेरिएंट को आप 4 लाख रुपये से कम कीमत पर खरीद सकते हैं, जिसमें सेफ्टी के तौर पर आपको साइड एयरबैग का विकल्प भी मिलेगा। इसकी कीमत 2.66 लाख से 3.82 लाख रुपए (एक्‍स शोरूम दि‍ल्‍ली) है। इसमें 799 cc का इंजन दिया गया है जो 54 PS की पावर जनरेट करता है। एक लीटर पेट्रोल में यह कार 25.17 किमी का माइलेज देती है।

फीचर्स के तौर पर कार में ड्राइवर एयरबैग ऑप्शन, मोनो टोन डैशबोर्ड, प्लेन डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, प्लेन साइड एयर वेंट, फ्लोर कनसोल के साथ दो कैन होल्डर्स, पार्किंग ब्रेक कंसोल, सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक पावर स्टियरिंग दिए गए हैं।

2. ऑल्टो 800

मारुति सुजुकी इंडिया की सबसे सस्ती और छोटी कार ऑल्टो 800 देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। इस कार के टॉप मॉडल को भी आप 4 लाख रुपये से कम कीमत में खरीद सकते हैं। इसकी कीमत 2.54 लाख से 3.81 लाख रुपये (एक्‍स शोरूम दि‍ल्ली) है। कार में 796cc का इंजन दिया गया है, जो 48 PS की पावर जनरेट करता है। एक लीटर पेट्रोल में यह कार 24.7 किमी का माइलेज देती है और एक किलोग्राम सीएनजी पर यह 33.44 किमी का माइलेज देती है।

फीचर्स की बात करें तो कार में फॉग लैंप, सीएनजी विकल्प, फैब्रि‍क आपहोलस्‍ट्री ऑन डोर पैनल, रीयर डोर चाइल्‍ड लॉक, रीमोट कीलेस एंट्री, डि‍जि‍टल क्‍लॉक (स्‍पीडोमीटर डि‍स्‍प्‍ले) दिए गए हैं।

3. डेटसन रेडी-गो

छोटी हैचबैक सेगमेंट में डेटसन रेडी-गो तेजी से पॉपुलर हो रही है। डैटसन की इस हैचबैक को कई वेरिएंट्स – रेडी गो स्मार्ट ड्राइव ऑटो, रेडी गो गोल्ड, रेडी-गो 1.0 लीटर और रेडी गो 0.8 लीटर में उतारा गया है। बाजार में इसकी कीमत 2.50 लाख से 4.05 लाख रुपये (एक्‍स शोरूम दि‍ल्ली) रखी गई है। कार में 799 सीसी का इंजन लगा है, जो 54 PS की पावर जनरेट करता है।

फीचर्स के तौर पर कार में डे लाइट रनिंग लैंप रेडियो, सीडी, एमपी3, यूएसबी और ऑक्स, इन फ्रंट पावर, माइलेज और डिस्टेंस टू एम्टी डिसप्ले, ब्लूटुथ ऑडियो सिस्टम, रिमोट कीलेस एंट्री दिए गए हैं।

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किम के बड़े कदम से टली परमाणु आपदा, अब नए रिश्ते की होगी शुरुआत: डोनाल्ड ट्रम्प

सिंगापुर में मंगलवार को हुई शिखर वार्ता में किम ने अमेरिकी राष्ट्रपति से सुरक्षा की गारंटी मिलने पर कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह परमाणु मुक्त करने का वादा किया। ट्रंप ने एयर फोर्स वन विमान से वाशिंगटन डीसी लौटते वक्त ट्वीट किया, ‘अपने लोगों के उज्जवल भविष्य की खातिर साहसिक कदम उठाने के लिए मैं किम को धन्यवाद कहना चाहता हूं। हमारी अप्रत्याशित मुलाकात से यह साबित होता है कि वास्तविक बदलाव संभव है।’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘रॉकेट लांच, परमाणु परीक्षण या रिसर्च और नहीं। हम लोगों का एक साथ गुजरा दिन ऐतिहासिक रहा। धन्यवाद किम।’

