Posted on

रेलवे ने तत्काल टिकटों की बुकिंग के लिए दी नई सुविधा, जानें कैसे करें बुकिंग और कैसे उठाएं लाभ

रेलवे की टिकट बुकिंग सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए लोगों को नई सुविधा दी है। अब आप स्टेशन और IRCTC के अलावा एक और तरीके से तत्काल टिकटों की बुकिंग कर सकेंगे। ये तरीका बेहद आसान और तेजी से होने वाला है। इस तरीके से तत्काल टिकटों की बुकिंग तेजी से की जा सकेगी। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने आईआरसीटीसी ई-वॉलेट यूजर रेल टिकट एंड्रॉइड ऐप ‘रेल कनेक्ट’ के जरिए भी सामान्य और तत्काल टिकटों की बुकिंग की सुविधा दी है।

आईआरसीटीसी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी कि यूजर्स अब एंड्रॉइड मोबाइल एप आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट के जरिए भी रेल टिकट बुक कर सकते हैं। तत्काल टिकट बुकिंग का आसान तरीका रेलवे ने तत्काल टिकटों की बुकिंग का एक और तरीका यात्रियों को दिया है। अब आप IRCTC के मोबाइल एप रेल कनेक्ट के जरिए भी सामान्य और तत्काल टिकटों की बुकिंग कर सकेंगे। ये तरीका बेहद आसान और तेज है, क्योंकि तत्काल टिकट बहुत ही जल्दी बुक हो जाते हैं, जिसकी वजह से कई बार पेमेंट के दौरान बैंकों से OTP आने में देर हो जाती है और तब तक सारे सीट बुक हो जाते हैं। ऐसे में ये तरीका बेहतर हैं, क्योंकि इसमें आप पहले से आईआरसीटीसी वॉलेट में एडवांस में पैसा डालकर रख सकते हैं। टिकट बुकिंग का तरीका मोबाइल एप के जरिए टिकट बुक करने के लिए आप पेटीएम या मोबिक्विक की तरह आईआरसीटीसी ई-वॉलेट में पैसे रख लें। ई-वॉलेट सुविधा के इस्तेमाल के लिए आप को आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। आप प्रिफरेंस लिस्ट में छह बैंकों को रख सकते हैं। जिनका इस्तेमाल आप पेमेंट के दौरान कर सकेंगे। कैसे उठाएं इस सुविधा का लाभ आप अपने IRCTC यूजर आईडी पासवर्ड से लॉगइन करें। इसके बाद आपको प्लान माई ट्रैवल पेज पर जाना होगा, जहां आप आईआरसीटीसी ई-वॉलेट रजिस्ट्रेशन पर क्लिप कर अपने पैन या आधार की जानकारी भरकर उसे वेरिफाई करेंगे। आपको बता दें इस सेवा के इस्तेमाल के लिए 50 रुपए का वन-टाइम रजिस्ट्रेशन शुल्क चुकाना होगा। आप ई-वॉलेट अकाउंट में 10000 रुपए तक जमा कर सकते हैं। फिर जैसे आईआरसीटीसी की साइड पर बुकिंग होती है वहीं प्रक्रिया यहां करनी होगी।

Posted on

PM मोदी के ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर नीतीश बोले- WHAT AN IDEA!

देश में ‘एक देश-एक चुनाव’ को लेकर छिड़ी बहस में अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कूद गए हैं. नीतीश कुमार ने इसका समर्थन किया है. उनका कहना है कि यह एक काफी अच्छा आइडिया है, क्योंकि बार-बार चुनाव होने से लोग इसी में फंसे रहते हैं. बता दें कि बजट सत्र की शुरुआत के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में इस बात का जिक्र किया था. जिसके बाद इस पर चर्चा तेज हुई है. एक देश-एक चुनाव के तहत पूरे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएंगे.