दक्षिण कोरिया, चीन के दौरे पर पोंपियो

ट्रंप-किम शिखर वार्ता संपन्न होने के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो दक्षिण कोरिया रवाना हो गए, जहां से वह चीन जाएंगे। पोंपियो दोनों देशों के अपने समकक्षों को शिखर वार्ता के बारे में जानकारी देंगे।

अन्य मिसाइल लांच स्थलों को भी ध्वस्त करने का एलान करेंगे किम

शिखर वार्ता के एक दिन बाद ट्रंप ने बताया कि उत्तर कोरिया एक मिसाइल परीक्षण स्थल को नष्ट करने पर सहमत हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के नेता किम आगामी कुछ दिनों में अन्य मिसाइल स्थलों को भी ध्वस्त करने का एलान करेंगे। उत्तर कोरिया ने पिछले महीने विदेशी मीडिया की मौजूदगी में अपना एक परमाणु परीक्षण स्थल ध्वस्त कर दिया था।

किम ने ट्रंप को दिया प्योंगयांग आने का न्योता

किम जोंग उन ने शिखर वार्ता के दौरान डोनाल्ड ट्रंप को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग आने का न्योता दिया। उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए ने बुधवार को कहा कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को अपने यहां आने का निमंत्रण दिया। दोनों ने इस आमंत्रण को खुशी से स्वीकार किया है। इससे नए रिश्ते की शुरुआत होगी।

ट्रंप-किम वार्ता को उत्तर कोरिया के मीडिया ने बताया अपनी जीत

उत्तर कोरिया के मीडिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन के बीच मंगलवार को सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक शिखर वार्ता को उत्तर कोरिया की जीत करार दिया है। अमेरिकी मीडिया में भी यह खबर छाई रही। न्यूयॉर्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट ने हालांकि शिखर वार्ता में हुए समझौते का विस्तृत ब्योरा जारी नहीं किए जाने पर सवाल भी उठाए।

दोनों अखबारों ने पहले पेज पर शिखर वार्ता की खबर को ट्रंप-किम की तस्वीरों के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। उत्तर कोरिया के सरकारी अखबार रॉडोंग सिनमुन ने अपने पहले पेज पर शिखर वार्ता को ‘सदी की बैठक’ बताया। सरकारी न्यूज एजेंसी कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने लिखा, ट्रंप ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यास को बंद करने, उत्तर कोरिया को सुरक्षा की गारंटी देने और प्रतिबंधों को हटाने का इरादा जाहिर किया है।

उत्तर कोरिया के सरकारी टेलीविजन पर स्टार न्यूज एंकर री चुन ही ने भी इसी तरह की खबर पढ़कर सुनाई। 75 वर्षीय री आमतौर पर बड़ी घोषणाओं के मौके पर ही सामने आती हैं। पिछले साल सितंबर में उत्तर कोरिया के छठे परमाणु परीक्षण का एलान भी उन्होंने ही किया था।

सरकारी अखबार ने पहले पेज पर ट्रंप और किम के हाथ मिलाने समेत कई तस्वीरों को प्रकाशित किया है। जबकि अंदर के पेज पर अधिकारियों के साथ शिखर वार्ता, लंच और संयुक्त समझौते पर हस्ताक्षर करने की तस्वीरें छापी गई हैं।

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रेंज रोवर इवोक कन्वर्टेबल लॉन्च, कीमत 69.53 लाख रूपए

लैंड रोवर ने रेंज रोवर इवोक कन्वर्टेबल को लॉन्च कर दिया है। यह केवल टॉप वेरिएंट एचएसई डायनामिक में उपलब्ध है। इसकी कीमत 69.53 लाख रूपए (एक्स-शोरूम) हैै। यह स्टैंडर्ड इवोक एचएसई डायनामिक से 9.54 लाख रूपए महंगी है।

Range Rover Evoque Convertible

इवोक कन्वर्टेबल को स्टैंडर्ड इवोक पर तैयार किया गया है। फर्क सिर्फ इतना है कि इसकी छत को खोला और बंद किया जा सकता है, जबकि रेग्यूलर मॉडल की छत को खोला और बंद नहीं किया जा सकता। इवोक कन्वर्टेबल की छत को फोल्ड होने में 18 सेकंड लगते हैं, जबकि वापस उसी स्थिति में आने में 21 सेकंड लग जाते हैं। इसकी छत को 48 किमी प्रति घंटा की स्पीड पर खोला और बंद किया जा सकता है।

Range Rover Evoque Convertible

इवोक कन्वर्टेबल की लंबाई 4370 एमएम, चौड़ाई 1900 एमएम और ऊंचाई 1609 एमएम है। यह रेग्यूलर मॉडल से 10 एमएम ज्यादा लंबी, 220 एमएम कम चौड़ी और 26 एमएम कम ऊंची है। इसकी वाटर वेडिंग क्षमता 500 एमएम है। फोल्डेबल रूफ की वजह से इसका बूट स्पेस 73 लीटर कम हुआ है। इसका बूट स्पेस 251 लीटर है।

Range Rover Evoque Convertible

इवोक कन्वर्टेबल में नेविगेशन सपोर्ट करने वाला 10 इंच टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम, 825 वॉट का 16-स्पीकर्स वाला मैरिडयन सराउंड साउंड सिस्टम, 360 डिग्री कैमरा, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, क्रूज़ कंट्रोल, फ्रंट-रियर पार्किंग सेंसर, रेन-सेसिंग वाइपर और 12 तरह से इलेक्ट्रिक एडजस्ट होने वाली फ्रंट सीटें दी गई है। सुरक्षा और ऑफ-रोडिंग को बेहतर बनाने के लिए इस में टरेन रिस्पॉन्स सिस्टम, एबीएस, ईबीडी, ट्रेक्शन कंट्रोल, रोल स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रेलर स्टेबिलिटी असिस्ट और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम दिया गया है।

Range Rover Evoque Convertible

इवोक कन्वर्टेबल में 2.0 लीटर का एसआई4 पेट्रोल इंजन लगा है, जो 241 पीएस की पावर और 340 एनएम का टॉर्क देता है। यह इंजन 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा है, जो सभी पहियों पर पावर सप्लाई करता है। इसकी टॉप स्पीड 217 किमी प्रति घंटा है। 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पाने में इसे 8.1 सेकंड का समय लगता है।

(Source : CARDEKHO)

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2.57 लाख रुपये सस्ती हुई यामाहा की YZF R1, इन बाइक्स से होगा मुकाबला

यामाहा की बाइक खरीदने की चाहत रखते हैं तो यह खबर आपके लिए है। पिछले साल दिसम्बर महीने में लॉन्च हुई यामाहा की पावरफुल स्पोर्ट्स बाइक YZF R1 की कीमत में 2.57 लाख रुपये की कटौती हो गई है। पहले इस बाइक की कीमत जहां 20.73 लाख रुपये थी वही अब इसकी एक्स शो-रूम कीमत 18.16 लाख रुपये हो गई है

नई यामाहा R1 में क्विक शिफ्टर लिफ्ट कंट्रोल की सुविधा दी है, इसमें 998cc का 4 सिलिंडर इंजन लगा है जो 200bhp की पावर देता है। यामाहा नई R1 को CBU के रूप में भारत में बेचेगी, और यह बाइक ब्लू और ब्लैक कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगी। बेहतरीन पावर और सशक्त लीनियर टोर्क देने वाला YZF-R1 टाइटेनियम कॉन रॉड और फोज्र्ड एल्युउमीनियम पिस्टन से युक्त है। हाल ही में CBU इम्पोर्ट्स में एक्साइज ड्यूटी की वजह से यह कटौती संभव हुआ है, ऐसे में इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा।

इन बाइक्स से होगा असली मुकाबला

अप्रिलिया RSV 1000R mille:

अप्रिलिया की यह स्पोर्ट्स बाइक ऑस्ट्रिया में रोटैक्स द्वारा बनाई गई है। साल 2004 में इसे लॉन्च किया गया था और तब से अब तक यह बाइक काफी पॉपुलर है। इस बाइक में 998cc का 60 डिग्री वी-ट्विन इंजन लगा है। यह इंजन 10000rpm पर 143.09ps की पावर जनरेट करता है। इस बाइक की टॉप स्पीड 281 किलोमीटर प्रति घंटा है।

होंडा CBR1100 XX ब्लैकबर्ड:

यामाहा R1 का मुकाबला होंडा की CBR1100 XX ब्लैकबर्ड से भी होगा, होंडा की यह बाइक जितनी खूबसूरत है उतनी तेज भी है। इस बाइक में 1137cc लिक्विड कूल्ड इनलाइन फोर सिलेंडर इंजन लगा है। यह इंजन 10,000rpm पर 153hp की पावर जनरेट करता है। बाइक की टॉप स्पीड 310 किलोमीटर प्रति घंटा है।

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सुजुकी Intruder FI भारत में लॉन्च, जानें- कीमत और खूबियां

सुजुकी मोटरसाइकल्स ने भारत में Suzuki Intruder के फ्यूल इंजेक्शन (FI) वेरिएंट को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इसकी कीमत 1.06 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) रखी है. फ्यूल इंजेक्टेड वेरिएंट कार्ब्युरेटर एडिशन की तुलना में 7,000 रुपये तक ज्यादा महंगी है. कार्ब्युरेटर एडिशन की मौजूदा कीमत 99,995 रुपये है.

इस बाइक में किसी तरह का मैकेनिकल और कॉस्मेटिक बदलाव नहीं किया गया है. ये बाइक मेटालिक ऊर्ट/ मेटालिक मैट ब्लैक नं. 2 और ग्लास स्पार्कल ब्लैक/ मेटालिक मैट टाइटेनियम सिल्वर कलर ऑप्शन में ग्राहकों को उपलब्ध होगी. Suzuki Intrude को पिछले साल नवंबर में लॉन्च किया गया था.

ये कंपनी की हाई एंड बाइक Intruder M1800 से इंस्पायर है जिसमें 1,800cc का इंजन दिया गया है. Suzuki Intruder में 155cc का इंजन है.

डिजाइन की बात करें तो यह Intruder M1800 से मिलती-जुलती है और इसे एक क्रूजर बनाने की पूरी कोशिश की गई है. हालांकि इसका चेसिस Suzuki Gixxer का ही है जिसे कंपनी ने भारत में काफी पहले लॉन्च किया था और यह पॉपुलर भी हुई है. इसमे दिया गया इंजन 14.8 PS का पावर और 14NM का टॉर्क जेनेरेट करता है. ये बाइक 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ आती है. इसमें 11 लीटर की फ्यूल कैपेसिटी दी गई है.

Intruder 150 में Intruder 1,800 की तरह ही ट्राइएंगुलर हेडलैंप दिया गया है और इसमे डुअल सीट सेटअप है जैसा आम तौर पर क्रूजर बाइक्स में देखने को मिलता है. इस बाइक में फ्रंट और रियर दोनों चक्कों में डिस्क ब्रेक लगाया गया है और सिक्योरिटी के लिए इसमें ABS स्टैंडर्ड भी दिया गया है. इसके अलावा इसमे एलईडी टेल लाइट्स दी गई है.

कंपनी ने दावा किया है कि Suzuki Intruder 44 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देगी. कुछ दूसरे फीचर्स की बात करें तो इसमें Dual Exhaust दिए गए हैं और इसमें डिजिटल कंसोल दिया गया है. Suzuki Intruder में 17 इंच के तीन स्पोक एलॉय व्हील दिए गए हैं. फ्रंट में 41mm का टेलिस्कोपिक फोर्क है रियर में 7 स्टेप मोनोशॉक दिया गया है.