नीतीश कुमार ने कहा कि अभी के समय में कभी मध्यावधि चुनाव होते हैं, तो कभी कोई और तरह के चुनाव चलते रहते हैं. मैं शुरू से इस बात को कह रहा हूं कि अगर ऐसा होता है तो अच्छा होगा. नीतीश ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियों से सहमति बनानी होगी, जो तत्काल संभव नहीं लगता है. पर बातचीत तो शुरू होनी चाहिए.

नीतीश कुमार ने बुधवार को 100 फीसदी इथेनॉल ऑटो रिक्शा की टेस्ट ड्राइव की. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे.

बता दें कि इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा था. चिदंबरम का कहना था कि ये भी मोदी सरकार का एक तरह का जुमला ही है. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान किसी भी राज्य को शासन के लिए तय समयावधि नहीं देता है. चिदंबरम ने कहा है कि जब तक आप संविधान में परिवर्तन नहीं करते हैं, यह संभव ही नहीं हो सकता है.

मोदी ने माहौल बनाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि हाल ही में हुई भारतीय जनता पार्टी की बैठक में कार्यकर्ताओं से देश में इसके लिए माहौल बनाने को कहा था. पीएम मोदी ने भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि देश में लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराए जाने की योजना पर देशभर में लोगों को जागरुक कराएं.

Posted on

चक्रवात ओखी का कहर, तेज हवाओं और हाई टाइड्स से मची तबाही

केरल में ओखी तूफान के चलते कोल्लानम के लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया। कोच्चि में जगह-जगह पानी भर गया है, जिसकी वजह से पूरा जनजीवन अस्‍त-व्‍यस्‍त हो गया है। चक्रवाती तूफान ‘ओखी’ का कहर जारी है।

केरल से तूफान में फंसे 200 से ज्‍यादा मछुआरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। ऐसा कोई आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है कि कितने मछुआरे और समुद्र में तूफान के बीच फंसे हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आज केरल के तट से ऊंची-ऊंची लहरें टकराएंगी। इनकी ऊंचाई 3 से 5 मीटर के लगभग हो सकती है। वहीं लक्ष्यद्वीप में सुबह तेज हवाओं और हाई टाइड्स से तबाही मच गई है।

आईएमडी और महासागर सूचना सेवाओं के लिए भारतीय राष्ट्रीय केंद्र (INCOIS) द्वारा जारी एक संयुक्त बुलेटिन के अनुसार, लक्ष्द्वीप पर केंद्रित गंभीर चक्रवात तूफान के अगले 24 घंटों में तेज होने की संभावना है। द्वीपों के कम से कम 10 स्थानों पर अगले 24 घंटों में 4.8-7.4 मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठेंगी। साथ ही भारी बारिश भी होगी।

भारतीय नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल मिलकर इस संकट की घड़ी में लोगों को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को नौसेना, आईएएफ, तटरक्षक बल, राज्य सरकार और व्यापारी जहाजों द्वारा 218 मछुआरों को बचाया गया। उन्होंने कहा, बचाव के बारे में जारी एक चेतावनी के बाद जापान के मालवाहक जहाज एम वी एनर्जी ऑर्फ़ियस ने 60 लोगों को बचाया। लेकिन अभी इस बात की कोई पुख्‍ता सूचना नहीं है कि कितने मछुआरे और समुद्र में फंसे हुए हैं। कुछ मछुआरे बुधवार की शाम भी समुद्र में गए थे।

गौरतलब है कि चक्रवात के कारण पड़ोसी देश श्रीलंका में भी सात लोगों की जान गई है, जबकि पांच मछुआरे लापता हैं। केरल और दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में चक्रवात के कारण भारी बारिश जारी है, जिससे सामान्य जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इधर दक्षिण रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कन्याकुमारी और नागरकोइल में कुछ रेल सेवाएं रद्द की गई हैं, जबकि कुछ रेलगाड़ियां विलंब से चल रही हैं।