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भारत-फ्रांस के बीच 14 समझौते, पीएम मोदी बोले- दोनों देशों की दोस्‍ती अहम

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में आज दोनों देशों के बीच 14 अहम समझाैते हुए। इस मौके पर हैदराबाद हाउस में आयोजित संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस में दोनों देशों के प्रमुखों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों की मित्रता को अहम बताया और कहा, सरकार किसी की भी हो दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता है। वहीं मैक्रों ने कहा, ‘भारत और फ्रांस ने आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का अब नया स्‍वरूप होगा।’

सभ्‍यताओं की साझेदारी सदियों पुरानी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हम सिर्फ दो लोकतंत्र के नेता नहीं हैं, हम समर्थ और समृद्ध विरासत के उत्‍तराधिकारी हैं। हमारे देशों और हमारी सभ्‍यताओं की साझेदारी सदियों पुरानी है। हम मानते हैं कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों के उज्‍जवल भविष्‍य के लिए सबसे महत्‍वपूर्ण आयाम है हमारे पीपुल टू पीपुल संबंध। हम चाहते हैं कि हमारे युवा एक दूसरे के देशों को जानें, इसके लिए हमने आज दो समझौते भी किए हैं।’

राष्‍ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर

विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज से मुलाकात के बाद फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इससे पहले पत्‍नी ब्रिगिट के साथ मैक्रों ने राजघाट पर महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। चार दिवसीय भारत यात्रा पर आए राष्‍ट्रपति मैक्रों का राष्‍ट्रपति भवन में औपचारिक स्‍वागत हुआ और उन्‍हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति ने यहां औपचारिक स्‍वागत के बाद कहा, भारत आना खुशी और गर्व की बात है। फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमारी केमिस्‍ट्री काफी अच्‍छी है हमारे दो लोकतंत्रों का ऐतिहासिक संबंध है।’

प्रोटोकॉल तोड़ पीएम मोदी ने किया स्‍वागत

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पत्‍नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ चार दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार शाम को भारत पहुंचे और प्रोटोकॉल तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्‍वयं एयरपोर्ट पर उनका स्‍वागत किया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के विमान से उतरने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने गले लगाकर उनका स्वागत किया।

वाराणसी जाएंगे इमैनुएल

इमैनुएल 12 मार्च को प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी जाएंगे। वहां वे तुलसी घाट पर भगवान राम के राज्याभिषेक को देखेंगे। राष्ट्रपति मैक्रों मीरजापुर में 75 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट का शुभारंभ कर वाराणसी आने के बाद सबसे पहले ट्रेड फैसिलिटी सेंटर देखने जाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ अस्सी घाट भी जाएंगे।

दोनों देश समुद्री सुरक्षा तथा आतंकवाद से निपटने के क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत बनाने पर भी विचार करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान फ्रांस के सहयोग से बन रहे जैतापुर (महाराष्ट्र) परमाणु बिजली संयंत्र को लेकर भी समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों के बीच शनिवार को प्रतिनिधि स्तर की बातचीत में हिंद महासागर में सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर बात हो सकती है।

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पीएम मोदी बोले, कर्तव्य के बिना अधिकार की मांग संविधान की भावना के खिलाफ

अपने कर्तव्य का निर्वाह किये बिना सिर्फ अधिकार की मांग करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। लोगों को सूचना के अधिकार के साथ-साथ ‘एक्ट राइटली’ के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है। केंद्रीय सूचना आयोग के नए भवन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सशक्त और जागरूक नागरिक लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आरटीआइ कानून की तरह ही ‘एक्ट राइटली’ यानी लोगों को उनके कर्तव्यों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। बिना कर्तव्य के अहसास के सिर्फ अधिकार की बात करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उनके अनुसार संविधान ने नागरिकों को मौलिक अधिकार के साथ-साथ उनके कर्तव्य भी तय कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि सीआइसी जैसी संस्थाएं, जहां आम जनता के साथ संपर्क बहुत ज्यादा होता हो, उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकार और कर्तव्य के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। उन्होंने आयोग को आरटीआइ का व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल होने के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि इसे रोकने की जिम्मेदारी आयोग की है।

प्रधानमंत्री ने सशक्त और जागरूक नागरिक को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सरकार की ओर इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार इंफोर्मेशन हाईवे की दिशा में काम कर रही है। जिसमें जनता और सरकार दोनों ओर से संवाद होता है। उन्होंन इस इंफोर्मेशन हाईवे के पांच स्तंभों के बारे में विस्तार से बताया। जो सवाल, सुझाव, संवाद, काम और सूचना पर आधारित हैं।

उन्होंने बताया कि माइ गोव दुनिया का सबसे बड़ा सिटिजन इंगेजमेंट प्लेटफार्म है, जहां लोग सीधे सरकार से सवाल पूछते हैं और हमारी सरकार उनकी बात सुनने के लिए लालायित रहती है। आम लोगों के इन सुझाव पर कई बार नीतियों में बदलाव भी किये गए हैं। जनता के संवाद और उसके अनुसार काम करने के बारे में बताते हुए उन्होंने जीएसटी लागू करने के अनुभवों को साझा किया। उनके अनुसार जीएसटी के बारे में सुबह कोई शिकायत मिलती, तो शाम को ठीक करने की कोशिश की गई। हमारी सरकार के मंत्री और मंत्रालय सिर्फ एक ट्वीट पर कई समस्याओं का निपटारा कर रहा है।

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पूर्वोत्तर में लहराया भगवा,BJP की जीत से आसान हुई 2019 की राह

2014 के आम चुनाव में केंद्र में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में लगातार पूर्वी भारत का बार-बार जिक्र किया जिसका नतीजा त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में देखने को मिला। पूर्वोत्तर में भाजपा को मिली इस जीत से 2019 की उसकी राह आसान होगी। बता दें कि पूर्वोत्तर राज्यों में लोकसभा की 25 सीटें हैं और 2014 में हुए आम चुनाव में भाजपा को पूर्वोत्तर राज्यों में 8 सीटों पर जीत हासिल हुई थी तो वहीं कांग्रेस को भी 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था और सी.पी.एम. को 4 सीटें मिलीं। बाकी सीटें स्थानीय दलों के खाते में चली गईं। 2014 में सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार पूर्वोत्तर राज्यों पर फोकस किया और लगातार पूर्वी भारत की बात करते नजर आए।
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देश में है मोदी लहर
2019 में होने वाले आम चुनाव में भाजपा की राह आसान होती नजर आ रही है क्योंकि इस वक्त भाजपा के अधिकतर राज्यों में भाजपा सत्ता पर काबिज है। पी.एम. मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के लिए यह अच्छा है। 2014 में सरकार बनाने के बाद भाजपा लगातार कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती आई है। त्रिपुरा व नागालैंड में मिली जीत के बाद भाजपा आलाकमान संतुष्ट नजर आ रहा है। भाजपा के लिए एक और अच्छी बात यह है कि देश में अभी मोदी लहर का असर बाकी है। वहीं 2009 के आम चुनाव में पूर्वी राज्यों में भाजपा को निराशा हाथ लगी थी। 2009 में पूर्वोत्तर में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी और सी.पी.एम. के हाथ यहां से 16 सीटें लगी थीं, वहीं सी.पी.आई. को 4 सीटों पर ही जीत मिली थी। गौरतलब है कि कांग्रेस की सरकार केंद्र में होने के बावजूद पूर्वोत्तर में पार्टी को ज्यादा सफलता हासिल नहीं हुई थी।
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किस राज्य में किसे फायदा और किसे नुक्सान हुआ
त्रिपुरा
कांग्रेस को हुआ ज्यादा नुक्सान

सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हुआ। 25 साल से सत्ता से बाहर कांग्रेस यहां मुख्य विपक्षी दल था। इस बार उसके हाथ एक भी सीट नहीं लगी जबकि पिछले चुनावों में उसे 10 सीटें मिली थीं। नार्थ ईस्ट में भाजपा की लगातार बढ़ती सक्रियता और वहां हो रही राजनीतिक उठा-पठक का सबसे ज्यादा नुक्सान कांग्रेस को हो रहा है। त्रिपुरा में 2013 में उसके भले ही सिर्फ 10 विधायक थे लेकिन पार्टी का वोट शेयर 36.5 फीसदी था जो अब घटकर 2 फीसदी से कम हो गया है।

लैफ्ट ने क्या खोया
पिछले 40 साल के दौरान त्रिपुरा में हुए 8 चुनावों में लैफ्ट का वोट शेयर कभी भी 45 प्रतिशत से कम नहीं था। इस बार यह घटता दिख रहा है। बंगाल में सत्ता जाने के बाद त्रिपुरा लैफ्ट का सबसे मजबूत गढ़ था। त्रिपुरा से भी सत्ता जाने के बाद लैफ्ट अब केवल केरल में ही सत्ता में रह गया है।
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मेघालय
चुनाव में सबसे ज्यादा बढ़त किसे

सबसे ज्यादा फायदा भाजपा और एन.पी.पी. को होता दिख रहा है। भाजपा अपने पुराने सहयोगियों एन.पी.पी. और यू.डी.पी. के साथ मिलकर सरकार बना सकती है। पिछले चुनावों में जहां भाजपा ने इस राज्य में खाता भी नहीं खोला था वहीं यू.डी.पी. और एन.पी.पी. की भी हालत खराब ही थी लेकिन इस बार तीनों पार्टियों की सीटों में इजाफा हुआ।

पी.ए. संगमा की पार्टी का आगे क्या
2013 में पूर्व लोकसभा स्पीकर पी.ए. संगमा की पार्टी एन.पी.पी. को 2 सीटें मिली थीं। उनके निधन के बाद संगमा के बेटे कॉनरोड संगमा के हाथ में पार्टी की कमान है। कॉनरोड को इस बार सी.एम. पद का बड़ा दावेदार बताया जा रहा है।
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नागालैंड
सबसे ज्यादा नुक्सान में कौन रहा

एन.पी.एफ. को चुनाव से पहले ही काफी नुक्सान हो चुका है। नेतृत्व की लड़ाई में पार्टी के दो हिस्से हो चुके हैं। अब पार्टी के हाथ से सत्ता जाती दिख रही है। सी.एम. टी.आर. जेलियांग के लिए बिना नेफ्यू रियो के एन.पी.एफ. को जिताने की मुश्किल चुनौती है।

कांग्रेस मजबूत हुई या कमजोर
पिछले चुनाव में कांग्रेस के यहां 8 एम.एल.ए. थे। यह सभी 2 साल पहले एन.पी.एफ. में शामिल हो गए थे। इस तरह वर्तमान में यहां कांग्रेस का एक भी एम.एल.ए. नहीं है। 15 साल पहले सत्ता में रही कांग्रेस को इस चुनाव में कैंडीडेट मिलने में भी काफी परेशानी हुई। पार्टी ने 23 सीटों पर कैंडीडेट उतारे थे। इनमें से 5 ने नाम वापस ले लिया।

भाजपा मजबूत हुई या कमजोर
15 साल से एन.पी.एफ. की जूनियर पार्टनर रही भाजपा को विशेषज्ञ एन.पी.एफ. में हुई टूट का कारण बताते हैं।  इस पार्टी की टूट का फायदा भाजपा को हुआ है। पार्टी पहली बार कई सीटें जीत कर सरकार बनाने के कगार पर है।

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भारत की नई पनडुब्बी INS करंज कितनी ताकतवर है!

भारतीय नौसेना ने बुधवार को भारत में बनने वाली स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी आईएनएस करंज को पानी में उतारा.

आईएनएस करंज स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन समेत कई तरह की तकनीकों से लैस है.

इस पनडुब्बी को मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड ने फ्रांसीसी कंपनी मेसर्स नेवल ग्रुप (पहले डीसीएनएस) के साथ ट्रांसफर ऑफ़ टेक्नोलॉजी के क़रार के तहत बनाया है.

इस डील के तहत कुल छह पनडुब्बियां बनाई जानी हैं. इस श्रेणी की पहली पनडुब्बी कलवरी की लंबाई 61.7 मीटर, चाल 20 नॉट और वजन 1565 टन था.

पनडुब्बीइमेज कॉपीरइटTWITTER/INDIANNAVY

नौसेना के एडमिरल सुनील लांबा ने कहा है, “आईएनएस करंज अब से लगभग एक साल तक बंदरगाह से लेकर खुले समुद्र में कई तरह के परीक्षणों से गुज़रेगी.”

कितनी ताक़तवर है ये पनडुब्बी?

आईएनएस करंज में सतह और पानी के अंदर से टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल दागने की क्षमता है.

ऐसा दावा है कि आईएनएस करंज में सटीक निशाना लगाकर दुश्मन की हालत खराब करने की क्षमता है.

इसके साथ ही इस पनडुब्बी में एंटी-सरफेस वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, खुफ़िया जानकारी जुटाने, माइन लेयिंग और एरिया सर्विलांस जैसे मिशनों को अंजाम देने की क्षमता है.

पनडुब्बीइमेज कॉपीरइटTWITTER/INDIANNAVY

दुश्मन की नज़रों से रहेगी ओझल?

स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस करंज में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे दुश्मन देशों की नौसेनाओं के लिए इसकी टोह लेना मुश्किल होगा.

इन तकनीकों में अत्याधुनिक अकुस्टिक साइलेंसिंग तकनीक, लो रेडिएटेड नॉइज़ लेवल, हाइड्रो डायनेमिकली ऑपटिमाइज़्ड शेप शामिल है.

पनडुब्बी को बनाते हुए पनडुब्बियों का पता लगाने वाले कारणों को ध्यान में रखा गया है जिससे ये पनडुब्बी ज़्यादातर पनडुब्बियों की अपेक्षा सुरक्षित हो गई है.

रक्षा मामलों के जानकार उदय भास्कर ने बीबीसी से बात करते हुए बताया, “पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए सोनार तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इस पनडुब्बी के लक्षण कुछ बेहतर हैं. मेटलर्जी से स्टेल्थ तकनीक के लक्षण बढ़ाए जा सकते हैं. सामान्य रूप से पनडुब्बी अपनी आवाज़ की वजह से पकड़ा जाता है, लेकिन इस पनडुब्बी में आवाज़ को काफ़ी कम किया गया है”

पनडुब्बीइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES

पनडुब्बी में ऑक्सीज़न बनाने की क्षमता

ये एक ऐसी पनडुब्बी है जिसे लंबी दूरी वाले मिशन में ऑक्सीजन लेने के लिए सतह पर आने की ज़रूरत नहीं है. इस तकनीक को डीआरडीओ के नेवल मैटेरियल्स रिसर्च लैब ने विकसित किया है.

उदय भास्कर बताते हैं, “इस सबमरीन में एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन तकनीक है जिसकी मदद से सबमरीन के अंदर ही ऑक्सीज़न बनाई जा सकती है. ये हमारे डीआरडीओ ने विकसित की है. पुरानी पनडुब्बी करंज के मुकाबले नई करंज में एआईपी को शामिल किया गया है. दरअसल, जब हम पनडुब्बी को बैटरी से चलाते हैं तो बैटरी को रिचार्ज करने के लिए पनडुब्बी को सतह पर आना पड़ता है. क्योंकि डीज़ल इंजन से हम बैटरी को चार्ज करते हैं और डीज़ल इंजन चलाने के लिए आपको ऑक्सीज़न की जरूरत होती है. लेकिन एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से पनडुब्बी को बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर आने की ज़रूरत नहीं पड़ती है.”

क्या दोहरे मोर्चे पर युद्ध में होगी मददगार?

उदय भास्कर बताते हैं, “ये अजीब बात की जा रही है कि इससे चीन और पाकिस्तान परेशान हो जाएंगे. भारत की पनडुब्बी शक्ति काफ़ी कम हो गई थी. पिछले साल दो एक्सीडेंट हो गए थे. 15 साल तक हमने नई पनडुब्बी शामिल नहीं की थी. ऐसे में हम इस समय बेहद नाज़ुक स्थिति में पहुंच गए थे. इसलिए पाकिस्तान और चीन इस पनडुब्बी से डरने वाले नहीं हैं. वे इसकी निगरानी ज़रूर रखेंगे.”